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Ballia गंगा का जलस्तर बढ़ने से बांसडीह में कटाव शुरू, बह गई नवनिर्मित टोकरी

July 19, 2026

Ballia गंगा का जलस्तर बढ़ने से बांसडीह में कटाव शुरू, बह गई नवनिर्मित टोकरी

करोड़ों की प्रोजेक्ट पर घाघरा की टेडी नजर,17 कटर में 09 कटर घाघरा में हुई विलीन,ग्रामीणों ने लापरवाही का लगाया आरोप।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 19/07/2026

बलिया, 19 जुलाई 2026, बांसडीह तहसील क्षेत्र के महाराजपुर में लगभग आठ करोड़ की लागत से ठोकरी का निर्माण कार्य कराया जा रहा था जिसमे 17 ठोकरी ( कटर ) का निर्माण कार्य हो चुका था लेकिन घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद हालत था हुई की 17 ठोकरी ( कटर ) में लगभग 09 ठ़ोकरी को पानी में बह गई।

ग्रामीणों के द्वारा आरोप लगाया है। कि बाढ़ विभाग के द्वारा घाघरा नदी पर कार्य हो रहा था कि महाराजपुर गांव को नदी के कटान से बचाया जाए लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कटान तेज हो गई और बनी ठोकरी पानी में बह गई और बाढ़ विभाग कटान को रोकने के लिए झाड़ झांखड़ और बंबू कैरेट डालकर नदी का कटान रोकने का प्रयास कर रही है। बाढ़ विभाग एक बड़ी गलती कर रहा है कि एक तरफ नदी कटान कर रही है और बाढ़ विभाग नदी के समीप से बलूवट मिट्टी निकालकर प्लास्टिक की बोरियों में भरवाई जा रही है। मिट्टी निकलने से नदी के समीप गड्ढा हो गया है। वही कटान पीड़ित वीरेंद्र यादव ने बताया कि बाढ़ विभाग के द्वारा कार्य कराया जा रहा है जहां कार्यों में लापरवाही हो रही है बाढ़ से पहले 17 कटर बनाए गए थे अभी बाढ़ नही आया है लेकिन लगभग 09 कटर पानी में विलीन हो गए।जिसदिन पूरा पानी आ गया उस दिन एक भी कटर दिखाई नही देंगे।और गांव के समीप पानी चली जायेगी और गांव पानी में समाहित हो जायेगा आठ करोड़ तिहत्तर लाख की परियोजना थी।जो पहले कार्य चला रहा था उसका हम लोग विरोध किए थे जब बोरी बालू डालना था तब ये लोग मिट्टी डाल रहे थे उस दिन भी हम लोग कार्य को रोक थे जब बोल्डर से कार्य हो रहा था उस दिन हम लोग विरोध किए थे अधिकारी माने की कमी हुई है लेकिन कोई कार्यवाही आज तक नही हुई इसकी शिकायत जिला के सभी अधिकारियों तक पहुंचने का काम किए है जिलाधिकारी भी आए थे और सारे अधिकारियों को निर्देशित कर के गए थे कि झाड़ पात डालने से नदी नही रोक पाएगी और परकोपाइन डलने से नदी नही रोक पाएगी। जिओ ट्यूब की बोरी डालने से नदी रोक पाएगी जिससे गांव को बचाया जा सकता है।वही जिलाधिकारी के निर्देश का भी पालन नहीं हो रहा है बाढ़ विभाग के एससी और एक्शियन आए थे और बोल रहे थे कि वह सक्सेज नही हो पाएगा।

प्रतापगढ़, आकाशीय बिजली गिरने से किशोर की दर्दनाक मौत, गांव में मातम

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP
MO–9919606061

प्रतापगढ़ 19 जुलाई 2026, पट्टी कोतवाली क्षेत्र के चाँदपुर गांव में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक किशोर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मामले की जानकारी जुटाने में लगी है।

ससुरालियों पर जहर देने का आरोप लगाने वाली विवाहिता की मौत

Posted on 19/07/2026
Time 17:10 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

वीडियो हुआ था वायरल
​गोरखपुर (उप्र समाचार सेवा) : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। ससुराल पक्ष पर जहर देकर मारने का आरोप लगाने वाली एक विवाहिता ने लखनऊ के एक अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने पति और सास पर गंभीर आरोप लगाती हुई दिखाई दे रही है।

​मृतका तराना बानो की शादी गोला नगर पंचायत की टीचर कॉलोनी निवासी नाजिम अली के साथ हुई थी। परिजनों का आरोप है कि 27 जून को पति नाजिम और सास ने तराना के साथ मारपीट की और उसे जबरन जहरीला पदार्थ पिला दिया। घटना के बाद से ही तराना की स्थिति गंभीर बनी हुई थी।

​मौत से कुछ समय पहले का तराना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में वह दर्द से कराहते हुए कह रही है कि ​”मेरी सास मेरे साथ मारपीट करती थी। मेरे पति ने मुझे जहर दिया है। जहर देने के बाद मुझे पहले गोरखपुर में भर्ती कराया गया, फिर मायके वाले मुझे आजमगढ़ ले गए, लेकिन मेरी तबीयत में सुधार नहीं हो रहा है।”

​परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान तराना की हालत लगातार बिगड़ती गई। अंततः 17 जुलाई की रात को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

​मृतका की मां जहरूननिशा ने गोला पुलिस को दी गई तहरीर में अपने दामाद नाजिम अली और सास के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
​इस संबंध में गोला थाना पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए वायरल वीडियो और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर साक्ष्य जुटा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

BRD मेडिकल के पास अवैध एम्बुलेंस पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 18 एम्बुलेंस सीज

Posted on 19/07/2026
Time 17:30 P.M
Santosh Kumar Singh , Gorakhpur

​गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) : शहर में अवैध रूप से संचालित एम्बुलेंस के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार, 18 जुलाई को एसपी सिटी निमिष पाटिल के नेतृत्व में गुलरिया थाना क्षेत्र के बीआरडी (BRD) मेडिकल कॉलेज के आसपास एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।

​इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने बिना वैध कागजात और नियमों के विरुद्ध संचालित हो रही कुल 18 एम्बुलेंस को सीज कर दिया है। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने जानकारी दी कि इन सभी वाहनों के दस्तावेजों का गहन सत्यापन किया जा रहा है और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

​एसपी सिटी ने स्पष्ट किया है कि सीज की गई एम्बुलेंस के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे अवैध धंधों पर लगाम लगाना है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यह चेकिंग अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे आगे भी निरंतर और सख्ती के साथ जारी रखा जाएगा ताकि मरीजों की सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

सेंट एंड्रयूज कॉलेज में प्राचार्य पद को लेकर विवाद गहराया

Posted on 19/07/2026
Time 17:50 P.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

ताला तोड़ने और फर्जी नियुक्ति के आरोपों से मचा हड़कंप

​गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) : शहर के प्रतिष्ठित सेंट एंड्रयूज कॉलेज में प्राचार्य पद को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर कानूनी मोड़ ले चुका है। वर्तमान प्राचार्य प्रो. एस.डी. राजकुमार ने कॉलेज की एक शिक्षिका पर कॉलेज कार्यालय का ताला तोड़ने, बाहरी तत्वों को बुलाने और फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर अवैध रूप से प्राचार्य पद पर कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है।

​प्राचार्य प्रो. एस.डी. राजकुमार के अनुसार, 17 जुलाई की रात करीब 8:00 बजे उन्हें एक अज्ञात ईमेल के माध्यम से पद से हटाए जाने और शिक्षिका (रैना मैडम) को नया प्राचार्य नियुक्त किए जाने की सूचना मिली। प्रो. राजकुमार ने बताया कि इस संदिग्ध मेल की कानूनी स्थिति जानने के लिए वे प्रयागराज रवाना हुए और अपनी अनुपस्थिति में नियमानुसार कॉलेज में अवकाश घोषित कर दिया।
​आरोप है कि प्रो. राजकुमार की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए शिक्षिका ने कुछ बाहरी लोगों के साथ कॉलेज परिसर में प्रवेश किया और कार्यालय का ताला तोड़कर उस पर अपना कब्जा जमा लिया। सूचना मिलने पर पुलिस (112) मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक ताला तोड़ा जा चुका था। प्राचार्य का आरोप है कि शिक्षिका ने पुलिस के सामने ही उन्हें धमकाया और कार्यालय के ताले को न छूने की चेतावनी दी।

​प्रो. राजकुमार ने कॉलेज के नियमों (बायलाज) का हवाला देते हुए इस नियुक्ति को पूरी तरह अवैध बताया है। उन्होंने कहा:
​प्रक्रिया का उल्लंघन: प्राचार्य की नियुक्ति के लिए स्पेशल मीटिंग (10 दिन का नोटिस) या जनरल मीटिंग (21 दिन का नोटिस) अनिवार्य है, जो नहीं बुलाई गई।
​जिस नियुक्ति पत्र का हवाला दिया जा रहा है, उस पर तीन सदस्यों के हस्ताक्षर थे। हालांकि, इनमें से दो सदस्यों ने बाद में अपने हस्ताक्षर वापस लेने का आधिकारिक पत्र सौंप दिया है, जिससे उस पत्र की वैधता समाप्त हो गई है।
​न्यायालय का निर्देश: प्रो. राजकुमार ने दावा किया कि कुलपति ने स्पष्ट आदेश दिया है कि जब तक उच्च न्यायालय (रिट संख्या 4125/2026) का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक प्रबंधन के संबंध में कोई नया निर्णय नहीं लिया जा सकता।

​घटना के बाद प्रो. राजकुमार ने कैंट थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की। वहीं दूसरी ओर, शिक्षिका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुद को प्राचार्या घोषित कर दिया है और प्रो. राजकुमार के अवकाश पर जाने को ‘भागना’ करार दिया है।
​फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर प्रो. राजकुमार ने न्यायालय में ‘रिकॉल याचिका’ (Recall Application) दायर की है, जिसमें शिक्षिका पर तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया गया है। इस विवाद के कारण कॉलेज का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है और मामला अब प्रशासन व न्यायालय के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

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