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Bijnore: वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 की तैयारियों की नोडल अधिकारी ने की समीक्षा

July 12, 2026

Bijnore: वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 की तैयारियों की नोडल अधिकारी ने की समीक्षा

Posted on 11.07.2026

लक्ष्य के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण पौधारोपण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

बिजनौर, 11 जुलाई, 2026 ( उत्तर प्रदेश समाचार सेवा) जनपद बिजनौर के नामित नोडल अधिकारी योगेश कुमार, आयुक्त एवं निबंधक, सहकारिता, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में आज दोपहर कलेक्ट्रेट सभागार में वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत प्रस्तावित वृक्षारोपण कार्यक्रम की तैयारियों एवं प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

बैठक में नोडल अधिकारी ने संबंधित विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष पौधों की उपलब्धता, पौधों के उठान, रोपण स्थलों के चयन तथा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि पौधों का उठान निर्धारित समयावधि में शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए तथा पौधारोपण से पूर्व उन्हें चिन्हित प्लांटेशन स्थलों पर सुरक्षित एवं संरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय जनसहभागिता के माध्यम से अधिकाधिक पौधारोपण कराया जाए तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल की प्रभावी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, जिससे अभियान सफल एवं स्थायी परिणाम देने वाला सिद्ध हो।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पौधारोपण के उपरांत प्रत्येक लगाए गए पौधे की जियो टैगिंग समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जियो टैगिंग में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा पौधारोपण का अद्यतन विवरण निर्धारित पोर्टल पर समय से अपलोड किया जाए, जिससे अभियान की पारदर्शी एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ को जनसहभागिता के साथ एक उत्सव के रूप में आयोजित किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि पौधारोपण कार्यक्रम का ड्रोन के माध्यम से वीडियो शूटिंग एवं उच्च गुणवत्ता की फोटोग्राफी कराई जाए, ताकि अभियान की भव्यता, जनभागीदारी एवं सफल क्रियान्वयन का प्रभावी दस्तावेजीकरण किया जा सके।
प्रभागीय निदेशक जय सिंह कुशवाहा ने जनपद में विभागवार पौधारोपण की तैयारियों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद बिजनौर में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु कुल 75,99,500 पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष 05 जून को 9,81,000 पौधों का रोपण किया जा चुका है, जबकि शेष 66,18,500 पौधों का रोपण कल आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण अभियान के दौरान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा संबंधित विभागों द्वारा पौधों का उठान, चिन्हित स्थलों की तैयारी एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं।
बैठक में वृक्षारोपण अभियान से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की तैयारियों एवं कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि पौधारोपण कार्यक्रम को पूर्ण गंभीरता, जनसहभागिता एवं आपसी समन्वय के साथ सफल बनाया जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप निर्धारित समय पर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल लक्ष्य पूर्ति तक सीमित न रहे, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण एवं नियमित देखभाल भी सुनिश्चित की जाए, जिससे उनकी अधिकतम जीवितता बनी रहे।
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने नोडल अधिकारी को आश्वस्त किया कि शासन एवं नोडल अधिकारी द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 को जनसहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराते हुए निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति तथा पौधों के संरक्षण, जियो टैगिंग एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अंशिका दीक्षित, डीसी जी राम जी आरबी यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कौशलेंद्र सिंह, उप जिलाधिकारी सदर रितु रानी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Baliya राजभर के खिलाफ सपा नेताओ का विरोध प्रदर्शन, दिखाया काला झंडा और गो बैक के लगे नारे

बलिया में मंत्री के काफिले का बदला रूट कई हिरासत में-
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया  यूपी डेट- 11-07-2026

बलिया, गड़वार में सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ।  राजभर गो बैक के नारे लगे। कला झंडा लेकर सड़को पर उतरे सपा समर्थकों को पुतला फूंकने से पुलिस नें रोका, मंत्री ओमप्रकाश राजभर के रूट को डाइवर्ट कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार ओमप्रकाश राजभर फेफना विधानसभा क्षेत्र के रतसड नगर पंचायत में विशाल जन संवाद कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। ओमप्रकाश राजभर ने सपा सांसद सनातन पाण्डेय पर 20 से 25 सपा सांसदों को पार्टी से तोड़ने का लगाया था आरोप । इससे नाराज सपा के ब्राह्मण नेता भानु दुबे ने ओमप्रकाश राजभर को बलिया में घेराव करने की चेतावनी दी थी । पुलिस ने सपा नेता भानु दुबे सहित सभी समर्थकों को हिरासत में ले लिया।

एटा में 16 से 22 जुलाई तक चलेगा जल संरक्षण एवं जनजागरूकता अभियान

Posted on 11.07.2026 Saturday Etah

एटा 11 जुलाई उप्रससे। मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने बताया कि जनपद में 16 से 22 जुलाई तक भूजल सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष अभियान की थीम “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” रखी गई है। अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत, विकास खंड, नगर पंचायत, नगर पालिका एवं अन्य स्थानीय निकायों में सात दिनों तक जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन से संबंधित विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रत्येक दिवस के नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित कार्यक्रमों का सफल आयोजन सुनिश्चित करेंगे तथा प्रतिदिन आयोजित गतिविधियों के फोटो एवं वीडियो उपलब्ध कराएंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान को जनभागीदारी के साथ मिशन मोड में संचालित कर अधिक से अधिक लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए।

एटा में ग्रामीणों ने खेतों-प्लाट के ऊपर से विद्युत लाइन निकालने का किया विरोध किया

Posted on 10.07.2026

एटा 10 जुलाई उप्रससे। जनपद में सकरौली थाना क्षेत्र के धर्मगढ़ी गांव में एक निजी नलकूप के विद्युतीकरण के लिए पहुंची विद्युत विभाग की टीम का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया।

ग्रामीणों और विद्युत टीम के बीच तीखी नोकझोंक हुई। ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता देख मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे शांत नहीं हुए। महिलाएं हाथों में लाठी-डंडे लेकर पुलिस और विद्युत विभाग की टीम के सामने रास्ता रोककर खड़ी हो गईं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्युत लाइन उनके खेतों और प्लाटों के ऊपर से जबरन निकाली जा रही हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। ग्रामीणों के भारी विरोध और आक्रोश को देखते हुए विद्युत विभाग की टीम को बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ा।
जलेसर क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर विद्युत विभाग के एक्सईएन ओ.पी. पाल भी पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को स्थिति समझाने और कोर्ट के निर्देशों के बारे में बताया।

ग्रामीण वेद प्रकाश ने बताया कि उनके गांव में निजी नलकूप के लिए लाइन बिछाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लाइन उनके खेतों, पशुपालन क्षेत्रों और हरे पेड़ों के ऊपर से निकाली जा रही है। ग्रामीणों की मांग है कि लाइन खेतों के बगल से निकाली जाए, लेकिन अधिकारी अपनी बात पर अड़े हुए हैं और जबरन लाइन निकालने का प्रयास कर रहे हैं।

दान का ‘हिसाब’ मांगने वाले कालनेमियों सुनो…!

Ram Mandir Ayodhya

राम मंदिर अयोध्या

प्रणय विक्रम सिंह

‘​स्वस्वत्वनिवृत्तिपूर्वकं परस्वत्वोत्पादनं दानम्’ के दिव्य उद्घोष से सिंचित इस धरा पर दान कोई भौतिक सौदा या व्यापार नहीं बल्कि आत्मा की परम शुद्धि और प्रभु के चरणों में सर्वस्व समर्पण का महामार्ग है, लेकिन आज राजनीति के कुछ आधुनिक कालनेमी प्रभु श्री राम के इस पावन दरबार में भी अपनी नफरत की दुकान चमकाने के लिए ‘कमीशन’ और ‘हिसाब’ का झूठा बखेड़ा खड़ा कर रहे हैं।

सत्ता से दूर होकर छटपटा रहे इन दिशाहीनों को शायद सनातन का गौरवशाली इतिहास नहीं मालूम, वरना तकादा करने से पहले वे अपने पूर्वजों की उस महान विरासत को याद कर लेते जहां दैत्यराज बलि ने भगवान वामन को तीन पग भूमि दान करते समय गुरु शुक्राचार्य के प्रबल विरोध के बाद भी अपने कदम पीछे नहीं खींचे थे और सर्वस्व सौंपने के बाद कभी लौटकर स्वर्ग की ‘रसीद बुक’ नहीं मांगी थी।

ठीक इसी त्याग परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सूर्यपुत्र कर्ण ने अपने प्राणों की रक्षा करने वाले कवच-कुंडल हंसते-हंसते काटकर इंद्र को दे दिए थे पर कभी यह पूछने नहीं गए कि उन्हें किस अलमारी में छिपाकर रखा गया है, और इसी सत्य की रक्षा के लिए महाराज हरिश्चंद्र ने विश्वामित्र को अपना पूरा राज्य सौंपकर श्मशान में चांडाल की नौकरी स्वीकार की, जहां उनकी पत्नी और बच्चे तक बिक गए लेकिन उन्होंने कभी राजकोष के ‘ऑडिट’ का इंचार्ज बनने की इच्छा नहीं जताई।

जब महर्षि दधीचि ने देवताओं के वज्र के लिए अपने प्राण त्यागकर हड्डियां दान कर दीं और महाराज शिबि ने एक शरणागत पक्षी के लिए अपने शरीर का जीवित मांस तौल दिया, तब इनमें से किसी ने भी तराजू और रसीद लेकर विधाता को कटघरे में खड़ा नहीं किया था क्योंकि वे भली-भांति जानते थे कि प्रभु के चरणों में अर्पित वस्तु पर फिर इस नश्वर संसार का कोई वैधानिक दावा नहीं रह जाता।

​परंतु आज की इस कलियुगी राजनीति में कुछ ‘प्रचारवीर’ चार साल बाद अचानक टीवी चैनलों पर बैठकर और हाथ में दान की तस्वीरें लहराकर चांदी की ईंटों और रसीदों का ऐसा हिसाब मांग रहे हैं जैसे उन्होंने प्रभु को दान नहीं बल्कि कोई कर्ज दिया हो। जिन्होंने खुद अपनी स्वेच्छा से समर्पण किया था, वे आज केवल अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए गबन का ढोंग रच रहे हैं क्योंकि वास्तव में यह पीड़ा राम मंदिर की सुरक्षा या उसकी मर्यादा की है ही नहीं, बल्कि यह पीड़ा मीडिया में ‘नाम चमकाने’ और अपने ‘अहंकार’ की तृप्ति न होने की छटपटाहट है।

गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने सात्विक दान की परिभाषा बताते हुए स्पष्ट कहा है कि श्रेष्ठ दान वही है जो बिना किसी बदले की भावना या सम्मान की लालसा के दिया जाए, और हमारी लोक-परंपरा भी यही कहती है कि दाहिने हाथ से दो तो बाएं हाथ को पता न चले, अन्यथा वह दान नहीं बल्कि एक घटिया प्रदर्शन मात्र बनकर रह जाता है। आज करोड़ों हिंदुओं के एक-एक रुपए के पवित्र संकल्प और अटूट आस्था से यह भव्य और गगनचुंबी मंदिर खड़ा हुआ है, और जिन्हें इस दिव्य शिखर की ऊंचाई में, धवल फर्शों की भव्यता में और रामलला के श्रीचरणों के अलौकिक अलंकरण में अपना समर्पण दिखाई नहीं दे रहा, दोष निश्चित ही उनकी नियत और आंखों के राजनीतिक मोतियाबिंद का है।

​भ्रम फैलाकर अपनी रोटियां सेकने वाले इन राजनीतिक गिद्धों को यह बात कान खोलकर सुन लेनी चाहिए कि राम मंदिर ट्रस्ट के एसबीआई लॉकर में सिंधी समाज द्वारा समर्पित सभी 200 चांदी की ईंटों के साथ-साथ कागभुशुंडि जी की दिव्य प्रतिमा, प्रभु का स्वर्ण धनुष-बाण, चरण पादुकाएं और भक्तों का अर्पित किया गया एक-एक आभूषण पूरी तरह सुरक्षित है।

इस सत्य को झुठलाने की कोशिश करने वाले भूल रहे हैं कि यह उत्तर प्रदेश है, जहां राम और राष्ट्र के आराधक योगी आदित्यनाथ जी महाराज मुख्यमंत्री की पद पर विराजमान हैं, जिनके राज में कोई चोर, कोई ठग या कोई कालनेमी बचकर निकल ही नहीं सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी जी का अपना कोई निजी परिवार नहीं है बल्कि यह पूरा राष्ट्र ही उनका परिवार है जिसके स्वाभिमान और वैभव के लिए वे दिन-रात अपने तन-मन से जुटे हुए हैं। इसलिए समस्त रामभक्त इन देशद्रोहियों और बहरूपियों के बहकावे में न आएं और पूर्ण धैर्य रखें, क्योंकि रामजी के काम में विघ्न डालने वालों का समय आने पर इसी धरती पर दूध का दूध और पानी का पानी होगा और विधाता की लाठी से पाई-पाई का ऐसा मर्मभेदी हिसाब होगा जिसे इनकी आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।

जय जय श्री राम
​राष्ट्रहित सर्वोपरि।
भारत माता की जय!
वंदे मातरम! जय हिंद!

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