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Bijnore एक दिन में 66 लाख पौधे रोपे गए

July 12, 2026

Bijnore एक दिन में 66 लाख पौधे रोपे गए

Posted on 12.07.2026 Time 07.48 PM, Bijnore, Plantation

एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बिजनौर में हुआ बृहद वृक्षारोपण, एक ही दिन में 66 लाख से अधिक पौधे लगाए गए

कैबिनेट मंत्री ने विदुर मेडिकल कॉलेज में किया पौधरोपण

बिजनौर 12 जुलाई, 2026, (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा) मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं प्रधानमंत्री के आह्वान पर संचालित ‘एक पेड़ मां के नाम’ थीम आधारित बृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत जनपद में आज व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया। मुख्य जनपदीय कार्यक्रम महात्मा विदुर स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज में आयोजित हुआ, जहां उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज सभागार में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई तथा श्रीमती शुचि शर्मा ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि बिजनौर महात्मा विदुर की पुण्यभूमि है और यहां के नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को भावनात्मक रूप से प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। भारतीय संस्कृति में प्रकृति को मां का स्वरूप माना गया है तथा अनेक वृक्ष हमारी आस्था और परंपरा के प्रतीक हैं। हमारे ऋषि-मुनियों ने भी प्रकृति संरक्षण को मानवता के संरक्षण का आधार बताया है।
उन्होंने कहा कि लगातार वृक्षों की कमी के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक पौधे लगाए और उनका संरक्षण भी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में देश के लिए उदाहरण बन रहा है। वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है, जो जनसहभागिता और सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है।
जनपद के वृक्षारोपण अभियान के नोडल अधिकारी एवं आयुक्त निबंधन एवं सहकारिता योगेश कुमार ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत छाया वन, अविरल वन, कपि वन, ऊर्जावन, समरसता वन एवं समृद्धि वन सहित विभिन्न प्रकार के वन विकसित किए जा रहे हैं, जिससे जनपद में वनाच्छादन बढ़ेगा और पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिलेगी।
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से जनपद में वृक्ष आवरण बढ़ाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा। उन्होंने जनपदवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक जनपद बिजनौर में लगभग 6 करोड़ पौधों का रोपण किया जा चुका है। इस वर्ष अभियान के अंतर्गत एक ही दिन में 66 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया। उन्होंने बताया कि जनपद की 29 वन विभागीय नर्सरियों से आमजन को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए गए।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। पर्यावरण संरक्षण पर आधारित प्रेरणादायक वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया। अंत में कैबिनेट मंत्री ने छात्राओं एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा सभी से पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष भाजपा भूपेंद्र चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती इंदिरा सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, डीसी जी राम राम आर बी यादव, प्रभागीय निदेशक वानिकी जय सिंह कुशवाहा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं भारी संख्या में स्कूली बच्चे, सामान्य उपस्थित रहे।

एटा में खेत में मिला 9 फीट लंबे मगरमच्छ को ग्रामीणों और पुलिस ने पकड़ कर वन विभाग को सौंपा

Posted on 12.07.2026 Time 07.45 PM, Etah UP News

एटा 12 जुलाई उप्रससे। जनपद में जलेसर के मकसूदपुर गांव में धान के खेत में करीब 9 फीट लंबे और डेढ़ क्विंटल वजनी मगरमच्छ के मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर ग्रामीण, पुलिस और वन विभाग सक्रिय हुए। शनिवार देर रात चले रेस्क्यू अभियान के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर रविवार सुबह वन विभाग के हवाले कर दिया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के पास स्थित एक बम्बा (नहर) से पानी के साथ मगरमच्छ खेतों में पहुंच गया। खेत में विशालकाय मगरमच्छ दिखाई देने की खबर फैलते ही मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। शनिवार देर रात लगभग 12 बजे ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने संयुक्त अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को रस्सियों की मदद से काबू किया और सुरक्षित पिंजरे में बंद कर दिया। मगरमच्छ पूरी रात पिंजरे में ही रखा। आज रविवार को सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया।

क्षेत्रीय वनाधिकारी गिरजेश तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

वहीं जलेसर थाना प्रभारी अखिलेश दीक्षित ने बताया कि पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से मगरमच्छ को पकड़कर वन विभाग को सौंप दिया।

यूपी में नकली दवाओं के सिंडिकेट पर सर्जिकल स्ट्राइक, 58 लाइसेंस रद्द, 9 एफआईआर

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News Posted on 12.07.2026 Time 07.34 PM, Lucknow, Agra, Madicine Market, Dr Roshan Jaicab IAS

  • एफएसडीए आयुक्त के नेतृत्व में 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने 13 फर्मों पर मारे एक साथ छापे, अंतरराज्यीय नेटवर्क का हुआ खुलासा
  • बड़ी कार्रवाई के दौरान 14 संचालकों पर 3 नई एफआईआर, अब तक 58 थोक लाइसेंस निरस्त/निलंबित
  • सरकारी अस्पतालों की जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी, नकली दवाएं, फर्जी बिलिंग और री-लेबलिंग का संगठित नेटवर्क बेनकाब
  • अब तक हुई कार्रवाई में कुल 9 मुकदमे दर्ज और ₹3.63 करोड़ की दवाएं जब्त
  • एफएसडीए अब अवैध वसूली करने वालों पर भी कस रहा शिकंजा

लखनऊ/आगरा, 11 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ चल रहे प्रदेशव्यापी अभियान में उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने आगरा में अब तक की सबसे बड़ी और सबसे निर्णायक कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के संगठित दवा सिंडिकेट की परतें खोल दी हैं।

एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की विशेष टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर नकली दवाओं, सरकारी अस्पतालों की जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी, फर्जी बिलिंग, अवैध री-लेबलिंग, फिजीशियन सैंपलों की बिक्री और अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया। कार्रवाई के बाद 14 संचालकों के खिलाफ तीन नई एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। इसके साथ ही पूरे अभियान में दर्ज मुकदमों की संख्या 9 और निरस्त अथवा निलंबित थोक लाइसेंसों की संख्या 58 पहुंच गई है।

15 ड्रग इंस्पेक्टरों ने एक साथ मारे छापे
आयुक्त डॉ रोशन जैकब के नेतृत्व में गठित 15 औषधि निरीक्षकों की टीमों ने आगरा के कम्बूटोला, मुबारक महल, जूता बाजार (शू मार्केट), कृष्णा कॉम्प्लेक्स, नवबिया मार्केट और कोतवाली क्षेत्र में एक साथ कार्रवाई की। जिन 13 फर्मों पर छापेमारी हुई उनमें मोहन ट्रेडर्स (कम्बूटोला), मनी मेडिकल (मुबारक महल), नीलकंठ (कृष्णा कॉम्प्लेक्स), वंश फार्मा (कम्बूटोला), प्रशांत मेडिकल (कम्बूटोला), पोरवाल मेडकेयर (शू मार्केट), एपी फार्मा, एचएमजी ड्रग हाउस (मुबारक महल), डॉली ड्रग हाउस (कम्बूटोला), मनु फार्मा (कोतवाली के सामने), आरडीएम फार्मास्युटिकल्स (नवबिया मार्केट), इनाया फार्मा (कम्बूटोला) और नूर फार्मा (कम्बूटोला) शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान मोहन ट्रेडर्स और मनी मेडिकल के परिसरों को पूरी तरह सील कर दिया गया, जबकि नीलकंठ, कृष्णा कॉम्प्लेक्स स्थित प्रतिष्ठान और मनु फार्मा पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 22(1)(d) के तहत रोक लगा दी गई। टीम ने मौके से 35 संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए।

विभोर मेडिकल एजेंसी से खुला नकली दवाओं का अंतरराज्यीय नेटवर्क

एफएसडीए की ताजा जांच टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की Chymoral Forte और Shelcal के नकली होने संबंधी शिकायत से शुरू हुई। 7 नवंबर 2025 को अंशिका फार्मा के मालिक मनोज गुप्ता की जांच में पता चला कि उन्होंने Chymoral Forte की खेप विभोर मेडिकल एजेंसी से खरीदकर पाल ब्रदर्स (कोलकाता) को बेची थी। विभोर मेडिकल एजेंसी के प्रो. संजीव कुमार गुप्ता के यहां जांच में खरीद के बिल फर्जी मिले। उन्होंने दवाएं गुप्ता मेडिकल एजेंसी (गोरखपुर) और हर्षित ट्रेडर्स (आगरा) से खरीदने का दावा किया, लेकिन दोनों फर्मों ने इससे इनकार कर दिया।

वहीं वरदान मेडिकल एजेंसी में “ESI SUPPLY NOT FOR SALE” अंकित दवाएं मिलीं और लैब जांच में Chymoral Forte अधोमानक तथा ACILOC नकली पाई गई, जिसकी टोरेंट फार्मा ने भी पुष्टि की। पूछताछ में अंकुर अग्रवाल ने स्वीकार किया कि उसने नकली दवाएं संजीव कुमार गुप्ता से बिना वैध बिल के खरीदी थीं। जांच में विभोर मेडिकल एजेंसी, वरदान मेडिकल एजेंसी, हर्षित ट्रेडर्स, गुप्ता मेडिकल एजेंसी और पाल ब्रदर्स का अंतरराज्यीय सिंडिकेट सामने आने पर संजीव कुमार गुप्ता, अंकुर अग्रवाल, प्रियंका बंसल, अरुण कुमार गुप्ता और पाल ब्रदर्स के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 276, 277, 278, 316 और 318 में एफआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

अस्पताल की दवाओं की री-लेबलिंग से लेकर फर्जी बिलिंग तक, कई परतों में खुला सिंडिकेट

एफएसडीए की जांच में अस्पताल और सरकारी आपूर्ति की जीवनरक्षक दवाओं की री-लेबलिंग, फर्जी बिलिंग और नकली दवाओं के संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। 21 मई को युग फार्मा के प्रो. सचिन गुप्ता के यहां बिना कोल्ड-चेन रखे इंसुलिन इंजेक्शन और री-लेबलिंग मिली। पूछताछ में दवाओं की सप्लाई शारदा फार्मा के शिवम गुप्ता और आरएमडी फार्मा के राजेश गुप्ता तक पहुंची, जिसके बाद तीनों फर्में सील कर दी गईं। बाद में शारदा फार्मा के सीसीटीवी में नबील खान और सोनू बघेल संदिग्ध दवाएं हटाते दिखे। एसटीएफ गाजियाबाद की पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे मोहित गुप्ता (महादेव फार्मा) से अस्पताल व सरकारी आपूर्ति की दवाएं बिना बिल खरीदकर उन पर लगी ‘Not for Sale’ पहचान हटाकर फर्जी लेबल और नई एमआरपी के साथ बाजार में बेचते थे। इस मामले में सचिन गुप्ता, शिवम गुप्ता, नितिन गुप्ता, राजेश गुप्ता, मोहित गुप्ता और हितेन्द्र अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई। वहीं 1 से 3 जुलाई की जांच में वी.ए. मेडिकोज में Jardiance, Telma-H, Thyrox और Gluconorm PG-2 जैसी दवाओं की री-लेबलिंग, नकली Telma-H और फर्जी खरीद बिल मिले। शोभित अग्रवाल ने दवाएं लाइसेंस निरस्त हो चुके हर्षित ट्रेडर्स से लेने की बात स्वीकार की, जबकि जांच में वरदान मेडिकल एजेंसी के पुराने बिलों से करीब ₹1.88 करोड़ की फर्जी बिलिंग, अंकुर अग्रवाल द्वारा संजीव गुप्ता (विभोर मेडिकल एजेंसी) से बिना बिल नकली दवाएं खरीदने और सबूत मिटाने के प्रयास का खुलासा हुआ। साथ ही मोहित बंसल (रुद्रा एंटरप्राइजेज) और प्रवीण अग्रवाल (श्री भगवती मेडिकल एजेंसी, मथुरा) द्वारा फर्जी बिल, UP-80 EL-0069 वाहन व ऑटो-रिक्शा के जरिए नकली दवाओं को वैध दिखाने का खेल सामने आया। इसके आधार पर वी.ए. मेडिकोज, शोभित अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, संजीव गुप्ता, मोहित बंसल और प्रवीण अग्रवाल समेत संबंधित आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

₹3.63 करोड़ की अवैध दवाएं जब्त, कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की परतें खुलीं

एफएसडीए आयुक्त डॉ रोशन जैकब के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आगरा में नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ मई 2026 से लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक ₹3.63 करोड़ से अधिक मूल्य की नकली, अवैध तथा सरकारी और डिफेंस सप्लाई की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। यह अभियान केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिंडिकेट की आर्थिक और आपराधिक श्रृंखला को तोड़ने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि पूरे अभियान के दौरान अनियमितताओं और अवैध कारोबार में संलिप्तता पाए जाने पर अब तक 58 थोक दवा फर्मों के लाइसेंस निरस्त अथवा निलंबित किए जा चुके हैं। इस सिंडिकेट के खिलाफ पहले ही 6 नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी थीं। अब 10 जुलाई की कार्रवाई के आधार पर तीन नई एफआईआर दर्ज कराने के लिए आगरा के कोतवाली फव्वारा थाने में तहरीर दी गई है। इसके साथ ही पूरे अभियान में दर्ज मुकदमों की संख्या बढ़कर 9 हो जाएगी।

आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नकली दवाओं, अवैध री-लेबलिंग, फिजिशियन सैंपलों की कालाबाजारी और अंतरजनपदीय मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी जाए। इसके अलावा विभाग को ड्रग एसोसिएशनों द्वारा कुछ दवा व्यापारियों से कथित अवैध वसूली की शिकायतें भी मिली हैं। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि जांच में किसी व्यापारी के आर्थिक शोषण की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एक्सटॉर्शन का मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Ballia: ग्राम प्रधान की धांधली, पंप मालिक समेत कई रसूखधारीयो को पट्टे

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गांव में 92 लोगों का हुआ पट्टा,सबसे ज्यादा एक समाज के लोगों को मिला पट्टा, तीन पेट्रोल पंप मालिक को, ज्यादा जमीन और बिल्डिंग वाले को पट्टा देने का ग्राम प्रधान पर ग्रामीणों ने लगाया आरोप।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – 12/07/2026, Time 07.04 PM, Report Sanjay Kumar Tiwari, Ballia 

बलिया, 12 जुलाई 2026, भूडाडीह गांव में ग्रामीणों के द्वारा यह आरोप लगाया जा रहा है कि ग्राम प्रधान के द्वारा गांव की सभी सरकारी जमीन को अपने पिछले ही प्रधानी में पट्टा कर दिया है। और इस बार ग्राम प्रधान और लेखपाल मिलकर पैसे पर पट्टा धारकों को कब्जा दिला रहे है। इतना ही नहीं बल्कि एक समुदाय के लोगो को सबसे ज्यादा पट्टा ग्राम प्रधान मुमताज के द्वारा किया गया है ऐसे धनाढय व्यक्तियों को पट्टा हुआ है जिसके पास तीन तीन पेट्रोल पंप है जिसके पास बड़ी बिल्डिंग है और जिसके पास ज्यादा जमीन है वैसे लोगों को पट्टा किया गया है।

वही ग्रामीण धीरेंद्र प्रसाद के द्वारा आरोप लगाया गया है कि ग्राम प्रधान के द्वारा ग्राम सभा की सरकारी जमीन को 92 लोगो को पट्टा कर दिया गया है। हमारे गांव में छठ पूजा करने के लिए कोई छठ घाट तक नही है जिसपर हम गांव के लोग पूजा पाठ कर सकें। बहेरा नाले के पास बीस से पच्चीस फूट गड्ढा है हम लोग सोचे थे कि गांव की जमीन है तो उसपर तालाब बन जायेगा और गांव के जो जानवर है गर्मी के मौसम में पानी पीने के हो जायेगा और छठ घाट भी हो जाता। हमने अधिकारियों के पास शिकायत की, कि उस जमीन पर मुकदमा चल रहा था और उसको एस डी एम ने खारिज कर दिया।  ऐसे बहुत से लोग है जिसके पास पैंतीस बीघा जमीन है दो तोला बिल्डिंग है ऐसे ऐसे लोगो को पट्टा हुआ है ग्राम प्रधान मुमताज है हमारे गांव में नही लग रहा है कि कोई सरकारी जमीन बची होगी बानबे लोगों का पट्टा हुआ है।

वही गांव के सुदर्शन गोंड ने बताया कि हम लोग जाति के गोड है और एक धुर जमीन हम लोगों के पास नही है कई बार ग्राम प्रधान से कहा गया कि हमे भी पट्टा दे दीजिए क्योंकि हमारे पर कोई जमीन नही है जिससे खेती कर सकें। बानबे लोगों को प्रधान ने पट्टा कर दिया है सभी पैसे वाला है हम किसको कहे कि यह गरीब है सभी पैसे वाला है सभी खेती वाला व्यक्ति है धनी व्यक्ति को ही पट्टा दिया गया है शिकायत हम लोगों ने की थी।

वही ग्रामीण ने बताया कि गांव में सरकारी बंजर की जमीन को लेकर मामला चल रहा है कि हमारा हरियाली पट्टा हुआ था लेकिन वर्तमान ग्राम प्रधान मुमताज के द्वारा पट्टे पर पट्टा कर दिया गया है उस जमीन पर मुकदमा चल रहा था तभी भी ग्राम प्रधान के द्वारा पट्टा कर दिया गया जिसमे सभी पांच ग्राम प्रधान के समुदाय के हैं।

वही ग्राम प्रधान मुमताज खां ने बताया कि हमारे विरोधी जो है वह कुछ भी कह सकते है। किसी के मुंह पर कोई ताला नही है जो आरोप लगाया जा रहा है उसका भागीदार मैं नही हूं। यह पट्टा 2005 का है और 92 लोगो को पट्टा दिया गया है जो लोग पहले से बसे थे उनको दे दिया गया है ।

एटा में देर से पहुंचने पर 50 छात्रों को अधिकारियों ने प्रवेश न दिलाकर परिक्षा से किया वंचित,

Posted on 11.07.2026 Etah UP News

एटा 11 जुलाई उप्रससे। जनपद के मुख्यालय पर स्थित राजकीय इण्टर कॉलेज में शनिवार को ओ-लेवल की ऑफलाइन परीक्षा में देरी से पहुंचे लगभग 50 परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। सुबह 10 बजे शुरू होने वाली इस परीक्षा के लिए छात्रों को केंद्र के द्वार पर ही रोक दिया गया, जिससे वे परीक्षा देने से वंचित रह गए।

परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए छात्रों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। परीक्षार्थियों ने प्रवेश के लिए गुहार लगाई, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका।
नियमों के अनुसार, परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 50 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना था और 20 मिनट पहले द्वार से प्रवेश करना था। हालांकि, कुछ परीक्षार्थियों का आरोप है कि वे सुबह 9:30 बजे तक केंद्र पर पहुंच गए थे, लेकिन थोड़ी देरी के कारण उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। प्रवेश न मिलने से कई छात्रों का पूरा साल बर्बाद होने की आशंका है। पीड़ित छात्रों ने शिक्षकों और अधिकारियों से मिन्नतें कीं, उसके बाद भी उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। कुछ छात्रों ने एटा के जिलाधिकारी से भी इस संबंध में गुहार लगाई।

रामनगर, एटा की निवासी पिंकी नामक एक छात्रा ने बताया कि वह सुबह 9:30 बजे परीक्षा केंद्र पर पहुंच गई थी, फिर भी उसे प्रवेश नहीं मिला। कुल मिलाकर, लगभग 50 बच्चे परीक्षा देने से वंचित रह गए।

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