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ऊर्जा संचरण को सुपरकंडक्टर की दरकारः प्रो. प्रकाश चौहान

April 14, 2026

ऊर्जा संचरण को सुपरकंडक्टर की दरकारः प्रो. प्रकाश चौहान

Prof Prakash Chauhan lecture in TMU Moradabad

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के अंतर्गत एप्लाइड साइंसेज विभाग की छठी नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मैटेरियल्स एंड डिवाइसेज- एनसीएमडी-2026 में एक्सपर्ट्स ने दिए व्याख्यान

  • सामग्री के गुणों की सटीक पहचान पर जोरः एक्सपर्ट दिनेश चंद्र
  • डॉ. मयंक अग्रवाल ने एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर की चर्चा
  • वीसी प्रो. वीके जैन ने प्रभावशीलता और दक्षता के बीच बताया अंतर
  • डीन प्रो. आरके द्विवेदी बोले, एडवांस्ड मटेरियल्स का विकास आवश्यक
  • कॉन्फ्रेंस के फर्स्ड डे चुनौतियों और परिणामों पर 65 रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत
  • एनसीएमडी-2026 में अतिथियों ने कॉन्फ्रेंस प्रोसिडिंग का किया विमोचन

मुरादाबाद, 14 अप्रैल 2026, नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद के निदेशक प्रो. प्रकाश चौहान ने स्टुडेंट्स को प्रेरित करते हुए कहा, असफलताओं से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने चंद्रयान-2 के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा, उच्च तापमान सहन करने वाली सामग्रियों के विकास की आवश्यकता है। प्रो. चौहान ने जोर देते हुए वर्ष 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय मानव मिशन के लक्ष्य की चर्चा की। साथ ही पारंपरिक धातुओं से लेकर आधुनिक सेंसर, डिटेक्टर और अंतरिक्ष तकनीक तक के विकास पर जोर दिया। उन्होंने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया, चंद्रमा के लिए विकसित भारतीय कैमरों का डेटा वैश्विक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने ऊर्जा संचरण के लिए सुपरकंडक्टर की आवश्यकता, महत्वपूर्ण खनिजों पर निर्भरता की चुनौतियों और आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सौर ऊर्जा के महत्व, फ्लोटिंग सोलर पैनल पर हो रहे कार्य और भारत में उपलब्ध थोरियम के ऊर्जा उत्पादन में संभावित उपयोग पर भी प्रकाश डाला। प्रो. चौहान तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के अंतर्गत एप्लाइड साइंसेज विभाग की ओर से आयोजित छठी नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मैटेरियल्स एंड डिवाइसेज-एनसीएमडी-2026 के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रो. सतेंद्र पाल सिंह बतौर कीनोट स्पीकर अपने अनुभव साझा किए। आईयूएसी, नई दिल्ली के डॉ. प्रवीन कुमार की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। कॉन्फ्रेंस के फर्स्ड डे चुनौतियों और परिणामों पर 65 रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत किए गए। अतिथियों ने कॉन्फ्रेंस प्रोसिडिंग का विमोचन भी किया।

इससे पूर्व मुख्य अतिथि प्रो. प्रकाश चौहान, विशिष्ट अतिथियों- इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विस एंड ट्रेनिंग सेंटर, नैनीताल के प्रिंसिपल डायरेक्टर श्री दिनेश चंद्र, जीके यूनिवर्सिटी, हरिद्वार के डॉ. मयंक अग्रवाल, टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विस एंड ट्रेनिंग सेंटर, नैनीताल के प्रिंसिपल डायरेक्टर श्री दिनेश चंद्र ने बतौर विशिष्ट अतिथि सामग्री के गुणों की सटीक पहचान और उनके सुरक्षित उपयोग पर बल दिया। जीके यूनिवर्सिटी, हरिद्वार के डॉ. मयंक अग्रवाल ने मैटेरियल्स एवं डिवाइसेज के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। आधुनिक अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तकनीकों के माध्यम से सामग्री के गुणों का पूर्वानुमान, डिज़ाइन तथा अनुकूलन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है, जिससे इस क्षेत्र में नवाचार की गति तेज हो रही है। टीएमयू के कुलपति प्रो. वीके जैन ने प्रभावशीलता एवम् दक्षता के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए संचार, समन्वय और नेतृत्व के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने हनुमान जी को उत्कृष्ट संचारक का उदाहरण बताया। फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी ने सम्मेलन की थीम पर प्रकाश डालते हुए कहा, वर्तमान समय में उपकरणों का तीव्र गति से लघुकरण हो रहा है, जिसके लिए एडवांस्ड मटेरियल्स का विकास अत्यंत आवश्यक है। अंत में सम्मेलन के सह-संयोजक डॉ. पराग अग्रवाल ने वोट ऑफ थैंक्स दिया। संचालन संयोजक डॉ. दिप्तोनिल बनर्जी ने किया।

Moradabad, 14 April 2026, Prof. Prakash Chauhan motivated the students and said, “There is no need to be afraid of failures, but one should learn from them and move forward. Referring to the experiences of Chandrayaan-2, he said, “There is a need to develop materials that can withstand high temperatures.” Prof. Chauhan emphasized the goal of an Indian manned mission to the Moon by 2040. At the same time, emphasis was laid on developments ranging from traditional metals to modern sensors, detectors, and space technology. Referring to India’s space achievements, he pointed out, the data from Indian cameras developed for the Moon is being used globally.

 

सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री

Samrat. Chaudhary

Posted on 14.04.2026, Time 06.22 PM Tuesday, Patna , Bihar News, Bihar Samachar

पटना, 14 अप्रैल 2026, भारतीय जनता पार्टी के विधान मंडल दल ने आज उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को नेता चुन लिया। उनका चयन पर्यवेक्षक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में हुआ। भाजपा के नेता चयन के बाद उन्हें नीतीश कुमार की मौजूदगी में राजग का नेता चुना गया।

सम्राट चौधरी के चुनाव के बाद बिहार में नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी को लेकर असमंजस समाप्त हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में यादव के बाद सबसे बड़े पिछड़े वर्ग कुशवाहा से नेता का चयन किया है। भाजपा ने बिहार से पूरे देश को संदेश देने की कोशिश की है।

भारत के संविधान में डा. अम्बेडकर के बहुमुखी प्रतिभा की झलक दिखती है -डीएम

आगरा। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में डा.भीमराव अम्बेडकर के 135 वीं जन्मशताब्दी के अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन आजाद भगत सिंह,अपर जिलाधिकारी प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी, अपर जिलाधिकारी नागरिक आपूर्ति अजय नारायण सिंह, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे जुबेर बेग, सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान ने समस्त कलेक्ट्रेट के अधिकारी कर्मचारियों के साथ भारत रत्न डॉ॰ भीमराव अंबेडकर जी की 135 वीं जयंती के अवसर पर बाबा साहब डॉ0 भीमराव अंबेडकर जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर माल्यार्पण किया।
गोष्ठी में विभिन्न वक्ताओं द्वारा बाबा साहब डॉ0 भीमराव अंबेडकर जी के जीवन चरित्र व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब साहस, संघर्ष संकल्प के प्रतिमान थे, उन्होंने अपने सामाजिक आर्थिक परिवेश की चुनौतियों को पार कर आजादी के बाद भारत देश की व्यवस्था कैसे चले के लिए संविधान बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज के दिन संकल्प लें हम उनके विचारों पर चलेंगे,कार्य करेंगे। गोष्ठी को अपर जिलाधिकारी नागरिक आपूर्ति, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे ने भी संबोधित किया।

जिलाधिकारी श्री अरविंद मल्लप्पा बंगारी जी ने भारत रत्न बाबा साहब आंबेडकर जी की जयंती पर सभी जनपदवासियों को बधाई देते हुए कहा कि बाबा साहब का संघर्ष भरा जीवन उनकी शिक्षाएं प्रेरणा देने का कार्य करती हैं, सभी लोगों के लिए न्याय, समानता,अधिकार और देश में स्थिरता के लिए संविधान में उपबंध बनाए हैं, बिना संविधान के पूरी व्यवस्था अस्थिर हो जाती है, हमारा संविधान है तो व्यवस्था है, व्यवस्था है तो समाज और देश में शांति है, शांति है तो विकास है, बिना संविधान के दुनियां के तमाम देश अस्थिर हैं। जिलाधिकारी ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब समाज सुधारक, अर्थशास्त्री तथा विधिवेत्ता थे, हमारे संविधान में उनके बहुमुखी ज्ञान की झलक दिखती है संविधान में हर समस्या का समाधान दिया है, समान अधिकार और सभी को न्याय की व्यवस्था है, हम भारतीयों को जो मौलिक अधिकार प्राप्त हैं वो अनेक देशों के नागरिकों को आज भी नहीं मिले हैं, जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के अधिकारियों,कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आप के यहां जो भी फरियादी आए सभी को समान दृष्टि से देखें, सभी को न्याय दें तभी सच्चे अर्थों में संविधान और बाबा साहब को सच्ची श्रंद्धाजलि होगी, हम संविधान और बाबा साहब के विचारों पर चलकर एकीकृत, सुद्रण मजबूत समाज और देश का निर्माण करें।
कार्यक्रम में नाजिर श्री दुलीचंद शर्मा, श्री नरेंद्र कुमार भारद्वाज, तुषार सक्सेना, गोविंद राम, बलवीर सिंह, वीर सिंह, सुरेश चंद गौतम, हरिओम, ब्रजेश कुमार सहित कलेक्ट्रेट के सभी अधिकारी, कर्मचारियों की उपस्थिति रही।

कलेक्ट्रेट सभागार ने गरिमामय रूप से मनाई गई डॉ भीम राव आंबेडकर की 136वी जयंती जयंती

जिलाधिकारी सहित एडीएम प्रशासन, एडीएम वित्त एवं कलेक्ट्रेट के अन्य कर्मचारियों ने डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया नमन*

( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर|दिनांक 14 अप्रैल, 2026। कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती गरिमामय वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने की। इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्र, एडीएम वित्त अरविंद कुमार एवं कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस दौरान कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके संघर्षों एवं सफलता को सभी के साथ साझा किया। अपर जिलाधिकारी अरविंद कुमार ने उनके जन्म से लेकर उनकी शिक्षा दीक्षा के दौरान संघर्ष तथा उनकी सफलताओं को विस्तृत रूप से वर्णन किया। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने इस दौरान कविता के माध्यम से अंबेडकर जी की जीवन पर प्रकाश डाला वही विनाका मौर्य ने गीत के माध्यम से संविधान के विषय तथा उसके निर्माण की जानकारी दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन, व्यक्तित्व एवं उनके महान योगदानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉ. अम्बेडकर द्वारा लिखे गए शोध-पत्रों के आधार पर भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बताया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने स्वयं स्वीकार किया है कि उन्हें नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने में डॉ. अम्बेडकर के शोध कार्यों से अत्यंत प्रेरणा मिली। डॉ. अम्बेडकर द्वारा बनाए गए कानूनों एवं सामाजिक सुधारों ने देश में समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत नींव रखी है। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और हमें उनसे प्रेरणा लेकर समाज में समरसता एवं समानता स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए।

जिलाधिकारी ने सभी से आह्वान किया कि हम जाति, वर्ग एवं भेदभाव से ऊपर उठकर कार्य करें तथा डॉ. अम्बेडकर के मूलमंत्र को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और इससे देश के समग्र विकास को गति मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और उनके अद्वितीय योगदानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। एडीएम प्रशासन ने भी उनके संघर्षपूर्ण जीवन और सामाजिक न्याय के लिए किए गए प्रयासों को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
योगेश अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर संविधान के शिल्पकार, समानता और न्याय के महान प्रवर्तक थे, जिनका योगदान समस्त समाज के लिए अमूल्य है। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज के प्रत्येक वर्ग को उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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इंस्पेक्टर ने पीड़िता से कर दी शारीरिक संबंध बनाने की मांग

बलिया पुलिस के क्राइम इंस्पेक्टर का कुरूप चेहरा आया सामने, चार्जशीट बनाने के बदले फोन पर पीड़ित महिला से शारीरिक संबंध बनाने की मांग रखी, ऑडियो वायरल।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 14/04/2026

बलिया । पुलिस के कार्यशैली पर सवाल खड़ा करने वाला एक बेहद संगीन मामला सामने आया है। पीड़ित महिला ने इंस्पेक्टर थाने पर तैनात थाना प्रभारी और क्राइम इंस्पेक्टर पर चार्जशीट बनाने के बदले में शारीरिक संबंध बनाने की मांग का गंभीर आरोप लगाया है जिसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित महिला का कहना है वन विभाग में तैनात दारोगा से मेरी शादी हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार मंदिर में  हुई थी। करीब आठ महीने तक वन दारोगा मेरा शारीरिक शोषण करता रहा। मैने कोर्ट मैरिज के लिए दबाव बनाया तो वह मुकर गया उसके बाद उभांव थाने में वन दारोगा के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। इसी मुकदमे में चार्ज शीट लगाने के लिए क्राइम इंस्पेक्टर ने फोन करके मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाने की मांग रखी। जिसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि इस मामले को लेकर पीड़ित महिला पुलिस के उच्चाधिकारियों डीआईजी आजमगढ़ और एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगा चुकी और अधिकारियों ने इस मामले में जांच करके कार्रवाई की बात की जा रही है।

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