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एटा में बे-मौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान

April 8, 2026

एटा में बे-मौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान

गेहूं तंबाकू की फसल बर्बाद

एटा 08 अप्रैल उप्रससे। जनपद में बे-मौसम बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। गेहूं और तंबाकू की तैयार फसलें खेतों में बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर नुकसान का आकलन कर रही हैं।

जनपद के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर विकास खंड अलीगंज, मारहरा, जैथरा सहित कई ग्रामीण इलाकों में फसलों को भारी क्षति हुई है। खेतों में खड़ी गेहूं की पकी फसल और कटी पड़ी तंबाकू की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है।

किसानों का कहना है कि उन्होंने दिन-रात मेहनत कर और कर्ज लेकर फसल तैयार की थी, लेकिन प्रकृति के इस कहर ने उनकी सारी उम्मीदें छीन ली हैं। अब उन्हें घर चलाने और कर्ज चुकाने की चिंता सता रही है।
प्रशासन द्वारा फसलों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, तंबाकू की फसल को कॉर्पोरेट धंधा माने जाने के कारण शासन से मदद की संभावनाएं कम हैं। गेहूं की फसल में भारी नुकसान पर ही मुआवजे का प्रावधान है।

किसान राहुल प्रताप ने बताया कि उन्होंने 30 बीघा में तंबाकू और 5 बीघा में गेहूं की फसल लगाई थी। फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन लगातार बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि अब लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है और परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा, यह समझ नहीं आ रहा।

इसी तरह किसान राम सेवक ने 13 बीघा में तंबाकू और 7 बीघा में गेहूं बोया था। इसके लिए उन्होंने 3 प्रतिशत ब्याज पर 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था। फसल नष्ट होने से उनका कर्ज का बोझ और बढ़ गया है, जिससे उन्हें रातों की नींद हराम हो गई है। क्षेत्र के किसान अब प्रशासन और सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस संकट की घड़ी से उबर सकें। फिलहाल, खेतों में बर्बाद फसलें और किसानों की बेबस निगाहें ही उनकी मजबूरी की कहानी बयां कर रही हैं।

तहसीलदार संजय कुमार ने बताया कि गेहूं और अन्य फसलों में पहुंचा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। हर संभव मदद की जायेगी।

अपमानजनक बयान पर खरगे के खिलाफ RSS ने थाने में शिकायत दर्ज कराई

गोवाहाटी, 08 अप्रैल 2026, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दक्षिण असम में आयोजित चुनावी रैली के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ दिए गए अपमानजनक, उकसावेपूर्ण एवं साम्प्रदायिक बयान पर संघ (आरएसएस) की उत्तर असम प्रांत एवं दक्षिण असम प्रांत इकाइयों ने कार्रवाई की मांग करते हुए क्रमशः दिसपुर पुलिस थाना तथा सिलचर पुलिस थाना में औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायतों के अनुसार, कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने श्रीभूमि जिले के करीमगंज दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नीलामबाजार में आयोजित चुनावी सभा में सोमवार को विवादास्पद टिप्पणी की। उन्होंने आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विचारधारा की तुलना “ज़हरीले साँप” से करते हुए उसे समाप्त किए जाने का आह्वान किया।

खड़गे ने कहा – “यदि आप नमाज़ अदा कर रहे हों और आपके सामने एक ज़हरीला साँप आ जाए, तो आपको नमाज़ रोककर पहले उस साँप को मारने के लिए दौड़ना चाहिए – क़ुरान यही सिखाती है। मैं कहता हूँ कि आरएसएस और भाजपा उसी ज़हरीले साँप की तरह हैं; यदि आप आरएसएस और भाजपा जैसे ज़हरीले साँप को समाप्त नहीं करेंगे, तो आप जीवित नहीं रह पाएंगे।”

RSS ने इस प्रकार के वक्तव्य पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की टिप्पणियाँ चुनावी अभियान के दौरान धार्मिक भावनाओं का उपयोग करते हुए आरएसएस एवं भाजपा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के विरुद्ध शत्रुता, भय तथा हिंसा को उकसा सकती हैं।

शिकायतों में कहा गया है कि यह बयान जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 83 के अंतर्गत भ्रष्ट चुनावी आचरण की श्रेणी में आता है। इससे जनता को आपराधिक रूप से भयभीत करने और विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक समूहों के समर्थकों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया गया है। आरएसएस एवं भाजपा की विचारधारा को “ज़हरीला” बताना तथा उनके उन्मूलन की बात करना संगठन के सदस्यों एवं समर्थकों को शारीरिक क्षति पहुँचाने के लिए उकसाने के रूप में देखा जा सकता है।

यह बयान हिन्दू और मुस्लिम समुदायों के बीच साम्प्रदायिक विभाजन को बढ़ावा देने का प्रयास प्रतीत होता है, जिससे असम में सार्वजनिक शांति एवं सौहार्द प्रभावित हो सकता है तथा चुनावी वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। शिकायतों में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इस प्रकार के वक्तव्य साम्प्रदायिक तनाव या टकराव का कारण बन सकते हैं।

संघ ने बल देकर कहा है कि लोकतांत्रिक संवाद संवैधानिक एवं विधिक मर्यादाओं के भीतर रहना चाहिए तथा चुनावी राजनीति में ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए जो सामाजिक सद्भाव और सार्वजनिक शांति को खतरे में डाले।

शिकायतें निम्नलिखित पदाधिकारियों ने प्रस्तुत की —

1. खगेन सैकिया, प्रांत कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तर असम प्रांत, गुवाहाटी (दिसपुर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज)

2. ज्योत्स्नामय चक्रवर्ती, प्रांत संघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दक्षिण असम प्रांत, सिलचर (सिलचर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज)

समाज को गौभक्त बनाएं तो स्वतः रुक जाएगी गौ-हत्या: डा मोहन भागवत

आदर्श राष्ट्र के निर्माण के लिए समाज का अच्छा होना प्राथमिक शर्त – डॉ. मोहन भागवत जी

कानून से अधिक जनजागृति आवश्यक

वृन्दावन ,संत श्रीमद्जगद्गुरू द्वाराचार्य श्रीमलूकदास जी महाराज की 452वीं जयंती के अवसर पर आयोजित संत सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि एक सशक्त और आदर्श राष्ट्र के निर्माण के लिए समाज का अच्छा होना प्राथमिक शर्त है।

उन्होंने धर्म, प्रजातंत्र, गौ-रक्षा और भारत की वैश्विक भूमिका पर गहन विचार रखे। उपस्थित संत-महंतों, माताओं-बहनों और प्रबुद्ध नागरिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने संतों की महिमा का बखान किया

April 7, 2026

वृंदावन में सीएम योगी का बयान: “भारत के सनातन राजा राम हैं”

मथुरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चित्र भेंट करते हु ए संत
संत मलूकदास जयंती समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, ऐतिहासिक और धार्मिक मुद्दों पर दिया संबोधन
मथुरा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को वृंदावन में आयोजित संत मलूकदास की 452वीं जयंती समारोह में भाग लेते हुए कई ऐतिहासिक और धार्मिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि “भारत के सनातन राजा राम हैं, और कोई नहीं।”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में संभल स्थित हरिहर मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1526 में बाबर के अनुयायियों द्वारा मंदिर को तोड़ा गया था। उन्होंने बताया कि उस स्थल पर 67 तीर्थ और 19 कूप मौजूद थे। साथ ही उन्होंने 1976 और 1978 में हुए दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं में सैकड़ों हिंदुओं की जान गई थी और बाद में सपा सरकार में मुकदमे वापस करा दिए गए।
सीएम योगी ने कहा कि अब उस क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। वहां सड़क और धर्मशाला का निर्माण कराया जा रहा है तथा परिक्रमा भी शुरू कराई जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर उपस्थित संतों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत भी संत मलूकदास जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर शाम करीब 4:15 बजे वृंदावन स्थित पवनहंस हेलीपैड पर उतरा। उनके आगमन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर सक्रिय नजर आए।
कार्यक्रम से पहले मथुरा में तेज आंधी और बारिश के कारण आयोजन स्थल पर लगाए गए टेंट प्रभावित हो गए थे, जिन्हें बाद में प्रशासन द्वारा ठीक कराया गया, जिसके बाद कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ।

संघ प्रमुख मोहन भागवत का संबोधन, भारत को बताया विश्व की आत्मा

मथुरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि यहां का वातावरण देखकर उनकी बोलने की इच्छा कम हो रही है। उन्होंने कहा कि जिस माहौल का उन्होंने यहां अनुभव किया, उसमें मौन रहना ही अधिक उचित प्रतीत होता है।
अपने उद्बोधन में उन्होंने भारत की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि भारत ही दुनिया की आत्मा है और जब तक भारत रहेगा, तब तक विश्व का अस्तित्व भी बना रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि भारत पूर्ण वैभव के साथ आगे बढ़ेगा तो पूरी दुनिया समृद्ध होगी, लेकिन वर्तमान में विश्व अपनी आत्मा से भटक गया है, जिससे उसकी स्थिति अस्थिर होती जा रही है।
गौसंरक्षण के विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि समाज को गौभक्त बनाने की आवश्यकता है, तभी गौहत्या स्वतः रुक सकेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सत्ता में बैठे लोगों के मन में भी यह भावना है, लेकिन कई प्रकार की कठिनाइयों के कारण ठोस कदम उठाने में बाधाएं आती हैं। ऐसे में समाज का सहयोग बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि गौ-जागृति को मजबूत करना होगा और जब जनभावना तैयार हो जाएगी तो व्यवस्था को भी उसे स्वीकार करना पड़ेगा। इसी संदर्भ में उन्होंने राम मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि 2014 से 2019 तक मंदिर का निर्माण नहीं हो सका, लेकिन 2019 के बाद जनभावना मजबूत होने पर मार्ग प्रशस्त हुआ।
संघ प्रमुख ने कहा कि समाज जैसा बनेगा, देश भी वैसा ही बनेगा। हमारे पास संतों की समृद्ध परंपरा है, जिसका अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संत और संघ मिलकर कार्य करेंगे—संत अपने कार्य में लगे रहेंगे और संघ समाज की रक्षा के लिए तत्पर रहेगा।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि वह दिन दूर नहीं जब भारत विश्व गुरु बनकर पूरी दुनिया को एक नई दिशा और सुंदर अनुभव प्रदान करेगा।
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