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पीएमओ के नाम पर ठगी, दो पत्रकार गिरफ्तार

April 7, 2026

पीएमओ के नाम पर ठगी, दो पत्रकार गिरफ्तार

Breaking News UP Web News

Posted on 07.04.2026 Tuesday Time 09.22 PM, Mumbai

पीएम मोदी के ‘फर्जी’ हस्ताक्षर से 4 लाख की रंगदारी; प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नाम पर ठगी करने वाले दो ‘पत्रकार’ गिरफ्तार

मुंबई 07 अप्रैल 2026 । मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर वाले फर्जी पत्र का इस्तेमाल करके 4 लाख फिरौती मांगने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टारगेट मीडिया से जुड़े तौसीफ हुसैन इस्माइल पटेल (44) और सिद्धिनाथ दीनानाथ पांडे उर्फ ​​सुनील (43) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी शास्त्री नगर, गोरेगांव (पश्चिम) के निवासी हैं। शिकायत के अनुसार, पीड़िता “मेगा श्रेया” नामक एक गैर सरकारी संगठन चलाती हैं, जो 2020 से वंचित बच्चों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों के लिए सामाजिक कार्य कर रहा है।

शिकायतकर्ता की मुलाकात तौसीफ पटेल और उसके सहयोगी फरनाज वाडिया से 2022 में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हुई। दोनों ने खुद को पत्रकार बताया और व्हाट्सएप के जरिए शिकायतकर्ता के सामाजिक कार्यों के बारे में जानकारी साझा करते हुए संपर्क में रहे। 18 मार्च को पटेल ने कथित तौर पर व्हाट्सएप पर एक वॉयस नोट भेजा, जिसमें पैसे के बदले प्रधानमंत्री कार्यालय से जन्मदिन की बधाई का पत्र भेजने की पेशकश की गई थी। शिकायतकर्ता ने शुरू में इस दावे को फर्जी बताकर खारिज कर दिया। हालांकि, आरोपियों ने पत्र को असली बताते हुए 4 लाख रुपये जनसंपर्क शुल्क की मांग की। इसके बाद, 28 मार्च को फरनाज वाडिया ने प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर वाला एक पत्र की डिजिटल प्रति भेजी, जो शिकायतकर्ता को संबोधित था और उसके सामाजिक कार्यों की प्रशंसा करता था। शिकायतकर्ता ने शुरू में पत्र को सोशल मीडिया पर साझा किया, लेकिन सहकर्मियों द्वारा इसकी प्रामाणिकता पर संदेह जताए जाने के बाद इसे हटा दिया। आरोपी ने कथित तौर पर अपनी मांगों को तेज कर दिया और फर्जी संदेश को विश्वसनीयता प्रदान करने के लिए शिकायतकर्ता के नाम से एक फर्जी ईमेल आईडी बनाई। शिकायतकर्ता ने आरोपियों को वर्ली के एक कैफे में बुलाया.

यहां आरोपियों ने दावा किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में उनके संपर्क हैं और उन्होंने एक “असली” पत्र के बदले में 4 लाख रुपये की मांग दोहराई। लगातार दबाव और धमकियों के बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ ने वर्ली सी फेस स्थित एक होटल में जाल बिछाया, जहां आरोपियों को शिकायकर्ता से पैसे लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से प्रधानमंत्री द्वारा कथित तौर पर हस्ताक्षरित एक फर्जी जन्मदिन का बधाई पत्र, खिलौने वाले नोटों के बंडल, दो असली 500 रुपये के नोट और अपराध में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए।

इसके बाद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी अधिनियम की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में एफआईआर वर्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी और बाद में जांच के लिए जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ को स्थानांतरित कर दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच की और वर्ली इलाके में जाल बिछाया, जहां आरोपियों को रंगे हाथों जबरन वसूली की रकम लेते हुए पकड़ा गया। पुलिस को अन्य आरोपियों की संलिप्तता का संदेह है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के जाली हस्ताक्षर और लेटरहेड के स्रोत, फर्जी दस्तावेज बनाने में इस्तेमाल किए गए डिजिटल उपकरण सहित पहले भी इस तरह की धोखाधड़ी समेत अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है।

डकैती के दो अलग-अलग मामलों में दोषी को साढ़े नौ-नौ साल की सजा

ठाकुरद्वारा में बदमाश ने कुछ दिन में दो घरों में घुसकर नकदी, जेवर समेत लाखों का सामान की लूट
दोषी पाया बदमाश अमरोहा के बछरायूं का निवासी

Post on 7.4.26
Tuesday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
ठाकुरद्वारा में डकैती के दो अलग-अलग मामलों में अमरोहा के दोषी करार देते हुए साढ़े 9-9 साल की सजा सुनाई गई। एडीजे कोर्ट निरंजन कुमार की अदालत में साक्ष्य के आधार पर दोषी पर बीस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
घरों में घुसकर लूटपाट करने की घटना दस साल पुरानी है।पहली घटना 18 मई,2016 को गांव गड़िया खेड़ा में ओमकार सिंह के घर पड़ी। दीवार फांदकर घर में घुसे बदमाशों ने शस्त्रों की नोंक पर चालीस हजार और जेवरात लूट लिए। दूसरी घटना इसी थाना क्षेत्र में गांव करना वाला में अखलेश कुमार के घर हुईं। 28 मई की रात बदमाश वादी के घर में घुसकर हजारों की नकदी और सोने चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। पुलिस ने डकैती व माल बरामद कर बदमाश सतवीर सिंह को गिरफ्तार किया। विवेचना के बाद अदालत में आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
केस की सुनवाई एडीजे कोर्ट -14 निरंजन कुमार की अदालत में हुईं। एडीजीसी राजीव कौशिक ने बताया कि अदालत में दोनों अलग-अलग मामलों की सुनवाई हुई। जिसमें रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सतवीर सिंह को दोषी ठहराया। घरों में लूटपाट और माल बरामदगी में दोषी को अलग अलग साढ़े नौ नौ साल की सजा सुनाई। दोनों मामलों में 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है।

गोरखपुर में वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय को कैबिनेट की मंजूरी

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
07/04/2026

कैम्पियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा विश्वविद्यालय, 491 करोड़ रुपये से अधिक आएगी लागत

वानिकी एवं औद्यानिकी में संचालित किए जाएंगे बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम

गोरखपुर, 7 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में गोरखपुर में बनने वाले ‘उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय’ को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने इसके लिए “उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश-2026” के प्रख्यापन को स्वीकृति प्रदान की है। 491 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यह विश्वविद्यालय कैम्पियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित किया जाएगा। योगी सरकार वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय के लिए इस वर्ष प्रस्तुत प्रदेश के बजट में भी 50 करोड़ रुपये पास कर चुकी है।

गोरखपुर के इस पांचवें विश्वविद्यालय में वानिकी, औद्यानिकी, वन्य जीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, एग्रोफॉरेस्ट्री, फल एवं बागवानी सहित कई आधुनिक विषयों में बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य वनावरण बढ़ाना, जैव विविधता संरक्षण को मजबूत करना, किसानों और छात्रों को आधुनिक प्रशिक्षण देना तथा कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देना है। इस फैसले से प्रदेश में हरित विकास, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए योगी सरकार और गोरखपुर के नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हो जाएगी। इसके पहले सरकार ने दुनिया के पहले राजगिद्ध (जटायु) संरक्षण केंद्र की स्थापना गोरखपुर में ही की है। 6 सितंबर 2024 को कैम्पियरगंज में दुनिया के पहले राजगिद्ध जटायु (रेड हेडेड वल्चर) संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन अवसर पर सीएम योगी ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही वानिकी विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। अब इसे कैबिनेट की भी मंजूरी मिल गई है। यह उत्तर भारत का पहला वानिकी विश्वविद्यालय होगा। इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए गोरखपुर वन प्रभाग ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही 50 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर प्रक्रियात्मक तैयारी तेज कर दी है।

गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) विकास यादव का कहना है कि वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय में वानिकी के अलावा कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और औद्यानिक के भी डिग्री और डिप्लोमा कोर्स संचालित कराने की योजना है ताकि बड़ी संख्या में युवाओं के सामने नौकरी और रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब शिलान्यास की तैयारी और तेज की जाएगी।

फिक्की फ्लो लखनऊ ने 2026–27 के लिए ‘चेंज ऑफ़ गार्ड’ समारोह मनाया

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
उत्तरप्रदेश समाचार सेवा
लखनऊ, 6 अप्रैल।

फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर ने अपना ‘चेंज ऑफ़ गार्ड’ समारोह मनाया, जिसमें सिमरन साहनी को 2026–27 के लिए 12वीं चेयरपर्सन के रूप में शामिल किया गया।

इस शाम का मुख्य आकर्षण डॉ. किरण बेदी के साथ एक प्रेरणादायक सत्र था। अपनी प्रभावशाली उपस्थिति और ज़ोरदार कहानी कहने के अंदाज़ से, उन्होंने अनुशासन, नेतृत्व और दृढ़ता से भरी अपनी यात्रा से मिली गहरी सीख साझा की।

फिक्की फ्लो की 43वीं राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूजा गर्ग ने ‘गेस्ट ऑफ़ ऑनर’ (मुख्य अतिथि) के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई।

तत्कालीन चेयरपर्सन वंदिता अग्रवाल ने नई नेतृत्व टीम के सदस्यों से परिचय कराते हुए अपनी ज़िम्मेदारी (बैटन) उन्हें सौंपी।
महिलाएं घर, दफ्तर या किसी भी अन्य क्षेत्र में जन्मजात प्रबंधक होती हैं और शासन-प्रशासन के लिए पूरी तरह उपयुक्त होती हैं।

उन्होंने कहा कि “महिलाओं को सुलभ और दृश्यमान होना चाहिए, उन्हें दबाव में नहीं आना चाहिए, बल्कि समाधान खोजने चाहिए और आगे बढ़ने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। नारीवाद का उद्देश्य महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाना नहीं है, क्योंकि वे पहले से ही सशक्त हैं। इसका उद्देश्य तो दुनिया के उस नज़रिए को बदलना है, जिससे वह महिलाओं की इस शक्ति को देखती है,”

पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल और ‘सुपर कॉप’ डॉ. किरण बेदी ने फिक्की लेडीज़ ऑर्गनाइज़ेशन (FLO) द्वारा लखनऊ के होटल ताज में आयोजित सिमरन साहनी और देवांशी सेठ के साथ एक संवादात्मक सत्र में ये बातें कहीं। फिक्की फ्लो देश की महिला उद्यमियों का शीर्ष संगठन है।

उन्होंने कहा कि “मैं लोगों से जुड़ना चाहती थी, और इसी चाहत ने मुझे पुलिस सेवा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

पुडुचेरी की उपराज्यपाल के तौर पर अपने पाँच साल के कार्यकाल के दौरान, मैंने अपनी कई आदतों में बदलाव किया और कई नए विचार लागू किए, जिनकी बदौलत मैं इस सार्वजनिक पद पर रहते हुए असाधारण नेतृत्व प्रदान कर सकी,”।

पुडुचेरी की उपराज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान लोगों द्वारा उन्हें ‘माँ’ या ‘बहन’ कहकर संबोधित किए जाने की बात याद करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों के साथ एक मानवीय जुड़ाव स्थापित करना ही किसी महिला को विशेष बनाता है।

उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने नेतृत्व में इस मानवीय जुड़ाव को एक सकारात्मक बदलाव के माध्यम (transformation tool) के रूप में इस्तेमाल करें।

डॉ किरन बेदी ने कहा कि आत्मविश्वास समय के साथ बढ़ता है,अन्याय बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। माता-पिता के तौर पर, आपका बच्चा जो कुछ भी देखता है, उसका उस पर गहरा असर पड़ता है। साहस का मतलब है कि आप अपने आस-पास की चीज़ों के प्रति कितने संवेदनशील हैं—क्या वे आपको स्वीकार्य हैं? अगर हाँ या नहीं, तो क्यों?

उन्होंने कहा कि विकास का मतलब है उन स्थितियों पर प्रतिक्रिया देना जो मुझे स्वीकार्य नहीं हैं। सबके साथ समान व्यवहार करें और अपने फ़ैसलों पर अडिग रहें। हम सभी में असीमित क्षमता है,हमारे लिए आसमान ही सीमा है।

फिक्की फ्लो की उधमी महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को मैन्युफ़ैक्चरिंग में नए आइडियाज़ (innovation) की ज़रूरत है, जिससे विदेशी मुद्रा आएगी और रुपए की कीमत गिरने से बचेगी।

उन्होंने कहा कि आयात का कोई विकल्प (import substitute) ढूँढ़ें और सोचें कि आप उसे कैसे बढ़ावा दे सकते हैं। अपनी SWOT Analysis (ताकत, कमज़ोरी, अवसर और चुनौतियाँ) को विस्तार से लिखें। अपनी कमज़ोरियों का विश्लेषण करें। खुद को थोड़ा समय दें।

उन्होंने सुझाव दिया कि खुद का ध्यान रखना (Self-care) और खुद को समझना (Self-awareness) यानी लगातार अपना विश्लेषण करते रहें। एक डायरी या जर्नल में अपने विचार लिखें।
स्पष्टता ही सफलता की कुंजी है, हम सभी को किसी न किसी रूप में मदद की ज़रूरत होती है।

कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण लखनऊ जेल में ‘रेडियो परवाज़’ की शुरुआत थी,यह ‘इंडिया विज़न फाउंडेशन’ की एक पहल है, जो अब लगभग 3,100 कैदियों तक पहुँच रही है। फ्लो ने 10 कैदियों के बच्चों की शिक्षा के लिए भी अपने समर्थन की घोषणा की, जिससे सामाजिक प्रभाव के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और मज़बूत हुई।

इस शाम ‘अपोलो प्रिविलेज कार्ड’ का भी अनावरण किया गया। यह फ्लो लखनऊ के ‘हेल्थ वर्टिकल’ द्वारा ‘अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल्स’ के सहयोग से शुरू की गई एक विचारशील पहल है, जिसका उद्देश्य सदस्यों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को अधिक सुलभ और सशक्त बनाना है।

एक नए दृष्टिकोण के साथ फ्लो लखनऊ अपने 12वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और नेतृत्व, सशक्तिकरण तथा सामुदायिक प्रभाव पर अपना ध्यान केंद्रित रखना जारी रखेगा। यह कार्यक्रम एक पर्यावरण-अनुकूल पहल के रूप में आयोजित किया गया था, जिसमें प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के प्रयास किए गए।

उपज का प्रांतीय अधिवेशन 11 को मुरादाबाद में, महामहिम करेंगे उद्घाटन

Posted on 07.04.2026 Tuesday, Lucknow, Time 10.53 AM
Uttar Pradesh Association of Journalists (UPAJ)

लखनऊ , 07 अप्रैल 2026, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इण्डिया) एनयूजे की राज्य शाखा उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) का एक दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन 11 अप्रैल को मुरादाबाद में होगा। उद्घाटन झारखंड के महामहिम राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार करेंगे।
उपज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि मुरादाबाद में दिल्ली मार्ग स्थित उप्र पर्यटन निगम के होटल राही में आयोजित अधिवेशन के उद्घाटन समारोह में पूर्व मंत्री और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व कुलपति बल्देव भाई शर्मा, विधान परिषद सदस्य डॉ जय पाल सिंह व्यस्त, एनयूजे के राष्ट्रीय महासचिव त्रियुग नारायण तिवारी विशिष्ट अतिथि होंगे। अधिवेशन में प्रदेश के सभी जनपदों से डेलीगेट भाग लेने पहुंचेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस अवसर पर आम सभा की बैठक और प्रदेश कार्यकारिणी की बैठके दो अलग अलग सत्रों में आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा होगी। इसमें प्रमुख रूप से पत्रकार पेंशन, आयुष्मान चिकित्सा कार्ड की विसंगतियों, रेल यात्रा रियायत शुरू कराने, आवासीय कॉलोनी, प्रेस मान्यता समिति आदि विषयों पर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
श्री सिंह ने बताया कि उपज के संगठन विस्तार और राज्य में एनयूजे की राष्ट्रीय बैठक आयोजित कराने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिवेशन के तीनों सत्रों में पारित प्रस्तावों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को भेजा जाएगा।

Prantiya Adhivetion Uttar Pradesh Association of Journalists UPAJ

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