भोगीपुरवा में हुआ मासिक सत्संग, जिले की सभी तहसीलों से पहुंचे अनुयायी, कई लोगों ने ली नामदीक्षा
उ प्र समाचार सेा
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी के भोगीपुरवा में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का विशाल मासिक सत्संग हुआ। इसमें जनपद की सभी तहसीलों से अनुयायियों ने भाग लिया। सत्संग में गीता, वेद, कुरान, बाइबल, पुराण और रामचरितमानस सहित विभिन्न धार्मिक ग्रंथों के प्रमाणों के आधार पर भक्ति का महत्व बताया गया।
सत्संग में वक्ताओं ने अथर्ववेद के कांड 4, अनुवाक 1, मंत्र 6 और ऋग्वेद के मंडल 10, सूक्त 90, मंत्र 16 का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्ण परमेश्वर की सत्य साधना करने वाला साधक सतलोक प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कबीर साहेब को अविनाशी परमेश्वर बताते हुए उनकी भक्ति को मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताया। वक्ताओं के अनुसार, सतलोक वह स्थान है, जहां से जीवात्मा के बिछुड़ने की मान्यता बताई जाती है।
सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने का संदेश दिया
जिला कोऑर्डिनेटर रवि कुमार ने बताया कि जनपद लखीमपुर खीरी की सभी तहसीलों के गांवों में संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी हैं। उनके अनुसार, अनुयायी संत जी द्वारा बताई गई भक्ति पद्धति अपनाने के साथ दहेज लेन-देन, नशा, घूसखोरी और जातिगत भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन बुराइयों से दूर रहकर समाज में बेहतर वातावरण बनाया जा सकता है।
कई लोगों ने ग्रहण की नामदीक्षा
सत्संग के दौरान कई लोगों ने संत रामपाल जी महाराज के नियमों का पालन करने का संकल्प लेते हुए नामदीक्षा ग्रहण की। आयोजकों ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और लोगों को आध्यात्मिक मार्ग से जोड़ने पर जोर दिया। इस दौरान संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक ‘जीने की राह’ का भी उल्लेख किया गया। आयोजकों ने इच्छुक लोगों से पुस्तक प्राप्त कर उसके विचारों को जानने की अपील की।
