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सीएम योगी के निर्देश: पर्व और परीक्षाओं में कानून व्यवस्था बनी रहे

March 10, 2026

सीएम योगी के निर्देश: पर्व और परीक्षाओं में कानून व्यवस्था बनी रहे

लखनऊ : 10 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों के दृष्टिगत कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में सभी मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेन्ज), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आगामी 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14-15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि का शुभारम्भ तथा 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की सम्भावना है। ऐसे में यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अत्यन्त संवेदनशील है। सभी अधिकारी पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और यह सुनिश्चित करें कि यह सभी कार्यक्रम शान्ति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हों।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परम्परा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी धार्मिक कार्यक्रम के कारण आमजन को असुविधा न हो। समाज-विरोधी अथवा राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ज़ीरो टॉलरेन्स की नीति अपनाई जाए।
मुख्यमंत्री जी ने एस0आई0 भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1,090 परीक्षा केन्द्रों पर चार पालियों में यह परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के अन्य जनपदों से आने की सम्भावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबन्धन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें तथा इण्टेलिजेन्स तंत्र पूरी तरह सक्रिय और सतर्क रहे। परीक्षा से पूर्व सभी जनपदों में व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास कराया जाए। सोशल मीडिया पर सतत् निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खण्डन किया जा सके।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा केन्द्र के बाहर पी0आर0वी0-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात रहे और जिला प्रशासन, भर्ती बोर्ड के साथ समन्वय बनाकर परीक्षा को निष्पक्ष और शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराएं।
मुख्यमंत्री जी ने चैत्र नवरात्रि की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि देवीपाटन मन्दिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी मन्दिर (सहारनपुर), माँ विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर), ललिता देवी (सीतापुर) सहित प्रमुख शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की सम्भावना है। अयोध्या में आगामी 27 मार्च को श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की सम्भावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबन्धन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि नवरात्रि के अवसर पर नगरों और गांवों में मन्दिरों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबन्धन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करे।
मुख्यमंत्री जी ने मीरजापुर, बलरामपुर, सीतापुर, अयोध्या, मथुरा और सहारनपुर जनपदों के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान से तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने यह भी कहा कि 19 मार्च को ही माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का अयोध्या और मथुरा आगमन प्रस्तावित है। इसके दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कर ली जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि वर्तमान में प्रदेश में कहीं भी पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति और वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री जी ने खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कहीं भी किसी प्रकार की घबराहट या कृत्रिम संकट की स्थिति न बनने पाए। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी फील्ड में उतर कर निरीक्षण करते रहें। मुख्यमंत्री जी ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

वृंदावन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजकीय बाल गृह (बालिका) का किया निरीक्षण

बालिकाओं से की बातचीत
अन्नप्राशन संस्कार कराया, योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए, परिसर में किया वृक्षारोपण
मथुरा।
महामहिम राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने सोमवार को वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित राजकीय बाल गृह (बालिका) का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रवेश द्वार पर बाल गृह की सात बालिकाओं ने पुष्प भेंट कर राज्यपाल का स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी पूजा गुप्ता ने राजकीय बाल गृह की संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया कि महिला आश्रय सदन का भवन वित्तीय वर्ष 2008-09 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कार्यदायी संस्था वृंदावन डेवलपमेंट अथॉरिटी के माध्यम से बनवाया गया था। पहले इस भवन में वृद्ध एवं विधवा माताओं के लिए पांच आश्रय सदन संचालित होते थे, जिन्हें वर्ष 2024-25 में शासन द्वारा बंद कर माताओं को कृष्ण कुटीर वूमेन सेल्टर होम में स्थानांतरित कर दिया गया।
भवन के जीर्ण-शीर्ण होने के कारण महिला कल्याण विभाग द्वारा लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से इसका पुनरुद्धार कराया गया। वर्तमान में अक्टूबर 2025 से यहां 200 बालिकाओं की क्षमता वाला राजकीय बाल गृह संचालित है। परिसर में आगे चलकर सखी निवास (वर्किंग वूमेन हॉस्टल) और शक्ति सदन (18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए) संचालित करने का भी प्रस्ताव है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र ने बताया कि बाल गृह में इस समय 10 से 18 वर्ष आयु वर्ग की 98 बालिकाएं तथा संवासिनियों के सात बच्चे रह रहे हैं। निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं के कमरे, प्रशिक्षण केंद्र, किचन, सभागार, स्टाफ कक्ष, कार्यालय, मेस, क्रेच और शौचालय आदि का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने बालिकाओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी ली।
निरीक्षण के बाद राज्यपाल ने शिक्षकों, स्टाफ, प्रशिक्षकों और संचालकों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने दो बच्चों—फैजान और हर्षिता—का अन्नप्राशन संस्कार कराया तथा संवासिनियों के बच्चों को बेबी किट और कपड़े वितरित किए। साथ ही संवासिनियों को गिफ्ट हैम्पर और टी-शर्ट भी प्रदान की गईं।
राज्यपाल ने कौशल विकास के अंतर्गत दो महिला उद्यमियों अनीता सारस्वत और सीमा छापरिया को सम्मानित किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री सुमंगला योजना की तीन लाभार्थियों—सिमरन, मीनाक्षी और तनवी—तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की तीन लाभार्थियों—चेतना, कृष्णा और प्रियंका गोस्वामी—को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने परिसर में बरगद का पौधा लगाकर वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने उन्हें भगवान बांके बिहारी की आकर्षक स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

मथुरा: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया सम्मानित

अतुल कुमार जिंदल
  • दुवासु के 15वें दीक्षांत समारोह में 177 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
  • 14 छात्रों को स्वर्ण पदक, मंत्री धर्मपाल सिंह व पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीन महेश्वरप्या रहे उपस्थित
मथुरा।, 10 मार्च 26,राज्यपाल आनंदी बेन पटेल दो दिवसीय दौरे पर मथुरा पहुंचीं और अपने दौरे के दूसरे दिन उन्होंने पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान  (दुवासु) के 15वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के 177 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की।
मंगलवार को आयोजित इस समारोह का संचालन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अभिजित मित्र के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीन बी. महेश्वरप्या मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
14 विद्यार्थियों को मिले गोल्ड मेडल
दीक्षांत समारोह में कुल 177 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 69 बीवीएससी एवं एएच, 74 स्नातकोत्तर, 5 पीएचडी तथा 29 बायोटेक्नोलॉजी की डिग्रियां शामिल हैं। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 20 पदक भी प्रदान किए गए, जिनमें 14 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल रहे।
इसके अलावा 4 सर्वश्रेष्ठ शोधप्रबंध (स्नातकोत्तर), 1 सर्वश्रेष्ठ शोधप्रबंध (पीएचडी) और 1 सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार भी प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय ने इस वर्ष विभिन्न संस्थानों के साथ 7 नए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिससे सक्रिय एमओयू की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।
दो पुस्तकों का हुआ विमोचन
कार्यक्रम के दौरान दो पुस्तकों, विश्वविद्यालय समाचार पत्र तथा ‘पशुधन पत्रिका’ का भी लोकार्पण किया गया। विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी के तहत 25 आंगनवाड़ी केंद्रों को अवसंरचना सुदृढ़ीकरण के लिए किट वितरित की गईं।
इसके साथ ही महिला अध्ययन केंद्र द्वारा गोद लिए गए पांच गांवों के विद्यालयी बच्चों के बीच आयोजित चित्रकला, देशभक्ति गीत और भाषण प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया।
ब्रज की पावन भूमि का किया उल्लेख
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ब्रज की यह पावन भूमि वह स्थान है जहां बाल कृष्ण की मुरली की तान गूंजी और गोपाल के रूप में गौ सेवा की परंपरा स्थापित हुई। उन्होंने कहा कि ब्रज का कण-कण करुणा, संरक्षण और सेवा का संदेश देता है।
राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों, परिवार और समाज का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने किया कार्यालय का औचक निरीक्षण

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
10/03/2026

*रिकॉर्ड रूम, अपर आयुक्त न्यायालय व विभिन्न शाखाओं में फाइलों के रखरखाव और सफाई व्यवस्था पर दिया विशेष जोर*

गोरखपुर। गोरखपुर के मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने मंगलवार को मंडलायुक्त कार्यालय के विभिन्न संभागों, केंद्रीय रिकॉर्ड रूम, अपर आयुक्त न्यायालय तथा संयुक्त कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, फाइलों के रखरखाव तथा साफ-सफाई की व्यवस्था का गहन जायजा लिया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने निरीक्षण के दौरान विभिन्न शाखाओं में रखी फाइलों के संधारण और रिकॉर्ड के रखरखाव की स्थिति को देखा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखा जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित फाइलें आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में रिकॉर्ड प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था प्रशासनिक कार्यों की गति को तेज और पारदर्शी बनाती है।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने केंद्रीय रिकॉर्ड रूम का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुराने अभिलेखों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से रखा जाए तथा रिकॉर्ड रूम में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी अभिलेख महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं, इसलिए इनके संरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त न्यायालय और संयुक्त कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लंबित मामलों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यायालय से जुड़े मामलों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि न्यायिक मामलों में अनावश्यक विलंब से आम जनता को परेशानी होती है, इसलिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
उन्होंने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था को भी देखा और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यस्थल से कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ती है और आम जनता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया कि कार्यालयों में अनुशासन और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। सभी कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ करें ताकि प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त प्रशासन जय प्रकाश, अपर आयुक्त न्यायिक अजय राय तथा अपर आयुक्त न्यायिक राजेश श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने मंडलायुक्त को संबंधित शाखाओं की कार्यप्रणाली और अभिलेखों के रखरखाव के बारे में जानकारी दी।
मंडलायुक्त ने अंत में अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर आंतरिक समीक्षा भी की जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बनी रहे तथा आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

March 9, 2026

बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट न्यायमूर्ति का किया स्वागत

न्यायमूर्ति को प्रतीक चिन्ह भेंट किया

Post on 9.3.26
Monday, 9.30 pm
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद। उप्र समाचार सेवा।
सोमवार को इलाहाबाद में
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल मुरादाबाद पहुंचे। उनके आगमन की खबर पाकर बार एसोसिएशन ने भेंट की।
दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी ने हाईकोर्ट न्यायमूर्ति का स्वागत किया। इस मौके पर
माननीय न्यायमूर्ति को पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।‌ स्वागत के दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता, महासचिव कपिल गुप्ता के अलावा पूर्व अध्यक्ष प्रभात गोयल, आदेश श्रीवास्तव, सुरबेन्द्र पाल सिंह, विनय खन्ना, अकरम, शादाब,अमरदीप सिंह, शुभम, पुष्प कुमार यादव, रफीक़ अहमद, मुसतर समेत अन्य अधिवक्ता रहे।

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