Web News

www.upwebnews.com

मुख्यमंत्री ने निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की

March 21, 2026

मुख्यमंत्री ने निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की

उ0प्र0 गो-सेवा आयोग की बैठक सम्पन्न
 
प्रत्येक गोशाला में ’भूसा बैंक’ की स्थापना तथा गोवंश
की दैनिक संख्या का अनिवार्य रजिस्टर मेनटेन करने के निर्देश
 
सी0एस0आर0 फण्ड का प्रभावी उपयोग करते हुए सभी गो-आश्रय स्थलों में सी0सी0टी0वी0 कैमरों की स्थापना की जाए
प्रदेश में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित
लखनऊ : 21 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग की बैठक में निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रत्येक गोशाला में ’भूसा बैंक’ की स्थापना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्थानीय किसानों के साथ समन्वय स्थापित कर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को गो-आश्रय स्थलों से जोड़ने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के पदाधिकारियों एवं पशुधन विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से गो-आश्रय स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। आयोग के पदाधिकारियों को 2-2 के समूह में मण्डलवार भ्रमण कर ’भूसा बैंक’ की स्थापना और गोचर भूमि के विस्तार कार्य को गति देने को कहा गया है। प्रत्येक भ्रमण की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। आयोग के भ्रमण में वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी होंगे। साथ ही, विभागीय मंत्री के नेतृत्व में राज्यव्यापी निरीक्षण और मुख्यालय स्तर से निदेशक द्वारा मासिक औचक निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इनमें 6,433 अस्थायी स्थलों में 9.89 लाख, 518 वृहद गो-संरक्षण केन्द्रों में 1.58 लाख, 323 कान्हा गो-आश्रयों में 77,925 तथा 253 कांजी हाउस में 13,576 गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1.14 लाख लाभार्थियों को 1.83 लाख गोवंश सुपुर्द किए गए हैं, जिनके सत्यापन एवं समुचित भरण-पोषण के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गो-संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और सतत् विकास का मजबूत आधार है। इस दृष्टि से गो-आश्रय स्थलों के संचालन में पारदर्शिता, तकनीक और जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने डी0बी0टी0 प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने और प्रत्येक गो-आश्रय स्थल पर गोवंश की दैनिक संख्या का अनिवार्य रजिस्टर संचालित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री जी ने सभी गो-आश्रय स्थलों में सी0सी0टी0वी0 कैमरों की स्थापना एवं सतत् मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और इसके लिए सी0एस0आर0 फण्ड के प्रभावी उपयोग की सम्भावनाओं पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और तकनीक आधारित निगरानी से व्यवस्थाएं और सुदृढ़ होंगी।
मुख्यमंत्री जी ने गो-रक्षा एवं गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि गोसेवा भारतीय सांस्कृतिक परम्परा का अभिन्न अंग है और इस क्षेत्र में समर्पित लोगों का सार्वजनिक सम्मान किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी को भूसा एवं साइलेज की उपलब्धता के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टेण्डर प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जा रही है। निगरानी व्यवस्था के तहत 74 जनपदों में 5,446 गो-आश्रय स्थलों पर 7,592 सी0सी0टी0वी0 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। 52 जनपदों में कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल रूम स्थापित हैं, जबकि शेष में प्रक्रिया प्रगति पर है।
गोचर भूमि के प्रभावी उपयोग के लिए 61,118 हेक्टेयर से अधिक भूमि उपलब्ध है, जिसमें से 10,641.99 हेक्टेयर को गो-आश्रय स्थलों से जोड़ा गया है तथा 7,364.03 हेक्टेयर में हरे चारे का विकास किया जा चुका है।
प्रदेश में 97 गोबर गैस संयंत्र संचालित हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा एवं आय सृजन का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने इनके विस्तार पर जोर दिया। साथ ही, विभिन्न जनपदों में स्वयं सहायता समूहों एवं एन0जी0ओ0 द्वारा गो-पेण्ट, वर्मी कम्पोस्ट, गो-दीप सहित अन्य उत्पादों के निर्माण को आत्मनिर्भरता का सफल मॉडल बताया। मुजफ्फरनगर का गो-अभयारण्य इस दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में उभर रहा है।
वृहद गो-संरक्षण केन्द्रों की प्रगति की समीक्षा में अवगत कराया गया कि 630 स्वीकृत केन्द्रों में से 518 पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष निर्माणाधीन हैं। पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में खुरपका-मुंहपका, गलाघोटू एवं लम्पी स्किन डिजीज के विरुद्ध व्यापक टीकाकरण अभियान संचालित किए जा रहे हैं और पशुपालकों को निरन्तर प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इस अवसर पर पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री धर्मपाल सिंह, उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता व पदाधिकारीगण तथा अपर मुख्य सचिव पशुधन विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

March 20, 2026

भाजपा शीर्ष नेतृत्व के आशीर्वाद से नामित सभासदों का भव्य स्वागत,

गौरव आर्य के आवास पर हुआ सम्मान समारोह
हाथरस में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष गौरव आर्य के वसुंधरा एंक्लेव स्थित आवास पर एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नामित हाथरस नगर पालिका के सभासद—आर.सी. गोला, मूलचंद वार्ष्णेय, संजय सक्सेना, सुनीता वर्मा—तथा नगर मंडल के जिला प्रतिनिधि विनीत शर्मा (वंशी पंडित) का फूल-मालाओं, दुपट्टा एवं पगड़ी पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया।
इस अवसर पर सभी नव-नामित सभासदों ने भाजपा शीर्ष नेतृत्व, जिला संगठन एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
सभासदों ने कहा कि वे सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के सिद्धांत को आगे बढ़ाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री द्वारा संचालित नगर पालिका से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि सभी सभासदों के द्वार जनता के लिए 24 घंटे खुले रहेंगे और कोई भी नागरिक अपनी समस्या लेकर कभी भी उनसे संपर्क कर सकता है, जिसका समाधान प्राथमिकता के साथ कराने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ईद के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं

लखनऊ : 20 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने ईद-उल-फ़ितर के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ईद-उल-फ़ित्र का त्यौहार खुशी और मेल-मिलाप का सन्देश लेकर आता है। खुशियों का यह त्यौहार सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ ही, आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ाता है। यह पर्व अमन-चैन और सौहार्द का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ईद के पर्व पर सभी को सद्भाव तथा सामाजिक सौहार्द को और सुदृढ़ करने का संकल्प लेना चाहिए।

चेटीचंड पर सिंधी समाज की भव्य शोभायात्रा, जयकारों से गूंजा शहर

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
20/03/2026

• झूलेलाल भगवान की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह

• सिंधी नववर्ष के रूप में मनाए जाने वाले चेटीचंड पर उमड़ी आस्था, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय

गोरखपुर।
चेटीचंड के अवसर पर सिंधी समाज गोरखपुर द्वारा विकास नगर स्थित श्री झूलेलाल मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के दौरान पूरे शहर में श्रद्धा और उल्लास का माहौल देखने को मिला, वहीं “झूलेलाल भगवान की जय” के जयकारों से वातावरण लगातार गुंजायमान रहा।
गौरतलब है कि चेटीचंड सिंधी समाज का प्रमुख पर्व एवं नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन भगवान झूलेलाल के अवतरण का उत्सव मनाया जाता है, जिन्हें सिंधी समाज जल के देवता और अपने आराध्य के रूप में पूजता है। मान्यता है कि उन्होंने समाज की रक्षा करते हुए धर्म और सद्भाव का संदेश दिया।
शोभायात्रा को समाज के 17 मुखीसाहेबान एवं उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी के सदस्य नरेश बजाज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शुरुआत से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था।
यात्रा के अग्रभाग में सजे रथ पर भगवान श्री झूलेलाल की आकर्षक झांकी सजाई गई थी, जो की साईं रवि दास की अगुवाई में चल रही थी जिसने लोगों का ध्यान खींचा। इसके पीछे श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य करते हुए और भक्ति गीतों के साथ आगे बढ़ते रहे। मार्ग के कई स्थानों पर लोगों ने रुककर शोभायात्रा का स्वागत भी किया।
इस वर्ष शोभायात्रा में सिंधी समाज की महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। पारंपरिक परिधानों में शामिल लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया।
शोभायात्रा विकास नगर से शुरू होकर गोरखनाथ स्थित श्री झूलेलाल मंदिर पहुंची, जहां पटेल ऐलानी चौथराम ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इसके बाद यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए लक्ष्मी सत्संग भवन पहुंची, जहां आरती-पूजन के उपरांत लंगर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शरद लखमानी, प्रकाश केशवानी और दीपक लखमानी की अहम भूमिका रही। वहीं महामंत्री देवा केशवानी के नेतृत्व में युवा सिंधी समाज के कमल मंझानी, नरेश कर्मचंदानी, मनोज सचदेवा, विक्की कुकरेजा और वशु पहुजा सहित कई लोग सक्रिय रूप से जुड़े रहे।

टीएमयू फिजियोथेरेपी के स्टुडेंट्स ने की साई की एजुकेशनल विजिट

मुरादाबाद, तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी- एमपीटी के 22 स्टुडेंट्स ने नई दिल्ली स्थित स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया- साई के इंदिरा गांधी इंडोर स्डेडियम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का शैक्षिक भ्रमण किया। इस एजुकेशनल विजिट का मुख्य उद्देश्य स्टुडेंट्स को राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रशिक्षण एवम् पुनर्वास व्यवस्था का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना, खेल विज्ञान के फिजियोथेरेपी और एथलीट मैनेजमेंट में अनुप्रयोग की समझ को विकसित करना रहा। विजिट के दौरान हाई परफॉर्मेंस एनालिस्ट डॉ. प्रहलाद प्रियदर्शनी और फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. ज्ञान ने खेल मूल्यांकन, पुनर्वास एवम् प्रदर्शन वृद्धि के क्षेत्र में अपने व्यावसायिक अनुभव साझा किए। इस दौरान चोटों की रोकथाम, वैज्ञानिक प्रशिक्षण सिद्धांत, रिकवरी प्रोटोकॉल और एलीट स्पोर्ट्स में बहु-विषयक टीम के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। साथ ही साइकिलिंग, कुश्ती, जिम्नास्टिक और अन्य इंडोर खेलों से जुड़े खिलाड़ियों के साथ व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया, जिससे स्टुडेंट्स को सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर मिला।

नेशनल सेंटर फॉर स्पोर्ट्स साइंसेज एंड रिसर्च- एनसीएसएसआर के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. बिभु कल्याण नायक, मेडिकल ऑफिसर डॉ. शुभ्रा चटर्जी, एक्सरसाइज फिजियोलॉजिस्ट डॉ. शुभोजीत चटर्जी और स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. शत्रुपा चक्रवर्ती ने स्टुडेंट्स को खेल विज्ञान में अंतर-विषयक सहयोग के महत्व से अवगत कराया।बायो मैकेनिकल एनालिस्ट डॉ. अजय पंडित ने बायोमैकेनिक्स विभाग का अवलोकन कराया, जहां उन्नत मोशन एनालिसिस सिस्टम, फोर्स प्लेट्स एवम् गेट एनालिसिस तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिनका उपयोग मूवमेंट पैटर्न के अध्ययन एवम् चोटों की रोकथाम में किया जाता है। एंथ्रोपोमेट्री विभाग में बॉडी कंपोजीशन एनालिसिस, सोमैटोटाइपिंग एवं प्रतिभा पहचान तथा प्रदर्शन मॉनिटरिंग से संबंधित मापन तकनीकों की जानकारी दी गई, जिसने खिलाड़ी मूल्यांकन एवम् प्रशिक्षण के वैज्ञानिक आधार को स्पष्ट किया।

भ्रमण में स्टुडेंट्स ने रेसलिंग एरीना, बास्केटबॉल कोर्ट और साइक्लिंग प्रशिक्षण क्षेत्र का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं एवम् संरचित प्रशिक्षण सत्रों को नजदीक से देखा। सत्र में विद्यार्थियों को एक्सरसाइज फिजियोलॉजी विभाग का भी भ्रमण कराया गया, जहां वी2 मैक्स परीक्षण, सहनशक्ति मूल्यांकन एवं मेटाबोलिक मॉनिटरिंग जैसे आधुनिक प्रदर्शन मूल्यांकन उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। इससे स्टुडेंटस को यह समझने में सहायता मिली कि किस प्रकार शारीरिक मानकों का आकलन और मॉनिटरिंग कर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाया जाता है तथा रिकवरी रणनीतियों को प्रभावी बनाया जाता है। भ्रमण का संयोजन फिजियोथैरेपी की फैकल्टी डॉ. हरीश शर्मा और डॉ. समर्पिता सेनापति ने किया।

« Newer PostsOlder Posts »