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कैम्प लगाकर स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्याओं का हो निदान- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री

April 25, 2026

कैम्प लगाकर स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्याओं का हो निदान- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री

मैनपुरी। जन-सुनवाई के दौरान जब सलेमपुर नि. नरेन्द्र सिंह ने अपने शिकायती प्रार्थना पत्र के माध्यम से पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह को बताया कि दिवगंत दादी के नाम प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजनान्तर्गत कनेक्शन लिया था, विभाग ने मीटर तो लगा दिया लेकिन पोल से लाइन नहीं जोड़ी, कुछ समय बाद रू. 25 हजार का बिल विद्युत विभाग द्वारा उपलब्ध कराया गया जबकि विभाग ने मीटर लगाने के बाद लाइन ही नहीं जोड़ी, जिस पर उन्होने अधीक्षण अभियंता विद्युत को शिकायती पत्र पृष्ठाकिंत करते हुए कहा कि प्रकरण की गहनता से जॉच कराकर तत्काल शिकायतकर्ता को राहत प्रदान करें। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी उपभोक्ता को विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की कार्यशैली के कारण असुविधा का सामना न करना पड़े, विभागीय अधिकारी गलत विद्युत बिलिंग में सुधार करायें। उन्होंने कहा कि तमाम उपभोक्ताओं के मन में स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रम, आशंकाओं की स्थिति बनी हुई है, प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अग्रिम आदेशों तक नए स्मार्ट मीटर की स्थापना पर रोक लगा दी है। उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत को आदेशित करते हुए कहा कि लोगों को स्मार्ट मीटर के प्रति जागरूक करें, विद्युत उप केंद्रों पर कैंप लगाकर स्मार्ट मीटर के उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान किया जाए, स्मार्ट मीटर के साथ समानांतर तौर पर सामान्य मीटर लगाकर रीडिंग ली जाए ताकि लोगों के बीच स्मार्ट मीटर को लेकर फैली भ्रांतियां दूर हो सकें। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दृष्टिगत विद्युत आपूर्ति निर्वाध रूप से सुनिश्चित की जाए, बेवजह किसी भी फीडर पर रोस्टिंग न हो, खराब ट्रांसफार्मर तत्काल बदले जाएं, निजी नलकूपों को निर्धारित अवधि में विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी किसान को सिंचाई करने में असुविधा का सामना न करना पड़े। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा, क्षेत्राधिकारी नगर संतोष कुमार, तहसीलदार हरेंश कर्दम के अलावा विद्युत विभाग से लालू जादौन, अश्वनी पाण्डेय, उदय चौहान, अर्जुन सिंह, प्रवेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।

राजनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ थे हेमवती नंदन बहुगुणाः मुख्यमंत्री

Posted on 25.04.2026 Time 02.56 PM, Saturday , Lucknow Hemwati Nandan Bahuguna

सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर किया नमन, प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि

*उत्तर प्रदेश के मंत्री, मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री के रूप में बहुगुणा जी ने की देशसेवाः सीएम योगी*

*लखनऊ, 25 अप्रैल।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सीएम स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की पावन जयंती पर उन्हें नमन किया और योजना भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा जी भारत की राजनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उनका जन्म तत्कालीन उत्तर प्रदेश (वर्तमान उत्तराखंड) के पौढ़ी गढ़वाल जनपद में 25 अप्रैल 1919 को हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा गांव में अर्जित करने के उपरांत उच्च शिक्षा के लिए वह प्रयागराज आ गए थे। 1942 से 1946 तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में बहुगुणा जी की सक्रिय सहभागिता रही, जिस कारण ब्रिटिश सरकार ने उन्हें जेल में भी डाला था।

*1952 में पहली बार बने उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य*
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा जी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रखर छात्रनेता के रूप में अपनी छाप छोड़ी। वह देश के स्वाधीनता आंदोलन में लगातार सक्रिय रहे। आजादी के बाद 1952 के पहले आम चुनाव में वह पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। उन्हें प्रदेश सरकार के मंत्री के रूप में भी कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ था। उत्तर प्रदेश में विभिन्न विभागों के मंत्री तथा मुख्यमंत्री के रूप में उनकी सेवाएं सराहनीय रहीं।

*देश के प्रति उनकी सेवा वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा*
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर बहुगुणा जी का अपना विजन था। उसे आज भी प्रभावी रूप से धरातल पर उतरते हम सभी महसूस कर सकते हैं। बहुगुणा जी ने केंद्र सरकार में भी अनेक मंत्रालयों में सेवाएं दीं। लंबे राजनीतिक व सार्वजनिक जीवन में देश के प्रति उनकी सेवा उल्लेखनीय रही हैं, जो वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान आदि मौजूद रहे।

गारवगढ़ी में पंचायत उत्सव भवन का विधायक ने किया शिलान्यास

गांव गारवगढी में पंचाय‍त उत्‍सव भवन का उदद्यघाटन करते विधायक अंजुला माहौर एवं मंचासीन अतिथिगण

हाथरस। गांव गारवगढ़ी में ग्रामीणों को जल्द ही मांगलिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए भव्य स्थान की सौगात मिलेगी। ग्राम पंचायत उत्सव भवन योजना के तहत नवनिर्मित होने वाले पंचायत उत्सव भवन का शिलान्यास हाथरस सदर विधायक श्रीमती अंजुला माहौर एवं भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा ने संयुक्त रूप से विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर किया।
शुक्रवार को आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि विधायक अंजुला माहौर ने कहा कि सरकार की इस योजना से ग्रामीणों को अपने निजी व सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में बड़ी सुविधा मिलेगी। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा ने कहा कि विकास की किरण अब गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पीएन दीक्षित मौजूद रहे। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर दिया। इस दौरान एसडीएम नीरज शर्मा, डीपीआरओ राकेश कुमार, एडीओ पंचायत बिहारीलाल और राकेश शर्मा उर्फ राजाजी ने भी अपने विचार साझा किए।
ग्राम प्रधान श्रीमती कुंती देवी और ग्राम सचिव अजय कुमार शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर शिवदेव दीक्षित, सतीश कुमार कुशवाहा, जितेंद्र कुमार, प्रदीप उपाध्याय, विवेक कुमार, सतीश पचैरी और शेखावत खां सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन कोमल सिंह तोमर ने किया।

नामित सभासदों का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न

मंचासीन  पालिकाध्यक्ष स्वेता दिवाकर ,पूर्व सांसद राजेश दिवाकर व अन्य जनप्रतिनिधि

हाथरस। नगर पालिका परिषद, हाथरस परिसर में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नामित सभासदों का शपथ ग्रहण समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नव-नामित सभासद विवेक गुप्ता और डॉ. आर.सी. गोला को बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की गई।इस अवसर पर वक्ताओं व पालिकाध्यक्ष स्वेता दिवाकर ने भरोसा जताया कि सभी सभासद जनसेवा के दायित्वों का निर्वहन निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा नगर के समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। साथ ही स्वच्छता, सुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प दोहराया गया।कार्यक्रम में सांसद अनूप प्रधान, पूर्व सांसद राजेश दिवाकर, जिलाध्यक्ष शरद माहेश्वरी, पूर्व जिलाध्यक्ष सतपाल मदनावत, अधिवक्ता दिलीप पोद्दार, सतेंद्र सिंह ठाकुर (सासनी), जिला पंचायत सदस्य प्रभा सिंह, क्षेत्रीय मंत्री विपिन लावनिया और अमित भौतका, जिला महामंत्री हरिशंकर राणा ‘भूरा पहलवान’ तथा रूपेश उपाध्याय (मंच संचालन), रामवीर सिंह, किसान मोर्चा के क्षेत्रीय मंत्री अनुज चौधरी, आईटी सेल जिला प्रभारी पवन रावत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।इसके अलावा एसडीएम सदर राजबहादुर सिंह और अधिशासी अधिकारी रोहित सिंह भी उपस्थित रहे। नगर पालिका परिषद के कार्यालय अधीक्षक विजय स्वर्णकार, लेखाकार संजय अग्रवाल, नजूल निरीक्षक यशुराज शर्मा, राजेश परिहार, खाद्य एवं सफाई निरीक्षक मुशाहिद खान और ओमप्रकाश, गोपाल चतुर्वेदी तथा आईटीसी से अविनाश शर्मा सहित नगर पालिका परिवार और सफाई कर्मियों की भी उपस्थिति रही।कार्यक्रम के सफल आयोजन पर नगर पालिका परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी गई।

April 24, 2026

जातिवाद के नाम पर देश को लूटने वाले राष्ट्रद्रोहियों से सावधान रहें: योगी

तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को सीएम ने किया संबोधित

*राष्ट्रकवि दिनकर की कृति आज भी राष्ट्र चेतना की मशाल, साहित्य समाज का दर्पण: मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री ने देखा रश्मिरथी का मंचन, कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की सराहना की*

*तीन दिवसीय आयोजन में स्वामी विवेकानंद, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अटल जी पर भी होंगे विशेष नाट्य कार्यक्रम*

*लखनऊ, 24 अप्रैल।* “राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति ‘रश्मिरथी’ आज भी समाज और राष्ट्र को दिशा देने वाली प्रेरणा है। यदि भारत को मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित बनाना है तो जातिवाद के नाम पर समाज को बांटने वाली शक्तियों से सावधान रहना होगा।” ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर की कालजयी काव्यकृति ‘रश्मिरथी’ के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। साहित्य के ऐसे सशक्त साधक के प्रति हम सब अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रदेश की राजधानी में एकत्र हैं। यहां हम उनकी कालजयी काव्यकृति पर आधारित नाट्य-श्रृंखला का मंचन देखेंगे। हम देखेंगे कि किस प्रकार मां सरस्वती दिनकर जी की जिह्वा पर विराजती थीं और उनकी लेखनी शब्दों को पिरोती थी। यह सब ‘रश्मिरथी’ के इस मंचन के माध्यम से हम सभी को देखने-सुनने को मिलेगा। इस अवसर पर दिनकर जी की स्मृतियों को नमन करते हुए मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

*दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं*
सीएम योगी ने कहा कि जब इस कार्यक्रम का पत्र मिला, तो सबसे पहले मैंने कहा कि यह कार्यक्रम उसी दिन रखिए, जिस दिन मैं भी इसका भागीदार बन सकूं, क्योंकि मैं अक्सर दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं। भारत धन-धान्य से परिपूर्ण रहा है, दुनिया की बड़ी ताकत रहा है, लेकिन भारत ने सैकड़ों वर्षों की गुलामी भी सही है। बल और बुद्धि में भारत का कोई मुकाबला नहीं कर सकता था, लेकिन हमारी कुछ कमियां भी थीं। दिनकर जी ने इन कमियों पर जिस प्रकार प्रहार किया है, उसे देखकर मुझे अच्छा लगता है। आप इस नाट्य मंचन के माध्यम से भी देखेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने ‘रश्मिरथी’ में लिखा है-
“ऊंच-नीच का भेद न जाने, वही श्रेष्ठ ज्ञानी है,
दया-धर्म जिसमें हो, सबसे वही पूज्य प्राणी है।”
जातिवाद पर भी उन्होंने कितना सशक्त प्रहार किया है-
“मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का,
धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का।
पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर,
जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर क्रूर।”

सीएम योगी ने कहा कि यदि हमें अपनी आजादी को लंबे समय तक अक्षुण्ण बनाए रखना है और विकसित व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करना है, तो जातिवाद के नाम पर देश को लूटने और समाज को कमजोर करने वाले राष्ट्रदोहियों से सावधान रहना होगा। युवा वर्ग के लिए दिनकर जी इस बात की प्रेरणा इन पंक्तियों के माध्यम से दशकों पहले ही दे चुके हैं-
“सच है, विपत्ति जब आती है,
कायर को ही दहलाती है,
सूरमा नहीं विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,
विघ्नों को गले लगाते हैं,
कांटों में राह बनाते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने समाज की चेतना को जिस रूप में जागरूक किया और पूरे समाज को एकजुट किया, वह अद्वितीय है। अपनी कृतियों के माध्यम से वह अलग-अलग स्तरों पर लोगों को जागृत करते रहे और देश की चेतना को निरंतर सशक्त करते रहे। जब भारत के लोकतंत्र को दबाने का प्रयास हुआ, तब भी दिनकर जी ने आह्वान किया- “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।” शब्द किस प्रकार मंत्र बन जाएं और हर व्यक्ति के मन में राष्ट्र के लिए त्याग, चेतना और समर्पण की भावना को जागृत करें, यह गुण महान कवि में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रश्मिरथी’ ऐसे पात्र के बारे में है, जो अपनी पहचान के लिए मोहताज रहा। उसकी गाथा को दिनकर जी ने जिस प्रकार प्रस्तुत किया और उसके गुणों की व्याख्या की, उसने हर व्यक्ति को सोचने के लिए मजबूर किया कि कौन किस स्थान पर हो सकता है और हमें किसी की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ में उन्होंने लिखा है-
“जब किसी जाति का अहम चोट खाता है,
पावक प्रचण्ड हो कर बाहर आता है।
यह वही चोट खाये स्वदेश का बल है,
आहत भुजंग है, सुलगा हुआ अनल है।”

*स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद लखनऊ, अयोध्या, काशी की यात्राएं की*
सीएम ने बताया कि उन्होंने संस्कृति विभाग से कहा है कि ऐसी साहित्यिक कृतियों पर आधारित कार्यक्रम आज की पीढ़ी के लिए नई प्रेरणा हैं। इस प्रेरणा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। कल यहीं पर स्वामी विवेकानंद पर आधारित एक नाट्य मंचन का कार्यक्रम है। स्वामी विवेकानंद हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं। वह एक संन्यासी थे, लेकिन हर युवा के लिए मार्गदर्शक बने। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की वैदिक और सनातन परंपरा को सम्मान दिलाया। उन्होंने ज्ञान को विज्ञान के साथ जोड़कर तत्कालीन समाज को उसके अनुरूप तैयार करने का कार्य किया और भारत की चेतना को जागरूक करने के लिए पूरी शक्ति के साथ समर्पित रहे। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद भारत में जो यात्राएं कीं, उनमें लखनऊ, अयोध्या, काशी सहित उत्तर प्रदेश के कई स्थान शामिल थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 अप्रैल को यहां लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक पर आधारित कार्यक्रम होगा। तिलक जी ने भारत की स्वाधीनता के लिए “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” का उद्घोष इसी लखनऊ में किया था, जो भारत की आजादी का एक प्रमुख केंद्र बना। इसी दिन ‘अटल स्वरांजलि’ कार्यक्रम भी आयोजित होगा, जिसमें भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविताओं पर आधारित एक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। अटल जी का शताब्दी वर्ष हाल में संपन्न हुआ है, और इस अवसर पर लखनऊ में राष्ट्रप्रेरणा स्थल का निर्माण भी किया गया है। लखनऊ लंबे समय तक अटल जी की कर्मभूमि रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय तथा अन्य संस्थानों के युवाओं को भी इस कार्यक्रम में सहभागी बनाया जाए। जिनकी परीक्षाएं नहीं हैं, वे आएं और इस कार्यक्रम को देखें। उनके आने-जाने की व्यवस्था भी की जानी चाहिए और इसके लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। वे साहित्य के बारे में जानें, क्योंकि साहित्य वास्तव में समाज का दर्पण होता है। दर्पण जैसा होता है, वैसा ही चित्र दिखाई देता है। हम राष्ट्र को कैसा बनाना चाहते हैं, ये साहित्यिक कृतियां उसका आधार बनती हैं और उनसे हम प्रेरणा प्राप्त करते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि मैं स्वामी विवेकानंद की स्मृतियों को नमन करता हूं और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने महाराष्ट्र में गणपति महोत्सव के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्रीय चेतना से जोड़कर उसे नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। यही चेतना 1916 में लखनऊ में भी गूंजी, जब तिलक जी ने “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” का उद्घोष किया। उनकी स्मृति में वर्ष 2017 में लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसके लिए तत्कालीन राज्यपाल ने प्रेरणा दी थी। उस अवसर पर तिलक जी के परिवार के सदस्यों को भी आमंत्रित किया गया था।

*मुख्यमंत्री ने देखा रश्मिरथी का मंचन*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रश्मिरथी का मंचन भी देखा। उन्होंने कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग को निर्देश दिया कि आमजन को ऐसी कृतियों से अवगत कराएं।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे, डॉ. सत्यपाल सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, कार्यक्रम संयोजक प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, संस्कृति/पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, भाजपा नेता नीरज सिंह, दिनकर स्मृति न्यास के अध्यक्ष नीरज कुमार, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के सुपौत्र ऋत्विक उदयन आदि मौजूद रहे।

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