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सरकार हर मुद्दे पर बयान देने को तैयार: अमित शाह

August 12, 2026

सरकार हर मुद्दे पर बयान देने को तैयार: अमित शाह

AMIT SHAH

New Delhi News, 12 August 26, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के मुद्दे सहित किसी भी विषय पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और संसद में सदस्यों की ओर से उठाए गए सभी सवालों का जवाब देगी। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में श्री शाह ने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा के लिए दोपहर दो बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस दे सकता है, ताकि आज दोपहर तीन बजे चर्चा शुरू हो सके।

श्री शाह ने कहा कि चर्चा शुरू होने पर वह सदन में मौजूद रहेंगे और सभी सदस्यों की बातें सुनेंगे। उन्होंने कहा कि चर्चा पूरी होने के बाद वह कल दोपहर तीन बजे चर्चा का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

श्री शाह ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार नीट परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों के प्रदर्शन से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मुद्दे पर चर्चा संसदीय प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। श्री शाह ने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है।

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 विचार-विमर्श के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया

New Delhi News, 12 August 2026, लोकसभा ने आज विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को विचार-विमर्श के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया। इस विधेयक का उद्देश्य विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में और संशोधन करना है। विधेयक का लक्ष्य विदेशी अंशदान के उपयोग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने व्यापक विचार-विमर्श के लिए विधेयक को दोनों सदनों के सदस्यों वाली संयुक्त संसदीय समिति को भेजने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि समिति में अध्यक्ष द्वारा मनोनीत लोकसभा के 21 सदस्य होंगे और सभापति द्वारा मनोनीत राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे। श्री राय ने कहा कि समिति शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक सदन को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

August 11, 2026

एपीडा दुबई को एक मीट्रिक टन सरसों के शहद का निर्यात करेगा

नई दिल्ली, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण – एपीडा के माध्‍यम से त्रिपुरा का डेरगांग किसान उत्पादक संगठन पहली बार दुबई को एक मीट्रिक टन सरसों के शहद का निर्यात करेगा।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि यह निर्यात किसान उत्पादक संगठन और स्थानीय मधुमक्खी पालकों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे संगठित और निर्यातोन्मुख उत्पादन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिला है।
इस पहल से किसानों और किसान उत्पादक संगठनों को निर्यात के अवसर तलाशने तथा अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजारों में अपनी भागीदारी सुदृढ करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

August 8, 2026

हर दिन पिछले दिन से बेहतर बनने के लिए प्रयासरत रहें युवा: मोदी

नरेंद्र मोदी
नई दिल्ली, 08 अगस्त 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान- आई.आई.टी. दिल्ली के विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने निर्णयों में राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखें और स्वयं से यह प्रश्न करें कि उनके कार्यों से देश को किस प्रकार लाभ हो सकता है और उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकती है। श्री मोदी ने ये बातें आई.आई.टी. दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक पीढ़ी अपने समय की विशिष्ट चुनौतियों का सामना करती है और अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाती है। उन्होंने कहा कि स्नातक विद्यार्थियों द्वारा अगले 30 से 35 वर्षों में किए जाने वाले कार्य का देश के विकसित भारत के मार्ग पर महत्वपूर्ण असर पड़ेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में नए क्षेत्र उभर रहे हैं, जो युवाओं के लिए नए अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष और ड्रोन जैसे क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य कर रहा है। श्री मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता की यह पहल विकसित भारत के निर्माण के लिए एक मजबूत आधार का काम करेगी।
श्री मोदी ने सोशल मीडिया के युग में उत्पन्न होने वाले विकर्षणों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को वेतन, नौकरी या कार्यक्षेत्र के आधार पर दूसरों से अपनी तुलना करने से बचना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि जीवन कोई लीडरबोर्ड नहीं है और किसी की यात्रा दूसरों से प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि स्वयं से प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे हर दिन पिछले दिन से बेहतर बनने के लिए प्रयासरत रहें।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण ने भारत के शिक्षा तंत्र को शिक्षार्थी-केंद्रित, अनुसंधान-आधारित और भविष्य के लिए तैयार बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के संस्थानों में नया आत्मविश्वास जगाया है। उन्‍होंने कहा कि देश के कैंपस न केवल स्नातक, बल्कि नवप्रवर्तक, शोधकर्ता और राष्ट्र निर्माता भी तैयार करने में सक्षम हैं।
आई.आई.टी. दिल्ली के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष हरीश साल्वे और आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी भी समारोह में उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने आई.आई.टी. दिल्ली में ‘परम प्रज्ञा’ नामक एक उच्च दक्षता की कंप्यूटिंग सुविधा का उद्घाटन भी किया।

ब्रिक्स बैठक में संस्कृति का भोपाल घोषणापत्र जारी

भोपाल, 08 अगस्त 2026, भारत की ब्रिक्‍स अध्यक्षता में आज मध्‍य प्रदेश के भोपाल में 11वीं ब्रिक्‍स संस्कृति मंत्रियों की बैठक हुई। बैठक में ‘भोपाल घोषणापत्र’ को अपनाया गया। इसका उद्देश्‍य ब्रिक्‍स सदस्य और सहयोगी देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मज़बूत करना है। बैठक में 10 ब्रिक्‍स सदस्य और चार सहयोगी देशों सहित कुल 14 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने कलाकारों के लिए और ज़्यादा मौके बनाने पर भी ध्यान दिया। बैठक में कलाकारों को बड़े बाज़ारों तक पहुँचने में मदद करने के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा और उसे बहाल करना भी एक अहम मुद्दा था।

भारत ने ब्रिक्‍स देशों के कलाकारों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पेशेवर नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए एक पायलट योजना ‘स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री’ शुरू करने की घोषणा की। बैठक में कलाकारों के अधिकारों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में कॉपीराइट वाले कामों के सही इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भोपाल ने सांस्कृतिक सहयोग के लिए एक व्यावहारिक और भविष्य की सोच वाला ढांचा तैयार किया है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए पारंपरिक ज्ञान, भाषाओं, लोक संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं को सुरक्षित रखने की ज़रूरत पर बल दिया। श्री शेखावत ने कहा कि मध्य प्रदेश की संस्कृति और विरासत पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि इन सांस्कृतिक परंपराओं को बचाने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए।

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