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सिकंदराराव में तहसील स्तरीय पत्रकार सम्मेलन का भव्य आयोजन

January 13, 2026

सिकंदराराव में तहसील स्तरीय पत्रकार सम्मेलन का भव्य आयोजन

सिकंदराराव में पत्रकार सम्मेलन के दौरान मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए पत्रकार गण

पूर्व एमएलसी राकेश सिंह राणा का स्वागत
हाथरस, 13 जनवरी 2026 (उप्रससे)।  सिकंदराराव क्षेत्र के एक फार्म हाउस में सोमवार को सिकंदराराव प्रेस क्लब के तत्वावधान में तहसील स्तरीय पत्रकार सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में तहसील क्षेत्र से जुड़े प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बड़ी संख्या में पत्रकारों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के संयोजक वरिष्ठ पत्रकार मनोज जादौन रहे, जबकि सह-संयोजक के रूप में गौरव पचोरी और पुष्पकांत शर्मा रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार दीपेश भारद्वाज ने किया तथा अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार देवेश सिसोदिया ने की। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व एमएलसी राकेश सिंह राणा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में ठाकुर राम जादौन, उमाशंकर गुप्ता, आशीष जादौन, गंगा शरण कुशवाहा और रिंकू जादौन शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान कवि प्रमोद विषधर, शिवम कुमार एवं ओमप्रकाश ने काव्य पाठ प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। मंच पर उपजा  प्रदेश संगठन मंत्री  नीरज चक्रपाणि, संजय शर्मा राजदीप तोमर सहित कई वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे। आयोजन को सफल बनाने में प्रेस क्लब के संस्थापक संदीप पुण्ढीर एवं उपाध्यक्ष पंकज चौधरी का विशेष योगदान रहा। सम्मेलन में राकेश वार्ष्णेय, राजेश महाजन, विजय शर्मा, ऋषभ प्रताप, सुभाष यादव, यतेंद्र कुमार, सुनील कुमार, जैनेंद्र वार्ष्णेय, अनूप शर्मा, राजा कुरैशी, नीरज गुप्ता, इश्तियाक भारती, पवन पुण्ढीर सहित अनेक पत्रकार उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री ने  डिजिटल गवर्नेन्स तथा को-ऑपरेटिव फेडरलिज्म को सशक्त आधार प्रदान किया : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रगति पोर्टल के सम्बन्ध में पत्रकार वार्ता करते हुए

  • मुख्यमंत्री ने ‘प्रगति‘ पोर्टल के सम्बन्ध में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया
  • ‘प्रगति’ पोर्टल केवल देश के बड़े इन्फ्रा प्रोजेक्ट की समीक्षा नहीं, बल्कि नये भारत की नयी कार्य संस्कृति का उदाहरण, उ0प्र0 में यह मॉडल गेम चेन्जर साबित हुआ
  • राष्ट्रीय स्तर पर ‘प्रगति‘ पोर्टल के माध्यम से 86 लाख करोड़ रु0 से अधिक की परियोजनाओं को गति मिली
  • 10.48 लाख करोड़ रु0 की 330 परियोजनाओं के साथ उ0प्र0 के पास देश का सबसे बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो
  • 2.37 लाख करोड़ रु0 की 128 परियोजनाएं कमीशन्ड हो चुकी, 8.11 लाख करोड़ रु0 की 202 परियोजनाएं गुणवत्तापरक एवं समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही
  • ‘प्रगति’ ने आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरणीय जैसे क्षेत्रों में पॉजिटिव गवर्नेंस को नई दिशा दी, फाइल कल्चर से फील्ड रिजल्ट की दिशा में क्रान्तिकारी परिवर्तन किया
  • ‘प्रगति‘ के माध्यम से केन्द्र व राज्य के मन्त्रालयों एवं विभागों में समन्वय मजबूत तथा स्पष्ट जवाबदेही तय हुई
लखनऊ : 13 जनवरी, 2026  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने देश का नेतृत्व सम्भालने के साथ ही डिजिटल गवर्नेन्स तथा को-ऑपरेटिव फेडरलिज्म को सशक्त आधार प्रदान किया। ‘प्रगति’ ने सिद्ध करके दिखाया कि जब इन्टेन्ट, टेक्नोलॉजी और एकाउन्टेबिलिटी एक साथ आते हैं, तो बेहतर परिणाम सुनिश्चित होते हैं। ‘प्रगति’ पोर्टल केवल देश के बड़े इन्फ्रा प्रोजेक्ट की समीक्षा नहीं, बल्कि नये भारत की नयी कार्य संस्कृति का उदाहरण है। यह गवर्नेन्स का रिफॉर्म है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में यह मॉडल गेम चेन्जर साबित हुआ है। प्रदेश आज भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर ‘प्रगति‘ (प्रो-एक्टिव गवर्नेन्स एण्ड टाइम्ली इम्प्लीमेण्टेशन) पोर्टल के सम्बन्ध में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग करते हुए अन्तरमन्त्रालय या अन्तरविभागीय समन्वय का ऐसा प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है, जहां सभी समस्याओं के समाधान की दिशा में बेहतर प्रयास किये जा सकें। ‘प्रगति’ ने आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरणीय जैसे क्षेत्रों में पॉजिटिव गवर्नेंस को नई दिशा दी है। ‘प्रगति‘ ने शासन की फाइल कल्चर से फील्ड रिजल्ट की दिशा में भी क्रान्तिकारी परिवर्तन किया है। इसके माध्यम से निर्णय तेज हुए है। समय व लागत की बर्बादी रूकी है। केन्द्र व राज्य के मन्त्रालयों एवं विभागों में समन्वय मजबूत तथा स्पष्ट जवाबदेही तय हुई है।
‘स्वागत‘ (स्टेट वाइड अटेन्शन ऑन ग्रीवान्सेज बाय एप्लीकेशन ऑफ टेक्नोलॉजी) पोर्टल की शुरुआत वर्ष 2003 में प्रधानमंत्री जी द्वारा उस समय की गई थी, जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। यह पोर्टल नागरिक शिकायतों के निवारण में पारदर्शिता व जवाबदेही बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया था। ‘स्वागत’ पोर्टल का ही राष्ट्रीय स्वरूप ‘प्रगति‘ है, जिसके माध्यम से मेगा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, सामाजिक योजनाओं तथा सिस्टम रिफॉर्म को लेकर टीम इण्डिया की अप्रोच को सुदृढ़ किया गया है। यह पोर्टल मिनीमम गवर्नमेण्ट-मैक्सिमम गवर्नेन्स की कार्यशैली को दर्शाने का महत्वपूर्ण आधार बना है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण सम्बन्धी अनेक प्रोजेक्ट संचालित हो रहे हैं, जो केवल राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास की रीढ़ बने हैं। राष्ट्रीय स्तर पर ‘प्रगति‘ पोर्टल के माध्यम से 86 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को गति मिली है, जिनमें 377 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा सीधे प्रधानमंत्री जी द्वारा की जाती है। 3,162 में 2,958 मुद्दों का समाधान हुआ है। यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि गवर्नेन्स की विश्वसनीयता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कुल 10 लाख 48 हजार करोड़ रुपये की 330 परियोजनाओं के साथ देश का सबसे बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो उत्तर प्रदेश के पास है, जिसमें परिवहन, पावर, शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास जैसे प्रमुख क्षेत्र सम्मिलित हैं। इनकी समीक्षा पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। इसमें 02 लाख 37 हजार करोड़ रुपये की 128 परियोजनाएं (39 प्रतिशत) कमीशन्ड हो चुकी हैं तथा 08 लाख 11 हजार करोड़ रुपये की 202 परियोजनाएं सरकार की मंशानुरूप गुणवत्तापरक एवं समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही हैं। सड़क व रेलवे के क्षेत्र में सर्वाधिक प्रोजेक्ट ने उत्तर प्रदेश को ट्रान्सपोर्ट एण्ड लॉजिस्टिक हब बनाने में मदद की है।
लगभग 09 वर्षों में प्रदेश को एक्सप्रेस-वे राज्य के रूप में स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई है। प्रदेश में रेलवे का सबसे बड़ा नेटवर्क, सबसे अधिक शहरों में मेट्रो व एयर कनेक्टिविटी, देश की पहली रैपिड रेल व इनलैण्ड वाटर-वे संचालित हो रहे हैं। यह सभी प्रोजेक्ट समयबद्ध तरीके से इसलिए चले हैं, क्योंकि ‘प्रगति’ पोर्टल के माध्यम से इनकी लगातार समीक्षा एवं भूमि, पर्यावरण या अन्य समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। आज के प्रतिस्पर्धा के युग में यदि कोई राज्य प्रोजेक्ट लाने व एन0ओ0सी0 प्रदान करने में लापरवाही करेगा, तो स्वाभाविक रूप से निवेशकों को जहां आसानी होगी, वहां चला जाएगा। निवेशकों के लिए प्रोजेक्ट्स को निश्चित समयान्तर्गत पूर्ण करना ही प्रगति का आधार है। समस्याओं के निस्तारण की कार्यवाही सुशासन का मॉडल है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 04 लाख 19 हजार करोड़ रुपये के 65 बड़े प्रोजेक्ट ‘प्रगति‘ के अन्तर्गत आते हैं, जिनमें 26 प्रोजेक्ट कमीशन्ड हो गये हैं तथा 39 प्रोजेक्ट निर्माण के अलग-अलग चरणों में चल रहे हैं। ‘प्रगति‘ पोर्टल से इण्टर-एजेन्सी बाधाओं का प्रभावी समाधान हुआ है। इसके माध्यम से जब समीक्षा होती है, तो अलग-अलग विभाग जैसे राजस्व, पॉल्यूशन कण्ट्रोल बोर्ड, वन, नगर विकास, पंचायती राज विभाग सहित अन्य सम्बन्धित विभाग एक साथ बैठते हैं। एक दूसरे के साथ समन्वय बना कर निश्चित समय सीमा में समस्याओं का समाधान करते हैं। इससे स्वीकृतियां तेजी से होती है। परिणामस्वरूप, हाईवे, रेलवे, पावर, टेलीकॉम जैसे प्रोजेक्ट्स में तीव्रता आती है।
‘प्रगति’ पोर्टल के माध्यम से कुल 515 में 494 मुद्दों अर्थात् 96 प्रतिशत का समाधान किया गया है। 287 में 278 प्रोजेक्ट्स अर्थात् 97 प्रतिशत का समाधान ‘प्रगति’ पोर्टल के माध्यम से किया गया है। यह उच्च समाधान के दृष्टिगत प्रशासनिक तत्परता और निर्णायक नेतृत्व की क्षमता को दर्शाता है। जब अलग-अलग विभाग से जुड़े मामले एक प्लेटफॉर्म पर आते हैं और एक-दूसरे के सामने जवाबदेही तय होती है, तो तेजी से मामलों का निस्तारण निश्चित समय सीमा के अंदर करना होता है। टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग और ‘प्रगति‘ जैसे प्लेटफॉर्म पर निरन्तर समीक्षा के परिणामस्वरूप प्रोजेक्ट की दिशा में कार्य करने के लिए उत्तर प्रदेश आज ‘बॉटलनेक स्टेट‘ से ‘ब्रेक-थ्रू स्टेट‘ बन चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रोजेक्ट्स के माध्यम से राज्य फैसेलिटेटर से एक्सेलिरेटर के रूप में आगे बढ़ा है। ‘प्रगति‘ जैसे प्लेटफॉर्म ने टीम इण्डिया स्पिरिट को और अधिक प्रभावी बनाया है। केन्द्र और राज्य सरकार मिल कर जब किसी प्रोजेक्ट में साथ आगे बढ़ते हैं, तो बेहतर रिजल्ट सामने आते हैं। नागरिक तक विकास समय पर प्रभावी ढंग से पहुंचाना प्रधानमंत्री जी का विजन है, उस विज़न को ‘प्रगति‘ जैसे पोर्टल के माध्यम से प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिली है। नए भारत की नई सोच के साथ अब समस्या पर चर्चा नहीं, बल्कि समयबद्ध तरीके से समाधान पर चर्चा होती है। जब प्रोजेक्ट्स समयबद्ध तरीके से चलता है, तो रोजगार सृजन के साथ विकास को तीव्र गति से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप ‘प्रगति‘ पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से आज प्रत्येक प्रोजेक्ट के शिलान्यास के साथ उसके पूर्ण होने की तिथि भी तय हो जाती है।
इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

हिन्दू समाज के सभी लोगों को एक साथ लेकर चलना होगा: युद्धवीर

हिन्दू सम्मेलन में विचार व्यक्त करते हुए स्वामी चैतन्य

भारत को परमवैभव पर ले जाना संघ का उद्देश्य: डा.अशोक दुबे
लखनऊ,11 जनवरी । हिन्दू समाज के सभी लोगों को एक साथ लेकर चलना होगा। समाज परस्पर सहयोगी बने और समरसता का भाव निर्माण हो। राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के लिए जाति भेद से ऊपर उठकर हिन्दू समाज एक साथ आए। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र सेवा प्रमुख युद्धवीर ने रविवार को सुशांत गोल्फ सिटी लखनऊ में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। युद्धवीर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सेवा के माध्यम से समाज में समरसता निर्माण के लिए काम कर रहा है।

भारत को परमवैभव पर ले जाना संघ का उद्देश्य
अलीगंज हनुमान मंदिर के आंज्जानेय मंडपम में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रान्त के प्रान्त प्रचार प्रमुख डा.अशोक दुबे ने संबोधित किया। डा.अशोक दुबे ने कहा कि हिन्दू समाज का सर्वांगीण विकास कर भारत को परमवैभव पर ले जाना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य है। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के ध्येय को लेकर संघ स्थापना काल से काम कर रहा है।
डा. अशोक दुबे ने कहा कि संघ की 100 वर्षों की विचार यात्रा,शक्ति और विश्वास की यात्रा है। भारत का मूल विचार अध्यात्म है। सबको साथ लेकर चलने का है। हम सर्वे भवन्तु सुखिन: और वसुधैव कुटुम्बकम को मानने वाले हैं। संतों ने उसी प्रवाह को आगे ले जाने का काम किया।
हिन्दू सम्मेलन को चिन्मय मिशन के कौशिक चैतन्य और नवयुग कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर मंजुला उपाध्याय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय पाण्डेय ने की।

योगी आदित्यनाथ गुरुवार तड़के अर्पित करेंगे गुरु गोरखनाथ को लोक आस्था की खिचड़ी

गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ जी महाराज

लाखों की संख्या में जुटेंगे श्रद्धालु, खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंगलवार रात से ही श्रद्धालुओं ने डाला डेरा

खिचड़ी मेला की हर व्यवस्था पर खुद नजर बनाए हुए हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर, 13 जनवरी। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार गुरुवार तड़के (15 जनवरी) को ब्रह्म मुहूर्त में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ को लोक आस्था की खिचड़ी चढ़ाकर समूचे जनमानस की सुख-समृद्धि की मंगलकामना करेंगे। हालांकि बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला मंगलवार रात (13 जनवरी) से ही शुरू हो गया। तमाम श्रद्धालु बुधवार को भी खिचड़ी चढ़ाएंगे जबकि गुरुवार को यहां आस्था का जनसमुद्र दिखेगा।

समूची प्रकृति को ऊर्जस्वित करने वाले सूर्यदेव के उत्तरायण होने पर खिचड़ी चढ़ाने की यह अनूठी परंपरा पूरी तरह लोक को समर्पित है। मान्यता है कि महायोगी गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर मन्नत मांगने वाला कभी निराश नहीं होता। अरुणोदय काल में मकर संक्रान्ति का महापर्व गुरुवार को मनाया जायेगा। इस दिन उत्तर प्रदेश, बिहार तथा देश के विभिन्न भागों के साथ-साथ पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाएंगे। आनुष्ठानिक कार्यक्रमों का शंखनाद गुरुवार भोर में ही हो जाएगा। सबसे पहले गोरक्षपीठ की तरफ से पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ खिचड़ी चढ़ाकर बाबा को भोग अर्पित करेंगे। इसके बाद मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे और जनसामान्य की आस्था, खिचड़ी के रूप में निवेदित होनी शुरू हो जाएगी।

मंदिर व प्रशासन की ओर से खिचड़ी महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री खुद सभी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। मकर संक्रांति पर्व को लेकर मंदिर व मेला परिसर सज धजकर पूरी तरह तैयार है। समूचा मंदिर क्षेत्र सतरंगी रोशनी में नहाया हुआ है। यहां श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला मंगलवार रात से ही शुरू हो गया है। मंदिर प्रबंधन की तरफ से उनके ठहरने और अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। प्रशासन की तरफ से रैन बसेरों में भी पूरी व्यवस्था की गई है।

एटा में पाले ने छीनी किसानों की खुशी, हज़ारों एकड़ मटर की फसल तबाह

पाले से एटा में मटर की फसल को नुकसान

एटा 13 जनवरी उप्रससे। जनपद में पड़ रहे भीषण पाले ने किसानों की वर्षों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिससे उनकी खुशियां निराशा में बदल गई। जनपद में हज़ारों एकड़ में खड़ी मटर की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। खेतों में लहलहाती फसल सुबह देखते ही देखते सफेद पाले की चादर में ढककर बर्बाद हो चुकी थी।

किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर मटर की खेती की थी। बीज, खाद, सिंचाई और दवाइयों पर भारी खर्च किया गया, लेकिन पड़ रहे पाला से सब कुछ तबाह हो गया। अब हालात ऐसे हैं कि कर्ज कैसे चुकाएं और परिवार का पेट कैसे पालें, यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
पीड़ित किसानों ने बताया कि मटर की फसल बेहद शानदार थी और अच्छी पैदावार की पूरी उम्मीद थी। लेकिन पाले ने फसल को इस कदर झुलसा दिया कि अब खेतों में केवल सूखी और काली पड़ी फसल ही दिखाई दे रही है। कई किसान खेतों में खड़े होकर रोते नजर आए, जिनकी आंखों में बेबसी और चिंता साफ झलक रही थी। किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी इस प्राकृतिक आपदा में आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके और वे दोबारा खेती करने की हिम्मत जुटा सकें।

तहसीलदार सदर नीरज वार्ष्णेय ने बताया कि पाले से हुए नुकसान को लेकर क्षेत्र के लेखपालों को सर्वे के लिए भेजा गया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर शासन को अवगत कराया जाएगा।

हालांकि, किसानों का कहना है कि सर्वे के साथ-साथ तत्काल राहत भी जरूरी है, क्योंकि उनके सामने अब जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। पाले की इस मार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रकृति की मार से अन्नदाता किस कदर टूट जाता है।

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