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एटा में 16 से 22 जुलाई तक चलेगा जल संरक्षण एवं जनजागरूकता अभियान

July 12, 2026

एटा में 16 से 22 जुलाई तक चलेगा जल संरक्षण एवं जनजागरूकता अभियान

Posted on 11.07.2026 Saturday Etah

एटा 11 जुलाई उप्रससे। मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने बताया कि जनपद में 16 से 22 जुलाई तक भूजल सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष अभियान की थीम “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” रखी गई है। अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत, विकास खंड, नगर पंचायत, नगर पालिका एवं अन्य स्थानीय निकायों में सात दिनों तक जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन से संबंधित विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रत्येक दिवस के नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित कार्यक्रमों का सफल आयोजन सुनिश्चित करेंगे तथा प्रतिदिन आयोजित गतिविधियों के फोटो एवं वीडियो उपलब्ध कराएंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान को जनभागीदारी के साथ मिशन मोड में संचालित कर अधिक से अधिक लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए।

एटा में ग्रामीणों ने खेतों-प्लाट के ऊपर से विद्युत लाइन निकालने का किया विरोध किया

Posted on 10.07.2026

एटा 10 जुलाई उप्रससे। जनपद में सकरौली थाना क्षेत्र के धर्मगढ़ी गांव में एक निजी नलकूप के विद्युतीकरण के लिए पहुंची विद्युत विभाग की टीम का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया।

ग्रामीणों और विद्युत टीम के बीच तीखी नोकझोंक हुई। ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता देख मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे शांत नहीं हुए। महिलाएं हाथों में लाठी-डंडे लेकर पुलिस और विद्युत विभाग की टीम के सामने रास्ता रोककर खड़ी हो गईं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्युत लाइन उनके खेतों और प्लाटों के ऊपर से जबरन निकाली जा रही हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। ग्रामीणों के भारी विरोध और आक्रोश को देखते हुए विद्युत विभाग की टीम को बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ा।
जलेसर क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर विद्युत विभाग के एक्सईएन ओ.पी. पाल भी पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को स्थिति समझाने और कोर्ट के निर्देशों के बारे में बताया।

ग्रामीण वेद प्रकाश ने बताया कि उनके गांव में निजी नलकूप के लिए लाइन बिछाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लाइन उनके खेतों, पशुपालन क्षेत्रों और हरे पेड़ों के ऊपर से निकाली जा रही है। ग्रामीणों की मांग है कि लाइन खेतों के बगल से निकाली जाए, लेकिन अधिकारी अपनी बात पर अड़े हुए हैं और जबरन लाइन निकालने का प्रयास कर रहे हैं।

July 11, 2026

एटा में प्राइवेट अस्पताल में प्रसूता की मौत, गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप

Posted on 11.07.2026 Time 01.53 PM

परिजनों ने हंगामा काटते हुए एंबुलेंस चालक से की मारपीट

एटा 11 जुलाई उप्रससे। जनपद में डिलीवरी के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने शहर के न्यू लाइफ हॉस्पिटल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची कोतवाली नगर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है।

फिरोजाबाद के थाना एका क्षेत्र के नगला जैया निवासी माधुरी (21) पत्नी रोहित को शुक्रवार को न्यू लाइफ हॉस्पिटल में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। देर रात करीब 12 बजे उसने जुड़वा बच्चों एक बेटी और एक बेटे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद अस्पताल में लगाए गए एक इंजेक्शन के बाद माधुरी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे आगरा रेफर कर दिया।
अस्पताल के चिकित्सक उसे आगरा लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतका के पति रोहित ने आरोप लगाया कि अस्पताल संचालिका ने एक्सपायर इंजेक्शन लगाया, जिससे उनकी पत्नी की जान चली गई।
शनिवार को परिजन शव को वापस एटा ले आए और अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और लोगों ने एक एंबुलेंस चालक के साथ मारपीट भी की। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूर्ण कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मृतका माधुरी की शादी हाल ही में 30 अप्रैल को हुई थी। उनके पति रोहित इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। पहली बार मां बनी माधुरी की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है, जबकि नवजात जुड़वा बच्चों के सिर से जन्म लेते ही मां का साया उठ गया।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।

July 10, 2026

Breaking: जिला पंचायत अध्यक्ष बनेंगे प्रशासक

लखनऊ, 10 जुलाई 2026, (उप्र समाचार सेवा)। शासन ने जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया। निर्वाचित अध्यक्षों का कार्यकाल समाप्त होने से एक दिन पूर्व पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने आदेश जारी कर दिया है।

आदेश के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष ही कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक होंगे। यह अवधि 6 माह अथवा नया चुनाव होने तक जो भी पहले हो, तक रहेगी। किंतु प्रशासक कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। वे केवल सामान्य कार्य ही करेंगे। आवश्यक होने पर नीतिगत प्रस्ताव का अनुमोदन जिलाधिकारी से लेना होगा ।

ज्ञातव्य है कि समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन और आरक्षण निर्धारण में विलंब के कारण पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो सके हैं। इसी कारण पहले ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाया गया था। अब जिला पंचायत अध्यक्षों को भी प्रशासक बना दिया गया है। अनुमान है कि क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने पर ब्लाक प्रमुखों को भी प्रशासक बना दिया जाएगा

हालांकि ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने का मामला उच्च न्यायालय में लंबित है।

नौ साल पुराने हत्या कांड में चारों दोषियों को उम्रकैद सजा मिली

मैनपुरी। थाना औंछा क्षेत्र में वर्ष 2017 में बकरी को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में शुक्रवार को अदालत ने चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी कोर्ट संख्या-2 के न्यायाधीश कमल सिंह ने दोषी सत्तार अली, इरफान, स्वराज अली और बन्टी को आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक पर 65-65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। एक दिन पहले 9 जुलाई को अदालत ने चारों को दोषी करार दिया था, जबकि शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाया गया अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी राकेश गुप्ता एडीजीसी ने की
अभियोजन के अनुसार घटना 22 अप्रैल 2017 की शाम करीब 5:30 बजे की है। वादी मुकेश कुमार के घर के सामने आरोपियों की बकरियां अक्सर उनके घर और आंगन में लगे पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाती थीं। घटना वाले दिन भी यही बात हुई तो मुकेश के पिता युधिष्ठिर सिंह ने बकरियां बांधकर रखने को कहा। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर इरफान ने अपने परिजनों को बुला लिया। इसके बाद सत्तार अली, इरफान, स्वराज अली, बन्टी समेत अन्य लोग लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लेकर मौके पर पहुंच गए। सभी ने मिलकर युधिष्ठिर सिंह पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युधिष्ठिर सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद थाना औंछा में मुकदमा अपराध संख्या-94/2017 के तहत धारा 147, 148, 149 और 302 भारतीय दंड संहिता में रिपोर्ट दर्ज हुई। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। फरमान के किशोर होने के कारण उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया, जबकि सत्तार अली, इरफान, स्वराज अली और बन्टी के विरुद्ध सत्र न्यायालय में सुनवाई चली। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने वादी समेत सात गवाहों के बयान कराए। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, चिकित्सीय साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर अदालत ने अभियोजन के आरोपों को संदेह से परे सिद्ध माना। 9 जुलाई को चारों आरोपियों को दोषी ठहराने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। शुक्रवार को सजा पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चारों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 65 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
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