मैनपुरी। थाना औंछा क्षेत्र में वर्ष 2017 में बकरी को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में शुक्रवार को अदालत ने चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी कोर्ट संख्या-2 के न्यायाधीश कमल सिंह ने दोषी सत्तार अली, इरफान, स्वराज अली और बन्टी को आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक पर 65-65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। एक दिन पहले 9 जुलाई को अदालत ने चारों को दोषी करार दिया था, जबकि शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाया गया अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी राकेश गुप्ता एडीजीसी ने की
अभियोजन के अनुसार घटना 22 अप्रैल 2017 की शाम करीब 5:30 बजे की है। वादी मुकेश कुमार के घर के सामने आरोपियों की बकरियां अक्सर उनके घर और आंगन में लगे पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाती थीं। घटना वाले दिन भी यही बात हुई तो मुकेश के पिता युधिष्ठिर सिंह ने बकरियां बांधकर रखने को कहा। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर इरफान ने अपने परिजनों को बुला लिया। इसके बाद सत्तार अली, इरफान, स्वराज अली, बन्टी समेत अन्य लोग लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लेकर मौके पर पहुंच गए। सभी ने मिलकर युधिष्ठिर सिंह पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युधिष्ठिर सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद थाना औंछा में मुकदमा अपराध संख्या-94/2017 के तहत धारा 147, 148, 149 और 302 भारतीय दंड संहिता में रिपोर्ट दर्ज हुई। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। फरमान के किशोर होने के कारण उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया, जबकि सत्तार अली, इरफान, स्वराज अली और बन्टी के विरुद्ध सत्र न्यायालय में सुनवाई चली। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने वादी समेत सात गवाहों के बयान कराए। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, चिकित्सीय साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर अदालत ने अभियोजन के आरोपों को संदेह से परे सिद्ध माना। 9 जुलाई को चारों आरोपियों को दोषी ठहराने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। शुक्रवार को सजा पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चारों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 65 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।