Web News

www.upwebnews.com

कलेक्ट्रेट परिसर से निकली ‘स्कूल चलो अभियान’ रैली, जिलाधिकारी ने दिखाई हरी झंडी

July 14, 2026

कलेक्ट्रेट परिसर से निकली ‘स्कूल चलो अभियान’ रैली, जिलाधिकारी ने दिखाई हरी झंडी

Posted On 14.07.2026,Time 4.30pm

बिजनौर 14 जुलाई, 2026:- (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा) सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत आज जनपद बिजनौर के कलेक्ट्रेट परिसर से ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली को जिलाधिकारी जसजीत कौर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली में जनपद के विभिन्न विद्यालयों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बच्चों ने शिक्षा के महत्व एवं प्रत्येक बच्चे के विद्यालय में नामांकन को बढ़ावा देने संबंधी संदेशों से युक्त तख्तियां हाथों में लेकर लोगों को जागरूक किया। रैली के दौरान छात्र-छात्राएं शिक्षा जागरूकता से जुड़े प्रेरक नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर से निर्धारित मार्गों पर निकले।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कराने तथा नियमित रूप से विद्यालय भेजने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) देवेंद्र पाल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना, जिला सूचना अधिकारी संतोष कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।

निषाद समाज के आरक्षण पर केंद्र सरकार से है लड़ाई : मुकेश सहनी

Posted on 14.07.2026 Time 07.31 PM Tuesday Basti News
-डॉ. संजय निषाद को दी खुली बहस की चुनौती, यूपी में निकालेंगे ‘निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा’
उप्रससे( जयंत कुमार मिश्रा )
बस्ती, संवाददाता। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने मंगलवार को ब्लाक रोड पर निजी होटल में प्रेसवार्ता के दौरान निषाद समाज के आरक्षण मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कहा कि निषाद समाज को उसका संवैधानिक अधिकार दिलाने की लड़ाई अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है और समाज को अपने वास्तविक राजनीतिक विरोधी को पहचानना होगा।
सहनी ने कहा कि निषाद समाज का संघर्ष उस सरकार से है, जिसने वर्षों से आरक्षण के प्रश्न पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। कहा कि केंद्र सरकार ने आज तक निषाद समाज को आरक्षण नहीं दिया है।
उन्होंने घोषणा की कि अगले महीने से पूरे उत्तर प्रदेश में ‘निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा’ निकाली जाएगी। यात्रा के दौरान गांव-गांव जाकर लोगों को गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प दिलाया जाएगा कि “आरक्षण नहीं तो वोट नहीं”। सहनी ने कहा कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण मिल जाता है तो निषाद समाज समर्थन करेगा, अन्यथा लोकतांत्रिक तरीके से अपना जनादेश देगा।
मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद को निषाद समाज के मुद्दों पर सार्वजनिक लाइव डिबेट की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि वह किसी भी मंच पर आरक्षण, सामाजिक अधिकार और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर खुली बहस के लिए तैयार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि डॉ. संजय निषाद वास्तव में निषाद समाज के हितैषी हैं तो भाजपा छोड़कर इंडिया गठबंधन में शामिल हों। सहनी ने दावा किया कि वह राहुल गांधी, अखिलेश यादव और गठबंधन के अन्य नेताओं से बात कर उन्हें सम्मानजनक राजनीतिक भागीदारी दिलाने का प्रयास करेंगे।
वीआईपी प्रमुख ने कहा कि आज निषाद समाज अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुका है और बड़ी संख्या में विकासशील इंसान पार्टी के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक समाज को उसका न्यायोचित अधिकार नहीं मिल जाता।
प्रेसवार्ता में कार्यक्रम प्रभारी जसपाल निषाद, इंजीनियर राजबहादुर निषाद, पंकज निषाद समेत पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग मौजूद रहे।

सपा सांसद ने राम मंदिर चंदा मामले पर योगी सरकार को घेरा, सीएम से मांगा जवाब

Posted on 14.07.2026 Time 07.24 PM, SP MP , Basti
उप्रससे ( जयंत कुमार मिश्रा)
बस्ती, 14 July 2026,  समाजवादी पार्टी के बलिया से सांसद सनातन पांडेय ने मंगलवार को सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में राम मंदिर चंदा और कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। कहा कि यदि चंदे में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो इसकी जवाबदेही सरकार और शीर्ष नेतृत्व की बनती है तथा मुख्यमंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए।
सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व करती रही, लेकिन सत्ता में आने के बाद मंदिर ट्रस्ट और उससे जुड़े मामलों की प्रभावी निगरानी नहीं की गई। उनका कहना था कि देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था और दान से जुड़े इस मामले में यदि अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार अयोध्या गए, इसके बावजूद चंदे की राशि के उपयोग को लेकर कथित गड़बड़ियों की जानकारी उन्हें क्यों नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यवस्था की निगरानी सरकार को करनी चाहिए थी, उसी दौरान कथित अनियमितताएं सामने आईं।
सनातन पांडेय ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लगातार यह मुद्दा उठाने और सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल किए जाने के बाद ही जांच की प्रक्रिया शुरू हुई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान सांसद ने बताया कि 5 अगस्त को लखनऊ में समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में आमंत्रित किया गया है।
प्रेसवार्ता में विधायक एवं सपा जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, विधायक कवीन्द्र चौधरी, पूर्व विधायक राजमणि पांडेय, अरविंद सोनकर सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सीतापुर में बढ़ती आपराधिक घटनाएं बनी चिंता का विषय, कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर!

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

News Posted on 14.07.2026 Time 07.17 PM Tuesday

– आलोक कुमार बाजपेयी

सीतापुर (उप्र समाचार सेवा)। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद में हाल के दिनों में हत्या, मारपीट, सड़क अपराध, साइबर ठगी और भूमि विवाद से जुड़े मामलों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई घटनाओं के बाद पुलिस ने कई मामलों में मुकदमे दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की है, जबकि कुछ मामलों की जांच अभी जारी है।

जुलाई 2026 के दौरान जिले में कई गंभीर घटनाएं सामने आईं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हत्या, संदिग्ध मौत और हिंसक विवाद के मामलों में पुलिस ने जांच शुरू की तथा कई मामलों में संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कुछ मामलों में फोरेंसिक साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज की भी मदद ली जा रही है।

पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ती चुनौती बनकर उभरा है। ऑनलाइन निवेश, बैंक खाते और डिजिटल भुगतान से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्यभर में विशेष अभियान “ऑपरेशन साइ-वज्र” शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधियों पर कार्रवाई तेज करना और लोगों को जागरूक करना है।

भूमि विवाद और सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे के मामलों में भी प्रशासन ने हाल के दिनों में कार्रवाई की है। जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में जांच और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए कानून का पालन सुनिश्चित करने की बात कही है।

पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल का कहना है कि अपराध नियंत्रण के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई है, हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी की जा रही है, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चल रहे हैं तथा तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, साइबर ठगी या अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

जानकार व जिम्मेदार लोगों का मानना है कि अपराध नियंत्रण केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। समाज, स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों के सहयोग, समय पर शिकायत दर्ज कराने, अफवाहों से बचने तथा कानून का पालन करने से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गंभीर मामलों में निष्पक्ष और त्वरित जांच, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त से लोगों का भरोसा और सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

सीतापुर के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट: योजनाओं के बावजूद कई गांवों में नियमित आपूर्ति का इंतजार!

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

Posted on 14.07.2026 Time 07.14 PM Tuesday, Sitapur

-आलोक कुमार बाजपेयी

सीतापुर (उप्र समाचार सेवा)। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था आज भी कई क्षेत्रों में चिंता का विषय बनी हुई है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत जिले में बड़ी संख्या में पाइपलाइन बिछाने, ओवरहेड पानी की टंकियों के निर्माण और घर-घर नल कनेक्शन देने का कार्य किया गया है। इसके बावजूद अनेक गांवों में ग्रामीणों को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल पा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई गांवों में नल कनेक्शन तो उपलब्ध हैं, लेकिन कई दिनों तक पानी नहीं आता या बहुत कम दबाव से आता है। कुछ स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने, मोटर खराब होने, बिजली आपूर्ति बाधित रहने तथा समय पर रखरखाव न होने के कारण योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। परिणामस्वरूप लोगों को हैंडपंप, निजी बोरवेल या अन्य पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है।

गर्मी के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है। जल स्तर नीचे जाने से कई हैंडपंपों की क्षमता कम हो जाती है, जिससे महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के स्थानों से पानी लाना पड़ता है। इससे दैनिक जीवन के साथ-साथ कृषि और पशुपालन पर भी असर पड़ता है।

जिला प्रशासन का कहना है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। जहां कहीं तकनीकी खराबी या जलापूर्ति में बाधा की शिकायत मिलती है, वहां संबंधित विभागों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए जाते हैं। प्रशासन का दावा है कि सभी पात्र गांवों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कार्य निरंतर जारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नल कनेक्शन देना पर्याप्त नहीं है। योजनाओं की दीर्घकालिक सफलता के लिए जल स्रोतों का संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, पाइपलाइन का नियमित रखरखाव, गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य तथा ग्राम स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है।

जनपद के मछरेहटा विकास खंड के बारेपारा, बिक्रमपुर, मढिया, रामसेवक , भादेभर, वालीनगर,रामसेवक पुरवा, परसदा आदि के ग्रामीणों की मांग है कि जिन गांवों में जलापूर्ति नियमित नहीं है, वहां तत्काल सुधार कार्य कराए जाएं। साथ ही, शिकायतों के त्वरित निस्तारण और पारदर्शी निगरानी व्यवस्था से ही ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है।

यदि जल जीवन मिशन के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है और रखरखाव व्यवस्था मजबूत की जाती है, तो आने वाले समय में सीतापुर के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संबंधी समस्याओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।।

« Newer PostsOlder Posts »