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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया गोरखपुर, आजमगढ़ व बस्ती की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2026 का शुभारंभ

June 3, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया गोरखपुर, आजमगढ़ व बस्ती की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2026 का शुभारंभ

Posted on 03/06/2026
Time 14:40 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

किसान तकनीक व अच्छी क्वालिटी के बीज अपनाएं, केमिकल-पेस्टिसाइड को न्यूनतम कर प्राकृतिक खेती पर जोर दें: मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 3 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों में खेती-किसानी के क्षेत्र में आए परिवर्तन के कारण अन्नदाता किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। किसान समाज व राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ते हुए आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं। देश की सबसे अच्छी उर्वरा भूमि और सर्वाधिक सिंचित भूमि (86 फीसदी) यूपी में है। रबी-खरीफ व जायद की तीनों फसलों से किसानों को अच्छा दाम भी मिल रहा है। यह किसानों की मेहनत का परिणाम है कि यूपी का बीमारूपन दूर हुआ और राज्य समृद्ध बना। किसानों ने कृषि विकास दर को 8 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित गोरखपुर, आजमगढ़ व बस्ती की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2026 का शुभारंभ करने के उपरांत उपस्थित जन-समूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया और उन्हें ट्रैक्टर की चाबी व केसीसी प्रमाण पत्र प्रदान किए। संगोष्ठी का संचालन चारूशीला सिंह ने किया।
सीएम योगी ने कहा कि 12 वर्ष पहले किसान आत्महत्या पर मजबूर थे। 2005 से 2014 के बीच देश में अलग-अलग स्थानों पर अनगिनत किसानों ने आत्महत्या की थी। इसके पीछे भी त्रासदी थी, उनके लिए अच्छी क्वालिटी के बीज, उचित एमएसपी, आपदा से बचाव के उपयुक्त प्रबंध नहीं थे। लागत अधिक-उत्पादन कम था। यदि किसान ने मेहनत से अन्न उत्पादन किया भी तो उसके क्रय की उचित व्यवस्था नहीं थी।
सीएम ने कहा कि पहली बार कोई सरकार कह रही है कि जैसे हम अपने उत्तम स्वास्थ्य के लिए हेल्थ चेकअप करवाते हैं, ऐसे ही धरती माता के स्वास्थ्य का भी परीक्षण होना चाहिए। पीएम मोदी ने 2014 से अनिवार्य रूप से फ्री में सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना लागू हुईं। दलहन-तिलहन आयात में सरकार को लाखों-करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन किसानों को अच्छे बीज देकर दलहन-तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विशेष अभियान प्रारंभ किया।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिया गया, जिससे अन्नदाता किसान साहूकार के सामने हाथ नहीं फैलाए और न ही कर्ज से दबे। मंडी में व्यापक रिफॉर्म किया गया। प्रदेश में जब डबल इंजन सरकार आई तो उसने भी इसे मजबूती से बढ़ाया। किसानों के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए। 2017 में पहली कैबिनेट मीटिंग में कर्ज से दबे किसानों को राहत दी गई। फसल ऋण की विशेष योजना प्रारंभ की गई। प्रयास रहा कि किसानों को लागत का डेढ़ गुना दाम प्राप्त हो। जगह-जगह सरकारी क्रय केंद्र खोलकर उनकी उपज को खरीदा गया।

दशकों से लंबित परियोजनाएं पूरी हुईं

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को प्रारंभ करने के साथ बाणसागर, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बुंदेलखंड आदि से जुड़ी परियोजनाओं को पूरा कराया गया। 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई। सरकार निजी नलकूप में भी किसानों को फ्री बिजली देती है और इसके लिए 3000 करोड़ रुपये का भुगतान भी करती है।

यूपी ने खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को किया प्राप्त

सीएम ने कहा कि यूपी क्षेत्रफल में देश में चौथे स्थान पर है, इसके बावजूद खाद्यान्न, चीनी, एथेनॉल, आलू, सब्जी व दुग्ध का सर्वाधिक उत्पादन कर रहा है। सरकार के साथ किसानों की मेहनत का परिणाम सामने है। सरकार रबी, खरीफ के समय गोष्ठी के माध्यम से किसानों को बीज, तकनीक, शासन की योजनाओं के बारे में बताती है और उनके सुझावों/परेशानियों की जानकारी लेती है।

आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त करने का माध्यम बनेगा किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने का माध्यम बनेगा। सरकार का काम है कि किसान शोषण-अभाव से मुक्त हो, उसके सामने चुनौती न हो, उनके कार्यों में बाधाओं को हटाया जाए। उन्हें अच्छा बीज मिल सके, सुविधा संपन्न करने के साथ उन्हें मंडी से जोड़ा जाए और समय पर उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति की जाए। उत्तर प्रदेश में यह सब संभव हो पा रहा है। यूपी के पास देश की कुल कृषि योग्य भूमि में केवल 11 फीसदी भूमि है, लेकिन वह कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 फीसदी योगदान कर रहा है। यूपी की आबादी देश की कुल जनसंख्या का 16-17 फीसदी है। खाद्यान्न, सब्जी, औद्यानिक फसलों में यूपी देश को लीड कर रहा है, इसके बावजूद कई चुनौतियां भी हैं।

परिजनों को 24 घंटे में पांच लाख की सहायता

सीएम ने कहा कि यूपी में किसानों, सह किसानों (बटाईदारों) व उनके पारिवारिक सदस्यों को भी किसी हादसे की स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक बीमा दुर्घटना योजना का लाभ दिया गया है। इस पर सरकार हर वर्ष एक हजार करोड़ रुपये खर्च करती है। किसान अतिवृष्टि, अनावृष्टि, लू, आकाशीय बिजली, वन्यजीव संघर्ष का शिकार हुआ तो सरकार 24 घंटे के अंदर पांच लाख रुपये की सहायता परिवार को उपलब्ध कराती है।

लखनऊ में सीड पार्क, कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय का निर्माण जारी

सीएम योगी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के नाम पर लखनऊ में सीड पार्क तथा कुशीनगर में कृषि व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र उत्तम तकनीक व बीज की क्वालिटी के बारे में जानकारी के माध्यम बने हैं। इसके बाद भी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है। जितना किसानों ने उत्पादन बढ़ाया है, इसमें अभी लगभग तीन गुना और वृद्धि कर सकते हैं। हमें बीज की क्वालिटी, तकनीक और समय पर खेतीबाड़ी-फसल चक्र को अपनाना पड़ेगा। इससे उत्पादन बढ़ेगा। किसान इस दिशा में कार्य प्रारंभ करें।

सीएम ने चुनौतियों पर भी चर्चा की

सीएम ने चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि उत्पादन का पहला चरण यह है कि किसानों को सही बीज प्राप्त हों। सीएम ने क्वालिटी पर जोर देते हुए कहा कि कितना भी उत्पादन कर लें, यदि उत्पाद एक्सपोर्ट के लायक नहीं तैयार किया गया तो उचित मुनाफा नहीं होगा। आम का यहां 40-50 रुपये दाम मिलेगा, जबकि यूरोप, अमेरिका समेत दुनिया के अन्य देशों में 800 से 1000 रुपये मिलता है। कार्गो का दाम डेढ़ सौ-200 रुपये होगा, फिर भी 600 रुपये प्रति किलो की बचत होगी। इसके लिए क्वालिटी जरूरी है। सरकार ने कार्गो के सेंटर विकसित किए हैं। सीएम ने अपील की कि खाद्यान्न, सब्जी, औद्यानिक फसल आदि में न्यूनतम केमिकल-पेस्टिसाइड का प्रयोग करें।

किसान को पता है कि कब क्या करना है

सीएम ने निर्यात के मानकों पर खरा उतरने पर जोर देते हुए प्राकृतिक खेती (गो आधारित खेती) पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे गोमाता की रक्षा भी होगी और केमिकल-पेस्टिसाइट से भी खेती का बचाव होगा। यह लागत को कम करने का भी माध्यम हो सकता है। किसान स्वयं वैज्ञानिक है। उसे पता है कि कब क्या करना है, बस तारतम्यता से जोड़ने की तैयारी करें। अतिवृष्टि व अनावृष्टि से बचने के लिए अभी से मौसम विभाग द्वारा दिए जाने वाले बुलेटिन के अनुरूप फसल चक्र को तैयार करें। यह कार्य बढ़ेंगे तो किसान की आमदनी भी बढ़ेगी।

सीएम ने सहफसली खेती पर भी दिया जोर

सीएम ने फसल के विविधीकरण की चर्चा करते हुए गन्ना, सब्जियों के साथ ही सहफसली खेती पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। पिछले वर्ष मैंने व कृषि मंत्री ने मध्य यूपी के कई जनपदों में जाकर देखा कि किसान ने जैसे ही गेहूं की फसल काटी, तत्काल मक्का की खेती प्रारंभ की। इससे उन्हें एक लाख रुपये प्रति एकड़ की बचत भी हो रही है।

पहले किसानों को नहीं मिलती थी सिंचाई, सुविधा और सुरक्षा

सीएम ने कहा कि पहले यूपी में सुरक्षा, सिंचाई, क्रय केंद्र समेत सरकारी सुविधाएं नहीं थीं तो किसान बमुश्किल एक से दो फसल करता था। अच्छे बीज नहीं मिल पाते थे। आज किसान तीन-तीन फसलें करके अच्छा मुनाफा कमा रहा है। बिना टैक्स बढ़ाए सरकार ने एमएसपी के माध्यम से अच्छा पैसा दिया। 2016-17 में 300 रुपये गन्ना भुगतान था, आज 400 रुपये प्रति कुंतल दिया जा रहा है। तकनीक, अच्छी क्वालिटी के बीज अपनाएं, केमिकल-पेस्टिसाइड को न्यूनतम कर प्राकृतिक खेती पर जोर दें तो बेहतर लाभ मिलेगा।

किसानों को सही दिशा देगी खरीफ गोष्ठी

सीएम ने गोष्ठी की उपयोगिता पर बल दिया और कहा कि आत्मनिर्भर व विकसित भारत के लिए विकसित खेती आज की आवश्यकता है। किसान तीन फसलों का व्यापक पैमाने पर उत्पादन करता है। फसल चक्र से जुड़ी चुनौतियों का कैसे मुकाबला कर सकते हैं, इस पर ध्यान देना होगा। इस बार मानसून औसत से कम बताया जा रहा है। इसके लिए रणनीति तय होनी चाहिए। यह गोष्ठी किसानों को सही दिशा देगी। सीएम ने कोरोना के दौरान भी किसानों की ताकत का जिक्र किया।

इस दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार आदि मौजूद रहे।

टीजीटी परीक्षा के दौरान धार्मिक चिन्हों को उतरवाने से नाराज दिखे परीक्षार्थी

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH

प्रतापगढ़, 03 जून 2026, खबर उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से है जहां टीजीटी परीक्षा के संचालन के दौरान वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल परीक्षा केंद्र सेंट जेवियर्स स्कूल चिलबिला प्रतापगढ़ में परीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व प्रवेश गेट पर चेकिग के दौरान चेकिंग करने वाली महिलाएं बुरके में थी और परीक्षार्थियों के धार्मिक चिन्हों को उतरवा जा रहा था। जिससे नाराज परीक्षार्थी के परिजनों ने विरोध किया सूचना पर प्रतापगढ़ शहर कोतवाल सुभाष यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मामले को तत्काल प्रभाव से शांत कराया और पेपर देने वाले परीक्षार्थियों को गेट में प्रवेश दिया गया जब परीक्षा देकर परीक्षार्थी निकल रहे थे तो परीक्षार्थी काफी नाराज दिखे और उन्होंने बताया कि चूड़ी,कंगन,क्लेचर,जनेऊ,घड़ी,बिंदी समेत सभी सामान को उतरवा दिया गया। काफी नोंकझोंं के बाद जब पेपर देने के 2 मिनट बचे तो परीक्षा केंद्र द्वारा अनाउंस कराया गया कि किसी भी धार्मिक भावनाओं को आहत किए बगैर आपको परीक्षा का चेकिंग करना है और उनका एग्जाम दिलवाना है।

मुख्यमंत्री योगी ने किया 208 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण

 

Posted on 03/06/2026
Time 14:45 P.M
GORAKHPUR
Santosh Kumar Singh

कहा- ‘अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस’

​गोरखपुर: 03 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में औद्योगिक विकास और जनसुविधाओं को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाते हुए 208 करोड़ रुपये के 71 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले ‘फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स’ का उद्घाटन कर उद्यमियों को ‘प्लग एंड प्ले’ का बेहतरीन मॉडल सौंपा।
​सुरक्षा ही विकास की पहली शर्त
जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति से कोई समझौता नहीं होगा। गरीबों का हक छीनने, व्यापारियों को धमकाने या बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को पाताल से भी खोजकर निकाला जाएगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा का माहौल होने के कारण ही आज यूपी में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं।
​गीडा बना रोजगार का प्रमुख केंद्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में गीडा का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। यहाँ अब पेप्सिको, बिसलेरी जैसी बड़ी इकाइयाँ और नई डिस्टिलरी लग रही हैं। गीडा का विस्तार अब धुरियापार तक किया जा रहा है, जहाँ 7 हजार एकड़ में इंडस्ट्रियल टाउनशिप बन रही है। उन्होंने कहा कि अकेले गीडा में ही 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है।
​एमएसएमई के लिए ‘फ्लैटेड फैक्ट्री’ क्रांतिकारी कदम
फ्लैटेड फैक्ट्री को छोटे उद्यमियों (MSME) के लिए वरदान बताते हुए सीएम ने कहा कि अब जिनके पास जमीन खरीदने का पैसा नहीं है, वे भी सीधे आकर यहाँ उत्पादन शुरू कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कामगारों के लिए निर्मित ईडब्ल्यूएस (EWS) और एलआईजी (LIG) आवासीय परिसरों का उद्घाटन कर श्रमिकों को उनके कार्यस्थल के पास ही किफायती आवास की सौगात दी।
​भावुक पल: अन्नप्राशन और गोदभराई
विकास कार्यों के उद्घाटन के साथ ही मुख्यमंत्री ने एक मानवीय चेहरा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने मासूम बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया और उन्हें दुलारते हुए खिलौने भेंट किए। साथ ही, गर्भवती महिलाओं की ‘गोदभराई’ रस्म पूरी कर उन्हें पोषण पोटली भी वितरित की।
​इस अवसर पर सांसद रवि किशन, विधायक प्रदीप शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

एटा में बोलेरो ने मां-बेटे को टक्कर मारकर किया गंभीर घायल, चालक मौके से फरार

एटा 03 जून उप्रससे। जनपद के मिरहची क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक सड़क हादसे में बाइक सवार मां-बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। सिरसाटिप्पू के पास एक तेज रफ्तार बोलेरो कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जबकि बोलेरो चालक मौके से फरार हो गया।

कासगंज जनपद के नगला ताल गांव निवासी नीलम (35) और उनके बेटे सचिन (18) बुधवार दोपहर करीब 12 बजे अलीगंज दवा लेने जा रहे थे। मिरहची क्षेत्र के सिरसाटिप्पू के पास पहुंचते ही उनकी बाइक को बोलेरो ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मां-बेटे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची एंबुलेंस ने दोनों घायलों को वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज, एटा में भर्ती कराया।
घायल नीलम ने बताया कि वे अलीगंज दवा लेने जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार बोलेरो चालक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।
हादसे के बाद बोलेरो चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार चालक व वाहन की तलाश में जुटी हुई है। परिजनों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Lakhimpur Kheri 15 लाख की अफीम के साथ 6 तस्कर गिरफ्तार,स्विफ्ट कार सीज

निघासन खीरी।
कोतवाली पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए 3.024 किलोग्राम अवैध अफीम के साथ 6 तस्करों को गिरफ्तार किया हैं।बरामद अफीम की अनुमानित कीमत भारतीय बाजार में लगभग 15 लाख रुपये तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही हैं।पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त एक स्विफ्ट कार (UP 31 CU 1123) को भी कब्जे में लेकर कार्रवाई की हैं।पुलिस वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन,क्षेत्राधिकारी शिवम कुमार के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक निघासन अवधराज सिंह सेंगर के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के तहत बड़ी कार्यवाही की पुलिस टीम ने वाहन की जांच के दौरान दो पैकेटों में रखी गई कुल 3.024 किलोग्राम अफीम बरामद की, जिसमें एक पैकेट का वजन 1.986 किलोग्राम तथा दूसरे का 1.038 किलोग्राम पाया गया।गिरफ्तार आरोपियों में सुबेग सिंह उर्फ काला (31), सारज सिंह (23), पारस सिंह (25), गुरनैब सिंह (25), देवेन्द्र सिंह (26) और अगरेज सिंह (50) शामिल हैं।सभी आरोपी थाना तिकुनिया क्षेत्र के विभिन्न गांवों के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ थाना निघासन में एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया हैं।कुछ आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई हैं।
गिरफ्तार सभी अभियुक्तों पर आवश्यक विधिक कार्यवाही के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया पुलिस का कहना हैं कि जनपद में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।इस दौरान पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अवधराज सिंह सेंगर, उपनिरीक्षक राजवीर सिंह, उपनिरीक्षक आदित्य कुमार यादव,कांस्टेबल प्रशांत तेवतिया,संजय यादव,सुरेन्द्र दुबे,कुलदीप,आशुतोष गुप्ता, गौरव सिंह एवं प्रभात सिंह मौजूद रहे।

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