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डग्गामार वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 20 वाहन सीज व 59 का चालान

August 6, 2026

डग्गामार वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 20 वाहन सीज व 59 का चालान

डग्गामार वाहनों के विरोध में अनुबंधित बस यूनियन की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

परिवहन विभाग के ‘मिशन आरोही’ अभियान के तहत लखीमपुर खीरी में हुई बड़ी कार्रवाई

एआरटीओ शांति भूषण पांडे के नेतृत्व में 20 वाहन सीज और 59 वाहनों के चालान किए गए

लखीमपुर खीरी। जनपद में अवैध टैक्सियों और डग्गामार बसों के बढ़ते संचालन के खिलाफ अनुबंधित बस यूनियन के पदाधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। शासन-प्रशासन को बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज अनुबंधित बस यूनियन के पदाधिकारी पिछले तीन दिनों से लगातार हड़ताल पर हैं यूनियन का साफ तौर पर कहना है कि जिले में डग्गामार वाहन और अवैध टैक्सियां भारी पैमाने पर चलाई जा रही हैं, जिससे अनुबंधित बसों को सवारियां नहीं मिल पा रही हैं और वे भारी घाटे में चल रही हैं।
अनुबंधित बस यूनियन की हड़ताल और लगातार मिल रही शिकायतों के बीच उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग पूरी तरह सख्त हो गया है। विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘मिशन आरोही’ अभियान के अंतर्गत लखीमपुर खीरी के एआरटीओ शांति भूषण पांडे के नेतृत्व में 5 और 6 अगस्त 2026 को डग्गामार वाहनों के खिलाफ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई इस कार्रवाई के दौरान परिवहन विभाग ने कुल 20 अवैध वाहनों को सीज कर विभिन्न थानों में बंद कराया है, जबकि 59 वाहनों का चालान काटा गया।एआरटीओ शांति भूषण पांडे ने बताया कि कार्रवाई में एलआरपी चौराहा से लखनऊ जा रही 7 डग्गामार बसें, 2 स्लीपर बसें और 11 अन्य अवैध वाहन शामिल हैं जिन्हें सीज किया गया है उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अवैध रूप से संचालित होने वाले वाहनों के खिलाफ यह अभियान रुकने वाला नहीं है और डग्गामार वाहनों को सीज करने की यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

राजस्व को लग रहा चूना अनुबंधित बसें चलाना मुश्किल: यूनियन

इधर अनुबंधित बस यूनियन के जिला अध्यक्ष श्रवण कुमार गुप्ता और संरक्षक प्रेम प्रकाश बाजपेई ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अवैध डग्गामार वाहन लगातार सरकारी राजस्व को भारी चूना लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डग्गामार वाहनों के अवैध संचालन के कारण अनुबंधित बसों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे अब इन बसों को चला पाना बिल्कुल संभव नहीं रह गया है। यूनियन के पदाधिकारियों की मांग है कि जनपद में अवैध वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए, तभी वे अपनी हड़ताल वापस लेंगे।

Pratapgarh सौ साल पुराना मकान ढहा, परिवार के छह लोगों की मृत्यु

News  Posted on 06.08.2026 Thursday, Time 10.01 AM, Source VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP, Samachar Sewa, UP News,

प्रतापगढ में 100 साल पुराना मकान बना मौत का मलबा, एक ही परिवार के 6 लोगों की दर्दनाक मौत

प्रतापगढ़, 06 अगस्त 2026 (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा), जिले में गुरुवार तड़के ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली गांव में करीब 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के वक्त पूरा परिवार गहरी नींद में था। देखते ही देखते मकान मौत के मलबे में तब्दील हो गया और एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार का एक सदस्य चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच निकला।

जानकारी के मुताबिक महुली गांव निवासी प्रमोद श्रीवास्तव का मकान वर्षों पुराना और बेहद जर्जर हो चुका था। गुरुवार तड़के करीब दो बजे अचानक पूरी इमारत भरभराकर गिर गई। तेज धमाके और चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी राहत एवं बचाव दल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया।हादसे में प्रमोद श्रीवास्तव, रीता श्रीवास्तव, नितिन श्रीवास्तव, माधुरी श्रीवास्तव, माधव और मासूम अद्विक की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। वहीं प्रमोद श्रीवास्तव के पुत्र अमन (28 वर्ष) किसी तरह सुरक्षित बच गए। उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।एक ही परिवार के छह लोगों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतने जर्जर मकान में परिवार रहने को मजबूर क्यों था? क्या ऐसे खतरनाक भवनों की समय रहते पहचान और कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी? यह हादसा सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि जर्जर भवनों के खतरे को लेकर प्रशासन और व्यवस्था के सामने गंभीर चेतावनी भी है। फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

August 5, 2026

महिला आयोग अध्यक्ष ने मथुरा में कन्या जन्मोत्सव, जनसुनवाई और शक्ति संवाद कार्यक्रम में लिया भाग 

मथुरा। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने बुधवार को जनपद मथुरा के दौरे के दौरान जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद आयोजित कन्या जन्मोत्सव में नवजात बालिकाओं के जन्म पर माताओं को 20 बेबी किट वितरित की गई तथा गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी संपन्न कराई गई। उन्होंने कन्या जन्म को समाज के लिए गौरव बताते हुए बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष जोर दिया।

इसके बाद निरीक्षण भवन में महिला सुरक्षा, महिला कल्याण और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान हुई जनसुनवाई में महिलाओं की कुल 22 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश पुलिस और राजस्व विभाग से संबंधित थीं। डॉ. चौहान ने संबंधित अधिकारियों को सभी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विकास खंड मथुरा में आयोजित “शक्ति संवाद” कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि प्रत्येक पात्र महिला तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

आगरा कैंट स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी से ट्रॉली बैग से मिले सड़े-गले मानव अंग

आगरा। आगरा कैंट स्टेशन पर बुधवार को तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी से बरामद ट्रॊली बैग, जिसमें मानव अंग बरामद हुए हैं।

पुलिस के अनुसार चेन्नई से नई दिल्ली की ओर जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस बुधवार तड़के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर पहुंची थी। ट्रेन में यात्रा कर रहे एक यात्री ने रेलवे पुलिस को सूचना दी कि जनरल कोच में रखा एक ट्रॉली बैग काफी समय से लावारिस पड़ा है और उससे तेज बदबू के साथ तरल पदार्थ भी रिस रहा है।

सूचना मिलते ही जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान मौके पर पहुंचे। बैग को सुरक्षित कब्जे में लेकर जब उसकी तलाशी ली गई तो उसमें मानव शरीर के अंग मिले, जो काफी हद तक गल चुके थे और काले पड़ गए थे। इस भयावह दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए।

जांच के दौरान बैग पर चेन्नई का रैपर और स्टिकर लगा मिला है। इसी आधार पर पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि बैग संभवतः चेन्नई से ही ट्रेन में रखा गया था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि बैग किस यात्री का था और इसे ट्रेन में किस स्टेशन से चढ़ाया गया।

रेलवे पुलिस ने मानव अंगों के फॉरेंसिक नमूने सुरक्षित करा लिए हैं। बरामद अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अंग कितने पुराने हैं, वे एक ही व्यक्ति के हैं या नहीं, तथा मृत्यु का कारण क्या हो सकता है।

जांच अधिकारी इस संभावना को भी गंभीरता से देख रहे हैं कि मामला मानव अंगों की अवैध तस्करी से जुड़ा हो सकता है। वहीं दूसरी ओर हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें ट्रॉली बैग में भरकर ट्रेन के माध्यम से ठिकाने लगाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। दोनों बिंदुओं पर समानांतर जांच की जा रही है।

पुलिस अब तमिलनाडु एक्सप्रेस के रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, यात्रियों की जानकारी तथा रेलवे के अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से बैग रखने वाले व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही जांच का दायरा चेन्नई तक बढ़ाया गया है और वहां की स्थानीय पुलिस से भी संपर्क स्थापित किया जा रहा है। जांच टीम के चेन्नई जाकर मामले की तह तक पहुंचने की तैयारी भी की जा रही है।

रेलवे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। फिलहाल घटना को अत्यंत गंभीर मानते हुए सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है।

चलती ट्रेन में जन्मा बच्चा: मुस्तैद मेडिकल टीम ने संभाली कमान, जच्चा-बच्चा सुरक्षित

आगरा। चलती ट्रेन में एक गर्भवती महिला ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। प्रसव की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और मेडिकल टीम तत्काल सक्रिय हो गई। ट्रेन के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचते ही डॉक्टरों और नर्सों ने मां और नवजात की स्वास्थ्य जांच की। प्राथमिक परीक्षण में दोनों की स्थिति सामान्य मिलने पर उन्हें आगे की चिकित्सकीय देखभाल के लिए रेलवे अस्पताल भेज दिया गया।

जानकारी के अनुसार, यात्रा के दौरान फर्रुखाबाद की गर्भवती महिला माधुरी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला की हालत देखकर पति व अन्य सहयात्रियों ने तुरंत ट्रेन के टीटीई और रेलवे कर्मचारियों को सूचना दी। इसके बाद रेलवे कंट्रोल को संदेश भेजा गया और आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर मेडिकल टीम को पहले से ही तैयार रहने के निर्देश दिए गए।

रेलवे अधिकारियों के बीच समन्वय के चलते ट्रेन के स्टेशन पहुंचने से पहले ही डॉक्टर, नर्स और आवश्यक चिकित्सा उपकरण प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा दिए गए। उधर साबरमती-आगरा एक्सप्रेस के छावनी स्टेशन पहुंचने से पहले ही ट्रेन में ही महिला को प्रसव हो चुका था। ट्रेन रुकते ही चिकित्सा दल ने महिला और नवजात की जांच की। दोनों स्वस्थ पाए जाने के बाद उन्हें एंबुलेंस से रेलवे अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में आगे की देखभाल की जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रसव के दौरान ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने भी मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए महिला की हरसंभव सहायता की। महिला यात्रियों ने सहयोग कर सुरक्षित माहौल बनाया, जबकि रेलवे स्टाफ लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहा।

इस घटना में समय पर मिली चिकित्सा सहायता और रेलवे कर्मचारियों की तत्परता के कारण मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। चलती ट्रेन में जन्मे इस शिशु की किलकारी ने कुछ देर के लिए पूरे कोच का माहौल भावुक और खुशियों से भर दिया। यात्रियों ने भी रेलवे प्रशासन और चिकित्सा टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना

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