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डीएम ने ईवीएम वेयर हाउस की वाह्य सुरक्षा को परखा 

April 25, 2026

डीएम ने ईवीएम वेयर हाउस की वाह्य सुरक्षा को परखा 

मैनपुरी।  जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ तहसील सदर परिसर में स्थित इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन वेयर हाउस की वाह्य सुरक्षा का निरीक्षण करते हुए ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों से कहा कि पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, परिसर में कोई भी कर्मी प्रतिबन्धित सामिग्री लेकर प्रवेश न करे, कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति वेयर हाउस परिसर में प्रवेश न करें, सी.सी.टी.वी. कैमरे 24 घंटे क्रियाशील रहें। उन्होने ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों से कहा कि अपनी-अपनी शिफ्ट में समय से उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें, वेयर हाउस के चारों ओर घूमकर निगरानी करें, वेयर हाउस की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाये, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, नियमित रूप से परिसर की सफाई हो, वेयर हाउस की लॉगबुक, पंजिका अद्यावधिक रखी जाये।
          निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द, निर्वाचन कार्यालय से गोपाल गुप्ता, अविनाश सक्सेना, सुनील मिश्रा, अजय अम्बेश के अलावा अध्यक्ष नेशनल कॉग्रेस पार्टी गोपाल कुलश्रेष्ठ, जिलाध्यक्ष आम आदमी पार्टी संतोष कुमार, भारतीय जनता पार्टी से पंकज भदौरिया, अमित गुप्ता, समाजवादी पार्टी से राजीव कुमार, बहुजन समाज पार्टी से डा. अवनीश शाक्य आदि उपस्थित रहे।

गोरखपुर: फर्जी दस्तावेजों से जमीन बेचने वाले 2 जालसाज गिरफ्तार

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
25/04/2026

गोरखपुर में धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में पुलिस को सफलता मिली है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचने के आरोप में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर द्वारा चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में थाना चिलुआताल पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने मु0अ0सं0 130/26 से संबंधित मामले में अभियुक्त विनोद सिंह और अनिल यादव को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर वादी की जमीन को अवैध रूप से बेच दिया था। पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विनोद सिंह पुत्र परशुराम सिंह निवासी ग्राम रामूडीहा थाना एम्स और अनिल यादव पुत्र राधेश्याम यादव निवासी नारायनपुर थाना एम्स, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है।
पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

एटा में रिफाइंड गोदाम में भीषण आग लगने से लाखों का नुकसान

फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू

एटा 25 अप्रैल उप्रससे। जनपद के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में शनिवार को एक रिफाइंड गोदाम में भीषण आग लग गई। यह गोदाम एफसीआई गोदाम के सामने स्थित है। आग लगने से गोदाम में रखा लाखों रुपये का रिफाइंड तेल जलकर खाक हो गया। आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन आग की भयावहता के कारण स्थानीय लोग उस पर काबू नहीं पा सके। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। घटना की जानकारी मिलने पर अग्निशमन अधिकारी प्रशांत राणा भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
गोदाम बनारसी दास पुत्र प्रमोद और प्रशांत जैन पुत्र प्रमोद का बताया जा रहा है, जिसमें रिफाइंड ऑयल भरा था। आग बुझाने वाले फायर कर्मियों में निशांत शर्मा, जितेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, मानसिंह और जुगनू सहित कई अन्य कर्मी शामिल रहे।

डीएम ने दिखाए सख्त तेवर,एसएन का किया औचक निरीक्षण, धीमे निर्माण कार्य पर लताड़ा

आगरा। आगरा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम ने शनिवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में चल रहे निर्माण कार्यों का  औचक निरीक्षण कर चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की भी हकीकत परखी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड का जायजा लिया, जहां मरीजों को दी जा रही सुविधाओं, साफ-सफाई और चिकित्सा व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। अधिकारियों से जानकारी लेते हुए उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को इलाज में देरी या असुविधा न हो।

इसके बाद डीएम का फोकस मेडिकल कॉलेज में चल रहे निर्माणाधीन फेज-1 प्रोजेक्ट पर रहा। उन्होंने मौके पर पहुंचकर कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया और कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि काम की गति बढ़ाई जाए।

डीएम ने कहा कि निर्माण कार्य को “युद्ध स्तर” पर पूरा किया जाए, इसके लिए लेबर की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा होना चाहिए।

होमगार्ड्स की तीन दिन तक हर रोज दो पालियों में होगी परीक्षा

हर रोज हजारों की अतिरिक्त भीड़ से यातायात व्यवस्था चरमराने का खतरा!

आगरा। होमगार्ड भर्ती परीक्षा के पहले ही दिन शहर में अभ्यर्थियों का सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे यातायात व्यवस्था पर भारी दबाव देखने को मिला। 25, 26 और 27 अप्रैल तक चलने वाली इस लिखित परीक्षा के लिए जनपद में 28 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 75,168 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। अनुमान है कि प्रतिदिन करीब 25 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देंगे और उनके साथ आए परिजनों को मिलाकर शहर में रोजाना लगभग 40-50 हजार अतिरिक्त लोगों की मौजूदगी रहेगी।

शनिवार को पहले दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली पाली की परीक्षा शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी केंद्रों पर पहुंच गए, जहां सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी मनीष बंसल और अपर पुलिस आयुक्त राम मदन सिंह ने एक दिन पूर्व ही विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। प्रशासन ने दावा किया है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जा रही है।

वहीं, अचानक बढ़ी भीड़ ने शहर की पहले से जर्जर यातायात व्यवस्था को और मुश्किल में डाल दिया है। मेट्रो निर्माण और अन्य सड़क कार्यों के चलते शहर की कई प्रमुख सड़कें पहले से ही संकरी और बाधित हैं। ऐसे में भारी संख्या में अभ्यर्थियों और वाहनों की आवाजाही से तीनों दिन जाम की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

स्थिति को संभालने के लिए यूपी रोडवेज ने आगरा के लिए 2008 अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू किया है। ये बसें आईएसबीटी, बिजलीघर और ईदगाह बस अड्डों से चलाई जा रही हैं, जो फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, अलीगढ़, मथुरा समेत आसपास के जिलों को जोड़ रही हैं।

हालांकि यातायात पुलिस ने व्यवस्था सुचारू रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया है, लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि शहर पर अचानक बढ़ा यह दबाव प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।

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