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एटा में प्राइवेट कर्मियों के खिलाफ अधिवक्ताओं ने बजाया बिगुल

May 12, 2026

एटा में प्राइवेट कर्मियों के खिलाफ अधिवक्ताओं ने बजाया बिगुल

18 मई से न्यायालय बहिष्कार की दी चेतावनी

एटा 12 मई उप्रससे। जनपद की जलेसर तहसील में अधिवक्ताओं ने प्राइवेट कर्मियों पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और फर्जी आदेश दर्ज कराने के आरोप लगाते हुए मांगें पूरी न होने पर 18 मई से न्यायालय बहिष्कार की चेतावनी दी है।

जनपद की तहसील बार एसोसिएशन जलेसर के अधिवक्ताओं ने तहसीलदार न्यायालयों में तैनात प्राइवेट कर्मियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और पत्रावलियों में हेराफेरी कर पैसों की वसूली कर कागजों को बेचा जा रहा है वही उन्होंने पैसे लेकर फर्जी आदेश फाइलों में दर्ज कराने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जुलूस निकालकर एसडीएम पीयूष रावत एवं एसडीएम न्यायिक राजकुमार मौर्य को अलग-अलग ज्ञापन सौंपते हुए तहसीलदार न्यायालयों में कार्यरत दो सगे प्राइवेट कर्मियों सहित अन्य को तत्काल हटाने की मांग की।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि तहसीलदार न्यायालय एवं तहसीलदार न्यायिक न्यायालय में पेशकार के रूप में प्राइवेट कर्मी बबलू यादव और सोनू यादव से कार्य कराया जा रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि दोनों कर्मी न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कर पत्रावलियों में तिथियां बदलने, नियत तिथि से पूर्व आदेश पारित कराने तथा फाइलों में हेराफेरी कागजों को गायब करने जैसे कार्य कर रहे हैं, जिससे अधिवक्ताओं और वादकारियों में भारी रोष है।

बार अध्यक्ष रामेश्वर सिंह ने बताया कि इससे पूर्व तत्कालीन एसडीएम न्यायिक द्वारा इन प्राइवेट कर्मियों को हटाने के आदेश भी जारी किए गए थे, लेकिन बाद में फिर से इन्हें न्यायालयों में कार्य पर लगा दिया गया। अधिवक्ताओं ने हाल ही में नायब तहसीलदार जलेसर एवं अवागढ़ न्यायालयों में बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के ई-परवाना जारी कर अभिलेखों में इंद्राज कराने के मामले का भी उल्लेख किया।

बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित प्राइवेट कर्मियों को शीघ्र नहीं हटाया गया तो आगामी 18 मई से तहसील परिसर स्थित सभी न्यायालयों का सामूहिक बहिष्कार कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता गण मौजूद रहे।

Gorakhpur पुलिस चौकी के सामने फटा सिलेंडर, भीषण आग में कई दुकानें जलकर राख

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
12/05/2026

​गोरखपुर। जनपद के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत असुरन पुलिस चौकी के ठीक सामने मंगलवार की सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक चाय की दुकान में रखा गैस सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। इस हादसे ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में आने से कई अन्य दुकानें जलकर खाक हो गईं।

​जानकारी के अनुसार, असुरन पुलिस चौकी के समीप पप्पू गुप्ता की चाय की दुकान स्थित है। मंगलवार सुबह जब कामकाज जारी था, तभी अचानक दुकान में रखे गैस सिलेंडर में रिसाव के कारण जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि आसपास का इलाका दहल उठा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि बगल की दुकानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय शाहपुर पुलिस और फायर ब्रिगेड को तत्काल सूचित किया गया। मौके पर पहुँची अग्निशमन विभाग की टीम ने मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, तब तक पप्पू गुप्ता की दुकान समेत आसपास की कई गुमटियां और दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थीं।

​इस अग्निकांड में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, जो एक बड़ी राहत की बात रही। लेकिन प्रभावित दुकानदारों का सब कुछ जल जाने के कारण भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ितों का कहना है कि उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र जरिया यही दुकानें थीं, जो अब मलबे में तब्दील हो चुकी हैं।

​घटनास्थल पर पहुंची शाहपुर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या सुरक्षा मानकों में कोई कमी थी या यह महज एक दुर्घटना थी।

सिलबट्टे से कूचकर विवाहिता की नृशंस हत्या, पति-ससुर समेत 9 पर FIR; ढाई साल का मासूम बनेगा गवाह

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
12/05/2026

​गोरखपुर। जनपद के चौरीचौरा थाना क्षेत्र स्थित मिर्जवा सरदार गांव में शनिवार को सनसनीखेज वारदात सामने आई । यहाँ 32 वर्षीय स्नेहलता की सिलबट्टे से प्रहार कर निर्मम हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने मृतका के भाई की तहरीर पर पति और ससुर समेत ससुराल पक्ष के कुल 9 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। घटना के समय घर पर मौजूद ढाई साल का मासूम बेटा अब इस केस में मुख्य गवाह बनेगा।

​मिर्जवा सरदार निवासी साधु शरण मौर्य, जो बाराबंकी में आईटीआई शिक्षक हैं, उनकी पत्नी स्नेहलता शनिवार सुबह करीब 11 बजे घर के अंदर लहूलुहान स्थिति में मिलीं। आनन-फानन में परिजन उन्हें इलाज के लिए एम्स (AIIMS) ले गए, लेकिन अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के शरीर, सिर, हाथ-पैर पर चोट के गंभीर निशान थे और गले पर रस्सी के निशान भी पाए गए हैं।

​भाई का आरोप: सुनियोजित तरीके से की गई हत्या

​स्नेहलता के भाई अमित मौर्य (निवासी गगहा) ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि उनकी बहन की हत्या एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई है। अमित के अनुसार, उन्हें फोन पर सूचना मिली थी कि बहन घायल है, लेकिन अस्पताल पहुँचने पर उसकी मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि बहन के शरीर पर गहरे जख्म इस बात का प्रमाण हैं कि किसी भारी वस्तु से उन पर हमला किया गया है।

​पुलिस ने तहरीर के आधार पर ​पति साधु शरण, ​ससुर गोपीनाथ, ​जेठ रामू , ​जेठानी साधना , ​सास , ​ननद वंदना , ​छोटे और बड़े बहनोई समेत कुल 9 लोगों को आरोपी बनाया है ।

​घटना के वक्त स्नेहलता की दो बड़ी बेटियां स्कूल गई हुई थीं। घर पर केवल उनका ढाई साल का बेटा मौजूद था। पुलिस की एक टीम ने बच्चों से बातचीत की है, जिसमें मासूम के बयानों के आधार पर पति और ससुर पर शक गहरा गया है। पुलिस फिलहाल इन दोनों से सघन पूछताछ कर रही है। घटनास्थल से पुलिस ने खून से सना सिलबट्टा बरामद किया है, जिसे मुख्य हथियार माना जा रहा है।

​एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतका के भाई की तहरीर पर ससुराल पक्ष के 9 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस की टीमें साक्ष्य जुटा रही हैं और फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है। घटना के हर पहलू की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हाइवे पर चला सघन चेकिंग अभियान: 70 ड्रंकन ड्राइविंग में पकड़े गए

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
12/05/2026

1085 वाहनों की जांच; बिना नंबर प्लेट, ओवरस्पीड व प्रेशर हॉर्न पर भी कार्रवाई

गोरखपुर। सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गोरखपुर यातायात पुलिस ने नेशनल हाईवे और लिंक एक्सप्रेसवे पर दो दिवसीय सघन अभियान चलाकर नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की। 9 और 10 मई को जिले के 8 प्रमुख टोल प्लाजा पर एक साथ चलाए गए इस अभियान में बड़ी संख्या में वाहनों की जांच की गई और कई गंभीर उल्लंघनों का खुलासा हुआ।
अभियान के दौरान यातायात पुलिस टीम ने ब्रेथ एनालाइजर की मदद से कुल 1085 वाहन चालकों की जांच की। इसमें 70 चालक नशे की हालत में वाहन चलाते पाए गए, जो सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माने जाते हैं। सभी के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई की गई।
ओवरस्पीडिंग और बिना नंबर प्लेट वाहनों पर भी शिकंजा
चेकिंग के दौरान 46 वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में चलते मिले, जिन पर तत्काल चालान किया गया। वहीं 32 डंपर और ट्रक बिना नंबर प्लेट के संचालित होते पाए गए, जिन्हें नियमों का घोर उल्लंघन मानते हुए उनके खिलाफ सीज/चालान की कार्रवाई की गई।

प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर पर भी कार्रवाई

अभियान में 11 वाहनों में अवैध प्रेशर हॉर्न लगे पाए गए, जबकि 3 वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल हो रहा था, जिससे ध्वनि प्रदूषण फैलता है। ऐसे वाहनों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई।

8 टोल प्लाजा पर एक साथ चेकिंग से बढ़ी सख्ती

यातायात पुलिस द्वारा जिले के 8 प्रमुख टोल प्लाजा पर एक साथ चेकिंग अभियान चलाया गया, जिससे नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस की इस समन्वित कार्रवाई से कई ऐसे वाहन भी पकड़े गए, जो अक्सर जांच से बच निकलते थे।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल चालान तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। विशेष रूप से नशे में वाहन चलाना और ओवरस्पीडिंग को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण मानते हुए इस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के सघन अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं और वाहन के सभी दस्तावेज व मानक सही रखें, ताकि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके और सड़कें सुरक्षित बनी रहें।

बिलारी के बदमाश को गैंगस्टर में सजा

MORADABAD DISTRICT COURT

जुर्माना गैंगस्टर कोर्ट ने सुनाई पांच साल दस माह की सजा

Post on 12.5.26
Monday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा।
विशेष न्यायधीश गैंगस्टर कोर्ट एडीजे अविनाश चन्द्र मिश्रा ने बदमाश को पांच साल दस माह की सजा सुनाई है। अदालत में सुनवाई के बाद दोषी अबरार पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
बिलारी के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक गजेन्द्र त्यागी ने गांव थावला के निवासी अबरार के खिलाफ उसकी अपराधिक गतिविधियों को देखते हुए गैगस्ट‍र का मुकदमा दर्ज किया।14 अप्रैल,20 को रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना के आधार पर कोर्ट में उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
केस की सुनवाई गैंगस्टर कोर्ट एडीजे-5 में हुई।विशेष लोक अभियोजक राजीव कुमार
त्यागी ने बताया कि अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुना गया। कोर्ट में कहा ग‍या कि आरोपी क्षेत्र में लोगों को डरा धमका कर आर्थिक‍ व भौतिक लाभ कमाता है। उसने अपना गिरोह भी बनाया हुआ है। मंगलवार को साक्ष्‍य के आधार पर अदालत ने अबरार को दोषी करार देते हुए पांच साल दस माह व 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

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