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मातृ वंदना योजना में लापरवाही पर 355 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस

July 25, 2026

मातृ वंदना योजना में लापरवाही पर 355 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस

हाथरस। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण न कराने पर जनपद की 355 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि समीक्षा में पाया गया कि इन कार्यकर्ताओं ने चालू वित्तीय वर्ष में एक भी पात्र लाभार्थी का पंजीकरण नहीं कराया है।उन्होंने बताया कि प्रथम गर्भावस्था पर पात्र महिला को दो किस्तों में 5,000 रुपये तथा दूसरी गर्भावस्था में बालिका के जन्म पर 6,000 रुपये की सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।जिलाधिकारी के निर्देश पर जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि 31 जुलाई तक पात्र महिलाओं का पंजीकरण नहीं कराया गया तो संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोका जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी की जाएगी।जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पात्र गर्भवती महिलाओं से अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर योजना में पंजीकरण कराने की अपील की है। वहीं सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लापरवाही बरतने वाली कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई के लिए 30 जुलाई तक पत्रावली उपलब्ध कराई जाए।

श्रीमद्भागवत कथा का भावपूर्ण समापन, भव्य शोभायात्रा से भक्तिमय हुआ 

फोटो –सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर  कथा में पहुंचकर आचार्य वल्लभ महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए

हाथरस। श्रीकृष्ण गौशाला, गौशाला रोड स्थित श्री गया प्रसाद महाराज की तपोभूमि में श्याम गंगा इंडस्ट्रीज़ एवं श्याम गंगा एंटरप्राइजेज के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में भावपूर्ण समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन आचार्य वल्लभ महाराज ने सुदामा चरित्र, राजा परीक्षित के मोक्ष, भागवत महात्म्य एवं श्रीमद्भागवत के उपसंहार का प्रेरणादायी वर्णन किया।कथाव्यास ने कहा कि सुदामा चरित्र सच्ची मित्रता, निष्काम प्रेम, विनम्रता और भगवान पर अटूट विश्वास का संदेश देता है। भगवान श्रीकृष्ण भक्त के प्रेम के भूखे हैं, वैभव के नहीं। श्रद्धा और निष्कपट भाव से भगवान का स्मरण करने वाले भक्तों के कष्ट स्वयं प्रभु दूर करते हैं।कथा विश्राम के बाद भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी झांकियों, भजन-कीर्तन और जयघोषों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। पूरे शहर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भागवत महापुराण की आरती कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और सनातन धर्म की उन्नति की कामना की। इस दौरान सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर ने भी कथा में पहुंचकर आचार्य वल्लभ महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।आयोजन समिति के गोविंद बल्लभ ने बताया कि 28 जुलाई को नई धर्मशाला, चामड़ गेट में सायंकाल दिव्य सत्संग तथा 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से दोनों आयोजनों में सपरिवार शामिल होने की अपील की।कार्यक्रम में गिरिराज किशोर अग्रवाल, अजय अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल, अमित अग्रवाल, अनुपम अग्रवाल, अनूप अग्रवाल, संजय शर्मा, सत्यप्रकाश मदनावत, श्याम सुंदर शर्मा (बंटी), अतुल अग्रवाल, पंकज खंडेलवाल, राकेश बंसल सहित आयोजन समिति के सदस्य एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में समिति ने कथा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं, प्रशासन, मीडिया एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।

कलेक्ट्रेट मार्च से पहले सपा नेताओं को पुलिस ने रोका, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सौंपा ज्ञापन

फोटो –राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन क्षेत्राधिकारी नगर  को सौंपते वरिष्ठ नेता धीरज पांडेय तथा अन्य

हाथरस। नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट मार्च से पहले पुलिस ने अलीगढ़ रोड पर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और सपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में सपा प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन क्षेत्राधिकारी नगर (सीओ सिटी) को सौंप दिया।सपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाहा, वरिष्ठ नेता धीरज पांडेय तथा अन्य कार्यकर्ता केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें बीएलएस स्कूल के सामने रोक लिया। सूचना मिलने पर जिला कार्यालय और आसपास पहले से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कुछ देर के लिए मौके पर जाम जैसी स्थिति भी बनी।सपा नेताओं ने पुलिस को बताया कि वे पार्टी कार्यालय जा रहे हैं, जिसके बाद उन्हें कार्यालय जाने की अनुमति दी गई। कार्यालय में बैठक के बाद पार्टी नेताओं ने बाहर ही सीओ सिटी को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए देश में सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की गई। जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी कार्यालय तक पहुंचने से रोका गया तथा सपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि पार्टी इसका विरोध जारी रखेगी।इस दौरान धीरज पांडेय, मुहर सिंह, अनूप यादव, मौहर सिंह, मलिक यादव, सत्येंद्र यादव, नरेश दिवाकर, अशोक गोला, रमेशचंद, ललित चौधरी, चमन बाबू, अकील कुरैशी, राशिद खान, मानवेंद्र कुशवाहा, शहवाज कुरैशी, अरमान कुरैशी, मनीष कुशवाहा, रिंकू सेंगर, मुस्ताक अली, हुकम सिंह, लवकैश, रवेंद्र कुमार प्रजापति, ब्रह्मदेव कश्यप, मानवेंद्र यादव, शेर सिंह, नुसरत अली सहित बड़ी संख्या में सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

भगवान विष्णु योगनिद्रा में, चातुर्मास का शुभारंभ:पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी

फोटो -पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी

हाथरस। श्री सिद्ध गोपाल सेवा ट्रस्ट समिति के संस्थापक एवं अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर चार माह के लिए योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं। इसी के साथ चातुर्मास का शुभारंभ होता है, जिसे साधना, संयम, जप-तप और भक्ति का सर्वोत्तम काल माना गया है।उन्होंने बताया कि पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 24 जुलाई 2026 को सुबह 9:12 बजे प्रारंभ होकर 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार देवशयनी एकादशी का व्रत 25 जुलाई (शनिवार) को रखा जाएगा, जबकि व्रत का पारण द्वादशी तिथि में नियमानुसार किया जाएगा।पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने कहा कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से पापों का क्षय होता है तथा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। पूजा में भगवान विष्णु का जल, गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक कर पीला चंदन, पीले पुष्प, तुलसी दल, फल और नारियल अर्पित किए जाते हैं। घी का दीपक जलाकर आरती करने तथा “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करने का विशेष महत्व है।उन्होंने बताया कि देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का आरंभ होता है, जो सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक मास तक चलता है। इस अवधि में दान, जप, तप, व्रत, सत्संग और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना गया है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागृत होते हैं और चातुर्मास का समापन होता है।उन्होंने श्रद्धालुओं से देवशयनी एकादशी का व्रत श्रद्धा एवं विधि-विधान से करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह पर्व केवल व्रत नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का पावन अवसर है।

सीएम ने दिए त्योहारों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

कानून व्यवस्था की समीक्षा करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ : 24 जुलाई, 2026, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आगामी श्रावण मास, काँवड़ यात्रा और विभिन्न पर्वों के दृष्टिगत अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि आस्था के इस महापर्व में प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। काँवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएँ, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और जनसुविधाओं की ऐसी व्यवस्था दिखायी देनी चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने, मिलावट, ओवररेटिंग, अव्यवस्था या अराजकता पैदा करने का प्रयास करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। प्रशासन पूरे आयोजन के दौरान पूरी सजगता तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
मुख्यमंत्री जी आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी काँवड़ यात्रा, मेलों एवं त्योहारों, कानून-व्यवस्था तथा बाढ़ प्रबन्धन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से संवाद किया।
मुख्यमंत्री जी ने श्रावण मास के दौरान आयोजित होने वाली काँवड़ यात्रा, श्रावणी शिवरात्रि, चेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस, बरावफात और रक्षाबन्धन के सम्बन्ध में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता, यातायात, आपदा प्रबन्धन और नागरिक सुविधाओं की तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक में अपर मुख्य सचिव, गृह ने तैयारियों की जानकारी दी, जबकि मण्डलायुक्त मेरठ और ए0डी0जी0 जोन मेरठ ने काँवड़ यात्रा प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
मुख्यमंत्री जी ने मेरठ जोन की तैयारियों और कार्ययोजना को प्रदेश के अन्य सभी पुलिस जोनों के साथ साझा करने के निर्देश दिए, ताकि पूरे प्रदेश में एक समान और प्रभावी व्यवस्था लागू की जा सके। उन्होंने कहा कि काँवड़ यात्रा अब प्रदेश के किसी एक हिस्से तक सीमित आयोजन नहीं रह गई है। रुहेलखण्ड, ब्रज, बुन्देलखण्ड, अवध, पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु इसमें सम्मिलित होते हैं। ऐसे में प्रत्येक जनपद में व्यवस्थाओं का स्तर समान होना चाहिए। स्थानीय प्रशासन काँवड़ संघों के साथ निरन्तर संवाद बनाए रखे, शिविर संचालकों का सत्यापन समय से पूरा करे और सभी तैयारियों की अग्रिम समीक्षा कर किसी भी प्रकार की कमी को पहले ही दूर कर लिया जाए। काँवड़ की निर्धारित ऊँचाई का पालन सुनिश्चित कराने के लिए हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखण्ड राज्य के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए तथा वहाँ के काँवड़ संघों से भी नियमित संवाद रखा जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि काँवड़ यात्रा मार्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप पूरी तरह तैयार होने चाहिए। जहाँ कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, उनकी तत्काल मरम्मत पूरी करायी जाए। मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध रहें। स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी के साथ रहे। चिकित्सा शिविर प्रभावी ढंग से संचालित हों तथा एण्टी वेनम और एण्टी रैबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएं तथा सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से भजन-संगीत के साथ आवश्यक सूचनाओं का नियमित प्रसारण किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। काँवड़ यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की दुकानें बंद रखी जाएं। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गन्दगी और ओवररेटिंग की शिकायत किसी भी दशा में नहीं मिलनी चाहिए। अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही करें। प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रहे। डीजे की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप हो तथा कानफोड़ू आवाज किसी भी परिस्थिति में स्वीकार न की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने, संवेदनशील स्थलों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरों और ड्रोन से सतत् निगरानी रखने तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और फर्जी सूचनाओं का तत्काल खण्डन किया जाए तथा अफवाह फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। सम्भावित बाढ़ और कटान वाले क्षेत्रों में पहले से सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी रहें तथा स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी बनाए रखे। वी0आई0पी0 आवागमन से जुड़े कार्यक्रमों की पूर्व जानकारी उपलब्ध रहे, जिससे आम श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारीगण जनप्रतिनिधियों के साथ सतत् संवाद बनाए रखें। अगले दो से तीन दिनों के भीतर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सम-सामयिक विषयों और शासन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा की जाए तथा उनके सुझावों के अनुरूप स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने बैठक में प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कुछ जनपदों से कोटेदारों के उत्पीड़न की प्राप्त शिकायतों पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला पूर्ति अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें। यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो तत्काल निलम्बन के साथ खुली विजिलेंस जाँच कराकर विधिक और विभागीय कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने पावर कॉरपोरेशन के सभी डिस्कॉम को ओवर बिलिंग की शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश देते हुए कहा कि तकनीकी खामियों का बोझ आम उपभोक्ता पर नहीं पड़ना चाहिए। प्रत्येक उपभोक्ता से उसके वास्तविक विद्युत उपभोग के अनुरूप ही बिजली का बिल लिया जाए और इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
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