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प्रधानमंत्री 22 फरवरी को मेरठ का दौरा करेंगे

February 20, 2026

प्रधानमंत्री 22 फरवरी को मेरठ का दौरा करेंगे

  • प्रधानमंत्री करीब 12,930 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और समर्पण करेंगे
  • प्रधानमंत्री भारत की पहली नमो भारत आरआरटीएस का उद्घाटन करेंगे और संपूर्ण दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित करेंगे
  • प्रधानमंत्री भारत की सबसे तेज मेट्रो – मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे
  • पहली बार अपनी तरह की पहल के तहत, नमो भारत आरआरटीएस और मेरठ मेट्रो एक ही बुनियादी ढांचे पर संचालित होंगी
PM Narendra Modi
Posted on: 20.02.2026 Time 10.55 PM Source PIB Delhi

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के मेरठ का दौरा करेंगे। दोपहर में करीब 12:30 बजे, प्रधानमंत्री शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां से वे मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो का सफर करेंगे। दोपहर लगभग 1 बजे, प्रधानमंत्री मेरठ में लगभग 12,930 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

प्रधानमंत्री 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे भारत की पहली नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (आरआरटीएस) के शेष खंडों का भी उद्घाटन करेंगे। इनमें दिल्ली में सराय काले खान और न्यू अशोक नगर के बीच का 5 किलोमीटर का खंड और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ और मोदीपुरम के बीच का 21 किलोमीटर का खंड शामिल है।

180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ, नमो भारत भारत की पहली क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली है। नमो भारत से साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी केंद्र दिल्ली से अधिक तेजी से जुड़ पाएगें।

कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन सराय काले खान, इस उद्घाटन के साथ शुरू होने वाले चार नमो भारत स्टेशनों में से एक है। यह रणनीतिक रूप से एक प्रमुख मल्टी-मॉडल हब के रूप में स्थित है, जो हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और रिंग रोड को सरलता से जोड़ता है। शुरू होने वाले अन्य तीन नमो भारत स्टेशन शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम मेरठ में हैं।

प्रधानमंत्री मेरठ दक्षिण और मोदीपुरम के बीच मेरठ मेट्रो सेवा का भी उद्घाटन करेंगे, जो नमो भारत के ही बुनियादी ढांचे पर संचालित होगी। यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है। मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली होगी, जिसकी अधिकतम परिचालन गति लगभग 120 किमी प्रति घंटा होगी। मेट्रो सभी निर्धारित पड़ावों सहित पूरी दूरी को मात्र 30 मिनट में तय करेगी। एक ही बुनियादी ढांचे पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो का यह निर्बाध एकीकरण, तेज़ रफ्तार वाली अंतर-शहरी यात्रा और शहर के भीतर सुगम आवागमन के लिए मददगार साबित होगा, जो भारत में एकीकृत शहरी और क्षेत्रीय परिवहन के लिए एक मिसाल कायम करेगा। इससे सड़क यातायात में भीड़ कम होगी और नतीजतन वाहनों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में खासी कमी आएगी।

ये परियोजनाएं शहरी गतिशीलता को बदलने और नागरिकों के जीवन को सरल बनाने वाली निर्बाध, कुशल, आधुनिक और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को और गति प्रदान करेंगी।

Banda Pocso Court: बच्चों के यौन शोषण और चाइल्ड पोर्नोग्राफी में दंपत्ति को फांसी की सजा

Posted on:20.02.2026 Friday, Time 09.13 PM

बांदा, 20 फरवरी। UP News, जनपद की विशेष पॉक्सो एक्ट अदालत ने Child Pornography चाइल्ड पोर्नोग्राफी, बाल यौन शोषण मामले में दंपत्ति को मृत्यु दंड की सजा सुनाई है। पीड़ित बच्चों को 10 10 लाख रुपए सहायता देने का भी आदेश दिया है। आरोपित दंपत्ति 5 साल से जेल में बंद हैं।

जानकारी के अनुसार चित्रकूट में निलंबित अवर अभियंता रामभवन और उनकी पत्नी दुर्गावती किराए के मकान में रहते थे। यहां इन्होंने 33 बच्चों का यौन उत्पीड़न किया और उनके Porn videos वीडियो बनाए, फोटो लिए। इन वीडियो और फोटो को डार्क वेब के माध्यम से विदेशी पोर्न वेबसाइट पर अपलोड किया। इस धंधे में इन्होंने लाखों रुपए कमाए।

जानकारी होने पर इनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज हुआ। इन्हें 2020 में गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले की जांच सीबीआई ने की।CBI सीबीआई ने चार्जशीट के साथ वीडियो और अश्लील बरामद फोटो साक्ष्य में पेश किए।

अदालत ने इस मामले को दुर्लभतम, अत्यंत जघन्य और अधिकतम सजा योग्य मानते हुए रामभवन और दुर्गावती को फांसी की सजा सुना दी।

Web Title: Chitrakoot Engineer and his wife sentenced to death by Banda (UP) POCSO Court for sexually harassment and pornography 33 children, porn video sell on dark web.

February 19, 2026

सरसंघचालक जी का लखनऊ प्रवास क्रम में दूसरे दिन १८/२/२५ को आयोजित प्रथम कार्यक्रम *शोधार्थी संवाद*

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत जी लखनऊ विश्वविद्यालय में शोधार्थी संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए

शिक्षा और स्वास्थ्य सबको सुलभ होना चाहिए : डॉ. मोहन भागवत

लखनऊ । शिक्षा और स्वास्थ्य मूलभूत आवश्यकता है। यह व्यवसाय नहीं हो सकते। शिक्षा और स्वास्थ्य सबके लिए सुलभ होने चाहिए। ये बातें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में आयोजित शोधार्थी संवाद कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि पश्चिम के लोगों ने शिक्षा के साथ खिलवाड़ किया। हमारी शिक्षा व्यवस्था हटाकर अपनी थोपी। जिससे उन्हें काम करने के लिए काले अंग्रेज मिल जाए। अंग्रेजों ने जो बिगाड़ा उसको ठीक करना होगा।

संघ का लक्ष्य भारत को परम वैभव सम्पन्न बनाना

उन्होंने कहा कि संघ का कार्य देश को परम वैभव सम्पन्न बनाना है। मैं और मेरा परिवार ही सबकुछ है, यह न सोच कर पूरे देश के लिए सोचना होगा। संघ समाज की एकता और गुणवत्ता की चिंता करता है। संघ को समझना है तो संघ के अंदर आकर कर देखिये। संघ को पढ़ कर नहीं समझा जा सकता है। संघ को सम्पूर्ण हिन्दू समाज को संगठित करने वाला एक ही काम करना है। संघ किसी के विरोध में नहीं है। संघ को लोकप्रियता, प्रभाव और शक्ति नहीं चाहिए।

शोध की बड़ी भूमिका महत्वपूर्ण

सरसंघचालक ने कहा कि भारत की दिशा और दशा बदलने में शोध की बड़ी भूमिका है। सत्य परक बातें सामने आनी चाहिए। अज्ञानता से भारत को हम समझ ही नहीं पाएंगे। उन्होने शोधार्थियों से कहा कि जो भी शोध करें उसे उत्कृष्ट रूप से, प्रामाणिकता पूर्वक, तन-मन-धन से, निःस्वार्थ भाव से देश के लिए करें। उन्होंने कहा कि संघ को लेकर बहुत दुष्प्रचार होता है। शोधार्थियों को सत्य सामने लाना चाहिए।

सभी क्षेत्रों में शक्तिशाली बनाना होगा

वैश्वीकरण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई बहुत बड़ी चुनौती नहीं है। आज वैश्वीकरण का मतलब बाजारीकरण से है, जो खतरनाक है। हम वसुधैव कुटुंबकम् की बात करते हैं। यानी पूरे विश्व को अपना परिवार मानते हैं। जब तक सब सुखी नहीं होंगे, एक व्यक्ति सुखी नहीं हो सकता है। इसलिए हमारा जीवन संयमित होना चाहिए, उपभोगवादी नहीं होना चाहिए। संयम, त्याग का जीवन हमारे संस्कृति आत्मबोध में है। पश्चिमी देशों ने जड़वाद फैलाया। उन देशों की सोच है कि बलशाली बनकर खुद जियो और बाकी को छोड़ दो, जो बाधक बने, उन्हें मिटा दो।यही काम आज अमेरिका, चीन कर रहे हैं। लेकिन आज दुनिया भर की समस्याओं के प्रश्नों का उत्तर भारत के पास है। विश्व गुरु बनना है तो सभी क्षेत्रों में शक्तिशाली बनना होगा। दुनिया तभी मानती है जब सत्य के पीछे शक्ति हो।

धर्म का स्वरूप शाश्वत है

उन्होंने कहा कि धर्म का शाश्वत स्वरूप सदैव प्रासंगिक है। सृष्टि जिन नियमों से चलती है, वह धर्म है। धूल का एक भी कण धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता है। धर्म सबको सुख पहुंचाता है। हमारी सभी बातों में धर्म लागू है। आचरण धर्म, देश, काल के अनुसार बदलता रहता है। धर्म बताता है कि हमें अकेले नहीं सबके साथ जीना है।

पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें

संघ प्रमुख ने कहा कि पर्यावरण के प्रति हम लोगों को मित्र भाव से जीवन को जीना चाहिए । पेड़ लगाना, पानी बचाना, एकल प्लास्टिक का प्रयोग न करना जैसे कार्य पर्यावरण संरक्षण में सहायक हो सकते हैं। हमें आधुनिक तकनीक का भी पर्यावरण संरक्षण में उपयोग करना चाहिए।”

ऋषिकेश में बंजी जंपिंग के दौरान एक युवती की मौत

उप्र समाचार सेवा (UPSS) , दिनांक: 19 फरवरी 2026 | स्थान: ऋषिकेश (उत्तराखंड)**

ऋषिकेश, 19 फरवरी, बंजी जंपिंग के दौरान एक युवती की मौत का मामला सामने आया है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 18 फरवरी को हुई इस घटना में युवती ने बंजी जंपिंग के दौरान छलांग लगाई, लेकिन गिरते समय तेज झटके के कारण उसकी गर्दन में गंभीर चोट लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवती हवा में ही निष्क्रिय हो गई थी और ऊपर खींचे जाने पर उसकी हालत गंभीर पाई गई, जहां बाद में उसे मृत घोषित कर दिया गया।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और मौजूद पर्यटकों ने सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई है। मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आ रही है, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

सूत्रों के अनुसार पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित बंजी जंपिंग संचालकों से सुरक्षा प्रोटोकॉल, उपकरणों की गुणवत्ता और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता को लेकर जानकारी मांगी जा रही है।

स्थानीय लोगों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए साहसिक खेल गतिविधियों के लिए सख्त सुरक्षा मानकों, नियमित निरीक्षण और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

February 17, 2026

संगठित हो हिंदू समाज : डॉ. मोहन जी भागवत

Dr Mohan Rao BhagwatPosted on 17.02.2026, Tuesday, Time 07.45 PM Lucknow, Dr Mohan Bhagwat

लखनऊ। हिंदू समाज को संगठित औऱ सशक्त होने की आवश्यकता है। हमको किसी से खतरा नहीं है, लेकिन सावधान रहना है। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत ने लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सामाजिक सद्भाव बैठक में बोलते हुए कही। हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने लालच और जबरदस्ती हो रहे मतांतरण पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा। बढ़ती घुसपैठ पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा। उन्हें रोजगार नहीं देना है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। वैज्ञानिकों के हवाले से उन्होंने कहा कि जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है। यह बात हमारे परिवारों में नव दंपतियों को बताई जानी चाहिए। डॉ. भागवत ने कहा कि विवाह का उद्देश्य सृष्टि आगे चले, यह होना चाहिए, वासना पूर्ति नहीं। इसी भावना से कर्तव्य बोध आता है।

सद्भाव बढ़ाने की जरूरत

उन्होंने कहा कि सद्भाव ना रहने से भेदभाव होता है। हम सभी एक देश, एक मातृभूमि के पुत्र हैं। मनुष्य होने के नाते हम सब एक हैं। एक समय भेद नहीं था, लेकिन समय चक्र के चलते भेदभाव की आदत पड़ गई है, जिसे दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि सनातन विचारधारा सद्भाव की विचारधारा है।
जो विरोधी हैं, उन्हें मिटाना है, ऐसा हम नहीं मानते। एक ही सत्य सर्वत्र है। इस दर्शन को समझ कर आचरण में लाने से भेदभाव समाप्त होगा।

मातृशक्ति परिवार का आधार

सरसंघचालक जी ने कहा कि घर-परिवार का आधार मातृशक्ति है। हमारी परंपरा में कमाई का अधिकार पुरुषों को था, लेकिन खर्च कैसे हो, यह मातायें तय करती थी। मातृशक्ति विवाह के बाद दूसरे घर में आकर सभी को अपना बना लेती है। महिला को हमें अबला नहीं मानना है, वह असुर मर्दिनी है। हमने स्त्री की, प्रकृति की जो कल्पना की, वह बलशाली है। महिलाओं को आत्म संरक्षण का प्रशिक्षण होना चाहिए। पश्चिम में महिलाओं का स्तर पत्नी से है, हमारे यहां उन्हें माता माना जाता है। उनका सौंदर्य नहीं, वात्सल्य देखा जाता है।

कानून सभी को मानना है

यूजीसी गाइडलाइन को लेकर किए गए एक प्रश्न के उत्तर में सरसंघचालक जी ने कहा कि कानून सभी को मानना चाहिए। यदि कानून गलत है तो बदलने का उपाय भी है। जातियां झगड़े का कारण नहीं बनना चाहिए। समाज में अपनेपन का भाव होगा तो इस तरह की समस्या नहीं होगी। जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुक कर ऊपर उठाना पड़ेगा। सभी अपने हैं, यह भाव मन में होना चाहिए। संघर्ष से नहीं, समन्वय से दुनिया आगे बढ़ती है। एक को दबाकर दूसरे को खड़ा करने का भाव नहीं होना चाहिए।

विश्व का मार्गदर्शन करेगा भारत

डॉ. भागवत जी ने कहा कि भारत निकट भविष्य में विश्व को मार्गदर्शन देगा। विश्व की अनेक समस्याओं का समाधान भारत के पास ही है।

नियमित हों समाजिक सद्भाव की बैठकें

डॉ. भागवत ने समाज की सज्जन शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि बस्ती स्तर पर सामाजिक सद्भाव से जुड़ी बैठकें नियमित होनी चाहिए। हम आपस में मिलेंगे तो गलतफहमियां दूर होंगी। इस प्रकार की बैठकों में रूढ़ियों से मुक्त होने पर चर्चा होनी चाहिए। जो समस्याएं सामने आएं, उनको दूर करने का प्रयास होना चाहिए। जो दुर्बल है, उनकी सहायता करना चाहिए।

विदेशी शक्तियों के प्रति चेताया

उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन जैसे देशों में बैठे कुछ लोग हमारी सद्भावना के विरुद्ध योजना बना रहे हैं। इससे हमें सावधान रहना होगा। एक दूसरे के प्रति अविश्वास समाप्त करना होगा। एक दूसरे के दुख दर्द में शामिल होना होगा।

सम्मलित हुए विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि

कार्यक्रम में सिक्ख,बौद्ध,जैन समाज के साथ ही रामकृष्ण मिशन, इस्कॉन, जय गुरुदेव, शिव शांति आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग, संत निरंकारी आश्रम, संत कृपाल आश्रम, कबीर मिशन, गोरक्षा पीठ, आर्य समाज, संत रविदास पीठ, दिव्यानंद आश्रम, ब्रह्म विद्या निकेतन, सहित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

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