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‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में विधायिकाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: ओम बिड़ला

January 21, 2026

‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में विधायिकाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: ओम बिड़ला

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों के नेताओं को नियोजित गतिरोध पर चेताया

Lok Sabha Ahyaksh Om Bidla address 86th AIPOC

सदन में नियोजित गतिरोध पर दलीय नेताओं को चेताया

86वाँ अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) लखनऊ में संपन्न; लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने समापन सत्र को किया संबोधित

विधायिका को अधिक प्रभावी और जनोपयोगी बनाने के लिए ‘राष्ट्रीय विधायी सूचकांक’ (National Legislative Index) तैयार किया जाएगा: लोक सभा अध्यक्ष

राज्य विधान मंडलों में प्रति वर्ष न्यूनतम 30 बैठकें सुनिश्चित की जानी चाहिए: लोक सभा अध्यक्ष

Disruption नहीं, Discussion और Dialogue की संस्कृति को सुदृढ़ करना होगा: लोक सभा अध्यक्ष

पीठासीन अधिकारी संविधान के प्रहरी और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के संरक्षक हैं: लोक सभा अध्यक्ष

लखनऊ; 21 जनवरी, 2026: उत्तर प्रदेश विधान भवन, लखनऊ में 19 से 21 जनवरी, 2026 तक आयोजित 86वाँ अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) आज लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला के समापन भाषण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सम्मेलन के समापन सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्य सभा के  उपसभापति, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के  सभापति एवं उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष ने अपने विचार व्यक्त किए।

अपने समापन भाषण में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि विधायिका को अधिक प्रभावी, जनोपयोगी और उत्तरदायी बनाने के लिए एक ‘राष्ट्रीय विधायी सूचकांक’ (National Legislative Index) तैयार किया जाएगा, जिससे देशभर के विधानमंडलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, संवाद की गुणवत्ता और कार्यकुशलता में वृद्धि हो सके। उन्होंने इस संबंध में एक समिति के गठन की जानकारी भी दी।
श्री बिरला ने कहा कि राज्य विधान मंडलों में प्रति वर्ष न्यूनतम 30 बैठकें सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि विधानमंडल जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का एक प्रभावी मंच बन सकें। उन्होंने कहा कि सदन जितना अधिक चलेगा, उतनी ही अधिक सार्थक, गंभीर और परिणामोन्मुख चर्चा संभव होगी।

नियोजित गतिरोध लोकतंत्र के लिए हानिकारक 

लोक सभा अध्यक्ष ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। आगामी बजट सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के बारे में सवाल का जवाब देते हुए, लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन में लगातार नियोजित गतिरोध और व्यवधान देश के लोकतंत्र के लिए उचित नहीं हैं। जब सदन में व्यवधान होता है, तो सबसे अधिक नुकसान उस नागरिक का होता है जिसकी समस्या पर चर्चा होनी थी। उन्होंने कहा कि हमें Disruption नहीं, बल्कि Discussion और Dialogue की संस्कृति को सुदृढ़ करना होगा।

उन्होंने सभी दलों के नेताओं व सदस्यों से सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग देने की अपील की तथा कहा कि लोकतंत्र में लोक सर्वोपरि है, और जनता के प्रति हमारी जवाबदेही केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि हर दिन और हर क्षण है।
श्री बिरला ने कहा कि पीठासीन अधिकारी केवल कार्यवाही संचालित करने वाले नहीं होते, बल्कि वे संविधान के प्रहरी और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के संरक्षक होते हैं। उनकी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और दृढ़ता ही सदन की दिशा तय करती है।

86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में कुल छह महत्वपूर्ण संकल्प पारित किए गए

संकल्प संख्या 1 – सभी पीठासीन अधिकारी अपनी-अपनी विधायिकाओं के कार्य संचालन के प्रति स्वयं को पुनः समर्पित करेंगे, ताकि वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में योगदान दिया जा सके।

संकल्प संख्या 2 – सभी राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनाकर राज्य विधायी निकायों की न्यूनतम तीस (30) बैठकें प्रति वर्ष की जाएँ तथा विधायी कार्यों के लिए उपलब्ध समय और संसाधनों का रचनात्मक एवं प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाएं जनता के प्रति उत्तरदायी हो सकें।

संकल्प संख्या 3 – विधायी कार्यों की सुगमता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग को निरंतर सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे जनता और उनकी विधायिकाओं के बीच प्रभावी संपर्क स्थापित हो सके तथा सार्थक सहभागी शासन सुनिश्चित किया जा सके।

संकल्प संख्या 4 – सहभागी शासन की सभी संस्थाओं को आदर्श नेतृत्व प्रदान करना निरंतर जारी रखना, ताकि राष्ट्र की लोकतांत्रिक परंपराएँ और मूल्य और अधिक गहरे तथा सशक्त बन सकें।

संकल्प संख्या 5 – डिजिटल प्रौद्योगिकी के कुशल उपयोग के क्षेत्र में सांसदों एवं विधायकों की क्षमता निर्माण का निरंतर समर्थन तथा विधायिकाओं में होने वाली बहसों और चर्चाओं में जनप्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शोध एवं अनुसंधान सहायता को सुदृढ़ करना।

संकल्प संख्या 6 – विधायी निकायों के कार्य संपादन का वस्तुनिष्ठ मानकों के आधार पर मूल्यांकन एवं तुलनात्मक आकलन (बेंचमार्किंग) करने हेतु एक ‘राष्ट्रीय विधायी सूचकांक’ (National Legislative Index) का निर्माण, जिससे जनहित में अधिक उत्तरदायित्व के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने हेतु अनुकूल वातावरण स्थापित हो सके।

तीन प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई।
• पारदर्शी, कुशल एवं नागरिक-केंद्रित विधायी प्रक्रियाओं हेतु प्रौद्योगिकी का उपयोग,
• विधायकों की क्षमता-वृद्धि द्वारा कार्यकुशलता में सुधार एवं लोकतांत्रिक शासन को सुदृढ़ करना, तथा
• जनता के प्रति विधायिकाओं की जवाबदेही।

इस सम्मेलन में देश के 24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से 36 पीठासीन अधिकारियों ने भागीदारी की। इस प्रकार सहभागिता की दृष्टि से 86वाँ AIPOC अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन रहा।
लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन जैसे मंच लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ाते हैं, आपसी समन्वय को मजबूत करते हैं और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं।
श्री बिरला ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तर प्रदेश विधान सभा, विधान परिषद, लोक सभा एवं राज्य सभा सचिवालय, तथा सभी प्रतिभागी पीठासीन अधिकारियों और प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

January 20, 2026

अब नितिन नबीन मेरे बासः नरेन्द्र मोदी

PM Narendra Modi speech on the occasion of New BJP President Nitin Nabin's take Charge of President office

भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नबीन के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा पर विचार व्यक्त करते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि अब नितिन नबीन मेरे बास हैं। यह बात उन्होंने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नबीन के पद भार ग्रहण समारोह में कही। प्रधानमंत्री ने नितिन नबीन को बधाई देते हुए उहें जिम्मेदारियां भी बताईं और आशा भी व्यक्त की कि वे सफल होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा में पदाधिकारी का दायित्व बदलता है दिशा और नीति नहीं बदलती। भाजपा के संस्कार है।

पार्टी कार्यालय में आयोजित समारोह में श्री मोदी ने कहा कि पार्टी का कार्यकर्ता होना उनके खुद के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा हमारी पार्टी में अध्यक्ष बदलते हैं, आदर्श नहीं बदलते। नेतृत्व बदलता है लेकिन दिशा नहीं बदलती। श्री मोदी ने कहा भाजपा एक संस्कार है भाजपा एक परिवार है। हमारे यहां मेम्बरशिप Membership से भी ज्यादा रिलेशनशिप Relationship होती है। भाजपा एक ऐसी परंपरा है जो पद से नहीं चलती बल्कि प्रक्रिया से चलती है। हमारे यहां पदभार एक व्यवस्था है और कार्यभार जीवन भर की जिम्मेदारी।

प्रधानमंत्री की मौजूदगी में हुई नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर निर्वाचन की औपचारिक घोषणा

New BJP President Nitin Nabin with PM Narendra Modi and four former President Rajnath Singh, Nitin Gadkari, Amit Shah, Jagat Prakash Nadda

मंगलवार 20 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व भाजपा अध्यक्षों राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह, जेपी नड्डा ने नितिन नबीन को अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण कराया

नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए हुए सर्वसम्मत चुनाव के बाद आज नितिन नबीन के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा हो गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के निवर्तमान अध्यक्ष राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह और जगत प्रकाश नड्डा समेत भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद थे। श्री नबीन का निर्वाचन कल ही तय हो गया था क्योंकि उनका अकेला नामांकन इस पद के लिए आया था। घोषणा आज समारोह पूर्वक की गई।

भारतीय जनता पार्टी ने सामाजिक समीकरणों को भी ध्यान में रखकर नबीन का चयन किया है। वे कायस्थ जाति से हैं, जिसका पश्चिम बंगाल से लेकर, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश में खासा प्रभाव है। बुद्धिजीवी वर्ग में ब्राह्मण के बाद यह दूसरी ऐसी जाति है जिसके समाज के लोग विभिन्न सेवाओं में भारी संख्या में हैं और प्रभाव रखते हैं। इसलिए यह वर्ग जनमत बनाने और नैरेटिव सैट करने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा सकता है।

बिहार के निवासी नितिन नबीन युवा अध्यक्ष के रूप में पद संभालने वाले पहले नेता हैं। वे बिहार सरकार में पांच बार विधायक रहे हैं। उनके पिता भी भाजपा के विधायक थे। श्री नबीन भाजपा के लिए कई महत्वपूर्ण अभियानों में सफलता पूर्वक परिणाम दे चुके हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ विधान सभा चुनाव में प्रभारी बनाया गया था। वहां भाजपा को सफलता मिली, इसके बाद लोकसभा चुनाव में भाजपा को उल्लेखनीय जीत मिली थी।

हालांकि नबीन का चयन देश भर के लिए चौंकाने वाला फैसला रहा। लेकिन भाजपा के लिए पूरी तरह से कैलकुलेटिव है। पूरा गणित लगा कर भाजपा नेतृत्व ने फैसला लिया है। वे 45 वर्ष के हैं और अगले 25 वर्ष तक वे पार्टी की अनवरत सेवा कर सकते हैं।

January 19, 2026

नितिन नबीन अब हुए बीजेपी के नए सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली, 19 जनवरी 2026, भाजपा को नवीन अध्यक्ष के रूप में युवा नितिन नहीं मिल गए हैं। उनका निर्विरोध निर्वाचन हो गया है। घोषणा कल होगी।

37 सेट पूरे देश से युवा नितिन नबीन के पक्ष में बीजेपी के केंद्रीय मंत्री , मुख्य मंत्री और वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने दाखिल किये।

आज बीजेपी मुख्यालय में राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचन अधिकारी के लक्ष्मण ने 5 बार के विधायक 45 वर्षीय

नितिन नबीन को विधिवत राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया।

नितिन नबीन के पक्ष में पूरे देश से बीजेपी केंद्रीय मंत्री , मुख्य मंत्री और वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने 37 सेट निर्वाचन हेतु दाखिल किये गए

किन्तु उनके विरोध में कोई प्रत्याशी नहीं उतरा। इस प्रकार निर्वाचन अधिकारी के लक्ष्मण ने बिहार से 5 बार के विधायक नितिन नबीन

को सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया है।

अब बीजेपी की राष्ट्रिय कार्य समिति की बैठक में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के निर्वाचन का अनुमोदन किया जाना शेष रह गया

है। राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचन प्रक्रिया में बीजेपी के वरिष्ठ नेता पूर्व अध्यक्ष जे पी नड्डा , अमित शाह , राजनाथ सिंह , किरन रिजिजू  आदि

वरिष्ठ नेता नितिन नबीन के नाम का प्रस्ताव करने मौजूद रहे।

45 वर्षीय इंजीनियर नितिन नबीन बिहार में अजेय विधायक और मंत्री के नाम से जाने जाते हैं। बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश और राष्ट्रिय अध्यक्ष की

भूमिका निभा चुके युवा नितिन नबीन विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को नई सोच, नई दिशा और संकल्प देने की पारी शुरू करेंगे।

उनके पिता स्वर्गीय नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी कई बार विधायक रह चुके हैं।

_ भूपत सिंह बिष्ट स्वतंत्र पत्रकार।

Varanasi झूठ के सहारे सहानुभूति बटोरने की साजिश उजागर, दो सांसदों समेत आठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज

मणिकर्णिका घाट प्रकरण

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर लगाया झूठ फैलाकर माहौल बिगाडने का आरोप

Manikarnika Ghat Varanasi

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट का विहंगम दृध्य

वाराणसी, 19 जनवरी 2026, मणिकर्णिका घाट Manikarnika Ghat प्रकरण में विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस द्वारा फैलाया गया झूठ उजागर हो गया है। मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खुद सामने आने और पत्रकार वार्ता करने के बाद झूठ की परतें खुलने लगी हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ARTIFICIAL Intellegence (AI) जनरेटेड वीडियो और फोटाग्राफ्स जारी करके केन्द्र और प्रदेश सरकार को बदनाम करने की गहरी साजिश रची गई थी। मामले में चौक पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें कांग्रेस समर्थित बिहार निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, आप के राज्य सभा सदस्य संजय सिंह, पंजाब की कांग्रेस नेता समेत आठ लोगों को नामजद किया गया है। इन लोगों ने एक एआई जेनरेटेड फोटो एक्स पर शेयर करके आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट पर पुनरुद्द्धार के नाम पर मन्दिरों को तोड़ा गया है, महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तोड़ दी गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि शेयर फोटो और वीडियो एआई से बनाये गए थे। ये फोटो कुंभ महादेव मन्दिर के हैं, जिसे क्षतिग्रस्त दिखाया गया है। जबकि यह मन्दिर काशी विश्वनाथ कारोडोर में है और पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि काशी की आस्था और विश्वास से जुड़े इस स्थल पर अनेक मढियां स्थापित होने की बात प्रशासन और प्रदेश के मंत्री, विधायक, मेयर ने  स्वीकार की है। उन्होंने यह भी माना है कि एक मढ़ी को शिफ्ट करते हुए ड्रिलिंग के कंपन से मढी की दीवार पर बनी कलाकृतियों को कुछ नुकसान पहुंचा है। लेकिन, किसी भी तरह से मन्दिर को क्षतिग्रस्त नहीं किया गया है।

दरअसल यह मामला चर्चा में तब आया जब 16 जनवरी की रात लगभग 10 बजे आशुतोष नामक एक्स यूजर के हैंडल से एक फोटो शेयर की गई। इसमें कहा गया कि मणिकर्णिका घाट पर प्रशासन ने मन्दिरों पर बुलडोजर चला दिया है। मन्दिर तोड़ दिये गए हैं, महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को तोड़ दिया गया है। इस एक्स ट्बीट पर पप्पू यादव, संजय सिंह और कई लोगों ने शेयर किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की तुलना औरंगंजेब और महमूद गजनवी की सरकार से कर दी। इसके बाद मामला गर्मा गया। वीडियो और फोटो की जांच की गई तो पता चला कि वह एआई से बनाया गया है। इस फर्जीवाडे की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस सक्रिय हुई। जांच की गई तो पता चल गया कि वीडियो और फोटो सब एआई से बने हुए हैं। जिस कुंभ महादेव के मन्दिर को क्षतिग्रस्त दिखाया गया और उसे मणिकर्णिका घाट पर बताया गया वह उस स्थान से 250 मीटर दूर है और पूरी तरह से सुरक्षित है। अब चौक पुलिस ने मामले में आप सांसद संजय सिंह, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और छह अन्य को नोटिस जारी कर 72 घंटे में जवाब मांगा है और वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में पेश होने को कहा है।

मामले की जानकारी के अनुसार 23 जुलाई 2023 को मणिकर्णिका घाट पर सौन्दर्यीकरण और पुनर्रुद्धार के लिए 26.50 करोड़ स्वीकृत किये गए थे। इस धनराशि से घाट पर विस्तारित श्मसान बनाये जाने हैं। यहां 30 नए प्लेटफार्म बनाये जाने हैं क्योंकि शवदाह के लिए स्थान कम होने के कारण जनता को असुविधा होती है। प्रतीक्षा भी करनी पड़ती है। इसके साथ अन्य सुविधाओं का भी विकास किया जाना है। इसके लिए कुछ छोटी छोटी मढियों को शिफ्ट किये जाने की आवश्यकता है। इसी क्रम में जब काम शुरु हुआ तो एक मढ़ी क्षतिग्रस्त हुई. मशीन के कंपन से दीवार पर कलाकृति भी क्षतिग्रस्त हुईं, यह बात प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने स्वीकार की है। मढ़ी में स्थापित मूर्ति को अन्यत्र संरक्षित रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि उक्त मूर्तियों को फिर से उचित स्थान पर स्थापित कर दिया जाएगा।

इसी विकास कार्य को लेकर कांग्रेस ने बवाल खड़ा कर दिया है। मन्दिरों को तोड़ने का आरोप लगा दिया। पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं यहां पहुंच गए और सर्किट हाउस में पत्रकार  वार्ता कर स्थित स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि झूठे फोटो से फर्जी पोस्टें की गई हैं। कांग्रेस माहौल बिगाडना चहती है।

 

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