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एटा मेडिकल कॉलेज में सीजर के बाद दो नवजात बदल दिए, नर्स और आया सस्पेंड

June 13, 2026

एटा मेडिकल कॉलेज में सीजर के बाद दो नवजात बदल दिए, नर्स और आया सस्पेंड

एटा 13 जून उप्रससे। वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज एटा में सीजर प्रसव के बाद दो नवजात शिशुओं के अदला-बदली का मामला सामने आया है। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। जांच में लापरवाही पाए जाने पर एक स्टाफ नर्स और एक आया को निलंबित कर दिया गया है।

जैथरा थाना क्षेत्र के गांव परौली की रहने वाली 25 वर्षीय शिवानी पत्नी जुगेंद्र से जुड़ा है। उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। सीजर प्रसव के लगभग एक घंटे बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने परिजनों को बताया कि उन्हें कन्या हुई है। जबकि प्रसूता शिवानी का कहना था कि उन्हें पुत्र हुआ था। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से शिकायत की।
दूसरी ओर 23 वर्षीय अफसाना पत्नी रवि को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद अस्पताल स्टाफ ने अफसाना के परिजनों को पुत्र होने की जानकारी दी। बेटे के जन्म की खुशी में परिजनों ने न्योछावर भी बांटी और रिश्तेदारों को सूचना दे दी।

अफसाना के ससुर अमीर मुहम्मद ने बताया कि ऑपरेशन के बाद अस्पताल कर्मियों ने उन्हें लड़का दिखाया था। करीब एक घंटे बाद बताया गया कि बच्चा बदल गया है और वास्तव में लड़की हुई है। उन्होंने कहा कि यदि शुरुआत में ही सही जानकारी दी जाती तो कोई विवाद नहीं होता। परिजनों ने बच्चे की फोटो भी खींच ली थी और खुशी में डॉक्टर को 1000 रुपए न्योछावर दिए थे। जब दोनों परिवारों को बच्चों के बदलने की जानकारी मिली तो अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। मामला मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा, जिसके बाद तत्काल जांच कराई गई। जांच में नवजातों को परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया में लापरवाही सामने आई।

वर्जन
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि दोनों महिलाओं का सीजर ऑपरेशन हुआ था। अफसाना को जन्मी बच्ची की जन्म के तुरंत बाद पहली रोने की आवाज नहीं आई थी, इसलिए उसे बाल रोग विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया था। इसी दौरान नवजातों को परिजनों को सौंपते समय भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। जिस महिला को पुत्र हुआ था, उसे गलती से पुत्री सौंप दी गई और जिस महिला को पुत्री हुई थी, उसे पुत्र दे दिया गया। हालांकि ऑपरेशन रिकॉर्ड, पीडियाट्रिशियन के नोट्स, नर्सिंग रिकॉर्ड और पोर्टल पर दर्ज विवरण की जांच में बच्चों की वास्तविक पहचान स्पष्ट हो गई। मुख्य रूप से एक आया और एक स्टाफ नर्स की लापरवाही सामने आई है। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। भविष्य में उन्हें गायनी वार्ड में तैनात नहीं किया जाएगा। दोनों परिवारों को समझाकर नवजातों को सही अभिभावकों को सौंप दिया गया है। अब आगे से नवजात शिशुओं को सीधे बाल रोग विशेषज्ञों की निगरानी में ही परिजनों को सौंपने की व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

June 12, 2026

हाइटेंशन लाइन की चपेट में आई बस एक की मृत्यु, 7 झुलसे

फहीम अहमद ने जताया गहरा दुख, हाईटेंशन लाइन हादसे में बारात की खुशियां बदलीं

खीरी टाउन-खीरी।गुरुवार की शाम पीलीभीत से आ रही बारात की बस 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई, जिससे बस में करंट उतर आया। इस दर्दनाक हादसे में बस सवार 45 लोगों में से 7 लोग घायल हो गए, जिन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 23 वर्षीय ज़ीनत की मौत हो गई।
सूचना मिलते ही नगर पंचायत खीरी के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान अध्यक्ष प्रतिनिधि फहीम अहमद मौके पर पहुंचे। उन्होंने जिला चिकित्सालय जाकर घायलों का हालचाल जाना और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इसके बाद वे घटनास्थल पर भी पहुंचे, जहां बारात आ रही थी।फहीम अहमद ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक कभी न भूलने वाली दर्दनाक घटना है, जिसमें एक परिवार की शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते विद्युत विभाग द्वारा झूलते हुए तारों की मरम्मत कर दी जाती तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने प्रशासन से मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा देने और घायलों के समुचित इलाज की मांग की है।

एटा में अखिलेश यादव ने केंद्र-राज्य सरकार पर साधा निशाना, डबल इंजन सरकार का धुआं निकल गया

एटा 12 जून उप्रससे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार को एटा के सिविल लाइंस स्थित यादव नगर में दिवंगत शासकीय अधिवक्ता ओमकार सिंह यादव के आवास पहुंचे। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने परिवार को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा।

अखिलेश यादव ने कहा कि देश और प्रदेश की सत्ता पर बैठे दो प्रमुख नेताओं का खुद का परिवार नहीं है, इसलिए वे परिवारों के दुख-दर्द को नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि परिवार वाला व्यक्ति ही परिवार की समस्याओं और जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझ सकता है।
सपा प्रमुख ने सामाजिक न्याय की राजनीति को आगे बढ़ाते हुए एक बार फिर पीडीए की सरकार बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीडीए वर्ग की आबादी सबसे अधिक है और यदि यह वर्ग एकजुट हो जाए तो सत्ता परिवर्तन तय है। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को हराया था और 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भारी मतों से हराने का काम करेगी।

महंगाई, खाद और बिजली संकट पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। डीजल और पेट्रोल महंगे हो रहे हैं, किसानों को खाद नहीं मिल रही और बिजली संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता महंगाई और भ्रष्टाचार से परेशान है, जबकि सरकार समस्याओं के समाधान के बजाय प्रचार में व्यस्त है।

स्मार्ट सिटी की जगह जनता को दिए जा रहे स्मार्ट मीटर

उन्होंने स्मार्ट सिटी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि जनता को विकास के नाम पर स्मार्ट मीटर दिए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर लोगों ने स्मार्ट मीटर तक उखाड़ फेंके हैं। सपा प्रमुख ने रुपये की गिरती कीमत और रोजमर्रा की वस्तुओं के बढ़ते दामों को भी सरकार की विफलता बताया।
अखिलेश यादव ने कहा कि महंगाई और भ्रष्टाचार के कारण डबल इंजन सरकार का धुआं निकल गया है। भाजपा जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। साथ ही पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भी सवाल उठाते हुए भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया।

एटा के थर्मल पावर प्लांट का किया जिक्र

सपा प्रमुख ने कहा कि एटा में थर्मल पावर प्लांट उनकी सरकार की देन है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री आज तक उस परियोजना का नाम तक नहीं बता पाए हैं। उन्होंने भाजपा से अपने बड़े विकास कार्य गिनाने की चुनौती भी दी।

अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार ने जनता की सुविधा के लिए एंबुलेंस सेवा और 100 नंबर पुलिस सेवा शुरू की थी। भाजपा सरकार ने इन व्यवस्थाओं को कमजोर कर दिया है। आम लोगों को राहत देने वाली योजनाओं की अनदेखी की जा रही है।

विदेश नीति और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर किया जिक्र

प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा देश को विश्वगुरु बनाने की बात करती है, लेकिन आम जनता को उसका लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और इथेनॉल मिश्रण की नीति का भी उल्लेख किया।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आम जनता के साथ-साथ सपा नेताओं का भी उत्पीड़न किया है। उन्होंने फर्जी एनकाउंटर कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के हर काम पर जनता की नजर है। भाजपा ने जो गलतियां की हैं, उनका जवाब जनता चुनाव में देगी।

अखिलेश यादव ने बताया पीडीए का मतलब प्रेम, दया और अपनापन

अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि प्रेम, दया और अपनापन का प्रतीक है। उन्होंने दावा किया कि समाज के सभी पीड़ित और उपेक्षित वर्ग पीडीए के साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने महिलाओं की हिस्सेदारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि भाजपा महिलाओं के आरक्षण की पक्षधर है तो उसे 2027 के चुनाव से पहले इसे लागू करना चाहिए।
गौवंश के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि सड़कों पर घूमते और दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे सांडों की स्थिति देखकर दुख होता है। समाजवादी पार्टी हमेशा से गौसेवा की पक्षधर रही है और भाजपा को इस मुद्दे पर अपनी वास्तविक स्थिति बतानी चाहिए।

June 11, 2026

चेतावनी या षडयंत्र

Article Posted on 11.06.2026 Time 07.36 PM by Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News
Leader of opposition Rahul Gandhi

लोकसभा में नेता विरोधी दल राहुल गांधी

सर्वेश कुमार सिंह

लोकसभा में नेता विरोधी दल राहुल गांधी ने 03 जून को दिल्ली में एक विस्मयकारी और रहस्यमय बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत में भयंकर “आर्थिक सुनामी” आने वाली है। इसके साथ ही कहा कि “एक साल के भीतर मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे”। उनकी पहली बात राजनीतिक दल के आकलन के रूप में देखी जा सकती है। किंतु दूसरी बात “विस्मय और रहस्य” पैदा करती है। इससे भी ज्यादा ये किसी “गहरे षडयंत्र” की ओर इशारा करती है। क्योंकि उन्होंने अपने भाषण में ये नहीं कहा कि एक साल में भाजपा सरकार गिर जाएगी, बल्कि ये कहा कि “मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे”। इसका आशय तो ये है कि बीजेपी सरकार रहेगी,लेकिन मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे। यही बात षडयंत्र की ओर इशारा करती है। क्या मोदी जी के खिलाफ कोई साजिश रची गई है। जिसकी जानकारी राहुल गांधी को है। राहुल गांधी ने अपने इसी भाषण में देश में “इमरजेंसी” लगने की भी आशंका व्यक्त की है। उन्होंने ये भी कहा कि इंटेलीजेंस के बड़े लोग उन्हें रिपोर्ट दे रहे है। आखिर वे रिपोर्ट क्या है? देश जानना चाहता है।

दरअसल भारत में कई राजनीतिक दल ऐसे है जो लगातार पराजय से हताश और निराश है। ये दल राजनैतिक सफलता की लालसा में कुछ भी करने और किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है। ऐसी ही पार्टी है कांग्रेस। ये अब मोदी जी और भाजपा से राजनीतिक मुकाबला नहीं कर पा रही है। जब कोई दल या व्यक्ति स्थापित सिद्धांतों और मानदंडों का पालन करके सफलता अर्जित नहीं कर पाता है तो वह षडयंत्र का सहारा लेता है। मोदी जी के “एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नहीं रहने की बात”  किसी ऐसे ही षडयंत्र का हिस्सा तो नहीं? प्रश्न गंभीर और चिंतनीय है। न केवल भारत सरकार और भाजपा के लिए बल्कि इस देश के करोड़ों देशवासियों के लिए भी।

राहुल गांधी बुधवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में “आदिवासी कांग्रेस” के सम्मेलन को जब संबोधित कर रहे थे, तो उन्होंने आर्थिक सुनामी की आशंका के साथ ये भी कहा कि देश का सिस्टम कोलैप्स कर चुका है। प्रोटेक्शन सिस्टम खत्म हो गया है। इलेक्शन कमीशन, अधिकारी सब डरे हुए है। इंस्टीट्यूशनल रिवॉल्ट हो रहा है। ये सब बातें कह कर वे न केवल दुनिया के सामने भारत की छवि धूमिल कर रहे हैं, बल्कि पश्चिम एशिया के अभूतपूर्व संकट के दौरान भारत को कमजोर बता कर राष्ट्रीय संकट खड़ा कर रहे है। भारत इस समय गंभीर ऊर्जा आपूर्ति की चुनौती का सामना कर रहा है। इसके लिए नए नए आपूर्तिकर्ता देशों की तलाश जारी है। तब भारत को मजबूत अर्थव्यवस्था दर्शाया जाना जरूरी है। नेता विरोधी दल होने के बावजूद राहुल गांधी ये भूल गए कि वर्तमान ऊर्जा संकट और अर्थव्यवस्था को स्थिर तथा अधिक मजबूत बनाने की चुनौती भारत की है न कि भाजपा की। इसे कांग्रेस और भाजपा के रूप में नहीं बल्कि देश के रूप में देखने की जरूरत है। यदि दुनिया में ये संदेश जायेगा कि भारत का सिस्टम कोलैप्स कर गया है, भयंकर आर्थिक सुनामी आने वाली है, तो कौन सा देश तेल गैस हमें देगा? यह संकट किसी राजनीतिक दल या किसी नेता विशेष का नहीं बल्कि, भारत के 140 करोड़ देशवासियों का होगा।

दरअसल राष्ट्र की मुख्यधारा और राष्ट्रीय हितों की अनदेखी करना राहुल गांधी की आदत बन गई है। गत वर्ष जुलाई में जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “इंडिया की इकॉनमी एक डेड इकॉनमी”  है, तो पूरे देश में अमेरिका और ट्रंप के खिलाफ गुस्सा था। उस समय भी 31 जुलाई 2025 को राहुल गांधी ने एक्स (पूर्ववर्ती ट्विटर) पर लिखकर ट्रंप की बात का समर्थन किया था। उन्होंने लिखा कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा सब जानते है कि भारत की अर्थव्यवस्था मृत हो चुकी है”। हालांकि उनके इस बयान की देशभर में निंदा हुई और कांग्रेस की किरकिरी हुई। मगर ये राहुल गांधी है जो न समझने को तैयार है और न ही राजनीतिक परिपक्वता लाने को। खैर नुकसान उनके बयानों से कुछ अंश में देश का तो होता ही है, बल्कि उनकी पार्टी का ज्यादा होता है।

कांग्रेस को अपने अतीत, वर्तमान और भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए अपने इस बड़बोले नेता पर लगाम कसनी चाहिए। लेकिन फिर वहीं प्रश्न आखिर घंटी बांधेगा कौन ?

लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।

3/11 ऑफिसर्स कॉलोनी, कैसरबाग लखनऊ 226001

मॉब 9140624166

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

रिश्वत न देने पर लेखपाल ने जीवित पत्नी की जगह दूसरी महिला को बनाया वारिस

लेखपाल और राजस्व निरीक्षक पर जालसाजी का आरोप

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में भ्रष्टाचार और जालसाजी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। निघासन तहसील क्षेत्र के ग्राम रकेहटी में एक लेखपाल और राजस्व निरीक्षक पर रिश्वत न मिलने पर एक मृतक की असली पत्नी को छोड़कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरी अज्ञात महिला को वारिस बनाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।रिश्वत न देने पर किया फर्जीवाड़ानिघासन थाना कोतवाली क्षेत्र के शिवपुरी नगर पंचायत की रहने वाली पीड़िता नेमा देवी पत्नी दिवंगत श्रीराम ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि उनके पति की मृत्यु 20 अक्टूबर 2023 को हो चुकी है। पति के नाम ग्राम रकेहटी में विभिन्न गाटा संख्याओं (गाटा सं0 2043, 2046, 2047, 2049) पर कृषि भूमि दर्ज है। पति की मृत्यु के बाद नेमा देवी इस जमीन की वरासत अपने और अपने पुत्रों के नाम कराना चाहती थीं।पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने वरासत के लिए हल्का लेखपाल उमेश शुक्ला से संपर्क किया, तो लेखपाल ने 60,000 रुपये रिश्वत की मांग की। पीड़िता ने जब अपनी गरीबी का हवाला दिया, तो लेखपाल ने साफ कह दिया कि “लाखों रुपये की जमीन पाओगी, बिना रुपयों के वरासत नहीं होगी। पैसा नहीं दिया तो किसी दूसरे के नाम वरासत कर देंगे।”दूसरी महिला को बना दिया ‘मृतक की पत्नी’रिश्वत की रकम न मिलने पर हल्का लेखपाल उमेश शुक्ला और राजस्व निरीक्षक चेतराम राना ने कथित तौर पर मिलीभगत की। उन्होंने फर्जी और कूटरचित (जाली) दस्तावेजों को आधार बनाकर रेशमा देवी नाम की एक अन्य महिला (निवासी ग्राम भैरमपुर, थाना सिंगाही) को मृतक श्रीराम की पत्नी दर्शा दिया। इसके बाद कागजातों में हेरफेर कर रेशमा देवी और राकेश कुमार को सह-खातेदार के रूप में दर्ज कर वरासत कर दी। पीड़िता का कहना है कि इस फर्जी महिला का उनके दिवंगत पति या परिवार से कोई संबंध नहीं है।शिकायत करने पर घर आकर दी जान से मारने की धमकीजब पीड़िता को इस धोखाधड़ी की भनक लगी और उन्होंने लेखपाल से बात की, तो लेखपाल ने उन्हें भद्दी गालियां देकर भगा दिया। इसके बाद जब मामले की शिकायत तहसीलदार से की गई, तो आरोपी भड़क गए। आरोप है कि लेखपाल उमेश शुक्ला और राजस्व निरीक्षक चेतराम राना ने पीड़िता के घर आकर उन्हें गालियां दीं और धमकी दी कि “यदि आगे कहीं भी शिकायत की, तो घर में आग लगाकर पूरे परिवार को खत्म कर देंगे।” इस धमकी के बाद से पीड़िता का पूरा परिवार गहरे खौफ और दहशत में है।पीड़िता नेमा देवी ने 14 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक महोदय से गुहार लगाते हुए इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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