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पांच हजार के लालच में युवक को निर्वस्त्र दौड़ाया, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

May 4, 2026

पांच हजार के लालच में युवक को निर्वस्त्र दौड़ाया, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

हाथरस। कोतवाली चंदपा क्षेत्र के कस्बा चंदपा से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां 27 वर्षीय युवक को पांच हजार रुपये का लालच देकर निर्वस्त्र अवस्था में गली में दौड़ाया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।वायरल वीडियो में कुछ लोग युवक को कपड़े उतारने के लिए उकसाते दिखाई दे रहे हैं। साथ ही उसे पांच हजार रुपये देने की बात कही जाती है। पैसों के लालच में युवक निर्वस्त्र होकर गली में दौड़ता नजर आता है। घटना के दौरान आसपास महिलाएं भी मौजूद थीं, जिनके सामने यह आपत्तिजनक कृत्य हुआ।स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मामले में ग्राम प्रधान के पति सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। आरोप है कि उन्होंने ही युवक को इस हरकत के लिए उकसाया और शर्त रखी।घटना का वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा मोबाइल से रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। यह घटना समाज में गिरते नैतिक मूल्यों और संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

 विकलांग महिला पर हमला, मंगलसूत्र लूटा, पुलिस पर लापरवाही आरोप

मैनपुरी।  एलाऊ थाना क्षेत्र से एक विकलांग महिला के साथ मारपीट, लूट और पुलिस की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। पीड़िता रीता देवी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता के मुताबिक, वह शारीरिक रूप से विकलांग है और घर पर अकेली रहती है। आरोप है कि 2 मई की सुबह करीब 5:30 बजे पड़ोस के ही कुछ लोग उसके घर में घुस आए और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उसके गले में पहना सोने का मंगलसूत्र भी तोड़ लिया गया। रीता देवी का कहना है कि आरोपी पड़ोसी आए दिन उसे परेशान करते हैं और घर से निकलने का रास्ता तक बाधित कर देते हैं, जिससे रोज विवाद की स्थिति बनी रहती है। पीड़िता ने बताया कि घटना की सूचना थाना एलाऊ में दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उसी दिन दोपहर में एक और विवाद हुआ, जब उसके देवर के घर पर शौचालय का टैंक बन रहा था। आरोप है कि विरोधी पक्ष ने गाली-गलौज के साथ दोबारा हमला कर दिया और टैंक में मिट्टी डाल दी। इस दौरान जब पीड़िता के बेटे अभिषेक और देवरानी किरण ने विरोध किया, तो उन पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। पीड़िता का दावा है कि पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है, लेकिन पुलिस ने उसे देखने तक की जहमत नहीं उठाई। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उसके बेटे और देवर का चालान कर दिया, जबकि आरोपी पक्ष को फोन आने के बाद छोड़ दिया गया। फिलहाल पीड़िता और उसका परिवार दहशत में है। आरोप है कि विरोधी पक्ष जान से मारने की धमकी दे रहा है और घर के बाहर रास्ता रोककर बैठा है, जिससे पीड़िता अपने घर तक नहीं जा पा रही है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा से मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पीएम मोदी ने विपक्ष पर बोला तीखा हमला, कहा कांग्रेस अरबन नक्सलियों का गिरोह बनती जा रही है

PM NARENDRA MODI

Posted on 04.05.2026 Time 09.08 PM, Monday, New Delhi, BJP Office, PM Narendra Modi

तीन राज्यों की जीत पर भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय पर जश्न में शामिल हुए पीएम मोदी

सपा ने महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप किया उसे धुला नहीं सकेगी

नई दिल्ली, 04 मई 2026 (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा)। पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद भारतीय जनता पार्टी में खुशी की माहौल है। पांच में से तीन राज्यों में एनडीए और भाजपा सरकार बनाने जा रही है। इस उपलक्ष्य में आज भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय में जश्न मनाया गया। इस जश्न में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हुए। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जहां एक ओर इस जीत को ऐतिहासिक बताया वहीं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अरबन नक्सलियों का गिरोह बनती जा रही है, वहीं कहा कि समाजवादी पार्टी ने नारी वंदन अधिनिय़म (संशोधन) विरोध करके जो पाप किया है वह उसे धो नहीं पाएगी। श्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की धऱा पर आज नया सूर्योदय हुआ है। उन्होंने कहा कि आज जनसंघ के संस्थापक डा श्यामाप्रसाद मुखर्जी की आत्मा को भी शांति मिली होगी।

श्री मोदी ने कहा भाजपा के नए अध्यक्ष बने नितिन नवीन के कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहले चुनाव हैं। उनका मार्गदर्शन बहुमूल्य रहा है। श्री मोदी ने कहा कि जय पराजय लोकतंत्र और राजनीति के स्वाभाविक हिस्से हैं। पांच राज्यों के चुनावों ने यह दिखा दिया है कि भारत मदर आफ डेमोक्रेसी क्यों है। लोकतंत्र हमारी रगों मे रगों में दौडता है, लोकतंत्र हमारा संस्कार है। आज लोकतंत्र ही नहीं, भारत का संविधान भी जीता है। लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं जीती हैं। पश्चिम बंगाल में 93 प्रतिशत मतदान अपने आप में ऐतिहासिक है। केरलम, तमिलनाडु और असम में भी रिकार्ड मतदान हुआ है। महिलाओं की भागीदारी मतदान में अधिक रही है। यह भारतीय लोकतंत्र की सबसे उजली तस्वीर है।

श्री मोदी ने चुनाव आयोग, सुरक्षा बलों, चुनाव में लगे कर्मचरियों का अभिनन्दन करते हुए कहा कि भारत के लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने में इनका योगदान इतिहास हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि 14 नवम्बर 2025 को जब बिहार के चुनाव नतीजे आये थे तो मैंने कहा था कि गंगा जी बिहार से गंगासागर तक जाती हैं। आज गंगोत्री से गंगासागर तक कमल ही कमल खिला है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और अब पश्चिम बंगाल तक एनडीए और बीजेपी की सरकारें हैं। जब 2013 में मुझे बीजेपी ने पीएम उम्मीदवार का काम सौंपा था। वर्ष 2014 में काशी में नामांकन के दौरान मेरे मन से ध्वनि निकली थी, न मुझे किसी ने भेजा है और न मैं आया हूं। मुझे गंगा ने बुलाया है। आज भी मां गंगा अपनी कृपा वर्षा रही हैं। साथ ही ब्रह्मपुत्र और मां कामाख्या का भी आशीर्वाद रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज देश के 20 से अधिक राज्यों में एनडीए और बीजेपी की सरकारें हैं। हमारा मंत्र है नागरिक देवो भवः, इसीलिए जनता भाजपा पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कर रही है। श्री मोदी ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को आज कितनी शांति मिली होगी। उन्होंने 1951 में जनसंघ की स्थापना करके संदेश दिया था। देश के लिए जीना और देश के लिए मरना। डा मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाये रखने के लिए बडी लडाई लड़ी थी। उनका सपना कई दशकों से पूरा होने का इंतजार कर रहा था। आज 4 मई 2026 को वह अवसर मिल है। आज से बंगाल भय मुक्त, विकास की सोच से युक्त हो गया है। इस जीत ने वंदेमातरम् के 150वें वर्ष में बंकिम चन्द्र चटर्जी को भी नमन किया है। महर्षि अरविन्द को ऐतिहासिक श्रद्धांजलि दी है। पश्चिम बंगाल और केरलम् में कितने ही भाजपा कार्यकर्ताओं का बलिदान हुआ है। महिलाओं पर अत्याचार हुए हैं। यह जीत उन कार्यकर्ताओं के परिवारों को समर्पित है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भले ही इस समय सांझ ढल रही है, किन्तु बंगाल की धरा पर एक नया सूर्योदय हुआ है। एक ऐतिहासिक सवेरा हुआ है, जिसका इंतजार पीढियों ने किया है। उन्होंने कहा कि मैं हर बंगालवासी को यह भरोसा देता हूं कि बंगाल के बेहतर भविष्य के लिए भाजपा दिनरात एक कर देगी। महिलाओं को सुरक्षा मिलेगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा। बंगाल से पलायन रुकेगा। पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना को हरी झंडी दिखायी जाएगी। अब बंगाल से घुसपैठियों की विदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का पिलर नारी शक्ति है। अब नारी शक्ति विकसित भारत के निर्माण में आगे बढ रही है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनिय़म (संशोधन) को रोकने का काम किया। संशोधन पारित नहीं होने दिया। मैंने कहा था कि इन दलों को महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस और टीएमसी को पश्चिम बंगाल में बहनों और बेटियों ने सजा दी है। समाजवादी पार्टी ने संसद में महिलाओं के आरक्षण को रोका है। उसे भी महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा। सपा अपने इस पाप को कभी धो नहीं सकेगी।

उन्होंने कहा कि आज कहीं भी देश में वामपंथी दलों का सरकार नहीं है। यह सोच का बदलाव है, सिर्फ सियासत की नहीं। पूरे देश ने कम्यूनिस्ट विचारधारा से किनारा कर लिया है। जबकि कांग्रेस उस विचारधारा को अपना रही है जिसे देश ने नकार दिया है। वही माओवादी विचार कांग्रेस में जगह बना रहा है। आज कांग्रेस अरबन नक्सलियों का गिरोह बनती जा रहा है। जिन तीन राज्यों में सरकारें बदली हैं,वहां की पहचान विभाजन की बन गई थी। भाषा पर विवाद, खाने पीने पर विवाद, अपनों को विदेशी बताने की कोशिश की गई थी। इन राज्यों में बांटने की राजनीति हो रही थी।

श्री मोदी ने कहा कि लम्बे समय तक कांग्रेस को आजादी के इमोशन का लाभ मिला था। लेकिन, कांग्रेस देश की संस्कृति और संवेदनाओं को नहीं समझ पायी। कांग्रेस एक्सप्रेशन की राजनीति नहीं जानती। हमारे लिये भारत और भारतीयता ही सबकुछ है। हमारी पार्टी रीजनल एक्सप्रेशन से नेशनल एम्बीशन को पूरा करने वाली है। इसीलिए भाजपा आज देश की पसंद बन रही है।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित जश्न में मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि पश्चिम बंगाल में हिन्दू विरोधी एजेंडे को आगे बढाया जा रहा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रो कम्बेंसी है। जिसके कारण हमारी सरकारें वापस लौटकर आती हैं।

पश्चिम बंगाल समेत तीन राज्यों में जीत पर व्यापारियों में खुशी का जश्न


बाजार में बांटीं इक्कीस किलो मिठाई, पीएम-गृह मंत्री के चित्रों को खिलाएं लड्डू

Post on 4.5.26
Monday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद। उप्र समाचार सेवा।
सोमवार को निकले चुनाव नतीजे भाजपा की जीत का परचम लहरा गए।पश्चिम बंगाल,
में पहली बार रिकार्ड जीत से उत्साहित भाजपाइयों ने जश्न मनाया और खुशी मनाते हुए बाजारों में मिठाई बांटी।शहर के प्रमुख बर्तन बाजार में जीत का उल्लास बिखरा रहा। यहां व्यापारी संगठनों ने 21 किलो मिठाई बांटी और पीएम-गृह मंत्री के चित्रों को लड्डू खिलाएं।

पांच में से तीन राज्य पश्चिम बंगालअसम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भाजपा की दमदार जीत पर मुरादाबाद में बर्तन बाजार में व्यापारियों ने जश्न मनाया और खुशी सांझा कीं।
संयुक्त व्यापार मंडल के तहत हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के चित्रों को लड्डू खिलाकर जीत की खुशी मनाई। संगठन की ओर से मिठाइयां भी बांटीं गई।इस दौरान पूरा क्षेत्र मोदी, योगी और अमित शाह के जिंदाबाद के नारों से गूंज गया।
व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल “जॉनी” ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व व सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों पर जनता ने जीत मुहर लगाई है। महानगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल,प्रदेश महामंत्री विपिन गुप्ता,वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक कत्याल,सचिव मूलचंद चौहान, महामंत्री संजय सहगल “टोनी”, महानगर मंत्री संजीव खन्ना, महानगर उपाध्यक्ष शिवम गुप्ता,बोनी सरदार, पवन अग्रवाल,आशीष अग्रवाल समेत तमाम व्यापारी मौजूद रहे।

ममता का मिथक टूटा, मुखर्जी का मंत्र लौटा: केसरिया हुआ बंगाल

Article Posted on 04.05.2026 Time 06.30 PM Monday, West Bengal Election, Writer: Pranay Vikram Singh

प्रणय विक्रम सिंह

पश्चिम बंगाल का सियासी आसमान केसरिया हो गया। ‘ममता’ का अभेद्य महल ढह गया। दिल में ‘काबा’, नयन में ‘मदीना’ रखने वाली TMC आज बंगाल के सियासी समर में नेस्तनाबूद हो गई। जो बात वर्षों तक बंगाल के मन में थी, वह आज साहस के स्वर में ढलकर गूंज रही है कि हम हिंदू हैं… और अपने होने पर हमें गर्व है।

यह जनादेश TMC सरकार के संरक्षण में पल रहे तुष्टिकरण माफिया, सैंड माफिया, कोल माफिया, लैंड माफिया, घुसपैठ माफिया और कैटल माफिया के चंगुल में जकड़े बंगाल की मुक्ति का दस्तावेज है। इस विजय के साथ ही बंगाल की राजनीति का चक्र वहीं लौट आया है, जहां से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपनी वैचारिक यात्रा प्रारंभ की थी। यह जनादेश उनके बलिदान, उनकी दृष्टि और बंगाल के प्रति उनकी अटूट निष्ठा पर इतिहास की सबसे भव्य और भावपूर्ण मुहर है।

भारतीय जनता पार्टी की विजय केवल मतों का गणित नहीं, बल्कि मनों का मंथन और मान्यताओं का परिवर्तन है। बंगाल में रिकॉर्ड मतदान उद्घोष था कि इस बार लोग ‘डरे’ नहीं। लगभग 1 लाख से अधिक केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा की ऐसी छाया दी, जिसमें मतदाता ने पहली बार ‘मन की मुहर’ खुलकर लगाई।

बंगाल की राजनीति का एक पक्ष लंबे समय तक रक्तरंजित रीतियों, रंजिशों और रसूख की राजनीति से जुड़ा रहा है। पोस्ट-पोल वायलेंस के घाव यहां गांव-गांव में दिखाई देते थे। क्लब कल्चर के नाम पर स्थानीय स्तर पर पनपे दबाव-तंत्र, संगठित समूहों का प्रभाव और प्रशासनिक संरचनाओं पर उनकी छाया लोकतंत्र को सीमित कर दिया था। किंतु इस जनादेश ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता अब भय के उस फलक को तोड़कर विश्वास के विस्तार की ओर बढ़ चुकी है।

चुनाव परिणामों में भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सीटों का विशाल अंतर भले संख्यात्मक लगे, पर इसके भीतर मनोवैज्ञानिक बदलाव का विशाल आयाम छिपा है, नाराजगी से निर्णय तक की यात्रा। यह नाराजगी केवल शासन से नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से थी जिसे तुष्टीकरण कहते हैं। बहुसंख्यक समाज के भीतर पनपी पीड़ा, अवसरों की असमानता की अनुभूति और प्रशासनिक असंतुलन का आभास ये सभी भाव लंबे समय से भीतर-ही-भीतर सुलगते रहे। इस चुनाव ने उस सुलगन को स्वर दिया।

इस परिवर्तन की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय नेतृत्व की छाया भी स्पष्ट दिखती है। नरेंद्र मोदी का विकास-विश्वास-विस्तार का मंत्र, अमित शाह की संगठन-संरचना-संकल्प की सघनता और योगी आदित्यनाथ का सुरक्षा-सख्ती-सुशासन का मॉडल ने मिलकर एक ऐसा राजनीतिक प्रतिरूप रचा, जिसने बंगाल के मतदाता के मन में विकल्प की स्पष्टता दी।

अब नजर उस भविष्य पर है, जिसे यह जनादेश आकार देगा। विकास के मोर्चे पर यह जनादेश नई अपेक्षाएं लेकर आया है। बंद पड़े कारखानों की चिमनियां फिर से धुआं उगलें, बंदरगाहों की रफ्तार तेज हो और युवाओं के हाथों को काम मिले, यह उम्मीद अब हवा में तैरती है। राज्य का जीडीपी लगभग ₹17 लाख करोड़ के आसपास है, पर इसकी औद्योगिक वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से पीछे रही है। यदि नई सरकार गति, कनेक्टिविटी और रोजगार के त्रिकोण को प्राथमिकता देती है और कोलकाता पोर्ट, हल्दिया डॉक, दीनदयाल औद्योगिक कॉरिडोर और पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं तेज़ी पकड़ती हैं तो बंगाल पूर्वी भारत का आर्थिक इंजन बन सकता है। विदित हो कि निवेश वहीं जाता है, जहां नीतियां स्पष्ट और व्यवस्था विश्वसनीय हो और विश्वसनीयता का बीज सुरक्षा और स्थिरता की मिट्टी में ही पनपता है।

लेकिन बंगाल केवल अर्थशास्त्र नहीं है। वह एक संस्कृति-समृद्ध सभ्यता भी है। दुर्गा पूजा के ढाक की ध्वनि, काली मंदिरों की आरती और स्वामी विवेकानंद की वाणी इस भूमि की आत्मा रचते हैं। पूरी संभावना है कि नई सरकार के सहयोग से यह सभी मिलकर एक ऐसे सांस्कृतिक स्वाभिमान को जन्म देंगे, जहां पहचान पर संकट नहीं, बल्कि आत्मगौरव का आलोक होगा। जहां परंपरा प्रगति की प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि प्रेरक शक्ति बनेगी। यह पुनर्जागरण ऐसा हो सकता है, जैसे राख से उठता हुआ फीनिक्स अपनी ही ज्वाला से नया जीवन पाता हुआ।

लंबे समय तक यह धारणा बनी रही कि भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक सीमाएं हिंदी पट्टी तक सिमटी हुई हैं। परंतु बंगाल विजय ने इस मिथक को निर्णायक रूप से तोड़ दिया है। यह स्पष्ट संदेश है कि भाजपा अब एक ऐसी शक्ति है जो पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सक्षम है। गंगोत्री से गंगासागर तक भाजपा है।

इस परिणाम का सबसे तीखा प्रभाव विपक्षी राजनीति पर पड़ेगा। तृणमूल कांग्रेस जैसे गढ़ का ढहना केवल एक राज्य की हार नहीं, बल्कि उस पूरी वैचारिक संरचना का संकट है, जो भाजपा के विरोध को ही अपनी राजनीति का आधार मानती रही। अब विपक्ष के सामने केवल संगठनात्मक नहीं, बल्कि अस्तित्व का प्रश्न खड़ा है नेतृत्व कौन करेगा, दिशा क्या होगी और जनता को क्या विकल्प देगा? इससे विपक्षी दलों के बीच नेतृत्व और दिशा को लेकर असमंजस और गहरा सकता है।

इस जनादेश ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को भी नई राजनीतिक वैधता प्रदान की है। यह विजय केवल संगठनात्मक क्षमता का परिणाम नहीं, बल्कि उस विश्वास का प्रमाण है, जो जनता ने उनकी नीतियों, निर्णयों और दृष्टि पर जताया है। जब कोई राजनेता अपने पारंपरिक प्रभाव क्षेत्र से बाहर जाकर भी जनसमर्थन अर्जित करता है, तो वह केवल राजनेता नहीं रहता, वह एक राष्ट्रीय प्रवाह बन जाता है। वर्तमान समय में मोदी इस श्रेणी के एक मात्र राजनेता हैं।

बंगाल की इस जीत ने ‘डबल इंजन’ मॉडल को एक नए आयाम में परिवर्तित कर दिया है। अब उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के साथ उभरता Triple Engine Corridor केवल विचार नहीं, बल्कि ठोस नीति की दिशा बन चुका है। यह परिवर्तन पूर्वी भारत को नई आर्थिक ऊर्जा, औद्योगिक विस्तार और अवसंरचनात्मक सशक्तता प्रदान करते हुए आने वाले दशकों की विकास-दिशा तय करेगा।

इसके साथ ही यह परिणाम राष्ट्रीय विमर्श को भी प्रभावित करेगा। 2029 के आम चुनावों की दृष्टि से भी यह विजय अत्यंत महत्वपूर्ण है। बंगाल जैसे बड़े राज्य में भाजपा की सफलता का अर्थ है लोकसभा में संभावित सीटों की बढ़ोतरी, जो भविष्य की सत्ता-समीकरणों को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकती हैं। यह जीत भाजपा को न केवल राजनीतिक बढ़त देती है, बल्कि मनोवैज्ञानिक बढ़त भी प्रदान करती है, जो किसी भी चुनावी युद्ध में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

अंततः यह परिणाम बंगाल की जीतने से अधिक ‘जागने’ की दास्तान है। यह भय से विश्वास, असंतोष से विकल्प और क्षेत्रीय राजनीति से व्यापक राष्ट्रीय दृष्टि की ओर बढ़ते भारत की कहानी है।

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