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प्रधानमंत्री के एक लाख युवा नेताओं के विज़न को साकार कर रहा है MY Bharat: डॉ. मनसुख मांडविया

July 19, 2026

प्रधानमंत्री के एक लाख युवा नेताओं के विज़न को साकार कर रहा है MY Bharat: डॉ. मनसुख मांडविया

विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत’ विषय पर चौथे एवं अंतिम चिंतन शिविर का लखनऊ में शुभारंभ

‘संवाद के बिना समाधान संभव नहीं’: राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने चिंतन शिविर की भूमिका पर दिया जोर

लखनऊ, 18 जुलाई 2026

युवा कार्यक्रम विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने मेरा युवा भारत (MY Bharat) के माध्यम से लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में “विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत” विषय पर चिंतन शिविर का शुभारंभ किया। दो दिवसीय यह चिंतन शिविर अपनी श्रृंखला का चौथा आयोजन है, जिसमें विभाग, MY Bharat, MY Bharat राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), जिला युवा अधिकारी, क्षेत्रीय निदेशक एवं केंद्रीय क्षेत्र के विभिन्न राज्यों के क्षेत्रीय अधिकारियों ने भाग लिया। शिविर का उद्देश्य सशक्त एवं भविष्य के लिए तैयार युवा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण हेतु रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना है, जिससे भारत की विकास यात्रा को गति मिल सके। संरचित चर्चाओं, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान एवं सहयोगात्मक नीति निर्माण के माध्यम से यह शिविर जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को सुदृढ़ करने तथा युवा विकास के लिए एक कार्यान्वयन योग्य रोडमैप तैयार करने का प्रयास करता है।

उद्घाटन सत्र में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे, उत्तर प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव, युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल, युवा कार्यक्रम विभाग के संयुक्त सचिव श्री शिव रतन तथा MY Bharat एवं NSS के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य संबोधन में डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में चिंतन शिविर आयोजित करने का उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे अधिकारियों के बीच संवाद, सहयोग एवं साझा सीख की संस्कृति को विकसित करना है। उन्होंने कहा, “चिंतन का अर्थ विचारों का संग्रह है। हमने यह शिविर संवाद को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया है, क्योंकि संवाद के बिना स्पष्टता नहीं हो सकती और स्पष्टता के बिना प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं है।”

डॉ. मांडविया ने MY Bharat को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना बताते हुए कहा कि यह मंच ऐसे सक्षम युवा नेतृत्व के निर्माण के लिए स्थापित किया गया है, जो विकसित भारत @2047 के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री के समाज के प्रत्येक वर्ग से एक लाख युवा नेताओं को विकसित करने के विज़न का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि MY Bharat युवाओं को नेतृत्व, चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने जिला युवा अधिकारियों एवं NSS पदाधिकारियों से कर्तव्य भाव एवं सेवा की भावना के साथ पंच प्रण के अनुरूप कार्य करने का आह्वान किया तथा स्वयं को युवा सशक्तिकरण का माध्यम मानने की अपील की। उन्होंने कहा, “अपने कार्य को केवल रोजगार न समझें। आपकी जिम्मेदारी देश के युवाओं को जागरूक और सशक्त बनाना है। जब हम अधिकारी नहीं बल्कि सेवाप्रदाता बनकर कार्य करते हैं, तो परिणाम अधिक प्रभावी होते हैं।”

केंद्रीय मंत्री ने जमीनी स्तर पर अधिक व्यापक पहुंच बनाने का आह्वान करते हुए अधिकारियों से 15 अगस्त तक चल रहे MY Bharat पंजीकरण अभियान को विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं स्थानीय समुदायों तक पहुंचाकर तेज़ करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “MY Bharat को प्रत्येक युवा तक पहुंचाइए। प्रत्येक पात्र युवा को इस मंच से जोड़िए और अपने समर्पण एवं जमीनी सहभागिता के माध्यम से इस पंजीकरण अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप दीजिए।”

डॉ. मांडविया ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) के विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि अब इसके राष्ट्रीय संस्करण के साथ-साथ राज्य स्तरीय संस्करण भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे विकसित भारत @2047 की यात्रा में अधिक संख्या में युवा नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी।

शिविर को संबोधित करते हुए श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि MY Bharat दो करोड़ से अधिक पंजीकरणों के साथ देश का सबसे बड़ा युवा मंच बन चुका है, जो राष्ट्र निर्माण के प्रति युवाओं की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर ने संवाद आधारित सुशासन को संस्थागत स्वरूप प्रदान किया है, जिससे विभिन्न राज्यों के अधिकारियों को अपने क्षेत्रीय अनुभव साझा करने, क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों पर चर्चा करने तथा व्यावहारिक समाधान विकसित करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा, “संवाद के बिना समाधान संभव नहीं है। सबसे अच्छे समाधान जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हमारे अधिकारियों के अनुभवों से निकलते हैं।”

राज्य मंत्री ने केंद्र एवं राज्यों के समन्वय से जमीनी स्तर पर युवाओं की सहभागिता को और सशक्त बनाने की मंत्रालय की प्रतिबद्धता दोहराई। विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसने युवा स्वयंसेवकों में राष्ट्रीय एकता एवं सेवा भावना को मजबूत किया है। उन्होंने कहा, “यदि हम सभी एक ही दृष्टि के साथ कार्य करें, तो विकसित भारत के संकल्प को अवश्य पूरा करेंगे। मंत्रालय प्रत्येक अधिकारी को युवाओं से जुड़ी पहलों को अंतिम छोर तक पहुंचाने में निरंतर सहयोग देता रहेगा।”

सभा को संबोधित करते हुए श्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि चिंतन शिविर केवल एक प्रशासनिक अभ्यास नहीं, बल्कि युवाओं के माध्यम से राष्ट्र के भविष्य को आकार देने की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने MY Bharat को नवाचार, राष्ट्रभक्ति एवं युवा नेतृत्व का आंदोलन बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “जब युवा जागृत होते हैं, तो केवल योजनाएं और संस्थाएं ही नहीं बदलतीं, बल्कि पूरा राष्ट्र बदल जाता है।” उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक ग्राम पंचायत, विकासखंड एवं शैक्षणिक संस्थान को युवा नेतृत्व एवं सामुदायिक सहभागिता का केंद्र बनाने का आह्वान किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल साक्षरता, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता एवं महिला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सफल जमीनी पहलों को अन्य राज्यों में भी अपनाने की अपील की।

अधिकारियों का स्वागत करते हुए डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने चौथे चिंतन शिविर को विभागीय विचार-विमर्श को अधिक परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि विभाग MY Bharat एवं NSS के बीच अभिसरण को सुदृढ़ कर रहा है, संस्थागत व्यवस्थाओं को बेहतर बना रहा है तथा केवल पंजीकरण तक सीमित न रहकर सार्थक युवा सहभागिता को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा, “केवल पंजीकरण हमारा लक्ष्य नहीं है। हमारा वास्तविक उद्देश्य राष्ट्र निर्माण, अनुभवात्मक अधिगम एवं सार्थक युवा सहभागिता के लिए मजबूत मंच तैयार करना है।”

उद्घाटन सत्र के बाद चिंतन शिविर “संवाद से समाधान” विषय पर आधारित विचार-विमर्श के साथ आगे बढ़ा, जिसमें प्रतिभागियों ने युवा सहभागिता को सुदृढ़ करने, संस्थागत समन्वय को बेहतर बनाने तथा कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर संरचित चर्चा की। तकनीकी सत्रों में MY Bharat पोर्टल, डिजिटल युवा ऑनबोर्डिंग एवं सहभागिता, MY Bharat–NSS निधि प्रवाह प्रणाली, अंतरविभागीय अभिसरण तथा वार्षिक कार्ययोजना 2026–27 पर प्रस्तुतियां दी गईं। साथ ही अधिकारियों ने अपने क्षेत्रीय अनुभव साझा किए और क्रियान्वयन योग्य समाधानों पर विचार-विमर्श किया। अनुभवात्मक अधिगम, स्वयंसेवक लामबंदी, युवा क्लबों एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन से संबंधित श्रेष्ठ कार्यप्रणालियां राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश द्वारा प्रस्तुत की गईं, जिससे प्रतिभागियों को सफल मॉडलों को समझने तथा उन्हें अन्य राज्यों में लागू करने का अवसर मिला।

प्रथम दिवस का समापन प्रमुख विचारों के संकलन एवं विषयवार कार्य समूहों के गठन के साथ हुआ, जो चिंतन शिविर के दूसरे दिन प्रस्तुत किए जाने वाले सुझावों को और परिष्कृत करेंगे। इन चर्चाओं ने सहयोगात्मक एवं परिणामोन्मुख सुशासन की संस्कृति को सुदृढ़ करने तथा “विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत” के विज़न को साकार करने हेतु MY Bharat पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने की विभाग की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।

लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस वे पर दो और तीन पहिया वाहन प्रतिबंधित

कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) पर यातायात एवं FASTag वार्षिक पास संबंधी महत्वपूर्ण सूचना

लखनऊ | 19 जुलाई, 2026 भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) आमजन की सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) के उपयोगकर्ताओं हेतु निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारी जारी करता है।

*दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित*

कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) एक तेज गति वाला (High-Speed) एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है। यात्रियों की सुरक्षा तथा यातायात के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया (Two-Wheeler) एवं तिपहिया (Three-Wheeler) वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है।

सभी वाहन चालकों से अनुरोध है कि निर्धारित यातायात नियमों एवं संकेतकों का पालन करें तथा केवल अनुमत वाहनों के साथ ही एक्सप्रेसवे का उपयोग करें। नियमों का पालन न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

*FASTag वार्षिक पास मान्य*

यह भी अवगत कराया जाता है कि हाल ही में प्रारंभ की गई FASTag वार्षिक पास सुविधा कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) सहित सभी राष्ट्रीय राजमार्गों एवं राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर मान्य है।

यह सुविधा पात्र निजी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए टोल भुगतान को अधिक सुविधाजनक, तेज एवं निर्बाध बनाती है, जिससे टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा समय कम होगा तथा यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

NHAI सभी सड़क उपयोगकर्ताओं से अपील करता है कि सुरक्षित एवं जिम्मेदार यात्रा के लिए यातायात नियमों का पालन करें तथा FASTag का उपयोग कर डिजिटल एवं निर्बाध टोल प्रणाली को अपनाएं।

यूपी के 826 ब्लाक प्रमुख बने प्रशासक

लखनऊ, 19 जुलाई 2026, उत्तर प्रदेश की सरकार ने पहली बार 826 ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक नियुक्त किया। प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब 826 ब्लॉक प्रमुख भी बने प्रशासक बना दिये गये है यूपी के इतिहास में पहली बार प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख एक साथ प्रशासक बनाए गए।

विभाग द्वारा आज ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है।

एंबुलेंस बनी ‘शराब एक्सप्रेस’, सायरन की आड़ में शराब तस्करी का खेल बेनकाब

—पांच गिरफ्तार
पुलिस की गिरफ्त में शराब तस्कर

आगरा। आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एंबुलेंस की आड़ में की जा रही अंतरराज्यीय शराब तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तस्कर हरियाणा और पंजाब से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब लेकर बिहार पहुंचाते थे। पुलिस ने मौके से करीब साढ़े दस लाख रुपये की बाजार कीमत की 80 पेटी अंग्रेजी शराब, एक एंबुलेंस और एक थार गाड़ी बरामद की है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से तस्करी के इस नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। शराब से भरी एंबुलेंस के आगे एक थार गाड़ी पायलट वाहन के रूप में चलती थी, जिससे रास्ते की निगरानी की जाती थी और पुलिस चेकिंग की जानकारी पहले ही मिल जाती थी। एंबुलेंस का सायरन बजाकर चालक ट्रैफिक में आसानी से रास्ता बना लेते थे, जिससे किसी को शक भी नहीं होता था।

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि तस्कर हर राज्य की सीमा में प्रवेश करने से पहले एंबुलेंस और थार दोनों वाहनों की नंबर प्लेट बदल देते थे। अलग-अलग राज्यों के नंबर इस्तेमाल कर पुलिस और प्रशासन को चकमा दिया जाता था। इस हाईटेक तरीके से गिरोह लंबे समय से शराब की खेप बिहार तक पहुंचा रहा था।

—-हरियाणा-पंजाब से बिहार तक फैला नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार तक फैला हुआ है। शराबबंदी वाले राज्यों में अवैध शराब की सप्लाई कर गिरोह मोटा मुनाफा कमाता था। गिरफ्तार किए गए सोनीपत निवासी पंकज, रोहित, जींद निवासी साहिल, शाहिल और इस गैंग को लीड कर रहे संदीप से पूछताछ जारी है और पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।

—–सप्लाई चेन और मास्टरमाइंड की तलाश

एत्मादपुर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का सरगना कौन है और अब तक कितनी खेप बिहार पहुंचाई जा चुकी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह लंबे समय से इसी तरीके से अवैध कारोबार चला रहा था।

Ballia गंगा का जलस्तर बढ़ने से बांसडीह में कटाव शुरू, बह गई नवनिर्मित टोकरी

करोड़ों की प्रोजेक्ट पर घाघरा की टेडी नजर,17 कटर में 09 कटर घाघरा में हुई विलीन,ग्रामीणों ने लापरवाही का लगाया आरोप।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 19/07/2026

बलिया, 19 जुलाई 2026, बांसडीह तहसील क्षेत्र के महाराजपुर में लगभग आठ करोड़ की लागत से ठोकरी का निर्माण कार्य कराया जा रहा था जिसमे 17 ठोकरी ( कटर ) का निर्माण कार्य हो चुका था लेकिन घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद हालत था हुई की 17 ठोकरी ( कटर ) में लगभग 09 ठ़ोकरी को पानी में बह गई।

ग्रामीणों के द्वारा आरोप लगाया है। कि बाढ़ विभाग के द्वारा घाघरा नदी पर कार्य हो रहा था कि महाराजपुर गांव को नदी के कटान से बचाया जाए लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कटान तेज हो गई और बनी ठोकरी पानी में बह गई और बाढ़ विभाग कटान को रोकने के लिए झाड़ झांखड़ और बंबू कैरेट डालकर नदी का कटान रोकने का प्रयास कर रही है। बाढ़ विभाग एक बड़ी गलती कर रहा है कि एक तरफ नदी कटान कर रही है और बाढ़ विभाग नदी के समीप से बलूवट मिट्टी निकालकर प्लास्टिक की बोरियों में भरवाई जा रही है। मिट्टी निकलने से नदी के समीप गड्ढा हो गया है। वही कटान पीड़ित वीरेंद्र यादव ने बताया कि बाढ़ विभाग के द्वारा कार्य कराया जा रहा है जहां कार्यों में लापरवाही हो रही है बाढ़ से पहले 17 कटर बनाए गए थे अभी बाढ़ नही आया है लेकिन लगभग 09 कटर पानी में विलीन हो गए।जिसदिन पूरा पानी आ गया उस दिन एक भी कटर दिखाई नही देंगे।और गांव के समीप पानी चली जायेगी और गांव पानी में समाहित हो जायेगा आठ करोड़ तिहत्तर लाख की परियोजना थी।जो पहले कार्य चला रहा था उसका हम लोग विरोध किए थे जब बोरी बालू डालना था तब ये लोग मिट्टी डाल रहे थे उस दिन भी हम लोग कार्य को रोक थे जब बोल्डर से कार्य हो रहा था उस दिन हम लोग विरोध किए थे अधिकारी माने की कमी हुई है लेकिन कोई कार्यवाही आज तक नही हुई इसकी शिकायत जिला के सभी अधिकारियों तक पहुंचने का काम किए है जिलाधिकारी भी आए थे और सारे अधिकारियों को निर्देशित कर के गए थे कि झाड़ पात डालने से नदी नही रोक पाएगी और परकोपाइन डलने से नदी नही रोक पाएगी। जिओ ट्यूब की बोरी डालने से नदी रोक पाएगी जिससे गांव को बचाया जा सकता है।वही जिलाधिकारी के निर्देश का भी पालन नहीं हो रहा है बाढ़ विभाग के एससी और एक्शियन आए थे और बोल रहे थे कि वह सक्सेज नही हो पाएगा।

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