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सांस्कृतिक विरासत संरक्षण में साहित्यकार-पत्रकार सहयोगी बनें – डाॅ०राकेश सक्सेना

April 17, 2026

सांस्कृतिक विरासत संरक्षण में साहित्यकार-पत्रकार सहयोगी बनें – डाॅ०राकेश सक्सेना

Rakesh Saxena

एटा, 17 अप्रैल उप्रससे। जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं साहित्यकार डाॅ०राकेश सक्सेना ने विश्व विरासत दिवस 18 अप्रैल की महत्ता के संदर्भ में अवगत कराया कि भारत जैसे प्राचीन सांस्कृतिक राष्ट्र में विरासत की समृद्ध परम्परा रही है। यहाँ के मंदिर, स्तूप, स्मारक, किले, साहित्य, नृत्य, लोककला और जीवन-दर्शन विश्व की अनुपम, अमूल्य सांस्कृतिक विरासत प्रदान करते हैं।

डाॅ०राकेश सक्सेना ने जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह के द्वारा ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पाण्डुलिपियों एवं दुर्लभ अभिलेखों के संरक्षण के उद्देश्य से जनपद में चलाए जा रहे विशेष अभियान की सराहना करते हुए जनपद के पुरोहित, धर्माचार्य, ज्योतिषाचार्य, पत्रकार एवं साहित्यकार साथियों का आह्वान किया कि वे पाण्डुलिपियों को ज्ञान भारतम् मोबाइल एप के माध्यम से संरक्षित कराने में अपनी सक्रिय सहभागिता करें जिससे हमारे एटा जनपद की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण व संवर्धन सुनिश्चित हो सके।

एटा: पुलिस ने किसानों का गढ़ कूच रोका, टकराव

एटा से गढ़मुक्तेश्वर कूच पर किसने की पुलिस प्रशासन से हुई धक्का मुक्की, पूर्व मंत्री की टिप्पणी से भड़के किसान

एटा 17 अप्रैल उप्रससे। जनपद में भारतीय किसान यूनियन (भानु) के
राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह पर भाजपा के पूर्व मंत्री मदन चौहान की कथित अभद्र टिप्पणी के बाद प्रदेश में किसान आक्रोशित हो गए हैं। शुक्रवार को संगठन के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों गाड़ियों का काफिला गढ़मुक्तेश्वर के लिए रवाना हुआ, जिसे रोकने के दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

जानकारी के मुताबिक, काफिला हाथरस के सिकंदराराऊ और एटा के जलेसर क्षेत्र से निकलकर हापुड़ की ओर बढ़ रहा था। रास्ते में प्रशासन ने किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने और जबरन धक्का मुक्की कर आगे बढ़ गये। किसानों को रोकने के लिए एएसपी एटा श्वेताभ पांडेय, सीओ जलेसर, एसडीएम समेत कई थानों की फोर्स तैनात रही। अधिकारियों द्वारा समझाने के बावजूद किसान नहीं रुके। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ प्रदर्शनकारी आक्रामक हो गए और बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे निकल गए। यहां तक आरोप है कि पुलिस पर वाहन चढ़ाने की कोशिश भी की गई।
विवाद की जड़ भाजपा के पूर्व मंत्री मदन चौहान का वह बयान है, जिसमें उन्होंने भाकियू भानु के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। इस बयान के बाद से ही किसान संगठनों में नाराजगी थी, जो अब सड़क पर उतर आई है। संगठन की मांग है कि पूर्व मंत्री सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
किसानों के कूच को देखते हुए गढ़मुक्तेश्वर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पूर्व मंत्री के आवास और कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात है। जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई है ताकि काफिले को शहर में प्रवेश से पहले रोका जा सके।
एटा से काफिला पटना पक्षी विहार पार कर आगे निकल गया है और लगातार गढ़मुक्तेश्वर की ओर बढ़ रहा है। भारी संख्या में किसान इस कूच में शामिल बताए जा रहे हैं।

भारतीय किसान यूनियन भानु के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार सुबह से ही नगला सुखदेव में आवास पर जमावाड़ा के बाद भी हापुड़ कूच शुरु हो गया है पूरे प्रदेश से भारी संख्या में किसान गढ़मुक्तेश्वर पूर्व मंत्री मदन चौहान के कार्यालय की ओर बढ़ रहे हैं उन्होंने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक पूर्व मंत्री माफी नहीं मांगते, आंदोलन जारी रहेगा और वे हर हाल में गढ़मुक्तेश्वर पहुंचकर विरोध करेंगे पैदल कूच के दौरान भारतीय किसान यूनियन भानु के नेता प्रशासन व भाजपा नेता के बारे में जम कर उल्टे सीधे नारे लगा रहे हैं।

वर्जन
अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडेय ने बताया कि भाकियू भानु के समर्थकों का गढ़मुक्तेश्वर जाने का कार्यक्रम चेतावनी के साथ पहले से निर्धारित था। पुलिस द्वारा उन्हें हापुड़ की ओर जाने से रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। उन्होंने धक्का-मुक्की करते हुए बैरिकेडिंग पार की और एटा सीमा से बाहर निकल गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात है और आगे भी निगरानी की जा रही है।

आजमगढ़ : रिश्वत लेते दरोगा गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा

आजमगढ़, सरायमीर थाने का सब-इंस्पेक्टर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
दरोगा अभिषेक सिंह को 20 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। मुकदमे से नाम निकालने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है। एंटी करप्शन टीम ने केमिकल लगे नोटों के साथ दरोगा को पकड़ा।

मुरादाबाद के सोलह थानों में 46 पुलिस कर्मी लाइन हाजिर

ड्यूटी में लापरवाही, अभद्रता समेत अन्य शिकायतें

Post on 17.4.26
Friday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
काम में लापरवाही, आमजन से अभद्रता समेत अन्य शिकायतों पर पुलिस विभाग में एक्शन हुआ है। मुरादाबाद जिले में सोलह थानों में तैनात छयालीस पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने इन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर के आदेश दिए।
मुरादाबाद जिले में जिन पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही हुई, उनमें 22 हेड कांस्टेबिल व अन्य कांस्टेबिल है। हालांकि इनमें कुछ बीमारी व अन्य कारणों से लाइन में ड्यूटी करने की इच्छा जताई थीं। एसएसपी ने इसके मद्देनजर बड़े पैमाने पर पुलिस कर्मियों को लाइन में भेजा। लाइन हाजिर हुए कई पुलिस कर्मियों के खिलाफ लोगों ने शिकायतें की थीं। लोगों से बदसलूकी, बीट पर अपराधियों के सत्यापन में लापरवाही बरतने समेत शिकायतें पुलिस अधिकारियों को मिली। एसएसपी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर के आदेश दिए।

बिलारी में सेना के जवान की हत्या में दो दोषी करार

दोस्त ही निकले जवान के हत्यारे,अदालत 20 अप्रैल को सुनाएगी सजा
शुक्रवार को जिला जज की अदालत का फैसला
Post on 17.4.26
Friday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद में जिला न्यायाधीश की अदालत ने सेना में तैनात रहे जवान की हत्या में दो लोगों को दोषी ठहराया है।हत्यारे जवान के दोस्त निकले।अदालत अब 20 अप्रैल को सजा सुनाएगी।
जवान हत्याकांड का मामला दस साल पुराना है। बिलारी में राजा बाग कालोनी निवासी वीरपाल सिंह एडवोकेट के भतीजे अमरजीत सिंह की 27 फरवरी, 2016 की रात हत्या कर दी गई। वादी वीरपाल सिंह ने तहरीर में बताया कि अमरजीत सेना में जवान था। एक महीने की छुट्टी लेकर घर बिलारी आया था।घटना की रात नौ बजे अमरजीत सिंह के साथ विशाल और विमल घर पर चाय पी रहे थे। इस दौरान अमरजीत कुछ देर में आने की बात कह कर दोनों युवकों के साथ चला गया। कुछ देर अमरजीत की सूचना नहीं मिली तो वीरपाल अपनी गाड़ी में परमजीत को साथ लेकर तलाशने निकल पड़ा। कुछ दूर जंगल में आवाजें सुनाई दी तो उधर बढ़े। देखा कि विशाल व विमल ने अमरजीत को जकड़ रखा था। वीरपाल सिंह विरोध जताते हुए तेजी से आते दिखे तो हमलावरों ने अपने तमंचों से अमरजीत को गोली मार दीं।
वादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।पुलिस ने हत्यामें प्रयुक्त तमंचे भी बरामद किए हैं।
इस हत्याकांड की सुनवाई जिला जज कोर्ट में हुईं।कोर्ट में डीजीसी नितिन गुप्ता व एडीजीसी संजीव अग्रवाल ने रखा। डीजीसी ने बताया कि हत्याकांड की सुनवाई के दौरान दस गवाहों के बयान दर्ज हुए। गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोनों युवकों को हत्या में दोषी माना। डीजीसी का कहना है कि सजा के प्रश्न पर फैसला 20 अप्रैल को होगा।

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