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एटा में बच्चों से भरी स्कूली वैन खाई में पलटी

April 24, 2026

एटा में बच्चों से भरी स्कूली वैन खाई में पलटी

चीख-पुकार सुन ग्रामीणों ने बच्चों को निकाला बाहर

एटा 24 अप्रैल उप्रससे। जनपद के अलीगंज बाईपास पर शुक्रवार दोपहर के बाद स्कूली बच्चों से भरी वैन खाई में गिर गई। हादसे में आधा दर्जन से अधिक बच्चे घायल हो गए, जबकि मौके पर स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को बाहर निकालकर उनकी जान बचाई। वैन में सवार 3 बच्चों को चोट आई है। वैन स्कूल से बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी।

वहां मौजूद लोगों ने बताया कि वैन पलटते ही बच्चों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। लोगों का कहना है कि यदि समय पर मदद न मिलती, तो हादसा भयंकर हो सकता था।

वैन में फंसे घायल बच्चे कराह रहे थे दर्द से

वैन में घायल बच्चे दर्द से कराह रहे थे, लेकिन मौके पर न तो एंबुलेंस पहुंची और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी। परिजन जब तक पहुंचे, तब तक कई बच्चों को अलग-अलग लोगों द्वारा निजी और आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका था, जिससे उनकी स्थिति को लेकर भ्रम बना रहा। चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस को भी घटना की सूचना समय पर नहीं मिल सकी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक चालक वैन को वहां से भगा ले गया था और घायल बच्चे भी उपचार के लिए जा चुके थे, जिससे प्रशासनिक तंत्र की सुस्ती उजागर हो गई।
बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वैन जीडी इंटरनेशनल स्कूल की थी। ऐसे में स्कूल प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या वाहन की फिटनेस, चालक की योग्यता और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि बार-बार ऐसे हादसे सामने आने के बावजूद न तो स्कूल प्रबंधन सतर्क हो रहा है और न ही प्रशासन प्रभावी कदम उठा रहा है। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। जबकि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

कस्बा इंचार्ज मनीष बालियान ने बताया कि थाना स्तर पर घटना की स्पष्ट सूचना नहीं थी और मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। उनका यह बयान भी प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

संपत्ति के लालच में जहर देकर हत्या का आरोप

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
24/04/2026

एक आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र में संपत्ति हड़पने की साजिश के तहत युवक की जहर देकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अजित उर्फ मावेन्द्र पुत्र स्व. ओम प्रकाश निवासी हेम छापर टोला पोखरहवा थाना पनियारा, जिला महराजगंज ने अपने साथियों के साथ मिलकर वादिनी की अचल संपत्ति हड़पने की नीयत से उसके पुत्र को बहला-फुसलाकर जहर पिला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना चिलुआताल में मु0अ0सं0 72/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया गया है।

दंपति हत्याकांड में फरार दो इनामी आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार

डबल मर्डर केस।
-गिरफ्तार फरजंद हत्याकांड में मुख्य आरोपी,दूसरा केस में साथी
-पुलिस ने घोषित किया 25-25 हजार का इनाम
Post on 22.4.26
Thursday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
सिविल लाइंस में 16 हजार रुपए के विवाद में पति-पत्नी हत्याकांड में मुख्य आरोपी फरजंद समेत दो इनामी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। भागने की कोशिश में दोनों के पैर में गोली लगीं है। पुलिस ने आरोपियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
चक्कर की मिलक में पाँलिश कारीगर राजा और पत्नी फरहा की प्लाट में लेनदेन में महज 16 हजार रुपए विवाद खूनी खेल का कारण बना। हत्या के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने हत्याकांड के बाद आरोपी फहीम को पहले ही गिरफ्तार कर लिया। बेटे फरजंद के अन्य साथियों के साथ फरार हो गया। पुलिस ने गुरुवार को फरजंद व चचेरे भाई सुहैल पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के अनुसार पुलिस की तीन टीमें आरोपियों को पकड़ने के लगाईं गई। रात में सुराग मिला तो बदमाशों को घेर लिया गया। पुलिस से मुठभेड़ थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में समर वैली स्कूल के पास हुई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी इनामी बदमाशों को पकड़ लिया। पैर में गोली लगने के बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस हत्याकांड में अब तक दो आरोपियों कोजेल भेज चुकी है जबकि दो आरोपियों को अब आरोपियों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया।

April 23, 2026

ठाकुरद्वारा पहुंची सपा सांसद की घेराबंदी, विधायक आवास पर ही हाउस अरेस्ट

सांसद पशुपति गेस्ट हाउस व विधायक आवास पर नजरबंद
गांव नारायणपुर छंगा पुलिस छावनी बना,थ्री लेयर सुरक्षा

जिलाध्यक्ष समेत तमाम प्रमुख नेता भी बीच रास्ते रोकें गए
सख्ती से गांव नहीं जा सका सपा का प्रतिनिधि मंडल

-गांव नारायणपुर छंगा में जाने पर सख्ती से पाबन्दी, प्रशासन ने हालात देख लगाई निषेधाज्ञा

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
जिले में अंबेडकर प्रतिमा खंडित विवाद गुरुवार को फिर गरमा गया। सपा का रुख भांपकर जिला प्रशासन ने गांव जाने पर पाबन्दी लगा दीं।हालात यह कि सुबह तड़के पशुपति एक्रीलोन पहुंचीं सांसद रुचि वीरा की गेस्ट-हाउस पर ही प्रशासन ने घेराबंदी करली। विधायक नवाब जान को भी आवास पर ही नजरबंद हुए।सांसद के गांव जाने की जिद देख पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर मुरादाबाद ले आईं। मुरादाबाद में भी उनके आवास पर सिविल लाइंस पुलिस डटी रही। कड़ी घेराबंदी के चलते जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह समेत नेता ठाकुरद्वारा पहुंचने से पहले रोक लिए गए।

16 अप्रैल को ठाकुरद्वारा के गांव नारायणपुर छंगा में अंबेडकर प्रतिमा को खंडित किए जाने पर तनातनी थम नहीं रही। बवाल पीड़ितों का हाल जानने के सपा का प्रतिनिधि मंडल जाने की खबर से गुरुवार को माहौल गर्माया रहा।गांव पहुंचने के लिए सपा सांसद रुचि वीरा ने तेजी दिखाई। और तड़के तीन बजे ठाकुरद्वारा में पशुपति एक्रीलोन पहुंच गई।सपा नेताओं के गांव के रुख को देखते हुए प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ठाकुरद्वारा को लेकर सतर्क हो गया।
सांसद के ठाकुरद्वारा पहुंचने की खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन ने गेस्ट हाउस की घेराबंदी कर ली। और दोपहर तक गांव जाने से रोके रखा। सांसद गांव की ओर बढ़ी तो पुलिस हिरासत में मुरादाबाद ले आईं।
ठाकुरद्वारा विधायक नवाब जान घर से बाहर नहीं निकल सकें। आवास पर नजरबंद रहे। इसी तरह जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, राहुल सिंह, समेत तमाम प्रमुख नेता ठाकुरद्वारा में तिकोनिया
चौराहे पर रोक लिए गए। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल के 11 सदस्यीय टीम को गांव भेजने के ऐलान से जिले में प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई।

*पुलिस की सख्ती,ठिठके सपाई*
ठाकुरद्वारा के रास्ते में जगह जगह पुलिस बेरीकेडिंग से सपाई के कदम ठिठककर रह गए।हालांकि पुलिस की कड़ी नाकाबंदी के बावजूद सपा नेता रात में ही गांव पहुंचने में सफल रहे। इनमें जिलाध्यक्ष के अलावा अमित प्रजापति,राहुल सिंह आदि को तिकोनिया,बरेली से आते कांठ विधायक कमाल अख्तर,विधायक मनोज पारस को नगीना,मेरठके पूर्व विधायक को किठौर में रोका गया। हर सीमा पर पुलिस सपाईयों को तलाशती रही। रोके जाने वाले पूर्व विधायक योगेश वर्मा,जुगल किशोर,विधानसभा अध्यक्ष नवीन यादव, ब्रजलाल जाटव, वदूद खां, तालिब अंसारी समेत अन्य नेता रहें।
मुरादाबाद में आवास पर सपा सांसद रुचि वीरा ने घटना की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने घटना के वीडियो होने के बावजूद गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाए।घटना को लोकतंत्र की हत्या ठहराया। कहा कि अंबेडकर जी की प्रतिमा से छेड़छाड़ दुर्भाग्यपूर्ण है।
जबकि जिलाध्यक्ष ने कहा कि पीडीए का उत्पीड़न न रुका तो सपा सड़कों पर उतर आंदोलन करेगी।

हॉर्मूज पर ट्रंप का सख्त रुख, सीधी कार्रवाई के निर्देश

वॉशिंगटन/होर्मुज। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए अमेरिकी नौसेना को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरानी जहाजों और किसी भी संदिग्ध गतिविधि के खिलाफ ‘शूट टू किल’ (गोली मारने) के सीधे आदेश दे दिए हैं। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि समुद्र में अब अमेरिका किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा।

नर्क में भेज दिए जाएंगे दुश्मनर: ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ताजा बयान में ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी ईरानी जहाज या सैन्य इकाई ने अमेरिकी नौसेना या मित्र राष्ट्रों के वाणिज्यिक जहाजों को डराने या हमला करने की कोशिश की, तो उन्हें तत्काल “नर्क में भेज दिया जाएगा” (Blown to Hell)। उन्होंने आदेश दिया है कि अमेरिकी बल होर्मुज के रास्ते में ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री माइंस (Mines) को तत्काल नष्ट करें और नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करें।

अमेरिकी सेना को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि उन सभी जहाजों को बीच समुद्र में रोका जाए और उनकी जांच की जाए, जिन्होंने ईरान को अवैध रूप से ‘समुद्री कर’ या ‘टोल’ दिया है। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य की प्रभावी रूप से नाकेबंदी शुरू कर दी है, ताकि ईरानी निर्यात और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। अमेरिका की इस सख्त नाकेबंदी और युद्ध की आशंका के चलते वैश्विक तेल बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सैन्य टकराव शुरू होता है, तो कच्चे तेल की कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच सकती हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस क्षेत्र में 10,000 से अधिक अतिरिक्त सैनिकों और कई विमानवाहक पोतों (की तैनाती कर दी है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि ‘शांति सुनिश्चित करने’ के लिए उठाया गया है। दूसरी ओर, ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच गया है।

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