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मैनाठेर कांड: डीआइजी पर हमले के मामले में 16 दोषियों को उम्रकैद

March 28, 2026

मैनाठेर कांड: डीआइजी पर हमले के मामले में 16 दोषियों को उम्रकैद

अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 55 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया

-23 मार्च को मुरादाबाद में एडीजे-2 कोर्ट ने तत्कालीन डीआईजी पर जानलेवा हमले का ठहराया था दोषी
-फैसले के बाद 14 दोषी तत्काल जेल भेजे, दो अन्य अगले दिन धरे
-6 जुलाई, 2011 में हुईं घटना

Post on 28.3.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद के डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर कातिलाना हमले और बवाल में 16 दोषियों को उम्रकैद की सुनाई गई। अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए मैनाठेर कांड में हुईं लूटपाट और आगजनी में सभी को आजीवन कारावास की सजा दी। सुर्खियों में आए फैसले को लेकर शनिवार को कचहरी परिसर में भीड़ भाड़ रहीं।
एडीजे-2 कोर्ट कृष्ण कुमार ने सोमवार को सभी को दोषी ठहराया था। फैसले के बाद कोर्ट में पेश 14 को तत्काल जेल भेज दिया गया। जबकि अन्य दो को बाद में गिरफ़्तार किया गया। दोनों को पुलिस ने जेल भेज दिया।
अदालत में दोषियों पर सजा के लिए शनिवार को तारीख निर्धारित की। सजा पर फैसले को लेकर अदालत परिसर में खासी भीड़भाड़ रहीं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट रहीं। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के अलावा सीओ, सिविल लाइंस प्रभारी समेत भारी पुलिस और आरएएफ रहीं।
अदालत ने सभी 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने घटना के दौरान हुईं आगजनी और तोड़फोड़, लूटपाट की धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

यह हुईं थीं घटना।
मैनाठेर कांड बसपा शासनकाल में हुआ था। मैनाठेर थाने के असालतनगर बघा में भारी बवाल मचा। पुलिस एक घटना में आरोपी को पकड़ने गई थीं पर मौके पर जुटीं भीड़ ने पुलिस को घेर लिया। संभल रोड पर जाम की सूचना व हंगामे बाजी की सूचना पर तत्कालीन डीएम राजशेखर और डीआईजी अशोक कुमार सिंह हमराहों संग रवाना हुए। लोगों को समझाने के दौरान बेकाबू भीड़ ने डीआईजी को घेरकर हमला कर दिया। भीड़ में से चलीं गोली डीआईजी को लगीं तो वह जान बचाने पेट्रोल पंप में जान बचाने पहुंचे पर भीड़ ने वहां भी तोड़ फोड़ कर दीं।इस दौरान भीड़ ने पीएसी के वाहन में भी आग लगा दी। डीआईजी का सर्विस रिवॉल्वर भी छीन लिया गया।
मैनाठेर में डीआईजी पर हमले, सरकारी संपत्ति को नुकसान व अन्य गंभीर धाराओं में 25 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया गया।

*बवाल कांड में ये ये दोषी*
शनिवार को अदालत ने सुनाई सजा।
दोषी।

-परवेज आलम पुत्र आसिफ
-मंजूर अहमद पुत्र मो युनूस
-मो अली पुत्र अफसर
-हाशिम पुत्र हाजी भोलू
-मो कमरूल पुत्र बाबू
-मो नाजिम पुत्र मो हुसैन
-मो मुजीफ पुत्र नन्हें
-मो युनूस पुत्र मो युसुफ
अंबरीष पुत्र अनवार मिस्त्री
-कासिम पुत्र इकबाल
-मो मोबीन उर्फ मो मोहसिन पुत्र शौकत
-मो मुजीब पुत्र बाबू जमील उर्फ जमीर अहमद
-तहजीब आलम पुत्र हाजी जमील
-जाने आलम पुत्र जुम्मा

Moradabad. (UP Samachar Sewa). In the murderous attack and mayhem on Moradabad DIG Ashok Kumar Singh, 16 convicts were sentenced to life imprisonment. The court, while delivering the verdict on Saturday, sentenced all to life imprisonment in the loot and arson in the Mainather case. Crowds thronged the court complex on Saturday over the decision that made headlines. All of them were convicted by the ADJ-2 court Krishna Kumar on Monday. After the verdict, the 14 who appeared in court were immediately sent to jail. The other two were arrested later. Police took both of them to the hospital. The court fixed Saturday for the quantum of sentence on the convicts.

मैनाठेर कांड:कोर्ट से 16 दोषियों को आज मिलेगी सजा

Moradabad Samachar

मुरादाबाद समाचार

-23 मार्च को मुरादाबाद में एडीजे-2 कोर्ट ने तत्कालीन डीआईजी पर जानलेवा हमले का ठहराया था दोषी
-फैसले के बाद 14 दोषी तत्काल जेल भेजे, दो अन्य अगले दिन धरे
-6 जुलाई, 2011 में हुईं घटना

Post on 28.3.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद में तत्कालीन डीआईजी पर जानलेवा हमले व बवाल में 16 दोषियों को आज सजा मिलेगी।एडीजे-2 कोर्ट कृष्ण कुमार ने सोमवार को सभी को दोषी ठहराया था। फैसले के बाद कोर्ट में पेश 14 को तत्काल जेल भेजा गया। अन्य दो को बाद में गिरफ़्तार किया गया।
मैनाठेर कांड बसपा शासनकाल में हुआ था। मैनाठेर थाने के असालतनगर बघा में भारी बवाल मचा। पुलिस एक घटना में आरोपी को पकड़ने गई थीं पर मौके पर जुटीं भीड़ ने पुलिस को घेर लिया। संभल रोड पर जाम की सूचना व हंगामे बाजी की सूचना पर तत्कालीन डीएम राजशेखर और डीआईजी अशोक कुमार सिंह हमराहों संग रवाना हुए। लोगों को समझाने के दौरान बेकाबू भीड़ ने डीआईजी को घेरकर हमला कर दिया। भीड़ में से चलीं गोली डीआईजी को लगीं तो वह जान बचाने पेट्रोल पंप में जान बचाने पहुंचे पर भीड़ ने वहां भी तोड़ फोड़ कर दीं।इस दौरान भीड़ ने पीएसी के वाहन में भी आग लगा दी। डीआईजी का सर्विस रिवॉल्वर भी छीन लिया गया।
मैनाठेर में डीआईजी पर हमले, सरकारी संपत्ति को नुकसान व अन्य गंभीर धाराओं में 25 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया गया।

—-डीएम, डीआईजी समेत 24 ने दीं गवाही–
मैनाठेर में यह केस अहम् बना। बवाल में छह मामले दर्ज हुए। तब बसपा व 2012 में आई सपा सरकार में दर्ज मामले वापस लिए गए। जबकि एक मामले में साक्ष्यों के अभाव में आरोपी बरी हो गए।

—अलग-अलग अदालतों में चर्चित केस की सुनवाई—
मैनाठेर में इस मामले में सुनवाई लंबी चलीं। मैनाठेर बवाल मुरादाबाद में तीन अलग-अलग अदालतों में चला। अदालत में पहले एडीजीसी ब्रजराज सिंह, राजीव कौशिक और रंजीत सिंह राठौर ने सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान दर्ज कराए। अब एडीजे कोर्ट दो कृष्ण कुमार ने साक्ष्य के आधार पर 16 लोगों को दोषी ठहराया। सजा आज सुनाई जाएगी।

हरिद्वार यार्ड और टनल रेल रुट पर चला सफाई अभियान


Haridwar, Railway

Post on 27.3.26
Friday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
शुक्रवार को हरिद्वार यार्ड और टनल संख्या एक की ओर जाने वाले रेलमार्ग पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। डीआरएम विनीता श्रीवास्तव के निर्देश पर रेलवे व नगर निगम के सहयोग से व्यापक सफाई अभियान संचालित किया गया।
स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए डीआरएम ने रेल कर्मियों को नगर निगम के संग संयुक्त रुप से अभियान से जोड़ा इसके चलते निगम के 25 और रेलवे के तीस सफाई कर्मियों ने अभियान में हिस्सा लिया।इस दौरान चले अभियान में120 बड़े पाँलीबैग कूड़ा एकत्रित किया। अभियान हरिद्वार की ओर टनल संख्या एक से ब्रिज संख्या 28 के बीच चलाया गया।
एसीएम हरि सिंह मीना की देखरेख में दोनों ओर से सफाई अभियान के दौरान रेललाइन के दोनों ओर बड़ी मात्रा में खाली पानी की प्लास्टिक बोतलें, थैलियां, चिप्स के खाली पैकेट आदि वेस्ट सामग्री को उठाकर लाइन को साफ सुथरा बनाया गया। इसके साथ ही रेल मार्ग के आसपास बने आवास व होटलों का काफी मात्रा कचरा भी रेल लाइन पर पड़ा था। सफाई कर्मियों ने रेल लाइन किनारे कूड़ा एकत्रित कचरे को एकत्रित कर स्वच्छता अभियान चलाया।
इस दौरान डीआरएम के अलावा सीनियर डीसीएम समेत तमाम अधिकारी और स्टाफ मौजूद रहा।

नेपाल के पूर्व पीएम के पी शर्मा ओली गिरफ्तार

Posted on 28.02.2026 Time 08.02 AM Saturday, Kathmandu Nepal, K P Sharma Oli Ex PM Of Nepal

काठमांडू, 28 मार्च 26, नेपाल में सत्ता परिवर्तन के तत्काल बाद पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता के पी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें गत वर्ष हुए जेन जी आंदोलन में लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उनके साथ ही पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी गिरफ्तार किया गया है।

ज्ञातव्य है कि कल ही प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह और उनके मंत्रिमंडल ने शपथ ली है। उधर शर्मा ने गिरफ्तारी को राजनीतिक द्वेष के तहत की गई कार्रवाई बताया है। शर्मा को जेन जी आंदोलन की जांच के लिए बने आयोग ने दोषी माना था। इस आंदोलन में 70 से अधिक लोग मरे गए थे।

Kathmandu, Mar 28: Immediately after the change of power in Nepal, former Prime Minister and senior Communist leader K P Sharma Oli has been arrested. He has been arrested on charges of negligence in the GenG movement that took place last year. Along with him, former Home Minister Ramesh Lekhak has also been arrested.

काठमाडौँ, 28 मार्चः नेपालमा सत्ता परिवर्तन भए लगत्तै पूर्व प्रधानमन्त्री तथा वरिष्ठ कम्युनिष्ट नेता केपी शर्मा ओली पक्राउ परेका छन्। गत वर्ष भएको जेन्जी आन्दोलनमा लापरवाही गरेको आरोपमा उनलाई पक्राउ गरिएको छ। उनीसँगै पूर्व गृहमन्त्री रमेश लेखकलाई पनि पक्राउ गरिएको छ।

March 27, 2026

एटा में गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत

मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर मारकर अस्पताल में भर्ती कराने का लगाया आरोप

एटा 27 मार्च उप्रससे। जनपद में कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के नगला जगरूप में 26 वर्षीय प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने प्रसूता को एटा वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया।

मृतका रजनी पत्नी अजीत निवासी नगला जगरूप के भाई प्रदीप ने बताया कि उनकी बहन अच्छी-भली थी और कल ही उससे बात हुई थी। ससुराल वालों ने फोन नहीं उठाया और उनकी बहन को मारकर अस्पताल में भर्ती कराया ताकि मौत को स्वाभाविक दिखाया जा सके।

वहीं, ससुराल पक्ष का कहना है कि ऑपरेशन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ी थी। वे उसे इलाज के लिए ले जा रहे थे, तभी उसकी मौत हो गई। मृतका के जेठ रंजीत ने बताया कि दो दिन पहले प्रसव हुआ था। अचानक सीने में दर्द उठा, जिसके बाद सतीश हॉस्पिटल से डॉक्टरों ने आगरा रेफर कर दिया। आगरा के एसआर अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई लेकिन बच्चा स्वस्थ है। प्रसव पीड़ा के बाद उसे पहले निजी अस्पताल डॉक्टर फातिमा के यहां भर्ती कराया गया था, जब कोई आराम नहीं मिला तो उसे कासगंज रोड स्थित सतीश मेटरनिटी अस्पताल में दिखाया। वहां उसे आगरा के लिए रेफर कर दिया गया था।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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