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कृषि और ग्रामीण विकास का बजट साढे चार लाख करोड़ रुपये

February 1, 2026

कृषि और ग्रामीण विकास का बजट साढे चार लाख करोड़ रुपये

शिवराज सिंह चौहान

केन्द्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान

  • ग्रामीण विकास बजट में 21% की वृद्धि

Posted on 01.02.2026 Sunday, Time: 22.21 PM, Source PIB

नई दिल्ली, 02 फरवरी 2026, लोक सभा में आज प्रस्तुत केन्द्रीय बजट में ग्रामीण विकास विभाग के लिये इस वर्ष 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। ग्रामीण विकास और कृषि विभाग को जोड़कर देखें तो ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय का सम्मिलित बजट अब 4 लाख 35 हज़ार 779 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ग्रामीण विकास के कुल बजट में अकेले विकसित भारत जी राम जीयोजना के लिए राज्यों के अंशदान सहित लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। मनरेगा के बारे में उन्होंने बताया कि पिछली बार ओवरऑल मनरेगा बजट लगभग 86,000 करोड़ रुपये था, जबकि इस बार अकेले केंद्र का हिस्सा 95,692 करोड़ रुपये से ज़्यादा रखा गया है। राज्यों के हिस्से को जोड़ने पर यह राशि 1,51,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी, जो अपने आप में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है।

पंचायतों को दोगुनी सीधी सहायता

केंद्रीय मंत्री श्री सिंह ने कहा कि 16वें वित्त आयोग के ताज़ा निर्णय के अनुसार पंचायतों को सीधे 55,900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जाएगी। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि पहले पाँच वर्षों में पंचायतों को कुल लगभग 2,36,000 करोड़ रुपये सीधे मिले थे, जो अब बढ़कर 4,35,000 करोड़ रुपये हो गए हैंयानी लगभग दोगुना।

श्री चौहान ने विश्वास जताया कि विकसित भारत जी राम जीकी 1,51,000 करोड़ रु. की राशि और वित्त आयोग के तहत मिलने वाले 55,900 करोड़ रु. मिलकर विकसित ग्राम, स्वावलंबी ग्राम, रोजगारयुक्त और गरीबी‑मुक्त गांव के निर्माण में अभूतपूर्व भूमिका निभाएँगे।

कृषि बजट में उल्लेखनीय वृद्धि, अनुसंधान और सस्ती खाद पर विशेष ज़ोर

कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि विभाग का बजट बढ़ाकर इस वर्ष 1,32,561 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कृषि शिक्षा और अनुसंधान, विशेषकर आईसीएआर सहित, के लिए 9,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे शोध और नवाचार को बल मिलेगा।

किसानों के लिए उर्वरक सब्सिडी पर उन्होंने कहा कि सस्ता खाद और उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए 1,70,944 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान है, ताकि उत्पादन की लागत कम हो और किसान को राहत मिले।

नेशनल फाइबर स्कीम और मेडिसिनल प्लांट्स से किसानों को सीधा लाभ

श्री चौहान ने कहा कि नेशनल फाइबर स्कीम के अंतर्गत सिल्क, वूल और जूट जैसे फाइबर पर फोकस किया गया है, जिससे इनसे जुड़े किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।उन्होंने यह भी कहा कि आयुष मंत्रालय में मेडिसिनल प्लांट्स के सर्टिफिकेशन और एक्सपोर्ट से संबंधित प्रावधानों का फायदा औषधीय पौधे उगाने वाले किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि परंपरागत फसलों के साथ‑साथ नारियल, कोको, काजू और चंदन की लकड़ी जैसी उच्च‑मूल्य फसलों के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। नारियल के पुराने बागों का पुनरुद्धार और नए बाग लगाने के लिए बजट में व्यवस्था की गई है।उन्होंने यह भी कहा कि फलों और सब्ज़ियों का उत्पादन बढ़ाने और उन्हें आसानी से उपभोक्ता तक पहुँचाने के लिए अलग प्रावधान किए गए हैं, ताकि किसान को बेहतर दाम और उपभोक्ता को आसान उपलब्धता मिल सके।

रक्षा मंत्रालय को सबसे ज्यादा बजट, कुल व्यय का 14.67 प्रतिशत

FINANCE MINISTER NIRMALA SEETHARAMAN PRESENTED UNION BUDGET 2026-27 IN LOKSABHA

केन्द्री वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण लोकसभा में केन्द्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए

वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ का आबंटन

देश की कुल जीडीपी का दो प्रतिशत व्यय रक्षा मंत्रालय के लिए

Posted on 01.02.2026 Sunday, Time: 09.11 PM, Source PIB

नई दिल्ली, 02 फरवरी 2026, केन्द्रीय रक्षा बजट में सरकार ने अभूतपूर्व वृद्धि की है। आपरेशन सिन्दूर के दौरान रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने और रक्षा तंत्र को मजबूत करने पर सरकार ने पूरा ध्यान दिया है। इसीलिए रक्षा बजट में लगभग 15.19 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। रक्षा बजट कुल जीडीपी का 2 प्रतिशत है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र के लिए वर्ष 206-27 में कुल आबंटन 7 लाख 85 हजार करोड़ का किया है। कुल रक्षा बजट केंद्र सरकार के व्यय का 14.67 प्रतिशत है और मंत्रालयों में सबसे अधिक है।
रक्षा मंत्रालय को किए गए कुल आवंटन में से 27.95% का हिस्सा पूंजीगत व्यय के लिए, 20.17% का हिस्सा भरण-पोषण और परिचालन तैयारियों पर राजस्व व्यय के लिए, वेतन और भत्तों पर राजस्व व्यय के लिए 26.40%, रक्षा पेंशन के लिए 21.84% और नागरिक संगठनों के लिए 3.64% है।
सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण 
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए, रक्षा बलों के लिए पूंजी मद के तहत बजटीय आवंटन 2,19,306.47 लाख करोड़ रुपये है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान से 21.84 प्रतिशत अधिक है। इसमें से 1.85 लाख करोड़ रुपये पूंजी अधिग्रहण के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो वित्त वर्ष 2025-26 के पूंजी अधिग्रहण बजट से लगभग 24 प्रतिशत अधिक है। वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में, आधुनिकीकरण के बजट में भारी वृद्धि  एक रणनीतिक अनिवार्यता है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, तीसरी तिमाही यानी दिसंबर 2025 तक, रक्षा मंत्रालय ने 2.10 लाख करोड़ रुपये के अनुबंध पूरे किए हैं और अब तक 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के लिए आवश्यकता की स्वीकृति की मंजूरी दी है। पूंजी अधिग्रहण के तहत आगामी परियोजनाएं सशस्त्र बलों को अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान, स्मार्ट और घातक हथियारों, जहाजों/पनडुब्बियों, मानव रहित हवाई वाहनों, ड्रोन, विशेषज्ञ वाहनों आदि से लैस करेंगी।

पूर्वोत्तर में बौद्ध सर्किट

BUDHHA CIRCUIT IN NORTH EAST

नई दिल्ली, 01 फरवरी 2026, केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय बजट 2026-27 के लिए घोषित बजट में एक नया बौद्ध सर्किट बनाने की घोषणा की है। यह सर्किट पूर्वोत्तर राज्यों में होगा।

यह सर्किट अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में स्थापित होगा।

देश में होगी तीन आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना

नई दिल्ली, 01 फरवरी 2026, सरकार ने नए केन्द्रीय बजट में तीन आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना की घोषणा की है। ये देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित किये् जाएंगे। इससे आयुष चिकित्सा के क्षेत्र मे क्रांतिकारी परिवर्तन होगा।

Central Budget हस्तिनापुर और सारनाथ राष्ट्रीय पुरातात्विक और सांस्कृतिक विरासत के रूप में होंगे विकसित

FINANCE MINISTER NIRMALA SEETHARAMAN PRESENTED UNION BUDGET 2026-27 IN LOKSABHA

केन्द्री वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण लोकसभा में केन्द्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए

Posted on : 01.02.2026 Sunday, Time: 12.45 PM, Central Budget 2026-27, Finance Minister Nirmala Seetharaman

नई दिल्ली, 01 फरवरी 2026, केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत बजट में देश के सांस्कृतिक और पूरात्विक महत्व के पौराणिक और प्राचीन स्थलों के विकास के लिए योजना की घोषणा की गई है। इसमें उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख स्थल हस्तिनापुर और सारनाथ को शामिल किया गया है।

विकास के लिए कुल 15 स्थलों की घोषणा की गई है, इसमें लोथाल, थोलावीरा, राखीगढ़ी, आदिचलनाल्लुर, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह भी शामिल हैं। घोषणा के अनुसार सांस्कृतिक, पौराणिक, विरासत वाले इन प्रमुख स्थानों के डिजिटल दस्तावेजीकरण के लिए नेशनल डेस्टिनेशनल डिजिटल नालेज ग्रिड की स्थापना की जाएगी।

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