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सचिव ने फर्जी कार्य आईडी पर किया भुगतान

May 17, 2026

सचिव ने फर्जी कार्य आईडी पर किया भुगतान

Posted On: 16-05-2026

Time: 7:40 PM

Sitapur: Alok Kumar Bajpai

सीतापुर(उ0प्र0 समाचार सेवा)। विकास खण्ड बेहटा में भ्रष्टाचार अपनी सीमाएं लांघ रहा है। सचिवो व प्रधानों के द्वारा ग्राम पंचायत की विकास निधि को अपने निजी लाभ के चलते मनमाने तरीके से खर्च किया जा रहा है, जिससे न सिर्फ विकास कार्य प्रभावित हो रहे है बल्कि सरकारी धन का बंदरबाँट भी किया जा रहा है। बताते चले कि विकास खण्ड बेहटा की ग्राम पंचायत माखूबेहड में सचिव जितेंद्र राणा व प्रधान उमेश के द्वारा मनमाने तरीके से ग्राम निधि का भुगतान कर जारी आदेशो की धज्जियां उड़ा दी है। ग्राम पंचायत में अप्रैल माह किए भुगतानों में सचिव ने जमकर फर्जी कार्य आईडी पर भुगतान किया है उदाहरण के तौर पर वाटर कूलर की स्थापना कार्य आईडी संख्या 50702132 पर हैण्डपम्प रिपेयर के नाम पर 29902 रूपये का भुगतान,तकनीकी व प्रसाशनिक व्यय के की कार्य आईडी संख्या 109030683 पर ग्राम पंचायत में सोकपित निर्माण कार्य के नाम पर 4 बार मे लगभग 3 लाख रुपये का फर्जी भुगतान किया गया है व इसी कार्य आईडी संख्या पर ओपन जिम के उपकरण के खरीद कर आदेशो की धज्जियां उड़ाई गयी है।

Azamgarh पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हादसा, एक परिवार के 5 लोगों की मृत्यु

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Posted on 17.05.2026 Time 12.03 PM

Azamgarh: Five of family members died in road accident on Purvanchal Express way

आजमगढ़, 17 मई 2026, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर शनिवार की रात सड़क हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मृत्यु हो गई। जहां तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में पीछे से टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी 5 लोगों की मौके पर ही मृत्यु death हो गई।

कार से परिवार बिहार से दिल्ली जा रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आशंका है कि चालक को नींद आने के कारण हादसा हुआ।

गीताप्रेस पहली बार छाप रहा ‘रंगीन श्रीमद्भागवत महापुराण’

Posted on 17/05/2026
Time 08:20 A.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

भक्तों के लिए बड़ी सौगात: अब रंगीन और जीवंत स्वरूप में दर्शन देंगे भगवान,

​गोरखपुर। 17 मई 2029 ( उप्र समाचार सेवा)
धार्मिक पुस्तकों के प्रकाशन में विश्व विख्यात गीताप्रेस के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। दुनिया भर के करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों के लिए सुखद खबर है कि अब श्रीमद्भागवत महापुराण को पूरी तरह रंगीन और उच्च गुणवत्ता वाले आर्ट पेपर पर प्रकाशित किया जा रहा है। यह पहला अवसर है जब गीताप्रेस इस महापुराण को इतने भव्य और आधुनिक कलेवर में उतार रहा है।
​गीताप्रेस के प्रोडक्शन मैनेजर आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि ​अभी तक श्रीमद्भागवत महापुराण का प्रकाशन साधारण कागज पर होता था, जिसमें रंगीन चित्र अलग से चिपकाए जाते थे। लेकिन नए संस्करण में पूरी पुस्तक ही आर्ट पेपर पर छप रही है जो 80 जीएसएम का है । इससे न केवल अक्षर मोतियों जैसे स्पष्ट दिखेंगे, बल्कि चित्रों की चमक और गहराई पाठकों को भक्ति के एक नए अनुभव से जोड़ देगी।

​इस विशेष संस्करण की सबसे बड़ी विशेषता इसमें शामिल किए गए 200 से अधिक दुर्लभ रंगीन चित्र हैं। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर उनके विभिन्न अवतारों और आध्यात्मिक प्रसंगों को इन चित्रों के माध्यम से जीवंत किया गया है। यह संयोजन पाठकों के लिए ग्रंथ के पठन को एक दिव्य और आध्यात्मिक अनुभव बना देगा।

​दो खंडों में होगा प्रकाशन

​प्रोडक्शन मैनेजर आशुतोष पाण्डेय के अनुसार, इस महापुराण की विशालता को देखते हुए इसे दो खंडों (Volumes) में प्रकाशित किया जा रहा है। ​प्रथम खंड के शुरुआत में लगभग 3,000 प्रतियाँ छापने की योजना है।
​शुरुआत में यह हिंदी में उपलब्ध होगा, लेकिन मांग के अनुसार जल्द ही इसे अंग्रेजी, गुजराती और मराठी सहित अन्य भाषाओं में भी लाया जाएगा। इस पुस्तक की कीमत मात्र 11 सौ रुपए रखी गई है जो बहुत ही कम है ।

​गीताप्रेस इससे पहले श्रीरामचरितमानस और श्रीमद्भगवद्गीता जैसे ग्रंथों को आर्ट पेपर पर प्रकाशित कर चुका है, जिनकी भारी मांग रही है। इसी सफलता को आधार बनाकर अब ‘श्रीमद्भागवत महापुराण’ को इस विशेष रूप में तैयार किया जा रहा है।
​यह दिव्य ग्रंथ जून के अंतिम सप्ताह तक गीताप्रेस के सभी अधिकृत काउंटरों और उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। अपनी भव्यता और शुद्धता के कारण यह ग्रंथ हर सनातनी के पुस्तकालय का अनमोल रत्न बनेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में बच्चों का किया अन्नप्राशन, लुटाया भरपूर प्यार

Posted on 17/05/2026
Time 10:40 A.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर। 17 मई 2026 ( उप्र समाचार सेवा)
गोरखनाथ मंदिर में अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ का एक बार फिर बेहद संवेदनशील और स्नेही रूप देखने को मिला। आज सुबह मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर आए छोटे बच्चों से मुलाकात की और विधि-विधान से उनका ‘अन्नप्राशन’ (बच्चे को पहली बार ठोस आहार खिलाने का संस्कार) कराया।

​बच्चों को गोद में लिया, खिलाई खीर

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सुबह जैसे ही अपने कक्ष से बाहर निकले, मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए उमड़ पड़े। इसी दौरान कुछ परिवार अपने छोटे बच्चों के साथ वहाँ मौजूद थे। बच्चों को देखते ही मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुस्कान आ गई। उन्होंने बच्चों को अपनी गोद में लिया, दुलारा और उन्हें चाँदी की कटोरी-चम्मच से खीर खिलाकर अन्नप्राशन की रस्म पूरी की।
​मुख्यमंत्री ने न सिर्फ बच्चों को अन्न ग्रहण कराया, बल्कि उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद देते हुए चाकलेट, खिलौने और उपहार भी भेंट किए। मुख्यमंत्री के हाथों अपने बच्चों का अन्नप्राशन होते देख अभिभावकों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बच्चों के प्रति प्रेम जगजाहिर है। जब भी वे गोरखपुर में होते हैं, बच्चों से मिलना और उन्हें चाकलेट बांटना उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहता है। आज सुबह की इन खूबसूरत तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर भी लोगों का दिल जीत लिया है, जहाँ लोग मुख्यमंत्री के इस सहज और ममतामयी रूप की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री की अपील को स्वीकारना समय की मांग

Posted on 15.05.2026 Time 11.30 AM Friday

Article by Sarvesh Kumar Singh, Lucknow

सर्वेश कुमार सिंह

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से  संयममित उपभोग की अपील की है। यह अपील समय की मांग है। इसे स्वीकार करना हर भारतवासी का राष्ट्रहित में योगदान होगा। कारण बहुत स्पष्ट हैं किसी से कोई भी स्थिति छिपी हुई नहीं है। आज दुनिया का जो परिदृश्य बना हुआ है। उसमें  आसन्न संकट से बचने का एक मात्र उपाय संयमित उपभोग ही है।

प्रधानमंत्री ने 10 मई को हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में जनता से अपील की। कार्यक्रम हैदराबाद में अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र में आयोजित था, जहां उन्होंने 9400 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसके बाद भाजपा की रैली को भी सम्बोधित किया। यहीं श्री मोदी ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कोविड काल जैसी व्यवस्थाओँ को अपनाने की अपील की। श्री मोदी ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और गैस का संयमित उपयोग किया जाए। इसके साथ ही श्री मोदी ने यह भी कहा कि कोविड काल में जैसे वर्क फ्राम होम की व्यवस्था की गई थी, वैसे ही इसे फिर से अपनाया जाना समय की मांग है। उन्होंने आनलाइन बैठकों, वीडियो कांफ्रेंसिंग को अपनाने की भी बात कही। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने किसानों से भी अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को रायायनिक खादों का उपयोग 50 प्रतिशत तक कम करना चाहिए। इसके लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना एक अच्छा उपाय है। सिंचाई के लिए डीजल पंप के स्थान पर सोलर पंप अपनाए जाएं। इससे डीजल की बचत होगी।

प्रधानमंत्री ने उसके एक ही दिन बाद इसी अपील को फिर दिल्ली में दोहराया। उन्होंने जो भी कहा वह राष्ट्रीय परिदृश्य,देश की अर्थव्यवस्था, भविष्य की चुनौतियों और आसन्न संकट की चेतावनियों को देखते हुए कहा है। क्योंकि हम 2047 तक विकसित भारत  का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इसके लिए जरूरी है कि उच्च विकास दर बनी रहे। उच्च विकास दर तभी रह सकती है जब राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखा जाए।

पश्चिम एशिया संकट के कारण पूरी दुनिया गैस, पेट्रोल, डीजल, रायासयिक उर्वरकों के संकट का सामना कर रही है। कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। पश्चिम एशिया संकट से पहले जहां कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 70 डालर थी वह आज 126 डालर तक पहुंच गई है। लेकिन भारत सरकार ने घरेलू आपूति में दामों को नियंत्रित रखा है। इस कारण सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों इंडियन आयल, भारत प्रेट्रोलियम, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। यह घाटा प्रतिदिन 1600 से 1700 करोड़ रुपये है। अभी तक ये कंपनियां कुल एक लाख करोड़ रुपये का घाटा उठा चुकी हैं। तेल कंपनियों का घाटा सीधे तौर पर हमारे देश की विदेशी मुद्रा के स्तर को  प्रभावित करता है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार कम होने की आशंका है, जोकि रणनीतिक रूप से उचित स्थिति नहीं होगी। भारत के पास वर्तमान में विदेशी मुद्रा का इतना भंडार है कि वह 11 महीने तक निर्बाध आयात कर सकता है। लेकिन इस स्थिति को सदैव स्थिर रखने की जरूरत होती है।

देश के मुद्रा भंडार को जो दूसरी सबसे बड़ी खरीद प्रभावित करती है वह सोना है। प्रधानमंत्री ने इसी लिए एक साल तक सोना न खरीदने की भी अपील की है ताकि भारत को विदेश से सोना आयात नहीं करना पड़े। क्योंकि मांग की पूति के लिए सोना आयात किया जाता है। इसे भी नियंत्रित रखना है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सहयोग की अपील की है। हालांकि इस अपील को भारत के विपक्ष ने स्वीकार करने के बजाय इस पर टीका टिप्पणी शुरु कर दी है। सबसे खराब टिप्पणी नेता विरोधी दल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने की है। उन्होंने कहा कि समझौतावादी पीएम के बस का देश चलाना नहीं है।

लेकिन, प्रधानमंत्री की अपील को देश की जनता स्वीकार कर रही है। जनता ने संयम दिखाना प्रारम्भ कर दिया है। राज्य सरकारों ने सकारात्मक रुख दिखाया है। अधिकांश राज्यों ने अपने मंत्रियों के काफिले छोटे कर दिये हैं। सप्ताह में एक दिन नो वेहिकल डे और दो दिन वर्क फ्राम होम की व्यवस्था लागू करने का फैसला ले लिया है। इससे पट्रोल, डीजल की बचत होगी।

आज दुनिया का परिदृश्य जिस तरह से बदल रहा है। भू राजनैतिक परिदृश्य में भी बदलाव हो रहे हैं। हमारे देश की सीमाओं पर हर समय तनाव बना हुआ है। आपरेश सिन्दूर के बाद चीन और पाकिस्तान का गठजोड़ उजागर हो चुका है। अमेरिका की छद्मनीति के चलते हम उस पर भरोसा नहीं कर सकते। इन हालातों में भारत की सुरक्षा  के लिए यह जरूरी है कि हम स्वयं सशक्त आर्थिक शक्ति, निजीं संसाधनों पर अधिक निर्भरता, विदेशी आयात की कम से कम जरूरतों पर निर्भर रहें। ताकि आसन्न चुनौतियों का सामना दृढ़ता से कर सकें। अतः प्रधानमंत्री की अपील को स्वीकार करना चाहिए।

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

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