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ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर यूपी और जापान में समझौता

February 26, 2026

ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर यूपी और जापान में समझौता

  • मुख्यमंत्री ने जापान के यामानाशी प्रान्त में आयोजित ‘उ0प्र0 इन्वेस्टमेण्ट रोड शो’ कार्यक्रम को सम्बोधित किया
  • ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक से सम्बन्धित उ0प्र0 और यामानाशी के बीच ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए
  • प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उ0प्र0 विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा: मुख्यमंत्री
  • Chief Minister addresses’ UP Investment Road Show ‘event in Yamanashi prefecture,
  • Japan Historic MoU signed between UP and Yamanashi on Green Hydrogen technology
  • Uttar Pradesh is scaling new heights of development under the leadership and guidance of the Prime Minister: CM

Posted on 26.02.2026 Time 09.40 PM Thursday, Yamanashi (Japan), UP CM Yogi Adityanath, UP News

यामानाशी/लखनऊ: 26 फरवरी, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जापान के यामानाशी प्रान्त में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेण्ट रोड शो’ कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर उन्होेंने वहां के उद्योगपतियों और निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। हमने उत्तर प्रदेश की नीतियों को रिएक्टिव के स्थान पर प्रोएक्टिव बनाया है। परिणामस्वरूप, विगत 09 वर्षों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तथा अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा उत्तर प्रदेश भारत में सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है, जहां 25 करोड़ आबादी निवास करती है। जिस प्रकार प्रकृति की असीम कृपा जापान के यामानाशी प्रान्त पर है, इसी प्रकार उत्तर प्रदेश पर भी है। प्रदेश में भारत की सबसे उर्वरा भूमि तथा सर्वाधिक समृद्ध जल संसाधन है। उत्तर प्रदेश आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की भूमि भी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने स्वयं को प्रत्येक क्षेत्र में भारत की सबसे तेज अर्थव्यवस्था वाले राज्य के रूप में स्थापित किया है। यह जितना बड़ा राज्य है, इसमें जितनी सम्भावनाएं हैं, उतनी ही चुनौतियां भी सामने आती हैं। उन चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटने की दिशा में हम लोग एक बड़े डेलीगेशन के साथ जापान की यात्रा पर आए हैं। दिसम्बर, 2024 में यामानाशी के राज्यपाल उत्तर प्रदेश की यात्रा पर आए थे। उस समय उन्होंने जो बातें हमारे सामने रखी थी, लगातार उसका फॉलो-अप किया, इसके दृष्टिगत पत्र भेजे। उस पहल को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने यहां के उपराज्यपाल को उत्तर प्रदेश की यात्रा पर भेजा।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का एक उच्च स्तरीय बिजनेस डेलीगेशन यहां की यात्रा पर आया था। डेलीगेशन ने वस्तुस्थिति का अवलोकन करने के पश्चात  उस सम्बन्ध में पूरी रिपोर्ट हम सबके सामने प्रस्तुत की थी। परिणामस्वरूप, यामानाशी के राज्यपाल के आमन्त्रण पर हम सभी ने आज यहां पहुंचकर वस्तुस्थिति का अवलोकन किया। ग्रीन हाइड्रोजन के प्रोडक्शन प्रोसेस को देखा। इस तकनीक के बारे में उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर हुए हैं। उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थान के विद्यार्थी यहां पर इस तकनीक का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण के उपरान्त उत्तर प्रदेश की इण्डस्ट्री, पब्लिक ट्रान्सपोर्ट, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने में इस तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग कर पाएंगे। यह तकनीक प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण पहल हो सकती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कल हमने टोक्यो में अनेक जी-टू-बी मीटिंग्स की। भारत के राजदूत ने भी जी-टू-जी स्तर पर अनेक बैठकों का आयोजन कराया। अनेक बिजनेस डेलीगेशन के साथ हमारी मुलाकात हुई। यामानाशी के राज्यपाल ने भी अनेक जी-टू-बी और जी-टू-जी स्तर की बैठकों का आयोजन किया है। तिथि का महत्व होता है। आज का दिन अत्यन्त महत्वपूर्ण है। आज 26 फरवरी की तिथि और वर्ष का दूसरा महीना है। यदि आप इन दोनों को जोड़ कर देखेंगे, तो आठ का अंक प्राप्त होता है। यह दोनों चीजें दिखाती है कि हमारी पहल सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रान्त भारत और जापान के सम्बन्धों को नई ऊंचाई तक पहुंचाएंगे। इस कार्यक्रम के उपरान्त हमारे डेलीगेशन को यहां की सेमी स्पीड ट्रेन की राइडिंग का अवसर प्राप्त होगा। इस ट्रेन की गति 500 से 600 किलोमीटर प्रति घण्टा है। हमें यहां के रोबोटिक सेंटर को भी देखने का अवसर प्राप्त होगा। रोबोटिक्स आज की इमर्जिंग टेक्नोलॉजी है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने बजट में रोबोटिक्स के सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस के लिए धनराशि की व्यवस्था की है। इस दिशा में हम तेजी के साथ आगे बढ़ेंगे। हमें यहां एग्रो ग्रीन से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट्स को भी देखने का अवसर प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान को विकसित जापान बनाने की पहल, न केवल जापान की दृष्टि से, बल्कि विश्व मानवता के कल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यह पहल ऊर्जा में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने और इस तकनीक को सर्वसामान्य तक पहुंचाने के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकती है।
इस अवसर पर यामानाशी प्रान्त के राज्यपाल श्री कोटारो नागासाकी, उप राज्यपाल श्री जुनिची इशिदेरा, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, जापान में भारत की राजदूत सुश्री नगमा एम0 मलिक सहित जापान के उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

#UP Breaking

UP, Japan sign pact on green hydrogen technology

बेबी रानी मौर्य ने की विकास कार्यों व कानून व्यवस्था की समीक्षा

समीक्षा बैठक लेती  प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य साथ में अन्य जनप्रतिनिधि
हाथरस। कलेक्ट्रेट आगमन पर प्रभारी मंत्री एवं महिला कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की मंत्री बेबी रानी मौर्य का स्वागत जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बुके भेंट कर किया। इसके पश्चात उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली।
मंत्री ने जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को पोषण पोटली वितरित की गई। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना  के तहत लाभार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए गए। किसानों को मिनी किट बीज वितरित किए गए तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत दो महिला लाभार्थियों को पांच-पांच लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अपराध नियंत्रण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, नहरों की सफाई और टेल तक पानी की उपलब्धता, पेंशन योजनाएं, कृषि, वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण, पर्यटन विकास, लोक निर्माण विभाग की सड़कों का निर्माण व मरम्मत, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम, गौ आश्रय स्थल, स्कूल चलो अभियान, स्वास्थ्य सेवाएं, जन आरोग्य योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आवास योजनाएं, हर घर जल योजना, धान-गेहूं क्रय, टैबलेट व स्मार्ट फोन वितरण, कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना, पंचायती राज, बाल विकास एवं विद्युत आपूर्ति सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त सड़कों की मानक अनुसार शीघ्र मरम्मत कराने, बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए सायं छह बजे से निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा ओटीएस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के फोन उठाने और समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने आश्वस्त किया कि मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का प्राथमिकता से अनुपालन कराया जाएगा। बैठक में सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय, विधायक अंजुला सिंह माहौर, विधायक वीरेन्द्र सिंह राणा, विधायक प्रदीप कुमार, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

टेट की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का उमड़ा हुजूम

मथुरा।
टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक के संयुक्त तत्वावधान में आंदोलन के तृतीय चरण में जनपद के हजारों की संख्या में शिक्षक टैंक चौराहे पर एकत्रित हुए ।वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों हेतु एनसीटीई द्वारा 2017 में एक अधिनियम पारित कर सभी के लिए टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया था । उसी के परिप्रेक्ष्य में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 1 सितंबर 2025 को एक निर्णय में सभी शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता कर दी गई उक्त का विरोध शिक्षक संगठनों द्वारा लगातार किया जा रहा था । परंतु सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई ।
इसे लेकर राष्ट्रीय स्तर के दो प्रमुख संगठनों ने लखनऊ में बैठक कर एक ही बैनर तले आंदोलन की घोषणा की । इसके अंतर्गत 22 फरवरी को  X पर # टैग अभियान चलाया गया । इसके बाद 23, 24, एवं 25 फरवरी को शिक्षकों ने बोर्ड परीक्षा ड्यूटी एवं विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया । आज धरना प्रदर्शन पैदल मार्च एवं ज्ञापन के कार्यक्रम में शिक्षकों ने टैंक चौराहे से पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर एकत्रित होकर नारेबाजी की एवं टेट की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की ।टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा माननीय प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय पर नगर मजिस्ट्रेट अखिलेश कुमार मिश्रा ने लिया ।
 प्रदर्शन में उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल ( पूर्व माध्यमिक ) शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र सारस्वत , जिला अध्यक्ष अतुल सारस्वत , जिला महामंत्री लक्ष्मी नारायण ,  जिला कोषाध्यक्ष मनोज शर्मा , राजीव पचौरी , सूर्यवीर सिंह , हरीश चौधरी ,बदन सिंह यादव , कृष्ण कुमार , अरविंद शर्मा , शिव कुमार पचौरी , सुजीत वर्मा , नीलम गौड़  ,  शक्ति वर्मा , संगीता सारस्वत,आरती  कुरील ,  संजीव यादव ,  रमेश प्रताप सिंह , गीतम सिंह,  श्याम सुंदर  , प्रेम शंकर , गोविंद शर्मा , लवली पटेल , संजय पांचाल , उपेन्द्र पचाहरा , उपेंद्र पांडेय , मोहर पाल सिंह , उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राजेश शर्मा , मंत्री मुकेश कुंतल , शांतनु चौधरी , विजय सिंह ,रोशन लाल , सुशीला चौधरी, चित्रा  सारस्वत ,श्याम वीर  सिंह , दिनेश चौधरी , वीरेन्द्र सिंह , पुनेंद्र बाबू , तूही राम ,अशोक प्रिया ,मुकुल कांत उपाध्याय , कुलदीप सास्वत , विजय सिंह , अमित शर्मा , मनोज कुमार , सुशेंद्र मित्तल ,नंदकिशोर ,  मुरारी लाल शर्मा , ब्रजवीर भरंगर , राजेंद्र छौंकर  , धर्मेंद्र शर्मा,  कृष्ण पाल सिंह , कृष्ण कुमार , राजेश चौधरी , कृष्णा चंदेल , सिद्धार्थ , ज्योति वीर सिंह , हेमंत कुमार , मोनिका शुक्ला , देवेंद्र कौशिक , बाबूलाल मिश्रा, कप्तान सिंह राजोरा ,लोकेंद्र मिश्रा ,तेजवीर सिंह  ,शैलेंद्र वार्ष्णेय ,राजकुमार शर्मा, कपिल कुमार, नीरू वाला, सरिता सारस्वत, सहित हजारों शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

नंदगांव और रावल में रंगोत्सव की धूम, श्रद्धालुओं पर बरसे गुलाल और फूल

मथुरा। ब्रज क्षेत्र में होली का उत्साह चरम पर है। गुरुवार को नंदगांव और रावल में पारंपरिक ढंग से होली का आयोजन हुआ, जिसमें देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
नंदगांव में हुरियारों का स्वागत
नंदगांव, जो भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की स्थली माना जाता है, वहां लट्ठमार होली की परंपरा पूरे उत्साह के साथ निभाई गई। बरसाना से आए हुरियारों का नंदगांव की हुरियारिनों ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों, रासिया गायन और “होरी खेलन आए नंदलाल” जैसे भजनों के बीच वातावरण भक्तिमय बना रहा।
नंदभवन परिसर में श्रद्धालुओं पर गुलाल और फूलों की वर्षा की गई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस बल तैनात रहा तथा जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई।
रावल में राधारानी की स्मृति में होली
वहीं राधारानी की जन्मस्थली रावल में भी होली का विशेष आयोजन हुआ। मंदिरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने फूलों और अबीर-गुलाल से होली खेली। महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर वातावरण को ब्रजमय बना दिया।
रावल में आयोजित फूलों की होली आकर्षण का केंद्र रही। मंदिर प्रांगण में भक्तों ने “राधे-राधे” के जयकारों के बीच रंगोत्सव का आनंद लिया।
प्रशासन रहा मुस्तैद
दोनों स्थानों पर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
ब्रज की होली की यह अनूठी परंपरा श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है, जिसे देखने के लिए हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

नरसी का भात प्रसंग सुन श्रोताओं के नेत्र हुए अश्रुपूरित

बाबा भोलेनाथ मेरी नैया तो उबारो…
( संजीव गुप्ता द्वारा )
श्रीरामकथा के तीसरे दिन मुमुक्षु आश्रम परिसर उस वक़्त भक्ति, संवेदना और आध्यात्मिक ऊष्मा से आलोकित हो उठा, जब कथाव्यास संत विजय कौशल जी महाराज ने ‘नरसी का भात’ प्रसंग का हृदयस्पर्शी वर्णन किया। उनके मधुर और भावपूर्ण कथन ने श्रोताओं को ऐसी भावावस्था में पहुँचा दिया कि अनेक लोग अश्रुपूरित नेत्रों से कथा का रसास्वादन करते रहे। कथाव्यास ने सुनाया कि कृष्णभक्त नरसी मेहता अत्यंत दरिद्र थे और अपनी बेटी नानीबाई का भात भरने में असमर्थ थे। नानीबाई के ससुराल वालों ने व्यंग्य में बहुत लंबी सूची (मायरा) भेजी थी। जब उनकी पुत्री के ससुराल पक्ष में ‘भात’ (एक पारंपरिक सामाजिक रीति) देने का अवसर आया, तब समाज के सामने उनकी गरीबी उपहास का कारण बन गई। लोग ताने कसने लगे कि निर्धन नरसी अपनी पुत्री की लाज कैसे रख पाएंगे। संत विजय कौशल जी ने उस दृश्य का ऐसा जीवंत चित्र खींचा कि श्रोता मानो उसी युग में पहुँच गए। उन्होंने भावपूर्ण स्वर में कहा कि जब संसार साथ छोड़ देता है, तब सच्चा भक्त अपने आराध्य के चरणों में सिर रख देता है। नरसी ने भी यही किया। उन्होंने पूरी निष्ठा से भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया। नरसी की अटूट भक्ति से विवश होकर श्री कृष्ण स्वयं एक धनी सेठ के रूप में आए और अद्भुत मायरा भरा। भगवान कृष्ण के द्वारा साक्षात उपस्थित होकर नगरवासियों के सामने नरसी की लाज रखने का पूरा प्रसंग सुनकर श्रोतागण भावविभोर हो गए।
इसके आगे कथा व्यास ने देवर्षि नारद एवं भगवान विष्णु की कथा का प्रसंग सुनाया। नारद की कठिन तपस्या से भयभीत होकर इंद्रदेव ने कामदेव को उनकी तपस्या भंग करने के लिए भेजा। कामदेव तमाम प्रयासों के बावजूद भी उनकी तपस्या नहीं भंग कर पाए और अंतत: उन्होंने नारद से क्षमा मांगी। नारद को यह अहंकार उत्पन्न हो गया कि उन्होंने कामदेव को जीत लिया है एवं वे इस अहंकार का प्रदर्शन भगवान शिव के समक्ष करने लगे। इस पर भगवान शिव ने विष्णु से नारद का अहंकार तोड़ने का अनुरोध किया। भगवान विष्णु ने नारद के मार्ग में एक सुंदर नगर बसाया। वहां के राजा की सुंदर कन्या विश्वमोहिनी के स्वयंवर में जब नारद पहुंचे तो वे उसका सौंदर्य देखकर मोहित हो उठे एवं उन्होंने भगवान विष्णु का आह्वान किया। भगवान विष्णु ने उन्हें वानर का रूप दे दिया। स्वयंवर में अंतत: विश्वमोहिनी ने भगवान विष्णु को वरमाला पहनाई। सरोवर में अपना मुख देखकर नारद ने क्रोधित होकर भगवान विष्णु को श्राप दिया कि जिस प्रकार मैंने नारी का वियोग सहन किया है, उसी तरह आपको भी पत्नी का वियोग सहना करना पड़ेगा। कालांतर में भगवान विष्णु ने प्रभु श्रीराम के रूप में पृथ्वी पर अवतार लिया और नारद के श्राप के कारण ही उन्हें माता सीता का वियोग सहना पड़ा। कथा के अंत में “बाबा भोलेनाथ मेरी नैया तो उबारो..” भजन पर भक्त आह्लादित होकर नृत्य करने लगे।
*पूजन, आरती एवं प्रसाद वितरण*
तीसरे दिन के मुख्य यजमान डॉ के. के. शुक्ला एवं श्रीमती मधुरानी शुक्ला थे। कथा का समापन प्रभु श्रीराम की आरती से हुआ। प्रसाद वितरण श्री कमलेश त्रिवेदी एवं श्रीमती मधुलिका त्रिवेदी की तरफ से हुआ।

*ये रहे उपस्थित*
इस अवसर पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद, अनंत श्री स्वामी सर्वेश्वरानंद, अनंत श्री स्वामी अभेदानन्द, स्वामी गंगेश्वरानंद, श्री राजीव कृष्ण अग्रवाल, श्री ए बी सिंह, श्री अशोक अग्रवाल, रुद्रपुर से श्री विष्णु बंसल एवं श्री राजेन्द्र गोयल, श्री वेद प्रकाश गुप्ता, श्री रामचंद्र सिंघल, डॉ अमीर सिंह यादव, प्रबंध समिति के सचिव प्रो अवनीश मिश्र, प्राचार्य प्रो आर के आजाद, उपप्राचार्य प्रो अनुराग अग्रवाल, श्री हरीश चंद्र श्रीवास्तव, मेजर अनिल मालवीय, प्रो देवेंद्र सिंह, डॉ आदर्श पांडेय, डॉ रमेश चंद्रा, डॉ प्रतिभा सक्सेना, डॉ पवन गुप्ता, शिवओम शर्मा सहित भक्तों की भारी भीड़ उपस्थित रही।

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