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पश्चिम बंगाल समेत तीन राज्यों में जीत पर व्यापारियों में खुशी का जश्न

May 4, 2026

पश्चिम बंगाल समेत तीन राज्यों में जीत पर व्यापारियों में खुशी का जश्न


बाजार में बांटीं इक्कीस किलो मिठाई, पीएम-गृह मंत्री के चित्रों को खिलाएं लड्डू

Post on 4.5.26
Monday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद। उप्र समाचार सेवा।
सोमवार को निकले चुनाव नतीजे भाजपा की जीत का परचम लहरा गए।पश्चिम बंगाल,
में पहली बार रिकार्ड जीत से उत्साहित भाजपाइयों ने जश्न मनाया और खुशी मनाते हुए बाजारों में मिठाई बांटी।शहर के प्रमुख बर्तन बाजार में जीत का उल्लास बिखरा रहा। यहां व्यापारी संगठनों ने 21 किलो मिठाई बांटी और पीएम-गृह मंत्री के चित्रों को लड्डू खिलाएं।

पांच में से तीन राज्य पश्चिम बंगालअसम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भाजपा की दमदार जीत पर मुरादाबाद में बर्तन बाजार में व्यापारियों ने जश्न मनाया और खुशी सांझा कीं।
संयुक्त व्यापार मंडल के तहत हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के चित्रों को लड्डू खिलाकर जीत की खुशी मनाई। संगठन की ओर से मिठाइयां भी बांटीं गई।इस दौरान पूरा क्षेत्र मोदी, योगी और अमित शाह के जिंदाबाद के नारों से गूंज गया।
व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल “जॉनी” ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व व सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों पर जनता ने जीत मुहर लगाई है। महानगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल,प्रदेश महामंत्री विपिन गुप्ता,वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक कत्याल,सचिव मूलचंद चौहान, महामंत्री संजय सहगल “टोनी”, महानगर मंत्री संजीव खन्ना, महानगर उपाध्यक्ष शिवम गुप्ता,बोनी सरदार, पवन अग्रवाल,आशीष अग्रवाल समेत तमाम व्यापारी मौजूद रहे।

ममता का मिथक टूटा, मुखर्जी का मंत्र लौटा: केसरिया हुआ बंगाल

Article Posted on 04.05.2026 Time 06.30 PM Monday, West Bengal Election, Writer: Pranay Vikram Singh

प्रणय विक्रम सिंह

पश्चिम बंगाल का सियासी आसमान केसरिया हो गया। ‘ममता’ का अभेद्य महल ढह गया। दिल में ‘काबा’, नयन में ‘मदीना’ रखने वाली TMC आज बंगाल के सियासी समर में नेस्तनाबूद हो गई। जो बात वर्षों तक बंगाल के मन में थी, वह आज साहस के स्वर में ढलकर गूंज रही है कि हम हिंदू हैं… और अपने होने पर हमें गर्व है।

यह जनादेश TMC सरकार के संरक्षण में पल रहे तुष्टिकरण माफिया, सैंड माफिया, कोल माफिया, लैंड माफिया, घुसपैठ माफिया और कैटल माफिया के चंगुल में जकड़े बंगाल की मुक्ति का दस्तावेज है। इस विजय के साथ ही बंगाल की राजनीति का चक्र वहीं लौट आया है, जहां से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपनी वैचारिक यात्रा प्रारंभ की थी। यह जनादेश उनके बलिदान, उनकी दृष्टि और बंगाल के प्रति उनकी अटूट निष्ठा पर इतिहास की सबसे भव्य और भावपूर्ण मुहर है।

भारतीय जनता पार्टी की विजय केवल मतों का गणित नहीं, बल्कि मनों का मंथन और मान्यताओं का परिवर्तन है। बंगाल में रिकॉर्ड मतदान उद्घोष था कि इस बार लोग ‘डरे’ नहीं। लगभग 1 लाख से अधिक केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा की ऐसी छाया दी, जिसमें मतदाता ने पहली बार ‘मन की मुहर’ खुलकर लगाई।

बंगाल की राजनीति का एक पक्ष लंबे समय तक रक्तरंजित रीतियों, रंजिशों और रसूख की राजनीति से जुड़ा रहा है। पोस्ट-पोल वायलेंस के घाव यहां गांव-गांव में दिखाई देते थे। क्लब कल्चर के नाम पर स्थानीय स्तर पर पनपे दबाव-तंत्र, संगठित समूहों का प्रभाव और प्रशासनिक संरचनाओं पर उनकी छाया लोकतंत्र को सीमित कर दिया था। किंतु इस जनादेश ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता अब भय के उस फलक को तोड़कर विश्वास के विस्तार की ओर बढ़ चुकी है।

चुनाव परिणामों में भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सीटों का विशाल अंतर भले संख्यात्मक लगे, पर इसके भीतर मनोवैज्ञानिक बदलाव का विशाल आयाम छिपा है, नाराजगी से निर्णय तक की यात्रा। यह नाराजगी केवल शासन से नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से थी जिसे तुष्टीकरण कहते हैं। बहुसंख्यक समाज के भीतर पनपी पीड़ा, अवसरों की असमानता की अनुभूति और प्रशासनिक असंतुलन का आभास ये सभी भाव लंबे समय से भीतर-ही-भीतर सुलगते रहे। इस चुनाव ने उस सुलगन को स्वर दिया।

इस परिवर्तन की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय नेतृत्व की छाया भी स्पष्ट दिखती है। नरेंद्र मोदी का विकास-विश्वास-विस्तार का मंत्र, अमित शाह की संगठन-संरचना-संकल्प की सघनता और योगी आदित्यनाथ का सुरक्षा-सख्ती-सुशासन का मॉडल ने मिलकर एक ऐसा राजनीतिक प्रतिरूप रचा, जिसने बंगाल के मतदाता के मन में विकल्प की स्पष्टता दी।

अब नजर उस भविष्य पर है, जिसे यह जनादेश आकार देगा। विकास के मोर्चे पर यह जनादेश नई अपेक्षाएं लेकर आया है। बंद पड़े कारखानों की चिमनियां फिर से धुआं उगलें, बंदरगाहों की रफ्तार तेज हो और युवाओं के हाथों को काम मिले, यह उम्मीद अब हवा में तैरती है। राज्य का जीडीपी लगभग ₹17 लाख करोड़ के आसपास है, पर इसकी औद्योगिक वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से पीछे रही है। यदि नई सरकार गति, कनेक्टिविटी और रोजगार के त्रिकोण को प्राथमिकता देती है और कोलकाता पोर्ट, हल्दिया डॉक, दीनदयाल औद्योगिक कॉरिडोर और पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं तेज़ी पकड़ती हैं तो बंगाल पूर्वी भारत का आर्थिक इंजन बन सकता है। विदित हो कि निवेश वहीं जाता है, जहां नीतियां स्पष्ट और व्यवस्था विश्वसनीय हो और विश्वसनीयता का बीज सुरक्षा और स्थिरता की मिट्टी में ही पनपता है।

लेकिन बंगाल केवल अर्थशास्त्र नहीं है। वह एक संस्कृति-समृद्ध सभ्यता भी है। दुर्गा पूजा के ढाक की ध्वनि, काली मंदिरों की आरती और स्वामी विवेकानंद की वाणी इस भूमि की आत्मा रचते हैं। पूरी संभावना है कि नई सरकार के सहयोग से यह सभी मिलकर एक ऐसे सांस्कृतिक स्वाभिमान को जन्म देंगे, जहां पहचान पर संकट नहीं, बल्कि आत्मगौरव का आलोक होगा। जहां परंपरा प्रगति की प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि प्रेरक शक्ति बनेगी। यह पुनर्जागरण ऐसा हो सकता है, जैसे राख से उठता हुआ फीनिक्स अपनी ही ज्वाला से नया जीवन पाता हुआ।

लंबे समय तक यह धारणा बनी रही कि भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक सीमाएं हिंदी पट्टी तक सिमटी हुई हैं। परंतु बंगाल विजय ने इस मिथक को निर्णायक रूप से तोड़ दिया है। यह स्पष्ट संदेश है कि भाजपा अब एक ऐसी शक्ति है जो पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सक्षम है। गंगोत्री से गंगासागर तक भाजपा है।

इस परिणाम का सबसे तीखा प्रभाव विपक्षी राजनीति पर पड़ेगा। तृणमूल कांग्रेस जैसे गढ़ का ढहना केवल एक राज्य की हार नहीं, बल्कि उस पूरी वैचारिक संरचना का संकट है, जो भाजपा के विरोध को ही अपनी राजनीति का आधार मानती रही। अब विपक्ष के सामने केवल संगठनात्मक नहीं, बल्कि अस्तित्व का प्रश्न खड़ा है नेतृत्व कौन करेगा, दिशा क्या होगी और जनता को क्या विकल्प देगा? इससे विपक्षी दलों के बीच नेतृत्व और दिशा को लेकर असमंजस और गहरा सकता है।

इस जनादेश ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को भी नई राजनीतिक वैधता प्रदान की है। यह विजय केवल संगठनात्मक क्षमता का परिणाम नहीं, बल्कि उस विश्वास का प्रमाण है, जो जनता ने उनकी नीतियों, निर्णयों और दृष्टि पर जताया है। जब कोई राजनेता अपने पारंपरिक प्रभाव क्षेत्र से बाहर जाकर भी जनसमर्थन अर्जित करता है, तो वह केवल राजनेता नहीं रहता, वह एक राष्ट्रीय प्रवाह बन जाता है। वर्तमान समय में मोदी इस श्रेणी के एक मात्र राजनेता हैं।

बंगाल की इस जीत ने ‘डबल इंजन’ मॉडल को एक नए आयाम में परिवर्तित कर दिया है। अब उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के साथ उभरता Triple Engine Corridor केवल विचार नहीं, बल्कि ठोस नीति की दिशा बन चुका है। यह परिवर्तन पूर्वी भारत को नई आर्थिक ऊर्जा, औद्योगिक विस्तार और अवसंरचनात्मक सशक्तता प्रदान करते हुए आने वाले दशकों की विकास-दिशा तय करेगा।

इसके साथ ही यह परिणाम राष्ट्रीय विमर्श को भी प्रभावित करेगा। 2029 के आम चुनावों की दृष्टि से भी यह विजय अत्यंत महत्वपूर्ण है। बंगाल जैसे बड़े राज्य में भाजपा की सफलता का अर्थ है लोकसभा में संभावित सीटों की बढ़ोतरी, जो भविष्य की सत्ता-समीकरणों को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकती हैं। यह जीत भाजपा को न केवल राजनीतिक बढ़त देती है, बल्कि मनोवैज्ञानिक बढ़त भी प्रदान करती है, जो किसी भी चुनावी युद्ध में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

अंततः यह परिणाम बंगाल की जीतने से अधिक ‘जागने’ की दास्तान है। यह भय से विश्वास, असंतोष से विकल्प और क्षेत्रीय राजनीति से व्यापक राष्ट्रीय दृष्टि की ओर बढ़ते भारत की कहानी है।

तीन राज्यों में जीत पर भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर जश्न

लखनऊ 04 मई 2026। पश्चिम बंगाल, असम एवं पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिली अभूतपूर्व सफलता पर उत्तर प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आज जोरदार उत्सव मनाया गया। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, श्री बृजेश पाठक एवं प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री धर्मपाल सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में पार्टी कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य करते हुए, आतिशबाजी कर और एक-दूसरे का मुंह मीठा कर अपनी खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह,प्रदेश उपाध्यक्ष श्री ब्रज बहादुर, प्रदेश महामंत्री श्री गोविन्द नारायण शुक्ल, श्री रामप्रताप सिंह चौहान, प्रदेश मंत्री श्री शिवभूषण सिंह, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री कामेश्वर सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनीष दीक्षित, प्रदेश प्रवक्ता श्री हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव, श्री हीरो बाजपेयी, श्री मनीष शुक्ला, श्री संजय चौधरी, प्रदेश मुख्यालय प्रभारी श्री भारत दीक्षित व सहप्रभारी श्री अतुल अवस्थी व चौधरी लक्ष्मण सिंह, महानगर अध्यक्ष श्री आनंद द्वि़वेदी, पूर्व मंत्री मोहसिन रजा के साथ अन्य पार्टी पदाधिकारी व बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की विजय ‘नए भारत’ की जनभावना का स्पष्ट प्रतिबिंब है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व को इस सफलता का मुख्य आधार बताते हुए कहा कि देश की जनता अब विकास और सुरक्षा की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।
श्री मौर्य ने कहा कि इन राज्यों की जनता ने परिवारवाद, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति को नकारते हुए भाजपा के सुशासन मॉडल पर मुहर लगाई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने कहा कि यह जीत उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं के लिए भी प्रेरणा है और आने वाले चुनावों में भाजपा और अधिक मजबूती के साथ जनता के बीच जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरे देश में विकास और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ती रहेगी।
उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक ने इन चुनाव परिणामों को भारतीय लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और भाजपा की जनकल्याणकारी नीतियों की स्वीकृति है। उन्होंने कहा कि जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह स्थिरता, विकास और मजबूत नेतृत्व चाहती है।
श्री पाठक ने कहा कि भाजपा सरकारों ने गरीब, किसान, महिला और युवा सभी वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया है, जिसका परिणाम इन चुनावों में देखने को मिला है।

बंगाल जीत पर बीजेपी कार्यालय जीत का जश्न

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 04/05/2026

बलिया, बंगाल में बीजेपी की पूर्ण बहुमत से जीत के बाद बीजेपी कार्यालय पर मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया गया।

राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने बताया कि पूरे देश में बहुत बड़ी जीत हुई है बंगाल की जीत कोई साधारण जीत नहीं है यह परिश्रम है वहां की जनता का, वहां के कार्यकर्ताओं का,वहां के नेताओं का प्रधानमंत्री , गृहमंत्री का वहां के प्रदेश अध्यक्ष के द्वारा पृष्रम किया गया तब जाकर वहां बड़ी जीत मिली है वहां के लोग परिवर्तन करना चाहते है वहां तुष्टिकरण की राजनीति खत्म, वहां पर केन्द्र की कोई भी योजना नही लागू होती थी विकास का कोई काम नही हुआ, वहां लोगों को डरा कर राजनीति की है आने वाले समय में बंगाल में परिवर्तन देखेंगे।मैं सभी शीर्ष नेताओं को बधाई देना चाहता हूं बंगाल, असम, पुण्डीचेरी में हम लोग आगे है सभी कार्यकर्ताओं के लिए आज हर्ष का दिन है बहुत खुशी है कि आज बंगाल में कमल खिल गया।

वही टीएमसी का आरोप है कि आसनसोल में टिएमसी दफ्तर पर आग बीजेपी के द्वारा आग लगाई है के सवाल पर कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि एक भी घटना ऐसी नही होगी बंगाल में अमित शाह वहां का कानून व्यवस्था देख रहे है तो ऐसी घटना नही होगी।प्रधानमंत्री ने कहा है कि पोस्टपोल कोई भी वायलेंश नही होगी।मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और नेता ऐसा कार्य नही कर सकते।भारतीय जनता पार्टी का दिल बहुत बड़ा है ।

प्रचंड जीत पर भाजपाइयों ने मनाया जश्न।


आतिशबाजी के साथ भारत माता के जयकारों की गूंज
*मिठाई खिलाकर बांटी खुशियां।
फोटो।
बाराबंकी।भाजपाइयों ने बंगाल और असम राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली प्रचंड जीत का जश्न मनाया।मिठाई खिलाकर एक दूसरे को बधाई दी।भाजपा जिला कार्यालय पर सोमवार को कारागार राज्य मंत्री व प्रभारी मंत्री सुरेश राही की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुष्प गुच्छ देकर ऐतिहासिक जीत की बधाई दी।कार्यकर्ताओं ने जोरदार आतिशबाजी की। प्रभारी मंत्री ने भी आतिशबाजी करके खुशी का इजहार किया।भारत माता एवं वंदे मातरम् के जयघोष से कार्यालय परिसर गूंज उठा।प्रभारी मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार बंगाल में भाजपा की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जीत है।उन्होंने बंगाल और असम में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के लिए वहां के मतदाताओं को आभार ज्ञापित किया।उन्होंने प्रदेश में होने वाले 2027 विधानसभा चुनाव में इसी तरह की ऐतिहासिक जीत के लिए कार्यकर्ताओं से कमर कसने का आह्वान किया।इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राम सिंह वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत,एमएलसी अंगद सिंह,विधायक दिनेश रावत, अमरीश रावत,डॉ विवेक वर्मा,राम बाबू द्विवेदी,विजय आनंद बाजपेई,पवन सिंह रिंकू,अंशु वर्मा,रामेश्वरी त्रिवेदी,नीता अवस्थी,अलका मिश्रा,अमित वर्मा,जंग बहादुर पटेल,मुलायम सिंह यादव, मनोज वर्मा,वैभव मिश्रा,पवनेंद्र सिंह, सतीश विश्वकर्मा,मधुकर तिवारी,बिंद्रा प्रसाद वर्मा,सूरज सिंह,सीपी गुप्ता,कुशाग्र श्रीवास्तव,सुनील मिश्रा,मनोज कुरील,अभिषेक गुप्ता,बबलू वर्मा,पूर्णेंदु चतुर्वेदी,राकेश पटेल,गोविंदा, प्रेम रस्तोगी ,निरंकार दीक्षित सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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