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एटा मेडिकल कॉलेज में दवा की लाइन में खड़े बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत

June 10, 2026

एटा मेडिकल कॉलेज में दवा की लाइन में खड़े बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत

एटा 10 जून उप्रससे। एटा मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए लाइन में खड़े 74 वर्षीय बुजुर्ग की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और मेडिकल कॉलेज परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई।

जानकारी के अनुसार, बागवाला थाना क्षेत्र के गांव कुतुबपुर निवासी 74 वर्षीय जवाहर लाल मेडिकल कॉलेज में दवा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान लाइन में खड़े-खड़े उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया। चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। मौत की खबर से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया गया है कि परिजन पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव को अपने साथ घर ले गए। वहीं, बुजुर्ग की मौत के कारणों को लेकर परिजन सदमे में हैं। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में काफी देर तक लोगों की भीड़ लगी रही। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य बलवीर सिंह ने बताया कि लाइन में लगने के दौरान मौत की कोई जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है और वे कारणों की जांच करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल कॉलेज में पर्चा बनवाने और डॉक्टर को दिखाने के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर प्रेम पाल सिंह ने बताया कि एक वृद्ध की मौत की सूचना मिली थी, लेकिन परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को अपने साथ ले गए।

भारत को वैभवशाली बनाना ही संघ का ध्येय: रामदत्त चक्रधर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर

Posted on 10.06.2026 Time 09.34 PM Wednesday, Rashtriya Swayamsevak Sangh, RSS News

कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम का समापन समारोह

लखनऊ, 10 जून 2026, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र द्वारा आयोजित कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम का समापन समारोह बुधवार अधिक ज्येष्ठ कृष्ण दशमी को सरस्वती कुंज, निराला नगर में सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर और प्रमुख अतिथि नव-अन्वेषक एवं प्रगतिशील किसान पद्मश्री रामसरन वर्मा का उद्बोधन हुआ।

2026 : चार ऐतिहासिक वर्षगाँठों का संगम

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि, 2026 का वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ष है क्योंकि आज पूर्व धर्म व संस्कृति के लिये अंग्रेजों से युद्ध करने वाले बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म वर्षगांठ है। गुरु तेगबहादुर जी के शहादत की 350वीं वर्षगांठ, वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वीं वर्षगांठ का वर्ष है। 1925 में डॉ. हेडगेवार जी ने अकेले संघ शुरु करने का निर्णय लिया और आज कई लाख स्वयंसेवक, संघ के पास हैं। मोहिते के बाड़े से शुरू हुई शाखा की आज संख्या 83 हजार से अधिक हो गयी है।

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भारत हिन्दू राष्ट्र है : डॉ. हेडगेवार का दृष्टिकोण

सह सरकार्यवाह जी ने आगे कहा कि, संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक संघ के लिए जीता है। मैथिलीशरण गुप्त  ने कहा था कि भारत दुनिया का सिरमौर है। इसका ही विस्तार सबसे पहले हुआ। दुनिया का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहाँ भारत ने विशिष्ट कार्य न किया हो। संघ की स्थापना के समय डॉ. हेडगेवार जी के हिन्दू संगठन के कार्य का लोग उपहास उड़ाते थे और इसे चुनौतीपूर्ण बताते थे। जब लोगों ने उपहासपूर्वक पूछा कि कौन कहता है कि भारत हिन्दू राष्ट्र है, तब डॉ. साहब ने कहा कि मैं, केशव बलिराम हेडगेवार, कहता हूँ कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है।

शाखा पद्धति और राष्ट्रसेवा की परम्परा

डॉ. हेडगेवार का निष्कर्ष था कि देश का समाज आत्मकेन्द्रित हो गया है। उन्होंने स्वार्थकेन्द्रित हिन्दू को समाज केन्द्रित बनाने का कार्य शाखा के माध्यम से किया। उन्होंने प्रतिदिन लगने वाली शाखा की पद्धति का निर्माण किया। संघ की यह शाखा चरित्रवान हिन्दू खड़े करने का कार्य करती है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि शेर का एक बच्चा भेड़-बकरियों के बीच पलते-पलते उन्हीं जैसा बन गया था। एक दिन जंगल के शेर ने उसकी गर्दन पकड़कर पूछा कि तुम इनके साथ कैसे रह रहे हो। फिर उसे पानी में उसका चेहरा दिखाकर दहाड़ लगवायी और उसका आत्मबोध कराया। देश के विभाजन के समय स्वयंसेवकों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना हजारों हिन्दुओं की रक्षा की। चीन युद्ध के समय स्वयंसेवकों ने सेना की सहायता की तथा रक्तदान किया। इसी कारण पंडित जवाहरलाल नेहरू ने गणतंत्र दिवस की परेड में स्वयंसेवकों को सम्मिलित होने का अवसर दिया। कोरोना काल में भी स्वयंसेवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा की।

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संघ एक वैचारिक प्रवाह है

महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ पर प्रतिबंध लगाया गया। तब संघ की ओर से कहा गया कि यदि इस घटना में संघ की संलिप्तता है तो उसे सिद्ध किया जाए। इस प्रतिबन्ध के विरोध में लाखों कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह किया और अंततः प्रतिबंध हटा लिया गया। इंदिरा गांधी के निर्वाचन को अवैध घोषित किए जाने के बाद आपातकाल लगाया गया और संघ पर पुनः प्रतिबंध लगा दिया गया। संघ के स्वयंसेवक 18 महीने तक जेलों में बंद रहे फिर बाद में वह प्रतिबंध हटा। संघ के 67 हजार स्वयंसेवकों ने सत्याग्रह किया। आज Join RSS के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 38 हजार लोग संघ से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ एक वैचारिक प्रवाह है। इसलिए संघ ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह राष्ट्र हिन्दू समाज का है। यदि हिन्दू मजबूत होगा तो राष्ट्र मजबूत होगा और यदि हिन्दू कमजोर होगा तो राष्ट्र भी कमजोर होगा। संघ ने हिन्दू समाज में आत्मबोध जगाने का कार्य किया है। इस देश के साधु-संत भारत को हिन्दू राष्ट्र मानते हैं।

तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री अन्नादुरई ने कहा था कि हिमालय पर चीन का हमला तमिलनाडु पर हमला है, जबकि वे संघ के घोर विरोधी थे। भारत में सर्वोच्च न्यायालय, चुनाव आयोग, डाक-तार विभाग, दूरदर्शन, थलसेना, नौसेना तथा वायुसेना के बोध-वाक्य भारतीय वाङ्मय से लिए गए हैं, न कि कुरान अथवा बाइबिल से।

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हिन्दू समाज का संगठन ही राष्ट्रबल

चक्रधर जी ने कहा कि, भारत का विचार करना अर्थात हिन्दू की बात करना है। हिन्दू इस भूमि को मातृभूमि मानता है। इसकी आध्यात्मिक शक्ति तथा संस्कारों को अपना मानता है। संघ भी यही मानता है। देश केवल कल-कारखानों से नहीं, बल्कि सद्गुणों के संवर्धन से आगे बढ़ता है।

चरित्रवान समाज और राष्ट्रीय चेतना

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी कहते थे कि आँखों से स्वार्थ का पर्दा हटाकर देश के साथ चलने वाला नागरिक ही देश को महान बना सकते हैं । रवीन्द्रनाथ ठाकुर कहते हैं कि गाँव-गाँव में चरित्रशील और संवेदनशील नायक होने चाहिए। डॉ. हेडगेवार ने भी यही कार्य करने के लिए गाँव-गाँव तक शाखा पहुँचाने का उपक्रम किया। स्वामी विवेकानन्द जी कहते हैं— “गर्व से कहो, हम हिन्दू हैं।” जब हिन्दू नाम सुनते ही आपको ऊर्जा का अनुभव हो, तब आप हिन्दू कहलाने के अधिकारी हैं। जब दुनिया के किसी भी अकेले हिन्दू का दुःख देखकर आप उसे अपना दुःख मान सकें, तब आप हिन्दू हैं। हिन्दू समाज को प्रलोभन देकर कुछ लोग योजनाबद्ध रूप से मतांतरण का कार्य कर रहे हैं, जो बंद होना चाहिए। देश के बारे में अच्छा विचार करने वाली सज्जन शक्ति के साथ मिलकर देश को आगे बढ़ाना है।

परिवार, समरसता और सामाजिक एकता

आज देश में परिवार व्यवस्था का क्षरण हुआ है। बंगाल के गवर्नर लॉर्ड कर्जन ने जब आशुतोष मुखर्जी से विलायत जाने के लिए कहा, तब उन्होंने उत्तर दिया कि अपनी माता की अनुमति के बिना वे नहीं जा सकते। इस पर कर्जन ने कहा कि क्या आपकी माता हमसे अधिक शक्तिशाली हैं? उन्होंने उत्तर दिया— “हाँ।” माता की अनुमति मिलने के बाद ही वे विदेश गए। डॉ. राममनोहर लोहिया ने अपनी माता की सेवा को पीएच.डी. से अधिक महत्वपूर्ण बताया। छुआछूत समाज को तोड़ती है, क्योंकि हमारे देश में अनेक महान ऋषि अपने ज्ञान और अध्यात्म के कारण प्रसिद्ध हुए, न कि केवल अपने जन्म के कारण। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी कार्यपद्धति में “एक सह-सम्पत” के माध्यम से समाज की सभी जातियों को एक साथ खड़ा करने का कार्य किया है, जन्म के आधार पर नहीं। महात्मा गांधी वर्धा के संघ शिविर में बिना जाति-भेद के सभी स्वयंसेवकों को एक साथ हिन्दू के रूप में रहते देखकर अत्यंत प्रभावित हुए।

पर्यावरण संरक्षण और भारतीय जीवन-मूल्य

पर्यावरण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पौधे ऑक्सीजन देकर हमारा जीवन सुरक्षित रखते हैं, इसलिए पर्यावरण की रक्षा अत्यंत आवश्यक है। विदेशी विद्वान भी पर्यावरण के विषय में भारत से सीखने की बात करते हैं। पर्यावरण-अनुकूल लखनऊ के भंडारे सराहनीय हैं। स्व के आचरण में अपना नववर्ष, अपना जन्मदिन, अपना भोजन तथा अपना विकास भारतीय जीवन-मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए। हम सभी अत्यंत भाग्यशाली हैं कि हमें इस भूमि में जन्म मिला। रसखान ने भी अपनी रचनाओं में ब्रजभूमि में जन्म लेने की इच्छा व्यक्त की है। अन्त में उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता बन्धु प्रशिक्षण के पश्चात अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जाकर संघ कार्य का विस्तार करें तथा नई ऊर्जा और उत्साह के साथ समाज जीवन में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

यह समारोह प्रशिक्षण वर्ग का समापन नहीं है बल्कि राष्ट्र निर्माण यज्ञ में आहुति का प्रकटीकरण है – पद्मश्री रामसरन वर्मा जी

समापन समारोह के प्रमुख अतिथि नव-अन्वेषक एवं प्रगतिशील किसान पद्मश्री रामसरन वर्मा जी ने कहा कि, यह एक प्रशिक्षण वर्ग का समापन नहीं है बल्कि राष्ट्र निर्माण यज्ञ में आहुति का प्रकटीकरण है। यहाँ प्रशिक्षित सभी स्वयंसेवकों की कर्तव्य है कि जहांँ भी समाज में अलगाव हो वहाँ एकजुटता लाएंँ। उन्होंने आशा जतायी कि देश,धर्म और संस्कृति की रक्षा का जो दायित्व स्वयंसेवकों पर है उसका निर्वहन करेंगे।

289 स्वयंसेवकों ने प्राप्त किया 20 दिवसीय प्रशिक्षण

कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम में पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के अवध, कानपुर, काशी एवं गोरखपुर प्रांतों के विभिन्न जनपदों से आए 289 स्वयंसेवकों ने 20 दिनों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। स्वयंसेवकों को शारीरिक, बौद्धिक ,व्यवस्थापन, सेवा, सम्पर्क, प्रचार एवं संगठनात्मक विषयों का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्रभाव का विकास हो सके। प्रशिक्षण के दौरान 7 जून को आयोजित कुटुम्ब-सहभोज कार्यक्रम में वर्ग में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षार्थियों के लगभग 200 परिवारों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह कार्यक्रम संघ के पंच परिवर्तन के अन्तर्गत चल रहे कुटुम्ब प्रबोधन कार्य की भावना को सशक्त करने वाला अवसर बना। परिवारों के बीच संवाद, परिचय एवं सहभागिता के माध्यम से पारस्परिक सम्बन्धों को और अधिक सुदृढ़ बनाया।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

आज के इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी के विशेष आमंत्रित सदस्य प्रेम कुमार जी, क्षेत्र संघचालक कृष्ण मोहन जी, वर्ग के सर्वाधिकारी एवं अवध प्रान्त के प्रान्त संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह जी, क्षेत्र प्रचारक अनिल जी, सह क्षेत्र कार्यवाह अनिल जी, वर्ग कार्यवाह एवं क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश नारायण जी, क्षेत्र के शारीरिक प्रमुख अखिलेश जी, संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर जी, क्षेत्र के सेवा प्रमुख युद्धवीर जी, राष्ट्रधर्म प्रकाशन समूह के निदेशक मनोज कान्त जी, क्षेत्र सम्पर्क प्रमुख मनोज कुमार जी, क्षेत्र के प्रचार प्रमुख सुभाष चन्द्र जी, क्षेत्र के प्रचारक प्रमुख राजेन्द्र जी, प्रान्त प्रचारक कौशल जी, सह प्रांत संघचालक सुनीत खरे जी , सह विभाग संघचालक भुवनेश्वर जी, संयुक्त क्षेत्र ग्राम विकास प्रमुख वीरेन्द्र सिंह जी, अ.भा. सह संगठन मंत्री, विद्या भारती यतीन्द्र जी, क्षेत्र संगठन मंत्री विद्या भारती हेमचन्द्र जी, प्रान्त कार्यवाह प्रशान्त जी, सह प्रान्त कार्य़वाह संजय सिहं, सह प्रान्त कार्यवाह डॉ. अविनाश वर्मा जी, सह प्रांत प्रचारक संजय जी, वर्ग के कार्यवाह देवेन्द्र अस्थाना जी, सह वर्ग कार्यवाह राजबिहारी जी, क्षेत्र संगठन मंत्री मजदूर संघ अनुपम जी, क्षेत्र मुख्य मार्ग कार्य प्रमुख राजेन्द्र सक्सेना जी, प्रान्त के सम्पर्क प्रमुख गंगा सिंह जी, प्रान्त प्रचार प्रमुख अशोक दुबे जी, प्रान्त व्यवस्था प्रमुख रामनरेश जी, एमएलसी महेन्द्र सिंह जी, भाजपा नेता नीरज सिंह, अपर महाधिवक्ता कुलदीप त्रिपाठी जी, सरदार निर्मल सिंह जी, पूर्व आईएस अवनीश अवस्थी जी, BBAU के वाइस चासंलर आर. के. मित्तल जी, डॉ. शकुन्तला विश्वविद्यालय के वाइस चासंलर संजय सिंह जी, कल्याण सिंह कैंसर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. एम. एल. भट्ट जी, लखनऊ विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. जे. पी. सैनी जी, NBRI निदेशक अजीत शासने जी, IAS अनीता भटनागर जैन, पूर्व सांसद डॉ. अशोक बाजपेई, भाषा विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर अजय तनेजा जी तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक, स्वयंसेवक एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

नरेंद्र मोदी सरकार के उत्कृष्ट 12 वर्ष

Narendra Modi Prime Minister

सर्वेश कुमार सिंह

प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी ने आज देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का 4398 दिन के कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ा है। इसके साथ ही उनके प्रधानमंत्री के कार्यकाल को 12 वर्ष 15 दिन आज पूरे हुए। श्री मोदी ने 26 मई 2014 को भाजपा नीत राजग गठबंधन के नेता के रूप में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। दूसरी बार 30 मई 2019 और तीसरी बार 9 जून 2024 को शपथ ली।

मोदी ने अपने 12 साल के कार्यकाल में भाजपा के मुख्य और चिरप्रतीक्षित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया और उन मांगों को पूरा किया। इसमें सबसे प्रमुख श्रीरामजंभुमि मंदिर निर्माण, कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति शामिल है। एक और ऐसा मुद्दा और मांग है जिसे भाजपा और संघ विचार परिवार उठाता रहा है, वह है देश में समान नागरिक संहिता लागू करना। ये अभी कुछ राज्यों में लागू हुआ है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय कानून की आवश्यकता है।

अगर हम मोदी जी के कार्यकाल को सफलता और विकास के पैमाने पर मापने की कोशिश करे तो ये उत्कृष्ट कार्यकाल है। किसी भी देश की प्रगति उसकी तीन तरह की सुरक्षा पर निर्भर करती है। सामाजिक,आर्थिक सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और बाहरी सुरक्षा। मोदी सरकार इन तीनों में खरी साबित हुई है। सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर मोदी सरकार ने जो काम किए है वे इससे पहले की किसी सरकार ने ना तो सोचे और ना ही क्रियान्वित हुए। समाज के तीनों वर्गों किसान और मजदूर, व्यापारी और उद्योग तथा सेवा क्षेत्र सभी के लिए मोदी सरकार ने कोई न कोई नई और लाभकारी योजना शुरू की है। इसमें किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, गांव में हर घर शौचालय, और हर नल से पानी, संपूर्ण विद्युतीकरण जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारा है। किसान सम्मान निधि के रूप में गत 12 साल में 4 लाख 30 हजार करोड़ रुपए वितरित हुए है। लगभग 9 करोड़ किसान परिवार लाभान्वित हो रहे है।

व्यापारियों के लिए मुद्रा ऋण, जीएसटी का सरलीकरण, आयकर में छूट की सीमा बढ़ाना शामिल है। विश्व व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नए विश्व बाजार की खोज कर निर्यात को बढ़ाया गया है। सेवा क्षेत्र सर्वाधिक प्रगति वाला क्षेत्र बना हुआ है। इसमें यूपीआई लेनदेन ने क्रांतिकारी भूमिका निभाई है। आज हमारी अर्थव्यवस्था का आकार 345 लाख करोड़ के आसपास है,जोकि वर्ष 2014 में 180 लाख करोड़ था। गत वित्तीय वर्ष में जीडीपी की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही है। विदेशी मुद्रा भंडार जून के प्रथम सप्ताह में 682 अरब डॉलर है, ये 2014 में 304 अरब डॉलर था। मोदी सरकार के 12 साल में स्वर्ण भंडार भी दो गुना हो गया है। वर्तमान स्वर्ण भंडार 880 मीट्रिक टन है जोकि 2914 में 557 मीट्रिक टन था।

आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर भारत के सामने दो सबसे बड़ी चुनौतियां थीं। एक जम्मू कश्मीर में आतंकवाद पर नियंत्रण और दूसरी माओवादी उग्रवादियों नक्सलियों का खत्मा। दोनों मोर्चों पर मोदी सरकार ने गृहमंत्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व को प्रोत्साहित कर और उन्हें खुली छूट देकर निर्णायक प्रहार कर दिया। जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। वहां अब सेना और सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी नहीं होती बल्कि वहां अब वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल संचालित हो रही है। नक्सलवाद की समाप्ति एक दिवास्वप्न माना जाता था। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह ने तो एक बार कह दिया था कि नक्सलवाद देश की सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन उनकी सरकार कुछ कर नहीं सकी। मोदी सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षाबलों के संयुक्त अभियान, अमित शाह की सफल रणनीति से आज देश नक्सलवाद मुक्त हो गया है। अमित शाह ने तारीख तय करके इस समस्या को जड़ मूल से उखाड़ फेंका। उन्होंने 31 मार्च 2026 की तारीख तय की थी नक्सलवाद की समाप्ति के लिए और इसी तारीख को संसद में नक्सलमुक्त भारत होने की घोषणा कर दी। पाक प्रायोजित और आईएसआई से संचालित नेटवर्क को भी मोदी सरकार ने तोड़ दिया है। बाहरी सुरक्षा के क्षेत्र में भारत की ताकत को मई 2025 में सम्पूर्ण विश्व ने ऑपरेशन सिंदूर के रूप में देख लिया। आज हम रक्षा क्षेत्र में आयातक देश से निर्यातक देश बन गए है। हम ब्रह्मोस मिसाइल और तेजस विमान निर्यात करने की तैयारी में है।

मोदी है तो मुमकिन है, ये नारा अब 2047 में विकसित भारत के स्वप्न को भी साकार करेगा। हम अगले दो वित्तीय वर्ष में यानी कि लगभग 2030 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। सामाजिक,आर्थिक, और आंतरिक सुरक्षा के लिए देश को एक समान नागरिक संहिता और जनसंख्या नियंत्रण कानून की भी सख्त आवश्यकता है। ये उम्मीद भी मोदी जी ही निकट भविष्य में पूरी करेंगे।

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

June 9, 2026

कंटेनर की टक्कर से पिता एवं पुत्री की मौके पर ही मौत

उप्रससे अजय बरया
ललितपुर- ज्ञज्ञपत्नी घायल ललितपुर- 8 जून 2026 को थाना पाली के अन्तर्गत हाइवे पर एक कंटेनर द्वारा बाइक में टक्कर मार दी गई जिसमें बाइक सवार वृन्दावन व उसकी पुत्री की मौके पर मृत्यु हो गई तथा लल्लू पत्नी वृन्दावन के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई । उक्त सूचना पर थाना पाली पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल को उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया तथा मृतकों के शव को कब्जा पुलिस में लेकर पंचायतनामा की कार्यवाही की जा रही है । कंटेनर व ड्राइवर को पुलिस हिरासत में लेकर आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है । क्षेत्राधिकारी पाली की बाइट ।

June 8, 2026

55 वर्षीय व्यक्ति को खेत में कार्य करते समय लगा करंट, हालत गंभीर

 

एटा 08 जून उप्रससे। जिले के मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी वार्ड में सोमवार सुबह करीब 11 बजे 55 वर्षीय एक व्यक्ति को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। उन्हें खेतों में काम करते समय बिजली का करंट लग गया था। चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर बताई है।

घायल व्यक्ति राम निवास पुत्र वीरसहाय कासगंज जनपद के सहावर थाना क्षेत्र स्थित गांव ताली के निवासी हैं। उनकी पत्नी विटोला देवी ने बताया कि राम निवास खेतों में काम कर रहे थे, तभी उन्हें करंट लग गया। घटनास्थल पर मौजूद अन्य ग्रामीणों और किसानों ने राम निवास की चीख सुनकर तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई। उन्होंने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय अस्पताल में उपचार के दौरान जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो चिकित्सकों ने उन्हें एटा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल, 55 वर्षीय किसान राम निवास का जिला मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

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