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छत पर सोता रहा परिवार, घर से नकदी-जेवरात समेट ले गए बदमाश

May 19, 2026

छत पर सोता रहा परिवार, घर से नकदी-जेवरात समेट ले गए बदमाश

सीतापुर(उ. प्र. समाचार सेवा)। अटरिया थाना क्षेत्र के अलबदा गांव में बीती रात चोरी की बड़ी वारदात सामने आई। अज्ञात चोरों ने एक घर को निशाना बनाते हुए नकदी, जेवरात और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
अलबदा गांव निवासी विवेक तिवारी अपने परिवार के साथ घर की छत पर सो रहे थे। देर रात चोर दीवार फांदकर घर में दाखिल हुए और कमरे में रखे बक्सों के ताले तोड़ दिए। चोर घर से करीब 20 हजार रुपये नकद, जेवरात और अन्य सामान उठा ले गए। पीड़ित परिवार के अनुसार चोरी हुए जेवरों की कीमत हजारों रुपये बताई जा रही है।
सुबह जब परिवार के लोग नीचे आए तो घर का सामान बिखरा पड़ा मिला, जिसके बाद चोरी की जानकारी हुई। घटना की सूचना तत्काल अटरिया पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और जल्द खुलासे की मांग की है।

करंट की चपेट में आने से किशोरी की मौत, गांव में मातम

सीतापुर 19 मई 2026 (उ. प्र.समाचार सेवा)। पिसावां थाना क्षेत्र के सीता राम पुरवा गांव में मंगलवार को करंट लगने से 13 वर्षीय किशोरी की दर्दनाक मौत हो गई। गांव निवासी श्रीराम की बेटी खेत में लगे टुल्लू पंप पर नहाने गई थी। इसी दौरान पंप की केबल में उतरे करंट की चपेट में आकर वह अचेत होकर गिर पड़ी। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की तो किशोरी खेत में मृत अवस्था में मिली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर लेखपाल कुलदीप और पिसावां थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दरोगा सुनील कुमार यादव ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत करंट लगने से प्रतीत हो रही है।

May 18, 2026

सदरपुर में ‘खाकी बनाम सत्ता’ की जंग!

थानाध्यक्ष और भाजपा नेता की वायरल बहस से मचा बवाल, एसपी दफ्तर पहुंचा मामला; कार्रवाई न हुई तो आंदोलन की चेतावनी
सीतापुर(उ. प्र. समाचार सेवा)। सदरपुर थाना अब सिर्फ पुलिस कार्रवाई को लेकर नहीं, बल्कि “खाकी बनाम सत्ता” की खुली जंग को लेकर सुर्खियों में आ गया है। सदरपुर थानाध्यक्ष मुकेश वर्मा और भाजपा नेता व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवकुमार गुप्ता के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले की राजनीति और पुलिस महकमे में भूचाल आ गया है।
मामला इतना बढ़ गया कि सोमवार को शिवकुमार गुप्ता जिला पंचायत सदस्यों के साथ सीधे पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने सदरपुर थानाध्यक्ष मुकेश वर्मा पर भ्रष्टाचार, अभद्र व्यवहार और जनता के उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए।
भाजपा नेता ने कहा कि सदरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उनका आरोप है कि आम फरियादियों से ठीक व्यवहार नहीं किया जाता और थाना स्तर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। वायरल वीडियो का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जिस भाषा का प्रयोग हुआ, उससे पुलिस विभाग की छवि जनता के बीच खराब हुई है।
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले एक मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते गरमा गया। इसके बाद हुई हॉट-टॉक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और मामला जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया।
एसपी अंकुर अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।वही शिवकुमार गुप्ता ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 22 मई तक कार्रवाई नहीं हुई तो जिला पंचायत सदस्यों और समर्थकों के साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। सदरपुर का यह विवाद अब केवल थाने तक सीमित नहीं रह गया है। वायरल वीडियो ने जिले में पुलिस और राजनीतिक रसूख की टकराहट को खुलकर सामने ला दिया है। अब सबकी निगाहें एसपी की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि यह मामला आने वाले दिनों में और ज्यादा गरमा सकता है।

लखनऊ लाठीचार्ज के विरोध में सीतापुर बार का उबाल

– लाठी की चोट पर खौल उठा बार, सीतापुर कचहरी में न्यायिक कामकाज ठप
सीतापुर (उ.प्र. समाचार सेवा) । लखनऊ में न्यायालय परिसर के पास अधिवक्ताओं के चैंबर हटाने के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को सीतापुर का अधिवक्ता समाज उग्र दिखाई दिया। बार एसोसिएशन सीतापुर के आह्वान पर वकीलों ने न्यायिक कार्य से पूरी तरह विरत रहते हुए अदालतों का कामकाज ठप कर दिया। पूरे दिन कचहरी परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और कई मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हुई।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय सहाय और महासचिव सुधीर शर्मा के नेतृत्व में आयोजित बैठक में अधिवक्ताओं ने पुलिस कार्रवाई की तीखी निंदा की। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि लखनऊ में हुए लाठीचार्ज में कई अधिवक्ता घायल हुए हैं और विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है।
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। साथ ही जनपद न्यायाधीश समेत अन्य न्यायिक अधिकारियों को प्रस्ताव की प्रतियां भेजकर अनुरोध किया गया कि अधिवक्ताओं और वादकारियों की अनुपस्थिति में किसी भी मुकदमे में एकपक्षीय या प्रतिकूल आदेश पारित न किए जाएं।
वकीलों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने जिस तरह बल प्रयोग किया, उसने लोकतांत्रिक मूल्यों और न्याय व्यवस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। बार पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सीतापुर में ‘ब्रदर्स साम्राज्य’ पर प्रशासन का सबसे बड़ा प्रहार!

-अतीक अहमद के साथ तस्वीरों से चर्चा में आये दबंग भाइयों पर डीएम का शिकंजा
-करोड़ों की नजूल जमीन पर बुलडोजर कार्रवाई की आहट!

सीतापुर (उ. प्र. समाचार सेवा)। सीतापुर में वर्षों से दबंगई, रसूख और कथित अवैध कब्जों के दम पर खड़ा हुआ “ब्रदर्स साम्राज्य” अब प्रशासन के रडार पर आ चुका है। शहर में लंबे समय से जिन भाइयों के नाम का खौफ और रसूख चर्चा का विषय रहा, अब उन्हीं पर जिला प्रशासन ने सबसे बड़ा वार कर दिया है। माफिया अतीक अहमद के साथ सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और जमीन कारोबार से जुड़े चर्चित रिश्तों को लेकर पहले से सुर्खियों में रहे इन दबंग भाइयों के खिलाफ अब सरकारी मशीनरी खुलकर मैदान में उतर आई है।
सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के मुताबिक, इन भाइयों ने कथित तौर पर वर्षों तक दबंगई और राजनीतिक-सामाजिक रसूख के दम पर सीतापुर में जमीनों का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया। शहर के कई इलाकों में इनके प्रभाव और कब्जों की चर्चा आम रही। लेकिन अब डीएम राजागणपति आर. के सख्त तेवरों ने पूरे खेल की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है।
छावनी कदीम, खैराबाद स्थित करोड़ों रुपये कीमत की नजूल भूमि को लेकर जिलाधिकारी न्यायालय से जारी सार्वजनिक नोटिस ने भू-माफिया नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि नजूल भूखण्ड संख्या 1692, 1693/1 और 1693/2 मूल रूप से सरकारी संपत्ति हैं और इन पर वर्षों से नियमों के विपरीत कब्जा और निर्माण किये गये।
जांच में सामने आया कि जिन जमीनों को कभी बाग, तालाब और सार्वजनिक उपयोग के लिये पट्टे पर दिया गया था, वहां अब अवैध निर्माणों का जाल बिछ चुका है। इतना ही नहीं, वर्ष 2006 में हुए कथित बैनामों को भी प्रशासन ने नियमों के विपरीत मानते हुए कठघरे में खड़ा कर दिया है।
डीएम कोर्ट के नोटिस में साफ संकेत है कि अब न सिर्फ पट्टे निरस्त किये जाएंगे, बल्कि पूरी जमीन को सरकार अपने कब्जे में लेकर वहां वेंडिंग जोन और जनहित परियोजनाएं विकसित करेगी। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि अवैध कब्जे और निर्माण हटाने की कार्रवाई बिना किसी क्षतिपूर्ति के की जा सकती है।
शहर में चर्चा है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। प्रशासन धीरे-धीरे उन तमाम संपत्तियों और कब्जों का रिकॉर्ड खंगाल रहा है, जिन्हें वर्षों तक रसूख और दबंगई के दम पर बचाया जाता रहा। डीएम राजागणपति के सख्त रवैये ने साफ संकेत दे दिया है कि अब “सरकारी जमीन पर साम्राज्य” चलाने वालों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
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सीतापुर में अब सत्ता नहीं, कानून का बुलडोजर चल रहा है। जिन लोगों ने वर्षों तक दबंगई को अपनी ताकत समझकर सरकारी जमीनों पर कब्जे का साम्राज्य खड़ा किया, अब उन्हीं की नींव प्रशासन हिला रहा है। डीएम राजागणपति का संदेश बिल्कुल साफ है — चाहे रसूख कितना भी बड़ा हो, सरकारी जमीन पर कब्जे का हिसाब अब हर हाल में होगा… और अगला नंबर किसका होगा, यही सवाल पूरे शहर में गूंज रहा है।

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