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विश्वविद्यालय में एंटी रैगिंग समितियों का गठन

August 9, 2026

विश्वविद्यालय में एंटी रैगिंग समितियों का गठन

सुरक्षित एवं भयमुक्त परिसर पर जोर
शाहजहांपुर। ( संजीव गुप्त द्वारा )
स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित, अनुशासित एवं रैगिंग-मुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यूजीसी एंटी रैगिंग विनियम-2009 के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया गया है। कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह के आदेशानुसार यूजीसी एंटी रैगिंग विनियम-2009 अनुपालन समिति, एंटी रैगिंग समिति तथा एंटी रैगिंग स्क्वायड का गठन किया गया है। तीनों समितियों के अध्यक्ष के रूप में विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डॉ. आलोक कुमार सिंह को नामित किया गया है।
यूजीसी एंटी रैगिंग विनियम-2009 अनुपालन समिति में अध्यक्ष के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू प्रो. कमलेश गौतम, प्रो. आदित्य कुमार सिंह, डॉ. जयशंकर ओझा, श्री संदीप अवस्थी तथा सहायक कुलसचिव श्री राम बाबू केसरवानी को सदस्य बनाया गया है।
एंटी रैगिंग समिति में प्रो. कमलेश गौतम, प्रो. आलोक मिश्रा, प्रो. प्रभात शुक्ला, डॉ. जयशंकर ओझा, शिशिर शुक्ला (शिक्षक प्रतिनिधि), ईशपाल सिंह (अभिभावक प्रतिनिधि), रवि कुमार (छात्र प्रतिनिधि), सुनील कुमार (शिक्षणेत्तर प्रतिनिधि), सुयश सिन्हा (मीडिया प्रतिनिधि), रामबाबू केसरवानी (सचिव) तथा एसएचओ कोतवाली चौक (पुलिस प्रतिनिधि) को शामिल किया गया है।
इसी प्रकार एंटी रैगिंग स्क्वायड में उपकुलानुशासक डॉ. प्रांजल शाही, डॉ. दुर्ग विजय, डॉ. राजीव कुमार, श्री राजनंदन सिंह राजपूत, डॉ. अमित यादव, डॉ. अमरेंद्र सिंह, श्री अंकित अवस्थी, डॉ. धर्मवीर सिंह, डॉ. रोहित सिंह, डॉ. सुखदेव तथा श्री चंद्रभान त्रिपाठी को सदस्य नामित किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिसर में रैगिंग की किसी भी घटना के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी। इन समितियों के माध्यम से रैगिंग की रोकथाम, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा यूजीसी के प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

वित्त मंत्री ने सड़क निर्माण कार्य की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश, पाइपलाइन लीकेज पर निगरानी के सख्त निर्देश

( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर, 9 अगस्त। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जनपद की सड़क निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराई जाएं।
बैठक में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी सहित लोक निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जनपद में 18 सड़कों पर हॉट मिक्स का कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हो सका है, जबकि 4 सड़कों पर सीसी निर्माण कार्य भी लंबित है। इस पर वित्त मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए सभी लंबित कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए।
बैठक में आर्थिक स्वीकृति प्राप्त सड़क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। इस दौरान यह भी अवगत कराया गया कि वाजिद अली तिराहे से जामा मस्जिद तक सड़क निर्माण कार्य अगले सप्ताह से प्रारंभ किया जाएगा।
जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने बैठक में मा० मंत्री को अवगत कराया कि सभी लंबित परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है तथा संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने जलकल विभाग को पाइपलाइन लीकेज की समस्या पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच त्वरित सूचना आदान प्रदान के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सूचनाएं साझा करने के भी निर्देश दिए।
नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने नगर क्षेत्र में संचालित सड़क एवं अन्य विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर वित्त मंत्री ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके।

एक पेड़ बाबूजी के नाम: रामचन्द्र मिशन आश्रम में किया गया पौधारोपण


शाहजहांपुर। ( संजीव गुप्त द्वारा ) उत्तर प्रदेश सरकार के पौधरोपण महाभियान–2026 के महायज्ञ में श्री रामचन्द्र मिशन व हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट ने भी पौधारोपण कर अपनी आहुति दी।
शहर के मिश्रीपुर स्थिति रामचन्द्र मिशन “योगाश्रम”परिसर में “एक पेड़ बाबूजी के नाम” पौधरोपण अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. सुशील कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।इस मौके पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण जैसे अभियानों में जनसहभागिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिकाधिक पौधारोपण करने तथा उनके संरक्षण किये जाने का आवाहन किया ।इस अवसर पर आश्रम परिसर में अर्जुन, मौलश्री,आम सहित अनेक देशी एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान जोन प्रभारी शालिनी मेहरोत्रा, आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह, प्रशिक्षक राजगोपाल अग्रवाल, श्री गोपाल अग्रवाल, ए के गर्ग, ममता सिंह, हर्षवर्धन अग्रवाल,सुयश सिन्हा, कृष्णा भारद्वाज, एस के शर्मा ,माया सिंह, जेपीएन मिश्रा, रजनीश कुमार, हर्षिता सहित बड़ी संख्या में अभ्यासियों ने पौधारोपण किया।

July 10, 2026

ओसीएफ के कनिष्ठ कार्य प्रबन्धक समेत दो ठिकानों पर सीबीआई की रेड

शाहजहांपुर — ( संजीव गुप्त द्वारा )

–12 करोड़ के फर्जी टेंडर घोटाले में कार्रवाई
कनिष्ठ प्रबन्धक दीपेश गुप्ता व ठेकेदार कपिल पांडेय के घर पहुंचे अधिकारी, दीपेश गुप्ता का आवास सीज

शाहजहांपुर, 10 जुलाई 2026, फिरोजाबाद स्थित आयुध उपकरण निर्माणी (ओईएफ) में करीब 12 करोड़ रुपये के फर्जी टेंडर घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, गाजियाबाद की टीम ने बुधवार सुबह शाहजहांपुर में दो स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। टीम ने आयुध वस्त्र निर्माणी (ओसीएफ) में तैनात कनिष्ठ कार्य प्रबंधक दीपेश गुप्ता के सरकारी आवास और सदर बाजार थाना क्षेत्र के चिनौर निवासी कपिल कुमार पांडेय के घर पर दबिश दी। हालांकि, दोनों आरोपी आवास पर नहीं मिले। काफी देर तक तलाश के बाद भी उनके नहीं मिलने पर सीबीआई ने दीपेश गुप्ता का आवास सीज कर दिया। सीबीआई ने फिरोजाबाद के हजरतपुर स्थित आयुध उपकरण निर्माणी में वर्ष 2022 से 2025 के बीच हुए करीब 12 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले में चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। मामले में तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) अमित सिंह, तत्कालीन कनिष्ठ कार्य प्रबंधक दीपेश गुप्ता समेत 10 लोगों को नामजद किया गया है। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर चहेती और डमी कंपनियों को करोड़ों रुपये के फर्जी टेंडर आवंटित किए गए।

!!सरकारी कंप्यूटरों से डाले गए टेंडर!!

सीबीआई जांच में सामने आया कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान कारखाने के सरकारी कंप्यूटर और इंटरनेट नेटवर्क का उपयोग किया गया। फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों के आधार पर डमी कंपनियों को पात्र दिखाकर टेंडर दिलाए गए। इसके एवज में अधिकारियों को लाखों रुपये की रिश्वत दी गई। साथ ही दक्षिण कोरिया के सियोल की हवाई यात्रा के टिकट और परिजनों के खातों में धनराशि ट्रांसफर किए जाने के भी आरोप हैं।

!!दीपेश पर 38.44 लाख रिश्वत लेने का आरोप!!
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में ओसीएफ शाहजहांपुर में तैनात कनिष्ठ कार्य प्रबंधक दीपेश गुप्ता पर टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी कर 38.44 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। वहीं तत्कालीन जेएलएम मनोज कुमार पर 21.41 लाख रुपये रिश्वत लेने तथा तत्कालीन सीजीएम अमित सिंह और उनकी पत्नी नीलम सिंह के लिए दक्षिण कोरिया के सियोल की हवाई यात्रा के टिकट बुक कराने का आरोप लगाया गया है।

!!डमी कंपनी बनाकर हासिल किए गए टेंडर!!

जांच एजेंसी के मुताबिक मैसर्स एमएमएसएम एंटरप्राइजेज के नाम पर कागजों में संतोष कुमार को प्रोपराइटर दिखाया गया, जबकि कंपनी का वास्तविक संचालन कारखाने के अधिकारियों के इशारे पर किया जा रहा था। जेम पोर्टल पर सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर हासिल किए गए। मामले में तत्कालीन सीजीएम अमित सिंह, दीपेश गुप्ता, मनोज कुमार, ठेकेदार संतोष कुमार और मुख्य सूत्रधार कपिल कुमार पांडेय सहित कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई कर रही है।

July 9, 2026

परशुरामपुरी नामकरण से सांस्कृतिक विरासत को मिला सम्मान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की प्रवेश द्वार को लेकर समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए

Posted on 09.07.2026 Time 05.36 PM Shahjahanpur, Jalalabad, Parshurampuri, Minister AK Sharma

भगवान परशुराम की जन्मस्थली को मिली नई पहचान, जलालाबाद अब होगा ‘परशुरामपुरी’ : मंत्री श्री ए.के. शर्मा

मंत्रीपरिषद के ऐतिहासिक निर्णय का नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने किया स्वागत

शाहजहांपुर,9जुलाई 2026, ( संजीव गुप्त द्वारा ) नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने जनपद शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्रान्तर्गत कस्बा/नगर जलालाबाद का नाम परिवर्तित कर “परशुरामपुरी” किए जाने संबंधी मंत्रीपरिषद के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत के सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय बताया है।

उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी एवं मंत्रीपरिषद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेश की जनता की भावनाओं, जनप्रतिनिधियों की मांग तथा हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप है। इससे भगवान परशुराम से जुड़े ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को नई पहचान मिलेगी।श्री शर्मा ने कहा कि यह सर्वविदित है कि शाहजहांपुर स्थित भगवान परशुराम की जन्मस्थली तथा महर्षि जमदग्नि की तपोस्थली का नाम मुगल शासनकाल में जलालाबाद कर दिया गया था। लंबे समय से स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की यह मांग रही कि इस पवित्र स्थल का नाम भगवान परशुराम के नाम पर “परशुरामपुरी” रखा जाए। अब मंत्रीपरिषद के निर्णय से करोड़ों श्रद्धालुओं एवं प्रदेशवासियों की भावना का सम्मान हुआ है।

उन्होंने कहा कि नगर विकास विभाग के प्रस्ताव पर भारत सरकार द्वारा अनापत्ति प्रदान किए जाने तथा माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रीपरिषद द्वारा इसे स्वीकृति दिए जाने से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक मजबूती मिलेगी। यह निर्णय हमारी प्राचीन परंपराओं, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है।मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निरंतर ऐसे निर्णय ले रही है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों और जनभावनाओं को सम्मान देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।

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