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चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट लागू, पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य

August 22, 2026

चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट लागू, पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर-खीरी।जिला खाद्य विपणन अधिकारी नमन पाण्डेय द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, जनपद के सभी चीनी व्यापारियों, डीलरों और स्टॉकिस्टों के लिए तत्काल प्रभाव से स्टॉक सीमा लागू कर दी गई है। यह नियम 1 अगस्त 2026 से 30 नवंबर 2026 तक की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा।भंडारण की समय सीमा,कोई भी डीलर या स्टॉकिस्ट चीनी प्राप्ति की तारीख से 30 दिन से अधिक समय तक स्टॉक का भंडारण नहीं कर सकेगा।अधिकतम स्टॉक सीमा,किसी भी समय और किसी भी स्थान पर 4000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक रखने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।अनिवार्य पंजीकरण: सभी चीनी डीलरों को भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के आधिकारिक पोर्टल http://foodstock.dfpd.gov.in पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है।साप्ताहिक अपडेट,व्यापारियों को प्रत्येक शुक्रवार को अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक की वर्तमान स्थिति की घोषणा और उसे अपडेट करना होगा।जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सभी संबंधित क्षेत्रीय विपणन अधिकारियों, पूर्ति निरीक्षकों और तहसील स्तर के अधिकारियों को इसकी निगरानी के निर्देश दे दिए गए हैं।

सीसी लिमिट के नाम पर खाते से 1.24 लाख रुपये निकाले, बैंक कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का आरोप

उ प्र समाचार सेवा
*मैलानी खीरी :* कस्बे के दामोदरपुर वार्ड-6 निवासी एवं न्यू मैलानी मेडिकल हॉल के संचालक अरुण कुमार यादव ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) मैलानी शाखा के कर्मचारियों पर धोखाधड़ी कर उनके खाते से 5.24 लाख रुपये निकालने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत थाना मैलानी प्रभारी निरीक्षक से करते हुए रकम ब्याज सहित वापस दिलाने और दोषी बैंक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार अरुण कुमार यादव का एसबीआई मैलानी शाखा में चालू खाता संचालित है। व्यापार बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने बैंक में सीसी लिमिट बनवाने के लिए आवेदन किया था। कई माह तक बैंक के चक्कर लगाने और आवश्यक कागजात पूरे करने के बाद 27 जुलाई 2026 को बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी जतिन वर्मा ने फोन कर उन्हें शाखा प्रबंधक द्वारा बैंक बुलाए जाने की जानकारी दी।
आरोप है कि शाखा पहुंचने पर प्रबंधक रामकिशोर यादव ने दो खाली वाउचर देकर उन पर हस्ताक्षर करने को कहा। जब शिकायतकर्ता ने खाली वाउचर पर हस्ताक्षर करने पर आपत्ति जताई तो कथित तौर पर उसे बताया गया कि हस्ताक्षर करने से सीसी लिमिट अकाउंट एक्टिव हो जाएगा और इसके बाद वह व्यापारिक लेनदेन कर सकेगा। शिकायतकर्ता ने शाखा प्रबंधक पर विश्वास करते हुए खाली वाउचर पर हस्ताक्षर कर दिए।
इसके बाद उसी दिन उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सीसी खाते से 4 लाख रुपये तथा चालू खाते से 1.24 लाख रुपये काटे जाने के मैसेज आए। शिकायतकर्ता के अनुसार जब उन्होंने इस संबंध में शाखा प्रबंधक से जानकारी मांगी तो उन्हें बताया गया कि सीसी खाते से चार लाख रुपये उनके करंट अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं, जबकि चालू खाते से काटे गए 1.24 लाख रुपये की जानकारी देने से कथित तौर पर इनकार कर दिया गया।
शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि बैंक की 27 जुलाई 2026 की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और वाउचर की हैंडराइटिंग का मिलान कराने पर पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है।
पीड़ित ने थाना प्रभारी से मांग की है कि मामले की जांच कर बैंक द्वारा कथित रूप से निकाली गई पूरी रकम ब्याज सहित उसके खाते में वापस कराई जाए तथा दोषी बैंक कर्मचारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। बैंक प्रबंधन अथवा संबंधित कर्मचारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

*वर्जन :-* प्रभारी निरीक्षक मैलानी बृजेश कुमार मौर्य ने बताया, “अरुण कुमार यादव निवासी दामोदरपुर वार्ड नम्बर 6 द्वारा भारतीय स्टेट बैंक शाखा मैलानी के संबंध में शिकायत पत्र दिया गया है। उक्त मामले की जांच की जा रही है। जांच के उपरांत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

चौकीदार के भतीजे का सीएचसी अधीक्षक की कुर्सी पर बैठकर रील बनाना पड़ा भारी, सीएमओ ने चौकीदार को किया निलंबित

उ प्र समाचार सेवा
​लखीमपुर खीरी। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिजुआ के अधीक्षक की कुर्सी पर बैठकर वीडियो रील बनाने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संतोष गुप्ता ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्वेच्छक कम चौकीदार वीरेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके भतीजे के द्वारा अधीक्षक की कुर्सी पर बैठकर रील बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल की गई थी।

बताते चलें कि बिजुआ सीएचसी में तैनात स्वेच्छक कम चौकीदार वीरेंद्र कुमार के भतीजे ने अधीक्षक कक्ष में उनकी कुर्सी पर बैठकर वीडियो और रील बनाई थी। इसके बाद उस रील को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर दिया गया। मीडिया के जरिए मामला प्रकाश में आते ही ​सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वीरेंद्र कुमार को निलंबित कर सीएमओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी कर्मचारी या उसके परिजन/रिश्तेदार द्वारा विभागीय नियमों और गरिमा की अनदेखी की जाएगी, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। नियमों के उल्लंघन पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

दबंगों ने रोका रास्ता, दलित बस्ती में घुसा बाढ़ का पानी, संक्रामक बीमारियों का खतरा

उ प्र समाचार सेवा
मितौली खीरी: दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मितौली तहसील के कस्ता कस्बे में बरसाती जल निकासी न होने से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। कस्बे के सभी तालाब ओवरफ्लो होकर जलमग्न हो चुके हैं, जिससे बाढ़ जैसा नजारा बन गया है। सबसे बदतर स्थिति कस्बे की दलित बस्ती और नहर के पास रह रहे परिवारों की है, जहाँ घरों के चारों तरफ कई फीट तक पानी भर गया है। ग्रामीण इस स्थिति से बेहद चिंतित और डरे हुए हैं।दबंगों के अवैध कब्जे ने बढ़ाई मुसीबत,स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिन रास्तों और सरकारी जमीनों से होकर पारंपरिक रूप से बरसाती पानी की निकासी होती थी, वहाँ गांव के कुछ दबंग लोगों ने अवैध रूप से मकान और दुकानें खड़ी कर ली हैं। इसके अलावा जल निकासी के लिए बनाई गई पक्की नालियों को भी दबंगों द्वारा पाट दिया गया है। इसके चलते पूरे कस्बे का पानी बाहर निकलने के बजाय रिहाइशी इलाकों की तरफ बैक मार रहा है।दलित बस्ती टापू में तब्दील, घरों में कैद हुए लोगनहर के समीप निवास कर रहे पासी समाज के लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया है। वहीं दलित बस्ती में रहने वाले हेमराज गौतम, सुशील कुमार गौतम, सुनील कुमार गौतम और स्वीपर (वाल्मीकि) वर्ग के लोगों के मकान चारों तरफ से पानी से घिर चुके हैं। लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं और उनका घरेलू सामान भी भीग कर खराब हो रहा है।संक्रामक बीमारियों का मंडराया खतरा,सड़कों और घरों के आसपास गंदे और बरसाती पानी के ठहरने से कस्बे में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि यदि जल्द ही पानी नहीं निकाला गया तो मलेरिया, डेंगू, डायरिया और त्वचा से जुड़ी संक्रामक बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर इसका सबसे बुरा असर पड़ रहा है।एसडीएम मितौली से जल निकासी की गुहार,कस्बे के त्रस्त नागरिकों ने प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी जताते हुए उप जिलाधिकारी (एसडीएम) मितौली से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द कस्ता कस्बे के जलभराव का मौका-मुआयना (आकलन) करे, दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटवाकर नालियों को साफ कराए और बरसाती जल की तत्काल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि लोगों को इस नारकीय जीवन से निजात मिल सके।

इंटरपोल ने संभल हिंसा के मास्टर माइंड शारिक साठा के खिलाफ जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस

उत्तर प्रदेश समाचार सेवा
संभल, 22 अगस्त 2026, दुबई में छिपे मुख्य आरोपी शारिक साठा पर इंटरपोल का शिकंजा, जल्द प्रत्यर्पण की तैयारी संभल जिले में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के मामले में पुलिस की तरफ से एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इस हिंसा के मुख्य मास्टरमाइंड बताए जा रहे और इस वक्त दुबई में बैठे शारिक साठा के खिलाफ अब इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने शुक्रवार को जानकारी दी है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, शारिक साठा को न्यायालय की तरफ से पहले ही भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। पुलिस ने शारिक साठा से जुड़ा हुआ पूरा डोजियर तैयार किया है ,इस तैयार किए गए डोजियर को सीबीआई को सौंप दिया गया था। साथ ही यह मांग की गई थी कि उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाए। सीबीआई और इंटरपोल के बीच आपसी कम्युनिकेशन होने के बाद अब उसके खिलाफ आखिरकार रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका है। फर्जी पासपोर्ट से विदेश जाने का आरोप. — पुलिस के अनुसार, शारिक साठा कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश गया था। विदेश जाने के बाद वह इस समय दुबई में रह रहा है।

पुलिस उसकी सभी गतिविधियों पर और उससे जुड़े हुए लोगों पर लगातार निगरानी रख रही थी। अब पुलिस की पूरी कोशिश यह है कि वह दुनिया के जिस भी देश में मौजूद हो, वहां से उसे गिरफ्तार किया जाए।

गिरफ्तार कर उसे भारत प्रत्यर्पित कराया जाए, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।

पहले से दर्ज हैं दर्जनों मुकदमे

पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि पुलिस रिकार्ड के मुताबिक, शारिक साठा पर 24 नवंबर की इस हिंसा से पहले भी करीब 55 से 60 मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस का मुख्य लक्ष्य अब उसे भारत वापस लाना है। भारत लाकर उसके खिलाफ सभी पुराने और नए मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसे सजा सुनिश्चित कराई जाएगी।

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