Posted on 05/06/2026
Time 18:10 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh
गोरखपुर : 5 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित शहीद अशफाक उल्ला खान प्राणि उद्यान में पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा को जोड़ने वाली एक बेहद अनूठी और अभिनव पहल की शुरुआत की गई है। यहाँ अब पौधों को सिर्फ लगाया ही नहीं जा रहा, बल्कि उन्हें एक ‘डिजिटल पहचान’ भी दी जा रही है। शहर के प्रमुख व्यापारी नेता आलोक अग्रवाल द्वारा शुरू की गई इस पहल के तहत, लगाए गए पौधों को एक विशेष आईडी कार्ड और क्यूआर (QR) कोड के साथ जोड़ा जा रहा है, जो उन्हें देश का पहला ऐसा ‘स्मार्ट’ पौधारोपण प्रोजेक्ट बनाता है।
इस कार्यक्रम के तहत, चिड़ियाघर में लगाए जा रहे हर पौधे पर एक पहचान पत्र लगाया जा रहा है। इस कार्ड में पौधे का नाम और प्रजाति (Species), वैज्ञानिक नाम (Scientific Name), क्यूआर कोड (QR Code) दर्ज होती है, जिसे स्कैन करते ही मोबाइल पर उस पौधे से जुड़ी पूरी जानकारी मिल जाती है।
इस पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य चिड़ियाघर को केवल एक मनोरंजन स्थल तक सीमित न रखकर इसे एक ‘लर्निंग सेंटर’ के रूप में विकसित करना है। इसके प्रमुख उद्देश्य लोगों को पेड़ों और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना। स्कूल-कॉलेज के छात्रों के लिए इसे एक ‘लाइव स्टडी स्पॉट’ के रूप में तैयार करना, जिससे उन्हें बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) को आसानी से समझने में मदद मिले। अक्सर वृक्षारोपण के बाद पौधों की सुध नहीं ली जाती, लेकिन इस ‘आई कार्ड’ प्रणाली के कारण पौधों की नियमित मॉनिटरिंग और संरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा।
व्यापारी नेता आलोक अग्रवाल, जिन्होंने इस पहल को मूर्त रूप दिया है, का मानना है कि डिजिटल युग में पर्यावरण को तकनीक से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने बताया, “लोग पौधे तो लगा देते हैं, लेकिन बाद में उनका संरक्षण नहीं हो पाता। अब इन पौधों के पास अपनी डिजिटल आईडी होने से इनकी जिम्मेदारी तय होगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि पौधे सुरक्षित रहें और बढ़ें।”
प्रदेश के मुख्यमंत्री के जन्मदिन के उपलक्ष्य में विशेष ‘हाइटेक ब्रीड’ के पौधों का रोपण किया गया है। चिड़ियाघर प्रशासन ने भी इस पहल को सराहा है और इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा और स्मार्ट कदम बताया है।
गोरखपुर के चिड़ियाघर की यह अनूठी पहल अब देश के अन्य शहरों के लिए एक मिसाल बन सकती है, जहाँ तकनीक और प्रकृति का मिलन न केवल पौधों को जीवन दे रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक भी कर रहा है।
कार्य बंद मिलने पर अधिकारियों को लगाई फटकार
पलिया कलां खीरी:मानसून की दस्तक से पहले पलिया विधानसभा क्षेत्र को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए स्थानीय विधायक रोमी साहनी पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गए हैं।विधायक रोमी साहनी ने शारदा नदी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरी तरह बंद पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
पलिया क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लगभग 2.50 करोड़ रुपये की बाढ़ सुरक्षा परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके बावजूद विभागीय लापरवाही के कारण मौके पर काम बंद पड़ा मिला। विधायक ने इसे जनहित के खिलाफ एक गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि काम को तुरंत शुरू कर समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि कार्य जल्द शुरू नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता विधायक
निरीक्षण के दौरान विधायक रोमी साहनी ने कहा मानसून बिल्कुल नजदीक है ऐसे में इतने महत्वपूर्ण कार्य का बंद रहना बेहद चिंताजनक है। क्षेत्र की जनता को बाढ़ के खतरे से बचाना और उन्हें राहत दिलाना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई, लापरवाही या उदासीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”इस दौरान विधायक ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे कागजी खानापूर्ति छोड़ धरातल पर काम दिखाएं ताकि ग्रामीणों को आने वाली बरसात में बाढ़ की समस्या से न जूझना पड़े।
मुख्यमंत्री से गुहार के बाद एसडीएम मोहम्मदी ने दिए जांच के आदेश
लखीमपुर खीरी।जिले की मोहम्मदी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम जमुका से भू-माफियाओं द्वारा धार्मिक और पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने सीधे सूबे के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मोहम्मदी ने तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए जांच और कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।ग्राम जमुका (परगना पसगंवा, तहसील मोहम्मदी के निवासी देवेश कुमार मिश्रा पुत्र रमेशचन्द्र ने मुख्यमंत्री को की गई ऑनलाइन शिकायत 40015326027546 भेजे प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया है कि उनके पूर्वजों (नानी स्वर्गीय विद्यावती) के नाम दर्ज भूमिधरी में से कटौती करके गाटा संख्या 157 रकबा 00.08 हे. तथा 153 रकबा 00.16 हे. क्रमशः सती माता आश्रम जोकि देवेश मिश्रा के नाना के खानदान की ही लड़की हैं तथा एक पवित्र पूजित कुएं धर्मस्थलों के नाम पर दर्ज करवा दिया गया था। किन्तु उक्त दोनों स्थानों पर गांव के ही कुछ रसूखदार भू माफियाओं ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। जोकि संख्याबल में अधिक होने के कारण हावी रहते हैं।इतना ही नहीं, दबंगों ने मंदिर और कुएं की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते को भी दीवार खड़ी करके बंद कर दिया है, जिससे वहां आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।आंधी में गिरे नीम के पेड़ से बनेगी बाउंड्रीवॉल,पीड़ित देवेश मिश्रा ने बताया कि परिसर में नीम का एक बहुत पुराना पेड़ खड़ा था, जो हाल ही में आई तेज आंधी के कारण गिर गया है। वह इस गिरे हुए पेड़ की बिक्री कर उससे मिलने वाले पैसों से पूरे धार्मिक स्थल की बाउंड्रीवॉल (चारदीवारी) करवाना चाहते हैं, ताकि भविष्य में कोई भी दोबारा इस पवित्र स्थान पर अवैध कब्जा न कर सके।प्रशासन की सख्त कार्रवाई: एसडीएम ने संबंधित विभाग को सौंपी जांच मामला प्रशासनिक गलियारों में गूंजने के बाद उपजिलाधिकारी मोहम्मदी ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया है।एसडीएम मोहम्मदी ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच क्षेत्र के कानूनगो (राजस्व निरीक्षक) को सौंप दी गई है। राजस्व टीम को मौके पर जाकर पैमाइश (नाप) करने के निर्देश दिए गए हैं। जैसे ही नाप की प्रक्रिया पूरी होगी, मंदिर और कुएं की जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त कराया जाएगा। इसके साथ ही, परिसर में गिरे हुए नीम के पेड़ की नियमानुसार बिक्री करा दी जाएगी ताकि प्राप्त धनराशि का सही उपयोग हो सके।प्रशासन की इस त्वरित सक्रियता के बाद अब ग्रामीणों और पीड़ित परिवार को उम्मीद जगी है कि जल्द ही सती माता आश्रम भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त होगा और श्रद्धालुओं के लिए बंद रास्ता दोबारा खोला जाएगा।