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नागरिक सुरक्षा विभाग ने विश्व पर्यावरण दिवस पर किया व्यापक वृक्षारोपण

June 5, 2026

नागरिक सुरक्षा विभाग ने विश्व पर्यावरण दिवस पर किया व्यापक वृक्षारोपण

“एक पेड़ मां के नाम” लगाने का लिया संकल्प
मथुरा।भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं नई दिल्ली स्थित नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षक महानिदेशालय के निर्देशों के अनुपालन में आज विश्व पर्यावरण दिवस पर नागरिक सुरक्षा विभाग, मथुरा द्वारा जनपद में “वृक्षारोपण अभियान” का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा मथुरा, चंद्र प्रकाश सिंह के दिशा-निर्देशन तथा उप नियंत्रक कश्मीर सिंह, नागरिक सुरक्षा, मथुरा एवं ए डी सी के कुशल मार्ग-दर्शन में संपन्न हुआ। इसके अंतर्गत वार्डन पोस्ट संख्या 01 के पोस्ट वार्डन एवं मास्टर ट्रेनर अशोक यादव के नेतृत्व में वेटरनरी कॉलेज, औरंगाबाद एवं दामोदर पूरा एवं महत्वपूर्ण स्थलों आदि स्थानों पर सघन वृक्षारोपण किया गया। इस वर्ष अभियान के तहत “एक पेड़ मां के नाम” मुहिम में वार्डन पोस्ट संख्या 01 की टीम के वार्डन एवं स्वयंसेवकों ने मिलकर स्थानीय जलवायु के अनुकूल स्वदेशी, छायादार और औषधीय पौधे रोपे। मास्टर ट्रेनर अशोक यादव ने सभी स्वयंसेवकों को एक पेड़ मां के नाम लगाने, पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल करने की शपथ दिलाई। इस पुनीत कार्य/मुहिम में डिप्टी पोस्ट वार्डन विकास सोनी, सेक्टर वार्डन राम सैनी, हेमंत, राजेश कुमार, शुभम कुमार, गुलशेर, पवन प्रकाश, अविनाश, अरुण, देवेन्द्र, श्याम नरेश अग्रवाल,पंकज गर्ग, रोहित कुशवाह, पंकज कुमार,अनुज एवं वरिष्ठ अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

वृक्ष धरा का भूषण, दूर करे प्रदूषण : जिलाधिकारी

एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण
मथुरा, 05 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद मथुरा में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान (दुवासु) तथा कलेक्ट्रेट परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
दुवासु परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति डॉ. अभिजित मित्र, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) वेंकट श्रीकर पटेल ने पौधरोपण किया। कुलपति ने बेल, जिलाधिकारी ने आम तथा डीएफओ ने शहतूत का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान कुलपति डॉ. अभिजित मित्र ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। साथ ही विश्वविद्यालय में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि वेटनरी यूनिवर्सिटी परिसर में 384 फलदार पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद में 6 लाख 17 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए विभिन्न विभागों को लक्ष्य आवंटित किए गए हैं।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वृक्ष लगाने के साथ-साथ उनकी देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सभी को निभानी चाहिए। युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
दुवासु के कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर में भी वृक्षारोपण किया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमरेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) वेद प्रिय आर्य तथा नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

चिड़ियाघर में अब पेड़ भी होंगे ‘स्मार्ट’, पौधों को मिली अपनी डिजिटल पहचान, लगाई गई अनूठी पहल

Posted on 05/06/2026
Time 18:10 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर : 5 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित शहीद अशफाक उल्ला खान प्राणि उद्यान में पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा को जोड़ने वाली एक बेहद अनूठी और अभिनव पहल की शुरुआत की गई है। यहाँ अब पौधों को सिर्फ लगाया ही नहीं जा रहा, बल्कि उन्हें एक ‘डिजिटल पहचान’ भी दी जा रही है। शहर के प्रमुख व्यापारी नेता आलोक अग्रवाल द्वारा शुरू की गई इस पहल के तहत, लगाए गए पौधों को एक विशेष आईडी कार्ड और क्यूआर (QR) कोड के साथ जोड़ा जा रहा है, जो उन्हें देश का पहला ऐसा ‘स्मार्ट’ पौधारोपण प्रोजेक्ट बनाता है।

​इस कार्यक्रम के तहत, चिड़ियाघर में लगाए जा रहे हर पौधे पर एक पहचान पत्र लगाया जा रहा है। इस कार्ड में ​पौधे का नाम और प्रजाति (Species), ​वैज्ञानिक नाम (Scientific Name), ​क्यूआर कोड (QR Code) दर्ज होती है, जिसे स्कैन करते ही मोबाइल पर उस पौधे से जुड़ी पूरी जानकारी मिल जाती है।

​इस पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य चिड़ियाघर को केवल एक मनोरंजन स्थल तक सीमित न रखकर इसे एक ‘लर्निंग सेंटर’ के रूप में विकसित करना है। इसके प्रमुख उद्देश्य लोगों को पेड़ों और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना। स्कूल-कॉलेज के छात्रों के लिए इसे एक ‘लाइव स्टडी स्पॉट’ के रूप में तैयार करना, जिससे उन्हें बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) को आसानी से समझने में मदद मिले। अक्सर वृक्षारोपण के बाद पौधों की सुध नहीं ली जाती, लेकिन इस ‘आई कार्ड’ प्रणाली के कारण पौधों की नियमित मॉनिटरिंग और संरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा।

​व्यापारी नेता आलोक अग्रवाल, जिन्होंने इस पहल को मूर्त रूप दिया है, का मानना है कि डिजिटल युग में पर्यावरण को तकनीक से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने बताया, “लोग पौधे तो लगा देते हैं, लेकिन बाद में उनका संरक्षण नहीं हो पाता। अब इन पौधों के पास अपनी डिजिटल आईडी होने से इनकी जिम्मेदारी तय होगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि पौधे सुरक्षित रहें और बढ़ें।”
​प्रदेश के मुख्यमंत्री के जन्मदिन के उपलक्ष्य में विशेष ‘हाइटेक ब्रीड’ के पौधों का रोपण किया गया है। चिड़ियाघर प्रशासन ने भी इस पहल को सराहा है और इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा और स्मार्ट कदम बताया है।
​गोरखपुर के चिड़ियाघर की यह अनूठी पहल अब देश के अन्य शहरों के लिए एक मिसाल बन सकती है, जहाँ तकनीक और प्रकृति का मिलन न केवल पौधों को जीवन दे रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक भी कर रहा है।

विधायक रोमी साहनी ने किया शारदा नदी का औचक निरीक्षण

कार्य बंद मिलने पर अधिकारियों को लगाई फटकार

पलिया कलां खीरी:मानसून की दस्तक से पहले पलिया विधानसभा क्षेत्र को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए स्थानीय विधायक रोमी साहनी पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गए हैं।विधायक रोमी साहनी ने शारदा नदी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरी तरह बंद पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
पलिया क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लगभग 2.50 करोड़ रुपये की बाढ़ सुरक्षा परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके बावजूद विभागीय लापरवाही के कारण मौके पर काम बंद पड़ा मिला। विधायक ने इसे जनहित के खिलाफ एक गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि काम को तुरंत शुरू कर समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि कार्य जल्द शुरू नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता विधायक

निरीक्षण के दौरान विधायक रोमी साहनी ने कहा मानसून बिल्कुल नजदीक है ऐसे में इतने महत्वपूर्ण कार्य का बंद रहना बेहद चिंताजनक है। क्षेत्र की जनता को बाढ़ के खतरे से बचाना और उन्हें राहत दिलाना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई, लापरवाही या उदासीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”इस दौरान विधायक ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे कागजी खानापूर्ति छोड़ धरातल पर काम दिखाएं ताकि ग्रामीणों को आने वाली बरसात में बाढ़ की समस्या से न जूझना पड़े।

भू माफियाओं के चंगुल में सती माता आश्रम और पूजित कुआं

मुख्यमंत्री से गुहार के बाद एसडीएम मोहम्मदी ने दिए जांच के आदेश

लखीमपुर खीरी।जिले की मोहम्मदी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम जमुका से भू-माफियाओं द्वारा धार्मिक और पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने सीधे सूबे के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मोहम्मदी ने तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए जांच और कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।​ग्राम जमुका (परगना पसगंवा, तहसील मोहम्मदी के निवासी देवेश कुमार मिश्रा पुत्र रमेशचन्द्र ने मुख्यमंत्री को की गई ऑनलाइन शिकायत 40015326027546 भेजे प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया है कि उनके पूर्वजों (नानी स्वर्गीय विद्यावती) के नाम दर्ज भूमिधरी में से कटौती करके गाटा संख्या 157 रकबा 00.08 हे. तथा 153 रकबा 00.16 हे. क्रमशः सती माता आश्रम जोकि देवेश मिश्रा के नाना के खानदान की ही लड़की हैं तथा एक पवित्र पूजित कुएं धर्मस्थलों के नाम पर दर्ज करवा दिया गया था। किन्तु उक्त दोनों स्थानों पर गांव के ही कुछ रसूखदार भू माफियाओं ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। जोकि संख्याबल में अधिक होने के कारण हावी रहते हैं।​इतना ही नहीं, दबंगों ने मंदिर और कुएं की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते को भी दीवार खड़ी करके बंद कर दिया है, जिससे वहां आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।​आंधी में गिरे नीम के पेड़ से बनेगी बाउंड्रीवॉल,​पीड़ित देवेश मिश्रा ने बताया कि परिसर में नीम का एक बहुत पुराना पेड़ खड़ा था, जो हाल ही में आई तेज आंधी के कारण गिर गया है। वह इस गिरे हुए पेड़ की बिक्री कर उससे मिलने वाले पैसों से पूरे धार्मिक स्थल की बाउंड्रीवॉल (चारदीवारी) करवाना चाहते हैं, ताकि भविष्य में कोई भी दोबारा इस पवित्र स्थान पर अवैध कब्जा न कर सके।​प्रशासन की सख्त कार्रवाई: एसडीएम ने संबंधित विभाग को सौंपी जांच ​मामला प्रशासनिक गलियारों में गूंजने के बाद उपजिलाधिकारी मोहम्मदी ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया है।​एसडीएम मोहम्मदी ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच क्षेत्र के कानूनगो (राजस्व निरीक्षक) को सौंप दी गई है। राजस्व टीम को मौके पर जाकर पैमाइश (नाप) करने के निर्देश दिए गए हैं। जैसे ही नाप की प्रक्रिया पूरी होगी, मंदिर और कुएं की जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त कराया जाएगा। इसके साथ ही, परिसर में गिरे हुए नीम के पेड़ की नियमानुसार बिक्री करा दी जाएगी ताकि प्राप्त धनराशि का सही उपयोग हो सके।​प्रशासन की इस त्वरित सक्रियता के बाद अब ग्रामीणों और पीड़ित परिवार को उम्मीद जगी है कि जल्द ही सती माता आश्रम भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त होगा और श्रद्धालुओं के लिए बंद रास्ता दोबारा खोला जाएगा।

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