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भू माफियाओं के चंगुल में सती माता आश्रम और पूजित कुआं

June 5, 2026

भू माफियाओं के चंगुल में सती माता आश्रम और पूजित कुआं

मुख्यमंत्री से गुहार के बाद एसडीएम मोहम्मदी ने दिए जांच के आदेश

लखीमपुर खीरी।जिले की मोहम्मदी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम जमुका से भू-माफियाओं द्वारा धार्मिक और पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने सीधे सूबे के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मोहम्मदी ने तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए जांच और कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।​ग्राम जमुका (परगना पसगंवा, तहसील मोहम्मदी के निवासी देवेश कुमार मिश्रा पुत्र रमेशचन्द्र ने मुख्यमंत्री को की गई ऑनलाइन शिकायत 40015326027546 भेजे प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया है कि उनके पूर्वजों (नानी स्वर्गीय विद्यावती) के नाम दर्ज भूमिधरी में से कटौती करके गाटा संख्या 157 रकबा 00.08 हे. तथा 153 रकबा 00.16 हे. क्रमशः सती माता आश्रम जोकि देवेश मिश्रा के नाना के खानदान की ही लड़की हैं तथा एक पवित्र पूजित कुएं धर्मस्थलों के नाम पर दर्ज करवा दिया गया था। किन्तु उक्त दोनों स्थानों पर गांव के ही कुछ रसूखदार भू माफियाओं ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। जोकि संख्याबल में अधिक होने के कारण हावी रहते हैं।​इतना ही नहीं, दबंगों ने मंदिर और कुएं की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते को भी दीवार खड़ी करके बंद कर दिया है, जिससे वहां आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।​आंधी में गिरे नीम के पेड़ से बनेगी बाउंड्रीवॉल,​पीड़ित देवेश मिश्रा ने बताया कि परिसर में नीम का एक बहुत पुराना पेड़ खड़ा था, जो हाल ही में आई तेज आंधी के कारण गिर गया है। वह इस गिरे हुए पेड़ की बिक्री कर उससे मिलने वाले पैसों से पूरे धार्मिक स्थल की बाउंड्रीवॉल (चारदीवारी) करवाना चाहते हैं, ताकि भविष्य में कोई भी दोबारा इस पवित्र स्थान पर अवैध कब्जा न कर सके।​प्रशासन की सख्त कार्रवाई: एसडीएम ने संबंधित विभाग को सौंपी जांच ​मामला प्रशासनिक गलियारों में गूंजने के बाद उपजिलाधिकारी मोहम्मदी ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया है।​एसडीएम मोहम्मदी ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच क्षेत्र के कानूनगो (राजस्व निरीक्षक) को सौंप दी गई है। राजस्व टीम को मौके पर जाकर पैमाइश (नाप) करने के निर्देश दिए गए हैं। जैसे ही नाप की प्रक्रिया पूरी होगी, मंदिर और कुएं की जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त कराया जाएगा। इसके साथ ही, परिसर में गिरे हुए नीम के पेड़ की नियमानुसार बिक्री करा दी जाएगी ताकि प्राप्त धनराशि का सही उपयोग हो सके।​प्रशासन की इस त्वरित सक्रियता के बाद अब ग्रामीणों और पीड़ित परिवार को उम्मीद जगी है कि जल्द ही सती माता आश्रम भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त होगा और श्रद्धालुओं के लिए बंद रास्ता दोबारा खोला जाएगा।