-बंथरा-लखनऊ रेलखंड पर पेड़- मलबा गिरने से ओएचई बाधित
-लखनऊ मेल,काशी, नौचंदी समेत प्रमुख ट्रेनें प्रभावित
-पौन घंटे से सवा तीन घंटे तक लेट हुईं तमाम गाडियां
Post on 26.5.26
Tuesday Moradabad
Rajesh Bhatia,Time 5.05
Pm
मुरादाबाद, उप्र समाचार सेवा।
सोमवार रात में आंधी तूफान से रेलगाड़ियों की चाल बिगड़ गई।
तेज आंधी से रोजा-लखनऊ रेल खंड पर ज्यादा असर पड़ा।आंधी से कई स्थानों पर पेड़ गिरने व मलबा आने से रेलमार्ग बुरी तरह प्रभावित रहा।बाधित रेल संचालन बहाल करने के लिए रेल प्रशासन रात में ही जुट गया।
मुरादाबाद मंडल में बदले मौसम से राहत तो मिली लेकिन रेल यातायात प्रभावित कर गई।कई
स्थानों पर पेड़ों के गिरने, मलबा गिरने के कारण मंडल के रेल खंडों में ओएचई (OHE)सिस्टम
बाधित हो गया।
रेलवे के अनुसार खराब मौसम से ओएचई उपकरणों को क्षति पहुंची।ट्रिपिंग की घटनाओं ने ट्रेनों की रफ्तार रोक दीं।
रात में आंधी तूफान से प्रभावित बाधित रेल संचालन की बहाली के लिए डीआरएम विनीता श्रीवास्तव के निर्देश पर सीनियर डीईई (कर्षण वितरण) सचिन कुमार, टीआरडी की टीमें सक्रिए हो गई।बिलपुर–मीरनपुर कटरा यार्ड, रोज,पीआरपीएम,रोजा–बंथरा रेलखंड व कौड़ा–बेहटागोकुल यार्ड में संचालन बाधित हुआ।इन जगहों पर पर पेड़ों के गिरने, टीनशेड गिरने से ओएचई सिस्टम गड़बड़ा गया।ओएचई व रेल संचालन को करीब सवा तीन घंटे में दुरुस्त किया जा सका।
इस दौरान लखनऊ रूट पर गाड़ियों के पहिए थमे रहें।
पद्मावत 14207, लखनऊ मेल 12229,काशी 15127,नौचंदी 14241,लखनऊ-चंडीगढ़ इंटरसिटी 12231,एसी एक्सप्रेस 12429, मुजफ्फरपुर सप्तक्रांति 12557, सुहेल देव 22419 के अलावा 15043, 15011व 12371 ट्रेनें प्रभावित रहीं। ट्रेनें चार घंटे से ज्यादा लेट हो गई।
सीनियर डीसीएम महेश यादव ने बताया कि आंधी तूफान से मंडल में रेल संचालन प्रभावित हुआ। बाधित संचालन बहाल कर लिया गया।
Posted on 26/05/2026
Time 19:34 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh
गोरखपुर। 26 मई 2026 ( उप्र समाचार सेवा) राजघाट स्थित राप्ती नदी में मंगलवार को एक भीषण हादसा हो गया, जिसमें नहाने गए तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना से तुर्कमानपुर क्षेत्र में मातम छा गया है। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों द्वारा चलाए गए घंटों के सर्च ऑपरेशन के बाद देर शाम तीनों किशोरों के शव बरामद कर लिए गए।
मृतकों की पहचान तुर्कमानपुर निवासी 15 वर्षीय निक्कू पुत्र सुनील, 15 वर्षीय सत्ती पुत्र मोहन और इरफान पुत्र फखरुद्दीन के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये तीनों किशोर दोपहर में राप्ती नदी के राजघाट पर नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान वे गहरे पानी के भंवर में फंस गए और देखते ही देखते नदी की तेज धारा में ओझल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचित किया। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर दीपक गुप्ता की देखरेख में एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोरों ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सबसे पहले निक्कू और सत्ती के शव बरामद किए।
इरफान की तलाश के लिए टीम ने अपना अभियान जारी रखा और देर शाम उसका शव भी नदी से निकाल लिया गया।
तीनों किशोरों के शवों के बरामद होने के बाद परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। इस घटना से पूरे तुर्कमानपुर में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे बैरिकेडिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। विशेष रूप से अभिभावकों से कहा गया है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें नदी या किसी भी असुरक्षित जलाशय के पास अकेले न जाने दें। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।
उप्रससे अजय बरया पत्रकार
ललितपुर- राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 26 मई,2026 को जिला क्षयरोग नियंत्रण केन्द्र पर क्षयरोगियों को पोषण पोटली का वितरण किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 इम्तियाज अहमद ने कहा कि इसका उद्देश्य मरीजों के पोषण स्तर को बेहतर बनाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना है। क्षयरोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये मरीजों को गोद लेने की योजना संचालित की गयी है, इसमें आमजन, अधिकारी व समाजसेवी संगठन मरीजों को गोद ले सकते हैं। इसके बाद मरीजों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिये पोषण किट वितरण की जाती है। पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट डाॅ0 सौरभ सक्सेना ने बताया है कि टीबी एक पूर्णतः इलाज योग्य बीमारी है बशर्ते मरीज नियमित रूप से दवा लें और उचित पोषण प्राप्त करें। पोषण पोटली जैसी पहल मरीजों के इलाज को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हमारा लक्ष्य है कि हर मरीज को न केवल दवा बल्कि पर्याप्त पोषण भी मिले, ताकि वह जल्दी से जल्दी स्वस्थ्य होकर सामान्य जीवन में लौट सके। उन्होंने आगे बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी उन्मूलन के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं और समुदायिक की सहभागिता इस अभियान की सफलता के लिये अत्यंत आवश्यक है। टीबी की बीमारी से ग्रसित मरीजों को गोद लेने के लिये आमजन को प्रेरित किया जा रहा है। निःक्षय मित्र बनकर क्षयरोगियों के पोषण में सुधार करके आम जन उनसे सच्ची मित्रता निभा सकते हैं। क्षयरोग से ग्रसित मरीजों को समय से इलाज उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। इस दौरान जिला क्षयरोग अधिकारी डाॅ0 रामनरेश सोनी, परामर्शी चिकित्सक डाॅ0 जे0एस0 बक्शी, जिला क्षयरोग नियंत्रण केन्द्र के पीपीएम आदेश श्रीवास्तव, डीपीसी शिवराम सिंह, डीपीटीसी मनोज गुप्ता, टीबीएचवी विकास कुमार श्रीवास्तव आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।