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गो-हत्या के विरोध में शिव सेना ने निकाली रैली, जोरदार प्रदर्शन

May 4, 2026

गो-हत्या के विरोध में शिव सेना ने निकाली रैली, जोरदार प्रदर्शन

Post on 4.5.26
Monday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद जिले में गो-हत्या और गोवंश मिलने के विरोध में शिव सेना सड़कों पर उतरीं। शिव सेना ने प्रदेश में बढ़ते मांस कारोबार का भी विरोध जताया। विरोध स्वरूप शिव सेना के जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा के नेतृत्व में शहर में आक्रोश रैली निकाली और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।कटघर थाने पर ज्ञापन को लेकर प्रदर्शनकारियों व पुलिस में तीखी नोंकझोंक भी हुईं।
शिवसेना जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा, महानगर प्रमुख कमलसिंह राव व तमाम शिव सैनिक कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। प्रदर्शनकारी ‘जय भवानी जय शिवाजी’, गौ हत्या बंद करो, गौ हत्या करने वालों पर रासुका लगाओ आदि नारे भी लगाए।शिव सैनिकों ने दोपहिया वाहन रैली बलदेव पुरी, देवापुर, पीतल नगरी,हनुमान मूर्ति, प्रभात मार्केट से होकर कटघर थाने पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने थाने के बाहर बैठकर विरोध जताया।


शिव सैनिकों ने गो हत्या पर तत्काल प्रभाव से अंकुश लगाने व गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन दिया। ज्ञापन न लेने को लेकर‌ थाने पर पुलिस व शिव सैनिकों की तीखीं नोक- झोंक हुई। कार्यकताओं ने जमकर नारेबाजी की। हालात देख मौके पर कटघर सीओ पहुंचे और ज्ञापन लिया।
प्रदर्शन में जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा के अलावा शिबू पांडे, राजीव राठौर,अरुण ठाकुर, आकाश सिंह,जीतू,धर्मेंद्र, राजपाल,विनोद, विशाल सैनी, प्रमोद,अशोक सैनी सुरेश सैनी, हर्ष सिंह,नितेश,हरि सिंह, विक्की कश्यप,राहुल,मयंक सैनी,शरद कपूर आदि रहे।

मुरादाबाद में स्थापित हो मानवाधिकार न्यायालय

MORADABAD DISTRICT COURT
बार एसोसिएशन ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति को भेजा प्रस्ताव
जिला पुलिस जवाबदेही आयोग (PAC) की स्थापना-संचालन का प्रस्ताव

Post on 3.5.26
Sunday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)
मुरादाबाद में मानवाधिकार न्यायालय का गठन होगा। दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति नीरज तिवारी को इस बाबत गठन का प्रस्ताव भेजा है। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने न्यायिक सुधार व मानवाधिकार के संरक्षण का प्रस्ताव रखा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि हाल ही में कार्यकारिणी की बैठक में अधिवक्ता अंकित टंडन की ओर से रखे प्रस्ताव पर विचार विमर्श किया गया। अध्यक्ष के अनुसार
मानवाधिकार के संरक्षण और न्यायिक सुधार को दो प्रमुख प्रस्ताव पर सहमति बनी। इनमें मुरादाबाद में मानवाधिकार न्यायालय का गठन व जिला पुलिस जवाबदेही के संचालन के लिए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी का कहना हैकि मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1933 की धारा 30 के तहत जिला स्तर पर इसके लिए एक समर्पित सत्र न्यायालय को मानवाधिकार न्यायालय के रूप में अधिसूचित करने की मांग की गई। इस पर माननीय न्यायमूर्ति नीरज तिवारी द्वारा जिला जज सैय्यद माऊज़ बिन आसीम को आदेश कर दिया था।इस आदेश के बारे में जिला जज ने जानकारी दी कि जिले में मानवाधिकारों के उल्लंघन से उत्पन्न अपराधों के विचारण के लिए मानवाधिकार न्यायालय की जनपद मुरादाबाद में स्थापना की गई है।एडीजे -प्रथम- मानवाधिकार न्यायालय के रूप में कार्य करेंगे।

शिक्षा एवं अनुशासन के बल पर मेधावियों की पहली पसंद बना आनंद भवन कॉलेज


हर वर्ष टॉपर बनते हैं आनंद भवन स्कूल के विद्यार्थी
दिलीप कुमार श्रीवास्तव
बाराबंकी। बीते 10-15 वर्षो में शहर मे कई नामी-गिरामी स्कूल व कालेज तमाम सुसज्जित संसाधनो के साथ खुले जिसमे एलपीएस,जयपुरिया,सीएमएस, सैनिक आदि किन्तु पढाई व अनुशासन के मामले मे कोई स्कूल देवारोड स्थित आनंद भवन स्कूल का मुकाबला नही कर सका।
जनपद में शिक्षा की नींव को मजबूती देने वाला क्रिश्चियन मिशनरी द्वारा संचालित आनंद भवन इंटर कालेज जिले मे ही नहीं बल्कि आसपास के जनपदों में भी जाना जाता है जो किसी पहचान का मोहताज नहीं है ।


1986 में क्रिश्चियन मिशनरी ने अपने स्कूल आनंद भवन की स्थापना की स्थापना के बाद से आज तक शिक्षा व अनुशासन के मामले में अंगद की पैर की तरह जमा हुआ है। हाई स्कूल इंटरमीडिएट की मैरिड सूची में इस कॉलेज के छात्र- छात्राओं का नाम आना किसी को आश्चर्यचकित नहीं करता है क्योंकि यह परंपरा बन गई है। 34 वर्षों का आनंद भवन स्कूल का अपना गौरवशाली इतिहास रहा है कॉलेज प्रबंधन बदलते परिवेश में मैं भी नई सुविधाओं के साथ-साथ छात्र- छात्राओ शिक्षण एवं अनुशासन को महत्व देकर निरंतर आगे बढ़ता जा रहा है।


आनंद भवन कॉलेज की प्रिंसिपल सिस्टर अर्चना थॉमस बताती है कि कॉलेज में अनुशासन और शिक्षकों का बच्चों के प्रति जुड़ाव हमें बेहतर बनाता है। कॉलेज प्रबंधन का प्रयास रहता है की सर्वप्रथम शिक्षा व अनुशासन महत्वपूर्ण है, उसी के बाद सुविधाजनक सुविधाएं की आवश्यकता होती है।

कंपनी गैस एजेंसीयो का अजब गजब खेल, बुकिंग के बाद भी हफ्तों नहीं पहुंच पा रही गैस

जिलाधिकारी के आदेशों का नहीं हो पा रहा अनुपालन
दिलीप कुमार श्रीवास्तव
बाराबंकी। एक और सरकार और प्रशासन आम जनता को भरोसा दिला रही है कि घरेलू गैस के लिए गैस एजेंसी में भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है,समय पर ऑनलाइन बुकिंग कीजिए 4 दिन में घर गैस पहुंचेगी। यह सारे दावे उसे समय धराशाई हो जाते हैं जब बुकिंग करने के बाद भी गैस हफ्तो नहीं पहुंचती। लोग परेशान होकर गैस एजेंसी पहुंचकर पर्ची कटवाने को मजबूर है। इस संबंध में एजेंसी वालों का कहना है कि जब लोड प्राप्त होगा तभी गैस का वितरण संभव है।
यही नहीं कंपनी एवं गैस एजेंसीया आम उपभोक्ताओं के साथ दूसरा खेल भी खेल रही है शहरी क्षेत्र में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिन पर ही बुकिंग की सुविधा है। किन्तु यहां भी खेल है जो उपभोक्ता 25 दिन या 45 दिन तक अपनी बुकिंग करता है और उसे 10 दिन के बाद गैस प्राप्त होती है जिस दिन डिलीवरी का मैसेज प्राप्त होता है उसी दिन से अगले 25 व 45 दिन की गणना होती है। बुक बुकिंग के दिन से गणना न होने के कारण शहरी लोगों को 30 से 35 दिन में तथा ग्रामीण क्षेत्र की जनता को 50 से 55 दिन पर गैस उपलब्ध हो पा रही है।
अब समस्या यह है कि जिस उपभोक्ता के परिवार में 6 से 7 लोग हैं, उसके घर एक सिलेंडर 20 से 25 दिन ही चलता है। सबसे अधिक समस्या ग्रामीण क्षेत्र की जनता को हो रही है क्योंकि अब किसी के घर चूल्हा अंगीठी की व्यवस्था नहीं रह गई है।
बंकी के उपभोक्ता उपभोक्ता सुरेश मौर्य, अशोक मौर्य ,अर्चना श्रीवास्तव, पंकज सैनी, नरेश जायसवाल, सतीश जायसवाल, मास्टर आफाक ,नगर उपभोक्ता विजय वर्मा, किरण वर्मा, पूनम सिंह आदि लोगों ने मोदी सरकार से मांग की है की सभी उपभोक्ताओं को एक जैसी सुविधाएं प्रदान की जाए । क्योंकि खाना हर घर पर बनता है, हर घर को गैस की जरूरत होती है, तो उसमें ग्रामीण व शहरी का पक्षपात क्यों? तथा
बुकिंग के बाद हर हाल में उपभोक्ता को तीसरे दिन गैस उपलब्ध कराई जाए।
नगर व ग्रामीण क्षेत्र की एजेंसीयो पर बुकिंग की पेंडिंग की काफी लंबी फेहरिस्त है। इन लोगों का कहना है कि जब लोड ही समय पर नहीं मिलेगा तो होम डिलीवरी कैसे संभव है।

जन्मदिवस पर उमडा जन सैलाब , गोप के वर्चस्व को और मजबूत कर गया

2027 विधानसभा चुनाव में अरविंद सिंह गोप की होगी अहम भूमिका

Dileep Shrivastava Journalist
दिलीप कुमार श्रीवास्तव
बाराबंकी। जिस जोश,उत्साह व भव्यता के साथ जिले में ही नहीं बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप का जन्म दिवस सपाईयों द्वारा जश्न व उत्सव के रूप मे मनाया गया । उससे स्पष्ट संदेश जाता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव मे गोप की अहम व महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस कार्यक्रम को राजनीतिक पंडित शक्ति प्रदर्शन भी बताते हैं।
इसमें कोई शक नहीं कि जनपद में गोप जैसा लोकप्रिय, जनप्रिय एवं कुशल दोस्तों शुभचिन्तको के हर दुख सुख में खडा रहने वाला गोप जैसा कोई अन्य नेता नहीं है।
करीब तीन माह पूर्व पूर्व एमएलसी राजेश यादव द्वारा खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया जिसमें जनता के साथ ही प्रदेश के तमाम नेताओं को आमंत्रित किया गया था। तथा खिचड़ी भोज के सहारे अपनी शक्ति प्रदेश नेतृत्व को दिखाने का प्रयास किया गया था।यह शक्ति प्रदर्शन बाराबंकी सदर सीट के टिकट के लिए बताया जाता है। राजनीतिक पंडितों का यह भी कहना है की राजेश यादव के भले सपा प्रमुख अखिलेश यादव से अच्छे संबंध हो किंतु वर्तमान तीन बार के विधायक सुरेश यादव का टिकट काटना सपा के लिए आसान नहीं होगा। बाकी राजनीति मे कुछ भी असंभव नहीं है।
जिले की सपा में क्या खिचड़ी पक रही है यह तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ही जाने किंतु जनपद में अरविंद सिंह गोप का जलवा बरकरार है तथा आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे में उनकी अहम भूमिका होगी। जिले में विकास पुरुष स्वर्गीय बेनी प्रसाद वर्मा के निधन के बाद अरविंद सिंह गोप जिले मे सपा के सर्वमान्य नेता माने जाते हैं।
समाजवादी पार्टी में गोप का वर्चस्व व जलवा इसलिए भी कायम है कि तमाम दिक्कतों व समस्याओं के बाद भी कई राजनीतिक दलों के कुर्सी व पद के ऑफर के बाद भी उन्होंने सपा का दामन नहीं छोड़ा। उनका यह कहना कि जब तक जान है तब तक वह अखिलेश यादव के साथ है वह कभी भी अखिलेश यादव का साथ नहीं छोड़ेंगे यही उनकी पहचान है।

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