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स्नैचिंग गैंग पर पुलिस का शिकंजा, मुठभेड़ में बदमाश घायल

May 14, 2026

स्नैचिंग गैंग पर पुलिस का शिकंजा, मुठभेड़ में बदमाश घायल

मैनपुरी। स्नैचिंग की लगातार हो रही घटनाओं के बीच बिछवां पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। देर रात चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जबकि उसके साथी को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया। दोनों आरोपी अपाचे बाइक से वारदातों को अंजाम देते थे और कुरावली, सदर कोतवाली व बिछवां क्षेत्र में हुई स्नैचिंग की घटनाओं में इनका नाम सामने आया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बिछवां पुलिस ने कार्रवाई की। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अभिषेक तिवारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि संदिग्ध बदमाश बीलो के पास से गुजरने वाले हैं। इसके बाद थाना प्रभारी आशीष दुबे के नेतृत्व में चेकिंग अभियान चलाया गया। देर रात सफेद अपाचे बाइक पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो दोनों ग्राम नाका की ओर भागने लगे और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी रवीन्द्र पाल उर्फ राजकुमार के पैर में गोली लग गई। वहीं दूसरा आरोपी महेश चन्द्र भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। घायल आरोपी को पहले पीएचसी सुल्तानगंज और बाद में जिला अस्पताल भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवीन्द्र पाल उर्फ राजकुमार निवासी अंगदपुर थाना सकीट जनपद एटा और महेश चन्द्र निवासी सबलपुर थाना सकीट एटा के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, तीन जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, एक अपाचे बाइक, पीली धातु की टूटी चेन के दो टुकड़े और 17 हजार 700 रुपये नकद बरामद किए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, यक्ष एप और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इन बदमाशों तक पहुंची। जांच में सामने आया कि हाल के दिनों में हुई तीनों स्नैचिंग की घटनाओं में यही गिरोह सक्रिय था।
पुलिस के अनुसार आरोपी रवीन्द्र पाल पर पहले से लूट, गैंगस्टर, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। मामले में थाना बिछवां पर आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।

May 12, 2026

ऑपरेशन दहन के तहत पुलिस ने करोड़ों के मादक पदार्थ किए नष्ट

मैनपुरी। उत्तर प्रदेश शासन एवं पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाये जा रहे “ऑपरेशन दहन” अभियान के अंतर्गत जनपद पुलिस द्वारा मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में जब्त मादक पदार्थों का विधिवत निस्तारण किया गया। यह कार्रवाई थाना कोतवाली, दन्नाहार एवं थाना घिरोर पुलिस द्वारा संयुक्त रुप से की गई।
क्षेत्राधिकारी नगर संतोष कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने कुल 129 अभियोगों से संबंधित लगभग 1472.436 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट किया। इनमें गांजा 1458.123 किलोग्राम, स्मैक 270 ग्राम, चरस 1257 ग्राम, डोडा 8.575 किलोग्राम, डायजापाम 3.596 किलोग्राम तथा हेरोइन 615 ग्राम शामिल है। इन मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ 68 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। पुलिस विभाग के अनुसार न्यायालय के आदेशानुसार जब्त किए गए इन अवैध मादक पदार्थों का सुरक्षित निस्तारण ग्रीन हाउस वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, ज्योति रोड, घिरोर में निर्धारित मानकों के अनुरुप किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। सम्पूर्ण प्रक्रिया नगर क्षेत्राधिकारी संतोष कुमार सिंह व डीसीआरबी प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार एवं गठित डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में पारदर्शिता के साथ संम्पन्न्न कराई गई। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनपद में नशे के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा तथा भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

हत्या के 45 दिन बाद भी औंछा पुलिस ने नहीं लिखा मुकदमा, भटक रहा परिवार

मैनपुरी। थाना औंछा क्षेत्र के ग्राम नगला कंचन निवासी एक परिवार ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके पुत्र गौरव कुमार की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना को करीब 45 दिन बीत चुके हैं, लेकिन आज तक पुलिस ने मामले में रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की है। परिजन लगातार हत्या का आरोप लगा रहे हैं और न्याय की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
पीड़ित पिता द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि उनका पुत्र गौरव कुमार नगला दुर्जन स्थित श्रीजी पेट्रोल पंप पर सेल्समैन का काम करता था। आरोप है कि होली के दिन 4 मार्च 2026 को दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लोग पेट्रोल डलवाने पहुंचे थे। पेट्रोल भरवाने के बाद जब गौरव ने पैसे मांगे तो आरोपियों ने तमंचा निकालकर उसकी कनपटी पर लगा दिया और जान से मारने की धमकी दी। बताया गया कि उस समय गौरव ने चौकी पुलिस बुलाकर चारों लोगों को पकड़वा दिया था, जिसका वीडियो भी परिवार के पास मौजूद है।
परिजनों का आरोप है कि इसी घटना की रंजिश में 27 मार्च 2026 की सुबह करीब साढ़े पांच बजे गौरव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया गया कि घटना के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसका मोबाइल फोन भी पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फायर आर्म इंजरी से मौत की पुष्टि होने का दावा परिवार कर रहा है।
परिवार का कहना है कि हत्या जैसे गंभीर मामले में पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी अब तक न तो रिपोर्ट दर्ज हुई और न ही किसी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई। पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इतने गंभीर मामले को लगातार क्यों टाला जा रहा है।
अब परिवार ने पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा से मामले में  मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच करा कर परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

मासूम पर मौत बनकर गिरा आश्रम का गेट

मैनपुरी। शहर के खरगजीत नगर मोहल्ले में रविवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पिता के साथ ऋषि आश्रम घूमने गए पांच वर्षीय मासूम आरव उर्फ शनी की लोहे का भारी गेट गिरने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार सदर कोतवाली क्षेत्र के खरगजीत नगर निवासी शिव कुमार स्वास्थ्य विभाग में संविदाकर्मी हैं। वह अपने बेटे आरव को साथ लेकर पास स्थित ऋषि आश्रम गए थे। आश्रम परिसर में कई बच्चे खेल रहे थे और आरव भी खेलते-खेलते अहाते में लगे लोहे के गेट के पास पहुंच गया। इसी दौरान अचानक भारी लोहे का गेट पिलर समेत मासूम के ऊपर पलट गया। बेटे की चीख सुनते ही पिता शिव कुमार दौड़ पड़े। आश्रम में मौजूद लोगों की मदद से किसी तरह गेट हटाकर बच्चे को बाहर निकाला गया। आनन-फानन में परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घर पहुंचते ही मोहल्ले में भी मातम पसर गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि पिता सदमे में दिखाई दिए। घटना की सूचना मिलने के बाद शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।
मृतक के पिता शिव कुमार ने हादसे के पीछे निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गेट को सही तरीके से नहीं लगाया गया था। गेट में मजबूत पिलर और सरिया का इस्तेमाल नहीं किया गया था, बल्कि सिर्फ ईंट और सीमेंट के सहारे उसे खड़ा कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार की लापरवाही की वजह से उनके बेटे की जान चली गई।
परिजनों का कहना है कि अगर गेट मजबूत तरीके से लगाया गया होता तो यह हादसा नहीं होता। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग उठाई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और परिजनों के आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है

May 10, 2026

मैनपुरी पुलिस ने दबोचे तीन साइबर ठग

नौकरी इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग के नाम पर करते थे ठगी
मैनपुरी
साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अंतर्राज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी नौकरी, ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट का लालच देकर लोगों से ठगी करते थे। इनके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से एनसीआरपी पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज थीं जांच के दौरान पश्चिम बंगाल के पुरूलिया निवासी सौरभ बनर्जी की शिकायत सामने आई, जिसमें उनके एचडीएफसी बैंक खाते से साइबर ठगी की रकम निकाले जाने की जानकारी मिली थी।पुलिस ने बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच की, जिसमें मैनपुरी के कई खातों का इस्तेमाल सामने आया। इसी आधार पर साइबर सेल ने ग्राम गढ़िया जाने वाले रोड से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रियांशू तोमर, अमन तोमर और अवनीश के रूप में हुई है, जो सभी थाना बेबर क्षेत्र के निवासी हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों से एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कई शिकायतें जुड़ी मिली हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित तरीके से देशभर के लोगों को नौकरी लगवाने, ऑनलाइन ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। ठगी से प्राप्त रकम को वे अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर आपस में बांट लेते थे।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 16 हजार 180 रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। इस मामले में थाना साइबर क्राइम मैनपुरी पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम लोग किसी भी लुभावने ऑफर, ऑनलाइन नौकरी, ट्रेडिंग:
या इनवेस्टमेंट के नाम पर बिना जांच-पड़ताल के पैसे ट्रांसफर न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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