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पूर्वांचल के सशक्त ब्राह्मण नेता एवं पूर्व स्नातक क्षेत्र प्रत्याशी बी.के. शुक्ला ने थामा राष्ट्रीय लोकदल का दामन

August 11, 2026

पूर्वांचल के सशक्त ब्राह्मण नेता एवं पूर्व स्नातक क्षेत्र प्रत्याशी बी.के. शुक्ला ने थामा राष्ट्रीय लोकदल का दामन


लखनऊ, पूर्वांचल के वरिष्ठ एवं चर्चित नेता तथा रायबरेली निवासी बी.के. शुक्ला, पूर्व प्रत्याशी स्नातक लखनऊ खंड, ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह के आवास पर उनके समक्ष राष्ट्रीय लोकदल की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर रालोद के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा की विशेष उपस्थिति रही।

राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बी.के. शुक्ला को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराते हुए उनका स्वागत किया और कहा कि अपने समाज के अधिक से अधिक लोगों को एकजुट करिए तथा पूर्वांचल में राष्ट्रीय लोकदल के संगठन को मजबूत करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दीजिए।

इस अवसर पर रालोद के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने कहा कि बी.के. शुक्ला पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक चर्चित और जमीन से जुड़े नेता हैं तथा ब्राह्मण समाज में उनकी मजबूत पकड़ है। उनके राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होने से पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में समाज के लोगों को पार्टी से जोड़ने में निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। आगामी विधानसभा चुनाव में भी इसका लाभ राष्ट्रीय लोकदल को मिलेगा, क्योंकि शुक्ला जी जमीन से जुड़े नेता हैं और क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार को लेकर लगातार सक्रिय है और समाज के सभी वर्गों के लोगों को पार्टी से जोड़ने का अभियान जारी है। बी.के. शुक्ला के अनुभव और सामाजिक संपर्क से पार्टी के संगठन को और मजबूती मिलेगी।

बी.के. शुक्ला लंबे समय से सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2020 में उन्होंने लखनऊ स्नातक खंड से विधान परिषद सदस्य का चुनाव भी लड़ा था और 10 हजार से अधिक मत प्राप्त किए थे। लखनऊ स्नातक खंड के अंतर्गत आने वाले प्रतापगढ़, रायबरेली, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई और बाराबंकी सहित सात जनपदों में उनकी लंबे समय से सक्रियता रही है।

इस अवसर पर रालोद संसदीय दल के अध्यक्ष के.सी. त्यागी, सांसद चंदन चौहान, विनय कुमार मिश्रा, डॉ. शक्ति कुमार पांडेय, कृष्ण मोहन चतुर्वेदी, गौरव शुक्ला, धनंजय तिवारी, प्रवीन्द्र सिंह, के.बी. सिंह, हिमांशु देवरा, सचिन सिंह, अक्षय चौधरी सहित पूर्वांचल एवं अवध क्षेत्र से आए अनेक लोग उपस्थित रहे।

बी.के. शुक्ला के राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होने से पार्टी को पूर्वांचल एवं अवध क्षेत्र में संगठन विस्तार के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक स्तर पर भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

राम मंदिर CEO चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर अमिताभ ठाकुर ने उठाए सवाल

लखनऊ पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के आधार पर ट्रस्ट को भेजे अपने पत्र में कहा है कि लगभग 5,200 आवेदनों में से 18 अभ्यर्थियों को अंतिम साक्षात्कार के लिए 11 और 12 अगस्त को अयोध्या बुलाए जाने की बात कही गई है। उन्हें ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है।

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि उन्हें अपने चयन अथवा गैर-चयन को लेकर कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन ट्रस्ट की अब तक की कार्यप्रणाली से पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हजारों आवेदन प्राप्त होने, उनकी छंटाई पूरी होने और अंतिम साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन की खबरें सामने आने के बावजूद ट्रस्ट की ओर से उन अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जो उचित नहीं है।

अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट से अंतिम साक्षात्कार हेतु चयनित सभी अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक करने, चयन के प्रमुख मानदंड एवं प्रक्रिया बताने तथा सभी आवेदकों को उनके आवेदन की स्थिति की औपचारिक सूचना देने का अनुरोध किया है।

सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ 17 अगस्त दिव्यांग घेरेंगे विधानसभा

नौकरी रोजगार स्वास्थ शिक्षा सुरक्षा की सौ फीसदी गारंटी के लिए आर पार के संघर्ष की चेतावनी*

पेंशन पांच हजार न हुई तो सीएम कार्यालय पर जमा होंगे 54 लाख दिव्यांगजन*

लखनऊ। आज दिव्यांग महागठबंधन की आनलाइन बैठक हुई। बैठक में सरकार द्वारा 06 बार लिखित समझौता करने के बाद भी माँगों को पूरा नहीं किया गया। जिससे उत्तर प्रदेश के दिव्यांगजनों में भारी रोष व्याप्त है।

दिव्यांग महागठबन्धन नौकरी, रोजगार, स्वास्थ, शिक्षा, सुरक्षा की सौ फीसदी गारंटी के लिए सामाजिक समानता कानून बनाने, दिव्यांग पेंशन पांच हजार रुपए प्रतिमाह करने, नौकरियों में आरक्षण कोटा पूरा करने चलन क्रिया के दिव्यांगों को सभी सरकारी नौकरियों में उनकी क्षमता के अनुसार अवसर देने, आरक्षण कोटा बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने सहित 21 सूत्रीय मांगों को लेकर गांधी प्रतिमा, हजरतगंज में धरना देकर विधान सभा पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।
महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के साथ धोखा कर रही है।

सरकार अगर 16 अगस्त से पहले नौकरी, रोजगार, स्वास्थ, शिक्षा, सुरक्षा की सौ फीसदी गारंटी के लिए सामाजिक समानता कानून बनाने, दिव्यांग पेंशन पांच हजार रुपए प्रतिमाह करने, नौकरियों में आरक्षण कोटा पूरा करने चलन क्रिया के दिव्यांगों को सभी सरकारी नौकरियों में उनकी क्षमता के अनुसार अवसर देने, आरक्षण कोटा बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने सहित 21 सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं करती है तो 17 अगस्त को पूरे उत्तर प्रदेश के हजारों दिव्यांग आन्दोलन को बाध्य होंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।

वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि सरकार पिछले एक वर्ष से मात्र आश्वासन दे रही है मांगों को पूरा नहीं कर रही है, नौकरी, रोजगार के अभाव में दिव्यांगजन आत्महत्या कर रहे हैं। दिव्यांगों की पेंशन सरकार ने रोक दी है।

वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी, कांग्रेस विकलांग प्रकोष्ठ, भारतीय दिव्यांग यूनियन, भारतीय जाग्रति मिशन, आजाद अधिकार सेना, दिव्यांग युवा शक्ति संगठन, दिव्यांगजन आत्मनिर्भर समिति ट्रस्ट, दिव्यांग जीवन ज्योति फाउण्डेशन, विकलांग कल्याण समिति, दिव्यांग विकास सोसायटी, आल दिव्यांग विकास संगठन, उत्तर प्रदेश बधिर मानव अधिकार सहित सैकड़ों दिव्यांग संगठन इस आन्दोलन में भाग लेंगे।

आज कि आनलाइन बैठक में महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार, अध्यक्ष मनीष प्रसाद, राहुल कुमार, राजकुमार गुप्ता, संदीप सैनी, दिनेश कुमार गुप्ता, मोहित कुमार, श्याम देव सिंह, मुकेश कुमार आदि शामिल थे।

सचिवालय कर्मियों के वाहनों पर कार्रवाई से आक्रोश, मौके पर पहुंचे सचिवालय संघ अध्यक्ष अर्जुन देव भारती

कर्मियों के दुख में बने साथी, तत्काल हस्तक्षेप कर गाड़ियां वापस लाने और किसी तरह की कार्रवाई न करने का दिया भरोसा

लखनऊ। एनेक्सी सचिवालय परिसर में सचिवालय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वाहनों को नगर निगम द्वारा उठाए जाने की कार्रवाई से कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी परेशान नजर आए और मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

मामले की जानकारी मिलते ही सचिवालय संघ के अध्यक्ष अर्जुन देव भारती तत्काल मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सचिवालय कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद वाहनों को वापस लाने की कार्रवाई शुरू कराई गई। साथ ही यह भी स्पष्ट कराया गया कि कर्मचारियों के वाहनों पर किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।

हर मुश्किल में कर्मचारियों के साथ खड़ा संघ

सचिवालय संघ अध्यक्ष अर्जुन देव भारती ने कहा कि सचिवालय कर्मचारी दिन-रात शासन के कामकाज को गति देने में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनके सामने अचानक कोई परेशानी आती है तो संघ की जिम्मेदारी है कि वह उनके साथ खड़ा रहे।

कर्मचारियों ने भी अध्यक्ष के तत्काल मौके पर पहुंचने और समस्या का संज्ञान लेकर प्रभावी हस्तक्षेप करने की सराहना की। कर्मचारियों का कहना था कि नेतृत्व वही है जो परेशानी के समय सामने खड़ा हो और समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए।

कर्मियों के हितों से समझौता नहीं

सचिवालय संघ अध्यक्ष की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि कर्मचारियों की समस्याओं को केवल कागजी स्तर पर नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर मौके पर पहुंचकर समाधान कराया जाएगा।

कर्मचारियों के सुख-दुख में साथ, समस्या पर तुरंत सक्रियता और उनके सम्मान एवं हितों की रक्षा—इसी भूमिका को लेकर सचिवालय कर्मियों के बीच संघ अध्यक्ष अर्जुन देव भारती की पहल चर्चा में रही।

आरएमएलआईएमएस रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के उत्साहजनक परिणाम

75 मरीजों के मूल्यांकन में बेहतर पोस्ट-ऑपरेटिव रिकवरी, कम दर्द और उच्च मरीज संतुष्टि

लगभग 80% मरीज 48 घंटे में स्वतंत्र रूप से चलने लगे, जबकि 60% मरीज तीन दिनों के भीतर हुए डिस्चार्ज

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान , लखनऊ के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के परिणाम अत्यंत उत्साहजनक सामने आए हैं। विभाग में रोबोटिक सर्जरी से उपचारित 75 मरीजों के पोस्ट-ऑपरेटिव रिकवरी, जीवन की गुणवत्ता तथा मरीजों की संतुष्टि का मूल्यांकन किया गया। इस गुणवत्ता आकलन में मरीजों में तेज रिकवरी, कम दर्द, शीघ्र गतिशीलता और उपचार के प्रति उच्च स्तर की संतुष्टि देखने को मिली।

रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी आधुनिक शल्य चिकित्सा की एक उन्नत तकनीक है, जो सर्जन को ऑपरेशन के दौरान बेहतर सटीकता, नियंत्रण और सूक्ष्म गतिविधियों को करने में सहायता प्रदान करती है। छोटे चीरे, कम पोस्ट-ऑपरेटिव दर्द, छोटे निशान, शीघ्र गतिशीलता तथा दैनिक गतिविधियों और काम पर अपेक्षाकृत जल्दी लौटना इसके प्रमुख संभावित लाभ हैं।

75 मरीजों के आकलन में सामने आए उत्साहजनक परिणाम

आरएमएलआईएमएस में किए गए गुणवत्ता एवं जीवन-गुणवत्ता आकलन में रोबोटिक सर्जरी के बाद मरीजों की रिकवरी के कई सकारात्मक संकेत सामने आए।

लगभग 80 प्रतिशत मरीजों ने ऑपरेशन के 48 घंटे के भीतर स्वतंत्र रूप से चलना-फिरना शुरू कर दिया। यह शीघ्र शारीरिक रिकवरी और सामान्य गतिविधियों की ओर तेजी से लौटने का महत्वपूर्ण संकेत है।

इसी प्रकार, 60 प्रतिशत मरीजों को रोबोटिक सर्जरी के तीन दिनों के भीतर सुरक्षित रूप से अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। कम अवधि में अस्पताल से डिस्चार्ज होने से मरीजों को अपने घर के परिचित वातावरण में जल्दी लौटने और सामान्य दिनचर्या की ओर तेजी से बढ़ने में मदद मिलती है।

पोस्ट-ऑपरेटिव अवधि में मरीजों में दर्द भी प्रभावी रूप से नियंत्रित रहा। अधिकांश मरीजों में न्यूनतम दर्द निवारक दवाओं की आवश्यकता पड़ी और मरीजों में शीघ्र गतिशीलता एवं बेहतर रिकवरी देखी गई। आकलन में सर्जरी के बाद की जटिलताएं भी कम रहीं।

मरीजों की प्रतिक्रिया इस मूल्यांकन का सबसे उत्साहजनक पहलू रही। सर्वेक्षण में शामिल 100 प्रतिशत मरीजों ने भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर दोबारा रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी को चुनने की इच्छा व्यक्त की। यह मरीजों के उपचार अनुभव, आराम और संतुष्टि के उच्च स्तर को दर्शाता है।

सिर्फ सामान्य सर्जरी नहीं, जटिल कैंसर सर्जरी में भी रोबोटिक तकनीक का उपयोग

आरएमएलआईएमएस के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में रोबोटिक तकनीक का उपयोग विभिन्न प्रकार की जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी में किया जा रहा है। इनमें कैंसर संबंधी जटिल ऑपरेशन भी शामिल हैं।

मूल्यांकन किए गए मामलों में सबसे बड़ा हिस्सा हेपेटोबिलियरी सर्जरी का रहा, जो लगभग 38.3 प्रतिशत था। इसके बाद 23.4 प्रतिशत मामले एडवांस्ड कोलोरेक्टल सर्जरी के थे। बेरियाट्रिक सर्जरी और इसोफैगो-गैस्ट्रिक सर्जरी के साथ जटिल हर्निया रिपेयर प्रत्येक लगभग 19.1 प्रतिशत मामलों में किए गए।

इस विविधता से यह स्पष्ट होता है कि रोबोटिक सर्जरी का उपयोग केवल अपेक्षाकृत सरल प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि चयनित मरीजों में जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और ऑन्कोलॉजिकल सर्जरी में भी किया जा रहा है।

विशेष रूप से जटिल कैंसर संबंधी प्रक्रियाओं में भी मरीजों में शीघ्र गतिशीलता, बेहतर शारीरिक रिकवरी और पोस्ट-ऑपरेटिव स्वास्थ्य लाभ की सकारात्मक प्रवृत्ति देखी गई।

मरीजों की संतुष्टि ने बढ़ाया भरोसा

रोबोटिक सर्जरी की सफलता का आकलन केवल ऑपरेशन की तकनीकी सफलता से नहीं किया जाता, बल्कि मरीज के अनुभव, दर्द, गतिशीलता, अस्पताल में रहने की अवधि और जीवन की गुणवत्ता जैसे पहलुओं से भी किया जाता है।

आरएमएलआईएमएस में किए गए मूल्यांकन में इन सभी पहलुओं पर सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए। मरीजों ने कम दर्द, जल्दी चलने-फिरने, अस्पताल में कम समय रहने और उपचार के समग्र अनुभव के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।

विशेष रूप से 100 प्रतिशत मरीजों द्वारा आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में दोबारा रोबोटिक सर्जरी चुनने की इच्छा व्यक्त करना इस तकनीक के प्रति मरीजों के विश्वास और संतुष्टि का महत्वपूर्ण संकेत है।

आरएमएलआईएमएस के निदेशक डॉ. सी. एम. सिंह ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक को मरीजों के लिए सुलभ और किफायती बनाना है।

उन्होंने कहा:

“आरएमएलआईएमएस में अत्याधुनिक रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराना संस्थान की मरीज-केंद्रित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक चिकित्सा तकनीक का लाभ मरीजों को सुरक्षित, प्रभावी और किफायती रूप में उपलब्ध कराया जाए। रोबोटिक सर्जरी के इन उत्साहजनक प्रारंभिक परिणामों से हमें इस दिशा में आगे बढ़ने का और प्रोत्साहन मिला है।”

आरएमएलआईएमएस में प्राप्त प्रारंभिक परिणाम यह दर्शाते हैं कि रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के माध्यम से उपयुक्त मरीजों में पोस्ट-ऑपरेटिव रिकवरी को बेहतर बनाया जा सकता है।

विशेष रूप से शीघ्र स्वतंत्र गतिशीलता, कम अवधि में अस्पताल से छुट्टी, प्रभावी दर्द नियंत्रण और उच्च मरीज संतुष्टि इस प्रारंभिक गुणवत्ता आकलन के महत्वपूर्ण निष्कर्ष रहे हैं।

आरएमएलआईएमएस में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की उपलब्धता संस्थान की उस व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं और मरीज-केंद्रित देखभाल को एक साथ लाकर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

अधिक जानकारी हेतु संपर्क:- प्रो0 अंशुमन पांडे
फोन न0-8176007038
सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान , लखनऊ

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