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योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा ट्रेन को हरी झंड़ी दिखाई

April 19, 2026

योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा ट्रेन को हरी झंड़ी दिखाई

लखनऊ : 19 अप्रैल, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देश ने अपनी गौरवशाली विरासत के साथ-साथ आधुनिक विकास के नये युग में प्रवेश किया है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर उत्तर प्रदेश के यात्रियों की विशेष ट्रेन, विभिन्न तीर्थों से होते हुए द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम सोमनाथ धाम का दर्शन करने के लिए जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने आज यहां गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अन्तर्गत ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ के शुभारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बाबा सोमनाथ के अभिषेक हेतु उत्तर प्रदेश की पवित्र सप्त नदियों का पावन जल कलश यात्रा के प्रतिभागी श्रद्धालुओं को सौंपा। शुभारम्भ कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री जी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ की विशेष ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शास्त्रों की मान्यता के अनुसार आत्मा अजर और अमर तथा जीवन की शाश्वतता का प्रतीक है। इसी प्रकार सनातन आस्था भी उसी अजर, अमर पथ का प्रतीक है। भारत की सनातन संस्कृति पर अनेक हमले हुए। लेकिन यह हमले भारत की आस्था को न डिगा पाए, न हटा पाए और न झुका पाए। 01 हजार वर्ष पहले देवाधिदेव महादेव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम, भगवान सोमनाथ के मंदिर पर विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी के नेतृत्व में कायराना हमला हुआ। वर्ष दर वर्ष यह हमला बढ़ता गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विदेशी आक्रांता भारत की धन-सम्पदा को लूटते गए, मंदिरों को अपवित्र करते गए तथा भारत की सनातन आस्था पर प्रहार करते गए। लेकिन सनातन धर्म की आस्था अपनी भगवा पताका के साथ पूरी मजबूती से खड़ी रही। 01 हजार वर्ष बाद भी भारत की सनातन आस्था दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है, लेकिन उन आक्रांताओं का कोई भी नामो-निशान इस दुनिया में नहीं बचा है। यही ’यतो धर्मस्ततो जयः’ का शंखनाद है, जिसे आक्रांताओं की बर्बरता रोक नहीं पायी, झुका नहीं पायी और तोड़ भी नहीं पायी। ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ सनातन धर्म की इसी आस्था का आयोजन है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में हर देशवासी की यह अभिलाषा थी कि देश को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाधीनता भी प्राप्त होनी चाहिए। इसके लिए अनेक ओर से आवाजें उठीं तथा इस दिशा में प्रयास किए गए। भारत माता के महान सपूत और देश की अखण्डता के शिल्पी लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने उस समय द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम, सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा को देखकर इसके पुनरुद्धार का संकल्प लिया था।
सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से इस कार्य को आगे बढ़ाया और मंदिर का पुनर्निर्माण पूरा हुआ। प्राण-प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को भव्यता के साथ आगे बढ़ाने के लिए आयोजन समिति ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद को आमंत्रित किया। राष्ट्रपति डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद ने सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार कार्यक्रम को अपने हाथों से सम्पन्न किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जो कार्य आजाद भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद ने आगे बढ़ाया था, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत के स्वाभिमान और सनातन आस्था के गौरव के अभियान को आगे बढ़ाने के रूप में वही कार्य किया है। आज का यह कार्यक्रम उसी अभियान का हिस्सा है।
पहले कोई यह नहीं सोचता था कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण हो पाएगा। आज अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो चुका है। केसरिया पताका श्रीराम मंदिर पर लहरा रही है। देश के हर कोने तथा पूरी दुनिया में जय श्रीराम की आवाज सुनाई देती है। 500 वर्ष पहले आक्रांताओं ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर को अपमानित कर हमारी आस्था पर कुठाराघात किया था, लेकिन वह उसे डिगा नहीं पाए। जिन लोगों ने हमारी आस्था पर प्रहार किया था, आज उनका नाम लेने वाला कोई नहीं है। लेकिन हमारी सनातन आस्था पूरी भव्यता के साथ भारत के गौरव को बढ़ाने का कार्य कर रही है।
काशी में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर तथा विंध्याचल में माँ विंध्यवासिनी का भव्य कॉरिडोर हमारी विरासत को नवीन ऊंचाई प्रदान कर रहे हैं। प्रयागराज की धरती पर आयोजित कुम्भ-2019 तथा महाकुम्भ-2025 ने दुनिया को यह बताया है कि सांस्कृतिक आयोजन किस प्रकार होने चाहिए। महाकुम्भ ने समरसता के आयोजन के रूप में सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसी प्रकार मथुरा-वृन्दावन भी उत्तर प्रदेश का गौरव है। हमारा सौभाग्य है कि यह सभी स्थल उत्तर प्रदेश में हैं। काशी की जीवन्तता, अयोध्या की मर्यादा, मथुरा-वृन्दावन की भक्ति तथा प्रयागराज की समरसता पूरे देश और दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाकाल का महालोक, भव्य श्री केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ मंदिर तथा रामेश्वरम धाम हम सभी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यही भारत की वह सनातन आस्था है, जो बिना रुके, बिना झुके, बिना डिगे अपनी यात्रा को अनवरत आगे बढ़ा रही है। यह देश का गौरव है। इसी गौरव का साक्षी बनने के लिए 01 हजार से अधिक श्रद्धालु उत्तर प्रदेश से गुजरात की धरती पर भगवान सोमनाथ का दर्शन करने के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। हम सभी इस यात्रा के शुभारम्भ के साक्षी बन रहे हैं। इन श्रद्धालुओं को जो पुण्य मिलेंगे, उसमें हम भी भागीदार होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के शुभारम्भ के लिए प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े हर जनपद से कम से कम 11 श्रद्धालु इस यात्रा में जा रहे हैं। इनमें उद्यमी, किसान, महिला, नौजवान, छात्र-शिक्षक सहित अलग-अलग वर्गों के 01 हजार श्रद्धालु शामिल हैं। रेलवे की ओर से यात्रा की सुविधा निःशुल्क है। केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय द्वारा अन्य खर्चे उठाए जा रहे हैं। यह लोग हर-हर महादेव की गूंज के साथ काशी तथा अपने-अपने क्षेत्र के तीर्थ स्थलों के जल से भगवान सोमनाथ का अभिषेक करेंगे। मुख्यमंत्री जी ने रेलवे तथा केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं की सुखद यात्रा की कामना की।
ज्ञातव्य है कि इस यात्रा में श्रमिक, हॉकर्स, स्ट्रीट वेण्डर्स, महिलाएं, गिग वर्कर्स, विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, युवा प्रोफेशनल्स, स्टार्टअप से जुड़े युवा, वरिष्ठ नागरिक, तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र के विशेषज्ञ, स्वयंसेवक, आध्यात्मिक संस्थाओं से जुड़े सदस्य, सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासी तथा सेवा क्षेत्र से जुड़े कर्मयोगी शामिल हैं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य, मत्स्य मंत्री संजय निषाद, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, पवन चौहान, लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक नीरज बोरा, ओ0पी0 श्रीवास्तव, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री अमृत अभिजात तथा श्रद्धालु उपस्थित थे।

इंडी गठबंधन ने अक्षम्य पाप किया है: योगी आदित्यनाथ

Posted on 19.04.2026 Time 06.59 PM Sunday, CM Yogi Adityanath, BJP, UP News, UP Samachar
लखनऊ 19 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पारित नहीं होने देने पर विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन द्वारा किया गया यह कृत्य न केवल नारी सम्मान के खिलाफ है, बल्कि “अक्षम्य पाप” है, जिसके लिए देश की नारी शक्ति उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा जिस प्रकार जश्न मनाया गया और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां की गईं, उसने भारतीय इतिहास के उस पीड़ादायक प्रसंग की याद दिला दी, जब भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण हुआ था। मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र और महिला सम्मान, दोनों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आचरण विपक्ष की नारी-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। श्री आदित्यनाथ आज बीजेपी ऑफिस में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने 2014 में सत्ता संभालने पर एक बात बहुत स्पष्ट रूप से कही थी कि देश के अंदर चार ही जातियां हैं- गरीब, युवा, किसान व नारी। भारत को कमजोर करने की नीयत से जिन लोगों ने जातिवाद के नाम पर अपने परिवार का भरण-पोषण किया और देश को लूटा, स्वाभाविक रूप से उनके लिए यह एक बड़ी चुनौती थी और चेतावनी भी। इसीलिए जब भी प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में कोई प्रगतिशील कदम उठाया गया, कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों ने हमेशा उस प्रगतिशील सोच और देशहित में उठाए जाने वाले कदमों का विरोध किया है।

भारतीय जनता पार्टी के राज्य मुख्यालय पर रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी के साथ पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में विपक्ष के नारी-विरोधी आचरण के प्रति आधी आबादी के मन में भारी आक्रोश है। यह आक्रोश कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, टीएमसी, डीएमके और अन्य उन दलों के प्रति है, जो इस पाप में भागीदार थे। आधी आबादी में यह आक्रोश साफ देखा जा रहा है कि प्रधानमंत्री जी द्वारा उठाए गए एक-एक कदम, जो समाज के हर वर्ग और देशहित में थे, इंडी गठबंधन ने कैसे बैरियर की तरह खड़े होकर उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए षड्यंत्र किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था। जब महिला संगठनों और सामाजिक संगठनों ने इस बात की मांग की कि यह अधिनियम 2034 के बजाय 2029 में लागू हो, तो उनकी मांग के अनुरूप प्रधानमंत्री जी ने सभी पक्षों से विचार-विमर्श करने के उपरांत नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में जरूरी संशोधन लेकर संसद के विशेष अधिवेशन में इसे पेश किया। कुछ राज्यों ने इस बात की मांग उठाई थी कि कहीं ऐसा न हो कि इसके माध्यम से उनके हक को कम कर दिया जाए। प्रधानमंत्री जी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होते समय स्पष्ट किया था कि किसी का भी हक नहीं लिया जाएगा। इस 33 प्रतिशत आरक्षण को माता-बहनों को उपलब्ध कराने के लिए हम लोकसभा और विधानसभाओं में अतिरिक्त सीटें बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यह चर्चा में आया कि दक्षिण भारत के राज्य मांग उठा रहे हैं कि उनका हक कम हो जाएगा, तो प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया कि 2011 की जनगणना के अनुसार जो व्यवस्था है, उसी के तहत जैसे उत्तर और पूर्व के राज्यों में सीटें बढ़ेंगी, वैसे ही दक्षिण के राज्यों में भी उसी अनुपात में सीटें बढ़ाई जाएंगी। किसी का हक कम नहीं होगा। सरकार की एकमात्र इच्छा थी कि पूरा सदन मिलकर भारत की नारियों को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को इस संशोधन के साथ पारित कर दे, ताकि 2029 में ही उन्हें उनका अधिकार मिल जाए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने मुद्दा छेड़ा कि इसमें मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं मिल पा रहा है। ये संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भावनाओं के प्रतिकूल आचरण यहां भी देखने को मिला। जब भारत का संविधान निर्माण हो रहा था, उस समय भी धर्म के आधार पर आरक्षण देने की मांग उठी थी। तब सभी पक्षों ने इसका विरोध किया था। बाबा साहेब ने इस पर बहुत तीखी टिप्पणी की थी कि एक बार विभाजन हो गया है, अब भारत दूसरे विभाजन के लिए तैयार नहीं हो सकता। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी इसका पुरजोर विरोध किया। उस समय संविधान निर्माण समिति से जुड़े सभी सदस्यों ने इसका पुरजोर विरोध किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो मुस्लिम महिलाओं की बात करते हैं, वे तब कहां थे जब शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस की सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को पूरी तरह वंचित करने का प्रयास किया था? जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस के पाप का परिमार्जन कर ट्रिपल तलाक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया और तय किया कि भारत का कानून शादी-विवाह के मामले में प्रत्येक नागरिक पर समान रूप से लागू होगा, तब ट्रिपल तलाक के खिलाफ बने कानून का भी कांग्रेस व इंडी गठबंधन के सभी दलों, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके ने कड़ा विरोध किया था। यह उनके दोहरे आचरण को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति के लिए किए गए प्रयासों में सबसे पहले ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का प्रस्ताव पास किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बेटी की रक्षा के लिए भ्रूण हत्या रोकने और लिंगानुपात को सही करने का संकल्प लिया। देश भर में इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया। मातृ वंदना योजना के माध्यम से मातृत्व रक्षा को मजबूत किया गया। बेटी गर्भ में भी सुरक्षित रहे और उसके जन्म के बाद टीकाकरण हो, इसके लिए इंद्रधनुष जैसे कार्यक्रम चलाए गए। परिणाम सामने आए, मातृ और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।

 

उन्होंने कहा कि पहली बार देश के इतिहास में 12 करोड़ परिवारों के लिए एक-एक शौचालय बनाए गए। इन शौचालयों ने न केवल स्वच्छता का मानक तय किया, बल्कि नारी गरिमा की रक्षा भी की। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन के कारण इंसेफेलाइटिस जैसी संक्रामक बीमारियों को नियंत्रित करने में हम सफल हुए। 4 करोड़ गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक-एक पक्का मकान उपलब्ध कराया गया। अब हर नारी अपने बच्चों और परिवार को एक सुरक्षित छत दे पा रही है। उत्तर प्रदेश में 65 लाख गरीब परिवारों को इस योजना का लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक, पहली बार भारत की संसद में महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या सबसे अधिक हो गई है। लेकिन इस संख्या को 33 प्रतिशत और आगे चलकर 50 प्रतिशत तक ले जाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी का जो अभिनव प्रयास था, नारी शक्ति वंदन अधिनियम उसमें इंडी गठबंधन, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, टीएमसी, डीएमके जैसे दलों ने बैरियर बनने का काम किया। इन दलों के पास अपने पापों का परिमार्जन करने का एक सुनहरा अवसर था।

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में जब समाजवादी पार्टी का नाम लेते हैं, तो यही याद आता है कि “देख सपाई, बिटिया घबराई”। सपा के पास स्टेट गेस्ट हाउस कांड जैसे कृत्यों का पाप धोने का एक अच्छा अवसर था। उन्हें इस अधिनियम को पारित करने में अपना योगदान देना चाहिए था। दुर्भाग्य है कि ये लोग बैरियर बनकर खड़े हो गए। इनका एकमात्र उद्देश्य है कि सब कुछ इन्हें और इनके परिवार को मिले, किसी नारी को न मिले, किसी गरीब को न मिले, किसी युवा को न मिले और किसी किसान को न मिले। यही इनकी युक्ति रही है और इसीलिए ये संसद की कार्यवाही में हमेशा बाधक बनते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस अवसर पर हम प्रधानमंत्री मोदी जी के इस प्रयास के लिए उनका अभिनंदन करते हैं। बिना रुके, बिना थके और बिना डिगे उनके नेतृत्व में देश मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। समाज के प्रत्येक तबके के लिए जो काम किए गए हैं और जो कदम उठाए गए हैं, उन सबके लिए देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के नाते उत्तर प्रदेश, प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ पूर्ण रूप से खड़ा है। हम उनका आभार व्यक्त करते हैं, उनका अभिनंदन करते हैं और उनके प्रयासों की सराहना करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति के मन में कांग्रेस और इंडी गठबंधन के प्रति जो आक्रोश है, उनके नारी-विरोधी कृत्यों के प्रति जो रोष है, उसमें पूरा एनडीए एकजुट होकर उत्तर प्रदेश की आधी आबादी के साथ खड़ा है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के अन्य दलों को अपने इस नारी-विरोधी आचरण के लिए माफी मांगनी चाहिए। लेकिन उनका यह कृत्य अक्षम्य है और किसी भी स्थित में आधी आबादी उन्हें माफ नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने देश की आधी आबादी से, सभी बहनों और बेटियों से अपील की कि इस महिला-विरोधी और नारी-विरोधी आचरण को कभी स्वीकार न करें। यह आचरण वास्तव में देश के विकास को अवरुद्ध करने का है।

17 अप्रैल काला दिवस के रूप में जाना जाएगा – अन्नपूर्णा देवी’

प्रेसवार्ता में केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है और अब उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही थी। संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा सार्थक रही, लेकिन विपक्षी दलों कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके ने बिल का विरोध कर महिलाओं की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाई।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि इन दलों ने हमेशा की तरह इस बार भी नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लटकाने, भटकाने और अटकाने की राजनीति अपनाई। इसके लिए 17 अप्रैल काला दिवस के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक और सशक्त हो चुकी हैं तथा हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी दर्ज करा रही हैं। महिलाएं अपने अधिकारों के खिलाफ खड़े होने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी। केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उसका अधिकार नहीं दिया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का कार्य एनडीए सरकार ने किया। सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। उन्होंने मुखर होकर कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राहुल गांधी परिवारवाद की राजनीति कर रहे हैं। इन्हें देश की जनता के हितों से कोई लेना देना नहीं है।

इस अवसर पर एनडीए घटक दलों के नेता सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर, निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद, प्रदेश सरकार में मंत्री व लोक दल नेता अनिल कुमार, अपना दल विधायक राम निवास वर्मा सहित महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती गीता शाक्य, प्रदेश महामंत्री श्रीमती प्रियंका रावत, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती अपर्णा यादव व श्रीमती चारू चौधरी, राज्य महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष श्रीमती कमलावती सिंह, विधायक श्रीमती जयदेवी उपस्थित रहीं।

नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार बलवीर पुंज

Balveer Punj

लखनऊ 19 अप्रैल 2026, वरिष्ठ पत्रकार नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इण्डिया (एनयूजे) के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व राज्य सभा सदस्य, स्तंभ लेखक बलवीर पुंज का शनिवार की सायं निधन हो गया। स्व पुंज ने 1992 से 1995 तक एनयूजे में महासचिव की जिम्मेदारी निभाई। जयपुर में ऐतिहासिक द्विवार्षिक अधिवेशन उनके महासचिव रहते हुआ था।
श्री पुंज प्रखर पत्रकार थे। उन्होंने अंग्रेजी के मदरलैंड और फाइनेंशियल टाइम जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में कार्य किया। उनके निधन से पत्रकारिता की बड़ी क्षति हुई है। उपज परिवार स्व बलवीर पुंज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना करता है कि उनकी आत्मा को सद्गति प्रदान करे। उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) के प्रदेश अध्यक्ष  सर्वेश कुमार सिंह अध्यक्ष और महामंत्री आनंद कर्ण ने स्व पुंज के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

April 17, 2026

विकृत जिहादी मानसिकता हिंदू समाज के लिए खतरा -गजेंद्र

*जिहादी मानसिकता से देश की सुरक्षा को खतरा, राष्ट्रव्यापी कठोर कानून जरूरी: विजय प्रताप*

लखनऊ। विकृत जिहादी मानसिकता के विरुद्ध विश्व हिंदू परिषद एवं युवा इकाई बजरंग दल लखनऊ विभाग का विशाल विरोध धरना प्रदर्शन राजधानी लखनऊ की पटेल प्रतिमा पर किया गया कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप एवं प्रांत मंत्री देवेंद्र और मुख्य वक्ता के तौर पर क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र ने जिहादी मानसिकता के विरुद्ध उग्रता से प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को अपने उद्बोधन में बताया मुस्लिम युवक युवतियों के माध्यम से टीसीएस जैसी अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों तक फैले धर्मांतरण व लव जिहाद की अनवरत कि टीसीएस नासिक में षड्यंत्र के उजागर होने के बाद पूरी दुनिया अचंभित है। उच्च पद पर एक मुसलमान के बैठते ही किस प्रकार वह अधिक से अधिक संख्या में अपने मुस्लिम सहयोगियों को भर्ती कर लेता है और उसके बाद बीसियों हिंदू लड़के और लड़कियों को अपने षड्यंत्र का शिकार बनाता है, यह अत्यंत गंभीर व आश्चर्यजनक है। उनको मुस्लिम तौर तरीका सिखाना, नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करना, गौ मांस खिलाना और जबरन धर्मांतरण करना घोर आपत्तिजनक है।
विश्व हिंदू परिषद बधाई देता है उन सात महिला पुलिसकर्मियों को जिन्होंने टीसीएस में ज्वाइन करके इस षड्यंत्र का पता लगाया और अधिक युवाओं को इस षड्यंत्र का शिकार होने से रोका।
जैसे ही यह षड्यंत्र उजागर होता है, ध्यान में आता है कि यह षड्यंत्र टीसीएस तक सीमित नहीं है अपितु, टेक महिंद्रा गोरेगांव जैसी दर्जनों अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी जिहादी षड्यंत्र का एक व्यापक जाल फैला हुआ है।
हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप ने भी अपने वक्तव्य में कहा जिम जिहाद, थूक जिहाद, सैलून जिहाद कोरियोग्राफर जिहाद आदि ही सामने आते थे और लगता था कम पढ़े लिखे लोग ही इस षड्यंत्र में शामिल हैं, लेकिन अलफलाह व केजीएमयू विश्वविद्यालय और उसके बाद इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अंदर काम करने वाले लोगों की इस धर्मांतरण के षड्यंत्र में संलिप्तता बताती है कि जिहादी षड्यंत्र केवल कम पढ़े लिखे लोगों के दिमाग की ही विकृति नहीं है अपितु, ज्यादा पढ़े लिखे लोगों के दिमाग में भी जिहादी कीड़ा उतना ही काम करता है और वे भी सभ्यता के सभी दायरे को तोड़कर जबरन धर्मांतरण करते हैं। व्यापारिक जगत का एक और षड्यंत्र सामने आया। मलेशिया स्थित एक कंपनी के मालिक संपूर्ण विश्व के व्यापारिक जगत में इस्लामी आधिपत्य स्थापित करना चाहते हैं।
आज संपूर्ण विश्व त्रस्त है और इससे मुक्ति का उपाय चाहता है। पत्रकार जगत में भी इस प्रकार के षड्यंत्र सामने आ रहे हैं । अगर कोई इन विषयों को रोक लगाना चाहता है और जिहादियों से कोई संबंध नहीं रखना चाहता तो अब उसे इस्लामिक फोबिया से त्रस्त नहीं कहा जा सकता। संपूर्ण विश्व का सभ्य समाज इस जिहादी षड्यंत्र से बचने के लिए छटपटा रहा है और इसके लिए उपाय भी कर रहा है। भारत में भी जिन राज्यों में सख्त कानून बने हैं और प्रभावी रूप से लागू हो रहे हैं, वहां इन षड्यंत्रों पर रोक लगी है।

देशव्यापी आंदोलन के माध्यम से विश्व हिंदू परिषद की मांग है भारत के सभी राज्यों में अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए सख्त कानून बने। सभी राजनीतिक दल अपने राजनीतिक दायरे से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हितों की चिंता करें । टीसीएस षड्यंत्र की जांच एनआईए कर रहा है, इससे स्पष्ट है कि अब यह एक राज्य का विषय नहीं है अपितु, एक राष्ट्रव्यापी षड्यंत्र बन चुका है। इसको रोकने के लिए अब केंद्र सरकार को भी आगे आकर सख्त से सख्त कदम बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अवैध धर्मांतरण विरोधी राष्ट्रव्यापी कानून बनाना चाहिए और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा देश के समक्ष उपस्थिति इस चुनौती का प्रभावी मुकाबला करना चाहिए। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से संगठन मंत्री समरेंद्र, प्रांत प्रचार प्रमुख नृपेंद्र ,प्रांत सेवा प्रमुख धर्मेंद्र लखनऊ विभाग मंत्री योगेश विभाग संयोजक विजय बजरंगी सहित विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के जिला एवं विभाग के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

April 16, 2026

यूपी के स्कूलों में जल संरक्षण पखबाड़ा शुरु

लखनऊ, 16 अप्रैल 2026,   प्रदेश में जलशक्ति अभियान के अंतर्गत आज से राज्य के सभी स्कूलों और शिक्षा संस्थानों में जल पखवाड़ा शुरु हो गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना और जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाना है।

जिला स्तर पर प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। पखवाड़े के दौरान विद्यालयों को जल संरक्षण केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा और विद्यालय में प्रतिदिन जल संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी। पेयजल स्रोतों और भंडारण सुविधाओं की सफाई के लिए भी प्रत्येक विद्यालय में विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

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