लखनऊ,
क्षेत्रीय अध्यक्ष
पश्चिम — नबाब सिंह नागर
ब्रज — पूरन लाल लोधी
कानपुर राम किशोर साहू
अवध — अवधेश द्विवेदी
काशी — अशोक चौरसिया
गोरखपुर — विनोद राय
लखनऊ,
क्षेत्रीय अध्यक्ष
पश्चिम — नबाब सिंह नागर
ब्रज — पूरन लाल लोधी
कानपुर राम किशोर साहू
अवध — अवधेश द्विवेदी
काशी — अशोक चौरसिया
गोरखपुर — विनोद राय
News Posted on 23.06.2026 Tuesday, Time 10.02 PM, Lucknow CM Yogi Adityanath
लखनऊ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना प्रदेश के लिए बड़ा सबक
हर जनपद में विशेष टीम गठित कर व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए: मुख्यमंत्री
पहले जागरूकता, फिर कार्रवाई; अभियान के नाम पर किसी नागरिक का उत्पीड़न न हो: मुख्यमंत्री
जो भवन जिस गतिविधि के लिए अनुमन्य, वहां वही गतिविधि होगी, बेसमेंट में कोचिंग/नर्सिंग होम स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री
आपातकालीन सेवाओं को रिस्पॉन्स टाइम और कम करने के लिए उठाने होंगे ठोस कदम: मुख्यमंत्री
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर मुख्यमंत्री ने की लखनऊ अग्नि दुर्घटना की बिंदुवार समीक्षा
लखनऊ, 23 जून: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में बीते दिनों आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक बताते हुए कहा कि इस पीड़ादायक घटना से सीख लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए शासन, प्रशासन और आमजन को मिलकर अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जनपदों में अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
मंगलवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह जनहित में संचालित किया जाएगा। पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में विशेष टीम गठित कर फायर ऑडिट अभियान संचालित किया जाए। सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भवन परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन अथवा भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए, जिसके लिए उसे स्वीकृति प्रदान की गई है। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए तथा निर्धारित उपयोग के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन न होने पाए। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही किया जाए।
मुख्यमंत्री ने व्यावसायिक भवनों के विद्युत भार (लोड) का आकलन कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां विद्युत भार निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाए अथवा अन्य नियमों का उल्लंघन हो रहा हो, वहां तत्काल नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बीते दिनों लखनऊ में घटित आग लगने की दुर्घटना के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, महानिदेशक अग्निशमन सेवा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा एसडीआरएफ के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने घटना की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन दल, एम्बुलेंस और एसडीआरएफ की टीमों द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, संकट की परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को अपने रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बैठक में बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 14 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गई थीं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की फायर सेफ्टी ऑडिट प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग को और अधिक सक्षम बनाने के लिए जिन आधुनिक उपकरणों, संसाधनों एवं तकनीकी सुविधाओं की आवश्यकता हो, उनकी उपलब्धता में किसी प्रकार का विलम्ब न किया जाए।
बैठक में महानिदेशक अग्निशमन सेवा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। 26 नए अग्निशमन केंद्र लोकार्पण के लिए तैयार हैं, जबकि 25 केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त 47 नए केंद्रों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शेष तहसीलों में भी अग्निशमन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। सभी विभाग समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में सुरक्षित एवं उत्तरदायी व्यवस्था सुनिश्चित करें।
टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने हेतु एबीआरएसएम के राष्ट्रव्यापी आंदोलन का द्वितीय चरण – “सांसद संपर्क एवं सांसद समर्थन अभियान” शुरू
5 जुलाई तक देश के सभी राज्य सभा व लोकसभा सांसदों से संपर्क कर उन्हें ज्ञापन सौंपकर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने हेतु समर्थन करने का किया जाएगा आग्रह
लखनऊ : 22 जून। टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने हेतु देश के सभी राज्य सभा व लोकसभा सांसदों से 5 जुलाई 2026 तक सम्पर्क कर टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत लाखों शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने का आग्रह किया जाएगा।
उक्त निर्णय सोमवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा आभासी पटल पर आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता ने की एवं संचालन राष्ट्रीय महामंत्री प्रोफेसर गीता भट्ट जी द्वारा किया गया। बैठक में अखिल भारतीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार, राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री मोहन राजपुरोहित सहित सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं सभी राज्यों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं संगठन मंत्री उपस्थित रहे।
प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए एबीआरएसएम के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत प्रथम चरण में 18 जून 2026 को उत्तर प्रदेश सहित देशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर विशाल धरना-प्रदर्शन एवं जिला अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन दिए गए। इससे शिक्षक समाज की भावनाएं एवं अपेक्षाएं सरकार और समाज के समक्ष प्रभावी रूप से पहुंची है।
प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर संजय मेधावी ने बताया कि एबीआरएसएम के देशव्यापी अभियान के तहत अब आंदोलन के द्वितीय चरण में “सांसद संपर्क एवं सांसद समर्थन अभियान” चलाया जाएगा जिसमें 5 जुलाई 2026 तक उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में संगठन की जिला इकाइयों द्वारा राज्य सभा व लोकसभा सांसदों से संपर्क कर उन्हें ज्ञापन सौंपकर टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत लाखों शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने हेतु उनका समर्थन प्राप्त किया जाएगा।
प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने की दिनांक 27 जुलाई 2011 से पहले से सेवारत 2 लाख से अधिक शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एवम् आजीविका पर संकट खड़ा हो गया। शिक्षकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। संगठन किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय नहीं होने देगा।
प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश महामंत्री प्रदीप तिवारी ने कहा कि संगठन पूरी शक्ति और गंभीरता के साथ प्रत्येक लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद से संपर्क कर उन्हें अवगत कराएगा कि टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत लाखों शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता थोपना शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, मानवीय गरिमा, शिक्षक हित व नैसर्गिक न्याय के खिलाफ है।
प्रदेश कोषाध्यक्ष नीलमणि शुक्ला ने कहा कि लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एवम् गौरव गरिमा से जुड़ी इस गंभीर समस्या समाधान हेतु सभी सांसदों का समर्थन जरूरी है ताकि संसद के मानसून सत्र में इस समस्या पर व्यापक चर्चा हो व इस समस्या के समाधान का विधायी मार्ग प्रशस्त हो सके।
उपरोक्त जानकारी प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
News Posted on 22.06.2026 Monday, Time 11.08 PM, Defence Minister Rajnath Singh
घटना की जानकारी मिलते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ पहुंचे, लिया घटनास्थल का जायजा
लखनऊ, 22 जून, राजधानी में आग की घटना की सूचना मिलते ही रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम तत्काल स्थगित कर दिए और वे रात्रि 9.35 बजे एयरपोर्ट लखनऊ पहुंचे। एयरपोर्ट से सीधे घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की।
घटनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने मीडिया से कहा कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण यह घटना हुई है और मैं परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और पूरे मामले की जाँच जैसा कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कराई जाएगी इस इसमें किसी की रिस्पांसिबिलिटी बनती है तो उसे पर रिस्पांसिबिलिटी भी फिक्स की जाएगी।
इसके बाद वे केजीएमयू पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों का हालचाल जाना, चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली तथा सभी घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए।