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हिंदू समाज में समाप्त हो भेद भाव: नरेंद्र ठाकुर

April 30, 2026

हिंदू समाज में समाप्त हो भेद भाव: नरेंद्र ठाकुर

Narendra Thakur RSS

Posted on 30 April 2026, Time 07.19 PM, Thursday, Lucknow, RSS, Media Samvad, Vishwa samvad Kendra

लखनऊ, 30 अप्रैल 26 । हिंदू समाज में जाति, भाषा, प्रांत आदि के आधार पर भेदभाव समाप्त होना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगा है। इसके लिए 32 से अधिक संगठन समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। ये बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर ने गुरुवार को नारद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में कहीं।

उन्होंने कहा कि आरएसएस की 100 वर्ष की यात्रा सामान्य यात्रा नहीं है। हमारे कार्यकर्ताओं ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। संघ विश्व में भारत माता की जय जयकार के लिए कार्य करता है। भारत को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाना संघ का उद्देश्य है। प्रथम सरसंघचालक डॉ. हेडगेवार को याद करते हुए उन्होंने कहा कि संघ व्यक्ति निष्ठ नहीं, तत्व निष्ठ बनने में विश्वास करता है। इसीलिए हमने किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि परम पवित्र भगवा ध्वज को गुरु माना।

उन्होंने कहा कि संघ की 85000 से अधिक दैनिक शाखाएं और 32000 से अधिक साप्ताहिक मिलन चल रहे हैं। वनवासी क्षेत्रों से लेकर नगरों तक अनगिनत सामाजिक कार्य स्वयंसेवक चला रहे हैं।

नरेंद्र ठाकुर ने संघ के भविष्य की कार्य योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि पंच परिवर्तन का कार्य समाज में चल रहा है। सामाजिक समरसता के माध्यम से हम हिंदू समाज के बीच हर प्रकार का भेदभाव मिटाना चाहते हैं। शताब्दी वर्ष में हिंदू सम्मेलनों में समाज के सभी एक साथ आए और सहयोग किया। कुटुम्ब प्रबोधन के जरिए संघ चाहता है कि पारिवारिक व्यवस्था ठीक रहे तो समाज भी ठीक रहेगा। पर्यावरण संरक्षण भी समाज का प्रमुख कर्तव्य होना चाहिए। साथ ही स्व के आधार पर समाज का जीवन चलना चाहिए। भाषा, वेशभूषा में भी स्व का भाव होना चाहिए। इसी प्रकार सभी को नागरिक कर्तव्यों का बोध होना चाहिए। हर व्यक्ति देश, समाज के प्रति अपने कर्तव्य को समझे।

यूजीसी दिशा निर्देशों को लेकर किए गए एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है। इसलिए संघ इस विषय पर अपना कोई मत व्यक्त नहीं करना चाहता, फिर भी हमारा मानना है कि समाज में सद्भाव बना रहना चाहिए।

कार्यक्रम में संघ के प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह, विश्व संवाद केंद्र के उपाध्यक्ष अशोक सिंहा, संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर, क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष, प्रांत प्रचारक कौशल समेत अनेक संघ पदाधिकारी उपस्थित थे।

April 28, 2026

सूचना विभाग बनाता है सरकार की छवि: रोहित नंदन

Smarika RIJWA vimochan by Ritered Information Officers in Lucknow

Posted on 27.04.2026 Time 09.12 Tuesday, Lucknow, UP Information Department, RIJWA

लखनऊ में मोबाइल फोन सूचना निदेशक के नाम लिया गया था, सूचना विभाग का रहा है स्वर्णिम इतिहास

लखनऊ, 27 अप्रैल 2026, । मोबाइल फोन की आमद1995 में हुई थी और लखनऊ में पहला मोबाइल फोन कनेक्शन जुलाई 1996 में सूचना निदेशक के नाम लिया गया। इसी तरह इंटरनेट का मामला है। इंटरनेट का लखनऊ में पहला कनेक्शन सूचना विभाग के नाम लिया गया। सूचना विभाग सरकार की आँख और कान हुआ करता था, अब भी है, तकनीक और लेखनी दोनों के सम्मिश्रण से सूचना विभाग आज भी अपनी प्रासंगिकता बरकरार रखे हुए है।
यूपी के तीन बार सूचना निदेशक रहे वरिष्ठ पूर्व आईएएस अधिकारी रोहित नंदन ने यह बातें आज सूचना भवन आडिटोरियम में आयोजित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व अधिकारियों के हाल ही में बनाए गए संगठन “रिटायर्ड इन्फ़ॉर्मेशन जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन” के पहले सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए कहीं।इस अवसर पर पूर्व सूचना निदेशक, सुधेश ओझा, अजय उपाध्याय और पूर्व अपर निदेशक रहे डॉक्टर अनिल पाठक भी मौजूद रहे।
रोहित नंदन एकमात्र अधिकारी हैं जो सूचना निदेशक पद पर तीन बार तैनात हुए हालाँकि वह इस पद पर पहले आना नहीं चाहते थे, लेकिन आज वह जब याद कर रहे थे कि कैसे उन्होंने उस समय इस पद पर सबसे लम्बे कार्यकाल का निर्वहन किया, तो बताया कि इस पद की गरिमा इसके वर्चस्व से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग के अधिकारी जो काम करते हैं उससे सरकार की छवि बनती है और सरकार की छवि आम आदमी के दिमाग़ में बेहतर से बेहतर बनाना आसान काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन हो या इंटरनेट, सबसे पहले सूचना विभाग के पास आता है तो इससे समझा जा सकता है कि यह विभाग कितना महत्वपूर्ण है।
चुनाव आयुक्त रहे पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री अनूप चंद्र पांडेय भी दो बार यूपी के सूचना निदेशक पद पर रहे। उन्होंने कहा कि उनकी बहुत बड़े बड़े पदों पर तैनाती हुई। यूपी के मुख्य सचिव से लेकर चुनाव आयुक्त तक, लेकिन सूचना निदेशक के कार्यकाल को वह सबसे ज्यादा याद करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका वो कार्यकाल अविस्मरणीय है। श्री पांडेय ने बताया कि कैसे एक बार बजट पेश किए जाने के समय प्रेस विज्ञप्ति में जो लिखा गया था वह बजट में था ही नहीं। विधानसभा में इस पर बहस हो गई तो सरकार ने सूचना विभाग के प्रेस नोट की बात स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि सूचना निदेशक का पद सरकारी सिस्टम में शक्ति का केंद्र माना जाता है और सूचना निदेशक ही वह अधिकारी होता है जिसकी पहुंच मुख्यमंत्री तक सीधे होती है और कभी भी किसी भी समय वह मुख्यमंत्री से सीधे बात कर सकता है। श्री पांडेय ने कहा कि अखबारों की स्क्रुटनी भी इस विभाग का एक विशेष कार्य रहा है और सूचना विभाग के अधिकारियों की बौद्धिक क्षमता का सरकार के पक्ष में बेहतर इस्तेमाल का लंबा इतिहास रहा है।


सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राघवेंद्र कुमार ने इस अवसर पर कहा कि सूचना विभाग के कार्य वास्तव में बड़े महत्वपूर्ण और सराहनीय रहे हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह न्यायालयों के कार्यों का भी सूचना विभाग ने प्रचार कर आम आदमी के मन में न्यायपालिका के प्रति विश्वास को पुख्ता करने का कार्य किया है। इस अवसर पर रिटायर्ड इन्फ़ॉर्मेशन जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन की पत्रिका “रिज़वा” का भी लोकार्पण किया गया और रोहित नंदन को अशोक प्रियदर्शी स्मृति सूचना सम्मान और अनूप चन्द्र पांडेय को उमेश कुमार सिंह चौहान स्मृति सम्मान से नवाज़ा गया। इस अवसर पर सूचना विभाग के पूर्व अधिकारियों में श्री विजय राय, राजगोपाल सिंह वर्मा, हामिद अली खां, ज्ञानवती, दिनेश सहगल, अशोक कुमार शर्मा, अशोक बनर्जी, अमजद हुसैन सहित ग्यारह लोगों को भी सम्मानित किया गया।

April 25, 2026

राजनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ थे हेमवती नंदन बहुगुणाः मुख्यमंत्री

Posted on 25.04.2026 Time 02.56 PM, Saturday , Lucknow Hemwati Nandan Bahuguna

सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर किया नमन, प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि

*उत्तर प्रदेश के मंत्री, मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री के रूप में बहुगुणा जी ने की देशसेवाः सीएम योगी*

*लखनऊ, 25 अप्रैल।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सीएम स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की पावन जयंती पर उन्हें नमन किया और योजना भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा जी भारत की राजनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उनका जन्म तत्कालीन उत्तर प्रदेश (वर्तमान उत्तराखंड) के पौढ़ी गढ़वाल जनपद में 25 अप्रैल 1919 को हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा गांव में अर्जित करने के उपरांत उच्च शिक्षा के लिए वह प्रयागराज आ गए थे। 1942 से 1946 तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में बहुगुणा जी की सक्रिय सहभागिता रही, जिस कारण ब्रिटिश सरकार ने उन्हें जेल में भी डाला था।

*1952 में पहली बार बने उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य*
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा जी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रखर छात्रनेता के रूप में अपनी छाप छोड़ी। वह देश के स्वाधीनता आंदोलन में लगातार सक्रिय रहे। आजादी के बाद 1952 के पहले आम चुनाव में वह पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। उन्हें प्रदेश सरकार के मंत्री के रूप में भी कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ था। उत्तर प्रदेश में विभिन्न विभागों के मंत्री तथा मुख्यमंत्री के रूप में उनकी सेवाएं सराहनीय रहीं।

*देश के प्रति उनकी सेवा वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा*
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर बहुगुणा जी का अपना विजन था। उसे आज भी प्रभावी रूप से धरातल पर उतरते हम सभी महसूस कर सकते हैं। बहुगुणा जी ने केंद्र सरकार में भी अनेक मंत्रालयों में सेवाएं दीं। लंबे राजनीतिक व सार्वजनिक जीवन में देश के प्रति उनकी सेवा उल्लेखनीय रही हैं, जो वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान आदि मौजूद रहे।

April 24, 2026

जातिवाद के नाम पर देश को लूटने वाले राष्ट्रद्रोहियों से सावधान रहें: योगी

तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को सीएम ने किया संबोधित

*राष्ट्रकवि दिनकर की कृति आज भी राष्ट्र चेतना की मशाल, साहित्य समाज का दर्पण: मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री ने देखा रश्मिरथी का मंचन, कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की सराहना की*

*तीन दिवसीय आयोजन में स्वामी विवेकानंद, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अटल जी पर भी होंगे विशेष नाट्य कार्यक्रम*

*लखनऊ, 24 अप्रैल।* “राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति ‘रश्मिरथी’ आज भी समाज और राष्ट्र को दिशा देने वाली प्रेरणा है। यदि भारत को मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित बनाना है तो जातिवाद के नाम पर समाज को बांटने वाली शक्तियों से सावधान रहना होगा।” ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर की कालजयी काव्यकृति ‘रश्मिरथी’ के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। साहित्य के ऐसे सशक्त साधक के प्रति हम सब अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रदेश की राजधानी में एकत्र हैं। यहां हम उनकी कालजयी काव्यकृति पर आधारित नाट्य-श्रृंखला का मंचन देखेंगे। हम देखेंगे कि किस प्रकार मां सरस्वती दिनकर जी की जिह्वा पर विराजती थीं और उनकी लेखनी शब्दों को पिरोती थी। यह सब ‘रश्मिरथी’ के इस मंचन के माध्यम से हम सभी को देखने-सुनने को मिलेगा। इस अवसर पर दिनकर जी की स्मृतियों को नमन करते हुए मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

*दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं*
सीएम योगी ने कहा कि जब इस कार्यक्रम का पत्र मिला, तो सबसे पहले मैंने कहा कि यह कार्यक्रम उसी दिन रखिए, जिस दिन मैं भी इसका भागीदार बन सकूं, क्योंकि मैं अक्सर दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं। भारत धन-धान्य से परिपूर्ण रहा है, दुनिया की बड़ी ताकत रहा है, लेकिन भारत ने सैकड़ों वर्षों की गुलामी भी सही है। बल और बुद्धि में भारत का कोई मुकाबला नहीं कर सकता था, लेकिन हमारी कुछ कमियां भी थीं। दिनकर जी ने इन कमियों पर जिस प्रकार प्रहार किया है, उसे देखकर मुझे अच्छा लगता है। आप इस नाट्य मंचन के माध्यम से भी देखेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने ‘रश्मिरथी’ में लिखा है-
“ऊंच-नीच का भेद न जाने, वही श्रेष्ठ ज्ञानी है,
दया-धर्म जिसमें हो, सबसे वही पूज्य प्राणी है।”
जातिवाद पर भी उन्होंने कितना सशक्त प्रहार किया है-
“मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का,
धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का।
पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर,
जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर क्रूर।”

सीएम योगी ने कहा कि यदि हमें अपनी आजादी को लंबे समय तक अक्षुण्ण बनाए रखना है और विकसित व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करना है, तो जातिवाद के नाम पर देश को लूटने और समाज को कमजोर करने वाले राष्ट्रदोहियों से सावधान रहना होगा। युवा वर्ग के लिए दिनकर जी इस बात की प्रेरणा इन पंक्तियों के माध्यम से दशकों पहले ही दे चुके हैं-
“सच है, विपत्ति जब आती है,
कायर को ही दहलाती है,
सूरमा नहीं विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,
विघ्नों को गले लगाते हैं,
कांटों में राह बनाते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने समाज की चेतना को जिस रूप में जागरूक किया और पूरे समाज को एकजुट किया, वह अद्वितीय है। अपनी कृतियों के माध्यम से वह अलग-अलग स्तरों पर लोगों को जागृत करते रहे और देश की चेतना को निरंतर सशक्त करते रहे। जब भारत के लोकतंत्र को दबाने का प्रयास हुआ, तब भी दिनकर जी ने आह्वान किया- “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।” शब्द किस प्रकार मंत्र बन जाएं और हर व्यक्ति के मन में राष्ट्र के लिए त्याग, चेतना और समर्पण की भावना को जागृत करें, यह गुण महान कवि में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रश्मिरथी’ ऐसे पात्र के बारे में है, जो अपनी पहचान के लिए मोहताज रहा। उसकी गाथा को दिनकर जी ने जिस प्रकार प्रस्तुत किया और उसके गुणों की व्याख्या की, उसने हर व्यक्ति को सोचने के लिए मजबूर किया कि कौन किस स्थान पर हो सकता है और हमें किसी की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ में उन्होंने लिखा है-
“जब किसी जाति का अहम चोट खाता है,
पावक प्रचण्ड हो कर बाहर आता है।
यह वही चोट खाये स्वदेश का बल है,
आहत भुजंग है, सुलगा हुआ अनल है।”

*स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद लखनऊ, अयोध्या, काशी की यात्राएं की*
सीएम ने बताया कि उन्होंने संस्कृति विभाग से कहा है कि ऐसी साहित्यिक कृतियों पर आधारित कार्यक्रम आज की पीढ़ी के लिए नई प्रेरणा हैं। इस प्रेरणा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। कल यहीं पर स्वामी विवेकानंद पर आधारित एक नाट्य मंचन का कार्यक्रम है। स्वामी विवेकानंद हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं। वह एक संन्यासी थे, लेकिन हर युवा के लिए मार्गदर्शक बने। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की वैदिक और सनातन परंपरा को सम्मान दिलाया। उन्होंने ज्ञान को विज्ञान के साथ जोड़कर तत्कालीन समाज को उसके अनुरूप तैयार करने का कार्य किया और भारत की चेतना को जागरूक करने के लिए पूरी शक्ति के साथ समर्पित रहे। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद भारत में जो यात्राएं कीं, उनमें लखनऊ, अयोध्या, काशी सहित उत्तर प्रदेश के कई स्थान शामिल थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 अप्रैल को यहां लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक पर आधारित कार्यक्रम होगा। तिलक जी ने भारत की स्वाधीनता के लिए “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” का उद्घोष इसी लखनऊ में किया था, जो भारत की आजादी का एक प्रमुख केंद्र बना। इसी दिन ‘अटल स्वरांजलि’ कार्यक्रम भी आयोजित होगा, जिसमें भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविताओं पर आधारित एक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। अटल जी का शताब्दी वर्ष हाल में संपन्न हुआ है, और इस अवसर पर लखनऊ में राष्ट्रप्रेरणा स्थल का निर्माण भी किया गया है। लखनऊ लंबे समय तक अटल जी की कर्मभूमि रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय तथा अन्य संस्थानों के युवाओं को भी इस कार्यक्रम में सहभागी बनाया जाए। जिनकी परीक्षाएं नहीं हैं, वे आएं और इस कार्यक्रम को देखें। उनके आने-जाने की व्यवस्था भी की जानी चाहिए और इसके लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। वे साहित्य के बारे में जानें, क्योंकि साहित्य वास्तव में समाज का दर्पण होता है। दर्पण जैसा होता है, वैसा ही चित्र दिखाई देता है। हम राष्ट्र को कैसा बनाना चाहते हैं, ये साहित्यिक कृतियां उसका आधार बनती हैं और उनसे हम प्रेरणा प्राप्त करते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि मैं स्वामी विवेकानंद की स्मृतियों को नमन करता हूं और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने महाराष्ट्र में गणपति महोत्सव के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्रीय चेतना से जोड़कर उसे नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। यही चेतना 1916 में लखनऊ में भी गूंजी, जब तिलक जी ने “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” का उद्घोष किया। उनकी स्मृति में वर्ष 2017 में लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसके लिए तत्कालीन राज्यपाल ने प्रेरणा दी थी। उस अवसर पर तिलक जी के परिवार के सदस्यों को भी आमंत्रित किया गया था।

*मुख्यमंत्री ने देखा रश्मिरथी का मंचन*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रश्मिरथी का मंचन भी देखा। उन्होंने कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग को निर्देश दिया कि आमजन को ऐसी कृतियों से अवगत कराएं।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे, डॉ. सत्यपाल सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, कार्यक्रम संयोजक प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, संस्कृति/पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, भाजपा नेता नीरज सिंह, दिनकर स्मृति न्यास के अध्यक्ष नीरज कुमार, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के सुपौत्र ऋत्विक उदयन आदि मौजूद रहे।

April 23, 2026

सीएम योगी आदित्यनाथ ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

लखनऊ : 22 अप्रैल, 2026,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स भर्ती परीक्षा, स्मार्ट मीटर से जुड़ी व्यवस्थाओं, पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता तथा प्रदेश की कानून-व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। उन्होंने आगामी 25, 26 एवं 27 अप्रैल को प्रस्तावित उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स भर्ती परीक्षा की तैयारियों, जनसुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि होमगार्ड्स की भर्ती परीक्षा पहली बार उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से आयोजित की जा रही है, अतः सभी सम्बन्धित अधिकारी विशेष सतर्कता बरतें। जिन जनपदों में हाल ही में नए जिलाधिकारी तैनात हुए हैं, वे सम्बन्धित मंडलायुक्त तथा ए0डी0जी0/आई0जी0 स्तर के अधिकारियों के साथ समुचित समन्वय सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। परीक्षा की निष्पक्षता भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखी जाए तथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश के 74 जनपदों में 41,424 होमगार्ड्स पदों के लिए परीक्षा तीन दिनों में, दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री जी ने भीषण गर्मी को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा परीक्षार्थियों को अनावश्यक रूप से धूप में प्रतीक्षा न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए। जिला प्रशासन सभी परीक्षा केंद्रों का पूर्व भ्रमण कर व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री जी ने कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि कुछ जनपदों से ऐसे संकेत प्राप्त हुए हैं, जहां अराजक तत्वों द्वारा जातीय तनाव/संघर्ष भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। सभी अधिकारी अत्यंत सतर्क रहें और किसी भी स्थिति के उत्पन्न होने से पूर्व ही प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री जी ने हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों में औद्योगिक अशांति उत्पन्न करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि यद्यपि वर्तमान में स्थिति सामान्य है, तथापि आगामी 30 अप्रैल से 02 मई के मध्य पुनः ऐसे प्रयास किए जाने की आशंका है। प्रदेश में औद्योगिक अशांति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और ऐसी कुत्सित कोशिशों को सख्ती से विफल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने भीषण गर्मी के मद्देनजर सभी बारूद गोदामों एवं आतिशबाजी कारखानों का विशेष निरीक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की सम्भावना को समाप्त किया जा सके तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि आमजन में किसी प्रकार का अनावश्यक पैनिक न हो। आपूर्ति एवं वितरण पूरी तरह सामान्य है। इस सम्बन्ध में समय-समय पर जनसामान्य को अवगत कराया जाए। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में पेट्रोलियम कम्पनियों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक कर आपूर्ति एवं वितरण की समीक्षा करें। नेपाल सीमा से सटे जनपदों में कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्मार्ट बिजली मीटर के सम्बन्ध में उठ रही आशंकाओं के समाधान हेतु विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त होगी। इस बीच सभी जिलों में यू0पी0पी0सी0एल0 द्वारा फीडर-वार एक सप्ताह के विशेष शिविर आयोजित कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का मौके पर ही समाधान कराया जाए। इन शिविरों के सम्बन्ध में व्यापक जन-जागरूकता भी सुनिश्चित की जाए।
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