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यूपी में रंग दे बसंती अभियान शुरू, छात्रों ने बनाए चित्र

August 12, 2026

यूपी में रंग दे बसंती अभियान शुरू, छात्रों ने बनाए चित्र

लखनऊ, 12 अगस्त 26, स्वतंत्रता दिवस से पहले आज उत्तर प्रदेश में युवाओं की रचनात्मकता को अभिव्यक्ति देने के लिए ‘रंग दे बसंती’ अभियान शुरू किया गया। इसके अंतर्गत लखनऊ विश्वविद्यालय के पास भित्तिचित्र कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर के कलाकारों ने माफिया मुक्त और बदलते उत्तर प्रदेश की थीम पर सार्वजनिक भित्तिचित्र बनाए। इन चित्रों के माध्यम से वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश और उसके बाद   हुए बदलावों को दर्शाया गया।

कलाकारों ने राज्य में कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और युवाओं के लिए अवसरों के संदर्भ में बदले हुए सकारात्मक वातावरण को चित्रित किया।

अभियान के अंतर्गत कल मुजफ्फरनगर में एक कॉमिक वितरण और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सांप्रदायिक सद्भाव पर आधारित एक मौलिक कॉमिक वितरित की जाएगी। इसके साथ ही स्कूलों में युवाओं के साथ संवाद भी आयोजित किए जाएंगे। 14 अगस्त को ‘रंग दे बसंती’ अभियान का गीत ‘आज़ादी फ्रॉम फियर’ लॉन्च किया जाएगा।

लखनऊ में नकली दवाओं के संगठित नेटवर्क पर एफएसडीए की बड़ी कार्रवाई, चार के खिलाफ एफआईआर

बिना दवा सप्लाई के करोड़ों की फर्जी बिलिंग का आरोप

*39.20 लाख Zoryl M1 टैबलेट का हिसाब नहीं मिला, बंद फर्म के जरिए भी कागजी लेनदेन*

*एफएसडीए आयुक्त के निर्देश पर राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद थाने में दर्ज की गई एफआईआर*

*लखनऊ, 12 अगस्त।* नकली और संदिग्ध दवाओं की सप्लाई चेन के खिलाफ योगी सरकार सख्ती से निपट रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बुधवार को लखनऊ में एक और बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग के अनुसार, अमीनाबाद में बिना वास्तविक दवा की आपूर्ति किए फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और कागजी लेनदेन के जरिए नकली एवं काउंटरफिट दवाओं को बाजार में खपाने का खेल चल रहा था। मामले में चार आरोपियों के खिलाफ थाना अमीनाबाद में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।

एफआईआर में अंकुर अवस्थी, प्रोपराइटर हेल्थ प्लस, मनीष बाजपेयी, संचालक एमके फार्मा, गोविंद शुक्ला, संचालक राम फार्मा और ऐजाज अहमद, संचालक पैशन्ट केयर सर्जिकल हाउस, सहारनपुर को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इन फर्मों के बीच बिना वास्तविक दवा सप्लाई के आपस में बिलिंग की गई और कागजों पर लेनदेन दिखाकर दवाओं की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड तैयार किया गया।

*बिना लाइसेंस दवाओं का कारोबार करने का आरोप*
विभाग के मुताबिक अमीनाबाद स्थित हेल्थ प्लस के प्रोपराइटर अंकुर अवस्थी ने वैध औषधि लाइसेंस के बिना बड़े पैमाने पर दवाओं के भंडारण और लेनदेन का रिकॉर्ड तैयार किया। जांच में गोविंद शुक्ला की भूमिका भी सामने आई, जिन्हें विभाग ने फर्म के मुख्य कर्ताधर्ताओं में शामिल बताया है। जांच के अनुसार, हेल्थ प्लस और राम फार्मा एक ही फ्लोर पर संचालित हो रहे थे और इनके माध्यम से कथित तौर पर दवाओं के अवैध डायवर्जन और कागजी लेनदेन का नेटवर्क चलाया जा रहा था। सहारनपुर की पैशन्ट केयर सर्जिकल हाउस नामक फर्म, जो पिछले करीब दो वर्षों से बंद बताई गई है, का इस्तेमाल भी कथित तौर पर फर्जी खरीद और कागजी रोटेशन के लिए किया गया।

*8.87 करोड़ रुपये की खरीद दिखाने का दावा*
मामले में एमके फार्मा की भूमिका भी जांच के घेरे में है। विभाग के अनुसार, फर्म के संचालक मनीष बाजपेयी ने वित्तीय वर्ष 2026 में करीब 8.87 करोड़ रुपये की दवाओं की खरीद दिखाई। जांच के दौरान विभाग को कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज मिले, जिनमें अन्य फर्मों के नाम पर Zoryl M1, Augmentin और Dexorange Syrup की खरीद दर्शाई गई थी।
विभाग का कहना है कि साक्ष्य छिपाने के लिए लैपटॉप का पुराना डेटा भी डिलीट किया गया। दवाओं के निर्माताओं और संबंधित फर्मों से सत्यापन कराया गया तो उन्होंने इन दवाओं की बिक्री से इनकार किया और संबंधित बैचों को काउंटरफिट बताया।

*39.20 लाख Zoryl M1 का नहीं मिला हिसाब*
जांच में एमके फार्मा से Zoryl M1 की करीब 39.20 लाख दवाओं का हिसाब नहीं मिलने की बात सामने आई है। विभाग का आरोप है कि इन दवाओं को अवैध तरीके से बाजार में खपाया गया, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और जान को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। एफएसडीए के अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मामले में फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने, कूटरचना, नकली दवाओं के कारोबार और अवैध धन अर्जित करने की आशंका की जांच की जा रही है। इसी आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 111, 276, 277, 278, 318, 319, 336 और 338 के तहत कार्रवाई की गई है।

*लखनऊ में पहले भी सामने आ चुके हैं कई मामले*
नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के खिलाफ चल रहे अभियान में लखनऊ में इससे पहले भी कई बड़ी कार्रवाई की जा चुकी हैं। विभाग के अनुसार, अमीनाबाद की आठ फर्मों और एक सॉफ्टवेयर डिस्ट्रीब्यूटर के खिलाफ फर्जी बिलिंग और सॉफ्टवेयर में हेरफेर के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इनमें महाराजा इंटरप्राइजेज, शिव शक्ति फार्मा, श्री अशोक फार्मास्युटिकल्स, अपोलो फार्मेसी, शिव शक्ति मेडिकल, मीत इंटरप्राइजेज, विद्या फार्म और आरएन फार्मा के साथ मार्ग सॉफ्टवेयर के डिस्ट्रीब्यूटर आबिद अली शामिल हैं।

जुलाई 2026 में अमीनाबाद के एक कथित अवैध गोदाम से करीब 21 लाख रुपये की नकली दवाएं बरामद की गई थीं। इसी तरह आलमबाग मेट्रो स्टेशन के पास करीब 1.60 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं जब्त की गईं। बख्शी का तालाब क्षेत्र में भी अवैध भंडारण और परिवहन के मामले में कार्रवाई की गई।

*आगरा में भी सामने आया बड़ा नेटवर्क*
एफएसडीए के अभियान के दौरान आगरा में भी नकली, री-लेबल की गई और सरकारी सप्लाई की दवाओं के अवैध कारोबार के कई मामले सामने आए हैं। विभाग के अनुसार, कम्बूटोला, मुबारक महल, शू मार्केट और नवबिया मार्केट में की गई कार्रवाई में 15 से अधिक संचालकों के खिलाफ नौ एफआईआर दर्ज कराई गईं।
जांच में कथित तौर पर फर्जी बिलों के जरिए टोरेंट फार्मा की नकली Chymoral Forte और Aciloc जैसी दवाओं की बिक्री तथा ESI और सरकारी कोटे की दवाओं की कालाबाजारी का मामला सामने आया। इसके अलावा अस्पतालों और सरकारी संस्थानों के लिए भेजी गई दवाओं के मूल लेबल हटाकर नए लेबल और मनमानी एमआरपी लगाकर खुले बाजार में बेचने का मामला भी पकड़ा गया।

आगरा में एक अन्य कार्रवाई में Telma-H और Jardiance जैसी दवाओं की कथित री-लेबलिंग तथा निरस्त या कागजी फर्मों के जरिए करीब 1.88 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग का खुलासा हुआ।

विभाग के अनुसार, आगरा में अब तक 3.63 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अवैध, नकली तथा सरकारी/डिफेंस सप्लाई की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। मई 2026 में एक अवैध गोदाम से करीब 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की इंसुलिन, वैक्सीन और डिफेंस/ईएसआई
सप्लाई की दवाएं बिना आवश्यक कोल्ड-चेन के रखी मिली थीं। वहीं, करीब 50 लाख रुपये की नकली Oxalgin DP भी जब्त की गई थी।

*दूसरे राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच*
एफएसडीए अब नकली दवाओं के इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच कर रहा है। विभाग के मुताबिक लखनऊ के अमीनाबाद में एक अवैध गोदाम से बरामद नकली दवाओं के स्रोत की जांच राजस्थान तक पहुंची है। इस मामले में भूपेंद्र शर्मा और ट्रांसपोर्टर सतेन्द्र गुज्जर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। देहरादून में कथित तौर पर विभिन्न ब्रांड की नकली दवाएं तैयार करने वाली एक अवैध निर्माण इकाई के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की गई है। मामले में राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा, विनय भटनागर, गौरव त्यागी और विनय चन्द्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

*लाइसेंस निरस्तीकरण और एजेंटों पर भी होगी कार्रवाई*
विभाग ने नकली और काउंटरफिट दवाओं की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए प्रदेशभर में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश डॉ रोशन जैकब ने सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े कारोबारियों, स्थानीय थोक फर्मों और एजेंटों पर लगातार निगरानी रखने को कहा है। उनके अनुसार, जांच में दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों के लाइसेंस निरस्त करने के साथ उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। उद्देश्य नकली, अमानक, री-लेबल और अवैध दवाओं की सप्लाई चेन को उसके स्रोत तक पहुंचकर समाप्त करना है।

लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की पुण्यतिथि पर गुरुवार को प्रदेश व्यापी कार्यक्रम

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लखनऊ/कानपुर। पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की पुण्यतिथि के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा मोर्चा गुरुवार को प्रदेश के सभी जनपदों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर लोकमाता को श्रद्धांजलि अर्पित करेगा। भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने प्रदेश के सभी जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों को पत्र जारी कर कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
श्री प्रकाश पाल ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की ऐसी महान शासिका थीं, जिन्होंने अपने शासनकाल में जनकल्याण, न्याय, सुशासन और सनातन संस्कृति के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने देशभर के अनेक तीर्थस्थलों और मंदिरों का पुनर्निर्माण एवं जीर्णोद्धार कराया तथा सनातन संस्कृति के गौरव को पुनर्स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन समाज के लिए सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा है।
भाजपा पिछड़ा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से सीधा सवाल करते हुए कहा कि औरैया जनपद के बिधूना में स्थापित राजकीय महाविद्यालय का नाम एक समय लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर था, फिर उसे क्यों बदला गया? उन्होंने पूछा कि नाम बदलने का कारण कहीं यह तो नहीं था कि अहिल्याबाई होलकर अति पिछड़े समाज से आती थीं? अथवा इसका कारण यह था कि उन्होंने मुगल आक्रांताओं द्वारा ध्वस्त किए गए तीर्थस्थलों एवं मंदिरों का पुनर्निर्माण कराया था?
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को प्रदेश की जनता को जवाब देना चाहिए कि क्या उन्हें लोकमाता अहिल्याबाई द्वारा सनातन संस्कृति, मठ-मंदिरों और तीर्थस्थलों के संरक्षण के कार्य से आपत्ति थी? क्या उनके इसी योगदान के कारण उनके नाम से जुड़े शिक्षण संस्थान का नाम बदला गया था? प्रकाश पाल ने कहा, “अखिलेश यादव जी जवाब दीजिए, देवी अहिल्याबाई होलकर से क्यों है द्वेष?”
प्रकाश पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों से प्रेरणा लेने वाले उनके अनुयायी हैं। अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उनके योगदान को स्मरण किया गया। भाजपा सरकार ने प्रयागराज में संगम तट पर लोकमाता की भव्य प्रतिमा स्थापित कर उन्हें सम्मान दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनके सम्मान में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, सोमनाथ मंदिर में उनकी भव्य प्रतिमा स्थापना के साथ ही, सिक्का और डाक टिकट जारी किया गया। वहीं काशी और सोमनाथ में भी लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की भव्य प्रतिमाएं स्थापित कर उनके आदर्शों एवं सिद्धांतों को सम्मान दिया गया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने औरैया जनपद में मेडिकल कॉलेज का नाम पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर के नाम पर स्थापित कर लोकमाता के सम्मान को पुनर्स्थापित किया। यह निर्णय पिछड़े और अति पिछड़े समाज सहित पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
प्रकाश पाल ने कहा कि भाजपा सरकारें महापुरुषों और महान विभूतियों के सम्मान तथा उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। इसके विपरीत विपक्ष को यह बताना चाहिए कि उसने महापुरुषों के सम्मान में क्या किया।
उन्होंने बताया कि पुण्यतिथि के अवसर पर सभी जनपदों में श्रद्धांजलि सभाएं, माल्यार्पण, संगोष्ठियां एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कार्यकर्ता लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन, संघर्ष, सुशासन और सनातन संस्कृति के संरक्षण में उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर केवल एक समाज की नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत की गौरवशाली विरासत हैं। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र और समाज के निर्माण का संकल्प ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

रक्षाबंधन पर बहनों की सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए यूपी में चलेंगी अतिरिक्त बसें

कानून व्यवस्था की समीक्षा करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

योगी सरकार ने दिया बहनों को तोहफा, 26 से 31 अगस्त तक रहेगी विशेष सतर्कता

*रक्षाबंधन के लिए परिवहन निगम की शत-प्रतिशत बसें ऑनरोड रखने के निर्देश*

*दिल्ली से मुरादाबाद, बरेली, अलीगढ़, कानपुर होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी परिवहन कनेक्टिविटी*

*यात्रियों की सहायता के लिए 24 घंटे संचालित होगा कंट्रोल रूम, बेहतर व्यवस्था की होगी निगरानी*

*त्योहार के दौरान छुट्टियों पर रोक, कर्मचारियों को विशेष प्रोत्साहन राशि देने का प्रबंध*

*लखनऊ, 12 अगस्त 2026।* रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहनों को अपने भाइयों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए योगी सरकार ने व्यापक परिवहन व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने 26 अगस्त से 31 अगस्त तक छह दिनों के लिए प्रदेश में अतिरिक्त बसों के संचालन के निर्देश दिए हैं। सरकार के इस फैसले से त्योहार के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध होने की उम्मीद है।

परिवहन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रक्षाबंधन पर प्रदेश की बहनों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। त्योहार से पहले और उसके बाद यात्रियों की संख्या बढ़ने को देखते हुए परिवहन निगम को अधिकतम बसों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर यात्रियों की अधिक आवाजाही को देखते हुए इस दिशा में अतिरिक्त सेवाएं बढ़ाने पर जोर दिया गया है। यात्रियों की मांग के अनुसार लखनऊ और कानपुर समेत विभिन्न प्रमुख गंतव्यों के लिए भी अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी।

*बस अड्डों पर मिलेंगी बेहतर सुविधाएं*
योगी सरकार ने केवल बसों की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि यात्रियों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया है। सभी बसों और बस स्टेशनों पर साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, यात्री प्रतीक्षालयों में पर्याप्त रोशनी और पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बस संचालन की जानकारी यात्रियों तक लगातार पहुंचाने के लिए 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी की जाएगी। भीड़ वाले बस स्टेशनों पर पर्यवेक्षकों की निरंतर मौजूदगी रहेगी, जबकि डिपो और क्षेत्रीय अधिकारी भी व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।

*दिल्ली से पूर्वांचल तक बढ़ेगी परिवहन कनेक्टिविटी*
परिवहन निगम के एमडी प्रभु एन. सिंह ने भी क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को आवश्यकतानुसार बस संचालन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली से मुरादाबाद-बरेली होते हुए पूर्वी क्षेत्रों और दिल्ली से अलीगढ़-कानपुर होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बसों के संचालन संबंधी मौजूदा प्रतिबंधों में जरूरत के मुताबिक छूट देने का प्रावधान किया गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य त्योहार के दौरान यात्रियों की वास्तविक मांग के अनुरूप बसों की उपलब्धता बढ़ाना है, ताकि किसी भी प्रमुख मार्ग पर यात्रियों को लंबे समय तक बस का इंतजार न करना पड़े।

*चालक-परिचालकों और तकनीकी कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि*
रक्षाबंधन के दौरान लगातार सेवाएं देने वाले परिवहन कर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजना लागू की गई है। छह दिनों में निर्धारित शर्तों के साथ 1800 किलोमीटर बस संचालन पूरा करने वाले पात्र चालक-परिचालकों को 1200 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। संविदा चालक-परिचालकों को 1800 किलोमीटर से अधिक संचालन पर अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 55 पैसे प्रति किलोमीटर की अतिरिक्त राशि का प्रावधान है।

डिपो और क्षेत्रीय कार्यशाला में छह दिनों तक प्रतिदिन उपस्थित रहने वाले पात्र तकनीकी कर्मचारियों को 500 रुपये एकमुश्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। हालांकि चालक-परिचालकों के लिए योजना की पात्रता सेवा के 64 प्रतिशत से अधिक लोड फैक्टर से जुड़ी होगी। चिन्हित बस स्टेशनों पर बेहतर व्यवस्था बनाए रखने वाले कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों के प्रोत्साहन के लिए भी 90 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

रजत पदक विजेता तीन खिलाड़ियों को जिला युवा कल्याण अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई कमेटी की बैठक में लिया गया फैसला

लखनऊ: मुख्य सचिव श्री एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में आयोजित कमेटी की बैठक में वर्ष 2022 के एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कमेटी द्वारा पदक विजेता खिलाड़ियों श्री नितिश कुमार, श्री अजय कुमार सरोज और श्री नीरज को जिला युवा कल्याण अधिकारी के पद पर नियुक्त किए जाने पर सहमति प्रदान की गई।
बैठक में खिलाड़ियों की उपलब्धियों और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने में उनके योगदान को देखते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि मा०मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को सम्मान एवं अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और सभी आवश्यक कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाए। यह भी कहा कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी पद सृजन एवं नियुक्ति प्रक्रिया को त्वरित गति से पूर्ण कराया जाए।
कमेटी के इस निर्णय से वर्ष 2022 के एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले इन खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ प्रशासनिक सेवा में भी अपनी प्रतिभा का उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में आयोजित 19वें एशियन गेम्स की नौकायन (रोइंग) पुरुष स्पर्धा में श्री नितिश कुमार एवं श्री नीरज तथा एथलेटिक्स पुरुष 1500 मीटर दौड़ स्पर्धा में श्री अजय कुमार सरोज ने रजत पदक प्राप्त किया था।
बैठक में प्रमुख सचिव नियुक्ति श्री एम०देवराज, सचिव खेल श्री सुहास एल०वाई, खेल निदेशक श्री आर०पी०सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
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