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रजत पदक विजेता तीन खिलाड़ियों को जिला युवा कल्याण अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय

August 12, 2026

रजत पदक विजेता तीन खिलाड़ियों को जिला युवा कल्याण अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई कमेटी की बैठक में लिया गया फैसला

लखनऊ: मुख्य सचिव श्री एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में आयोजित कमेटी की बैठक में वर्ष 2022 के एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कमेटी द्वारा पदक विजेता खिलाड़ियों श्री नितिश कुमार, श्री अजय कुमार सरोज और श्री नीरज को जिला युवा कल्याण अधिकारी के पद पर नियुक्त किए जाने पर सहमति प्रदान की गई।
बैठक में खिलाड़ियों की उपलब्धियों और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने में उनके योगदान को देखते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि मा०मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को सम्मान एवं अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और सभी आवश्यक कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाए। यह भी कहा कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी पद सृजन एवं नियुक्ति प्रक्रिया को त्वरित गति से पूर्ण कराया जाए।
कमेटी के इस निर्णय से वर्ष 2022 के एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले इन खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ प्रशासनिक सेवा में भी अपनी प्रतिभा का उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में आयोजित 19वें एशियन गेम्स की नौकायन (रोइंग) पुरुष स्पर्धा में श्री नितिश कुमार एवं श्री नीरज तथा एथलेटिक्स पुरुष 1500 मीटर दौड़ स्पर्धा में श्री अजय कुमार सरोज ने रजत पदक प्राप्त किया था।
बैठक में प्रमुख सचिव नियुक्ति श्री एम०देवराज, सचिव खेल श्री सुहास एल०वाई, खेल निदेशक श्री आर०पी०सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
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ब्रह्मभोज में बुलाकर बेरहमी से मार डाला

अपराधियों के आगे बेबस है गोरखपुर पुलिस

आरोपितों को गिरफ्तार कर भले ही पुलिस अफसर अपनी पीठ थपथपा रहे हों, लेकिन यह बड़ी नाकामी है

सिकरीगंज थाना क्षेत्र में हुई घटना का मामला

लखनऊ। सूबे के गोरखपुर जिले में बेखौफ अपराधियों के आगे पुलिस बेबस नजर आ रही है। एक के बाद एक बढ़ती आपराधिक वारदात से नागरिक दहशत में हैं।
गोरखपुर जिले के सिकरीगंज थाना क्षेत्र में ब्रह्मभोज में बुलाकर जिस तरह से बेखौफ कातिलों ने शिवकुमार त्रिपाठी को धारदार हथियार से हमला कर मौत की नींद सुलाया तो इससे यही लग रहा है कि इस सनसनीखेज घटना कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती है।
सिकरीगंज थाना क्षेत्र स्थित अहिरौली खुर्द गांव में हुई यह दुस्साहसिक वारदात ने मानो पुलिस अधिकारियों के दावों की पोल खोल कर रख दी है। इस घटना के बाद एक बार फिर जिले के लोग दहशत में नजर आ रहे हैं और पुलिस के प्रति उनके भीतर गुस्सा भी है।
दरअसल इस जिले में इससे पहले भी कई संगीन वारदातें हो चुकीं हैं उदाहरण के तौर पर नजर डालें तो कानपुर जिले के रहने वाले कारोबारी मनीष की हत्या किसी पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि खाकी वर्दी वालों ने होटल के भीतर चेकिंग करने के बहाने पीट-पीटकर मौत की नींद सुला दिया था।
सिकरीगंज थाना क्षेत्र स्थित अहिरौली खुर्द गांव में पुरानी रंजिश को लेकर शिवकुमार त्रिपाठी को ब्रह्मभोज में शामिल होने के लिए बुलाया गया, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि जिन लोगों ने उन्हें बुलाया वहीं लोग उनके सीने में खंजर भोंककर मौत की नींद सुला देंगे। यही हुआ कार्यक्रम चल रहा था लोग एक-दूसरे से मिल रहे थे कि तभी मौका पाकर हत्यारों ने शिवकुमार त्रिपाठी को एक स्कूल के पीछे ले जाकर धारदार हथियार से हत्या कर हत्यारों ने सनसनी फैला दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर डॉ कौस्तुभ के निर्देशन में पुलिस की टीमें कातिलों को पकड़ने में कामयाब रही, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि कातिल शिवकुमार त्रिपाठी के ऊपर खंजर चलाकर मौत के घाट उतार दिया और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग सकी थी।
पुलिस ने आशुतोष चौधरी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। बताया जा रहा है कि सभी आरोपित सिकरीगंज थाना क्षेत्र स्थित अहिरौली खुर्द गांव के निवासी हैं।

August 11, 2026

समर्थन के पूर्व राजनीतिक दलों से संविधान की कसौटी पर 10 प्रश्न

Amitabh Thakur IPS

*लखनऊ।* आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 के संदर्भ में आज कहा है कि किसी भी राजनीतिक दल के साथ संभावित चुनावी गठबंधन, सहयोग अथवा समर्थन पर विचार करने से पूर्व उनकी पार्टी प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के समक्ष “संविधान की कसौटी पर 10 प्रश्न” रखेगी।

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि चुनावी गठबंधन केवल राजनीतिक सुविधा या सीटों के बंटवारे पर आधारित नहीं होने चाहिए। उनका आधार संविधान, सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा नागरिक अधिकारों के प्रति स्पष्ट एवं सार्वजनिक प्रतिबद्धता होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों में ये दस प्रश्न सार्वजनिक किए जाएंगे तथा उत्तर प्रदेश की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों को लिखित रूप से भेजे जाएंगे। प्राप्त सभी उत्तर बिना किसी परिवर्तन के जनता के समक्ष रखे जाएंगे, ताकि मतदाता स्वयं विभिन्न दलों की संवैधानिक प्रतिबद्धता का मूल्यांकन कर सकें।

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि उनकी जानकारी में संभवतः पहली बार कोई राजनीतिक दल या उसका अध्यक्ष चुनावी सहयोग अथवा समर्थन पर निर्णय लेने से पूर्व सभी प्रमुख राजनीतिक दलों से संवैधानिक एवं नीतिगत प्रश्नों पर सार्वजनिक उत्तर मांगेगा। उन्होंने कहा कि जनता से जनादेश मांगने वाले प्रत्येक राजनीतिक दल का यह लोकतांत्रिक दायित्व है कि वह जनता के मूलभूत संवैधानिक प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर दे।

“संविधान की कसौटी पर 10 प्रश्न” अगले कुछ दिनों में सार्वजनिक किए जाएंगे।

शमन आवेदन’ को टालमटोल का हथियार बनाने वालों पर होगी कार्रवाई*

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिये निर्देश*

– *जोन वार शमन के लंबित प्रकरणों को निस्तारित करने का दिया टारगेट*

– *नयी पहलः अब से एलडीए की वेबसाइट पर आपत्ति-सुझाव दर्ज करा सकेंगे लोग*

लखनऊ में नियमों के विपरीत निर्माण करा रहे बिल्डर अब शमन आवेदन की आड़ लेकर बच नहीं पाएंगे। एलडीए ऐसे बिल्डरों/भवन स्वामियों को चिन्हित करेगा, जिन्होंने शमन के लिए आवेदन तो कर दिया, लेकिन उसके बाद न तो निर्धारित शुल्क जमा किया और न ही सही तरीके से मानचित्र जमा किया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मंगलवार को शमन मामलों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिये हैं।

उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने शमन के जोन वार लंबित मामलों की समीक्षा की। इसमें पाया गया कि प्रवर्तन की कार्रवाई प्रचलित होने पर कुछ बिल्डरों ने शमन मानचित्र के लिए ऑनलाइन आवेदन तो कर दिया, लेकिन उसके बाद आगे की प्रक्रिया में किसी भी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखायी। इतना ही नहीं, अधिकारियों द्वारा संपर्क करने पर भी वह लोग लंबे समय से टालमटोल का रवैया अपनाये हुये हैं। उपाध्यक्ष ने ऐसे समस्त प्रकरणों को चिन्हित करके सम्बंधित भवन स्वामियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। जिसके अंतर्गत एक सप्ताह के अंदर अभियान चलाकर ऐसे निर्माण कार्यों को सील किया जाएगा। साथ ही विहित प्राधिकारी न्यायालय में पैरवी करके नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करायी जाएगी।

*सही मामलों में हो अविलम्ब निस्तारण*
समीक्षा बैठक में पाया गया कि शमन के कुछ मामलों में भवन स्वामी नियमानुसार एफ0ए0आर0 (फ्लोर एरिया रेशियो) खरीदने पर सहमत हैं और समस्त शुल्क जमा करना चाहते हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने निर्देश दिये कि सही मामलों में बिना देर किये निस्तारण करते हुए शमन मानचित्र जारी किया जाए। जिससे कि भवन स्वामियों को बेवजह परेशान न होना पड़े।

*ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे आपत्ति-सुझाव*
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करके आपत्ति-सुझाव आमंत्रित किये जाते हैं। इसमें लोग प्रार्थना पत्र के माध्यम से आपत्ति-सुझाव दर्ज कराते हैं। निर्धारित अवधि पूरी होने पर आपत्ति-सुझाव संकलित करने में पत्रावली कई पटलों पर जाती है, जिसमें अनावश्यक समय लगता है। ऐसे में अब से लोगों को एलडीए की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आपत्ति-सुझाव दर्ज करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसमें लोग टिप्पणी के साथ सम्बंधित दस्तावेज भी अटैच कर सकेंगे।

अमिताभ श्रीवास्तव की लखनऊ व्यापार मण्डल में घर वापसी

लखनऊ मंगलवार को वेवियन रेस्टोरेंट, भूतनाथ, लखनऊ में ट्रान्सगोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित एक गरिमामय समारोह में वरिष्ठ व्यापारी नेता अमिताभ श्रीवास्तव ने लखनऊ व्यापार मण्डल में घर वापसी की। इस अवसर पर उनका पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।

अमिताभ श्रीवास्तव के साथ दीपक चौहान, संतोष त्रिपाठी, कृष्णवीर सिंह, आशीष शर्मा, गौतम सिंह, सूरज यादव, अक्षय जायसवाल, अनुज सिन्हा, सुशील श्रीवास्तव, रजनीश टोडरिया, अभिषेक राय, धर्मेंद्र तिवारी, सिद्धार्थ जैन, शशि प्रताप सिसोदिया, राहुल शर्मा, मनोज सिंह, शुभम पांडे, सुधीर कुमार, अभिजीत सिंह, हेमेंद्र सिंह, विशाल चौहान, मनु शुक्ला, दीपक शुक्ला, विक्की दयालानी, निखिल विशनानी, अमन बक्शी, निखिल तोलानी, तरुण वाधवानी, दीपक अग्रवाल, गौरव बाजपेई, रोहित राठौर, शिवम पटेल, विशाल अग्निहोत्री एवं शिवमूरत सहित सैकड़ों व्यापारियों ने लखनऊ व्यापार मण्डल की सदस्यता ग्रहण कर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि लखनऊ व्यापार मण्डल सदैव व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहा है। संगठन की एकजुटता ही व्यापारियों की सबसे बड़ी शक्ति है और सभी व्यापारियों को एक मंच पर रहकर अपने अधिकारों एवं समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करना चाहिए।

ट्रान्सगोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव की घर वापसी से संगठन को नई ऊर्जा एवं मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी नवसदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके जुड़ने से व्यापारियों के हितों की लड़ाई और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने यू.पी.आई. लेन-देन पर किसी भी प्रकार का शुल्क लगाए जाने का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि इससे व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं दोनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा तथा डिजिटल भुगतान व्यवस्था प्रभावित होगी।

सरकार को यू.पी.आई. लेन-देन पूर्णतः निःशुल्क बनाए रखना चाहिए।
अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव हमारे छोटे भाई की तरह थे, हैं और हमेशा रहेंगे।

उनकी घर वापसी से संगठन और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लालफीताशाही एवं कुछ सरकारी अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का उत्पीड़न चरम पर है। व्यापारियों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है मानो वे बंधुआ मजदूर हों, जबकि उनकी समस्याओं की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।

उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो व्यापारियों को अपनी जायज मांगों के समर्थन में लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष एवं आंदोलन के लिए सदैव तैयार रहना होगा। नगर निगम द्वारा जियो टैगिंग के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।

वहीं शहर में अतिक्रमण एवं ई-रिक्शा संचालन को लेकर स्पष्ट नीति के अभाव में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे बाजारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों तक व्यापारियों की आवाज पहुंचने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में संगठित संघर्ष ही एकमात्र प्रभावी विकल्प रह जाता है।

वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने कहा कि लखनऊ व्यापार मण्डल सदैव व्यापारियों के सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और सभी बाजारों के व्यापारियों से संगठन से जुड़कर इसे और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
वरिष्ठ महामंत्री उमेश शर्मा ने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव के लखनऊ व्यापार मण्डल में पुनः शामिल होने से संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव का व्यापारियों के बीच व्यापक जनाधार और लंबा अनुभव संगठन को और अधिक सशक्त बनाएगा। उनके नेतृत्व और सक्रिय सहभागिता से व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन का संघर्ष और प्रभावी होगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके साथ जुड़ने से बड़ी संख्या में व्यापारी लखनऊ व्यापार मण्डल से जुड़ेंगे और संगठन निरंतर मजबूत होता जाएगा।
कोषाध्यक्ष सुहैल हैदर अल्वी ने कहा कि व्यापारी वर्ग देश एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन सबसे अधिक उपेक्षा भी उसी की हो रही है।

विभिन्न विभागों की जटिल प्रक्रियाओं, अनावश्यक नोटिसों एवं प्रशासनिक उत्पीड़न से व्यापारी परेशान हैं। लखनऊ व्यापार मण्डल व्यापारियों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी मजबूती से संघर्ष करता रहेगा।

व्यापारियों ने जुलूस के रूप में पूरे बाजार का भ्रमण किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित व्यापारियों ने लखनऊ व्यापार मण्डल को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय संगठन बनाने तथा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अमरनाथ मिश्र, देवेंद्र गुप्ता, पवन मनोचा, उमेश शर्मा, उत्तम कपूर जिला महामंत्री अरविंद पाठक, नितिन जैन, अभिषेक सिंह चौहान सतनाम सिंह मनीष वर्मा, अभिषेक गुप्ता, चिराग जाखोड़िया ऋषी मेहरा रिक्कू यादव एवं विशाल चौरसिया सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

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