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आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ किया

July 26, 2026

आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ किया

 लखनऊ: 26 जुलाई, 2026, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्राचीन काल से ही भारतीय परम्परा में शिक्षकों का सर्वोच्च स्थान रहा है। व्यक्ति के सामान्य जीवन, शासकीय व्यवस्था तथा गुरुकुल परम्परा में गुरुओं का एक विशिष्ट महत्व रहा है। जब दुनिया अंधकार में जी रही थी, तब भारत तक्षशिला और नालन्दा जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालयों का संचालन कर रहा था।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों एवं उनके आश्रित परिजनों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किए। मुख्यमंत्री जी के समक्ष उच्च शिक्षा विभाग तथा पंजाब नेशनल बैंक के मध्य शिक्षकों एवं कार्मिकों की सामाजिक सुरक्षा हेतु एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा विभाग की उपलब्धियों तथा मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विश्वविद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों एवं नवीन शैक्षिक प्रयोगों की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज उन्हें गुरु पूर्णिमा के पूर्व मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का उपहार उच्च शिक्षण संस्थानों के सभी प्राध्यापकों, अध्यापकों, उनके परिवार के सदस्यों आदि को प्रदान करते हुए सुखद अनुभूति हो रही है। इस सुविधा के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, राजकीय या शासकीय सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय या स्ववित्तपोषित प्रबन्धन के अन्तर्गत संचालित विश्वविद्यालयों या महाविद्यालयों को कवर किया जा रहा है। साथ ही, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इससे जोड़ा जा रहा है। प्रदेश भर के 02 लाख उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक सहित उनके परिवार के लगभग 10 लाख सदस्य इस सुविधा से कवर होने जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी शिक्षक इस सुविधा का बेहतर उपयोग करते हुए देश की एकता और अखण्डता तथा प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज जनपद आगरा से उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों एवं उनके आश्रितों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना प्रारम्भ हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने समयबद्ध तरीके से सम्पूर्ण कार्ययोजना को आगे बढ़ाया है। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री स्वयं हरदोई में योजना का शुभारम्भ कर रही हैं। अलग-अलग जनपदों में अलग-अलग मंत्रिगण इस योजना का शुभारम्भ कर रहे हैं। कैशलेस सुविधा के साथ ही उच्च शिक्षा विभाग तथा पंजाब नेशनल बैंक के मध्य शिक्षकों एवं कार्मिकों की सामाजिक सुरक्षा हेतु एम0ओ0यू0 का निष्पादन किया गया है। इसके माध्यम से आपको सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दुर्भाग्यवश यदि किसी शिक्षक के साथ कोई घटना-दुर्घटना होती है, तो एम0ओ0यू0 के अन्तर्गत शिक्षक के परिवार को योजना के तहत पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 1.5 करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर, 03 करोड़ रुपये तक का हवाई दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर, 60,000 रुपये तक का अस्पताल नकद लाभ, 12 लाख रुपये तक का टर्म लाइफ बीमा कवर आदि लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह एक बेहतरीन सुविधा है, जिससे अब तक उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक लाभान्वित नहीं थे। इसमें प्रतिवर्ष 05 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा राज्य सरकार उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार के सहयोग से सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी भी उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दुर्भाग्यवश कोई भी शिक्षक दुर्घटना का शिकार न हो, किसी को हॉस्पिटल न जाना पड़े। लेकिन घटनाएँ-दुर्घटनाएँ बोल कर नहीं आतीं। कोई भी व्यक्ति उसकी चपेट में आ सकता है। यदि ऐसा होता है, तो वह व्यक्ति या उसका परिवार उस समय स्वयं को असहाय महसूस न करें। पूरा तंत्र, शासन एवं बैंकर्स उनके साथ खड़े हैं, ताकि वह चुनौती का मुकाबला कर सके।
मुख्यमंत्री जी ने पंजाब नेशनल बैंक से अनुरोध किया कि स्ववित्तपोषित और निजी विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भी इस योजना से कवर करने की व्यवस्था करे, ताकि उनके साथ कोई घटना-दुर्घटना होने पर उन्हें भी बीमा कवर उपलब्ध कराया जा सके। इसके दृष्टिगत व्यवस्था आगे बढ़ानी चाहिए। इस व्यवस्था में अभी तक शिक्षणेत्तर कर्मचारी नहीं सम्मिलित थे। लेकिन उच्च शिक्षण संस्थानों व विश्वविद्यालयों में कार्यरत 50 हजार शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस व्यवस्था से कवर करने के कार्य को आगे बढ़ाने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तक्षशिला अविभाजित भारत का हिस्सा था। ढाई हजार वर्ष पूर्व तक्षशिला नामक विश्वविख्यात विश्वविद्यालय था। तक्षशिला विश्वविद्यालय आज के पाकिस्तान में स्थित है। तक्षशिला का नाम प्रभु श्रीराम के अनुज भरत के पुत्र तक्ष के नाम पर पड़ा। यहाँ दुनिया भर से आए हुए स्नातकों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पारंगत किया जाता था। इसी विश्वविद्यालय में एक विश्वविख्यात जीवक नामक वैद्य हुए। उन्होंने तक्षशिला में अध्ययन पूर्ण किया। वह लम्बे समय तक तक्षशिला में रहे। जब वह अपने देश काशी वापस आना चाहते थे, तो उनके आचार्य ने जाने से पूर्व उनसे अन्तिम परीक्षा ली। उनके गुरु ने वन से ऐसी वनस्पति लाने का दौयित्व सौंपा, जिसमें कोई औषधीय गुण न हो। जीवक ने अनेक दिनों और महीनों तक पूरे वन का अध्ययन किया। वन में जीवक को कोई भी ऐसी वनस्पति नहीं मिली, जिसमें कोई औषधीय गुण न हो। जीवक ने वापस आकर अपने आचार्य से कहा ‘नास्ति मूलं अनौषधमं’ अर्थातयानी कोई भी ऐसी वनस्पति नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हो। प्रत्येक वनस्पति में औषधीय गुण हैं। इस पर आचार्य प्रसन्न हुए। उनके गुरु ने कहा प्रत्येक वनस्पति में कोई न कोई औषधीय गुण जरूर है।
भारतीय ऋषि परम्परा में कहा गया है ‘अमंत्रमक्षरम् नास्ति, नास्ति मूलमनौषधम्, अयोग्यः पुरुषो नास्ति, योजकस्तत्र दुर्लभः’ अर्थात दुनिया में ऐसा कोई अक्षर नहीं, जिससे मंत्र न बन सके, ऐसी कोई जड़ या पौधा नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हो और ऐसा कोई मनुष्य नहीं, जो अयोग्य हो, दुर्लभ तो ऐसे व्यक्ति हैं, जो उन्हें सही तरीके से उपयोग करना जानते हों। योग्यता जरूर होगी। लेकिन उसके लिए योजक चाहिए। जैसे वनस्पति को ढूंढने के लिए कोई वैद्य चाहिए, जैसे अक्षर को जोड़ने के लिए कोई भाषा-शास्त्री चाहिए। इसी प्रकार मनुष्य को योग्य बनाने के लिए कोई योजक चाहिए। वह योजक आप सभी शिक्षक हैं। एक छात्र को सही दिशा प्रदान करने के लिए योजक के रूप में आपकी भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। आप छात्रों को जीवन के अनुशासन का महत्व बताते हैं। शिक्षकों को इसीलिए महत्व दिया गया है कि आप शिष्यों के गुणों को उजागर कर सही मार्ग दिखा सके और सन्मार्ग की ओर उन्मुख कर सके। छात्र किसी भटकाव का शिकार न हों, इसके लिए पहले दिन से प्रयास करना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले जब हम लोग पढ़ते थे, तो परिवार के सदस्य न्यूज़ पेपर पढ़ने पर बल देते थे। हमें अपनी पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ कुछ रेफरेंस बुक्स को भी पढ़ना चाहिए। पुस्तकालयों में ऐसी पुस्तकें भी होती हैं, जो ज्ञानवर्धक होती हैं। वह पुस्तकें पाठ्यक्रम का हिस्सा भले ही न हों, तब भी उसके बारे में हमें बताया जाता था। पहले प्रत्येक व्यक्ति के मन में कुछ नया करने का भाव रहता था। वह ऐसी रचनाएँ भी करता था, जो स्वयं में कालजयी हो जाती थीं। उनकी रचनाएँ लोगों के लिए प्रेरणा बन जाती थीं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनगणना के समय शिक्षकों को गाँव या मोहल्ले के बारे में तथा उसके सामाजिक और आर्थिक अध्ययन का अवसर मिलता है। वह आंकड़े कलेक्ट करते हैं। एक पृष्ठभूमि के रूप में प्रत्येक जगह की कुछ विशेषताएँ होती हैं। हमें उस स्थान की समृद्ध परम्परा के बारे में जानकारी रखनी चाहिए। यह आपकी पर्सनल नॉलेज के लिए बहुत आवश्यक होगा। सत्र की पहली क्लास को आप रूटीन के पाठ्यक्रम की बजाय परिचयात्मक रूप से लें। पाठ्यक्रम का सामान्य परिचय बच्चे को देकर रोचक माहौल बनाने का प्रयास करंे। इससे क्लास के प्रत्येक छात्र के मन में उसे जानने की जिज्ञासा उत्पन्न होगी तथा उसे विद्यालय आने की इच्छा जाग्रत होगी। हमें बीच-बीच में ऐसे प्रयास करने चाहिए, जिससे प्रत्येक छात्र आकर्षित हो सके। उनके पाठ्यक्रम को और सुरुचिपूर्ण एवं सरल बनाना चाहिए। इससे उनके मन में आपके प्रति सम्मान, श्रद्धा और आस्था का भाव जगेगा। जब-जब भारत में शिक्षकों के प्रति श्रद्धा भाव जाग्रत हुआ है, तब-तब भारत ने नए प्रतिमान स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूरे समाज में कई वर्ग हैं, जो प्रिण्ट मीडिया, अखबार, न्यूज़ चैनल तथा सोशल मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया की खबरों की जानकारी प्राप्त करते हैं। 60 प्रतिशत यूथ का तबका ऐसा है, जो स्मार्टफोन देखकर देश-दुनिया की जानकारी प्राप्त कर रहा है। स्मार्टफोन पर न्यूज़ के रूप में जिस विषय पर ज्यादा सामग्री उपलब्ध हो, उसे छात्र देखकर सच मान लेते हैं। यह जरूरी नहीं कि वह न्यूज़ सच हो। पहले हम मीडिया, न्यूज़ पेपर की खबर पढ़ते थे। सच मानकर उस पर विश्वास करते थे।
न्यूज़ पेपर ने देश के स्वाधीनता आन्दोलन और जनचेतना जागरूक करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया है। उसमें एक जवाबदेही भी है। यदि कोई गलत न्यूज़ दे रहा है, तो हमें रिपोर्टर तथा एडिटर का नाम मालूम है। विजुअल मीडिया तथा चैनल के प्रतिनिधि की भी जानकारी है, लेकिन सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति फेक अकाउण्ट बनाकर समाज में विद्वेष पैदा कर सकता है। आपने इसके अनेक उदाहरण देखे होंगे। सही तथ्य की जानकारी तथा आत्म-अनुशासन न होने के नाते पूरा सिस्टम अक्सर अव्यवस्था और अराजकता का शिकार होता है। इसका खामियाजा वर्तमान और भविष्य सभी को भुगतना पड़ता है। यदि वर्तमान और भविष्य दोनों को सही दिशा में लेकर चलना है, तो छात्रों को आत्म अनुशासन के महत्व के बारे में बताना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस आज की आवश्यकता है। बदलती हुई दुनिया में हम इससे पीछे नहीं रह सकते और मुँह नहीं मोड़ सकते। छात्रों को मोटिवेट करें। सच और झूठ के बारे में बताएं। उन्हें इस प्लेटफॉर्म के बारे में तथ्यों से अवगत कराएं। इसे स्वयं के लिए कल्याणकारी तथा देश व सोसाइटी के लिए उपयोगी बनाने का प्रयास करना चाहिए। इस पर अच्छे कण्टेंट डालने चाहिए। अच्छे उदाहरण के माध्यम से लोगों को प्रभावित करना चाहिए।
विद्यार्थियों को गुमनाम लोग, प्लेटफॉर्म व फेक अकाउण्ट के बारे में बताएं। गुमराह करने वाले तथ्यों से हमें दूरी बनानी चाहिए। अपना न्यूनतम समय उस पर खर्च करना चाहिए। इसके लिए शिक्षक समाज को आगे आना होगा। यदि सही तथ्यों की जानकारी लेनी है, तो फिर से पढ़ने-पढ़ाने की आदत को पुख्ता करना होगा। हमें लाइब्रेरी जाने की आदत डालनी होगी। पाठ्यक्रम के अलावा, रेफरेंस बुक्स को भी देखें। कुछ धर्म ग्रंथों की तरफ उन्मुख हों। यदि हम इनके बारे में छात्रों को बताएंगे, तो देश का कल्याण होगा। देश सही दिशा में आगे बढ़ेगा और आपका गुणगान करेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से सभी संस्थानों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध हुआ है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अन्तर्गत डुएल डिग्री ले सकते हैं। इसे अनिवार्य किया जाना चाहिए। प्रत्येक शिक्षक एवं छात्र को आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस की जानकारी होनी चाहिए। राज्य सरकार ने प्रत्येक जनपद में टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक तथा आई0टी0आई0 में आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स तथा 3-डी प्रिण्ंिटग की जानकारी देने के लिए सुविधा उपलब्ध करायी है। यह बहुत कठिन नहीं है, बस थोड़ा प्रयास करने की आवश्यकता है। हमें इसकी जानकारी होनी चाहिए। इसकी जानकारी देश एवं समाज के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिन लोगों को भारत की प्रगति अच्छी नहीं लग रही, वह किसी न किसी रूप में समाज में विद्वेष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। वह हमेशा अव्यवस्था का वातावरण उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं। एक दिग्भ्रमित समाज सदैव नकारात्मकताओं से भरकर स्वयं का नुकसान करता है। इस प्रकार की स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए सदैव सतर्क रहना होगा। शिक्षण संस्थानों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों को राष्ट्रभक्ति तथा राष्ट्र प्रेरणा के इनोवेशन के रिसर्च केन्द्र के रूप में स्थापित करना होगा। विश्वविद्यालय के पब्लिकेशंस समाज की सक्सेस स्टोरी के उदाहरणों से भरे हुए दिखायी देने चाहिए। जो कुछ भी यहाँ है, वह वर्तमान और भावी पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा एवं आदर्श हो। हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। यदि हम ऐसा करेंगे, तो वर्तमान और भावी पीढ़ी श्रद्धा और सम्मान के साथ हमें स्मरण करेगी। सभी शिक्षकों को इस दिशा में मजबूती से अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब भी भारत ने सही दिशा में अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया, तब विदेशी हमले प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से प्रारम्भ हुए। एक-एक हमला भारत को गुलामी की आगोश में लाने में सफल हुआ। विदेशी षड्यंत्रों ने भारत को विघटन की ओर ले जाने का कार्य किया तथा भारत में अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास किया। ऐसे षड्यंत्रों के खिलाफ शिक्षण संस्थानों को खड़ा होना होगा। अपनी युवा पीढ़ी को जागरूक करना होगा। एक मार्गदर्शक के रूप छात्र-छात्राओं को सही मार्ग का अनुसरण करने के लिए तैयार करना होगा। राष्ट्र प्रथम भाव के साथ सन्मार्ग की ओर अग्रसर करना होगा। यदि यह कार्य शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान कर पाएंगे, तो यही देश के प्रति हमारी अमूल्य सेवाएं होंगी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय मत्स्य पालन राज्य मंत्री प्रो0 एस0पी0 सिंह बघेल ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं तथा शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की अत्यन्त सराहनीय एवं संवेदनशील पहल है। उन्होंने मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि आगरा की समृद्ध चिकित्सा परम्परा, एस0एन0 मेडिकल कॉलेज के सुदृढ़ीकरण और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल रही हैं। प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का निरन्तर विकास हो रहा है। सरकार शिक्षकों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि गुरु परम्परा ने राष्ट्र निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। महर्षि वशिष्ठ और महर्षि विश्वामित्र ने भगवान श्रीराम का मार्गदर्शन किया, जबकि संदीपन ऋषि ने योगेश्वर श्रीकृष्ण को शिक्षा प्रदान की। आचार्य चाणक्य ने अपने ज्ञान और मार्गदर्शन से राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखी। आज के शिक्षक और शिक्षाविद् उसी गौरवशाली परम्परा के उत्तराधिकारी हैं। प्रदेश सरकार प्रत्येक परिवार की चिन्ता को समझते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अन्तिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में सरकार परिवार के मुखिया की जिम्मेदारियों और समस्याओं को समझते हुए ऐसी योजनाएँ संचालित कर रही है, जो आमजन के लिए वरदान सिद्ध हो रही हैं। सरकार का उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार ने समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना को सरकार ने केवल नारे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से धरातल पर उतारा है। सरकार की सभी योजनाओं में किसी भी वर्ग, बिरादरी या समुदाय के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता। सभी पात्र नागरिकों को समान रूप से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना सरकार की नीति और प्रतिबद्धता है। यही भारतीय संस्कृति और सुशासन की मूल भावना भी है।
इस अवसर पर एम0एस0एम0ई0 मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी, सांसद श्री नवीन जैन, श्री राजकुमार चाहर, विधान परिषद सदस्य डॉ0 मानवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक डॉ0 धर्मपाल सिंह, डॉ0 जी0एस0 धर्मेश, श्री पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, श्री बाबूलाल, श्री भगवान सिंह कुशवाहा, श्री छोटे लाल वर्मा, श्रीमती रानी पक्षालिका सिंह, आगरा की महापौर श्रीमती हेमलता दिवाकर कुशवाह, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी के निधन पर शोक सभा

Posted on 26.07.2026 Time 08.24 PM

लखनऊ, 26 जुलाई 2026 (उप्र समाचार सेवा)। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा की धर्मपत्नी चिन्नमा देवेगौड़ा के निधन पर शोक सभा आयोजित की गई। जनता दल (एस) कार्यालय पर आयोजित शोक सभा में प्रदेश पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

शोक सभा में स्व चिन्नम्मा देवेगौड़ा के सामाजिक कार्यों और सेवा के लिए समर्पण का स्मरण किया गया। जनता दल (एस) के प्रदेश अध्यक्ष ओंकार सिंह ने कहा कि स्व चिन्नमा देवेगौड़ा के निधन से समाज की अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा ईश्वर स्व चिनम्मा देवेगौड़ा की आत्मा को सद्गति प्रदान करे और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।

स्व चिनम्मा देवेगौड़ा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कई प्रांतों से पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकत्रित हुए। शोक सभा में प्रदेश सचिव रविंद्र कुमार, बरेली से अल्पसंख्यक मोर्चा के इफ्तखारुद्दीन, राजेश सिंह, धर्मेंद्र रस्तोगी, अमरीश शुक्ल, राजेश सिंह आदि उपस्थित थे।

July 25, 2026

सीएम ने दिए त्योहारों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

कानून व्यवस्था की समीक्षा करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ : 24 जुलाई, 2026, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आगामी श्रावण मास, काँवड़ यात्रा और विभिन्न पर्वों के दृष्टिगत अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि आस्था के इस महापर्व में प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। काँवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएँ, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और जनसुविधाओं की ऐसी व्यवस्था दिखायी देनी चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने, मिलावट, ओवररेटिंग, अव्यवस्था या अराजकता पैदा करने का प्रयास करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। प्रशासन पूरे आयोजन के दौरान पूरी सजगता तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
मुख्यमंत्री जी आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी काँवड़ यात्रा, मेलों एवं त्योहारों, कानून-व्यवस्था तथा बाढ़ प्रबन्धन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से संवाद किया।
मुख्यमंत्री जी ने श्रावण मास के दौरान आयोजित होने वाली काँवड़ यात्रा, श्रावणी शिवरात्रि, चेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस, बरावफात और रक्षाबन्धन के सम्बन्ध में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता, यातायात, आपदा प्रबन्धन और नागरिक सुविधाओं की तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक में अपर मुख्य सचिव, गृह ने तैयारियों की जानकारी दी, जबकि मण्डलायुक्त मेरठ और ए0डी0जी0 जोन मेरठ ने काँवड़ यात्रा प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
मुख्यमंत्री जी ने मेरठ जोन की तैयारियों और कार्ययोजना को प्रदेश के अन्य सभी पुलिस जोनों के साथ साझा करने के निर्देश दिए, ताकि पूरे प्रदेश में एक समान और प्रभावी व्यवस्था लागू की जा सके। उन्होंने कहा कि काँवड़ यात्रा अब प्रदेश के किसी एक हिस्से तक सीमित आयोजन नहीं रह गई है। रुहेलखण्ड, ब्रज, बुन्देलखण्ड, अवध, पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु इसमें सम्मिलित होते हैं। ऐसे में प्रत्येक जनपद में व्यवस्थाओं का स्तर समान होना चाहिए। स्थानीय प्रशासन काँवड़ संघों के साथ निरन्तर संवाद बनाए रखे, शिविर संचालकों का सत्यापन समय से पूरा करे और सभी तैयारियों की अग्रिम समीक्षा कर किसी भी प्रकार की कमी को पहले ही दूर कर लिया जाए। काँवड़ की निर्धारित ऊँचाई का पालन सुनिश्चित कराने के लिए हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखण्ड राज्य के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए तथा वहाँ के काँवड़ संघों से भी नियमित संवाद रखा जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि काँवड़ यात्रा मार्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप पूरी तरह तैयार होने चाहिए। जहाँ कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, उनकी तत्काल मरम्मत पूरी करायी जाए। मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध रहें। स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी के साथ रहे। चिकित्सा शिविर प्रभावी ढंग से संचालित हों तथा एण्टी वेनम और एण्टी रैबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएं तथा सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से भजन-संगीत के साथ आवश्यक सूचनाओं का नियमित प्रसारण किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। काँवड़ यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की दुकानें बंद रखी जाएं। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गन्दगी और ओवररेटिंग की शिकायत किसी भी दशा में नहीं मिलनी चाहिए। अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही करें। प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रहे। डीजे की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप हो तथा कानफोड़ू आवाज किसी भी परिस्थिति में स्वीकार न की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने, संवेदनशील स्थलों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरों और ड्रोन से सतत् निगरानी रखने तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और फर्जी सूचनाओं का तत्काल खण्डन किया जाए तथा अफवाह फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। सम्भावित बाढ़ और कटान वाले क्षेत्रों में पहले से सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी रहें तथा स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी बनाए रखे। वी0आई0पी0 आवागमन से जुड़े कार्यक्रमों की पूर्व जानकारी उपलब्ध रहे, जिससे आम श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारीगण जनप्रतिनिधियों के साथ सतत् संवाद बनाए रखें। अगले दो से तीन दिनों के भीतर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सम-सामयिक विषयों और शासन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा की जाए तथा उनके सुझावों के अनुरूप स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने बैठक में प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कुछ जनपदों से कोटेदारों के उत्पीड़न की प्राप्त शिकायतों पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला पूर्ति अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें। यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो तत्काल निलम्बन के साथ खुली विजिलेंस जाँच कराकर विधिक और विभागीय कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने पावर कॉरपोरेशन के सभी डिस्कॉम को ओवर बिलिंग की शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश देते हुए कहा कि तकनीकी खामियों का बोझ आम उपभोक्ता पर नहीं पड़ना चाहिए। प्रत्येक उपभोक्ता से उसके वास्तविक विद्युत उपभोग के अनुरूप ही बिजली का बिल लिया जाए और इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

लोक भारती ने आयोजित किए प्राकृतिक 25 कृषि प्रशिक्षण शिविर

Posted on 25.07.2026 Time 07.59 AM, Saturday, Lok Bharati Uttar pradesh

लखनऊ, 25 जुलाई 2026, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पर्यावरण विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण कार्यशला झंडे वाला, नई दिल्ली में 24 जुलाई को आयोजित की गईं, जिसमें लोकभारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपाल उपाध्याय ने लोकभारती द्वारा देश भर में पर्यवरण संरक्षण के बिभिन्न आयामों पर किये जा रखे कार्यों एवं उनकी उपलब्धयों को प्रस्तुत किया…
1. गौ आधारित प्राकृतिक क़ृषि के देश के पंद्रह राज्यों के किसानों के साथ पचचीस प्रशिक्षण वर्ग सम्पन्न कराये, जिनमे स्वयं सुभाष पलेकर जी ने प्रशिक्षण दिया, इन वर्गो में लगभग तीस हजार किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, उन्हें स्थापित करने तथा आगे बढ़ाने में लोकभारती की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी सफलता के परिणाम स्वरूप गौ आधारित प्राकृतिक कृषि पद्धति को भारत सरकार नें राष्ट्रीय कृषि नीति में सम्मिलित किया। लोकभारती के कर्म योगी किसानों ने कृषि विभाग के बैज्ञानिकों तथा कृषि विज्ञानं केंद्रों के वैज्ञानिकों भी प्रशिक्षित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

2. नदी और जल संरक्षण की दृष्टि से लोकभारती नें माँ गंगा समग्र चिंतन के लिए लखनऊ में राष्ट्रीय स्तर की दो दिवसीय दो कार्यशालाएं आयोजीत कीं, जिनमें सम्पूर्ण देश के नदियों पर कार्य करने वाले विशेषज्ञओं ने भाग लिया, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर आदरणीय मधुभाई कुलकरणी द्वारा गंगा समग्र का शुभारम्भ हुआ तथा लोकभारती ने गोमती के उदगम से गंगा मिलन स्थल तक सात दिवसीय एक गोमती अध्ययन यात्रा तथा दूसरी गोमती अलख यात्रा का आयोजन किया, जिससे गोमती सहायक 22नदियों की जानकारी, प्रदूषण के कारक, भुगर्भ जल@ स्तर तथा भू गर्भ जल स्रोतों की वर्तमान स्थिति की जानकारी एकत्र की, सहयोग के लिए तीस स्थनों पर गोमती मित्र मंडलों का गठन किया, जिसके परिणाम स्वरूप गोमती पर अनेक स्थानों पर पुनर्जीवन का कार्य प्रारम्भ हुआ, इसके अतिरिक्त लोकभारती ने गोमती की तीन सहायक नदियों शाहजहांपुर में भैसी नदी, सीतापुर में कथिना तथा मंदकिनी नदी को पुनर्जवित किया, अयोद्धाया में राम रेखा नदी, बाराबंकी में कल्याणी, हापुड़ में बूढी गंगा तथा नीम नदी के पुनर्जीवन हेतु कार्य प्रारम्भ किया, परिणाम स्वरूप प्रदेश सरकार ने एक नदी एक जिला का अभियान प्रारम्भ किया जिसमें विभिन्न जिलों में लोकभारती तथा उसके सहयोगी संस्थाएँ कार्यरत हैं…

3. लोकभारती ने हरियाली अभियान हेतु वृहत स्तर पर कई प्रकार के कार्य किये… (1) लोकभारती ने पांच जून के स्थान पर सावन महीने को हरियली माह घोषित किया, जो गुरु पूर्णिमा से 29 जुलाई से रक्षबंधन 29 अगस्त तक इस वर्ष है, परिणामतः अब प्रदेश सरकार भी जुलाई के प्रथम सप्ताह से ही वृक्षरोपण अभियान चलती है। (2) लोकभरती ने एक जिले के प्रत्येक ग्राम सभा तथा प्रत्येक नगर पालिका के प्रत्येक वार्ड में शासन और सभी सामाजिक संगठनों के समन्वय से एक निश्चित तिथि पर एक साथ ट्री गार्ड सहित उत्सव पूर्वक हरिशंकरी रोपण अभियान प्रारम्भ किया, जिसके परिणाम स्वरूप प्रदेश के ग्यारह जिलों में बीस हजार से अधिक स्थनों पर हरिशंकरी (पीपल, पाकड़, बरगद ) एक ही थाले में एक साथ लगाए जा चुके है। इस वर्ष सिद्धर्थ नगर, महोवा, बंदा, चित्रकूट, गाजीपुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ तथा हमीरपुर जिले प्रस्तावित हैं, जहाँ कार्य चल रहा है।

4. हरिशंकरी मला अभियान के अंतर्गत प्रदेश के चार चौरासी कोसी परिक्रमा क्षेत्र जिनमें 1. आयोध्या, 2. नैमिषारण्य, 3, चित्रकूट, और 4. मथुरा को चुना गया है, जहाँ परिक्रमा पथ पर हर कोष पर हरिशंकरी रोपण कर कोस पड़ाव सुनिश्चित कर दुरी नापने के भरतीय मानक कोस को जीवंत किया जाये आदि।जिससे प्रत्येक कोस पर पड़ाव भी सुनिश्चित हो सकेगा।

5. लोकभारती द्वारा स्वछता अभियान को प्राथमिकता पर रखते हुए घरों पर घरेलू वनस्पतिक कचरा निस्तारण पर व्यापक कार्य प्रारम्भ किया है, जिसके अंतर्गत लखनऊ नगर में ही एक हजार से अधिक परिवारों में डिब्बा सफलता पूर्वक कार्य कर रहा है, जिससे घरों में रसोई वाटिका भी प्रारम्भ हो गईं हैं। यह अभियान शाहजहांपुर, मुरादाबाद, हापुड़, मेरठ, झाँसी, काशी, गाजियाबाद जैसे नगरों में भी प्रारंभ हो गया है।
इसके अतिरिक्त लोक भारती कुछ अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य कर रही है, जिसकी सूची हम यहां पर दे रहे हैं –
1. वंगो लोकभारती, 2. बुंदेली प्रकृति पर्यटन, 3. मंगल परिवार, 5. गौ संरक्षण, संवर्धन, गौ पालक संम्म्मान, 6. प्राकृतिक कृषक सम्मान कार्यक्रम, 7. ग्राम संस्कृति उत्सव, 8. भगीरथ सम्मान कार्यक्रम, 9. फल खाओ गुठली लगाओ, 10. आओ नदी को जानें अभियान आदि….

July 20, 2026

मुख्यमंत्री ने भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर में किया दर्शन-पूजन

  • मुख्यमंत्री ने जनपद बाराबंकी में रामनगर एवं दरियाबाद विधानसभा क्षेत्रों की 542 करोड़
    रु0 से अधिक लागत की 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
  • स्वाधीनता आन्दोलन का अलख जगाने में जनपद बाराबंकी ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया, यह पावन धरा हमें सदैव राष्ट्रभक्ति तथा भारत माता के प्रति समर्पण के भाव हेतु प्रेरित करती रहेगी
लखनऊ : 20 जुलाई, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ मंत्र को धरातल पर उतारा जा रहा है। उत्तर प्रदेश बॉटम थ्री से टॉप थ्री अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार बिना भेदभाव गरीबों, दलितों, वंचितों, किसानों, महिलाओं सहित प्रत्येक तबके के कल्याण हेतु कार्य कर रही है। आज उत्तर प्रदेश डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का एक नया केन्द्र बनकर उभरा है। यहां ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। बेटी और व्यापारी सुरक्षित हैं। बड़े-बड़े निवेश आ रहे हैं। प्रदेश के युवाओं को प्रदेश में ही काम मिल रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद बाराबंकी में रामनगर एवं दरियाबाद विधानसभा क्षेत्रों की 542 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ट्राईसाइकिल, चाभी, प्रतीकात्मक चेक, स्वीकृति पत्र तथा प्रमाण पत्र आदि प्रदान किये। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन, पौधरोपण, महिलाओं की गोदभराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन किया। मुख्यमंत्री जी ने भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर में दर्शन-पूजन तथा वहां चले रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद बाराबंकी की पावन धरा हजारों वर्षों की विरासत अपने में समेटे हुए है। विरासत के इन प्रतीकों में भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर, भगवान कुन्तेश्वर महादेव मन्दिर, अक्षयवट के रूप में महाभारतकालीन पारिजात वृक्ष आदि सम्मिलित हैं। इस धरा को मां सरयू तथा मां गोमती अभिसिंचित करती हैं। यह धरती प्रतिभाशाली विभूतियों को प्रदान करने वाली है। सन्त कवि श्री बैजनाथ, श्री चतुर्भुज दास, श्री जगजीवन दास, श्री रविदत्त मिश्र, श्री शंकर दयाल अवस्थी, पं0 महेश दत्त शुक्ल तथा श्री गुरुप्रसाद सिंह सहित जैसे अनेक विद्वानों ने यहां के साहित्यिक आकाश में अपने प्रतिभारूपी प्रकाश का प्रसार किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वाधीनता आन्दोलन का अलख जगाने में इस जनपद ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया था। देश के स्वाधीनता आन्दोलन के दौरान अपने रणबांकुरों के साथ बलिदान देने वाले राजा बलभद्र सिंह चहलारी की यह पावन धरा हमें सदैव राष्ट्रभक्ति तथा भारत माता के प्रति समर्पण के भाव हेतु प्रेरित करती रहेगी। यहां के युवा अत्यन्त प्रतिभाशाली रहे हैं। प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी श्री के0डी0 सिंह ‘बाबू’ के नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम ने ओलम्पिक में पदक प्राप्त किया था। फ्लाइट लेफ्टिनेन्ट शंकर दयाल वाजपेयी ने देश की रक्षा के लिए स्वयं की आहुति दे दी थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज यहां भगवान लोधेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जनपदवासी अत्यन्त सौभाग्यशाली है, क्योंकि उन्हें भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है। यहां अनेक पड़ोसी जनपदों के श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं। पहले की सरकारों ने इस मन्दिर के पुनरुद्धार पर कोई ध्यान नहीं दिया। प्रदेश सरकार ने भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर कॉरिडोर निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की है। यहां काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु अभिभूत होकर जाएगा। मां विन्ध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर का निर्माण हो चुका है। काशी, नव्य व दिव्य काशी के रूप में चमक रही है। गोला गोकर्णनाथ में भी भव्य कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाराबंकी में बाढ़ बचाव के पुख्ता उपाय किए जा रहे हैं। आदि गंगा के रूप में मां गोमती के सुंदरीकरण और पुनरुद्धार का कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में बनने जा रहे स्टेट कैपिटल रीजन का लाभ बाराबंकी को भी प्राप्त होगा। लखनऊ तथा अयोध्या के बीच में स्थित बाराबंकी अपनी नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। आज यहां 542 करोड़ रुपये से अधिक की 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जा रहा है। यहां 100 करोड़ रुपये की लागत से भगवान लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर का कार्य पहले से चल रहा है। जिला प्रशासन से भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर के सामने स्थित सड़क को टू-लेन से फोर-लेन में परिवर्तित करने को कहा गया है। मन्दिर के गेट को और अधिक भव्य बनाने की आवश्यकता है। विकास के लिए धनराशि की कमी नहीं है। प्रदेश सरकार का प्रत्येक कार्य जनता को समर्पित है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी विरासत सनातन धर्म की पहचान है। इस विरासत के संरक्षण हेतु अलग-अलग समय में महाराजा लाखन पासी, महाराजा बिजली पासी, महाराज सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज तथा गुरु गोबिन्द सिंह जैसे महापुरुषों ने अपना योगदान दिया था। प्रदेश सरकार ने बहराइच में महाराज सुहेलदेव का भव्य कॉरिडोर व स्मारक उस स्थान पर बनाया है, जहां उन्होंने एक विदेशी आक्रान्ता सालार मसूद को मारा था। प्रदेश सरकार ने वीरांगना ऊदा देवी पासी, वीरांगना झलकारी बाई कोरी तथा वीरांगना अवन्तीबाई लोधी के नाम पर महिला पी0ए0सी0 बटालियनों गठन किया है। जनपद बांदा में महारानी दुर्गावती के नाम पर मेडिकल कॉलेज तथा औरैया में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर गवर्नमेन्ट मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया है।
कार्यक्रम के दौरान जनपद बाराबंकी के विकास से सम्बन्धित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।
इस अवसर पर कारागार राज्य मंत्री श्री सुरेश राही, विधान परिषद सदस्य श्री अंगद कुमार सिंह, इंजी0 अवनीश कुमार सिंह, श्री उमेश द्विवेदी, विधायक श्री साकेन्द्र प्रताप वर्मा, श्री दिनेश रावत, श्री रामचन्द्र यादव तथा उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री बैजनाथ रावत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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