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रिकॉर्डेंट ने धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) के लिए समर्पित ऋण रजिस्ट्री की स्थापना की

August 11, 2026

रिकॉर्डेंट ने धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) के लिए समर्पित ऋण रजिस्ट्री की स्थापना की

लखनऊ, 11 अगस्त, 2026: अग्रणी क्रेडिट जोखिम एवं ऋण वसूली (कलेक्शंस) प्लेटफॉर्म रिकॉर्डेंट ने धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) के लिए एक समर्पित क्रेडिट रजिस्ट्री शुरू की है। इसका उद्देश्य ऋण संबंधी जानकारी की पारदर्शिता बढ़ाना तथा जोखिम मूल्यांकन को और अधिक सशक्त बनाना है।एमएफआई क्रेडिट रजिस्ट्री के माध्यम से भाग लेने वाले संस्थान एक साझा मंच पर उधारकर्ताओं के ऋण संबंधी आंकड़ों का आदान-प्रदान कर सकेंगे और उन तक पहुंच प्राप्त कर सकेंगे। इससे ऋणदाता ऋण स्वीकृति (अंडरराइटिंग) प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना सकेंगे, उधारकर्ताओं के कुल ऋण भार की बेहतर निगरानी कर सकेंगे तथा अधिक सूचित और विवेकपूर्ण ऋण संबंधी निर्णय ले सकेंगे।यह पहल सूक्ष्म वित्त (माइक्रोफाइनेंस) क्षेत्र में ऋण संबंधी जानकारी के आदान-प्रदान को सुदृढ़ बनाने तथा जोखिम मूल्यांकन को अधिक प्रभावी करने के प्रयासों के तहत की गई है।वैश्विक डेटा एवं क्रेडिट एनालिटिक्स की अग्रणी कंपनी इक्विफैक्स की माइक्रोफाइनेंस इनसाइट्स रिपोर्ट (फरवरी 2026) के अनुसार, सूक्ष्म वित्त क्षेत्र का कुल बकाया ऋण पोर्टफोलियो 3.2 लाख करोड़ रुपये था, जो 10.5 करोड़ सक्रिय ऋण खातों में फैला हुआ है।यह क्रेडिट रजिस्ट्री विशेष रूप से गैर-लाभकारी (नॉट-फॉर-प्रॉफिट) सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) के लिए तैयार की गई है। यह एक साझा क्रेडिट सूचना अवसंरचना के रूप में कार्य करती है, जिसके माध्यम से भाग लेने वाले संस्थान उधारकर्ताओं से संबंधित आंकड़े अपलोड कर सकते हैं और उन तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, इन आंकड़ों को क्रेडिट ब्यूरो की जानकारियों के साथ एकीकृत कर एकीकृत क्रेडिट रिपोर्ट के रूप में उपलब्ध कराया जाता है।यह प्लेटफॉर्म धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत एमएफआई के लिए क्रेडिट दृश्यता (क्रेडिट विज़िबिलिटी) से जुड़ी एक प्रमुख चुनौती का समाधान करेगा। इस पहल को स-धन (Sa-Dhan) के सदस्य संस्थानों के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। स-धन के नेटवर्क में धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) की महत्वपूर्ण उपस्थिति को देखते हुए, इस क्रेडिट रजिस्ट्री में बड़ी संख्या में संस्थागत भागीदारी तथा पूरे उद्योग के स्तर पर व्यापक सहयोग मिलने की उम्मीद है।इस घोषणा पर टिप्पणी करते हुए, रिकॉर्डेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं सह-संस्थापक विनी पात्रो ने कहा, “एमएफआई क्रेडिट रजिस्ट्री को पूरे सूक्ष्म वित्त क्षेत्र के हितों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य गैर-लाभकारी संगठनों (एनपीओ) द्वारा संचालित एमएफआई को बेहतर डेटा उपलब्ध कराना, ऋण वितरण से जुड़े जोखिम को कम करना तथा जिम्मेदार वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है। इसकी सफलता सामूहिक भागीदारी पर निर्भर करती है। जितने अधिक संस्थान इसमें योगदान देंगे, उतना ही अधिक मजबूत, प्रभावी और विश्वसनीय यह संपूर्ण तंत्र (इकोसिस्टम) बनेगा।”

गोमतीनगर में होटल के कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला अधेड़ व्यक्ति का शव

कोई सुसाइड नोट नहीं म‍िला, पहचान पत्र मिलने से हुई शव की शिनाख्त

दइलाइट आईएनएन होटल में हुई घटना का मामला

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के होटलों में जान देने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बीते कुछ दिनों पहले हुई घटना का मामला शांत भी नहीं पड़ा था कि अब गोमतीनगर थाना क्षेत्र के विवेक खंड चार स्थित THE ELITE होटल में गुजरात निवासी अमित शर्मा का शव मंगलवार को फांसी के फंदे से लटका मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची कमरे का दरवाजा तोड़वाकर कमरे में दाखिल हुई तो देखा कि उसका शव रस्सी के सहारे झूलता मिला। मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट न मिलने से जान देने की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस को होटल के कमरे से एक मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक पेन, घटना में इस्तेमाल रस्सी, एक काला बैग व कपड़े मिले हैं। पुलिस के मुताबिक परिवार छत्तीसगढ़ में में रह रहा है उन्हें इसकी सूचना दे दी गई है।
इंस्पेक्टर गोमतीनगर ब्रजेश चन्द्र तिवारी के मुताबिक मंगलवार को सूचना मिली कि विवेक खंड चार स्थित होटल THE ELITE INN के कमरा नंबर 301 ठहरे एक व्यक्ति ने खुदकुशी कर ली है। इस सूचना पर इंस्पेक्टर गोमतीनगर ब्रजेश चन्द्र तिवारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़वाकर अंदर दाखिल हुए तो देखा कि उक्त व्यक्ति का शव पंखे के कुंडे में रस्सी के सहारे लटक रहा था।
इंस्पेक्टर का कहना है मृतक की जेब से मिले आधार के जरिए शव की पहचान गुजरात राज्य के दिल्ली गेट ईश्वर भवन मानसरोवर रोड दुर्गा आफसेट के पास पालनपुर बनास कांठा निवासी अमित शर्मा पुत्र मदन गोपाल शर्मा के रूप में हुई।
पुलिस के मुताबिक जांच पड़ताल में सामने आया है कि मृतक की पत्नी बच्चों के साथ रायपुर छत्तीसगढ़ में रहती है, जिसे सूचना दे दी गई है।
इंस्पेक्टर गोमतीनगर ब्रजेश चन्द्र तिवारी ने बताया कि मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि घरवालों के आने के बाद ही साफ होगा कि अमित शर्मा क्या कारोबार या फिर कौन-सी नौकरी करते थे।

ऊर्जा स्वतंत्रता दिवस’ के अवसर पर टाटा पावर के माइक्रोग्रिड्स ने ग्रामीण भारत तक एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा समाधान पहुंचाए।

एकीकृत सौर माइक्रोग्रिड, ऊर्जा-कुशल तकनीकें और बायोगैस ऊर्जा समाधान ग्रामीण आजीविका, छोटे कारोबारों और सशक्त समुदायों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
लखनऊ। 11 अगस्त, 2026: द टाटा पावर कंपनी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी टीपी रिन्यूएबल माइक्रोग्रिड लिमिटेड (TPRMG) विकेन्द्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों के अपने एकीकृत पोर्टफोलियो के जरिए ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त ग्रामीण समुदायों के निर्माण की दिशा में अपने प्रयासों को और गति दे रही है।
TPRMG घरों, किसानों और गांव स्तर के उद्यमों को भरोसेमंद और स्वच्छ बिजली उपलब्ध करा रही है। इन समाधानों से कृषि की उत्पादकता बढ़ रही है, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घट रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ आजीविका व स्थानीय उद्यमों के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
TPRMG का एकीकृत मॉडल सौर ऊर्जा आधारित माइक्रोग्रिड, सौर सिंचाई, ऊर्जा कुशल उपकरणों और आजीविका बढ़ाने वाले उपकरणों को एक साथ जोड़कर भारत के दूरदराज़ गांवों में बदलाव और विकास को नई दिशा दे रहा है। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले का सुनहरी चौराहा गांव इसका एक आदर्श उदाहरण बन चुका है। कृषि अवशेषों और जैविक कचरे से ऊर्जा उत्पादन पर आधारित बायोएनर्जी समाधानों को भी उन क्षेत्रों में विकसित और लागू किया जा रहा है, जहां उनकी तकनीकी और व्यावसायिक व्यवहार्यता सुनिश्चित है।
TPRMG के माइक्रोग्रिड ग्रामीण उद्यमों को डीजल आधारित बिजली से हरित और भरोसेमंद ऊर्जा की ओर बढ़ने में मदद कर रहे हैं। विभिन्न व्यवसायों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किए गए ये समाधान डीजल की खपत में उल्लेखनीय कमी लाने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन, वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण को भी कम करते हैं। नवीकरणीय ऊर्जा की निरंतर उपलब्धता से ग्रामीण उद्यम अपनी कार्यक्षमता और उत्पादकता बढ़ा सकते हैं। साथ ही, डीजल से चलने वाली मशीनों की जगह माइक्रोग्रिड से संचालित बिजली आधारित मशीनों का उपयोग करके परिचालन लागत में 20 से 30 प्रतिशत तक की बचत भी कर सकते हैं।
भरोसेमंद बिजली उपलब्ध होने से दुकानों और अन्य ग्रामीण उद्यमों को अधिक समय तक और बिना रुकावट के संचालित किया जा सकता है। इससे ग्रामीण उद्यमियों को आधुनिक उपकरण अपनाने का अवसर भी मिलता है, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ती है, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होता है और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिलती हैं।
कृषि और डेयरी उद्यमों को मिल रहा है सहयोग
सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई समाधान किसानों को डीजल से चलने वाले पंपों का बेहतर विकल्प उपलब्ध करा रहे हैं। इससे सिंचाई की लागत कम होती है और खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर बनती है।
TPRMG डेयरी उद्यमियों को बल्क मिल्क कूलर (Bulk Milk Coolers) और अन्य ऊर्जा कुशल दुग्ध प्रसंस्करण उपकरण जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से भी सहयोग प्रदान कर रही है। ये समाधान दूध की गुणवत्ता बनाए रखने, ऊर्जा की खपत कम करने और ग्रामीण डेयरी क्षेत्र की पूरी मूल्य श्रृंखला (Value Chain) को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
कंपनी का विकेन्द्रीकृत ऊर्जा तंत्र (Decentralised Energy Ecosystem) गांव स्तर पर कई तरह की गतिविधियों और व्यवसायों को सहयोग प्रदान कर सकता है। इनमें डेयरी मूल्य श्रृंखला से जुड़ी गतिविधियां—जैसे दूध संग्रह, दूध को ठंडा रखना और दुग्ध प्रसंस्करण—शामिल हैं। इसके अलावा, कृषि प्रसंस्करण क्षेत्र में गुड़ निर्माण, मसाला प्रसंस्करण, तेल निकालने की इकाइयां (ऑयल एक्सपेलर), आटा चक्की जैसी गतिविधियों के साथ-साथ अन्य छोटे ग्रामीण व्यवसायों को भी यह ऊर्जा समाधान समर्थन प्रदान करता है।
ऊर्जा कुशल उपकरणों को मिल रहा है बढ़ावा
माइक्रोग्रिड के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली बिजली ऊर्जा कुशल तकनीकों को अपनाने को भी बढ़ावा देती है। इनमें BLDC पंखे, IE3 और IE4 मोटर, LED लाइटिंग, ऊर्जा कुशल रेफ्रिजरेशन सिस्टम, मोटर, पंप और आजीविका से जुड़े उपकरण शामिल हैं। इनका उपयोग करके उपभोक्ता बिजली की खपत कम कर सकते हैं, साथ ही अपनी कार्यक्षमता और उत्पादकता में भी सुधार कर सकते हैं।
योग्य ग्राहकों के लिए कंपनी चयनित ऊर्जा कुशल उपकरणों की खरीद हेतु आसान वित्तीय सुविधा और ईएमआई (EMI) विकल्प भी उपलब्ध कराती है। यह सुविधा आवश्यक दस्तावेजों, पात्रता और वित्तीय साझेदार की अंतिम स्वीकृति के अधीन होती है। इस पहल के माध्यम से ग्राहकों को ऊर्जा कुशल उपकरणों और पारंपरिक उपकरणों के बीच अंतर को समझने में मदद मिलती है। साथ ही, वे कम बिजली खपत, बेहतर प्रदर्शन और लंबे समय में होने वाली बचत जैसे लाभों को भी आसानी से समझ पाते हैं।
स्थानीय आजीविका को मिल रहा है बढ़ावा
TPRMG की स्वच्छ ऊर्जा पहलों से उत्तर प्रदेश में 18,000 से अधिक ग्राहकों और ग्रामीण उद्यमों को लाभ मिला है। कंपनी की गतिविधियों ने ग्रामीण स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका और रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए हैं।
सौर ऊर्जा और बायोएनर्जी पर आधारित TPRMG का एकीकृत मॉडल सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) की अवधारणा को भी बढ़ावा देता है। इसके तहत स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि अवशेषों और जैविक कचरे को उपयोगी ऊर्जा में बदला जाता है। इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होती है और किसानों, ग्रामीण उद्यमियों तथा स्थानीय समुदायों के लिए आय और विकास के नए अवसर पैदा होते हैं।
इस अवसर पर टीपी रिन्यूएबल माइक्रोग्रिड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer) श्री मनोज कुमार गुप्ता ने कहा, “ऊर्जा स्वतंत्रता का अर्थ केवल बिजली उपलब्ध कराना नहीं है। इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों को कृषि उत्पादकता बढ़ाने, स्थानीय उद्यमों को ऊर्जा उपलब्ध कराने और टिकाऊ आजीविका के अवसर सृजित करने के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। सौर ऊर्जा, ऊर्जा कुशल तकनीकों, बायोएनर्जी समाधानों और स्थानीय उद्यमिता को एक साथ जोड़कर हमारा लक्ष्य मजबूत और आत्मनिर्भर ग्रामीण इकोसिस्टम तैयार करना है तथा स्वच्छ ऊर्जा को समावेशी विकास का एक प्रभावी माध्यम बनाना है।”
उत्तर प्रदेश में लगभग 4.5 मेगावाट क्षमता वाले माइक्रोग्रिड नेटवर्क के साथ TPRMG हर वर्ष 57.4 लाख से अधिक यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन कर रही है। कंपनी के वर्तमान प्रभाव आकलन (Impact Assessment) के अनुसार, इन परिचालनों से प्रतिवर्ष लगभग 23.6 लाख लीटर डीजल की खपत और लगभग 6,400 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के उत्सर्जन को रोका जा सका है।
स्थानीय स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े कौशल का विकास
TPRMG ने ‘RE Tech Mitra’ पहल भी शुरू की है, जो ग्रामीण उद्यमिता और कौशल विकास को बढ़ावा देने वाला एक कार्यक्रम है। इसके तहत स्थानीय युवाओं को नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों तथा ऊर्जा कुशल मशीनों और उपकरणों की स्थापना, संचालन और रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाता है।
इस तरह की पहलें स्थानीय स्तर पर आजीविका और रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक संचालन, बेहतर रखरखाव और प्रभावी कार्यक्षमता को भी मजबूत बनाती हैं।
अपने विकेन्द्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा तंत्र के माध्यम से TPRMG ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने, उत्पादकता में सुधार लाने और भारत को अधिक स्वच्छ, समावेशी तथा ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर समुदायों की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
About Tata Power Renewable Energy Limited:

Tata Power Renewable Energy Limited (TPREL) is a subsidiary of The Tata Power Comp

वेतन एवं सेवा-शर्तों में न्यायसंगत सुधारों की मांग, आठवें वेतन आयोग से मिला शैक्षिक महासंघ

नई दिल्ली/लखनऊ, 10 अगस्त 2026।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना देसाई, सदस्य सचिव श्री पंकज जैन एवं अन्य अधिकारियों से नई दिल्ली स्थित आयोग कार्यालय में भेंटवार्ता की। प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता एवं महामंत्री प्रो. गीता भट्ट शामिल रहे। महासंघ ने देशभर से प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार विस्तृत ज्ञापन के विभिन्न बिंदुओं पर आयोग के समक्ष चर्चा की।

महासंघ ने मांग की कि वेतन पुनरीक्षण में महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत, वास्तविक क्रय शक्ति तथा सेवा एवं सेवानिवृत्ति के दौरान आर्थिक सुरक्षा को प्रमुख आधार बनाया जाए। ज्ञापन में फिटमेंट फैक्टर 3.6 से बढ़ाकर 3.8, वार्षिक वेतनवृद्धि 5 से बढ़ाकर 6 प्रतिशत, उच्च वेतन स्तरों में अतिरिक्त चरण, वन स्टेप अप व्यवस्था की पुनर्बहाली तथा समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग रखी गई।
महासंघ ने महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत होने पर मूल वेतन में स्वतः समायोजन, मकान किराया भत्ते में वृद्धि, यात्रा भत्ते का वर्तमान लागत के अनुरूप पुनरीक्षण तथा आधिकारिक यात्राओं के पूर्ण व्यय की प्रतिपूर्ति का सुझाव दिया।
शिक्षकों एवं कर्मचारियों के व्यावसायिक विकास और शोध के लिए वित्तीय सहायता, डिजिटल एवं शैक्षणिक संसाधनों हेतु पृथक भत्ता, गृह निर्माण अग्रिम में वृद्धि तथा अवकाश सुविधाओं के विस्तार की मांग भी रखी गई।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 20-25 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा, समूह बीमा सुरक्षा में वृद्धि तथा एलटीसी नकदीकरण बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया। पूरे सेवाकाल में कम से कम चार पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करने तथा कृत्रिम अवरोध समाप्त करने पर भी जोर दिया गया।
सेवानिवृत्ति सुरक्षा के तहत अंतिम आहरित वेतन के 60-67 प्रतिशत तक सुनिश्चित पेंशन, पारिवारिक पेंशन में वृद्धि, ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने तथा पेंशन आंशिकीकरण की पुनर्बहाली अवधि घटाने की मांग की गई।
महासंघ ने आयोग से आग्रह किया कि आठवां केंद्रीय वेतन आयोग केवल वेतन संशोधन तक सीमित न रहकर वेतन, भत्ते, सेवा-शर्तों, पदोन्नति, अवकाश, सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन की समग्र समीक्षा करे। महासंघ ने लगभग पांच वर्ष के नियमित वेतन पुनरीक्षण चक्र अथवा महंगाई से जुड़ी स्वचालित पुनरीक्षण व्यवस्था लागू करने का भी सुझाव दिया।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. संजय मेधावीप्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह, शिवशंकर सिंह, डॉ. उदयन मिश्राडॉ. कमल कौशिकप्रो. धर्मेन्द्र कुमार सिंहड. अनूप शर्माडॉ. स्वदेश कुमार सिंहडॉ. श्वेताप्रो. अनिल कुमारडॉ. संतोष कुमार शुक्लप्रदीप तिवारीसुनील कुमार मिश्र आदि पदाधिकारियों ने शिक्षक और शिक्षा हित में की गयी माँगों का समर्थन किया है।

सिविल चिकित्सालय में पहली बार गंभीर न्यूरोसर्जरी सफलतापूर्वक प्रारंभ

लखनऊ, 10 अगस्त 2026 डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय, लखनऊ में न्यूरोसर्जन की तैनाती के बाद पहली बार गंभीर न्यूरोसर्जरी का सफलतापूर्वक शुभारंभ हुआ। चिकित्सालय में न्यूरोसर्जरी की यह उपलब्धि गंभीर एवं जटिल रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

चिकित्सालय के निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ. जी.पी. गुप्ता ने सफल शल्यक्रिया के लिए पूरी शल्य टीम को बधाई देते हुए कहा कि सिविल चिकित्सालय पीड़ित मानवता की सेवा के लिए पूरी तरह तत्पर है। उन्होंने कहा कि सरकारी चिकित्सालय में इस प्रकार की जटिल न्यूरोसर्जरी का सफल होना मरीजों को बेहतर एवं सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

रीढ़ की हड्डी में टीबी के कारण स्पाइनल कॉर्ड पर था दबाव

जनपद सिद्धार्थनगर के मधुकरपुर गांव निवासी विनय तिवारी (37 वर्ष) पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से कमर में गंभीर दर्द से पीड़ित थे। मरीज को टीबी की बीमारी भी थी। लगातार समस्या बने रहने पर उन्होंने सिविल चिकित्सालय में न्यूरोसर्जन डॉ. विनोद कुमार तिवारी से परामर्श लिया।

मरीज की जांच एवं MRI में रीढ़ की हड्डी के L3 vertebra में TB infection के कारण स्पाइनल कॉर्ड/न्यूरल संरचनाओं पर गंभीर दबाव पाया गया। इसके कारण मरीज के बाएं पैर की जांघ एवं घुटने के नीचे की मांसपेशियों की ताकत काफी कम हो रही थी। चिकित्सकों के अनुसार, यदि समय रहते उचित उपचार नहीं किया जाता तो मरीज के दोनों पैरों में स्थायी कमजोरी अथवा पैरालिसिस का गंभीर खतरा हो सकता था।

डॉ. विनोद कुमार तिवारी के अनुसार, ऐसी स्थिति में शल्यक्रिया अत्यंत सावधानी एवं विशेषज्ञता के साथ करना आवश्यक होता है, क्योंकि स्पाइनल कॉर्ड एवं संबंधित न्यूरल संरचनाओं को किसी भी प्रकार की अतिरिक्त क्षति होने पर होने वाली न्यूरोलॉजिकल कमजोरी स्थायी भी हो सकती है।

टाइटेनियम स्क्रू एवं रॉड से किया गया फिक्सेशन

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए न्यूरोसर्जन डॉ. विनोद कुमार तिवारी के नेतृत्व में शल्यक्रिया की तैयारी की गई। अनुभवी एनेस्थीसिया टीम के सहयोग से सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। शल्यक्रिया के दौरान L2-L4 spinal fixation करते हुए Titanium screws एवं rods का उपयोग किया गया।

ऑपरेशन लगभग दो घंटे चला और इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

डॉ. तिवारी ने बताया कि इसी प्रकार की जटिल शल्यक्रिया निजी क्षेत्र में कराने पर लगभग 3 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है, जो सामान्य परिवारों के लिए वहन करना कठिन होता है। सिविल चिकित्सालय में यह उपचार उपलब्ध होने से मरीजों को अत्यंत महत्वपूर्ण राहत मिलेगी।

ऑपरेशन के बाद मरीज के पैरों में ताकत में सुधार

ऑपरेशन के बाद मरीज विनय तिवारी की स्थिति संतोषजनक है। वर्तमान में उनका उपचार सिविल चिकित्सालय के न्यूरोसर्जरी वार्ड में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीज के पैरों में ताकत आनी शुरू हो गई है तथा वह दोनों पैरों को चला पा रहा है।

मरीज की पत्नी श्रीमती सोनी तिवारी ने समय पर उपचार एवं सफल शल्यक्रिया के लिए सिविल चिकित्सालय के चिकित्सकों एवं पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

एनेस्थीसिया एवं नर्सिंग टीम का महत्वपूर्ण योगदान

सफल शल्यक्रिया में एनेस्थीसिया विभाग के प्रमुख डॉ. सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में डॉ. राजेश, डॉ. कासिम की अनुभवी टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके साथ ही सिस्टर पूजा एवं सिस्टर किरण ने भी शल्यक्रिया के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.सी. पांडे एवं अधीक्षक डॉ. शिवराज सिंह ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि सिविल चिकित्सालय में गंभीर एवं जटिल रोगों का उपचार उपलब्ध होना मरीजों के लिए बड़ी राहत है।

निदेशक डॉ. जी.पी. गुप्ता ने कहा कि रीढ़ की हड्डी की टीबी जैसी गंभीर बीमारी में समय पर जांच एवं उपचार अत्यंत आवश्यक है। उपचार में देरी होने पर न्यूरोलॉजिकल कमजोरी बढ़ सकती है और दोनों पैरों में पैरालिसिस का खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने चिकित्सालय की पूरी टीम को इस चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए बधाई दी।

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