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लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस वे पर दो और तीन पहिया वाहन प्रतिबंधित

July 19, 2026

लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस वे पर दो और तीन पहिया वाहन प्रतिबंधित

कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) पर यातायात एवं FASTag वार्षिक पास संबंधी महत्वपूर्ण सूचना

लखनऊ | 19 जुलाई, 2026 भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) आमजन की सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) के उपयोगकर्ताओं हेतु निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारी जारी करता है।

*दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित*

कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) एक तेज गति वाला (High-Speed) एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है। यात्रियों की सुरक्षा तथा यातायात के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया (Two-Wheeler) एवं तिपहिया (Three-Wheeler) वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है।

सभी वाहन चालकों से अनुरोध है कि निर्धारित यातायात नियमों एवं संकेतकों का पालन करें तथा केवल अनुमत वाहनों के साथ ही एक्सप्रेसवे का उपयोग करें। नियमों का पालन न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

*FASTag वार्षिक पास मान्य*

यह भी अवगत कराया जाता है कि हाल ही में प्रारंभ की गई FASTag वार्षिक पास सुविधा कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) सहित सभी राष्ट्रीय राजमार्गों एवं राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर मान्य है।

यह सुविधा पात्र निजी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए टोल भुगतान को अधिक सुविधाजनक, तेज एवं निर्बाध बनाती है, जिससे टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा समय कम होगा तथा यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

NHAI सभी सड़क उपयोगकर्ताओं से अपील करता है कि सुरक्षित एवं जिम्मेदार यात्रा के लिए यातायात नियमों का पालन करें तथा FASTag का उपयोग कर डिजिटल एवं निर्बाध टोल प्रणाली को अपनाएं।

यूपी के 826 ब्लाक प्रमुख बने प्रशासक

लखनऊ, 19 जुलाई 2026, उत्तर प्रदेश की सरकार ने पहली बार 826 ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक नियुक्त किया। प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब 826 ब्लॉक प्रमुख भी बने प्रशासक बना दिये गये है यूपी के इतिहास में पहली बार प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख एक साथ प्रशासक बनाए गए।

विभाग द्वारा आज ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है।

July 18, 2026

मुख्यमंत्री ने श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मन्दिर में दर्शन-पूजन किया

मुख्यमंत्री ने जनपद गाजियाबाद में मेरठ मण्डल के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था तथा आगामी काँवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की

प्रदेश सरकार जनकल्याण, सुशासन और विकास के प्रति प्रतिबद्ध, जनता को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

अधिकारियों को जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा विकास कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश

मठ एवं मन्दिर परिसर की व्यवस्थाओं का अवलोकन तथा मन्दिर परिसर में वेदपाठी बटुकों एवं संस्कृत शिक्षार्थियों से आत्मीय संवाद किया

संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारत की सनातन ज्ञानधारा की वाहिका, जिसके माध्यम से हमारी सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित होती आयी

लखनऊ : 18 जुलाई, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद गाजियाबाद में मेरठ मण्डल के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था तथा आगामी काँवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री जी के समक्ष अपने-अपने क्षेत्रों से सम्बन्धित विभिन्न विकास एवं जनहित के मुद्दे रखे। बैठक में जनपद के विकास, सुरक्षा व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण, सुशासन और विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। जनता को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा विकास कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
जनपद भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री जी ने ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मन्दिर पहुँचकर भगवान शिव का विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, आरोग्य एवं लोककल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री जी ने मन्दिर परिसर में स्थित शिवलिंगों पर भी पुष्प अर्पित किए और नंदी महाराज के दर्शन कर श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए तथा मठ परिसर में विराजमान संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। वैदिक मंत्रोच्चार एवं शिव स्तुति के मध्य सम्पन्न हुए पूजन कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।
मुख्यमंत्री जी ने मठ एवं मन्दिर परिसर की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने संत समाज के साथ प्रदेश में शांति, सद्भाव, सांस्कृतिक उत्थान एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की। इस अवसर पर मन्दिर के पीठाधीश्वर, संत समाज एवं श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री जी ने मन्दिर परिसर में वेदाध्ययन कर रहे वेदपाठी बटुकों (ब्रह्मचारी छात्र) एवं संस्कृत शिक्षार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा, वैदिक संस्कृति एवं संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारत की सनातन ज्ञानधारा की वाहिका है, जिसके माध्यम से हमारी सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित होती आयी है।
उल्लेखनीय है कि श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मन्दिर गाजियाबाद का एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिवधाम है, जो सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक साधना एवं वैदिक परम्परा का प्रमुख केन्द्र माना जाता है।
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डीरेग्युलेशन 2.0: केंद्र की टास्क फोर्स ने की समीक्षा

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए नियमों को और आसान बनाने पर जोर*

_*अनुमोदन प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाएं, राज्य में बढ़ाएं ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’: मुख्य सचिव एस.पी. गोयल*_

लखनऊ, 17 जुलाई: उत्तर प्रदेश में व्यापारिक माहौल को और अधिक पारदर्शी, सरल और निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसी सिलसिले में लखनऊ के लोक भवन में ‘कम्प्लायंस रिडक्शन एवं डीरेग्युलेशन 2.0’ (नियमों व प्रक्रियाओं को आसान बनाने) को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक *मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल* की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में *भारत सरकार के एमएसएमई (MSME) मंत्रालय के सचिव श्री भारत हरबंसलाल खेरा* के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान कागजी औपचारिकताओं को कम करने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को जमीनी स्तर पर और आसान बनाने के लिए राज्य में चल रहे सुधारों की गहन समीक्षा की गई।”

बैठक में नियामकीय प्रक्रियाओं के सरलीकरण, अनुपालनों के बोझ को कम करने तथा कारोबार सुगमता के पूरे इकोसिस्टम को सरल बनाने के उद्देश्य से चल रहे सुधारों की प्रगति का आकलन किया गया। इस दौरान राजस्व, स्वास्थ्य, चिकित्सा, पर्यटन, ऊर्जा, अग्निशमन, शहरी विकास, पर्यावरण, श्रम एवं औद्योगिक विकास सहित 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रक्रियागत बाधाओं को समाप्त करने, अनुमोदन प्रणाली को सरल बनाने तथा उद्योगों और नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने पर विचार-विमर्श किया।

मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल ने कहा, “डीरेग्युलेशन 2.0 के तहत चिन्हित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में तेजी से कार्य करना होगा। प्रत्येक विभाग अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाए, अनावश्यक अनुपालनों को समाप्त करे और सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक तेज, सरल एवं पारदर्शी बनाए। कारोबार सुगमता केवल नीतिगत सुधारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव निवेशकों और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में भी स्पष्ट दिखाई देना चाहिए।”

गौरतलब है कि कम्प्लायंस रिडक्शन एवं डीरेग्युलेशन के प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश ने सभी राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। राज्य ने अनुमोदन संबंधी बाधाओं को दूर कर कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय सुधार किए हैं।

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों ने डीरेग्युलेशन 2.0 के अंतर्गत किए गए सुधारों की प्रगति प्रस्तुत की तथा शेष प्रस्तावित सुधारों के लिए समय-सीमा साझा की। यह पहल राज्य में पूर्व में लागू किए गए व्यापक कम्प्लायंस रिडक्शन कार्यक्रम का विस्तार है, जिसके तहत भूमि प्रशासन, भवन निर्माण स्वीकृतियां, श्रम कानून, उपयोगिता सेवाओं और अन्य नियामकीय प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार किए गए। इन सुधारों से अनुपालनों में उल्लेखनीय कमी आई है, प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण बढ़ा है तथा निवेशकों के लिए सुविधा तंत्र और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
लोक भवन में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति श्री अमृत अभिजात, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन श्री शनमुग सुंदरम, निदेशक, यूपीनेडा श्री रवीन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

इस बैठक के उपरान्त इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में कम्प्लायंस रिडक्शन एवं डीरेग्युलेशन 2.0 पर उद्योग संघों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के सचिव श्री भारत हरबंसलाल खेरा ने की। बैठक में भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के अपर सचिव श्री राहुल शर्मा सहित एमएसएमई मंत्रालय, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), नीति आयोग, इन्वेस्ट यूपी तथा प्रमुख औद्योगिक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में एसोचैम (ASSOCHAM), फिक्की (FICCI), सीआईआई (CII), पीएचडी चैंबर, आईआईए (IIA), लघु उद्योग भारती तथा डिक्की (DICCI) के प्रतिनिधियों ने उद्योग जगत की ओर से सुझाव साझा किए। उन्होंने नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने, अनुपालनों के बोझ को कम करने तथा उत्तर प्रदेश में उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल कारोबारी वातावरण विकसित करने पर अपने विचार रखे।

बैठक में भारत सरकार की कम्प्लायंस रिडक्शन एवं डीरेग्युलेशन 2.0 टास्क फोर्स द्वारा चिन्हित प्रमुख सुधार क्षेत्रों की समीक्षा की गई। इनमें अग्नि सुरक्षा स्वीकृतियां, विद्युत वितरण, भूमि प्रबंधन तथा तकनीक आधारित सरल नियामकीय व्यवस्था के माध्यम से औद्योगिक उपयोग के लिए भूमि उपलब्ध कराने जैसे विषय शामिल रहे। प्रतिभागियों ने उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध, सहयोगात्मक और प्रभावी सुधारों को आगे बढ़ाने पर बल दिया, जिससे कारोबार सुगमता और अधिक सशक्त हो सके।

बैठक में एमएसएमई मंत्रालय के निदेशक श्री अंकित अग्रवाल, डीपीआईआईटी के उप सचिव श्री राजेश कुमार सिन्हा, नीति आयोग की यंग प्रोफेशनल सुश्री दीक्षा बिस्वास, इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री विजय किरण आनंद तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुश्री प्रेरणा शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस परामर्श बैठक ने केंद्र और राज्य सरकार की पारदर्शी, दक्ष और निवेशक-अनुकूल नियामकीय व्यवस्था विकसित करने की साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।

लखनऊ से चौसा आम यूके भेजा गया, उद्यान मंत्री ने की खेप रवाना

APEDA के प्रयास और भारत-यूके CETA के प्रभावी होने से उत्तर प्रदेश के आम को मिला ग्लोबल बाजार

योगी सरकार में चौसा आम की पहली खेप यूके रवाना, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया फ्लैग ऑफ

भारत-यूके CETA से यूपी के 99 प्रतिशत कृषि उत्पादों को जीरो ड्यूटी का लाभ, किसानों को मिलेगा अधिक मूल्य

लखनऊ, 17 जुलाई, 2026 ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कृषि उपज को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया गया है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के प्रयास से तथा भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (India-UK CETA) के प्रभावी होने के उपरांत उत्तर प्रदेश से यूनाइटेड किंगडम के लिए ताजे चौसा आमों की पहली निर्यात खेप का फ्लैग ऑफ उद्यान निदेशालय, सप्रू मार्ग, लखनऊ से किया गया।

उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिनेश प्रताप सिंह ने सेरेमनी में हरी झंडी दिखाकर 1,200 किलोग्राम ताजे चौसा आमों की खेप को यूके के लिए रवाना किया। यह खेप PSPG Consultancy Services Pvt. Ltd. द्वारा निर्यात की जा रही है। यह CETA लागू होने के बाद प्रदेश से यूके के लिए भेजी जा रही ताजे आमों की पहली खेप है।

मंत्री श्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि हमारे राज्य की उपज को दुनिया के बाजारों तक पहुंचाकर उसका मूल्य संवर्धन किया जाना ही हमारा उद्देश्य है। इसी उद्देश्य से आज उद्यान विभाग द्वारा यूनाइटेड किंगडम को आम निर्यात के लिए फ्लैग ऑफ किया गया है। यह पहली पहल नहीं है। जब से योगी सरकार बनी है, तब से प्रत्येक वर्ष उत्तरोत्तर हमारी उपज को दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बहुत से देशों में हमारा आम ही नहीं, अन्य औद्यानिक उपज भी जा रही है।

उद्यान मंत्री श्री सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को धन्यवाद दिया और कहा कि निर्यात प्रोत्साहन के उद्देश्य से जेवर में एक ऐसा एयरपोर्ट निर्मित हो चुका है जो सीधे पूरा का पूरा जहाज हमारी उपज को भरकर दुनिया के बाजारों तक पहुंचा सकेगा, जिससे हमारा भाड़ा कम होगा और बचत अधिक होगी। जेवर एयरपोर्ट राज्य के किसानों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने बताया कि उद्यान मंत्री के रूप मे डोमेस्टिक एक्सपोर्टर्स को गांव-गांव में तैयार किया है। पहले बड़े शहरों में ही एक्सपोर्टर मिलते थे, आज हमारे 825 ब्लॉकों में लगभग हर ब्लॉक में एक एक्सपोर्टर मिल जाएगा। निर्यात बढ़ाने के उद्देश्य से उद्यान विभाग में औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड का गठन किया गया है, जो किसानों को मार्ग प्रशस्त करता है कि किस उपज को दुनिया के किस बाजार तक पहुंचाया जा सकता है और कितना मूल्य संवर्धन होगा। जितनी भी सरप्लस उपज हमारे राज्य के उपभोग से अधिक होती है, उसे दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने के ठोस प्रयास योगी सरकार में किए गए हैं, जिससे हमारा निर्यात उत्तरोत्तर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा स्वयं दो टन दशहरी आम लेकर मास्को गए थे, तब से आज तक एयरपोर्ट का कोई जहाज ऐसा नहीं जिस पर हमारा दशहरी न जा रहा हो। दुबई में तो रेगुलर हमारा आम जाता है।

इस समझौते के अंतर्गत यूनाइटेड किंगडम ने भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात मूल्य का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकांश उत्पादों को शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच प्रदान की है, जिससे भारतीय कृषि, बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के निर्यात को नई गति मिलेगी तथा किसानों, एफपीओ, कृषि उद्यमियों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजारों में नए अवसर उपलब्ध होंगे। उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख बागवानी एवं आम उत्पादक राज्यों में से एक है तथा राज्य के चौसा एवं दशहरी आम अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता, स्वाद और सुगंध के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री बीएल मीणा, निदेशक उद्यान श्री बीपी राम, एपीडा के अधिकारी, उत्तर प्रदेश बागवानी निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड के अधिकारी, निर्यातक, पैकहाउस संचालक सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं कृषक उपस्थित रहे।

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