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पत्रकार समाज के मार्गदर्शक: ओंकार सिंह 

September 5, 2026

पत्रकार समाज के मार्गदर्शक: ओंकार सिंह 

UP Association of Journalists UPAJ Meeting Lucknow

Posted on 05.09.2026 Saturday, Lucknow, UPAJ, Uttar Pradesh Association of Journalists

लखनऊ, 05 सितंबर 2026, जनता दल (सेकुलर) के प्रदेश अध्यक्ष ओंकार सिंह ने कहा है कि पत्रकारिता लोकतन्त्र के तीनों स्तंभ की मार्गदर्शक है। श्री सिंह उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) द्वारा आयोजित स्व  राधेश्याम लाल कर्ण स्मृति पर्यावरण सम्मान समारोह और प्रदेश कार्यकारिणी बैठक के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि पद से विचार व्यक्त कर रहे थे।

विधायक निवास 2, दारुलशफा के कॉमन हाल में आयोजित समारोह में श्री सिंह ने आगे कहा कि मीडिया नेताओं, अधिकारियों और समाज को सही राह दिखाता है। सीख भी देता है और चेतावनी भी देता है। आवश्यकता पर आलोचना भी करता है। उन्होंने कहा ऐतिहासिक राजनीतिक क्रांति करने वाले लोकनायक जय प्रकाश नारायण ने भी दो अखबार निकाले थे।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता एपीएन न्यूज चैनल के प्रधान संपादक डॉ प्रसून शुक्ल ने कहा कि पत्रकार पेंशन की मांग कर रहे हैं। इसे पूरा किया जाना चाहिए। ये कोई दान नहीं है अधिकार है। वरिष्ठ पत्रकार और राज्य मुख्यालय मान्यता। प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने कहा पत्रकार अपनी मांगें मनवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लंबित मांगों पर सरकार को तत्काल ध्यान देना चाहिए। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया (एनयूजेआई) के राष्ट्रीय महासचिव त्रियुग नारायण तिवारी ने कहा पत्रकारिता का परिदृश्य बदल रहा है। पत्रकारों को दायित्व बोध के साथ सत्य को उजागर करना चाहिए। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स एनयूजेआई के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक मलिक ने कहा कि आज की आवश्यकता पत्रकार सुरक्षा कानून है। बिहार सरकार ने कानून बनाया है उत्तर प्रदेश सरकार को भी बनाना चाहिए। एनयूजे की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य डॉ फ़लकुमार पंवार ने कहा कि सरकार पत्रकारों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। इसलिए संघर्ष का मार्ग अपनाना होगा। उपज के महामंत्री आनंद कर्ण ने अपने पिता और उपज के संस्थापक महामंत्री स्व राधेश्याम लाल कर्ण के जीवन पर प्रकाश डाला। पर्यावरण के प्रति उनके योगदान और समर्पण की जानकारी दी।

इसके पूर्व समारोह में उपज की चार जिला इकाइयों को स्व राधेश्याम लाल कर्ण स्मृति पर्यावरण सम्मान प्रदान किया गया। वाराणसी, भदोही, रायबरेली और अम्बेडकर नगर के पदाधिकारियों को मुख्य अतिथि ओंकार सिंह ने सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र भेंट किया। समारोह का संचालन उपज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह ने किया।

कार्यकारिणी बैठक में 5 प्रस्ताव पारित

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें पत्रकार पेंशन, पत्रकार सुरक्षा कानून, स्वास्थ्य बीमा, राज्य संपत्ति विभाग की गेस्ट हाउस में समान दर की मांग, जिलों में स्थाई समिति गठन की मांग संबंधी प्रस्ताव पारित किए गए।

September 2, 2026

रिटायर एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र बने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के CEO

अयोध्या : ऑपरेशन सिंदूर के समय वेस्टर्न एयर कमांड के चीफ रहे रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र , श्री राममंदिर के CEO

August 30, 2026

सपा के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है जेपीएनआईसी: सीएम योगी

जयप्रकाश नारायण के नाम का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता, जनता के पैसे पर डकैती की छूट नहीं: मुख्यमंत्री*

*रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ सीएम योगी ने किया वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण, पुष्पांजलि भी अर्पित की*

*जाति के नाम पर समाज को बांट रही सपा, हम बटेंगे नहीं, तो कटेंगे भी नहीं: सीएम योगी*

*सीएम ने कहा- दंगों की बादशाह है सपा, कर्फ्यू उसकी पहचान और सरकारी खजाने में लूट-खसोट उसकी आदत*

*लखनऊ, गोरखपुर व बदायूं में वीरांगनाओं के नाम पर गठित की गईं तीन महिला पीएसी बटालियन*

*लखनऊ, 30 अगस्त।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में बना जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है। सपा ने इसे अपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का अड्डा जैसा बना दिया था। एक महापुरुष के नाम का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता। प्रदेश सरकार अपराध व अपराधियों के साथ-साथ बेईमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरा जीवन समर्पित करने वाले जयप्रकाश नारायण के नाम पर सपा शासनकाल में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट की लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन 864 करोड़ खर्च करने के बावजूद यह अधूरा रहा। जिस काम को 18 महीने में पूरा होना था, वह दो साल बाद भी अधूरा था। सेंटर पर सपा का कब्जा रखने के लिए एक कमेटी गठित की गई, जिसमें अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, अखिलेश के निजी सचिव और सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी शामिल थे।

*जनता के पैसे पर डकैती की छूट नहीं*
सीएम योगी ने कहा कि जेपीएनआईसी पर खर्च हुए 864 करोड़ रुपये सैफई सिंडिकेट के नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता के हैं। जनता के पैसे पर किसी राजनीतिक दल को डकैती डालने की छूट नहीं दी जा सकती। सरकार ने कमेटी भंग कर इस सेंटर को वापस लिया है। अब लखनऊ विकास प्राधिकरण के मार्गदर्शन में इसे संचालित कर जयप्रकाश नारायण की स्मृति को जीवंत किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के खजाने से खर्च धनराशि की वसूली का प्रयास किया जाएगा। सरकार ने जिन लोगों के हाथ से खजाना छीन लिया, वे अब अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।

*दंगा-कर्फ्यू, जातीय राजनीति सपा की पहचान*
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडीए के नाम पर समाज को बांटने वाली सपा के लोगों ने कभी महापुरुषों का सम्मान तक नहीं किया। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर सपा नेताओं के मुंह से श्रद्धांजलि का एक शब्द नहीं निकला, एक ट्वीट तक नहीं किया। सपा दंगों की बादशाह है। कर्फ्यू उसकी पहचान और सरकारी खजाने में लूट-खसोट उसकी आदत रही है। खाली जमीनों पर सपाई गुंडों का कब्जा और महिलाओं- बेटियों में भय का माहौल पिछली सरकार की सबसे बड़ी पहचान रहा है।

*मिशन शक्ति से महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डबल इंजन की भाजपा सरकार मातृशक्ति को सशक्त बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ मिशन शक्ति महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान और स्वावलंबन से जुड़ा अभियान है। जब बेटी को सुरक्षा मिलती है तो उसमें संरक्षण का भाव पैदा होता है। सम्मान मिलने पर वह अपने जीवन की दिशा स्वयं तय करती है और जब उसे स्वावलंबन के अवसर मिलते हैं तो वह अपनी गति को प्रगति में बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ती। आज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में दिखाई दे रहा बदलाव इसी सशक्तीकरण का परिणाम है। हम बीमारू छवि से निकल कर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बने हैं।

*प्रेरित करेगी वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा*
सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति को समर्पित है, जिसका लोकार्पण मोदी जी ने किया। यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं देश की अखंडता, अंत्योदय और सुशासन की प्रेरणा देती हैं। इसी तरह वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य अश्वारोही प्रतिमा भारतीय नारी की गरिमा, शौर्य और तेजस्विता का प्रतीक बनकर देशवासियों को प्रेरित करेगी।

*पीएसी में तीन महिला बटालियन गठित*
सीएम ने कहा कि अच्छी सरकार ही अच्छा कार्य करती है। सपा सरकार के समय दंगाइयों की काल बनी पीएसी को समाप्त करने की चेष्टा की गई। भाजपा सरकार ने पीएसी की सभी 54 कंपनियों को पुनर्गठित किया। साथ ही तय किया कि पीएसी में बेटियां भी नेतृत्व की भूमिका निभाएंगी। इसी क्रम में प्रदेश में वीरांगनाओं ऊदा देवी, झलकारी बाई व अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला बटालियन गठित की गई हैं। इनमें एक लखनऊ, दूसरी गोरखपुर और तीसरी बदायूं में निर्माण के अंतिम चरण में है।

*50 हजार बेटियों को मिलेगी स्कूटी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी प्रदान की जाएंगी। 27, 28 और 29 अगस्त को हर बेटी, बहन व माता को परिवहन निगम व सिटी बस सेवा में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई। अब 60 वर्ष से अधिक उम्र की प्रत्येक महिला को निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा शुरू कर दी गई है।

*वीरांगना ने हिला दी थी ब्रिटिश हुकूमत की चूलें*
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन देश की स्वतंत्रता और नारी शक्ति के अदम्य साहस का प्रतीक है। मात्र 26 वर्ष की उम्र में अवंतीबाई लोधी ने प्रथम स्वातंत्र्य समर में नेतृत्व करते हुए अंग्रेजों की चूलें हिला दी थीं। बैरकपुर में मंगल पांडे ने जो चिंगारी प्रज्वलित की, उसे झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने आगे बढ़ाया। मेरठ में धनसिंह गुर्जर कोतवाल के नेतृत्व में यह संघर्ष और विस्तृत हुआ। झांसी व ग्वालियर के बीच वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने इसी संघर्ष का नेतृत्व किया। उनका जीवन हमें एकजुट रहने की प्रेरणा देता है। अगर हम बटेंगे नहीं, तो कटेंगे भी नहीं।

*अवंतीबाई से कल्याण सिंह तक महापुरुषों का सम्मान*
सीएम योगी ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी के सम्मान में तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ ने विधान भवन के सामने उनकी अश्वारोही प्रतिमा स्थापित कराई थी। अलीगढ़ में उनके नाम पर स्टेडियम का निर्माण भी कराया जा रहा है। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान लखनऊ में तिरंगा फहराने वाले अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के सम्मान में उन्नाव के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर किया गया है। बुलंदशहर में कल्याण सिंह की स्मृति में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया गया है। लखनऊ के कैंसर संस्थान का नाम भी बाबूजी के नाम पर रखा गया और वहां उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित कराई गई है।

*महापुरुषों के प्रति श्रद्धा-सम्मान की भावना जीवंत रहे*
मुख्यमंत्री ने क्षत्रिय लोधी महासभा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के आयोजकों का आभार जताते हुए समाज की एकता और महापुरुषों के आदर्शों को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी, अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी और श्रद्धेय बाबूजी कल्याण सिंह ने समाज की एकता को मजबूती देने के साथ राष्ट्र को भी सशक्त बनाने का कार्य किया। इन महापुरुषों के प्रति श्रद्धा व सम्मान की भावना आने वाली पीढ़ियों में भी जीवंत रहे, इसके लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल सहित भाजपा पदाधिकारी, लोधी महासभा के प्रतिनिधि, विधायक और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

तुलसीदास जयंती पखवाड़ा समापन 31 को

अवध भारती संस्थान ने नेपाल सहित यूपी के विभिन्न जिलों में की तुलसी यात्रा एवं तुलसी सभा

समापन समारोह में “सूबेदार-राजदेवी अवधी सम्मान-2026” से सम्मानित होंगे 15 अवधी आराधक

बीकेटी/लखनऊ। अवध भारती संस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा गोस्वामी तुलसीदास जयंती पखवाड़ा के समापन एवं सूबेदार-राजदेवी अवधी सम्मान-2026 अलंकरण समारोह का आयोजन 31 अगस्त 2026, दिन सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे, एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, बख्शी का तालाब, लखनऊ में किया जाएगा।
इस अवधी अनुष्ठान के संयोजक नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान ने बताया कि इस समारोह में गोस्वामी तुलसीदास जयंती पखवाड़े के तहत नेपाल सहित यूपी के विभिन्न जिलों में तुलसी यात्रा निकाली गईं। यात्रा के अंत में तुलसी सभाओं का आयोजन किया गया। इसके अगुवा राम बहादुर मिश्र
(अध्यक्ष, अवध भारती संस्थान) हैं।
नागेन्द्र ने बताया कि समापन समारोह में तुलसीदास के जीवनवृत्त और उनके रचनात्मक पहलुओं पर विचार-विमर्श होगा। साथ ही, तुलसी जयंती पखवाड़े पर आयोजित तुलसी यात्राओं और तुलसी सभाओं का विश्लेषण किया जाएगा।
कार्यक्रम संयोजक श्री चौहान ने अवगत कराया कि इस समारोह में 15 अवधी आराधकों को “सूबेदार-राजदेवी अवधी सम्मान-2026” से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान एमएलसी पवन सिंह चौहान के माता-पिता की सुस्मृति में दिया जाएगा।
इस समारोह के मुख्य अतिथि सीतापुर एमएलसी एवं एसआर ग्रुप के चेयरमैन पवन सिंह चौहान होंगे। इसकी अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित करेंगे। इसका संचालन वरिष्ठ पत्रकार नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान करेंगे। वहीं, साहित्यकार प्रदीप सारंग गोस्वामी तुलसीदास जयंती पखवाड़ा का विश्लेषण प्रस्तुत करेंगे।
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इन अवधी आराधकों को सम्मान

प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित, डॉ राम बहादुर मिश्र, सर्वेश अस्थाना, डॉ अर्जुन पाण्डेय, आत्म प्रकाश मिश्र, सुमोना एस. पांडेय, कुसुम वर्मा, नीरजा शुक्ला, सुशील कुमार राय, प्रदीप सारंग, सुनील कुमार वर्मा, रमाकांत तिवारी रामिल, योगेश चौहान, चेतराम अज्ञानी एवं नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान
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तुलसी अनुष्ठान में सहयोगी संस्थाएँ

एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स बीकेटी, उप्र साहित्य सभा लखनऊ, लोकरंग फाउंडेशन लखनऊ, आँखें फाउंडेशन बाराबंकी, अवधी साहित्य संस्थान अमेठी, कमला नारायण ट्रस्ट उप्र, श्रेयस शोध संस्थान लखनऊ, समदृष्टि सेवा न्यास रायबरेली, महाजन सेवा संस्थान त्रिवेदीगंज, गुलजार फाउंडेशन बाराबंकी, शिव गंगा साहित्य सेवा समिति मसौली, काव्य कार्यशाला बाराबंकी, लोक संस्कृति शोध संस्थान
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August 29, 2026

नेपाल की जल प्रलय में मृतकों को संख्या 630 हुई

नेपाल सरकार के अनुसार भयानक बाढ़ सैलाव की घटित दुर्घटना से नेपाल तिब्बत में मरने वालों में विदेशी-देशी नागरिकों की संख्या बढ़कर 633 हो गई है, जबकि 2500 से ज़्यादा लोग अभी भी लापता में दर्ज हैं, सात शव नदी में बहकर यूपी में पहुंचे हैं। नेपाल और तिब्बत में इस आपदा में 320 भारतीय भी शामिल हैं।महाराष्ट्र के एक सैकड़ा तीर्थयात्रियों के नेपाल से सीतामणी पहुंचने पर बिहार सरकार ने सकुशल उनको ट्रेन से घर रवाना करा दिया है।

नेपाल के वित्त मंत्री ने बताया कि 3 करोड़ की आबादी वाले इस हिमालयी देश को बुधवार की बाढ़ से हुई तबाही के बाद फिर से सब कुछ ठीक करने के लिए लगभग 4 से 5 अरब डॉलर की जरूरत होगी। ग्लेशियर टूटने से चट्टान, बर्फ, कीचड़ और मलबे का एक विशाल सैलाब बुधवार को पहाड़ी नदियों के रास्ते तेजी से आगे बढ़ा। इसने अपने रास्ते में आने वाली इमारतों, पुलों और बिजलीघरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे नेपाल में कम से कम 626 और चीन के तिब्बत में 7 लोगों की मौत हो गई।
इस बीच नेपाल के अधिकारियों ने दक्षिणी चितवन जिले में भोटे कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान मिले 229 अज्ञात और बिना दावे वाले शवों को अंतिम संस्कार करने दफनाने का फैसला किया। बाढ़ का पानी फिलहाल में उतर चुका है, लेकिन लोगों के घरों की दीवारों, गलियों सड़कों में फंसा मलबा , लोगों के घर कीचड़ से ढ़के हुए फोटो/वीडियो में साफ दिखाई पड़ रहे हैं। त्रिशूली नदी पर स्थापित एक दर्जन से अधिक 450 मेगावाट के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का संचालन बाधित हुआ है, नेपाल में टोटल बिजली उत्पादन का एक चौथाई भाग बाढ़ सैलाव से प्रभावित होने की बात कही गई है।

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