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सुभासपा को झटका, प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा

May 3, 2026

सुभासपा को झटका, प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा

Posted on 03.05.2026 Time 08.21 PM, Sunday , Lucknow News , SBSP, Suheldev Bharatiya Samaj Party , UP Samachar Sewa, UP News 

लखनऊ, 03 मई 2026 (उप्र समाचार सेवा)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद्र कश्यप ने त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर पर आरक्षण मुद्दे पर चुप्पी साधे रहने का आरोप लगाया है। वे अब बिहार के नेता मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी में शामिल होंगे।

श्री कश्यप ने प्रदेश अध्यक्ष पद और प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दिया है। उनका इस्तीफा सोशल मीडिया में वायरल है। इसके साथ ही उन्होंने एक्स पर भी इस्तीफे की जानकारी साझा की है। श्री कश्यप ने आरोप लगाया है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर मंत्री बनने से पहले 17 पिछड़ी जातियों को आरक्षण मुद्दा उठाते थे। जब से मंत्री बने है इस मुद्दे पर मोन साधे हुए है। वे पार्टी में घुटन महसूस कर रहे थे। इसलिए त्यागपत्र दिया । अब विकसित इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी के साथ कार्य करेंगे और इंडिया गठबंधन की सरकार बनवाएंगे।

इस त्यागपत्र से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी में खलबली मच गई है। अभी तक राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पारदर्शी प्रक्रिया से 9 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी प्रदान की: योगी आदित्यनाथ

Posted on 03.05.2026 Time 07.38 PM Sunday, Lucknow News, CM Yogi Adityanath News, New Appointment 

सीएम ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के नवचयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित 252 दन्त स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

लखनऊ : 03 मई, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि प्रदेश में अब तक निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गयी है। यह संख्या इस अवधि में देश के किसी भी राज्य द्वारा युवाओं को प्रदान की गयी नौकरियों से अधिक हैं।
मुख्यमंत्री आज यहां मिशन रोजगार के अन्तर्गत निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के नवचयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित 252 दन्त स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न कराने हेतु उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत एवं उनकी पूरी टीम की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार कर प्रदेश को बीमारू बना दिया था, जिससे अपेक्षित परिणाम प्राप्त न होने पर न केवल माँ-बाप, बल्कि नाते-रिश्तेदारों के सपने भी चकनाचूर हो जाते थे। यह प्रदेश भ्रष्टाचार, अराजकता तथा गुण्डागर्दी का पर्याय बन चुका था। यहाँ कोई भी व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करता था। परीक्षा कोई और देता था, जबकि नियुक्ति कोई अन्य व्यक्ति प्राप्त करता था। वर्ष 2017 से पूर्व चयन की प्रक्रिया में अत्यधिक भेदभाव के कारण युवा आत्महत्या करने को मजबूर थे। चयन प्रक्रिया में भेदभाव को रोकने के लिये न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ता था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत अब तक 02 लाख 20 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती सम्पन्न की जा चुकी है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में केवल 03 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की व्यवस्था थी। प्रदेश सरकार द्वारा 60 हजार 244 पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रशिक्षण केन्द्रों में एक साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न कर, उन्हें 26 अप्रैल, 2026 को पासिंग आउट परेड की प्रक्रिया से जोड़कर फील्ड ड्यूटी में भेजा गया है। अकेले उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इस वर्ष 32 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया सम्पन्न करेगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग इस वर्ष लगभग 15 हजार युवाओं की भर्ती सम्पन्न करेगा। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा वर्तमान में सब इन्सपेक्टर तथा होमगार्ड की भर्ती सम्पन्न हो चुकी है। इन दोनों भर्तियों को मिलाकर लगभग 45 हजार पद सम्मिलित हैं। लगभग इतने ही पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2026-27 में प्रदेश में सभी विभागों को मिलाकर डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न होनी है। भर्ती प्रक्रियाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिये प्रदेश सरकार ने सख्त कानून बनाया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 09 वर्षों में प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तथा प्रतिव्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है, जबकि इसमें कोविड महामारी की अवधि भी सम्मिलित है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुयी है। राज्य में बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ एक्सप्रेस-वे, हाईवे तथा ग्रामीण सड़कों आदि का निर्माण किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश के लगभग प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज हैं। वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स लोगों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। लगातार सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल व नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण हो रहा है। पूर्व में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या कम थी तथा उनमें स्टाफ का भी अभाव था, जिसके परिणामस्वरूप पूरा सिस्टम बीमार था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के बारे में लोगों को जानकारी नहीं थी, जबकि यह बहुत महत्वपूर्ण विभाग है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का एक पक्ष दवा की गुणवत्ता से सम्बंधित है, जो यह देखता है कि जो दवा हम ले रहे हैं, वह मानक के अनुरूप है या नहीं। दूसरा पक्ष खाद्य सुरक्षा से सम्बन्धित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज औषधियों की जांच के लिए प्रत्येक मण्डल स्तर पर ‘ए-ग्रेड’ की एक-एक लैब है। ट्रेण्ड मैनपॉवर समय पर किसी नमूने के बारे में बता पाएगा कि नमूना सही है या गलत। गलत नमूना पाए जाने पर सजा का प्राविधान है। प्रदेश में आजादी के बाद से वर्ष 2017 तक मात्र पांच प्रयोगशालाएं बन पाई थीं, अब आवश्यक उपकरणों के साथ प्रदेश में 18 प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं। पहले, मनुष्य के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होता था। उसे पता नहीं होता था कि जो वह दवा खा रहा है वह सही है या गलत। पूर्व में इन प्रयोगशालाओं में 12000 नमूने प्रतिवर्ष लिए जाते थे, जबकि आज 55000 नमूने प्रतिवर्ष लिए जा सकते हैं। एनालिस्ट की संख्या अब तक मात्र 44 थी, 357 एनालिस्ट की भर्ती के उपरांत यह संख्या 401 हो गई है। इससे बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ी हुई 06 प्रयोगशालाओं में अभी तक एनालिस्ट की संख्या 58 है। 417 पदों पर भर्ती के लिए आयोग को अधियाचन भेजा गया है। जल्द ही उनकी भर्ती की प्रक्रिया सम्पन्न होने जा रही है। खाद्य सुरक्षा के नमूनों की जांच के लिए प्रदेश में लैब्स संख्या बढ़कर 18 हो गई है। यहां अच्छे उपकरण उपलब्ध करवा दिए गए हैं। अब कोई जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर पाएगा। अब तक खाद्य सुरक्षा से संबंधित 36 हजार नमूने प्रतिवर्ष लिए जाते थे। एनालिस्ट की भर्ती के उपरान्त प्रतिवर्ष 01 लाख 08 हजार नमूनों की जांच की जा सकेगी और जनता के लिए परोसी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी। यह मार्केट से जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली सामग्री को हटाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग एम देवराज, सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ0 रोशन जैकब व नव चयनित अभ्यर्थी उपस्थित थे।

May 1, 2026

भविष्य के भारत के लिए युवा नेतृत्व की आवश्यकता: महाना

लखनऊ। विधानसभा अध्यक्ष श्सतीश महाना ने कहा कि हम सभी भारत के संविधान से बंधे हैं, जो हमारे लिए एक मार्गदर्शक ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत युवा संसद” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 2047 के विजन का सशक्त प्रतिफल है, जिसके माध्यम से आज के युवाओं को भविष्य के भारत के निर्माण के लिए तैयार किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा मंडप में आज राज्य स्तरीय “विकसित भारत युवा संसद” का भव्य शुभारंभ माननीय अध्यक्ष श्री सतीश महाना जी के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गिरीश यादव, विधायक डॉ. सुरभि, श्री नीरज बोरा एवं श्री शशांक वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
अपने उद्बोधन में श्री महाना ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय में यही पीढ़ी देश की दिशा और दशा तय करेगी, इसलिए आज ही भविष्य की आकृति और स्वरूप पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए विकास का मार्ग प्रशस्त करें और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग सकारात्मक कार्यों के लिए होना चाहिए, अन्यथा यह भस्मासुर भी बन सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने विवेक और ज्ञान का सदुपयोग करें, समय का उचित प्रबंधन करें तथा निरंतर परिश्रम के माध्यम से अपने भविष्य को सुदृढ़ बनाएं।
श्री महाना ने कहा कि ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह समाज तक पहुंचे। जीवन में प्रतिबद्धता (कमिटमेंट) और इच्छाशक्ति सफलता के प्रमुख आधार हैं। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि हमेशा जीतने के लिए कार्य करें, किसी को हराने के लिए नहीं, और अपनी योग्यता पर अहंकार से बचें।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि आज के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं और सफलता के लिए जोखिम उठाना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को विनम्रता और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान “माय भारत” से जुड़े अधिकारियों द्वारा समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। क्षेत्रीय निदेशक श्री अनिल सिंह एवं राज्य निदेशक श्री गोपेश पांडे ने अतिथियों का स्वागत किया।
उल्लेखनीय है कि इस राज्य स्तरीय युवा संसद में प्रदेश के 75 जनपदों से चयनित 375 युवा प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जो 1 से 3 मई 2026 तक ‘केंद्रीय बजट 2026: विकसित भारत 2047 की ओर भारतीय युवाओं के मार्ग को सुदृढ़ बनाना’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। प्रतियोगिता के विजेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त होगा।
अंत में विधानसभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना जी ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत पुनः विश्व को मार्गदर्शन देने वाला राष्ट्र बनेगा और युवा इस लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

April 30, 2026

हिंदू समाज में समाप्त हो भेद भाव: नरेंद्र ठाकुर

Narendra Thakur RSS

Posted on 30 April 2026, Time 07.19 PM, Thursday, Lucknow, RSS, Media Samvad, Vishwa samvad Kendra

लखनऊ, 30 अप्रैल 26 । हिंदू समाज में जाति, भाषा, प्रांत आदि के आधार पर भेदभाव समाप्त होना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगा है। इसके लिए 32 से अधिक संगठन समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। ये बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर ने गुरुवार को नारद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में कहीं।

उन्होंने कहा कि आरएसएस की 100 वर्ष की यात्रा सामान्य यात्रा नहीं है। हमारे कार्यकर्ताओं ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। संघ विश्व में भारत माता की जय जयकार के लिए कार्य करता है। भारत को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाना संघ का उद्देश्य है। प्रथम सरसंघचालक डॉ. हेडगेवार को याद करते हुए उन्होंने कहा कि संघ व्यक्ति निष्ठ नहीं, तत्व निष्ठ बनने में विश्वास करता है। इसीलिए हमने किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि परम पवित्र भगवा ध्वज को गुरु माना।

उन्होंने कहा कि संघ की 85000 से अधिक दैनिक शाखाएं और 32000 से अधिक साप्ताहिक मिलन चल रहे हैं। वनवासी क्षेत्रों से लेकर नगरों तक अनगिनत सामाजिक कार्य स्वयंसेवक चला रहे हैं।

नरेंद्र ठाकुर ने संघ के भविष्य की कार्य योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि पंच परिवर्तन का कार्य समाज में चल रहा है। सामाजिक समरसता के माध्यम से हम हिंदू समाज के बीच हर प्रकार का भेदभाव मिटाना चाहते हैं। शताब्दी वर्ष में हिंदू सम्मेलनों में समाज के सभी एक साथ आए और सहयोग किया। कुटुम्ब प्रबोधन के जरिए संघ चाहता है कि पारिवारिक व्यवस्था ठीक रहे तो समाज भी ठीक रहेगा। पर्यावरण संरक्षण भी समाज का प्रमुख कर्तव्य होना चाहिए। साथ ही स्व के आधार पर समाज का जीवन चलना चाहिए। भाषा, वेशभूषा में भी स्व का भाव होना चाहिए। इसी प्रकार सभी को नागरिक कर्तव्यों का बोध होना चाहिए। हर व्यक्ति देश, समाज के प्रति अपने कर्तव्य को समझे।

यूजीसी दिशा निर्देशों को लेकर किए गए एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है। इसलिए संघ इस विषय पर अपना कोई मत व्यक्त नहीं करना चाहता, फिर भी हमारा मानना है कि समाज में सद्भाव बना रहना चाहिए।

कार्यक्रम में संघ के प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह, विश्व संवाद केंद्र के उपाध्यक्ष अशोक सिंहा, संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर, क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष, प्रांत प्रचारक कौशल समेत अनेक संघ पदाधिकारी उपस्थित थे।

April 28, 2026

सूचना विभाग बनाता है सरकार की छवि: रोहित नंदन

Smarika RIJWA vimochan by Ritered Information Officers in Lucknow

Posted on 27.04.2026 Time 09.12 Tuesday, Lucknow, UP Information Department, RIJWA

लखनऊ में मोबाइल फोन सूचना निदेशक के नाम लिया गया था, सूचना विभाग का रहा है स्वर्णिम इतिहास

लखनऊ, 27 अप्रैल 2026, । मोबाइल फोन की आमद1995 में हुई थी और लखनऊ में पहला मोबाइल फोन कनेक्शन जुलाई 1996 में सूचना निदेशक के नाम लिया गया। इसी तरह इंटरनेट का मामला है। इंटरनेट का लखनऊ में पहला कनेक्शन सूचना विभाग के नाम लिया गया। सूचना विभाग सरकार की आँख और कान हुआ करता था, अब भी है, तकनीक और लेखनी दोनों के सम्मिश्रण से सूचना विभाग आज भी अपनी प्रासंगिकता बरकरार रखे हुए है।
यूपी के तीन बार सूचना निदेशक रहे वरिष्ठ पूर्व आईएएस अधिकारी रोहित नंदन ने यह बातें आज सूचना भवन आडिटोरियम में आयोजित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व अधिकारियों के हाल ही में बनाए गए संगठन “रिटायर्ड इन्फ़ॉर्मेशन जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन” के पहले सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए कहीं।इस अवसर पर पूर्व सूचना निदेशक, सुधेश ओझा, अजय उपाध्याय और पूर्व अपर निदेशक रहे डॉक्टर अनिल पाठक भी मौजूद रहे।
रोहित नंदन एकमात्र अधिकारी हैं जो सूचना निदेशक पद पर तीन बार तैनात हुए हालाँकि वह इस पद पर पहले आना नहीं चाहते थे, लेकिन आज वह जब याद कर रहे थे कि कैसे उन्होंने उस समय इस पद पर सबसे लम्बे कार्यकाल का निर्वहन किया, तो बताया कि इस पद की गरिमा इसके वर्चस्व से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग के अधिकारी जो काम करते हैं उससे सरकार की छवि बनती है और सरकार की छवि आम आदमी के दिमाग़ में बेहतर से बेहतर बनाना आसान काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन हो या इंटरनेट, सबसे पहले सूचना विभाग के पास आता है तो इससे समझा जा सकता है कि यह विभाग कितना महत्वपूर्ण है।
चुनाव आयुक्त रहे पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री अनूप चंद्र पांडेय भी दो बार यूपी के सूचना निदेशक पद पर रहे। उन्होंने कहा कि उनकी बहुत बड़े बड़े पदों पर तैनाती हुई। यूपी के मुख्य सचिव से लेकर चुनाव आयुक्त तक, लेकिन सूचना निदेशक के कार्यकाल को वह सबसे ज्यादा याद करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका वो कार्यकाल अविस्मरणीय है। श्री पांडेय ने बताया कि कैसे एक बार बजट पेश किए जाने के समय प्रेस विज्ञप्ति में जो लिखा गया था वह बजट में था ही नहीं। विधानसभा में इस पर बहस हो गई तो सरकार ने सूचना विभाग के प्रेस नोट की बात स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि सूचना निदेशक का पद सरकारी सिस्टम में शक्ति का केंद्र माना जाता है और सूचना निदेशक ही वह अधिकारी होता है जिसकी पहुंच मुख्यमंत्री तक सीधे होती है और कभी भी किसी भी समय वह मुख्यमंत्री से सीधे बात कर सकता है। श्री पांडेय ने कहा कि अखबारों की स्क्रुटनी भी इस विभाग का एक विशेष कार्य रहा है और सूचना विभाग के अधिकारियों की बौद्धिक क्षमता का सरकार के पक्ष में बेहतर इस्तेमाल का लंबा इतिहास रहा है।


सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राघवेंद्र कुमार ने इस अवसर पर कहा कि सूचना विभाग के कार्य वास्तव में बड़े महत्वपूर्ण और सराहनीय रहे हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह न्यायालयों के कार्यों का भी सूचना विभाग ने प्रचार कर आम आदमी के मन में न्यायपालिका के प्रति विश्वास को पुख्ता करने का कार्य किया है। इस अवसर पर रिटायर्ड इन्फ़ॉर्मेशन जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन की पत्रिका “रिज़वा” का भी लोकार्पण किया गया और रोहित नंदन को अशोक प्रियदर्शी स्मृति सूचना सम्मान और अनूप चन्द्र पांडेय को उमेश कुमार सिंह चौहान स्मृति सम्मान से नवाज़ा गया। इस अवसर पर सूचना विभाग के पूर्व अधिकारियों में श्री विजय राय, राजगोपाल सिंह वर्मा, हामिद अली खां, ज्ञानवती, दिनेश सहगल, अशोक कुमार शर्मा, अशोक बनर्जी, अमजद हुसैन सहित ग्यारह लोगों को भी सम्मानित किया गया।

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