Web News

www.upwebnews.com

सीएम ने दिए त्योहारों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

July 25, 2026

सीएम ने दिए त्योहारों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

कानून व्यवस्था की समीक्षा करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ : 24 जुलाई, 2026, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आगामी श्रावण मास, काँवड़ यात्रा और विभिन्न पर्वों के दृष्टिगत अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि आस्था के इस महापर्व में प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। काँवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएँ, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और जनसुविधाओं की ऐसी व्यवस्था दिखायी देनी चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने, मिलावट, ओवररेटिंग, अव्यवस्था या अराजकता पैदा करने का प्रयास करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। प्रशासन पूरे आयोजन के दौरान पूरी सजगता तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
मुख्यमंत्री जी आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी काँवड़ यात्रा, मेलों एवं त्योहारों, कानून-व्यवस्था तथा बाढ़ प्रबन्धन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से संवाद किया।
मुख्यमंत्री जी ने श्रावण मास के दौरान आयोजित होने वाली काँवड़ यात्रा, श्रावणी शिवरात्रि, चेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस, बरावफात और रक्षाबन्धन के सम्बन्ध में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता, यातायात, आपदा प्रबन्धन और नागरिक सुविधाओं की तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक में अपर मुख्य सचिव, गृह ने तैयारियों की जानकारी दी, जबकि मण्डलायुक्त मेरठ और ए0डी0जी0 जोन मेरठ ने काँवड़ यात्रा प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
मुख्यमंत्री जी ने मेरठ जोन की तैयारियों और कार्ययोजना को प्रदेश के अन्य सभी पुलिस जोनों के साथ साझा करने के निर्देश दिए, ताकि पूरे प्रदेश में एक समान और प्रभावी व्यवस्था लागू की जा सके। उन्होंने कहा कि काँवड़ यात्रा अब प्रदेश के किसी एक हिस्से तक सीमित आयोजन नहीं रह गई है। रुहेलखण्ड, ब्रज, बुन्देलखण्ड, अवध, पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु इसमें सम्मिलित होते हैं। ऐसे में प्रत्येक जनपद में व्यवस्थाओं का स्तर समान होना चाहिए। स्थानीय प्रशासन काँवड़ संघों के साथ निरन्तर संवाद बनाए रखे, शिविर संचालकों का सत्यापन समय से पूरा करे और सभी तैयारियों की अग्रिम समीक्षा कर किसी भी प्रकार की कमी को पहले ही दूर कर लिया जाए। काँवड़ की निर्धारित ऊँचाई का पालन सुनिश्चित कराने के लिए हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखण्ड राज्य के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए तथा वहाँ के काँवड़ संघों से भी नियमित संवाद रखा जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि काँवड़ यात्रा मार्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप पूरी तरह तैयार होने चाहिए। जहाँ कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, उनकी तत्काल मरम्मत पूरी करायी जाए। मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध रहें। स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी के साथ रहे। चिकित्सा शिविर प्रभावी ढंग से संचालित हों तथा एण्टी वेनम और एण्टी रैबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएं तथा सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से भजन-संगीत के साथ आवश्यक सूचनाओं का नियमित प्रसारण किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। काँवड़ यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की दुकानें बंद रखी जाएं। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गन्दगी और ओवररेटिंग की शिकायत किसी भी दशा में नहीं मिलनी चाहिए। अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही करें। प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रहे। डीजे की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप हो तथा कानफोड़ू आवाज किसी भी परिस्थिति में स्वीकार न की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने, संवेदनशील स्थलों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरों और ड्रोन से सतत् निगरानी रखने तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और फर्जी सूचनाओं का तत्काल खण्डन किया जाए तथा अफवाह फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। सम्भावित बाढ़ और कटान वाले क्षेत्रों में पहले से सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी रहें तथा स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी बनाए रखे। वी0आई0पी0 आवागमन से जुड़े कार्यक्रमों की पूर्व जानकारी उपलब्ध रहे, जिससे आम श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारीगण जनप्रतिनिधियों के साथ सतत् संवाद बनाए रखें। अगले दो से तीन दिनों के भीतर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सम-सामयिक विषयों और शासन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा की जाए तथा उनके सुझावों के अनुरूप स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने बैठक में प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कुछ जनपदों से कोटेदारों के उत्पीड़न की प्राप्त शिकायतों पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला पूर्ति अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें। यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो तत्काल निलम्बन के साथ खुली विजिलेंस जाँच कराकर विधिक और विभागीय कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने पावर कॉरपोरेशन के सभी डिस्कॉम को ओवर बिलिंग की शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश देते हुए कहा कि तकनीकी खामियों का बोझ आम उपभोक्ता पर नहीं पड़ना चाहिए। प्रत्येक उपभोक्ता से उसके वास्तविक विद्युत उपभोग के अनुरूप ही बिजली का बिल लिया जाए और इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

लोक भारती ने आयोजित किए प्राकृतिक 25 कृषि प्रशिक्षण शिविर

Posted on 25.07.2026 Time 07.59 AM, Saturday, Lok Bharati Uttar pradesh

लखनऊ, 25 जुलाई 2026, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पर्यावरण विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण कार्यशला झंडे वाला, नई दिल्ली में 24 जुलाई को आयोजित की गईं, जिसमें लोकभारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपाल उपाध्याय ने लोकभारती द्वारा देश भर में पर्यवरण संरक्षण के बिभिन्न आयामों पर किये जा रखे कार्यों एवं उनकी उपलब्धयों को प्रस्तुत किया…
1. गौ आधारित प्राकृतिक क़ृषि के देश के पंद्रह राज्यों के किसानों के साथ पचचीस प्रशिक्षण वर्ग सम्पन्न कराये, जिनमे स्वयं सुभाष पलेकर जी ने प्रशिक्षण दिया, इन वर्गो में लगभग तीस हजार किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, उन्हें स्थापित करने तथा आगे बढ़ाने में लोकभारती की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी सफलता के परिणाम स्वरूप गौ आधारित प्राकृतिक कृषि पद्धति को भारत सरकार नें राष्ट्रीय कृषि नीति में सम्मिलित किया। लोकभारती के कर्म योगी किसानों ने कृषि विभाग के बैज्ञानिकों तथा कृषि विज्ञानं केंद्रों के वैज्ञानिकों भी प्रशिक्षित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

2. नदी और जल संरक्षण की दृष्टि से लोकभारती नें माँ गंगा समग्र चिंतन के लिए लखनऊ में राष्ट्रीय स्तर की दो दिवसीय दो कार्यशालाएं आयोजीत कीं, जिनमें सम्पूर्ण देश के नदियों पर कार्य करने वाले विशेषज्ञओं ने भाग लिया, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर आदरणीय मधुभाई कुलकरणी द्वारा गंगा समग्र का शुभारम्भ हुआ तथा लोकभारती ने गोमती के उदगम से गंगा मिलन स्थल तक सात दिवसीय एक गोमती अध्ययन यात्रा तथा दूसरी गोमती अलख यात्रा का आयोजन किया, जिससे गोमती सहायक 22नदियों की जानकारी, प्रदूषण के कारक, भुगर्भ जल@ स्तर तथा भू गर्भ जल स्रोतों की वर्तमान स्थिति की जानकारी एकत्र की, सहयोग के लिए तीस स्थनों पर गोमती मित्र मंडलों का गठन किया, जिसके परिणाम स्वरूप गोमती पर अनेक स्थानों पर पुनर्जीवन का कार्य प्रारम्भ हुआ, इसके अतिरिक्त लोकभारती ने गोमती की तीन सहायक नदियों शाहजहांपुर में भैसी नदी, सीतापुर में कथिना तथा मंदकिनी नदी को पुनर्जवित किया, अयोद्धाया में राम रेखा नदी, बाराबंकी में कल्याणी, हापुड़ में बूढी गंगा तथा नीम नदी के पुनर्जीवन हेतु कार्य प्रारम्भ किया, परिणाम स्वरूप प्रदेश सरकार ने एक नदी एक जिला का अभियान प्रारम्भ किया जिसमें विभिन्न जिलों में लोकभारती तथा उसके सहयोगी संस्थाएँ कार्यरत हैं…

3. लोकभारती ने हरियाली अभियान हेतु वृहत स्तर पर कई प्रकार के कार्य किये… (1) लोकभारती ने पांच जून के स्थान पर सावन महीने को हरियली माह घोषित किया, जो गुरु पूर्णिमा से 29 जुलाई से रक्षबंधन 29 अगस्त तक इस वर्ष है, परिणामतः अब प्रदेश सरकार भी जुलाई के प्रथम सप्ताह से ही वृक्षरोपण अभियान चलती है। (2) लोकभरती ने एक जिले के प्रत्येक ग्राम सभा तथा प्रत्येक नगर पालिका के प्रत्येक वार्ड में शासन और सभी सामाजिक संगठनों के समन्वय से एक निश्चित तिथि पर एक साथ ट्री गार्ड सहित उत्सव पूर्वक हरिशंकरी रोपण अभियान प्रारम्भ किया, जिसके परिणाम स्वरूप प्रदेश के ग्यारह जिलों में बीस हजार से अधिक स्थनों पर हरिशंकरी (पीपल, पाकड़, बरगद ) एक ही थाले में एक साथ लगाए जा चुके है। इस वर्ष सिद्धर्थ नगर, महोवा, बंदा, चित्रकूट, गाजीपुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ तथा हमीरपुर जिले प्रस्तावित हैं, जहाँ कार्य चल रहा है।

4. हरिशंकरी मला अभियान के अंतर्गत प्रदेश के चार चौरासी कोसी परिक्रमा क्षेत्र जिनमें 1. आयोध्या, 2. नैमिषारण्य, 3, चित्रकूट, और 4. मथुरा को चुना गया है, जहाँ परिक्रमा पथ पर हर कोष पर हरिशंकरी रोपण कर कोस पड़ाव सुनिश्चित कर दुरी नापने के भरतीय मानक कोस को जीवंत किया जाये आदि।जिससे प्रत्येक कोस पर पड़ाव भी सुनिश्चित हो सकेगा।

5. लोकभारती द्वारा स्वछता अभियान को प्राथमिकता पर रखते हुए घरों पर घरेलू वनस्पतिक कचरा निस्तारण पर व्यापक कार्य प्रारम्भ किया है, जिसके अंतर्गत लखनऊ नगर में ही एक हजार से अधिक परिवारों में डिब्बा सफलता पूर्वक कार्य कर रहा है, जिससे घरों में रसोई वाटिका भी प्रारम्भ हो गईं हैं। यह अभियान शाहजहांपुर, मुरादाबाद, हापुड़, मेरठ, झाँसी, काशी, गाजियाबाद जैसे नगरों में भी प्रारंभ हो गया है।
इसके अतिरिक्त लोक भारती कुछ अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य कर रही है, जिसकी सूची हम यहां पर दे रहे हैं –
1. वंगो लोकभारती, 2. बुंदेली प्रकृति पर्यटन, 3. मंगल परिवार, 5. गौ संरक्षण, संवर्धन, गौ पालक संम्म्मान, 6. प्राकृतिक कृषक सम्मान कार्यक्रम, 7. ग्राम संस्कृति उत्सव, 8. भगीरथ सम्मान कार्यक्रम, 9. फल खाओ गुठली लगाओ, 10. आओ नदी को जानें अभियान आदि….

July 20, 2026

मुख्यमंत्री ने भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर में किया दर्शन-पूजन

  • मुख्यमंत्री ने जनपद बाराबंकी में रामनगर एवं दरियाबाद विधानसभा क्षेत्रों की 542 करोड़
    रु0 से अधिक लागत की 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
  • स्वाधीनता आन्दोलन का अलख जगाने में जनपद बाराबंकी ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया, यह पावन धरा हमें सदैव राष्ट्रभक्ति तथा भारत माता के प्रति समर्पण के भाव हेतु प्रेरित करती रहेगी
लखनऊ : 20 जुलाई, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ मंत्र को धरातल पर उतारा जा रहा है। उत्तर प्रदेश बॉटम थ्री से टॉप थ्री अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार बिना भेदभाव गरीबों, दलितों, वंचितों, किसानों, महिलाओं सहित प्रत्येक तबके के कल्याण हेतु कार्य कर रही है। आज उत्तर प्रदेश डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का एक नया केन्द्र बनकर उभरा है। यहां ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। बेटी और व्यापारी सुरक्षित हैं। बड़े-बड़े निवेश आ रहे हैं। प्रदेश के युवाओं को प्रदेश में ही काम मिल रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद बाराबंकी में रामनगर एवं दरियाबाद विधानसभा क्षेत्रों की 542 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ट्राईसाइकिल, चाभी, प्रतीकात्मक चेक, स्वीकृति पत्र तथा प्रमाण पत्र आदि प्रदान किये। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन, पौधरोपण, महिलाओं की गोदभराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन किया। मुख्यमंत्री जी ने भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर में दर्शन-पूजन तथा वहां चले रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद बाराबंकी की पावन धरा हजारों वर्षों की विरासत अपने में समेटे हुए है। विरासत के इन प्रतीकों में भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर, भगवान कुन्तेश्वर महादेव मन्दिर, अक्षयवट के रूप में महाभारतकालीन पारिजात वृक्ष आदि सम्मिलित हैं। इस धरा को मां सरयू तथा मां गोमती अभिसिंचित करती हैं। यह धरती प्रतिभाशाली विभूतियों को प्रदान करने वाली है। सन्त कवि श्री बैजनाथ, श्री चतुर्भुज दास, श्री जगजीवन दास, श्री रविदत्त मिश्र, श्री शंकर दयाल अवस्थी, पं0 महेश दत्त शुक्ल तथा श्री गुरुप्रसाद सिंह सहित जैसे अनेक विद्वानों ने यहां के साहित्यिक आकाश में अपने प्रतिभारूपी प्रकाश का प्रसार किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वाधीनता आन्दोलन का अलख जगाने में इस जनपद ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया था। देश के स्वाधीनता आन्दोलन के दौरान अपने रणबांकुरों के साथ बलिदान देने वाले राजा बलभद्र सिंह चहलारी की यह पावन धरा हमें सदैव राष्ट्रभक्ति तथा भारत माता के प्रति समर्पण के भाव हेतु प्रेरित करती रहेगी। यहां के युवा अत्यन्त प्रतिभाशाली रहे हैं। प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी श्री के0डी0 सिंह ‘बाबू’ के नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम ने ओलम्पिक में पदक प्राप्त किया था। फ्लाइट लेफ्टिनेन्ट शंकर दयाल वाजपेयी ने देश की रक्षा के लिए स्वयं की आहुति दे दी थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज यहां भगवान लोधेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जनपदवासी अत्यन्त सौभाग्यशाली है, क्योंकि उन्हें भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है। यहां अनेक पड़ोसी जनपदों के श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं। पहले की सरकारों ने इस मन्दिर के पुनरुद्धार पर कोई ध्यान नहीं दिया। प्रदेश सरकार ने भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर कॉरिडोर निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की है। यहां काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु अभिभूत होकर जाएगा। मां विन्ध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर का निर्माण हो चुका है। काशी, नव्य व दिव्य काशी के रूप में चमक रही है। गोला गोकर्णनाथ में भी भव्य कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाराबंकी में बाढ़ बचाव के पुख्ता उपाय किए जा रहे हैं। आदि गंगा के रूप में मां गोमती के सुंदरीकरण और पुनरुद्धार का कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में बनने जा रहे स्टेट कैपिटल रीजन का लाभ बाराबंकी को भी प्राप्त होगा। लखनऊ तथा अयोध्या के बीच में स्थित बाराबंकी अपनी नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। आज यहां 542 करोड़ रुपये से अधिक की 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जा रहा है। यहां 100 करोड़ रुपये की लागत से भगवान लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर का कार्य पहले से चल रहा है। जिला प्रशासन से भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर के सामने स्थित सड़क को टू-लेन से फोर-लेन में परिवर्तित करने को कहा गया है। मन्दिर के गेट को और अधिक भव्य बनाने की आवश्यकता है। विकास के लिए धनराशि की कमी नहीं है। प्रदेश सरकार का प्रत्येक कार्य जनता को समर्पित है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी विरासत सनातन धर्म की पहचान है। इस विरासत के संरक्षण हेतु अलग-अलग समय में महाराजा लाखन पासी, महाराजा बिजली पासी, महाराज सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज तथा गुरु गोबिन्द सिंह जैसे महापुरुषों ने अपना योगदान दिया था। प्रदेश सरकार ने बहराइच में महाराज सुहेलदेव का भव्य कॉरिडोर व स्मारक उस स्थान पर बनाया है, जहां उन्होंने एक विदेशी आक्रान्ता सालार मसूद को मारा था। प्रदेश सरकार ने वीरांगना ऊदा देवी पासी, वीरांगना झलकारी बाई कोरी तथा वीरांगना अवन्तीबाई लोधी के नाम पर महिला पी0ए0सी0 बटालियनों गठन किया है। जनपद बांदा में महारानी दुर्गावती के नाम पर मेडिकल कॉलेज तथा औरैया में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर गवर्नमेन्ट मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया है।
कार्यक्रम के दौरान जनपद बाराबंकी के विकास से सम्बन्धित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।
इस अवसर पर कारागार राज्य मंत्री श्री सुरेश राही, विधान परिषद सदस्य श्री अंगद कुमार सिंह, इंजी0 अवनीश कुमार सिंह, श्री उमेश द्विवेदी, विधायक श्री साकेन्द्र प्रताप वर्मा, श्री दिनेश रावत, श्री रामचन्द्र यादव तथा उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री बैजनाथ रावत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

July 19, 2026

मुख्यमंत्री ने किया आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नवीन मुख्यालय भवन का लोकार्पण

लखनऊ, 19 जुलाई 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज राजधानी में ₹200 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नवीन मुख्यालय भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने प्राधिकरण की वेबसाइट का शुभारंभ किया तथा आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले SDRF, PAC और अग्निशमन सेवा के कार्मिकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

युवा अधिकारी राष्ट्र निर्माण के उत्प्रेरक बनें : निखिल खडसे

‘विकसित युवा से विकसित भारत’ के रोडमैप के साथ लखनऊ में चौथे एवं अंतिम चिंतन शिविर का समापन

लखनऊ, 19 जुलाई 2026 युवा कार्यक्रम विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का चौथा क्षेत्रीय चिंतन शिविर आज लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में संपन्न हुआ। इसके साथ ही “विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत (Viksit Yuva for Viksit Bharat)” विषय पर आयोजित देशव्यापी क्षेत्रीय विचार-विमर्श श्रृंखला का समापन हुआ।

सत्र को संबोधित करते हुए युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें प्रेरित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी युवा अधिकारियों की है। उन्होंने कहा, “आप जमीनी स्तर पर कार्य करते हैं, इसलिए चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझते हैं, सही प्रश्न पूछते हैं और व्यावहारिक समाधान खोजते हैं। यही प्रतिबद्धता प्रत्येक प्रस्तुति में स्पष्ट रूप से दिखाई दी।”

उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि MY Bharat, Experiential Learning Programme (ELP), Prime Minister Internship Scheme (PMIS) तथा Fit India पर प्रस्तुतियों ने जमीनी स्तर पर उनकी प्रतिबद्धता और स्थानीय चुनौतियों की व्यावहारिक समझ को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा, “यह केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। युवाओं को अपने करियर के निर्माण के साथ-साथ देश को आगे बढ़ाने के बारे में भी सोचना चाहिए। वे भारत का भविष्य लिखेंगे और आप सभी के पास युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनने का अवसर है।”

राज्य मंत्री ने चिंतन शिविर के दौरान प्रस्तुत किए गए विचारों की सराहना करते हुए कहा कि वे जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों के समर्पण और कठिन परिश्रम को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि MY Bharat, Experiential Learning Programme (ELP), Prime Minister Internship Scheme (PMIS) तथा Fit India जैसी पहलें यह दर्शाती हैं कि क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से नीतिगत परिणाम अधिक बेहतर होते हैं।

युवा कार्यक्रम विभाग के संयुक्त सचिव श्री शिव रतन ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों की MY Bharat के साथ साझेदारी में बढ़ती रुचि इस मंच के युवा सहभागिता और राष्ट्र निर्माण के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में उभरने का प्रमाण है। उन्होंने अधिकारियों से राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों तथा स्थानीय हितधारकों के साथ सहयोग को और मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे विभाग की पहुँच और प्रभाव दोनों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा, “हर राज्य की अपनी चुनौतियाँ होती हैं और प्रत्येक चुनौती के लिए राज्य-विशिष्ट समाधान आवश्यक है। हमारा ध्यान स्थानीय समस्याओं के स्थानीय समाधान विकसित करते हुए जमीनी स्तर पर संगठन को सुदृढ़ करने पर होना चाहिए, साथ ही विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप भी बने रहना चाहिए।”

अधिकारियों को संबोधित करते हुए MY Bharat की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला ने पूरे चिंतन शिविर के दौरान अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की तथा उन्हें युवा सहभागिता के लिए नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि MY Bharat की सफलता युवाओं को स्वयंसेवा, नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता के सार्थक अवसर प्रदान करने में निहित है, साथ ही विभिन्न राज्यों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का प्रभावी दस्तावेजीकरण एवं विस्तार सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

दूसरे दिन की शुरुआत Prime Minister Internship Scheme (PMIS) तथा Fit India पर तकनीकी सत्रों से हुई, जिनका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों को बढ़ावा देना था। समापन दिवस का प्रमुख आकर्षण विभाग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर कार्य समूहों द्वारा तैयार विषयगत कार्ययोजनाओं और केस स्टडी का प्रस्तुतीकरण रहा। समूहों ने नशा मुक्त भारत, फिट इंडिया, जेंडर सेंसिटाइजेशन, युवा नेतृत्व एवं स्वयंसेवा, एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम्स, सामुदायिक जनसहभागिता तथा MY Bharat एवं MY Bharat NSS के संस्थागत सुदृढ़ीकरण पर अपनी अनुशंसाएँ प्रस्तुत कीं।

दो दिवसीय चिंतन शिविर का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि विभाग ने MY Bharat को युवाओं के नेतृत्व वाले राष्ट्र निर्माण के एक सशक्त मंच के रूप में और अधिक मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। इसके लिए जमीनी स्तर पर व्यापक पहुँच, संस्थागत समन्वय तथा सहयोगात्मक सुशासन को और सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। विचार-विमर्श में समुदाय के साथ गहन सहभागिता, व्यवहार परिवर्तन संचार, शैक्षणिक संस्थानों एवं स्थानीय हितधारकों के साथ मजबूत साझेदारी, प्रौद्योगिकी आधारित कार्यक्रम क्रियान्वयन तथा क्षेत्रीय अधिकारियों की निरंतर क्षमता वृद्धि के महत्व को रेखांकित किया गया। अधिकारियों ने प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य-विशिष्ट रणनीतियों, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के नियमित आदान-प्रदान तथा मंत्रालय एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच सतत संवाद की आवश्यकता पर भी बल दिया।

समापन सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश को MY Bharat पंजीकरण की सर्वाधिक संख्या के आधार पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया, जबकि दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव केंद्र शासित प्रदेश को अपनी युवा जनसंख्या के अनुपात में सर्वाधिक पंजीकरण प्रतिशत प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया, जो उत्कृष्ट जमीनी स्तर की जनसहभागिता और पहुँच को दर्शाता है। चिंतन शिविर से प्राप्त अनुशंसाएँ भविष्य में कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करेंगी तथा विकसित भारत @2047 की आधारशिला के रूप में विकसित युवा के निर्माण के प्रति युवा कार्यक्रम विभाग की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेंगी।

*Fourth and Final Chintan Shivir concludes in Lucknow with roadmap for ‘Viksit Yuva For Viksit Bharat’*

*MoS Raksha Nikhil Khadse calls upon youth officers to become catalysts of nation-building

« Newer PostsOlder Posts »