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नेपाल की जल प्रलय में मृतकों को संख्या 630 हुई

August 29, 2026

नेपाल की जल प्रलय में मृतकों को संख्या 630 हुई

नेपाल सरकार के अनुसार भयानक बाढ़ सैलाव की घटित दुर्घटना से नेपाल तिब्बत में मरने वालों में विदेशी-देशी नागरिकों की संख्या बढ़कर 633 हो गई है, जबकि 2500 से ज़्यादा लोग अभी भी लापता में दर्ज हैं, सात शव नदी में बहकर यूपी में पहुंचे हैं। नेपाल और तिब्बत में इस आपदा में 320 भारतीय भी शामिल हैं।महाराष्ट्र के एक सैकड़ा तीर्थयात्रियों के नेपाल से सीतामणी पहुंचने पर बिहार सरकार ने सकुशल उनको ट्रेन से घर रवाना करा दिया है।

नेपाल के वित्त मंत्री ने बताया कि 3 करोड़ की आबादी वाले इस हिमालयी देश को बुधवार की बाढ़ से हुई तबाही के बाद फिर से सब कुछ ठीक करने के लिए लगभग 4 से 5 अरब डॉलर की जरूरत होगी। ग्लेशियर टूटने से चट्टान, बर्फ, कीचड़ और मलबे का एक विशाल सैलाब बुधवार को पहाड़ी नदियों के रास्ते तेजी से आगे बढ़ा। इसने अपने रास्ते में आने वाली इमारतों, पुलों और बिजलीघरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे नेपाल में कम से कम 626 और चीन के तिब्बत में 7 लोगों की मौत हो गई।
इस बीच नेपाल के अधिकारियों ने दक्षिणी चितवन जिले में भोटे कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान मिले 229 अज्ञात और बिना दावे वाले शवों को अंतिम संस्कार करने दफनाने का फैसला किया। बाढ़ का पानी फिलहाल में उतर चुका है, लेकिन लोगों के घरों की दीवारों, गलियों सड़कों में फंसा मलबा , लोगों के घर कीचड़ से ढ़के हुए फोटो/वीडियो में साफ दिखाई पड़ रहे हैं। त्रिशूली नदी पर स्थापित एक दर्जन से अधिक 450 मेगावाट के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का संचालन बाधित हुआ है, नेपाल में टोटल बिजली उत्पादन का एक चौथाई भाग बाढ़ सैलाव से प्रभावित होने की बात कही गई है।

August 28, 2026

नेपाल बाढ़ में मुकुल रॉय की बहू शर्मिष्ठा भी लापता, 300 भारतीयों से संपर्क टूटा

कोलकाता: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड की त्रासदी के बीच पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय की बहू और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सुभ्रांशु रॉय की पत्नी शर्मिष्ठा भौमिक रॉय भी लापता हैं। वह कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं।
शर्मिष्ठा 32 सदस्यीय उस पर्यटक दल का हिस्सा थीं, जो 21 अगस्त को कोलकाता से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुआ था। बाढ़ की चपेट में आने के बाद इस दल के 31 सदस्यों से संपर्क नहीं हो पाया। एक यात्री को सुरक्षित बचा लिया गया है।
परिवार के मुताबिक, शर्मिष्ठा से आखिरी बार 25 अगस्त की रात संपर्क हुआ था। उस समय वह आपदा प्रभावित क्षेत्र से करीब 10 किलोमीटर दूर थीं। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया और परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो सका। सुभ्रांशु रॉय ने बताया कि वह प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं और उनकी पत्नी की तलाश की जा रही है।
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद करीब 300 भारतीय नागरिकों के संपर्क में नहीं होने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों की है। भारतीय अधिकारियों की ओर से राहत और बचाव एजेंसियों के साथ समन्वय कर लापता लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

यूपी में स्वाइन फ्लू से पहली मौत, लखनऊ में 50 वर्षीय महिला ने तोड़ा दम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस सीजन स्वाइन फ्लू से पहली मौत लखनऊ में हुई है। इंदिरानगर निवासी 50 वर्षीय महिला की गुरुवार को बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस लेने में तकलीफ थी। 24 अगस्त को निजी पैथोलॉजी में हुई जांच में उनके स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।
परिजन 25 अगस्त को महिला को गंभीर हालत में बलरामपुर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें ऑक्सीजन और जीवनरक्षक उपकरणों पर रखा गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

रिपोर्ट छिपाने का आरोप 😎
परिजनों का आरोप है कि निजी पैथोलॉजी की स्वाइन फ्लू पॉजिटिव रिपोर्ट अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों को पहले नहीं बताई गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन को दिखाई। इसके बाद अस्पताल में संक्रमण को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई।

17 डॉक्टर-कर्मचारियों के नमूने लिए 😎
महिला के इलाज में शामिल 17 डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ संपर्क में आए मरीजों के नमूने भी जांच के लिए केजीएमयू भेजे गए हैं। महिला का इलाज करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों को एहतियातन आइसोलेट रहने की सलाह दी गई है।
वहीं, प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की पहचान और संक्रमण से बचाव के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

नेपाल में अगला बाढ़ प्रवाह की स्थिति नहीं है: नेपाल

नेपाल में दो दिन पहले बाढ़ सैलाव त्रासदी की स्थिति के लिए ग्लेशियर का टूटना नहीं ओवर फ्लो होना अधिकृत कारण माना गया है।त्रासदी की स्थिति को लेकर शुक्रवार को नेपाल केबिनेट की बैठक आयोजित की गई, बैठक बाद मीडिया को जानकारी साझा करते हुए कहा गया है कि राहत बचाव कार्य करने में चार हजार नेपाली सेना, नौ हजार नेपाली प्रहरी मुस्तैदी से लगे हैं करीब 25 हजार वालंटियर तंत्र और जनता का सक्रियता से सहयोग कर रहे हैं। नेपाल ने ग्लेशियर और नदी बहाव क्षेत्र के रूट की स्थिति और बहाव को जानने के लिए हेलीकॉप्टर भेजे गए हैं और अब ग्राउंड जीरो पर स्पष्ट है कोई बाढ़ का प्रवाह चीन की तरफ से नहीं आना है, नेपाल चीन के साथ निरंतर संवाद में है।

रक्षाबंधन निशुल्क बस यात्रा से महिलाओं को मिली सहूलियत , पहले दिन ही 9 लाख से ज्यादा ने किया सफर

लखनऊ, 28 अगस्त।* रक्षाबंधन पर्व पर योगी सरकार की ओर से महिलाओं और बहनों को दी गई निशुल्क बस यात्रा की सुविधा का पहले दिन बड़ी संख्या में यात्रियों ने लाभ उठाया। 27 अगस्त से शुरू हुई निशुल्क बस यात्रा में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में 6.03 लाख से अधिक महिलाओं ने सफर किया। वहीं, महिलाओं के साथ सफर करने वाले 3.22 लाख से अधिक सहयात्रियों को भी निशुल्क यात्रा का लाभ मिला। इस तरह पहले दिन कुल 9.26 लाख से अधिक यात्रियों ने बिना किराया दिए सफर किया। परिवहन निगम के मुताबिक इस निशुल्क यात्रा की कुल कीमत 9.06 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

यूपीएसआरटीसी प्रधान प्रबंधक (संचालन) अनिल कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन पर महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें सुगम व सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराई जा सके, इसके लिए परिवहन निगम के अधिकारी और कर्मचारी भी युद्ध स्तर पर जुटे हुए हैं। सरकार और विभाग प्रमुख की तरफ से मिले निर्देशों के क्रम में यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसों को भी सड़कों पर उतारा गया है। बसों के संचालन, यात्रियों की सुविधा और व्यवस्था पर निगम की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है।

*इन पांच क्षेत्रों में अब तक सबसे ज्यादा निशुल्क सेवा का लाभ लिया*
पहले दिन महिलाओं और उनके साथ सफर करने वाले सहयात्रियों की कुल संख्या के लिहाज से मुरादाबाद क्षेत्र सबसे आगे रहा, जहां 62,586 महिलाओं और 32,203 सहयात्रियों समेत कुल 94,789 यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की। इसके बाद हरदोई में 82,920, गोरखपुर में 68,152, लखनऊ में 64,590 और बरेली में 58,309 यात्रियों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। इन पांच क्षेत्रों में ही कुल करीब 3.69 लाख यात्रियों ने निशुल्क सफर किया।

*यात्रियों ने की सरकार के कदम की सराहना*
रक्षाबंधन पर निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलने से महिलाओं के साथ उनके सहयात्रियों में भी खुशी का माहौल रहा। यात्रियों का कहना है कि त्योहार पर बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर जाने की जरूरत होती है। ऐसे में निशुल्क बस यात्रा से परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हुआ है। महिलाओं के साथ सहयात्री भी योगी सरकार की इस पहल की सराहना कर रहे हैं। साथ ही अतिरिक्त बसों के संचालन से भीड़ के बीच घर पहुंचने में सुविधा मिलने की बात यात्रियों ने कही।

*परिवहन निगम कर रहा निरीक्षण*
निशुल्क यात्रा का लाभ पात्र यात्रियों तक पहुंचे और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए परिवहन निगम की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण भी करेंगी। इससे बसों में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था की निगरानी के साथ यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी जायजा लिया जाएगा।

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