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लखीमपुर मेडिकल कॉलेज मरीज के लिए बना संजीवनी, गले की जटिल गांठ की हुई सफल सर्जरी

August 23, 2026

लखीमपुर मेडिकल कॉलेज मरीज के लिए बना संजीवनी, गले की जटिल गांठ की हुई सफल सर्जरी

बेहतर इलाज की तलाश में लखनऊ पहुंचे मरीज को लखीमपुर में मिला नया जीवन

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने की गले की जटिल गांठ की सफल सर्जरी

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी। बेहतर इलाज की तलाश में राजधानी लखनऊ के अस्पतालों की दौड़ लगा रहे एक गंभीर मरीज को गृह जनपद में ही बड़ी राहत मिल गई। लखीमपुर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने एक महीने की गहन चिकित्सकीय जांच और सटीक योजना के बाद मरीज के गले में मौजूद बड़ी व जटिल गांठ का सफल ऑपरेशन कर उसे पूरी तरह स्वस्थ कर दिया।

बताते चलें कि गले में तेज दर्द और बड़ी गांठ की समस्या से जूझ रहा मरीज लखनऊ के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुका था। थक-हारकर जब वह लखीमपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचा, तो ईएनटी (नाक, कान एवं गला) विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनोज शर्मा ने प्राथमिक परीक्षण के बाद मामले की गंभीरता को समझा। करीब एक माह तक मरीज के सभी जरूरी टेस्ट और विस्तृत मेडिकल इवैल्यूएशन करने के बाद सर्जरी की योजना बनाई गई।
गांठ का आकार बड़ा होने और संवेदनशील नसों के करीब होने के कारण यह सर्जरी काफी जोखिम भरी थी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ जनरल सर्जन डॉ. आर. के. कोली तथा ई एन टी सर्जन डॉ. मनोज शर्मा की संयुक्त टीम ने बेहद सूझबूझ के साथ बिना किसी जटिलता या अत्यधिक रक्तस्राव के गांठ को पूरी तरह बाहर निकाल दिया।

लखीमपुर खीरी मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य जिले के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस सफल सर्जरी के बाद अब लखीमपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन के लिए बड़े शहरों के महंगे अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है।

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*ई एन टी सर्जन के अनुसार: टीबी की पुष्टि न होने के बाद किया गया ऑपरेशन*

​”मरीज लखनऊ से कुछ पुरानी रिपोर्टों के साथ हमारे पास आया था, एक जाँच मे टी बी की गांठ होने का शक हुआ, जिससे असमंजस की स्थिति बन गयी। ”

सटीक स्थिति जानने के लिए हमने अल्ट्रासाउंड, यूएसजी-गाइडेड FNAC और गांठ के अंदर के पदार्थ की CBNAAT जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट में यह पुष्ट हो गया कि यह टीबी (Tuberculosis) नहीं है।

टीबी की गांठ और सामान्य सिस्ट के इलाज का तरीका पूरी तरह अलग होता है, इसलिए यह जांच आवश्यक थी।
​जांच व लक्षणों के आधार पर यह ‘डर्मॉइड सिस्ट’ लग रही थी, जो थायरॉयड कार्टिलेज से शुरू होकर सीने की हड्डी के अंदर (रेट्रोस्टर्नल) तक फैली हुई थी। इसी आधार पर सुरक्षित सर्जरी कर गाठ को निकाला गया। अंतिम पुष्टि के लिए सैंपल पैथोलॉजिकल जांच हेतु भेजा गया है।”
​— डॉ. मनोज शर्मा
असिस्टेंट प्रोफेसर, ईएनटी विभाग, लखीमपुर मेडिकल कॉलेज

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*मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. के. कोली* ने जानकारी देते हुए कहा कि यह ट्यूमर थायरॉयड कॉर्टिलेज के साथ-साथ श्वास नली से भी चिपका हुआ था, जिसे काफी जटिलता और सावधानी के साथ निकाला गया। इस दौरान श्वास नली तथा मस्तिष्क को जाने वाली महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं को सुरक्षित रूप से प्रिजर्व किया गया। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, संबद्ध जिला चिकित्सालय, इस प्रकार के जटिल मरीजों को उन्नत जांच एवं बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सदैव तत्पर है।

डॉ आर के कोली,वरिष्ठ जनरल सर्जन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय लखीमपुर खीरी

August 22, 2026

लखीमपुर खीरी में जंगली जानवर का आतंक, घास काटने गए व्यक्ति पर हमला, हालत गंभीर

(एपी सिंह उप्र समाचार सेवा)
लखीमपुर खीरी:पसगवां थाना क्षेत्र की बरवर चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम ककराही में जंगली जानवर के हमले से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है।मिली जानकारी के अनुसार, ककराही निवासी शिवकरन अपने पुत्र केपी कुमार के साथ राजेश वर्मा के खेत में घास काटने गए थे। औरंगाबाद खीरी मार्ग पर स्थित गलरई भट्ठे के पास अचानक एक अज्ञात जंगली जानवर ने केपी कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया। पिता शिवकरन के शोर मचाने पर जानवर वहां से भागा, लेकिन तब तक के पी कुमार बुरी तरह लहूलुहान हो चुका था।घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और एंबुलेंस को दी गई। घायल केपी कुमार को गंभीर हालत में एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदी भेजा गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से ककराही और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और जंगली जानवर को पकड़ने की मांग की है।घटना लखीमपुर खीरी के पसगवां थाना क्षेत्र की हैं। यहाँ के ग्राम ककराही के रहने वाले शिवकरन अपने पुत्र केपी कुमार के साथ राजेश वर्मा के खेत में घास काटने गए थे। तभी गलरई भट्ठे के पास घात लगाकर बैठे जंगली जानवर ने केपी कुमार को अपना शिकार बना लिया।पिता शिवकरन के चिल्लाने पर पास लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद जानवर जंगल की तरफ भाग निकला। आनन-फानन में घायल को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदी पहुँचाया गया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल शाहजहांपुर रेफर कर दिया । इस घटना से पूरे इलाके में वन विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी और डर का माहौल है।घटना पर पहुंचे रेंजर निर्भय प्रताप शाही,डी एफ ओ साउथ तापस मिहिर मौके पर पहुँच कर घटना की जानकारी ली और ग्रामीणों से सावधानी बरतने अकेले खेत जाने पर मना किया है और निगनारी के लिए कैमरे लगाए गए है। इस संबंध में जब डीएफओ से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई भी पक्ष देने से मना कर दिया।

नई बस्ती में अवैध अतिक्रमण और अवैध निर्माण से रास्ता ठप, कैंसर मरीज को अस्पताल ले जाने में हो रही भारी किल्लत

(एपी सिंह उप्र समाचार सेवा)
लखीमपुर खीरी।शहर के कोतवाली सदर अंतर्गत नई बस्ती मोहल्ले में दबंगों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण और मानक विहीन अवैध निर्माण के कारण स्थानीय निवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। मोहल्ले की मुख्य गली पर अवैध रूप से दुकानें बढ़ाने, कपड़े की गाठें और गाड़ियां खड़ी करने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इस वजह से एक गंभीर रूप से बीमार कैंसर पीड़ित मरीज को इलाज के लिए समय पर अस्पताल ले जाने में परिजनों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों के आदेश भी बेअसर, नहीं हुई कोई कार्रवाई

पीड़ित दीपक ग्रोवर पुत्र गुलशन कुमार (निवासी मकान संख्या 679, नई बस्ती, लखीमपुर) ने जिला प्रशासन को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर 4 नवंबर 2025 को उपजिलाधिकारी सदर और उसके बाद 11 मार्च 2026 को जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी को प्रार्थना पत्र दिया था। जिलाधिकारी द्वारा इस मामले में अधीनस्थों को उचित कार्रवाई के लिए आदेश भी जारी किए गए थे, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी धरातल पर अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।

कैंसर और दिल के मरीज को चार पहिया वाहन से ले जाना नामुमकिन

पीड़ित दीपक ग्रोवर ने बताया कि उनके छोटे भाई के मुंह में कैंसर है, जिसका इलाज कैंसर इंस्टीट्यूट लखनऊ से चल रहा है। इसके साथ ही पीड़ित को स्वयं पीलिया है और उनके पिता भी हृदय रोग (हार्ट पेशेंट) से पीड़ित हैं। बीमारी की इस गंभीर स्थिति में मरीजों को समय-समय पर लखनऊ ले जाना पड़ता है। गली में विपक्षी दानिश एण्ड सन्स, समीउल्ला शफीउल्ला एण्ड सन्स, एम०डी० होजरी शाने आलम, शान्ती होजरी और आरिफ बेग आदि द्वारा किए गए अवैध कब्जे के कारण कोई भी चार पहिया वाहन गली के अंदर नहीं आ पाता है। मरीज को पैदल या बेहद मुश्किल से मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है, जिससे उसकी जान को हमेशा खतरा बना रहता है। जब भी इस अतिक्रमण को हटाने का अनुरोध किया जाता है, तो विपक्षी फौजदारी और विवाद करने पर आमादा हो जाते हैं।

आग लगने पर मचेगी बड़ी तबाही, फायर ब्रिगेड आने का रास्ता नहीं

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका पूरी तरह से कपड़ों के व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। करोड़ों रुपये का कपड़ा और होजरी का सामान यहां दुकानों में रखा रहता है। गली इतनी संकरी कर दी गई है कि यदि कभी कोई आकस्मिक आग लग जाती है, तो फायर ब्रिगेड (दमकल) की गाड़ी का अंदर आना पूरी तरह असंभव है। ऐसे में किसी भी दिन कोई बड़ी अनहोनी या जान-माल की भारी तबाही हो सकती है।पीड़ित परिवार और मोहल्ले वासियों ने एक बार फिर जिला प्रशासन से जनहित में इस गली को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर गुहार लगाई है।

बलिया में गंगा और घाघरा नदी खतरे के निशान बह रही ऊपर

बलिया – बलिया में गंगा नदी खतरा बिन्दु के उपर बह रही है।शहर के नीचे इलाके के निहोरा नगर, कृष्णा नाथ नगर, महावीर घाट आदि जगहों पर बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।जिससे लोगों की परेशानियों में इजाफा शुरू हो गया है‌।गंगा नदी दो सेंटीमीटर प्रति घंटे तथा सरयू नदी में डीएसपी हेड पर घटाव लेकिन चांदपुर गेज पर मामूली बढ़ाव दर्ज किया गया है। जनपद की दोनों प्रमुख नदियों के तेवर देख तटबन्धीय इलाकाई लोगों की चिंताएं गहरी होती जा रही हैं।वहीं शहर के नीचे इलाकों में बाढ़ का पानी भरने लगा है।निहोरा नगर निवासी विजय ने बताया कि बीते तीन दिनों से पानी भर गया है।अब बिना नाव के आवागमन सम्भव नहीं होगा।अभी सरकार द्वारा नाव नहीं लगाया गया है। क्योंकि कि अभी रास्ता पर हल्का पानी आया है।लेकिन कल से बिना नाव के काम नहीं चलेगा।निहोरा नगर निवासी एक युवक ने कहा कि यहां दस से पन्द्रह दिनों तक पानी रहता है।कभी -कभी दोबारा भी पानी आ जाता है।बहुत परेशानियां होती है। जब नाव चलने लगती है तो आवागमन में कुछ सहूलियत होती है।नाव के सहारे ही मार्केटिंग आदि करते हैं।

सरयू नदी का रौद्र रूप ने गोपालनगर टाड़ी तथा भोजपुरवा गांव में तांडव मचा रहा है। नदी की कटान की वजह से न केवल कृषि योग्य भूमि लगातार नदी में समाहित हो रही है बल्कि लोग अपने आशियाने अपने ही हाथों उजाड़कर दूसरी जगह पलायन कर रहे हैं।हालांकि जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ बचाव कार्य निरन्तर जारी है।लेकिन नदी का तल्ख तेवर का प्रभाव बाढ़ बचाओ कार्य पर भी पड़ रहा है।
सरयू नदी का जल स्तर डीएसपी हेड पर शनिवार को खतरा बिन्दु 64.01 के सापेक्ष 64.50 मीटर दर्ज किया गया। वहीं चांदपुर गेज पर नदी का जल स्तर गुरुवार को खतरा बिन्दु 58.00 से 56 सेमी ऊपर 58.56 दर्ज किया गया।

नदी गंगा का जल स्तर भी तेजी से बढ़ते हुए गायघाट गेज पर गंगा नदी का जलस्तर शनिवार को खतरा बिन्दु 57.615 मीटर के सापेक्ष 58.75 मीटर दर्ज किया गया।
वही बता दें कि नदी सरयू की लहरों के तांडव की वजह से बैरिया तहसील क्षेत्र अंतर्गत गोपाल नगर टाड़ी तथा बांसडीह तहसील क्षेत्र के भोजपुरवा आदि गांवों में 150 से अधिक परिवार बेघर हो चुके है।नदी सरजू का जल स्तर बढ़ने के साथ ही एक बार फिर तटबन्धीय इलाकाई लोगों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी है।

स्कूली वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग की कार्रवाई, 11 बसों का चालान, तीन बसों को थाने में हुई बंद

बलिया। संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन आजमगढ़ सुनील दत्त के पर्यवेक्षण में गुरुवार को परिवहन विभाग की टीम ने जनपद के सिकंदरपुर रोड पर स्कूली वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान स्कूलों में संचालित वाहनों की जांच की गई। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन अरुण कुमार राय एवं यात्रीकर अधिकारी अरविंद कुमार जैशन के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान कुल 11 बसों का चालान किया गया। वहीं, नियमों के उल्लंघन पर तीन बसों को थाने में बंद कराया गया। परिवहन विभाग की कार्रवाई से स्कूली वाहन संचालकों में हड़कंप मचा रहा। अधिकारियों ने स्कूली वाहनों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप करने की हिदायत दी। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर वाहनों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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