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वेतन न मिलने से भुखमरी की कगार पर सफाईकर्मी, सोमवार से हड़ताल का अल्टीमेटम

August 8, 2026

वेतन न मिलने से भुखमरी की कगार पर सफाईकर्मी, सोमवार से हड़ताल का अल्टीमेटम

लखीमपुर खीरी:जिला चिकित्सालय और जिला महिला चिकित्सालय में तैनात स्वीपर, माली व अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। मात्र 7500 रुपये के मानदेय पर काम करने वाले इन कर्मचारियों का परिवार अब गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों के घरों में राशन संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस, मकान का किराया और बिजली बिल जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं।परेशान कर्मचारियों ने अस्पताल अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर जल्द से जल्द मानदेय जारी करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ, तो वे सोमवार से काम पूरी तरह बंद कर देंगे। प्रार्थना पत्र देने वालों में मुख्य रूप से दीपू सिंह, गोविंद, सुनीता और राजकुमारी शामिल हैं।
इस संबंध में जब मुख्य सुपरवाइजर अखिलेश से बात की गई, तो उन्होंने बजट न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि वेतन न मिलने के बावजूद पीएफ का पैसा कैसे जमा हो रहा है, तो उन्होंने स्वीकार किया कि कंपनी केवल पीएफ का भुगतान कर रही है ताकि उस पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो सके। कर्मचारियों ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर वेतन दिलाने की गुहार लगाई है।

कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस मुस्तैद, चौकी प्रभारी सत्येंद्र वर्मा और अम्बेश्वर दत्त ने संभाली कमान

एपी सिंह
लखीमपुर खीरी। सावन के पावन महीने में चल रही कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस टीमें दिन-रात सड़कों पर तैनात हैं।
नकहा चौकी प्रभारी सत्येंद्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल मुख्य मार्गों पर 24 घंटे लगातार पेट्रोलिंग कर रहा है। चौकी प्रभारी खुद पुलिस फोर्स के साथ मुस्तैद रहकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। इस दौरान पुलिसकर्मी कांवड़ियों से सीधे बातचीत कर उनका हाल-चाल जान रहे हैं और उन्हें सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।पुलिस टीम ने कांवड़ियों से अपील की है कि वे सड़क के किनारे सुरक्षित स्थानों पर ही रुककर आराम करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। चौकी प्रभारी सत्येंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि कांवड़ियों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति या असुविधा होने पर श्रद्धालु तुरंत पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।

रामापुर पुलिस ने हटवाया जाम, श्रद्धालुओं की राह हुई आसान

कांवड़ यात्रा के मद्देनजर शनिवार को रामापुर चौकी प्रभारी अम्बेश्वर दत्त त्रिपाठी ने अपनी टीम के साथ क्षेत्र में विशेष गश्त की। यात्रा मार्ग का जायजा लेने के दौरान उन्होंने देखा कि सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से ट्रक खड़े थे, जिससे जाम की स्थिति बन रही थी।चौकी प्रभारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रक चालकों से बातचीत की और वाहनों को तुरंत मौके से हटवाया। पुलिस की इस तत्परता से मार्ग पर लगने वाला संभावित जाम टल गया, जिससे कांवड़ियों और अन्य राहगीरों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। पुलिस प्रशासन की इस सजगता की श्रद्धालु और स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं।

तेंदुए ने बछड़े को बनाया निवाला ग्रामीणों में भारी दहशत

तिकुनिया खीरी
नेपाल सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत इंद्र नगर में तेंदुआ ने तड़के सुबह एक किसान के बछड़े को निवाला बना लिया जिसको लेकर ग्रामीणों में भारी दहशत बन गई है ग्रामीणों ने बताया अगर तेंदुआ पकड़ा नहीं गया तो कभी भी कोई बड़ा हमला बॉर्डर क्षेत्र में हो सकता है बॉर्डर क्षेत्र का या इलाका हमेशा लोगों का आवागवन होता रहता है वन विभाग टीम ने ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंचकर आस पास के इलाके में गस्त की वन विभाग द्वारा क्षेत्र में पिंजरा लगाए जाने की बात भी कही गई है
शनिवार को ग्रामीण इन्द्रनगर निवासी उमेश ने बताया कि उसके घर के बाहर घारी के पास सभी जानवर बंधे थे इसमें गाय का बछड़ा भी था सुबह सुबह उठकर देखा तो बछड़ा गायब था, पैरों के निशान देही पर पड़ोस के गन्ने के खेत में बछड़े का शव बरामद हुआ ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी मौके पर पहुंचे वन दारोगा अजीत सिह ने आस पास में कामबिग की वन दारोगा ने बताया ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए जल्दी ही पिंजरा लगाया जाएगा रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए इलाके में गस्त तेज कर दी गई है पिंजरा लगाया जायेगा और पिछड़े लगाते हुए तेंदुआ को पकड़ा जाएगा

मितौली ब्लॉक सभागार में खरीफ गोष्ठी और मिलेट्स पुनरुद्धार प्रशिक्षण संपन्न

Posted on 08.08.2026, Time 06.34 PM Lakhimpur Kheri

लखीमपुर खीरी:विकासखंड मितौली के ब्लॉक सभागार में ‘कृषि सूचना तंत्र एवं सुधरीकरण कृषक जागरूकता कार्यक्रम’ के तहत एक दिवसीय खरीफ गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसके साथ ही ‘उत्तर प्रदेश अन्न मिलेट्स पुनरुद्धार कार्यक्रम’ के अंतर्गत किसानों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।गोष्ठी के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने उपस्थित किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी। साथ ही, मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती को बढ़ावा देने और आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने पर जोर दिया गया, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके।इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य रूप से डीसी मनरेगा राजकुमार, एडीओ एजी नैमिष यादव, ब्रजेश सिंह, भूमि संरक्षण निरीक्षक अमित सिंह और सचिव मनोज कुमार मौजूद रहे। इनके अलावा प्रगतिशील किसान राजकुमार सिंह, अमित बाजपेई, खन्ना सिंह, बीटीएम हरजेश सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।

August 6, 2026

बाढ़ व जलभराव से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

41 बाढ़ चौकियां और 14 सचल चिकित्सा दल तैनात

लखीमपुर-खीरी। बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। वर्तमान में जनपद के 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित होते हैं जिन पर बाढ़ को लेकर तैयारी की गई है यहां मेडिकल टीम सहित अतिरिक्त इमरजेंसी दवाओं की व्यवस्था भी की गई है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष गुप्ता द्वारा बताया गया कि जिले में बाढ़ नियंत्रण के लिए 41 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जिनमें 32 अधिकारियों तथा 140 कर्मचारियों की तैनाती कर उन्हें सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद की 5 तहसीलों (लखीमपुर, पलिया, गोला, निघासन व धौरहरा) के 9 प्रभावित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (नकहा, पलिया, निघासन, धौरहरा, बिजुआ, खमरिया/ईसानगर, फूलबेहड़, रमियाबेहड़ व गोला) पर त्वरित उपचार हेतु रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रभावित क्षेत्रों के लिए 14 सचल चिकित्सीय दल गठित किए गए हैं। दिनांक 05 अगस्त 2026 तक प्रभावित बाढ़ चौकी ग्रांट नं0 12 (फूलबेहड़) के ग्राम में कुल 970 प्रभावित जनसंख्या में से 247 मरीजों का उपचार किया जा चुका है तथा 1339 क्लोरीन टैबलेट व 657 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। जिले में सर्पदंश से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है।
​स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित सीएचसी पर आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से वितरण हेतु मेडिसिन किट, ओआरएस पैकेट व क्लोरीन टैबलेट उपलब्ध करा दी गई हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में 24 घंटे 7 दिन संचालित बाढ़ एवं संक्रामक रोग कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सभी सीएचसी और केंद्रीय औषधि भंडार में जीवन रक्षक दवाओं के साथ-साथ एंटी स्नेक वेनम एवं एंटी रैबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। साथ ही, 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी प्रभावित ग्रामीणों के इलाज के लिए पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित हैं।

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