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मूसाराम इंटरप्राइजेज पर नई इलेक्ट्रिक कार बीई 6 स्पोर्टक लॉन्च,आधुनिक फीचर्स से है लैस

August 25, 2026

मूसाराम इंटरप्राइजेज पर नई इलेक्ट्रिक कार बीई 6 स्पोर्टक लॉन्च,आधुनिक फीचर्स से है लैस


उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी।पर्यावरण अनुकूल और हाई-टेक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच स्थानीय मूसाराम इंटरप्राइजेज लिमिटेड के शोरूम पर महिंद्रा की नई इलेक्ट्रिक कार बीई 6 स्पोर्टक का भव्य अनावरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. एन.के. वर्मा रहे, जिन्होंने रिबन काटकर कार को जनता के सामने पेश किया।
शोरूम के मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश अग्रवाल ने कार की खूबियों पर रोशनी डालते हुए बताया कि बीई 6 स्पोर्टक सिर्फ एक गाड़ी नहीं, बल्कि पहियों पर चलता-फिरता एक गैजेट है। इस कार में कई ऐसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं जो इसे बाजार में मौजूद अन्य कारों से बिल्कुल अलग और खास बनाते हैं।कार की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं गूगल जेमिनी एआई,कार में एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वॉयस असिस्टेंस दिया गया है।ड्रिफ्ट मोड,रोमांचक ड्राइविंग का अनुभव चाहने वालों के लिए विशेष मोड।आपातकालीन स्थिति के लिए बेहतरीन सुरक्षा फीचर।इन-कार गेमिंग सुइट,सफर के दौरान मनोरंजन के लिए कार के अंदर ही गेमिंग की सुविधा।प्राइवेट ऑडियो,हर पैसेंजर के लिए व्यक्तिगत और शानदार साउंड का अनुभव।गाड़ी चलाते या सफर करते समय गाने के शौकीनों के लिए इन-बिल्ट करा ओके सिस्टम।ग्राहकों में दिखा भारी उत्साह,लॉन्चिंग के दौरान कार के लुक और इसके कटिंग-एज फीचर्स को देखने के लिए शोरूम पर भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। मुख्य अतिथि डॉ. एन.के. वर्मा ने इस शुरुआत की सराहना करते हुए कहा कि लखीमपुर जैसे शहर में इस स्तर की आधुनिक इलेक्ट्रिक गाड़ी का आना पर्यावरण और तकनीक दोनों के लिहाज से एक बड़ा कदम है। एमडी दिनेश अग्रवाल ने बताया कि कार की बुकिंग और टेस्ट ड्राइव शोरूम पर शुरू हो चुकी है।

जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी, फोन चलाने में व्यस्त कर्मचारी,गार्ड बना रहे मरीजों के पर्चे

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी।जिला अस्पताल मोतीपुर ओयल में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह से रामभरोसे चल रही हैं। अस्पताल के पर्चा काउंटर पर तैनात स्टाफ और वार्ड बॉयज की मनमानी इस कदर बढ़ गई है कि वे मरीजों की सेवा करने के बजाय मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त रहते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि कर्मचारियों की लापरवाही के कारण काउंटर पर सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड मरीजों के पर्चे बनाने को मजबूर हैं।

नियमों की उड़ रही धज्जियां,दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों की अनदेखी

सरकार और अस्पताल प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पर्चा काउंटर पर पत्रकारों,दिव्यांगों,स्टॉफ कर्मचारी और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए अलग से व्यवस्था के दावे भी किए जाते हैं। लेकिन धरातल पर इन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।काउंटर पर तैनात स्टाफ मरीजों और तीमारदारों के साथ अभद्र व्यवहार करने से भी बाज नहीं आ रहा है।
ताजा मामला अस्पताल के काउंटर नंबर एक का है, जहां पर्चा बनवाने पहुंचे एक पत्रकार ने अपना टोकन नंबर बताया।इस पर वहां बैठे स्टाफ ने उनसे परिचय पूछा। पत्रकार द्वारा अपनी पहचान बताने के बाद भी स्टाफ ने उन्हें प्राथमिकता नहीं दी।हद तो तब हो गई जब वहां मौजूद वार्ड बॉय राजेंद्र मिश्रा (जो पत्रकार को पहले से जानते थे) ने दुर्भावना के तहत सबके सामने बार-बार उनका परिचय मांगा। सरेआम किए गए इस अनुचित और अपमानजनक व्यवहार से पत्रकार को भारी मानसिक ठेस पहुंची है।इस घटना के बाद से स्थानीय मीडियाकर्मियों और नागरिकों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। लोगों ने आरोपी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई और अस्पताल की अव्यवस्थाओं को सुधारने की मांग की है।

August 23, 2026

लखीमपुर मेडिकल कॉलेज मरीज के लिए बना संजीवनी, गले की जटिल गांठ की हुई सफल सर्जरी

बेहतर इलाज की तलाश में लखनऊ पहुंचे मरीज को लखीमपुर में मिला नया जीवन

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने की गले की जटिल गांठ की सफल सर्जरी

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी। बेहतर इलाज की तलाश में राजधानी लखनऊ के अस्पतालों की दौड़ लगा रहे एक गंभीर मरीज को गृह जनपद में ही बड़ी राहत मिल गई। लखीमपुर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने एक महीने की गहन चिकित्सकीय जांच और सटीक योजना के बाद मरीज के गले में मौजूद बड़ी व जटिल गांठ का सफल ऑपरेशन कर उसे पूरी तरह स्वस्थ कर दिया।

बताते चलें कि गले में तेज दर्द और बड़ी गांठ की समस्या से जूझ रहा मरीज लखनऊ के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुका था। थक-हारकर जब वह लखीमपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचा, तो ईएनटी (नाक, कान एवं गला) विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनोज शर्मा ने प्राथमिक परीक्षण के बाद मामले की गंभीरता को समझा। करीब एक माह तक मरीज के सभी जरूरी टेस्ट और विस्तृत मेडिकल इवैल्यूएशन करने के बाद सर्जरी की योजना बनाई गई।
गांठ का आकार बड़ा होने और संवेदनशील नसों के करीब होने के कारण यह सर्जरी काफी जोखिम भरी थी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ जनरल सर्जन डॉ. आर. के. कोली तथा ई एन टी सर्जन डॉ. मनोज शर्मा की संयुक्त टीम ने बेहद सूझबूझ के साथ बिना किसी जटिलता या अत्यधिक रक्तस्राव के गांठ को पूरी तरह बाहर निकाल दिया।

लखीमपुर खीरी मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य जिले के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस सफल सर्जरी के बाद अब लखीमपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन के लिए बड़े शहरों के महंगे अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है।

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*ई एन टी सर्जन के अनुसार: टीबी की पुष्टि न होने के बाद किया गया ऑपरेशन*

​”मरीज लखनऊ से कुछ पुरानी रिपोर्टों के साथ हमारे पास आया था, एक जाँच मे टी बी की गांठ होने का शक हुआ, जिससे असमंजस की स्थिति बन गयी। ”

सटीक स्थिति जानने के लिए हमने अल्ट्रासाउंड, यूएसजी-गाइडेड FNAC और गांठ के अंदर के पदार्थ की CBNAAT जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट में यह पुष्ट हो गया कि यह टीबी (Tuberculosis) नहीं है।

टीबी की गांठ और सामान्य सिस्ट के इलाज का तरीका पूरी तरह अलग होता है, इसलिए यह जांच आवश्यक थी।
​जांच व लक्षणों के आधार पर यह ‘डर्मॉइड सिस्ट’ लग रही थी, जो थायरॉयड कार्टिलेज से शुरू होकर सीने की हड्डी के अंदर (रेट्रोस्टर्नल) तक फैली हुई थी। इसी आधार पर सुरक्षित सर्जरी कर गाठ को निकाला गया। अंतिम पुष्टि के लिए सैंपल पैथोलॉजिकल जांच हेतु भेजा गया है।”
​— डॉ. मनोज शर्मा
असिस्टेंट प्रोफेसर, ईएनटी विभाग, लखीमपुर मेडिकल कॉलेज

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*मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. के. कोली* ने जानकारी देते हुए कहा कि यह ट्यूमर थायरॉयड कॉर्टिलेज के साथ-साथ श्वास नली से भी चिपका हुआ था, जिसे काफी जटिलता और सावधानी के साथ निकाला गया। इस दौरान श्वास नली तथा मस्तिष्क को जाने वाली महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं को सुरक्षित रूप से प्रिजर्व किया गया। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, संबद्ध जिला चिकित्सालय, इस प्रकार के जटिल मरीजों को उन्नत जांच एवं बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सदैव तत्पर है।

डॉ आर के कोली,वरिष्ठ जनरल सर्जन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय लखीमपुर खीरी

August 22, 2026

लखीमपुर खीरी में जंगली जानवर का आतंक, घास काटने गए व्यक्ति पर हमला, हालत गंभीर

(एपी सिंह उप्र समाचार सेवा)
लखीमपुर खीरी:पसगवां थाना क्षेत्र की बरवर चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम ककराही में जंगली जानवर के हमले से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है।मिली जानकारी के अनुसार, ककराही निवासी शिवकरन अपने पुत्र केपी कुमार के साथ राजेश वर्मा के खेत में घास काटने गए थे। औरंगाबाद खीरी मार्ग पर स्थित गलरई भट्ठे के पास अचानक एक अज्ञात जंगली जानवर ने केपी कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया। पिता शिवकरन के शोर मचाने पर जानवर वहां से भागा, लेकिन तब तक के पी कुमार बुरी तरह लहूलुहान हो चुका था।घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और एंबुलेंस को दी गई। घायल केपी कुमार को गंभीर हालत में एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदी भेजा गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से ककराही और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और जंगली जानवर को पकड़ने की मांग की है।घटना लखीमपुर खीरी के पसगवां थाना क्षेत्र की हैं। यहाँ के ग्राम ककराही के रहने वाले शिवकरन अपने पुत्र केपी कुमार के साथ राजेश वर्मा के खेत में घास काटने गए थे। तभी गलरई भट्ठे के पास घात लगाकर बैठे जंगली जानवर ने केपी कुमार को अपना शिकार बना लिया।पिता शिवकरन के चिल्लाने पर पास लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद जानवर जंगल की तरफ भाग निकला। आनन-फानन में घायल को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदी पहुँचाया गया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल शाहजहांपुर रेफर कर दिया । इस घटना से पूरे इलाके में वन विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी और डर का माहौल है।घटना पर पहुंचे रेंजर निर्भय प्रताप शाही,डी एफ ओ साउथ तापस मिहिर मौके पर पहुँच कर घटना की जानकारी ली और ग्रामीणों से सावधानी बरतने अकेले खेत जाने पर मना किया है और निगनारी के लिए कैमरे लगाए गए है। इस संबंध में जब डीएफओ से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई भी पक्ष देने से मना कर दिया।

नई बस्ती में अवैध अतिक्रमण और अवैध निर्माण से रास्ता ठप, कैंसर मरीज को अस्पताल ले जाने में हो रही भारी किल्लत

(एपी सिंह उप्र समाचार सेवा)
लखीमपुर खीरी।शहर के कोतवाली सदर अंतर्गत नई बस्ती मोहल्ले में दबंगों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण और मानक विहीन अवैध निर्माण के कारण स्थानीय निवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। मोहल्ले की मुख्य गली पर अवैध रूप से दुकानें बढ़ाने, कपड़े की गाठें और गाड़ियां खड़ी करने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इस वजह से एक गंभीर रूप से बीमार कैंसर पीड़ित मरीज को इलाज के लिए समय पर अस्पताल ले जाने में परिजनों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों के आदेश भी बेअसर, नहीं हुई कोई कार्रवाई

पीड़ित दीपक ग्रोवर पुत्र गुलशन कुमार (निवासी मकान संख्या 679, नई बस्ती, लखीमपुर) ने जिला प्रशासन को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर 4 नवंबर 2025 को उपजिलाधिकारी सदर और उसके बाद 11 मार्च 2026 को जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी को प्रार्थना पत्र दिया था। जिलाधिकारी द्वारा इस मामले में अधीनस्थों को उचित कार्रवाई के लिए आदेश भी जारी किए गए थे, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी धरातल पर अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।

कैंसर और दिल के मरीज को चार पहिया वाहन से ले जाना नामुमकिन

पीड़ित दीपक ग्रोवर ने बताया कि उनके छोटे भाई के मुंह में कैंसर है, जिसका इलाज कैंसर इंस्टीट्यूट लखनऊ से चल रहा है। इसके साथ ही पीड़ित को स्वयं पीलिया है और उनके पिता भी हृदय रोग (हार्ट पेशेंट) से पीड़ित हैं। बीमारी की इस गंभीर स्थिति में मरीजों को समय-समय पर लखनऊ ले जाना पड़ता है। गली में विपक्षी दानिश एण्ड सन्स, समीउल्ला शफीउल्ला एण्ड सन्स, एम०डी० होजरी शाने आलम, शान्ती होजरी और आरिफ बेग आदि द्वारा किए गए अवैध कब्जे के कारण कोई भी चार पहिया वाहन गली के अंदर नहीं आ पाता है। मरीज को पैदल या बेहद मुश्किल से मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है, जिससे उसकी जान को हमेशा खतरा बना रहता है। जब भी इस अतिक्रमण को हटाने का अनुरोध किया जाता है, तो विपक्षी फौजदारी और विवाद करने पर आमादा हो जाते हैं।

आग लगने पर मचेगी बड़ी तबाही, फायर ब्रिगेड आने का रास्ता नहीं

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका पूरी तरह से कपड़ों के व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। करोड़ों रुपये का कपड़ा और होजरी का सामान यहां दुकानों में रखा रहता है। गली इतनी संकरी कर दी गई है कि यदि कभी कोई आकस्मिक आग लग जाती है, तो फायर ब्रिगेड (दमकल) की गाड़ी का अंदर आना पूरी तरह असंभव है। ऐसे में किसी भी दिन कोई बड़ी अनहोनी या जान-माल की भारी तबाही हो सकती है।पीड़ित परिवार और मोहल्ले वासियों ने एक बार फिर जिला प्रशासन से जनहित में इस गली को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर गुहार लगाई है।

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