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तिरंगा यात्रा निकालकर दिया राष्ट्रप्रेम का संदेश, नशामुक्ति का भी लिया संकल्प

August 11, 2026

तिरंगा यात्रा निकालकर दिया राष्ट्रप्रेम का संदेश, नशामुक्ति का भी लिया संकल्प

हाथरस। सरस्वती महाविद्यालय में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) एवं एनसीसी के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हाथों में तिरंगा लेकर विद्यार्थियों ने देशभक्ति के नारों के साथ लोगों को राष्ट्रप्रेम और अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया।इसी क्रम में महाविद्यालय में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों तथा स्वास्थ्य एवं समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में डॉ. अतीत श्रीवास्तव, डॉ. स्वतेन्द्र सिंह, एनएसएस अधिकारी डॉ. राजकुमार, डॉ. फौजिया सिद्दीकी, एनसीसी अधिकारी डॉ. गोपेश सिंह, डॉ. देवप्रकाश, डॉ. राकेश बाबू एवं डॉ. आलोक कुमार मौजूद रहे। माय भारत हाथरस की ओर से डॉली अग्रवाल, अंबे रावत एवं आजाद ने भी सहभागिता की।विद्यार्थियों में दीक्षा वार्ष्णेय, निधि, ज्योति, दिव्या, गौरव, सुमित, पूजा, अमन, प्रियंका, रोहित, प्रिया सहित अन्य विद्यार्थियों ने तिरंगा यात्रा एवं नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की।महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी, नशामुक्ति और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शराब के नशे में भिड़े दो पक्ष, जमकर पथराव और मारपीट

सोखना गांव में देर रात मचा हड़कंप, पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा

हाथरस। थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव सोखना में बीती रात शराब के नशे में दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट और पथराव में बदल गया। गाली-गलौज के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। अचानक हुए पथराव से गांव में हड़कंप मच गया और तनाव की स्थिति पैदा हो गई।बताया जाता है कि देर रात दोनों पक्षों के कुछ लोग शराब के नशे में आपस में गाली-गलौज करने लगे। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसके बाद मारपीट के साथ पथराव शुरू हो गया। सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में थाना प्रभारी भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गांव में शांति व्यवस्था कायम कराई।पुलिस के अनुसार एक पक्ष में कालू, प्रशांत उर्फ छोटू, पुष्पेंद्र पौरुष, विप्पो उर्फ विपिन, आकाश, कमलेश देवी, आशा देवी और जगवीर सिंह समेत 10-12 अज्ञात लोग शामिल थे। वहीं दूसरे पक्ष में गोविंद, शान, रिंकू और रफीक समेत 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।विवाद में दोनों पक्षों के कुछ लोगों के घायल होने की भी जानकारी है। परिजन घायलों को उपचार के लिए ले गए। घटना को लेकर उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह की ओर से दोनों पक्षों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।घटना के बाद गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि दोबारा विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने तीन कांवड़ियों को मारी टक्कर, हालत गंभीर

ACCIDENT

सोरों जी से कांवड़ लेकर राजस्थान लौट रहे थे तीनों, प्राथमिक उपचार के बाद किए गए रेफर

हाथरस। गंगाघाट सोरों जी से कांवड़ लेकर लौट रहे तीन कांवड़ियों को कासगंज रोड स्थित गांव हबीबपुर के निकट तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार ने टक्कर मार दी। हादसे में तीनों कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने तीनों को रेफर कर दिया।बताया जाता है कि राजस्थान के दौसा जिले के गांव बाजा बीड़ा निवासी रामकिशोर, महेश और हेतराम आज सुबह गंगाघाट सोरों जी से कांवड़ लेकर अपने गांव लौट रहे थे। कासगंज रोड पर हबीबपुर के समीप पहुंचते ही विपरीत दिशा से तेज गति में आ रही फॉर्च्यूनर कार ने तीनों कांवड़ियों को टक्कर मार दी।टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों कांवड़िए सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया।पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।

कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान तेज, जिलाध्यक्ष पद के लिए कई दावेदारों ने ठोकी ताल

केंद्रीय पर्यवेक्षक सीताराम लांबा बोले- जनता और कार्यकर्ताओं की मजबूत पकड़ वाले व्यक्ति को मिलेगी जिम्मेदारी, गुटबाजी दूर करना बड़ी चुनौती

हाथरस। वार्ड और बूथ स्तर से लेकर जिला संगठन तक कांग्रेस को मजबूत करने तथा आगामी चुनावों में पार्टी को मजबूती से मैदान में उतारने की तैयारी के तहत कांग्रेस नेतृत्व द्वारा चलाए जा रहे संगठन सृजन अभियान ने हाथरस में गति पकड़ ली है। इसी अभियान के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक एवं राजस्थान के पूर्व मंत्री सीताराम लांबा हाथरस पहुंचे और पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ संगठन की स्थिति को लेकर मंथन किया।अलीगढ़ रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में जिलेभर से पहुंचे कांग्रेसियों ने संगठन को मजबूत करने को लेकर अपने सुझाव रखे। इस दौरान जिलाध्यक्ष पद के लिए कई दावेदारों ने पर्यवेक्षक के समक्ष अपनी दावेदारी पेश करते हुए आवेदन पत्र भी जमा किए। प्राप्त आवेदनों को पर्यवेक्षक द्वारा केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा।बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सीताराम लांबा ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के चयन में आंतरिक लोकतंत्र को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी, जिनकी जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ हो। ब्लॉक स्तर तक भी इसी प्रक्रिया के तहत कमेटियों का गठन किया जाएगा।लांबा ने स्वीकार किया कि हाथरस में कांग्रेस का संगठन कमजोर है और इसी वजह से पार्टी की स्थिति भी कमजोर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन सृजन अभियान का उद्देश्य इसी कमजोरी को दूर कर पार्टी को बूथ से लेकर जिला स्तर तक मजबूत बनाना है।उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता यदि जनता से दूर रहेंगे तो संगठन मजबूत नहीं हो सकता। इसी उद्देश्य से वह अगले सात दिनों तक हाथरस में प्रवास करेंगे और पुराने एवं सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को समझेंगे। उन्होंने संगठन की कमजोरी के पीछे गुटबाजी को भी एक कारण माना और कहा कि कार्यकर्ताओं को एकजुट कर संगठन को नई मजबूती देने के लिए गंभीरता से काम किया जाएगा।जिलाध्यक्ष पद के दावेदार की योग्यता को लेकर उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति का कम से कम पांच वर्षों से कांग्रेस में सक्रिय होना जरूरी है। इसके लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने से आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर होगा।विधानसभा चुनाव में स्थानीय प्रत्याशी के सवाल पर लांबा ने कहा कि स्थानीय प्रत्याशी का होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्थानीय प्रत्याशी जनता के बीच रहकर क्षेत्रीय समस्याओं को बेहतर तरीके से उठा सकता है।संगठन सृजन अभियान के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षक सीताराम लांबा के समक्ष वर्तमान जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शरद उपाध्याय नंदा, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य एवं पूर्व जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित ने जिलाध्यक्ष पद के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। इससे संगठन के भीतर जिलाध्यक्ष पद को लेकर संभावित मुकाबले की तस्वीर भी सामने आने लगी है।प्रेस वार्ता के दौरान पीसीसी पर्यवेक्षक अदनान मियां, पूर्व जिलाध्यक्ष कासगंज सुभाष गांधी तथा पूर्व जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस बुलंदशहर प्रज्ञा गौड़ भी मौजूद रहीं।बैठक में पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय, चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, करुणेश मोहन दीक्षित, शरद उपाध्याय नंदा, मथुरा प्रसाद कुशवाहा, पं. ब्रह्मदेव शर्मा, पूर्व युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशांक पचौरी एडवोकेट, अजीत गोस्वामी, अवधेश बख्शी, कपिल सिंह, डॉ. मुकेश चंद्रा, सुनील गौड़, प्रदीप तेनगुरिया, संजीव आंधीवाल, पं. ऋषि कुमार कौशिक, अशोक कुमार गुप्त, ललतेश गुप्ता, अनुज कुमार संत, विष्णु कुमार, हरिशंकर शर्मा, आरके राजू, कृष्णा गुप्ता, निखिलवर्ती पाठक, प्रभाशंकर शर्मा, तौकीर आलम, अविनाश चंद्र पचौरी, जैनुद्दीन जैन, पूरनचंद वार्ष्णेय, कुलदीप कुमार, राजू चौधरी, नूरुद्दीन कुरैशी, अखलाक भारती सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

वैदिक गणित प्रश्न मंच कार्यशाला में सीखे गणना के सरल गुर

सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में हुआ प्रांतीय स्तर का आयोजन

हाथरस। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लेबर कॉलोनी, मुंशी गजाधर सिंह मार्ग में 10 अगस्त को प्रांतीय वैदिक गणित प्रश्न मंच कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैदिक गणित के प्रति रुचि विकसित करने के साथ गणनाओं को सरल, सहज और रोचक बनाना रहा।कार्यक्रम के संयोजक प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार पांडेय तथा व्यवस्था प्रमुख प्रधानाचार्य लोकेंद्रनाथ शर्मा रहे। उन्होंने वैदिक गणित की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है, जो वर्तमान समय में भी गणनाओं को सरल बनाने में प्रभावी है।कार्यक्रम की सफलता में आचार्य सतीश कुमार सारस्वत, देवकीनंदन, चिरंजीलाल, मनोज शर्मा, हरेंद्र, रोहित एवं विमल सहित अन्य आचार्यों का विशेष योगदान रहा।समापन अवसर पर विद्यालय प्रबंधक मनोज कुमार अग्निहोत्री ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के लिए इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी निरंतर किए जाएंगे।

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