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युद्ध के बीच गैस को लेकर मची हलचल, गोरखपुर में प्रशासन अलर्ट

March 13, 2026

युद्ध के बीच गैस को लेकर मची हलचल, गोरखपुर में प्रशासन अलर्ट

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

डीएम का सख्त आदेश – हर उपभोक्ता को मिलेगा सिलेंडर, 87 गैस एजेंसियों पर एसडीएम-सीओ की निगरानी*

गोरखपुर। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के बीच देशभर में बन रहे हालात का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। गोरखपुर में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच असमंजस और घबराहट का माहौल देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग एहतियात के तौर पर गैस एजेंसियों और गोदामों पर पहुंचकर अतिरिक्त सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति यह है कि जिन उपभोक्ताओं के घरों में पहले से गैस सिलेंडर मौजूद है, वे भी दूसरा और तीसरा सिलेंडर लेने के लिए गैस एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, जिसके चलते कई स्थानों पर लंबी कतारें लग गई।
गैस एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ और संभावित अव्यवस्था को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गैस वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन अनावश्यक रूप से अतिरिक्त सिलेंडर लेने की प्रवृत्ति से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गुरुवार सुबह शहर की दो गैस एजेंसियों पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोदामों में उपलब्ध गैस सिलेंडरों का स्टॉक, आपूर्ति और उपभोक्ताओं को किए जा रहे वितरण की पूरी जानकारी ली। डीएम ने एजेंसी संचालकों से स्पष्ट तौर पर पूछा कि गोदाम पर कितने सिलेंडर पहुंचे, कितने उपभोक्ताओं को वितरित किए गए और वर्तमान में कितना स्टॉक शेष है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एजेंसी संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी उपभोक्ता को घरेलू गैस सिलेंडर के लिए परेशान नहीं किया जाना चाहिए। एजेंसी पर आने वाले हर उपभोक्ता को नियमानुसार गैस उपलब्ध कराई जाए और अधिक से अधिक होम डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गोदामों पर अनावश्यक भीड़ न लगे।
इस दौरान जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह भी जिलाधिकारी के साथ मौजूद रहे। उन्होंने गैस एजेंसियों की आपूर्ति व्यवस्था, स्टॉक की स्थिति तथा वितरण प्रणाली की जानकारी जिलाधिकारी को दी और एजेंसी संचालकों को आवश्यक निर्देश भी दिए। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जनपद में गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और सभी एजेंसियों को नियमित रूप से आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है।
दिन भर स्थिति की समीक्षा करने के बाद शाम को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जनपद के सभी उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) और क्षेत्राधिकारियों (सीओ) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि गैस एजेंसियों पर आने वाले हर उपभोक्ता को गैस उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अब संबंधित एसडीएम और सीओ की होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि कई ऐसे उपभोक्ता भी एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं जिनकी गैस बुकिंग नहीं है। ऐसे मामलों में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि किसी उपभोक्ता का सिलेंडर बुक नहीं है तो उसे तत्काल संबंधित एजेंसी से गैस बुक कराने की व्यवस्था कराई जाए और अगले दिन उस उपभोक्ता को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए।
गैस वितरण व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने एक विशेष व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग पहले से है उन्हें प्राथमिकता देते हुए लगभग 60 प्रतिशत सिलेंडर दिए जाएं, जबकि जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग नहीं है उन्हें लगभग 40 प्रतिशत सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। इससे गैस वितरण में संतुलन बना रहेगा और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को सुविधा मिल सकेगी।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गैस एजेंसियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए। एसडीएम और सीओ यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक एजेंसी पर कितने गैस सिलेंडर आ रहे हैं, किन-किन उपभोक्ताओं को कितने सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं और कितना स्टॉक शेष है। इस पूरी व्यवस्था का नियमित रिकॉर्ड रखा जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
प्रशासन ने जनपद की सभी 87 गैस एजेंसियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी एसडीएम और सीओ अपने-अपने क्षेत्रों की गैस एजेंसियों पर नियमित रूप से नजर रखें और यदि कहीं भी अव्यवस्था, कालाबाजारी या उपभोक्ताओं को परेशान किए जाने की शिकायत मिले तो तत्काल कार्रवाई की जाए।
डीएम दीपक मीणा ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि जनपद में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी उपभोक्ता को घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन लगातार गैस कंपनियों और एजेंसियों के संपर्क में है और जरूरत के अनुसार सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से अतिरिक्त गैस सिलेंडर लेने का प्रयास न करें। यदि लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर लेने लगेंगे तो इससे अन्य उपभोक्ताओं को असुविधा हो सकती है और वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनपद के प्रत्येक उपभोक्ता को समय पर घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हो और किसी भी परिवार को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ स्थिति की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर और भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जनपद में गैस की आपूर्ति सामान्य है और सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इसलिए आम जनता से संयम बनाए रखने और केवल आवश्यकता के अनुसार ही गैस बुकिंग कराने की अपील की गई है।

बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई, दो नाबालिग बच्चों को किया गया रेस्क्यू

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

पुलिस ने बच्चों को शिक्षा के प्रति किया जागरूक, चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा

गोरखपुर। जनपद में बाल श्रम और बाल संरक्षण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है। पुलिस ने बच्चों को बाल श्रम के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया।
जानकारी के अनुसार चेकिंग के दौरान थाना एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) की टीम को दो नाबालिग बालक संदिग्ध परिस्थितियों में कार्य करते हुए मिले। पूछताछ में दोनों बच्चों के नाबालिग होने की पुष्टि होने पर पुलिस टीम ने उन्हें तत्काल रेस्क्यू कर लिया।
रेस्क्यू के बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को बाल श्रम से होने वाले नुकसान और पढ़ाई के महत्व के बारे में समझाया तथा उन्हें शिक्षा की ओर प्रेरित किया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों बच्चों को आगे की कार्रवाई के लिए सिटी चाइल्ड हेल्पलाइन गोरखपुर के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में बाल श्रम और बाल तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, साथ ही बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

घरेलू गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग का भंडाफोड़

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

*उच्च दामों पर बिक्री करने के आरोप में तीन आरोपी गिरफ्तार*

गोरखपुर।जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री और ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गीडा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग घरेलू गैस सिलेंडरों को अवैध तरीके से बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रहे थे।
मामले में पूर्ति निरीक्षक द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना गीडा में मुकदमा दर्ज किया गया। तहरीर में बताया गया कि कुछ लोग घरेलू गैस सिलेंडरों को अवैध रूप से एकत्र कर निर्धारित मूल्य से अधिक दामों पर बेचकर ब्लैक मार्केटिंग कर रहे थे। इससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और गैस वितरण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। जांच के दौरान अवैध गैस कारोबार में संलिप्त तीन लोगों के बारे में जानकारी मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन कुमार वर्मा पुत्र जमुना प्रसाद निवासी वार्ड नंबर 18 बुद्धनगर थाना पीपीगंज जनपद गोरखपुर, अली मोहम्मद पुत्र पीर मोहम्मद निवासी गोपालनगर थाना रेवती जिला बलिया तथा शुभम जायसवाल पुत्र संतोष जायसवाल निवासी पीपीगंज थाना पीपीगंज जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। इनमें अली मोहम्मद ट्रक चालक बताया जा रहा है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने जारी वीडियो बयान में बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग और अवैध बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गीडा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जनपद में आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

6 घंटे में पुलिस ने ढूंढ निकाले दो गुमशुदा बच्चे

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

*सहजनवां पुलिस की तत्परता से सकुशल परिजनों को सौंपे गए*गोरखपुर। सहजनवां थाना क्षेत्र से गुम हुए दो मासूम बच्चों को पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिवार वालों ने राहत की सांस ली।
मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को एक महिला ने थाना सहजनवां में सूचना दी कि उसकी 10 वर्षीय बेटी और 7 वर्षीय बेटा कहीं चले गए हैं और उनका पता नहीं चल पा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्चों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों की मदद से बच्चों की लोकेशन का पता लगाया। लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को लगभग छह घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया।
नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के बाद दोनों बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चों के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने पुलिस का आभार जताया।

March 12, 2026

गैस वितरण व्यवस्था पर प्रशासन सख्त, डीएम दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने किया औचक निरीक्षण

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

गोरखपुर। जनपद में घरेलू गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने गुरुवार को मोहद्दीपुर स्थित सुशीला गैस एजेंसी तथा ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गंगा गैस गोदाम का औचक निरीक्षण जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह के साथ किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गैस गोदामों में उपलब्ध स्टॉक, गैस सिलेंडरों की आपूर्ति तथा उपभोक्ताओं को किए जा रहे वितरण की पूरी स्थिति की गहन जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान डीएम दीपक मीणा ने एजेंसी संचालकों से स्पष्ट रूप से पूछा कि आज कितने गैस सिलेंडर गोदाम पर आए, कितने सिलेंडरों का वितरण किया गया और वर्तमान में कितना स्टॉक शेष है। उन्होंने कहा कि गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी उपभोक्ता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने एजेंसी संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने गैस बुक कराई है, उन्हें समय से गैस उपलब्ध कराई जाए और अधिक से अधिक होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी एजेंसी द्वारा अवैध तरीके से गैस सिलेंडर की बिक्री या वितरण में अनियमितता पाई गई तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने भी सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी गैस गोदामों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कहीं भी अव्यवस्था या कालाबाजारी की स्थिति उत्पन्न न हो सके। एसएसपी ने बताया कि जनपद के 87 गैस गोदामों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है जिससे वितरण प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।
वहीं जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जनपद के सभी 87 गैस गोदामों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। ये नोडल अधिकारी गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता न हो। उन्होंने कहा कि सभी स्थानों पर टोकन व्यवस्था के माध्यम से गैस का वितरण कराया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं को लाइन में अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
डीएम ने स्पष्ट किया कि टोकन प्रणाली के तहत जो उपभोक्ता पहले गोदाम पर आएगा उसे पहले गैस सिलेंडर मिलेगा और बाद में आने वाले उपभोक्ताओं को क्रम के अनुसार गैस दी जाएगी। इससे वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी और किसी प्रकार की धक्का-मुक्की या विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि जनपद में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी उपभोक्ता को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार गैस कंपनियों और एजेंसियों के संपर्क में है और जरूरत के अनुसार सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
डीएम दीपक मीणा ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि लोग केवल अपनी जरूरत के अनुसार ही गैस की बुकिंग कराएं और अनावश्यक रूप से अधिक सिलेंडर लेने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि घबराहट या अफवाहों के कारण यदि लोग अधिक मात्रा में गैस बुक कराते हैं तो इससे वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक क्रिएट करने से बचें। प्रशासन की ओर से गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और सभी उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि कोई व्यक्ति गैस को लेकर अफवाह फैलाता हुआ पाया गया या वितरण व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ऐसे मामलों पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोदामों में रखे गैस सिलेंडरों की संख्या, रिकॉर्ड रजिस्टर, वितरण सूची और होम डिलीवरी व्यवस्था की भी जांच की। उन्होंने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया कि गैस वितरण से संबंधित सभी रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट किए जाएं और प्रशासन को समय-समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के औचक निरीक्षण से गैस एजेंसियों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। वहीं प्रशासन की सख्ती के बाद गैस वितरण व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में भी भरोसा बढ़ा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में गैस वितरण व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और उपभोक्ता हित में संचालित किया जाएगा।

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