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गैस वितरण व्यवस्था पर प्रशासन सख्त, डीएम दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने किया औचक निरीक्षण

March 12, 2026

गैस वितरण व्यवस्था पर प्रशासन सख्त, डीएम दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने किया औचक निरीक्षण

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

गोरखपुर। जनपद में घरेलू गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने गुरुवार को मोहद्दीपुर स्थित सुशीला गैस एजेंसी तथा ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गंगा गैस गोदाम का औचक निरीक्षण जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह के साथ किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गैस गोदामों में उपलब्ध स्टॉक, गैस सिलेंडरों की आपूर्ति तथा उपभोक्ताओं को किए जा रहे वितरण की पूरी स्थिति की गहन जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान डीएम दीपक मीणा ने एजेंसी संचालकों से स्पष्ट रूप से पूछा कि आज कितने गैस सिलेंडर गोदाम पर आए, कितने सिलेंडरों का वितरण किया गया और वर्तमान में कितना स्टॉक शेष है। उन्होंने कहा कि गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी उपभोक्ता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने एजेंसी संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने गैस बुक कराई है, उन्हें समय से गैस उपलब्ध कराई जाए और अधिक से अधिक होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी एजेंसी द्वारा अवैध तरीके से गैस सिलेंडर की बिक्री या वितरण में अनियमितता पाई गई तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने भी सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी गैस गोदामों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कहीं भी अव्यवस्था या कालाबाजारी की स्थिति उत्पन्न न हो सके। एसएसपी ने बताया कि जनपद के 87 गैस गोदामों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है जिससे वितरण प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।
वहीं जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जनपद के सभी 87 गैस गोदामों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। ये नोडल अधिकारी गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता न हो। उन्होंने कहा कि सभी स्थानों पर टोकन व्यवस्था के माध्यम से गैस का वितरण कराया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं को लाइन में अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
डीएम ने स्पष्ट किया कि टोकन प्रणाली के तहत जो उपभोक्ता पहले गोदाम पर आएगा उसे पहले गैस सिलेंडर मिलेगा और बाद में आने वाले उपभोक्ताओं को क्रम के अनुसार गैस दी जाएगी। इससे वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी और किसी प्रकार की धक्का-मुक्की या विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि जनपद में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी उपभोक्ता को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार गैस कंपनियों और एजेंसियों के संपर्क में है और जरूरत के अनुसार सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
डीएम दीपक मीणा ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि लोग केवल अपनी जरूरत के अनुसार ही गैस की बुकिंग कराएं और अनावश्यक रूप से अधिक सिलेंडर लेने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि घबराहट या अफवाहों के कारण यदि लोग अधिक मात्रा में गैस बुक कराते हैं तो इससे वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक क्रिएट करने से बचें। प्रशासन की ओर से गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और सभी उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि कोई व्यक्ति गैस को लेकर अफवाह फैलाता हुआ पाया गया या वितरण व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ऐसे मामलों पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोदामों में रखे गैस सिलेंडरों की संख्या, रिकॉर्ड रजिस्टर, वितरण सूची और होम डिलीवरी व्यवस्था की भी जांच की। उन्होंने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया कि गैस वितरण से संबंधित सभी रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट किए जाएं और प्रशासन को समय-समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के औचक निरीक्षण से गैस एजेंसियों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। वहीं प्रशासन की सख्ती के बाद गैस वितरण व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में भी भरोसा बढ़ा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में गैस वितरण व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और उपभोक्ता हित में संचालित किया जाएगा।

गैस एजेंसियों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

*कालाबाजारी और अनियमितता के आरोप में दो गैस एजेंसियों के संचालकों पर एफआईआर*

गोरखपुर। जिले में रसोई गैस की कालाबाजारी और अनियमितता की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो गैस एजेंसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की है। जांच के दौरान सिलेंडरों की अवैध बिक्री और स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के संचालकों, परिवहन ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पहला मामला आशीष इंडेन गैस सर्विस, पीपीगंज से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार 10 मार्च 2026 को बाटलिंग प्लांट गीडा से उक्त गैस एजेंसी के लिए 525 भरे हुए गैस सिलेंडर ट्रक संख्या WB 29C 1718 के माध्यम से भेजे गए थे। आरोप है कि गैस एजेंसी द्वारा इन सिलेंडरों को अपने गोदाम में उतारने के बजाय ट्रक को नौसढ़ चौराहे के पास रोडवेज के पीछे खड़ा कर दिया गया और वहां से सिलेंडरों को अवैध तरीके से अधिक कीमत पर बेचा जाने लगा।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची जांच टीम ने इस गड़बड़ी को पकड़ लिया। इसके बाद 11 मार्च को गैस एजेंसी के गोदाम की जांच की गई, जहां स्टॉक में भी गड़बड़ी पाई गई। इस मामले में गैस एजेंसी के मालिक पवन वर्मा, संबंधित परिवहन ठेकेदार मैसर्स प्रेस्टिज मूवर्स, ट्रक चालक अली मोहम्मद तथा गैस एजेंसी के कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1966 की धारा 3/7 तथा भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत थाना गोरखनाथ में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है।
दूसरा मामला कन्हैया इंडेन गैस सर्विस, नौसढ़ से संबंधित है। 10 मार्च 2026 को नौसढ़ चौराहे के पास रोडवेज के पीछे एक पिकअप वाहन संख्या UP 53 GT 5254 में भरे घरेलू कुकिंग गैस सिलेंडर लावारिस हालत में पाए गए। वाहन पर कन्हैया इंडेन गैस सर्विस से संबंधित बैनर भी लगा हुआ था।
मौके पर मौजूद लोगों ने जांच टीम को बताया कि उक्त वाहन के माध्यम से गैस सिलेंडरों को ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा था। हालांकि जांच टीम को देखकर गैस एजेंसी के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। इसके बाद 11 मार्च को संबंधित गैस एजेंसी के गोदाम की जांच की गई, जहां घरेलू गैस सिलेंडरों के स्टॉक में अनियमितता और गड़बड़ी पाई गई।
जांच में यह भी सामने आया कि घरेलू उपयोग के गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग किया जा रहा था। इस मामले में मैसर्स कन्हैया इंडेन गैस सर्विस के प्रोपराइटर के खिलाफ भी आवश्यक वस्तु अधिनियम 1965 की धारा 3/7 तथा भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तु की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी गैस एजेंसी या उससे जुड़े व्यक्ति द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले में गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

फैमिली आईडी योजना की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

एक परिवार एक पहचान’ के तहत सभी परिवारों का पंजीकरण कराने के निर्देश*

गोरखपुर। जिले में गोरखपुर फैमिली आईडी (परिवार पहचान पत्र) योजना की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने नगर निगम गोरखपुर के सदन हाल में एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनपद के प्रत्येक परिवार को विशिष्ट परिवार पहचान दिलाने के लिए अभियान चलाकर पंजीकरण कार्य में तेजी लाई जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “एक परिवार एक पहचान” का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट पहचान उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस योजना के तहत जिले के अधिक से अधिक परिवारों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को एक विशेष फैमिली आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे उस परिवार की पहचान सुनिश्चित होगी और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ सीधे संबंधित परिवार तक पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि फैमिली आईडी के माध्यम से परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना, पेंशन योजनाएं, छात्रवृत्ति, शिक्षा से जुड़ी योजनाएं सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी यह व्यवस्था उपयोगी साबित होगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत परिवार के पति-पत्नी, बच्चों तथा अन्य आश्रित सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि पूरे परिवार का एकीकृत डाटा तैयार हो सके। इससे सरकार को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जरूरतमंदों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गोरखपुर के सभी निवासियों से अपील की कि वे अपने परिवार की विशिष्ट पहचान प्राप्त करने के लिए जल्द से जल्द पंजीकरण कराएं। उन्होंने बताया कि इसके लिए नजदीकी जन सेवा केंद्रों (CSC) पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है, जहां जाकर परिवार के सदस्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं।
बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि फैमिली आईडी योजना के तहत पंजीकरण कार्य को तेजी से पूरा कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि जिले के सभी परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

*व्हाट्सएप कॉल कर खुद को अधिकारी बताकर बैंक खातों से उड़ाए थे पैसे*

गोरखपुर। साइबर अपराध के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर अपराध थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी अपराध के पर्यवेक्षण में साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में वादिनी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने व्हाट्सएप कॉल कर स्वयं को सरकारी अधिकारी बताते हुए उसे “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाया। आरोपियों ने उसे डराकर उसके बैंक खातों से आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़िता की तहरीर के आधार पर साइबर अपराध थाना गोरखपुर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की जांच के दौरान साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विकास विश्वकर्मा पुत्र राधेश्याम विश्वकर्मा निवासी गणेशपुरी कॉलोनी नासिरपुर, थाना चितईपुर जनपद वाराणसी के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(2), 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
इस घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी अक्सर खुद को पुलिस, बैंक अधिकारी या अन्य सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराने या लालच देने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
पुलिस ने यह भी कहा है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज से सतर्क रहें और ठगी की आशंका होने पर तुरंत कॉल या चैट बंद कर दें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकता है।

March 11, 2026

*2023 बैच के आईपीएस अरुण कुमार एस ने सीओ कैंट का पदभार संभाला

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
11/03/2026

गोरखपुर। 2023 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुणकुमार एस ने क्षेत्राधिकारी (सीओ) कैंट का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने मंगलवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया था, जबकि बुधवार को अपने कार्यालय पहुंचकर विधिवत रूप से कार्यभार संभालते हुए कर्मचारियों के साथ बैठक की तथा कैंट क्षेत्र की कानून व्यवस्था की जानकारी ली।
आईपीएस अरुणकुमार एस की प्रारंभिक पुलिस प्रशिक्षण कानपुर में हुई थी। इसके बाद अगस्त 2025 में प्रशिक्षण के दौरान ही उन्हें गोरखपुर के गीडा क्षेत्र में फील्ड ट्रेनिंग के लिए भेजा गया, जहां उन्होंने पुलिसिंग के व्यावहारिक पहलुओं को नजदीक से समझा और स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था के संचालन का अनुभव प्राप्त किया।
फील्ड ट्रेनिंग के बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए मुरादाबाद स्थित पुलिस प्रशिक्षण मुख्यालय भेजा गया, जहां उन्होंने पुलिस प्रशासन, अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया।
दिसंबर 2025 में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अरुणकुमार एस पुनः गोरखपुर आए और उन्हें क्षेत्राधिकारी (सीओ) गीडा के पद पर तैनाती दी गई। गीडा क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के साथ ही अपराध नियंत्रण और जनसुनवाई को प्राथमिकता दी। उनके कार्यकाल में पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने का प्रयास भी किया गया।
अब उन्हें शहर के महत्वपूर्ण और संवेदनशील माने जाने वाले कैंट क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंगलवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करने के बाद बुधवार को उन्होंने अपने कार्यालय में विधिवत रूप से कार्यभार संभाला और पुलिस कर्मचारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की कानून व्यवस्था, लंबित मामलों और संवेदनशील बिंदुओं की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।

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