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पत्नी और बच्चों की आड़ में शातिर चोर का ‘कारनामा’, गीता वाटिका के पास से बाइक लेकर हुआ रफूचक्कर

June 4, 2026

पत्नी और बच्चों की आड़ में शातिर चोर का ‘कारनामा’, गीता वाटिका के पास से बाइक लेकर हुआ रफूचक्कर

Posted on 04/06/2026
Time 12:36 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर : 4 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) शहर के शाहपुर थाना क्षेत्र के गीता वाटिका इलाके में चोरी का एक बेहद ही सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक शातिर चोर ने अपनी पत्नी और बच्चों को ढाल बनाकर एक मोटरसाइकिल पर हाथ साफ कर दिया। चोरी की यह पूरी वारदात पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, आरोपी युवक अपने परिवार को साथ लेकर एक बाइक पर सवार होकर मौके पर पहुँचा। गीता वाटिका के पास पहुँचने के बाद उसने बड़ी ही चतुराई से अपनी बाइक खड़ी की और आसपास रेकी शुरू कर दी। परिवार साथ होने के कारण किसी को उस पर संदेह नहीं हुआ। भीड़भाड़ और परिवार की मौजूदगी का फायदा उठाकर उसने कुछ ही देर में पास खड़ी एक बाइक को निशाना बनाया और उसे लेकर फरार हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने शाहपुर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, तो चोरी की पूरी पोल खुल गई। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे आरोपी ने अपने परिवार की आड़ लेकर बड़ी शातिराना अंदाज में इस चोरी को अंजाम दिया।

शाहपुर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया है और इसके आधार पर आरोपी की शिनाख्त की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान के प्रयास जारी हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दिनदहाड़े या शाम के वक्त परिवार को साथ लेकर की गई इस चोरी ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्वच्छता के संकल्प से गूंजा रामगढ़ताल: विश्व पर्यावरण दिवस और सीएम के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर महा-सफाई अभियान

Posted on 04/06/2026
Time 11:50 A.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर: 4 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) विश्व पर्यावरण दिवस और प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन के उपलक्ष्य में गुरुवार को गोरखपुर में स्वच्छता का विशेष उत्साह और जन-भागीदारी देखने को मिली। रामगढ़ताल स्थित नौका विहार परिसर में आयोजित एक वृहद स्वच्छता अभियान के माध्यम से शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प लिया गया।

इस महा-सफाई अभियान का नेतृत्व नगर आयुक्त, महापौर और भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता हाथों में झाड़ू और सफाई उपकरण लेकर नौका विहार के चप्पे-चप्पे पर उतरे और परिसर की सघन सफाई की।

अभियान के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि यह आयोजन केवल एक सफाई कार्य नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, विश्व पर्यावरण दिवस और मुख्यमंत्री जी के जन्मदिन के अवसर पर हम सभी को अपने आसपास के वातावरण को प्लास्टिक मुक्त और हरा-भरा रखने का संकल्प लेना चाहिए।

स्वच्छता अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने परिसर में फैले प्लास्टिक और अन्य कचरे को एकत्रित कर उसका उचित निस्तारण किया। इस दौरान शहरवासियों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया गया। इस महा-सफाई अभियान ने पूरे क्षेत्र में स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त संदेश प्रसारित किया है।

June 3, 2026

साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, छात्रों और शिक्षकों को दी गई सुरक्षा की जानकारी

Posted on 3/06/2026
Time 09:10 A.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

गोरखपुर। 3 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और आम नागरिकों को डिजिटल ठगी से बचाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक (अपराध) के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘साइबर जागरूकता अभियान’ के तहत केंद्रीय विद्यालय पिपराइच में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान साइबर सेल अपराध शाखा की टीम ने NCC कैडेटों और विद्यालय के समस्त स्टाफ को साइबर सुरक्षा के गुर सिखाए।

कार्यक्रम के दौरान साइबर सेल की टीम ने वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों पर विस्तार से चर्चा की। टीम ने मुख्य रूप से डिजिटल अरेस्ट, एफिके फ्रॉड (AFI Fraud), फेक न्यूज और म्यूल अकाउंट (अवैध लेनदेन के लिए बैंक खाते का उपयोग) जैसे विषयों पर जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि साइबर अपराधी आए दिन नई तकनीक का सहारा ले रहे हैं, ऐसे में सावधानी ही बचाव का एकमात्र तरीका है। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर घबराने के बजाय पीड़ित को तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

कार्यक्रम में साइबर सेल द्वारा सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए जिसमे बताया गया कि खुद को टेलीकॉम या पुलिस अधिकारी बताकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने की धमकी देने या केस में फंसाने का डर दिखाकर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें।
अपने सोशल मीडिया अकाउंट को प्रमोट करने या फॉलोअर्स बढ़ाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को अपनी यूजर आईडी या पासवर्ड कभी साझा न करें। किसी भी प्रलोभन में आकर अपना बैंक खाता किसी अनजान व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। अपराधी आपकी पहचान छुपाकर आपके खाते का उपयोग अपराध के लिए कर सकते हैं। किसी भी अवांछित लिंक (Unknown Link) पर क्लिक न करें। साथ ही, Twitter, Facebook, Instagram और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म पर बिना सत्यापन के किसी भी पोस्ट या खबर को फॉरवर्ड करने से बचें। सोशल मीडिया पर अश्लील या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने से बचें।

साइबर सेल ने सभी को सलाह दी है कि साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत सहायता के लिए निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग करें ।
हेल्पलाइन नंबर: 1930 पर कॉल करें। www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
नजदीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क करें।

कार्यक्रम के अंत में पुलिस ने लोगों को गोरखपुर साइबर क्राइम सेल के व्हाट्सएप चैनल https://whatsapp.com/channel/0029VasEklv7Noa2uPqslj11 से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि वे साइबर सुरक्षा से संबंधित नवीनतम जानकारी और अलर्ट प्राप्त कर सकें।
उप्र समाचार सेवा भी सभी से अपील करता है कि “सावधान रहें, सुरक्षित रहें।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया गोरखपुर, आजमगढ़ व बस्ती की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2026 का शुभारंभ

Posted on 03/06/2026
Time 14:40 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

किसान तकनीक व अच्छी क्वालिटी के बीज अपनाएं, केमिकल-पेस्टिसाइड को न्यूनतम कर प्राकृतिक खेती पर जोर दें: मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 3 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों में खेती-किसानी के क्षेत्र में आए परिवर्तन के कारण अन्नदाता किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। किसान समाज व राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ते हुए आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं। देश की सबसे अच्छी उर्वरा भूमि और सर्वाधिक सिंचित भूमि (86 फीसदी) यूपी में है। रबी-खरीफ व जायद की तीनों फसलों से किसानों को अच्छा दाम भी मिल रहा है। यह किसानों की मेहनत का परिणाम है कि यूपी का बीमारूपन दूर हुआ और राज्य समृद्ध बना। किसानों ने कृषि विकास दर को 8 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित गोरखपुर, आजमगढ़ व बस्ती की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2026 का शुभारंभ करने के उपरांत उपस्थित जन-समूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया और उन्हें ट्रैक्टर की चाबी व केसीसी प्रमाण पत्र प्रदान किए। संगोष्ठी का संचालन चारूशीला सिंह ने किया।
सीएम योगी ने कहा कि 12 वर्ष पहले किसान आत्महत्या पर मजबूर थे। 2005 से 2014 के बीच देश में अलग-अलग स्थानों पर अनगिनत किसानों ने आत्महत्या की थी। इसके पीछे भी त्रासदी थी, उनके लिए अच्छी क्वालिटी के बीज, उचित एमएसपी, आपदा से बचाव के उपयुक्त प्रबंध नहीं थे। लागत अधिक-उत्पादन कम था। यदि किसान ने मेहनत से अन्न उत्पादन किया भी तो उसके क्रय की उचित व्यवस्था नहीं थी।
सीएम ने कहा कि पहली बार कोई सरकार कह रही है कि जैसे हम अपने उत्तम स्वास्थ्य के लिए हेल्थ चेकअप करवाते हैं, ऐसे ही धरती माता के स्वास्थ्य का भी परीक्षण होना चाहिए। पीएम मोदी ने 2014 से अनिवार्य रूप से फ्री में सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना लागू हुईं। दलहन-तिलहन आयात में सरकार को लाखों-करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन किसानों को अच्छे बीज देकर दलहन-तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विशेष अभियान प्रारंभ किया।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिया गया, जिससे अन्नदाता किसान साहूकार के सामने हाथ नहीं फैलाए और न ही कर्ज से दबे। मंडी में व्यापक रिफॉर्म किया गया। प्रदेश में जब डबल इंजन सरकार आई तो उसने भी इसे मजबूती से बढ़ाया। किसानों के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए। 2017 में पहली कैबिनेट मीटिंग में कर्ज से दबे किसानों को राहत दी गई। फसल ऋण की विशेष योजना प्रारंभ की गई। प्रयास रहा कि किसानों को लागत का डेढ़ गुना दाम प्राप्त हो। जगह-जगह सरकारी क्रय केंद्र खोलकर उनकी उपज को खरीदा गया।

दशकों से लंबित परियोजनाएं पूरी हुईं

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को प्रारंभ करने के साथ बाणसागर, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बुंदेलखंड आदि से जुड़ी परियोजनाओं को पूरा कराया गया। 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई। सरकार निजी नलकूप में भी किसानों को फ्री बिजली देती है और इसके लिए 3000 करोड़ रुपये का भुगतान भी करती है।

यूपी ने खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को किया प्राप्त

सीएम ने कहा कि यूपी क्षेत्रफल में देश में चौथे स्थान पर है, इसके बावजूद खाद्यान्न, चीनी, एथेनॉल, आलू, सब्जी व दुग्ध का सर्वाधिक उत्पादन कर रहा है। सरकार के साथ किसानों की मेहनत का परिणाम सामने है। सरकार रबी, खरीफ के समय गोष्ठी के माध्यम से किसानों को बीज, तकनीक, शासन की योजनाओं के बारे में बताती है और उनके सुझावों/परेशानियों की जानकारी लेती है।

आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त करने का माध्यम बनेगा किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने का माध्यम बनेगा। सरकार का काम है कि किसान शोषण-अभाव से मुक्त हो, उसके सामने चुनौती न हो, उनके कार्यों में बाधाओं को हटाया जाए। उन्हें अच्छा बीज मिल सके, सुविधा संपन्न करने के साथ उन्हें मंडी से जोड़ा जाए और समय पर उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति की जाए। उत्तर प्रदेश में यह सब संभव हो पा रहा है। यूपी के पास देश की कुल कृषि योग्य भूमि में केवल 11 फीसदी भूमि है, लेकिन वह कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 फीसदी योगदान कर रहा है। यूपी की आबादी देश की कुल जनसंख्या का 16-17 फीसदी है। खाद्यान्न, सब्जी, औद्यानिक फसलों में यूपी देश को लीड कर रहा है, इसके बावजूद कई चुनौतियां भी हैं।

परिजनों को 24 घंटे में पांच लाख की सहायता

सीएम ने कहा कि यूपी में किसानों, सह किसानों (बटाईदारों) व उनके पारिवारिक सदस्यों को भी किसी हादसे की स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक बीमा दुर्घटना योजना का लाभ दिया गया है। इस पर सरकार हर वर्ष एक हजार करोड़ रुपये खर्च करती है। किसान अतिवृष्टि, अनावृष्टि, लू, आकाशीय बिजली, वन्यजीव संघर्ष का शिकार हुआ तो सरकार 24 घंटे के अंदर पांच लाख रुपये की सहायता परिवार को उपलब्ध कराती है।

लखनऊ में सीड पार्क, कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय का निर्माण जारी

सीएम योगी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के नाम पर लखनऊ में सीड पार्क तथा कुशीनगर में कृषि व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र उत्तम तकनीक व बीज की क्वालिटी के बारे में जानकारी के माध्यम बने हैं। इसके बाद भी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है। जितना किसानों ने उत्पादन बढ़ाया है, इसमें अभी लगभग तीन गुना और वृद्धि कर सकते हैं। हमें बीज की क्वालिटी, तकनीक और समय पर खेतीबाड़ी-फसल चक्र को अपनाना पड़ेगा। इससे उत्पादन बढ़ेगा। किसान इस दिशा में कार्य प्रारंभ करें।

सीएम ने चुनौतियों पर भी चर्चा की

सीएम ने चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि उत्पादन का पहला चरण यह है कि किसानों को सही बीज प्राप्त हों। सीएम ने क्वालिटी पर जोर देते हुए कहा कि कितना भी उत्पादन कर लें, यदि उत्पाद एक्सपोर्ट के लायक नहीं तैयार किया गया तो उचित मुनाफा नहीं होगा। आम का यहां 40-50 रुपये दाम मिलेगा, जबकि यूरोप, अमेरिका समेत दुनिया के अन्य देशों में 800 से 1000 रुपये मिलता है। कार्गो का दाम डेढ़ सौ-200 रुपये होगा, फिर भी 600 रुपये प्रति किलो की बचत होगी। इसके लिए क्वालिटी जरूरी है। सरकार ने कार्गो के सेंटर विकसित किए हैं। सीएम ने अपील की कि खाद्यान्न, सब्जी, औद्यानिक फसल आदि में न्यूनतम केमिकल-पेस्टिसाइड का प्रयोग करें।

किसान को पता है कि कब क्या करना है

सीएम ने निर्यात के मानकों पर खरा उतरने पर जोर देते हुए प्राकृतिक खेती (गो आधारित खेती) पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे गोमाता की रक्षा भी होगी और केमिकल-पेस्टिसाइट से भी खेती का बचाव होगा। यह लागत को कम करने का भी माध्यम हो सकता है। किसान स्वयं वैज्ञानिक है। उसे पता है कि कब क्या करना है, बस तारतम्यता से जोड़ने की तैयारी करें। अतिवृष्टि व अनावृष्टि से बचने के लिए अभी से मौसम विभाग द्वारा दिए जाने वाले बुलेटिन के अनुरूप फसल चक्र को तैयार करें। यह कार्य बढ़ेंगे तो किसान की आमदनी भी बढ़ेगी।

सीएम ने सहफसली खेती पर भी दिया जोर

सीएम ने फसल के विविधीकरण की चर्चा करते हुए गन्ना, सब्जियों के साथ ही सहफसली खेती पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। पिछले वर्ष मैंने व कृषि मंत्री ने मध्य यूपी के कई जनपदों में जाकर देखा कि किसान ने जैसे ही गेहूं की फसल काटी, तत्काल मक्का की खेती प्रारंभ की। इससे उन्हें एक लाख रुपये प्रति एकड़ की बचत भी हो रही है।

पहले किसानों को नहीं मिलती थी सिंचाई, सुविधा और सुरक्षा

सीएम ने कहा कि पहले यूपी में सुरक्षा, सिंचाई, क्रय केंद्र समेत सरकारी सुविधाएं नहीं थीं तो किसान बमुश्किल एक से दो फसल करता था। अच्छे बीज नहीं मिल पाते थे। आज किसान तीन-तीन फसलें करके अच्छा मुनाफा कमा रहा है। बिना टैक्स बढ़ाए सरकार ने एमएसपी के माध्यम से अच्छा पैसा दिया। 2016-17 में 300 रुपये गन्ना भुगतान था, आज 400 रुपये प्रति कुंतल दिया जा रहा है। तकनीक, अच्छी क्वालिटी के बीज अपनाएं, केमिकल-पेस्टिसाइड को न्यूनतम कर प्राकृतिक खेती पर जोर दें तो बेहतर लाभ मिलेगा।

किसानों को सही दिशा देगी खरीफ गोष्ठी

सीएम ने गोष्ठी की उपयोगिता पर बल दिया और कहा कि आत्मनिर्भर व विकसित भारत के लिए विकसित खेती आज की आवश्यकता है। किसान तीन फसलों का व्यापक पैमाने पर उत्पादन करता है। फसल चक्र से जुड़ी चुनौतियों का कैसे मुकाबला कर सकते हैं, इस पर ध्यान देना होगा। इस बार मानसून औसत से कम बताया जा रहा है। इसके लिए रणनीति तय होनी चाहिए। यह गोष्ठी किसानों को सही दिशा देगी। सीएम ने कोरोना के दौरान भी किसानों की ताकत का जिक्र किया।

इस दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी ने किया 208 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण

 

Posted on 03/06/2026
Time 14:45 P.M
GORAKHPUR
Santosh Kumar Singh

कहा- ‘अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस’

​गोरखपुर: 03 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में औद्योगिक विकास और जनसुविधाओं को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाते हुए 208 करोड़ रुपये के 71 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले ‘फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स’ का उद्घाटन कर उद्यमियों को ‘प्लग एंड प्ले’ का बेहतरीन मॉडल सौंपा।
​सुरक्षा ही विकास की पहली शर्त
जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति से कोई समझौता नहीं होगा। गरीबों का हक छीनने, व्यापारियों को धमकाने या बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को पाताल से भी खोजकर निकाला जाएगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा का माहौल होने के कारण ही आज यूपी में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं।
​गीडा बना रोजगार का प्रमुख केंद्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में गीडा का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। यहाँ अब पेप्सिको, बिसलेरी जैसी बड़ी इकाइयाँ और नई डिस्टिलरी लग रही हैं। गीडा का विस्तार अब धुरियापार तक किया जा रहा है, जहाँ 7 हजार एकड़ में इंडस्ट्रियल टाउनशिप बन रही है। उन्होंने कहा कि अकेले गीडा में ही 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है।
​एमएसएमई के लिए ‘फ्लैटेड फैक्ट्री’ क्रांतिकारी कदम
फ्लैटेड फैक्ट्री को छोटे उद्यमियों (MSME) के लिए वरदान बताते हुए सीएम ने कहा कि अब जिनके पास जमीन खरीदने का पैसा नहीं है, वे भी सीधे आकर यहाँ उत्पादन शुरू कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कामगारों के लिए निर्मित ईडब्ल्यूएस (EWS) और एलआईजी (LIG) आवासीय परिसरों का उद्घाटन कर श्रमिकों को उनके कार्यस्थल के पास ही किफायती आवास की सौगात दी।
​भावुक पल: अन्नप्राशन और गोदभराई
विकास कार्यों के उद्घाटन के साथ ही मुख्यमंत्री ने एक मानवीय चेहरा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने मासूम बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया और उन्हें दुलारते हुए खिलौने भेंट किए। साथ ही, गर्भवती महिलाओं की ‘गोदभराई’ रस्म पूरी कर उन्हें पोषण पोटली भी वितरित की।
​इस अवसर पर सांसद रवि किशन, विधायक प्रदीप शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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