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डीआईजी एस. चन्नप्पा का खोराबार व खजनी थानों का वार्षिक निरीक्षण

April 13, 2026

डीआईजी एस. चन्नप्पा का खोराबार व खजनी थानों का वार्षिक निरीक्षण

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
13/04/2026

रजिस्टरों की जांच, मालखाना व परिसर की व्यवस्था पर दिया जोर, चौकीदारों को किया सम्मानित

गोरखपुर। पुलिस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से गोरखपुर रेंज के डीआईजी एस. चन्नप्पा ने सोमवार को थाना खोराबार व थाना खजनी का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने थानों में रखे जनसुनवाई रजिस्टर, महिला अपराध रजिस्टर, अपराध रजिस्टर संख्या-04 सहित अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। साथ ही थाना मालखाना का निरीक्षण करते हुए वहां रखे शस्त्र, कारतूस, माल मुकदमाती वाहन एवं अन्य सामान की स्थिति का जायजा लिया।
डीआईजी ने पूरे थाना परिसर का भ्रमण कर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थाने में जब्त वाहनों का बेहतर रख-रखाव किया जाए और सभी अभिलेख अद्यावधिक एवं व्यवस्थित तरीके से संधारित किए जाएं।
इस दौरान मिशन शक्ति टीम से भी संवाद कर क्षेत्र में भ्रमण के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं थाने पर मौजूद पुलिसकर्मियों का टर्नआउट चेक किया गया तथा बैठक कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। ड्यूटी के निर्वहन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने थाने पर उपस्थित चौकीदारों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। वहीं एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने थाने पर आए फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर निरीक्षक व उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों के साथ गोष्ठी आयोजित कर विवेचनाओं की समीक्षा भी की गई। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक नगर निमिष पाटिल, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दिनेश पुरी, क्षेत्राधिकारी कैण्ट अरुण कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी खजनी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

April 8, 2026

बेमौसम बारिश से हुए फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को मिले वाजिब मुआवजा : मुख्य सचिव

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
08/04/2026

गोरखपुर। 8अप्रैल/ प्रदेश में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए व्यापक नुकसान को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी जिलाधिकारियों को किसानों को जल्द और वाजिब मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें गोरखपुर जनपद से जिलाधिकारी दीपक मीणा, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने निर्देश दिए कि फसल नुकसान का सर्वेक्षण पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से जल्द पूरी की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व एवं कृषि विभाग की टीमें संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें और वास्तविक नुकसान का आंकलन सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि हर प्रभावित किसान तक राहत पहुंचे और उसे उसकी फसल के अनुरूप उचित मुआवजा मिले। इसके लिए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से भी सभी सूचनाओं को अपडेट रखने के निर्देश दिए गए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि गोरखपुर जनपद में प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कार्य तेजी से कराया जा रहा है और संबंधित विभागों की टीमें लगातार फील्ड में कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि किसानों से प्राप्त शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। डीएम ने आश्वस्त किया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी पात्र किसानों को समय से मुआवजा दिलाया जाएगा।
सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने बताया कि ग्राम स्तर पर निगरानी के लिए टीमों का गठन किया गया है, जिससे सर्वे कार्य में तेजी लाई जा सके। वहीं सीआरओ हिमांशु वर्मा ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का आंकलन निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा रहा है और रिपोर्ट जल्द ही शासन को प्रेषित की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए, ताकि बेमौसम बारिश के बाद फैलने वाली बीमारियों पर नियंत्रण रखा जा सके। सीएमओ डॉ. राजेश झा को निर्देशित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाए।
अंत में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने दोहराया कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करने और राहत कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने की अपेक्षा जताई।

दरोगा बनकर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, 20 हजार रुपये बरामद*

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
08/04/2026

*रास्ते में झांसा देकर ले उड़ा था पैसों से भरा झोला, पुलिस ने किया खुलासा*

गोरखपुर। थाना कैण्ट पुलिस ने धोखाधड़ी कर चोरी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 20 हजार रुपये बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार थाना कैण्ट पर पंजीकृत मु0अ0सं0 164/2026 धारा 318(4), 303(2) बीएनएस से संबंधित अभियुक्त विक्की बासफोड़ को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से धोखे से चोरी किए गए 20,000 रुपये बरामद किए गए हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी भी की गई है।
घटना के संबंध में बताया गया कि 06 अप्रैल 2026 को वादी बैंक से 20,000 रुपये निकालकर घर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में आरोपी ने खुद को दरोगा बताकर वादी को झांसे में लिया और उसका पैसों से भरा झोला लेकर फरार हो गया। इस संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना कैण्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार अभियुक्त विक्की बासफोड़ पुत्र विरेन्द्र बासफोड़ निवासी जटेपुर उत्तरी हुमायूंपुर थाना गोरखनाथ जनपद गोरखपुर का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उसके खिलाफ पूर्व में भी मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस का कहना है कि जनपद में धोखाधड़ी व अन्य अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

April 7, 2026

गोरखपुर में वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय को कैबिनेट की मंजूरी

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
07/04/2026

कैम्पियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा विश्वविद्यालय, 491 करोड़ रुपये से अधिक आएगी लागत

वानिकी एवं औद्यानिकी में संचालित किए जाएंगे बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम

गोरखपुर, 7 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में गोरखपुर में बनने वाले ‘उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय’ को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने इसके लिए “उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश-2026” के प्रख्यापन को स्वीकृति प्रदान की है। 491 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यह विश्वविद्यालय कैम्पियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित किया जाएगा। योगी सरकार वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय के लिए इस वर्ष प्रस्तुत प्रदेश के बजट में भी 50 करोड़ रुपये पास कर चुकी है।

गोरखपुर के इस पांचवें विश्वविद्यालय में वानिकी, औद्यानिकी, वन्य जीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, एग्रोफॉरेस्ट्री, फल एवं बागवानी सहित कई आधुनिक विषयों में बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य वनावरण बढ़ाना, जैव विविधता संरक्षण को मजबूत करना, किसानों और छात्रों को आधुनिक प्रशिक्षण देना तथा कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देना है। इस फैसले से प्रदेश में हरित विकास, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए योगी सरकार और गोरखपुर के नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हो जाएगी। इसके पहले सरकार ने दुनिया के पहले राजगिद्ध (जटायु) संरक्षण केंद्र की स्थापना गोरखपुर में ही की है। 6 सितंबर 2024 को कैम्पियरगंज में दुनिया के पहले राजगिद्ध जटायु (रेड हेडेड वल्चर) संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन अवसर पर सीएम योगी ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही वानिकी विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। अब इसे कैबिनेट की भी मंजूरी मिल गई है। यह उत्तर भारत का पहला वानिकी विश्वविद्यालय होगा। इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए गोरखपुर वन प्रभाग ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही 50 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर प्रक्रियात्मक तैयारी तेज कर दी है।

गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) विकास यादव का कहना है कि वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय में वानिकी के अलावा कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और औद्यानिक के भी डिग्री और डिप्लोमा कोर्स संचालित कराने की योजना है ताकि बड़ी संख्या में युवाओं के सामने नौकरी और रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब शिलान्यास की तैयारी और तेज की जाएगी।

April 6, 2026

पत्रकारिता के अलग-अलग आयामों में समन्वय आवश्यक : मुख्यमंत्री

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
06/04/2026

गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह

पत्रकारिता को स्वयं को बेलगाम नहीं होने देना है : मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 6 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पत्रकारिता के अलग-अलग आयामों प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के बीच परस्पर समन्वय होना आवश्यक है। यदि किसी एक ही तथ्य को मीडिया के अलग-अलग आयाम भिन्न-भिन्न तरीके और दृष्टिकोण से प्रस्तुत करेंगे तो आमजनमानस के सामने कन्फ्यूजन की स्थिति होगी। ऐसी स्थिति मीडिया के प्रति जनविश्वास को भी प्रभावित करेगी। इसलिए यह आवश्यक है कि मीडिया के सभी अंग समान मानक, मूल्यों और आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ें।

सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज पत्रकारिता में विभिन्न प्रकार की चुनौतियां हैं। पत्रकारिता में प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के स्वरूप हैं। आज परिवारों में प्रत्येक सदस्य का रूझान मीडिया के अलग अलग रूपों में रहता है। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता के सभी रूपों को समग्रता के साथ जोड़ने की आवश्यकता है। प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया के अपने कुछ मानक हैं, अपनी आचार संहिता है। पर, सोशल मीडिया को अभी इससे जोड़ना है।

सीएम योगी ने कहा कि पत्रकारिता को स्वयं को बेलगाम नहीं होने देना है बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों व आर्दशों के साथ आगे बढ़ाना है। भारत में 200 वर्ष के पत्रकारिता का मूलभाव राष्ट्र सेवा, समाज सेवा व एक भारत श्रेष्ठ भारत का भाव रहा है। हमें इसी भाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मीडिया में एक ऐसा भी वर्ग है जो समाज को गुमराह करके अशांति फैलाने का कार्य करता है। हमें मीडिया के ऐसे रूप से बचने आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सोशल मीडिया तथा प्रिंट मीडिया में एक ही खबर में भिन्नता होती है तो वह जनमानस को विचलित करती है। यह दुविधा की स्थिति खतरनाक होती है। हमें ऐसी स्थिति नहीं हो, ऐसा प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार मूल्यों व आर्दशों पर आधारित पत्रकारिता के साथ सदैव खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है। संवाद में आलोचना हो सकती है किन्तु इस आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मनाना चाहिए। जब हम एक सूत्र की मनोस्थिति से कार्य करते हैं तो सदैव सार्थक परिणाम सामने आते हैं। सीएम योगी ने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना होता है। पत्रकारिता जिस दृष्टि से समाज के मुद्दो को प्रस्तुत करता है, समाज उसी दृष्टि से उसे समझता है। पत्रकारिता को जन विश्वास प्रतीक के रूप में बने रहने के लिए सही और गलत के प्रति एक भाव में रहना चाहिए। पत्रकारिता में किसी भी मुद्दे पर दो भाव नहीं होने चाहिए, क्योंकि यह भाव जन विश्वास पर कुठाराघात करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी पत्रकारिता ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूती दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष हिन्दी पत्रकारिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि 200 वर्ष पहले हिन्दी पत्रकारिता की शुरूआत 30 मई 1826 को कोलकता से हुई थी। 30 मई 1826 को जुगुल किशोर शुक्ल ने हिन्दी के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड का शुभारम्भ किया था। जब उन्होंने पत्र निकाला तब देश गुलाम था। उन्होंने देश की आजादी के स्वर को तेज करने के लिए पत्रकारिता को माध्यम बनाया था। 200 वर्ष से बिना रूके, बिना थके, बिना डिगे पत्रकारिता की शानदार यात्रा आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता जब एक सामान्य व्यक्ति के स्वर के साथ अपना स्वर मिलाती है, और सही तथ्यों को जनता के सम्मुख रखती है, तब एक मजबूत जन विश्वास का निर्माण होता है। जो पत्रकारिता जनविश्वास का प्रतीक बनती है उसे दुनिया की कोई शक्ति विचलित नहीं कर सकती। पत्रकारिता ने कठिन मार्गों का अनुसरण करते हुए सदैव अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया है। सीएम योगी ने स्वतंत्रता आंदोलन और देश सेवा के लिए महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी, अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भी पत्रकारिता को माध्यम बनाने का जिक्र किया। साथ ही बताया कि बाल गंगाधर तिलक ने 1916 में लखनऊ से ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ के नारे को पत्रकारिता के माध्यम से जनमानस में संचार किया था। वर्ष 2017 में इस नारे के 100 वर्ष पूरे होने के पश्चात प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का आधार हमारे उपनिषदों से प्रेरित रहा है। यह प्रेरणा उपनिषदों की सत्यमेव जयते सूक्ति से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि समाज में विघटनकारी शक्तियों की चुनौती पत्रकारिता के सामने हमेशा रही है। यह शक्तियां पत्रकारिता की स्वतंत्रता को बाधित करती रही हैं। इन बाधाओं से विचलित हुए बिना हमें इसको बढ़ाये रखना है क्योंकि हमारी पत्रकारिता उपनिषदों के मूल्यों पर आधारित है, जहां सत्य की विजय निश्चित है का भाव समाहित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तीन करोड़़ की आबादी शिक्षा, व्यापार व रोजगार हेतु गोरखपुर महानगर पर निर्भर है। पूर्वी यूपी, पश्चिमी बिहार, और नेपाल की एक बड़ी आबादी गोरखपुर पर निर्भर रहती है। कहा कि गोरखपुर में पत्रकारिता की दिशा, लोगो के मन में राष्ट्रभक्ति के भाव को बढ़ाने वाली होनी चाहिए। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पाने तथा विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य को पत्रकारिता को मजबूती के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। यदि हम ऐसा कर पाएंगे तो यह बेहद महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना 1998 में हुई। इसमें शामिल सदस्यों को तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का सानिध्य प्राप्त था। विगत वर्ष भी गोरखपुर प्रेस क्लब के सदस्यों को शपथ समारोह में शामिल होने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ था। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना में, अध्यक्ष के रूप में एसपी त्रिपाठी तथा सचिव के रूप में अरविन्द शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया था। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब को एक भव्य भवन सरकार द्वारा दिया गया। जहां पत्रकारिता के कार्य को सुगमता से सम्पन्न किया जा रहा है।
समारोह में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, उपाध्यक्ष धनेश कुमार, महामंत्री पंकज श्रीवास्तव, संयुक्त मंत्री महेंद्र गौड़, कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, पुस्तकालय मंत्री संजय कुमार, कार्यकारिणी सदस्य मनोज कुमार मिश्रा, रजनीश त्रिपाठी और अजीत सिंह को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में स्वागत संबोधन प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने जबकि संचालन गजेंद्र त्रिपाठी और प्रेम पराया ने किया।
इस अवसर पर सांसद रवि किशन शुक्ल, विधान परिषद सदस्य एवं भाजपा के प्रदेश के उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, दैनिक जागरण के स्थानीय संपादक मदन मोहन सिंह, अमर उजाला के स्थानीय संपादक विनीत सक्सेना, राष्ट्रीय सहारा के पीयूष बंका, आज के अखिलेश चंद, स्वतंत्र चेतना के आनंद जी वैश्य सहित बड़ी संख्या में पत्रकारों की सहभागिता रही।

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