Santosh Kumar Singh Gorakhpur
03/05/2026
गोरखपुर : गोरखपुर जनपद के भटहट ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय डुमरी में तैनात सहायक अध्यापिका प्रीति जायसवाल को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने शिक्षिका की सेवा समाप्ति के आदेश को रद्द करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से बहाल करने और पूरी अवधि का वेतन देने का निर्देश दिया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने 28 जुलाई 2025 को अनियमितताओं के आरोपों के आधार पर प्रीति जायसवाल की सेवाएं समाप्त कर दी थीं। इस कार्रवाई को एकपक्षीय और गलत बताते हुए शिक्षिका ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
जस्टिस ने मामले की सुनवाई के बाद पाया कि सेवा समाप्ति की प्रक्रिया में विधिक नियमों का पालन नहीं किया गया था और पर्याप्त आधारों का अभाव था।
दिनांक 20 अप्रैल 2026 के आदेश में कोर्ट ने बर्खास्तगी को निरस्त कर दिया। विभाग को निर्देश दिया गया है कि शिक्षिका को तत्काल कार्यभार ग्रहण कराया जाए। सेवा समाप्ति की अवधि (जुलाई 2025 से अब तक) का पूरा वेतन भुगतान किया जाए।
प्रकरण में यह बात भी सामने आई है कि कुछ स्थानीय तत्वों और विभागीय कर्मियों ने कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से शिकायतें कर यह कार्रवाई कराई थी। कार्रवाई के समय जश्न मनाने वाला पक्ष अब बैकफुट पर है। कोर्ट के इस फैसले से विभागीय गलियारों में भी काफी हलचल है।
पीड़ित शिक्षिका प्रीति जायसवाल ने हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी बीएसए गोरखपुर को सौंप दी है और जल्द से जल्द स्कूल में जॉइनिंग की मांग की है। अब सभी की निगाहें विभाग पर टिकी हैं कि कोर्ट के इस आदेश का अनुपालन कितनी तेजी से सुनिश्चित किया जाता है।


